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ZAZakir AliFollow22 Dec 2024, 05:23 am
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बिहार: लालू-राबड़ी की Z सुरक्षा फिर से बहाल, बुलेटप्रूफ कार समेत सुरक्षा बढ़ी

Patna, Bihar:बिहार सरकार ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा को लेकर अपना फैसला बदलते हुए दोनों की Z श्रेणी की सुरक्षा फिर से बहाल कर दी है, इसके साथ ही उन्हें बुलेटप्रूफ वाहन की सुविधा भी दोबारा उपलब्ध करा दी गई है, बंगला विवाद के दौरान सुरक्षा समीक्षा के बाद दोनों नेताओं की सुरक्षा घटा दी गई थी, जिसके विरोध में लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सुरक्षा वापस लौटा दी थी, बाद में नेताप्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और मीसा भारती ने भी अपनी सुरक्षा वापस कर दी थी, जिसके बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई थी, अब सरकार ने अपने निर्णय में बदलाव करते हुए लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को फिर से Z श्रेणी की सुरक्षा प्रदान कर दी है, इस सुरक्षा व्यवस्था में करीब 22 सुरक्षाकर्मी, 24 घंटे तैनात पीएसओ, कई एस्कॉर्ट वाहन और एक बुलेटप्रूफ कार शामिल होती है
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दुर्ग में RPF ने ऑनलाइन चॉइस सेंटर पर छापा, भोज कुमार साहू गिरफ्तार

Durg, Chhattisgarh:एंकर-रेलवे ई-टिकट की अवैध बिक्री के खिलाफ रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने दुर्ग जिले के उतई स्थित एक ऑनलाइन चॉइस सेंटर पर छापा मारकर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है कार्रवाई के दौरान रेलवे के 9 आरक्षित ई-टिकट जब्त किए गए जिनकी कुल कीमत 16,290 रुपए आंकी गई है इनमें दो टिकट ऐसे थे जो उस समय लाइव थे और उनकी कीमत 7,259 रुपए थी तो वही आरपीएफ की टीम को सूचना मिली कि सद्भावना चौक स्थित 'एडविक ऑनलाइन एवं चॉइस सेंटर' में आअवैध रॉल्वे टिकट का कार्य किया जा रहा था जिसके बाद आरपीएफ की टीम ने जांच की तो उस दौरान दुकान संचालक भोज कुमार साहू रेलवे की पर्सनल यूजर आईडी का इस्तेमाल कर ई-टिकट बनाते हुए मिला जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है.
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ग्वालियर-डबरा कृषि मंडी धोखाधड़ी: 1.53 करोड़ की रकम हड़प, चार गिरफ्तार

Morena, Madhya Pradesh:ग्वालियर डबरा की प्रमुख ए-ग्रेड कृषि उपज मंडी से जुड़े व्यापारी प्रमोद शर्मा के साथ हरियाणा के व्यापारियों द्वारा धान खरीदी के नाम पर 1 करोड़ 53 लाख रुपए की ठगी करने का मामला दर्ज किया गया है। पीड़ित व्यापारी की शिकायत पर डबरा सिटी थाना पुलिस ने चार आरोपियों और उनकी फर्मों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। डबरा सिटी थाना क्षेत्र के सुभाषगंज निवासी प्रमोद शर्मा लंबे समय से धान का कारोबार कर रहे हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि वर्ष 2023 से वह हरियाणा के कुछ व्यापारियों के साथ व्यावसायिक लेन-देन कर रहे थे। व्यापार की शुरुआत में उन्होंने समय पर भुगतान कर प्रमोद शर्मा का भरोसा जीत लिया। इसके बाद उन्होंने बड़े पैमाने पर धान की खेप मंगवाना शुरू कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि आरोपीयों ने डबरा से लगातार धान तो खरीदा, लेकिन धीरे-धीरे उसका भुगतान करना बंद कर दिया। उन्होंने धान का भुगतान करने के बजाय उसे खुद उपयोग कर लिया या फिर खुले बाजार में बेचकर मोटी रकम कमा ली। प्रमोद शर्मा ने जब अपनी बकाया राशि के लिए आरोपियों से बार-बार तकादा किया तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। अपनी गाढ़ी कमाई डूबती देख पीड़ित व्यापारी ने डबरा सिटी थाने में न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर प्रारंभिक जांच की। प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी का मामला सही पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी परवेश खुरानियां (बंसल), आशू गंभीर (दोनों संबद्ध फर्म: करुणानिधान एग्रोटेक प्रा. लि., ग्राम मस्तपुर, जिला अंबाला, हरियाणा) और केशव मित्तल व दिनेश (दोनों संबद्ध फर्म: इंडोवेस्ट राइस मिल, करनाल, हरियाणा) के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
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Muzaffarpur मंदिर हत्या: प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या, बदमाशों के गिरफ्त में उलझी जांच

Muzaffarpur, Bihar:Muzaffarpur में मंदिर में पूजा करने पहुंचे प्रॉपर्टी डीलर श्याम कुमार कुशवाहा उर्फ श्याम सुंदर प्रसाद की बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी है. घटना के अनुसार तीन गोलियाँ चली होन की बात सामने आ रही है. मृतक की पहचान डेरा चौक के रहने वाले श्याम कुमार कुशवाहा उर्फ श्याम सुंदर प्रसाद के रूप में हुई है, जो किताब दुकान चलाने के साथ-साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का भी काम करते थे. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है. मृतक सुबह मंदिर में पूजा कर रहे थे तभी पहले से घात लगाए बैठे बाइक सवार अज्ञात अपराधियों ने उन पर फायर कर दिया. गोली लगने के बाद वे वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़े. अपराधी ने हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गया. स्थानीय लोगों ने घायल श्याम कुमार कुशवाहा उर्फ श्याम सुंदर प्रसाद को इलाज के लिए SKMCH कॉलेज मुजफ्फरपुर ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. बताया गया है कि मृतक किताब की दुकान भी चलाते थे और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम भी करते थे. घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी. ग्रामीण एसपी और डीएसपी ईस्ट वन अलय वत्स ने मौके का निरीक्षण किया, जहां से तीन खरोंच बरामद किए गए. परिजनों के अनुसार तीन खोखा बरामद हुआ, हालांकि दो गोली लगी थीं. सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि अपराधियों की पहचान हो सके. जांच के लिए कई संदिग्ध पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए हैं.
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झुंझुनूं में RRयू चोरी: 67 वारदात, FIR सिर्फ 10

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं झुंझुनूं में RRU चोरी बेलगाम, 67 वारदात, सिर्फ 10 FIR शेष शिकायतें अब भी लंबित, एयरटेल के राज्य प्रतिनिधि पहुंचे झुंझुनूं पुलिस अधिकारियों से की मुलाकात, सख्त कार्रवाई की मांग कलेक्टर कमेटी के निर्देश बेअसर, फिर भी FIR दर्ज नहीं जनवरी में पिलानी में गिरोह पकड़ा गया था, दो महीने वारदात कम हुई लेकिन अप्रैल से चोर फिर सक्रिय, चोरी आठ गुना बढ़ी 10 दिन में 1 करोड़ की चोरी, शेखावाटी बना चोरों का निशाना ककराय के टावर में छह महीने में सातवीं बार हुई चोरी झुंझुनूं जिले में मोबाइल टावरों से करोड़ों रुपए की रिमोट रेडियो यूनिट (आरआरयू) चोरी का मामला अब केवल संपत्ति चोरी तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। प्रदेश में मोबाइल टावरों से hiटेक उपकरण चोरी के मामलों में झुंझुनूं सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल हो चुका है। लगातार बढ़ रही वारदातों और पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने से परेशान होकर अब एयरटेल कंपनी के राज्य प्रतिनिधि तक को झुंझुनूं आकर पुलिस अधिकारियों से मुलाकात करनी पड़ी है। कंपनी अधिकारियों के अनुसार जनवरी से जून तक झुंझुनूं जिले में सिर्फ एयरटेल के मोबाइल टावरों से आरआरयू चोरी की 67 वारदातें हो चुकी हैं। इनमें से सिर्फ 10 मामलों में एफआईआर दर्ज हुई। जबकि शेष शिकायतें अब भी लंबित हैं। यानी अधिकांश मामलों में पुलिस ने कार्रवाई की बजाय शिकायतों को लंबित रखना ही उचित समझा। कंपनी का कहना है कि लगातार एफआईआर दर्ज नहीं होने से चोरों के हौंसले बुलंद हो रहे हैं और संगठित गिरोह बेखौफ होकर एक के बाद एक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। लगातार हो रही चोरी और कार्रवाई नहीं होने से चिंतित एयरटेल कंपनी के राज्य प्रतिनिधि स्वयं झुंझुनूं पहुंचे। उन्होंने जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर चोरी के मामलों में तत्काल एफआईआर दर्ज करने, लंबित शिकायतों का निस्तारण करने और सक्रिय गिरोहों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। कंपनी का कहना है कि करोड़ों रुपए के उपकरण चोरी होने बावजूद यदि मामले दर्ज नहीं होंगे तो अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई संभव नहीं हो पाएगी। मजे की बात यह है कि पिछले महीने जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय टेलिकॉम कमेटी की बैठक में भी मोबाइल टावरों से लगातार हो रही चोरियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। बैठक में पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि मोबाइल कंपनियों की शिकायतों पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर प्रभावी कार्रवाई की जाए। इसके बावजूद स्थिति में कोई खास सुधार नहीं आया और अधिकांश शिकायतें अब भी लंबित पड़ी हैं। झुंझुनूं जिले में जनवरी के दौरान पिलानी पुलिस ने आरआरयू चोरी करने वाले एक गिरोह को गिरफ्तार किया था। इसके बाद फरवरी और मार्च में चोरी की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई और दोनों महीनों में मिलाकर केवल पांच वारदातें हुईं। लेकिन अप्रैल आते ही चोरों ने फिर सक्रियता दिखानी शुरू कर दी। मार्च की तुलना में अप्रैल में चोरी की घटनाओं में करीब आठ गुना वृद्धि दर्ज की गई। इसके बाद लगातार वारदातों का सिलसिला जारी है। कंपनी के अनुसार झुंझुनूं जिले में पिछले दस दिनों के दौरान ही मोबाइल टावरों से एक करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की आरआरयू चोरी हो चुकी हैं। खेतड़ी क्षेत्र के ककराय गांव स्थित एक मोबाइल टावर पर पिछले छह महीनों में सातवीं बार चोरी की घटना हुई। कंपनी ने वहां सीसीटीवी कैमरे तक लगवा दिए। लेकिन इसके बावजूद चोर वारदात करने में सफल रहे। राजस्थान में जनवरी से जून तक मोबाइल टावरों से आरआरयू चोरी के 1400 से अधिक मामले सामने आए हैं। जिनमें 3000 से ज्यादा आरआरयू चोरी हुए। इनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 150 करोड़ रुपए से अधिक आंकी जा रही है। पूरे प्रदेश के करीब 20 प्रतिशत मामले अकेले शेखावाटी से हैं। छह महीने में सीकर में 74, झुंझुनूं में 67 और चूरू में 17 वारदातें सामने आई हैं। झुंझुनूं आरआरयू चोरी के मामलों में प्रदेश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। मोबाइल कंपनियों के अनुसार देशभर में राजस्थान आरआरयू चोरी का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। एयरटेल, जियो और वोडाफोन-आइडिया के टावर लगातार निशाने पर हैं। अकेले एयरटेल के करीब 800 टावरों पर चोरी हुई। लेकिन पुलिस ने केवल 64 मामलों में एफआईआर दर्ज की। 596 शिकायतें लंबित हैं और 135 मामले जांच में हैं। यानी करीब 92 प्रतिशत मामलों में अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। कंपनी प्रतिनिधियों का दावा है कि अब तक जो दिल्ली एनसीआर में पुलिस द्वारा चोरियों को लेकर खुलासे किए गए है उसमें सामने आया है कि आरआरयू कबाड़ियों के माध्यम से मेरठ और दिल्ली पहुंचाए जाते हैं। जहां से इन्हें विदेश भेजा जा रहा है। यूक्रेन युद्ध के बाद इन उपकरणों की अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ी थी और अब पश्चिम एशिया में तनाव के कारण सप्लाई प्रभावित होने से इनकी कीमत और मांग दोनों बढ़ गई हैं। इसी वजह से संगठित गिरोह मोबाइल टावरों को निशाना बना रहे हैं। रिमोट रेडियो यूनिट (RRU) मोबाइल टावर के ऊपरी हिस्से में लगा अत्यंत महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होता है। यह 4जी और 5जी नेटवर्क के सिग्नल मोबाइल तक पहुंचाने और वापस रिसीव करने का काम करता है। यह उपकरण मुख्य रूप से विदेशी कंपनियों, विशेषकर एरिक्सन, से आयात किया जाता है। चोर गैस कटर से इसे काटकर ले जाते हैं। इसके बाद पूरे इलाके में मोबाइल नेटवर्क, इंटरनेट और कॉलिंग सेवाएं तुरंत प्रभावित हो जाती हैं। नया उपकरण विदेश से मंगाकर लगाने में कई बार तीन से सात दिन तक का समय लग जाता है, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ती है। लगातार बढ़ती चोरी, करोड़ों रुपए का नुकसान, दूरसंचार सेवाओं पर असर, जिला स्तरीय समिति के निर्देश और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों की शिकायतों के बावजूद यदि अधिकांश मामलों में एफआईआर तक दर्ज नहीं हो रही है। तो यह कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। कंपनियों का मानना है कि जब तक प्रत्येक शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर संगठित गिरोहों के खिलाफ अभियान नहीं चलाया जाएगा, तब तक इन हाईटेक चोरियों पर रोक लगाना मुश्किल होगा।
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दमोह के नरगवा में एक हफ्ते में चार सड़क हादसे, लोगों में दहशत

Damoh, Madhya Pradesh:हादसों का स्पॉट, एक ही जगह एक हफ्ते में चार हादसे ..लोगों की बड़ी चिंता.. एंकर/ दमोह जबलपुर स्टेट हाइवे पर दमोह जिले का नरगवा इन दिनों चर्चा में तो है ही साथ ही लोगों में इस जगह को लेकर दहशत भी है क्योंकि एक ही जगह चार चार सड़क हादसों में लोगों को डरा दिया है। दरअसल स्टेट हाईवे पर नरगवा में इस एक हफ्ते में चार भीषण सड़क हादसे हुए और इनमें तीन लोगों की जान गई और सात से ज्यादा घायल हुए, तीन दिन में तीन हादसे लगातार हुए तो चौथा एक दिन के अंतर से हुआ , ये हादसे लगभग लगभग एक ही जगह पर हुए जहां पहली बाइक भिड़ंत हुई उसी जगह या उससे पांच साथ_fit दूर एक्सिडेंट हुए है। अमूमन सड़क हादसे सामान्य सी बात होते जा रहे है लेकिन जब एक ही जगह पर हादसे हों लोगों का टेंशन लेना लाजमी भी है। इस जगह को ब्लैक स्पॉट के रूप में देखा जाने लगा है और जिन लोगों को इस जगह के बारे में पता है वो यहां से बाइक और कार निकालते वक्त डरे सहमे से रहते है। जिस जगह हादसे हो रहे है उस सड़क किनारे बस्ती भी है और लोगों के मकान भी लेकिन काली जगह के रूप में फेमस होती जा रही इस जगह पर लोगों को दिन के उजाले और रात के अंधेरे में हादसों का डर सताता रहता है। अचानक इस जगह पर ये हादसे शुरू हुए जबकि सालों से यहां कभी कभार की मामूली हादसे ही हुआ करते थे। एक साथ एक एक कर हुए हादसों से यहां की सड़क खून से लाल हो रही है तो आम आदमी प्रशासन की तरफ टकटकी लगाए बैठा है सवाल दो चार मौतों का तो है पर ऐसी जगहों पर और कोई मौत के मुंह में न जाए इसके लिए पुलिस और प्रशासन को सख्त और त्वरित कदम उठाने चाहिए। नरगवा के लोगों की माने तो अब पिछले हफ्ते भर से रात के समय उन्हें नींद भी नहीं आती यदि रात के वक्त कोई तेज आवाज आए तो लगता है जैसे एक्सीडेंट हो गया, घरों से बाहर निकलते है और देखते जरूर हैं। इतना ही नहीं अब इस जगह को लेकर अंधविश्वास भी लोगों के दिलों के घर कर रहा है, लोगों की माने तो अचानक ऐसे ही ये सब नहीं हो रहा बल्कि कुछ ऊपरी ताकत यहां ये सब करा रही है कोई भूतप्रेत बाधा यहां है जिसकी पूजा होना चाहिए। इन हादसों ने पुलिस की चिंता भी बड़ा दी है , रोज रोज इसी जगह पर हो रहे हादसों को लेकर पुलिस भी परेशान है। एसडीओपी की माने तो एक्सीडेंट रोकने के लिए उपाय किए जा रहे है और जल्दी ही इसके परिणाम भी सामने आयेंगे। उनकी माने तो अधिकांश बाइक और कार हादसों में गाड़ी चलाने वालों का शराब पीकर गाड़ी चलाना सामने आता है , कई बार दोनों वाहनों के ड्राइवर्स के शराब के नशे में होने की बात सामने आती है तो कई बार एक बन्दा नशे में होता है और हादसा हो जाता है। बाइक हादसों में मौत की एक वजह बिना हेलमेट के गाड़ी चलाना भी बड़ी वजह होती है और यदि लोग हेलमेट का इस्तेमाल करें तो ऐसे एक्सीडेंट में मौतों के आंकड़ों को कम किया जा सकता है। बहरहाल अब नरगवा को लेकर जब लोग परेशान है तो प्रशासन क्या कदम उठाता है देखना होगा।
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नितिन नवीन के लखनऊ दौरे से भाजपा कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा, चौधरी का दावा

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा, "पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन आज संगठनात्मक दौरे पर लखनऊ आ रहे हैं... पार्टी कार्यालय पर वे पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। शाम को विधायकों, सांसदों के साथ बैठक करेंगे... अलग-अलग कार्यक्रम तय किए गए हैं। वे कार्यकर्ताओं से बात करेंगे। उनके दौरे से हमारे कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा मिलेगी।" उन्होंने आगे कहा, "समाजवादी पार्टी, कांग्रेस के लोग चाहते थे कि वहां मंदिर न बने... उनकी सरकारों में कारसेवकों पर उन्होंने गोली चलवाई। बड़ी संख्या में लोगों की हत्या हुई... प्रदेश की जनता इन्हें जानती है।"
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गोंडा के बीजेपी नेता वीरेंद्र पटेल पर फिर आरोप, अश्लील बातचीत का मामला दर्ज

Gonda, Uttar Pradesh:एंकर- खबर गोंडा से है। जहां गोंडा में कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष व वर्तमान में बीजेपी नेता वीरेंद्र पटेल एक बार फिर से सुर्खियों में है और एक बार फिर से उनके खिलाफ गोंडा की इटियाथोक कोतवाली में एक महिला से अश्लील बात करने को लेकर के महिला के पति द्वारा मुकदमा दर्ज करवाया गया है। कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष व वर्तमान में बीजेपी नेता वीरेंद्र पटेल का महिला से अश्लील बात करते हुए ऑडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल ऑडियो में कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष व बीजेपी नेता वीरेंद्र पटेल एक महिला से बच्चा पैदा करने को लेकर के उसके साथ अश्लील बात करते हुए नजर आ रहे हैं। महिला वायरल ऑडियो में पूछ रही है कि आप कौन बात कर रहे हैं तो वीरेंद्र पटेल द्वारा दूसरे व्यक्ति का नाम बताया जा रहा है। महिला ने वायरल ऑडियो में कहा कि आप कौन हैं सुबह जब हमारे इधर आएंगे तो हम आपको बताएंगे।इसके बाद वीरेंद्र पटेल ने फोन काट दिया पीड़ित महिला के पति ने इटियाथोक थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया है। कि वीरेंद्र पटेल द्वारा उसकी पत्नी के मोबाइल पर फोन करके अश्लील बात करते हुए उसकी पत्नी और उसके ऊपर अश्लील टिप्पणी की गई है आपको बता दे कि कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष वीरेंद्र पटेल पर इससे पहले भी एक शिक्षिका के साथ दुष्कर्म के प्रयास का मुकदमा दर्ज चुका है और एक बार फिर से वीरेंद्र पटेल अब सुर्खियों में है。
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जालौन में अतिक्रमण हटाओ अभियान तेज, त्रिपाल हटाने पर दुकानदारों ने जताया विरोध

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन नगर में नवागन्तुक उपजिलाधिकारी राकेश सोनी के नेतृत्व में व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। अभियान की शुरुआत पानी वाली टंकी से हुई, जिसके बाद सब्जी मंडी, प्रेस वाली गली, झंडा चौराहा और चूड़ी वाली गली सहित विभिन्न प्रमुख बाजारों में कार्रवाई की गई। इस दौरान सड़क और सार्वजनिक मार्गों पर किए गए अतिक्रमण को हटवाया गया। कई ठेला-फेरी संचालकों और दुकानदारों के चालान किए गए, जबकि दुकानों के बाहर लगे त्रिपाल एवं अन्य अस्थायी अतिक्रमण भी हटाए गए। अभियान के दौरान उपजिलाधिकारी राकेश सोनी के साथ क्षेत्राधिकारी अजय कुमार सिंह, नगर पालिका परिषद जालौन के अधिशासी अधिकारी सुशील दोहरे, आरआई अनूप कुमार, क्राइम इंस्पेक्टर विनय मौर्य, चौकी प्रभारी मनीष तिवारी, नगर पालिका की टीम तथा पुलिस बल मौजूद रहा। अधिकारियों ने व्यापारियों से सार्वजनिक मार्गों को अवरोध मुक्त रखने और नियमों का पालन करने की अपील की। कार्रवानी के दौरान कई दुकानदारों ने प्रशासन के प्रति नाराजगी भी व्यक्त की। व्यापारियों का कहना था कि बरसात के मौसम में दुकानें छोटी होने के कारण बाहर लगाए गए त्रिपाल ही उनके सामान को बारिश से सुरक्षित रखते हैं। उनका आरोप था कि त्रिपाल हटने से वर्षा का पानी दुकानों में घुसकर नुकसान पहुंचा सकता है। कुछ व्यापारियों ने यह भी कहा कि पूर्व उपजिलाधिकारी रिंकू सिंह राही के कार्यकाल में केवल नालियों के भीतर अतिक्रमण न करने के निर्देश दिए गए थे, जबकि त्रिपाल हटाने जैसी कार्रवाई नहीं हुई थी। वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक मार्गों को अतिक्रमण मुक्त कर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है।
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गृह मंत्रालय ने 23 पाकिस्तान-आधारित आतंकियों को आतंकवादी घोषित किया

Noida, Uttar Pradesh:गृह मंत्रालय ने देश की सुरक्षा के लिए खतरा 23 आतंकियों की सूची जारी की केंद्र सरकार ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत 23 पाकिस्तान आधारित आतंकियों को आतंकवादी घोषित किया है। गृह मंत्रालय के अनुसार ये सभी जैश-ए-मोहम्मद (JeM), लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और अन्य आतंकी नेटवर्क से जुड़े हैं तथा भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। नाम और संक्षिप्त विवरण: 1. मसूद इलियास कश्मीरी – जैश-ए-मोहम्मद का लॉन्च कमांडर। NIA के अनुसार 2022 के सुनजवां आतंकी हमले की साजिश से जुड़ा रहा। 2. मोहम्मद मुसद्दिक – पाकिस्तान स्थित जैश का हैंडलर और लॉन्च कमांडर। 2022 सुनजवां आतंकी साजिश मामले में NIA की चार्जशीट में नाम शामिल। 3. मुफ्ती मुहम्मद असगर खान – जैश-ए-मोहम्मद का वरिष्ठ संचालक, सीमा पार से आतंकी गतिविधियों के संचालन का आरोप। 4. हाफिज अब्दुल शकूर – पाकिस्तान आधारित आतंकी नेटवर्क से जुड़ा, भर्ती और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने का आरोप। 5. अब्दुल्ला जेहादी – आतंकी गतिविधियों और सीमा पार नेटवर्क से जुड़ा आरोपी। 6. फिरदौस अहमद भट – भारत विरोधी आतंकी नेटवर्क से संबंध के आरोप। 7. गुलाम फरीद – आतंकियों को सहयोग और नेटवर्क संचालन में कथित भूमिका। 8. बिलाल अहमद मीर – आतंकी संगठन से जुड़ा ऑपरेटर। 9. आबिद कय्यूम लोन – सीमा पार आतंकी नेटवर्क से जुड़ा आरोपी। 10. नज़ीर अहमद गुज्जर – आतंकियों को सहायता और समन्वय का आरोप। 11. अब्दुल रऊफ – आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप। 12. अशफाक अहमद – आतंकी नेटवर्क का सक्रिय सदस्य बताया गया। 13. हाफिज खालिद वलीद – पाकिस्तान स्थित आतंकी ढांचे से जुड़ा। 14. मौलाना सैफुल्लाह खालिद – आतंकी संगठनों के लिए कट्टरपंथी प्रचार और समर्थन का आरोप। 15. मोहम्मद याकूब – आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप। 16. मौलाना यूसुफ तैबी – आतंकी नेटवर्क से जुड़ा आरोपी। 17. ओवैस फारूक – सीमा पार आतंकी गतिविधियों से संबंध के आरोप। 18. क़ारी याकूब शेख – आतंकी संगठन से जुड़ा ऑपरेटीव। 19. राना इफ्तिखार – आतंकियों के नेटवर्क और संचालन से जुड़ा आरोपी। 20. वसीम नूर जट – आतंकी गतिविधियों में कथित भूमिका। 21. मोहम्मद Shहीद फैसल – पाकिस्तान आधारित आतंकी नेटवर्क का सदस्य। 22. मौलाना इमदाद उल्लाह मक्की – आतंकी संगठनों को समर्थन और कट्टरपंथी गतिविधियों के आरोप। 23. हारून रशीद गनई – भारत विरोधी आतंकी नेटवर्क से जुड़ा आरोपी। महत्वपूर्ण तथ्य: सरकार की ताज़ा अधिसूचना में इन सभी 23 आतंकियों को आतंकवादी घोषित किया गया है, लेकिन प्रत्येक व्यक्ति को किसी विशेष आतंकी हमले से जोड़ने वाली विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। सार्वजनिक रिकॉर्ड में केवल मसूद इलियास कश्मीरी और मोहम्मद मुसद्दिक का नाम 2022 के सुनजवां आतंकी हमले की साजिश से स्पष्ट रूप से जुड़ा हुआ है। बाकी के बारे में गृह मंत्रालय ने फिलहाल उन्हें पाकिस्तान आधारित आतंकी संचालक, हैंडलर, भर्तीकर्ता या सहयोगी के रूप में नामित किया है।
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रतलाम के रिछाचांदा में खेत रास्ते को लेकर पथराव—चार के खिलाफ FIR

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम रतलाम जिले के रिछाचांदा गांव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में खेत के रास्ते को लेकर हुए विवाद के दौरान जेसीबी पर पथराव होता दिखाई दे रहा है। जानकारी के अनुसार, तहसीलदार के आदेश के बाद एक पक्ष को खेत तक रास्ता देने के निर्देश दिए गए थे। पटवारी ने मौके पर पहुंचकर रास्ते की जगह चिन्हित की और फरियादी को उसी स्थान पर जेसीबी से रास्ता बनाने के लिए कहा। लेकिन देर शाम जैसे ही फरियादी जेसीबी लेकर रास्ता बनाने पहुंचा, दूसरे पक्ष ने इसका विरोध कर दिया। आरोप है कि पहले फरियादी के साथ मारपीट की गई, फिर जेसीबी पर जमकर पथराव किया गया, जिससे उसके कांच टूट गए और जेसीबी को मौके से वापस लौटना पड़ा। घटना का वीडियो अब वायरल हो रहा है। पुलिस ने मामले में मारपीट और पथराव की धाराओं में चार लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रतलाम
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बकाया किराए पर बिलासपुर नगर निगम की कार्रवाई: 20 दुकानों पर सील

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर।नगर निगम ने बकाया किराया नहीं चुकाने वाले दुकानदारों के against सख्त कार्रवाई करते हुए कमला नेहरू नया बस स्टैंड स्थित निगम की 20 से अधिक दुकानों को सील कर दिया। निगम ने स्पष्ट किया है कि नोटिस के बावजूद किराया जमा नहीं करने वालों पर आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। नगर निगम ने लंबे समय से बकाया किराया वसूलने के लिए अभियान तेज कर दिया है।निगम की टीम कमला नेहरू नया बस स्टैंड पहुंची और किराया बकाया रखने वाली 20 से अधिक दुकानों को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान सभी दुकानदारों को नोटिस जारी कर बकाया राशि जमा करने का अवसर दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय में भुगतान नहीं होने पर निगम ने नियमानुसार कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों ने अतिरिक्त समय की मांग की, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि पहले ही पर्याप्त समय दिया जा चुका था। निगम के अनुसार, वर्षों से किराया जमा नहीं होने के कारण राजस्व का नुकसान हो रहा था।अपर आयुक्त खजांची कुम्हार ने बताया कि सील की गई दुकानों के संचालकों को एक सप्ताह का अंतिम अवसर दिया गया है। इस अवधि में बकाया किराया जमा करने पर नियमानुसार सील खोली जाएगी। अन्यथा कार्रवाई जारी रहेगी। नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया कि शहर की अन्य निगम संपत्तियों के बकायेदारों की सूची तैयार की जा रही है और उनके against भी जल्द इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी。
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