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Pawan KumarPawan KumarFollow6 Jan 2025, 10:03 am
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जबलपुर की कनिका राजपूत साइबर ठगों के जाल में फंसकर 15 लाख गंवा बैठी

Jabalpur, Madhya Pradesh:5 रुपए के नोट और ₹5 लाख में खरीदने का लालच। जबलपुर की कनिका राजपूत शिकार हो गई ऐसे ही ठगों का और लुटा बैठी अपनी मेहनत की गाड़ी कमाई। साइबर ठगों ने उन्हें अलग-अलग तरीके से परेशान कर 15 लाख रुपए की ठगी उनसे कर ली। इंस्टाग्राम में रील देखकर ₹5 के पुराने नोट को ₹5लाख में खरीदने की बात कनिका को सच्ची लगी और उसने ठगो से संपर्क किया जिसके बाद साइबर ठगों ने उसे धीरे-धीरे चूना लगाना शुरू कर दिया और लगभग 15लाख रुपए की रकम अब तक उससे लूट ली। यही नहीं साइबर ठगों ने कनिका राजपूत को अलग-अलग मामलों में फंसने की धमकी भी दी। जब उसे पता चला कि उसके साथ ठगी हुई है तो उसने मामले की शिकायत घमापुर थाने में की है। पुलिस ने कनिका राजपूत की शिकायत पर साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है साइबर ठगों ने पहले तो अलग-अलग तरीकों से 48000 की ठगी कर मोबाइल बंद कर लिया उसके बाद साइबर ठगों ने पैसे वापस दिलाने और आरोपी को गिरफ्तार करने के नाम पर एस पी और जेल अधिकारी बनकर कनिका को कॉल किया और उसे मामले में फंसाने की धमकी भी दी जिसके बाद उससे अलग-अलग तरीकों से लगभग 15 लाख रुपए की ठगी की गई फिलहाल घमापुर police ने साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है
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बिलासपुर कांग्रेस भवन में तोड़फोड़, गंगाजल से शुद्धिकरण, FIR की मांग

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर।कांग्रेस भवन में तोड़फोड़ का आरोप, गंगाजल से किया गया शुद्धिकरण। बिलासपुर। कांग्रेस भवन में कथित तोड़फोड़ को लेकर सियासत गरमा गई है। बीजेपी महिला मोर्चा की महिलाओं पर कांग्रेस भवन में बिना पूर्व सूचना प्रवेश करने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का गंभीर आरोप लगाया गया है। घटना के विरोध में कांग्रेस की महिला पदाधिकारी भवन पहुंचीं और गंगाजल से धोकर कांग्रेस भवन का शुद्धिकरण किया। कांग्रेस ने मामले में एफआईआर दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी महिला मोर्चा की महिलाएं बिना किसी पूर्व सूचना और लिखित अनुमति के कांग्रेस भवन में दाखिल हुईं। इस दौरान भवन के अंदर तोड़फोड़ कर पार्टी की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। कांग्रेस ने पुलिस की मौजूदगी और सुरक्षा में प्रवेश कराए जाने को सत्ता का दुरुपयोग बताते हुए सवाल खड़े किए हैं।कांग्रेस के मुताबिक, घटना के समय जिलाध्यक्ष समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने गए हुए थे। ऐसे में उनकी अनुपस्थिति में कांग्रेस भवन में प्रवेश और कथित तोड़फोड़ को लेकर पार्टी ने कड़ी नाराजगी जताई है।घटना के विरोध में कांग्रेस की महिलाएं कांग्रेस भवन पहुंचीं। यहां गंगाजल से भवन को धोकर शुद्धिकरण किया गया। महिला पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि इस घटना से पार्टी की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने वीडियो फुटेज में दिखाई देने वाले संबंधित लोगों और पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की।कांग्रेस की महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि सत्ता का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।
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ओबरा में TVS एजेंसी मालिक का कार से अगवा, पुरानी रंजिश से हड़कंप

Obra, Uttar Pradesh:सोन्हद्र के ओबरा में TVS एजेंसी के मालिक को कार से अगवा कर मारपीट करने का मामला सामने आया है। एजेंसी बंद कर बाइक से घर जा रहे रोहित कुमार को पीछे से आई ब्रेज़ा कार ने टक्कर मार दी। इसके बाद कार सवार लोगों ने उन्हें जबरन गाड़ी में बैठा लिया और चोपन की ओर ले जाने लगे। आरोप है कि कार के अंदर भी एजेंसी मालिक के साथ मारपीट की गई। किसी तरह बदमाशों के चंगुल से छूटने के बाद घायल रोहित को अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, पुलिस की प्रारंभिक जांच में लूट या छिनैती की बात सामने नहीं आई है, बल्कि पुराने विवाद को घटना की वजह माना जा रहा है। मामले में शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।
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सूखा संकट के बीच किसानों पर वित्तीय कर्ज का दबाव, सरकार जांच तेज

Akola, Maharashtra:अकोला जिल्ह्यात दुष्काळसदृश परिस्थितीमुळे शेतकरी मोठ्या आर्थिक संकटात sapडला आहे. पाण्याअभावी शेतीचं नुकसान होत असताना, दुसरीकडे मायक्रो फायनान्स कंपन्यांकडून कर्जवसुलीसाठी तगादा लावला जात असल्याचा आरोप समोर आला आहे. पाहूया या संतापजनक घटनेचे ही विशेष बातमी. दुष्काळाच्या पार्श्वभूमीवर शेतकऱ्यांच्या बांधावर जाऊन कर्जवसुली करू नये, असे स्पष्ट निर्देश राज्य सरकारने दिले असतानाही फायनान्स कंपनीचे कर्मचारी घरी येऊन पत्नीचा फोटो काढून गेल्याचा आरोप अकोला जिल्ह्यातील डोंगरगाव येथील शेतकरी योगेश नागापुरे यांनी केला आहे. अल्पभूधारक शेतकरी योगेश नागापुरे यांनी आपल्या पत्नीच्या नावे शेतीसाठी एल अँड टी फायनान्स कंपनीकडून दीड लाख रुपयांचं कर्ज घेतलं होतं. या कर्जाचे नियमितपणे १३ हप्तेही त्यांनी भरले. मात्र, यंदा पावसाअभावी शेती संकटात सापडल्याने पुढील हप्ते भरणं शक्य नसल्याचं नागापुरे यांचं म्हणणं आहे. एकीकडे दुष्काळामुळे शेतीतून उत्पन्न मिळण्याची आशा मावळली असताना, दुसऱ्यावर कर्जाच्या हप्त्यांची चिंता शेतकऱ्यांना सतावत आहे. राज्य सरकारने कर्जवसुलीसाठी शेतकऱ्यांच्या घरी किंवा बांधावर जाऊन तगादा लावू नये, असे निर्देश दिले असले तरी.. मात्र, सायंकाळी फायनान्स कंपनीचे कर्मचारी आपल्या घरी आले आणि पुरावा म्हणून पत्नीचा फोटो काढून गेले, असा आरोप योगेश नागापुरे यांनी केला आहे. दुष्काळाच्या संकटात शेतकऱ्यांना दिलासा देण्याची गरज असताना, कर्जवसुलीच्या कथित प्रकारामुळे शेतकऱ्यांच्या अडचणी आणखी वाढत असल्याचं चित्र अणि.. त्यामुळे राज्य सरकारच्या निर्देशांचं पालन होत आहे की नाही, तसेच संबंधित फायनान्स कंपनीच्या कर्मचाऱ्यांनी नेमक्या कोणत्या कारणासाठी फोटो काढला, याची चौकशी होणार का, असा प्रश्न उपस्थित होत आहे. या संताप जनक घटनेमुळे दुष्काळात शेतकऱ्यांना दिलासा देण्याच्या सरकारी निर्देशांची अंमलबजावणी होतेय का, असा प्रश्न उपस्थित होत आहे. फायनान्स कंपनीच्या कर्मचारी आणि अधिकाऱ्यांवर गुन्हे दाखल करण्याची मागणी क्रांतिकारी शेतकरी संघटनेने केली आहे. राज्य सरकारच्या निर्देशाला न जुमानता जर वसुली करत असेल तर शेतकरीही कायदा हातात घेणार असा इशारा यावेळी शेतकरी संघटनेने दिला आहे. दुष्काळामुळे हातातोंडाशी आलेला घास हिरावला जाण्याची भीती आणि दुसरीकडे कर्जाच्या हप्त्यांचा ताण, अशा दुहेरी संकटात शेतकरी सापडला आहे. आता या प्रकरणात प्रशासन आणि राज्य सरकार काय भूमिका घेतं, याकडे लक्ष लागलं आहे.
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कपासन में नवरात्रि रामलीला नौ दिन शुरू, विधायक और पालिका अध्यक्ष ने किया उद्घाटन

Begun, Rajasthan:#कपासन, चित्तौड़गढ़ - एंकर - चित्तौड़गढ़ जिले के कपासन से नवरात्रि महोत्सव के तहत नौ दिवसीय रामलीला मंचन कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। रविवार रात बस स्टैंड परिसर में विधायक अर्जुनलाल जीनगर और पालिकाध्यक्ष सरोज देवी बारेगामा ने फीता काटकर एवं पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की। नगर पालिका मंडल कपासन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में श्री बजरंग रामलीला कला परिषद, बाडसर चूरு के कलाकारों ने आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। पहले दिन नारद मोह, मायानगरी, इंद्रसभा और भगवान विष्णु को नारद जी द्वारा श्राप देने के प्रसंगों का मंचन किया गया। पालिकाध्यक्ष ने क्षेत्रवासियों से प्रतिदिन रात आठ बजे रामलीला देखने पहुंचने की अपील की।
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संभल। योगी को ओवेशी के "संभल बाले चैलेंज " को संभल के मुस्लिमों ने नहीं दी तवज्जो ..

SUNIL Kumar SinghSUNIL Kumar SinghFollow11m ago
Chandausi, Uttar Pradesh:ओवैसी के CM योगी को संभल से चुनाव लड़ने के चैलेंज और 80-20 नहीं, अब मुकाबला 99% बनाम 1% का होगा..... के बयान को संभल के सियासी और आम मुस्लिमों ने नहीं दी तव्वजो ... मुस्लिमों ने AIMIMI चीफ ओवेशी के बयान को नहीं दी तवज्जो .. बोले सिर्फ सुर्खियों में रहने के लिए देते है ऐसे बयान । मुसलमान सिर्फ विकास / रोजगार और मुस्लिम हितों के हक की बात करने वाली पार्टी के साथ .. ओवेशी को बताया बीजेपी की B टीम का चीफ ...जो कि इस तरह के बयान देकर हिंदू मुस्लिम के बीच दरार पैदा करने की कोशिश कर रहे है । योगी को संभल से चुनाव लड़ने का चैलेंज देने की जगह ओवेशी योगी को हैदराबाद से चुनाव लड़ने का चैलेंज दे ..खुद गोरखपुर से चुनाव लड़े । हिंदू बोले ..AIMIMI चीफ ओवेशी 99 फीसदी बनाम 1 फीसदी की चुनावी लड़ाई का बयान हास्यास्पद .. ओवेशी भारत को पाकिस्तान और बांग्लादेश समझ रहे है ..दिमागी संतुलन खो चुके है ओवेशी ।
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नागौर ने धन-धान्य योजना में देशभर में पहला स्थान पाया, राजस्थान की कृषि प्रेरणा

Noida, Uttar Pradesh:मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में कृषि विकास की नई उड़ान प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना में राजस्थान की सशक्त पहचान फसल विविधीकरण और टिकाऊ खेती में नागौर देशभर में टॉपर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को साकार कर रहा राजस्थान खेत में बेहतर पैदावार से किसान की समृद्धि तय कर रही योजना जयपुर, 13 अक्टूबर। देश तभी सफलता की सीढ़ी चढ़ेगा, जब किसान समृद्ध होगा और किसान की समृद्धि खेत की सफल पैदावार पर निर्भर करती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इसी ध्येय के अनुसार खेत एवं किसान को सक्षम और सम्पन्न करने के लिए निरंतर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना इसी संकल्प की महत्वपूर्ण कड़ी है, जिसकी सिद्धि के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। योजना के तहत देशभर से चयनित 100 जिलों में राजस्थान के 8 जिलों को शामिल किया गया है। जिनमें नागौर ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। योजना में नागौर जिला बेस्ट परफॉर्मर प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत कृषि ऋण और फसल उत्पादन बढ़ाने से लेकर भंडारण तक के लिए 6 उद्देश्य तय किए गए हैं। इनमें फसल विविधीकरण और टिकाऊ खेती के तरीकों को बढ़ावा देने में नागौर 18.44 पॉइंट्स के साथ देश में टॉप जिला बना है। वहीं, फसल कटाई के बाद स्टोरेज क्षमता बढ़ाने और लंबी अवधि के कृषि ऋण की किसानों तक बेहतर पहुंच बनाने में नागौर जिले ने देशभर में चौथा स्थान प्राप्त किया है। इसी प्रकार खेत की पैदावार बढ़ाने और बेहतर गवर्नेंस एवं सर्विस डिलीवरी में नागौर जिला पांचवेें स्थान पर है, जबकि सिंचाई के बुनियादी ढांचे में सुधार करने में पाली जिला देशभर में आठवें स्थान पर है। रैंकिंग में राजस्थान की प्रभावी उपस्थिति देशभर से चयनित 100 आकांक्षी जिलों में कुल 11 विभागों की 36 योजनाओं के जरिए कृषि उत्पादकता बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, फसल विविधीकरण, भंडारण क्षमता को सुदृढ़ करने तथा कृषि ऋण की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। यदि सभी योजनाओं और उद्देश्यों को लेकर ओवरऑल परफॉर्मेंस को देखा जाए, तो भी नागौर जिला 84.13 पॉइंट्स के साथ देशभर में दूसरे स्थान पर और पाली जिला 11वें स्थान पर है। जैसलमेर में पहल को मिली राष्ट्रीय पहचान प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत चयनित जिलों की पहचान 3 मुख्य पैमानों कम उत्पादकता, कम फसल सघनता और खेती के लिए कम कर्ज मिलने के आधार पर की गई थी। इसी के तहत जैसलमेर में 2 हजार एकड़ में इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट आधारित जीरे की खेती और 500 एकड़ में सौर ऊर्जा आधारित स्प्रिंकलर सिंचाई के इस्तेमाल को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा भी गया है। यह पहल पानी के कुशल इस्तेमाल, नवीकरणीय ऊर्जा और खेती की बेहतर उत्पादकता को बढ़ावा देती है। योजना के तहत फसल विविधीकरण किसानों की समृद्धि, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और कृषि क्षेत्र के दीर्घकालीन विकास का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है। इसके तहत किसानों को बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव और फसल संबंधी जोखिमों से सुरक्षा मिलती है और बेहतर आय के अवसर मिलते हैं। साथ ही, बाजरा एवं दलहन जैसी पोषक फसलों का उत्पादन बढ़ने से पोषण सुरक्षा चक्र को भी मजबूती मिलती है। 36 योजनाओं से खेत और किसान हो रहे समृद्ध प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के साथ अन्य मंत्रालयों, नीति आयोग, नाबार्ड और राज्य सरकारों के साथ मिलकर कुल 36 योजनाओं पर एक साथ कार्य किया जा रहा है। इनमें पीएम-किसान सम्मान निधि, पीएम-फसल बीमा योजना, पीएम-किसान मानधन योजना, पीएम-कुसुम योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, कृषोन्नति योजना, परम्परागत कृषि विकास योजना, मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, अटल भूजल योजना, राष्ट्रीय गोकुल मिशन, राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम, प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्पदा योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्राथमिक कृषि साख समितियों का कम्प्यूटरीकरण, किसान क्रेडिट कार्ड जैसी विभिन्न योजनाएं शामिल हैं। मॉनिटरिंग और रैंकिंग से प्रभावी क्रियान्वयन सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर, राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई हैं। वहीं, राष्ट्रीय स्तर पर योजना की देखरेख केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में राष्ट्रीय कार्यकारी समिति और सचिव की अध्यक्षता में राष्ट्रीय निगरानी समिति कर रही है। वहीं, नीति आयोग द्वारा विकसित पोर्टल पर जिलों की मासिक रैंकिंग भी की जा रही है। निरंतर मॉनिटरिंग और रैंकिंग से आकांक्षी जिलों के प्रदर्शन में निरंतर सुधार होने से देश के समग्र कृषि विकास को गति मिल रही है। इससे ना केवल उच्च उत्पादकता के साथ किसान की आय में सुधार हो रहा है। वहीं, स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं। कुल मिलाकर यह योजना भारत को कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है।
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बालाघाट में 60 मेडिकल ऑफिसर नियुक्त, अस्पतालों में संजीवनी की आशा

Raebareli, Uttar Pradesh:बालाघाट मे स्वास्थ्य सेवाओं को संजीवनी देंगे 60 मेडिकल ऑफिसर। बालाघाट जिला के बैहर, बिरसा और परसवाड़ा ब्लाक दशकों से विशेषज्ञ चिकित्सक, मेडिकल आफिसर और पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी से जूझते आये हैं। लेकिन इसी बीच बैहर-बिरसा ईलाके में हुईं बैगा बच्चों की मौत मामले ने मानो शासन-प्रशासन की नींद खोल दी और अब जिले को सरकार ने 67 अनुबंधित मेडिकल आफिसरों की सुविधा दी है। मेडिकल आफिसर की नियुक्ति से न सिर्फ प्रभावित बैगा क्षेत्रों में डाक्टरों की कमी दूर होगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को भी संजीवनी मिलेगी। इनमें 60 मेडिकल आफिसरों ने अपनी ज्वानिंग भी दे दी है। लेकिन अब भी शेष 07 मेडिकल आफिसरो ने ज्वाईनिंग नहीं दी है। जिन्हे विभाग ने नोटिस थमाया गया है। संभवत: उनके खिलाफ उच्च स्तर से विभागीय कार्रवाई किये जाने की भी तैयारियां चल रही है। जिन 60 मेडिकल आफिसरों ने अपनी ज्वानिंग दे दी है, उन्हें जिले के अलग-अलग ब्लाकों में भेजा जाएगा। विशेष बात यह है कि इनमें अधिकतरो को प्रभावित ब्लाकों में काम करने का अवसर मिलेगा, जो करीब 01 साल तक के लिये मैदानी मोर्चा संभालेगे। बालाघाट के मामलों में राष्ट्रीय-ज्वाइंट आउटब्रेक रिस्पॉन्स टीम (एनजेओआरटी) की रिर्पार्ट ने प्रभावित क्षेत्रों में महामारी विशेषज्ञ सहित मेडिकल स्टाफ की कमी उजागर की है। तीनों ब्लाकों में कुल 11 विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन सभी पद खाली पड़े हैं। विभाग ने भी सालों तक रिक्त पदों को भरने की जहमत नहीं उठाई। यानी बीमारी से निपटने या उनके नियंत्रण के लिए प्रशासन के पास विशेषज्ञ ही नहीं हैं। सीएमएचओ डा. शत्रुघ्न दाहिया ने बताया कि बालाघाट में लंबे समय से महामारी विशेषज्ञ नहीं हैं। अभी शासन स्तर से हमें 67 बांडेड मेडिकल आफिसर मिले हैं। 60 ने अपनी ज्वानिंग दे दी है। बालाघाट न आने वाले सात एमओ को नोटिस दिया गया है। डा. शत्रुघ्न दाहिया, सीएमएचओ बालाघाट।
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