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Gorakhpur - विधवा की पिटाई करने वाले आरोपियों पर केस दर्ज
Campirganj, Uttar Pradesh:कैम्पियरगंज थाना क्षेत्र के सोनोरा खुर्द गांव के भुवही टोला निवासी अंजनी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि पति का निधन हो चुका है, गांव के मजनू मेरे घर आता जाता था . सुबह नौ बजे मेरे घर आया तो मोने घर आने से मना कर दिया, इस बात को लेकर मजनू उसका बेटा सचिन व पत्नी अनिता ने मिलकर गाली देते हुए पिटाई कर दी . किसी तरह भागकर जान बचाई पुलिस ने तीनों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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NDPP नेताओं ने भाजपा-NC पर आरोप, विकास और बिजली-रोजगार पर केन्द्रित राजनीति की मांग
Srinagar, Uttarakhand:Srinagar: National Democratic People’s Party (NDPP) Chairman Navneet Mishra and Provincial Secretary Iqbal Shantoo today held a press conference at the party office in Bemina, Srinagar, where they strongly criticised the recent political protests and the positions taken by both the Bharatiya Janata Party (BJP) and the National Conference (NC). Addressing the media, the NDPP leaders accused the BJP and National Conference of engaging in political confrontation while, according to them, failing to adequately focus on the day-to-day concerns of the people of Jammu and Kashmir. Navneet Mishra said the political narrative between the two parties has become increasingly focused on issues such as Article 370 and restoration of statehood. He alleged that while the National Conference repeatedly raises the demand for restoration of Article 370 and statehood, the BJP and NC appear to be engaged in a political contest that does not directly address the immediate needs of ordinary people. Mishra said the people of Jammu and Kashmir are primarily seeking affordable or free electricity, better access to LPG/gas, employment opportunities, improved roads, healthcare, education and other basic development works. The NDPP chairman questioned whether political protests and repeated statements on constitutional issues would solve the problems faced by common citizens. Provincial Secretary Iqbal Shantoo also criticised both the BJP and National Conference, alleging that the two parties are creating political narratives against each other while, at the same time, benefiting from continued political confrontation. The NDPP leaders appealed to political parties to shift their focus from political blame games towards development, employment, electricity, essential services and economic opportunities for the people of Jammu and Kashmir. They said the people should not be repeatedly misled by political slogans and urged voters to judge political parties on the basis of their work and delivery of public services. The NDPP leaders maintained that the priority should be the welfare of the common people and called for a development-oriented political approach in Jammu and Kashmir.0
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मंगलकूट में अजय नदी के बांध का विधायक निरीक्षण, दीर्घकालिक समाधान और राहत आश्वासन
Katwa, West Bengal:মঙ্গলকোটে অজয় নদের বাঁধ পরিদর্শনে বিধায়ক, স্থায়ী সমাধানের আশ্বাস। বর্ষা এলেই অজয় নদের জল বাড়ার সঙ্গে নদী তীরবর্তী এলাকার বাঁধ ভেঙে প্লাবনের আশঙ্কায় আতঙ্কে থাকেন মঙ্গলকোটের বাসিন্দারা। এই পরিস্থিতিতে অজয় নদের দুর্বল ও ক্ষতিগ্রস্ত বাঁধের অংশগুলি মঙ্গলকোট পঞ্চায়েত সমিতির সভাপতি কে সঙ্গে নিয়ে, সরেজমিনে পরিদর্শন করলেন মঙ্গলকোটের বিধায়ক শিশির ঘোষ。 পরিদর্শনের সময় স্থানীয় বাসিন্দাদের সঙ্গে কথা বলে সমস্যার কথা শোনেন বিধায়ক। জরুরি ভিত্তিতে বাঁধের কয়েকটি ঝুঁকিপূর্ণ অংশে জেসিবি দিয়ে মাটি ফেলে সাময়িক মেরামতের কাজ করা হয়েছে। পাশাপাশি বাঁধ의 স্থায়ী সমাধানের জন্য সেচ দফতর, বিডিও, এসডিও ও জেলাশাসকের সঙ্গে আলোচনার মাধ্যমে দীর্ঘমেয়াদি পরিকল্পনা নেওয়ার কথা জানানো হয়েছে。 এছাড়াও বাঁধ সংলগ্ন এলাকার বেহাল রাস্তাগুলি বর্ষার পর সংস্কার ও পুনর্নির্মাণের উদ্যোগ নেওয়া হবে বলে আশ্বাস দেওয়া হয়েছে। বাঁধের সুরক্ষা ও area's মানুষের স্বার্থে দ্রুত পদক্ষেপের আশ্বাস দিয়েছেন বিধায়ক। বাইট:- ১) শিশির ঘোষ( বিধায়ক মঙ্গলকোট)0
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राणाघाट में रेलवे अंडरपास निर्माण की घोषणा, लंबे समय से जारी समस्या का समाधान उम्मीद
Ranaghat, West Bengal:রানাঘাটে রেল আন্ডারপাস নির্মাণের উদ্যোগ, দীর্ঘদিনের সমস্যার সমাধানে আশার আলো রানাঘাট: জীবন হাতে করেই রেললাইন পারাপার করতে হয় এলাকার নিত্যযাত্রী থেকে শুরু করে স্কুল-কলেজের পড়ুয়া, রোগী, অ্যাম্বুলেন্স এবং অসংখ্য যানবাহনকে। দীর্ঘদিনের এই সমস্যার এবার সমাধানের আশার আলো দেখা দিয়েছে। রানাঘাটের পান্তাপাড়া এলাকায় রেল আন্ডারপাস নির্মাণের উদ্যোগ নেওয়া হয়েছে বলে জানা গিয়েছে। রানাঘাট স্টেশনকের কাছেই অবস্থিত পান্তাপাড়া এলাকা। এই এলাকার উপর দিয়ে রানাঘাট স্টেশনটির সঙ্গে বনগাঁর রেল যোগাযোগের রেললাইন চলে গিয়েছে। প্রতিদিন এই রেললাইন পারাপার করে হাজার হাজার মানুষ। স্কুল-কলেজের ছাত্রছাত্রী, নিত্যযাত্রী থেকে শুরু করে রোগী ও অ্যাম্বুলেন্স, ছোট-বড় বিভিন্ন যানবাহনও যাতায়াত করে এই পথ দিয়ে। স্থানীয় বাসিন্দাদের অভিযোগ, দীর্ঘদিন ধরে এই সমস্যা চলে আসছে। বিষয়টি নিয়ে বিভিন্ন দপ্তরে জানিয়েও কেউ স্থায়ী সমাধান করেনি। উপরন্তু, রেললাইনে কোনো গেট না থাকায় দুর্ঘটনার আশঙ্কা আরও বেড়ে যায়। দুর্ঘটনা এড়াতে পরবর্তীতে রেলের তরফে এলাকাটি ঘিরে দেওয়া হয়। ফলে সাধারণ মানুষের যাতায়াতে আরও সমস্যা তৈরি হয়। এরপর স্থানীয় বাসিন্দারা তাঁদের দীর্ঘদিনের সমস্যার কথা রানাঘাট লোকসভা কেন্দ্রের সাংসদ জগন্নাথ সরকারের কাছে জানান। এলাকাবাসীর সমস্যার কথা বিবেচনা করে তিনি পূর্ব রেলের জেনারেল ম্যানেজারের কাছে পান্তাপাড়া এলাকায় একটি আন্ডারপাস নির্মাণের দাবি জানান। সাংসদের উদ্যোগের পর এবার পূর্ব রেলের তরফে আন্ডারপাস নির্মাণের বিষয়ে ইতিবাচক সাড়া মিলেছে বলে জানা গিয়েছে। সাংসদ জগন্নাথ সরকার জানান, খুব শীঘ্রই এসডিও/ডিএম-এর এনওসি পাওয়ার পর প্রয়োজনীয় বাজেট তৈরি করে আন্ডারপাস নির্মাণের কাজ শুরু করার উদ্যোগ নেওয়া হবে। দীর্ঘদিনের এই সমস্যার স্থায়ী সমাধানের সম্ভাবনা তৈরি হওয়ায় স্বাভাবিকভাবেই খুশি পান্তাপাড়া এলাকার বাসিন্দারা। তাঁদের আশা, দ্রুত আন্ডারপাস নির্মাণের কাজ শুরু হলে দুর্ঘটনার ঝুঁকি কমার পাশাপাশি স্কুল-কলেজের পড়ুয়া, রোগী, অ্যাম্বুলেন্স, নিত্যযাত্রী এবং যানবাহন চলাচলের সমস্যাও অনেকটাই মিটবে। দীর্ঘদিনের দুর্ভোগের অবসান ঘটিয়ে পান্তাপাড়ায় আন্ডারপাস নির্মাণ বাস্তবায়িত হলে তা এলাকার মানুষের জন্য বড় স্বস্তি নিয়ে আসবে বলেই মনে করছেন স্থানীয়রা。0
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तहसील समाधान दिवस में जुटे फरियादी
Gonda, Uttar Pradesh:सितम्बर माह के पहले शनिवार को गोंडा सदर तहसील में तहसील समाधान दिवस में जुटे सैकड़ों फरियादी,जिलाधिकारी के अतिरिक्त सदर विधायक ने भी सुनी फ़रियाद निस्तारण के दिए निर्देश0
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बिजनौर में गुलदारों का आतंक जारी, पिंजरे में कैद गुलदार
Moradabad, Uttar Pradesh:बिजनौर जिले मे गुलदारों का आतंक जारी। गांव गांव घूम रहे गुलदार। वन विभाग के पिंजरे मे कैद हुआ गुलदार। गुलदार के पकड़े जाने से इलाके के लोगो ने ली राहत भरी सांस। गुलदार को देखने के लिए खेतो पर उमड़ी ग्रामीणों की भारी भीड़। जिले भर मे अब तक पकड़े जा चुके डेढ़ सौ से अधिक गुलदार। नहटोर इलाके के सदरुददीन नगर गांव मे पकड़ा गया गुलदार।0
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ग्रेटर नोएडा वेस्ट में सुपरटेक ईको विलेज वन की छत गिरा प्लास्टर
Greater Noida, Uttar Pradesh:ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सुपरटेक ईको विलेज वन सोसायटी में कंस्ट्रक्शन क्वालिटी पर सवाल उठ गए हैं। यहाँ शुक्रवार देर रात एक फ्लैट में कमरे की छत का प्लास्टर अचानक बेड पर गिर गया। इस घटना में एक बच्चे को हाथ और पैर में हल्की चोट आई है। यह घटना सुपरटेक इको विलेज वन सोसायटी के टावर बी-1 के फ्लैट नंबर 205 में हुई। फ्लैट में वरुण सिंह अपने परिवार के साथ रहते हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात करीब 12 बजकर 40 मिनट पर कमरे की छत से प्लास्टर का एक बड़ा हिस्सा नीचे आ गिरा। उस समय बेड पर उनका बेटा सो रहा था, जिसके हाथ और पैर में चोट लगी। छत से अचानक प्लास्टर गिरने से परिवार के लोग घबरा गए और तुरंत कमरे से बाहर निकल आए। निवासियों का आरोप है कि सोसायटी में छत से प्लास्टर गिरने की ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। इसके बावजूद इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।0
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मुख्य सचिव ने उम्मेद अस्पताल में व्यवस्थाओं की समीक्षा की
Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास देर रात जोधपुर पहुंचे, उन्होंने आज सुबह मेडिकल कॉलेज और उम्मेद अस्पताल में अधिकारियों एवं मेडिकल स्टाफ के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार की ओर से स्वस्थ बचपन और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को लेकर कई नवाचार किए जा रहे हैं। मुख्य सचिव ने उम्मेद अस्पताल में एंटीनेटल केयर, मॉनिटरिंग, ऑपरेशन थिएटर और मरीजों की बढ़ती संख्या को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि उम्मेद अस्पताल में मरीजों का लोड काफी अधिक है और राउंड-द-क्लॉक ऑपरेशन थिएटर, हाई डिपेंडेंसी यूनिट तथा आईसीयू जैसी सेवाएं संचालित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि बिलाड़ा, भोपालगढ़, ओसियां, फलोदी सहित सैटेलाइट अस्पतालों में स्टाफ और संसाधनों की क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि उम्मेद अस्पताल पर मरीजों का दबाव कम किया जा सके। मुख्य सचिव ने मेडिकल कॉलेज, मेडिकल सुपरिटेंडेंट, ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी तथा एनेस्थीसियोलॉजी की टीमों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि लगभग 1100 बेड के संचालन और भारी मरीज भार के बावजूद चिकित्सा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का काम लगातार जारी है। बाइट वी श्रीनिवास मुख्य सचिव0
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करौली में रुक-रुककर बारिश जारी, बांधों पर पानी बढ़ा
Karauli, Rajasthan:करौली में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी, जिला करौली पिछले दो दिनों से रुक-रुककर हल्की से मध्यम बारिश होने से तापमान में गिरावट आई है और मौसम सुहावना बना हुआ है। बारिश के चलते जिले के नदी-नालों, तालाबों और बांधों में भी पानी की आवक बनी हुई है। पिछले 24 घंटे में जिले में औसतन 52.8 एमएम बारिश दर्ज की गई। सपोटरा में सर्वाधिक 101 एमएम और मंडरायल में सबसे कम 8 एमएम बारिश हुई। लगातार बारिश से पांचना बांध में भी करीब 25 सेंटीमीटर पानी की आवक हुई और जलस्तर बढ़कर 256.85 मीटर पहुंच गया है। बांध का अधिकतम गेज 258.62 मीटर है। बारिश के कारण सपोटरा के करणपुर क्षेत्र में नदी-नालों में उफान से कुछ स्थानों पर आवागमन प्रभावित हुआ, वहीं प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए जिले के कक्षा 1 से 12 तक के सभी विद्यालयों में शनिवार को अवकाश घोषित किया है। जल संसाधन विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में जिले में सबसे अधिक बारिश सपोटरा में 101 एमएम दर्ज की गई। इसके बाद नादौती में 83 एमएम, कालीसिल बांध पर 67 एमएम, श्रीमहावीरजी में 55 एमएम, पांचना बांध पर 55 एमएम, जगर बांध पर 51 एमएम, करौली में 44 एमएम, टोडाभीम में 38 एमएम, हिंडौन में 31 एमएम और मंडरायल में 8 एमएम बारिश दर्ज हुई। लगातार बारिश के चलते जिले के प्रमुख पांचना बांध में भी पानी की आवक जारी है। पिछले 24 घंटे में बांध में करीब 25 सेंटीमीटर पानी आया है। इससे बांध का जलस्तर बढ़कर 256.85 मीटर पहुंच गया। पांचना बांध का अधिकतम गेज 258.62 मीटर है। करौली जिले में मानसून सत्र की औसत वर्षा 686 एमएम है। इस मानसून सत्र में अब तक औसत वर्षा की तुलना में करीब 29 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। अब तक मानसून की औसत वर्षा का 71.7 प्रतिशत पानी जिले में बरस चुका है।0
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जयपुर के मंदिरों में नंदोत्सव ने जन्माष्टमी की धूम मचाई
Jaipur, Rajasthan:जयपुर_LOCATIONS-JAIPUR_FEED-OFC एंकर- नंद के घर आनंद भयो... यशोदा के लाल के जन्म की खुशी मंदिरों में जमकर बरसी। ‘यशोदा जायो ललना...’ और ‘जन्मे हैं कृष्ण कन्हाई... बधाई हो बधाई’ जैसे बधाई गीतों के बीच शहर के प्रमुख कृष्ण मंदिरों में नंदोत्सव की उछाल हुई। ठाकुरजी को अर्पित किए गए खिलौने, मेवे, फल, टॉफियां, कपड़े, बिस्किट और अन्य सामग्री भक्तों के बीच उछाली गई। उछाल लूटने के लिए बच्चे ही नहीं, हर उम्र के श्रद्धालु हाथ ऊपर किए नजर आए। गोविंददेवजी, गोपीनाथजी, कृष्ण बलराम मंदिर, इस्कॉन, अक्षरधाम सहित शहर के प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही भक्ति का रंग चढ़ा रहा। कहीं बधाई गीतों पर भक्त झूमे तो कहीं आरती और झांकियों के बीच कान्हा की लीलाओं में डूबे रहे। मंदिरों में घंटियों, शंखध्वनि और जयकारों के बीच नंदोत्सव ने जन्माष्टमी की खुशियों को अगले दिन भी जीवंत रखा। गोविंददेवजी मंदिर में महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में नंदोत्सव मनाया गया। सुबह अधिवास, तिल और यवदान पूजन के बाद उत्सव शुरू हुआ। ठाकुरजी को केसरिया रंग की नई पोशाक धारण कराकर फूलों से मनोरम श्रृंगार किया गया। इसके बाद कपड़े, फल, ट्रॉफी, बिस्किट और खिलौनों की उछाल हुई। प्रसाद पाने के लिए श्रद्धालुओं में होड़ मच गई। गोपीनाथजी मंदिर में महंत सिद्धार्थ गोस्वामी के सान्निध्य में कार्यक्रम हुआ। चांदनी चौक स्थित आनंद कृष्ण बिहारी मंदिर में पुजारी मातृप्रसाद शर्मा की देखरेख में नंदोत्सव मनाया गया। हंस विहार मंदिर, सरस निकुंज, राधा दामोदर मंदिर, बृजनिधि मंदिर और लक्ष्मीनारायण बाईजी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भी बधाई गान और धार्मिक आयोजन हुए। ठाकुरजी को अर्पित सामग्री में खिलौने, मेवे, फल, टॉफी, बिस्किट, कपड़े और ट्रॉफी शामिल रहे। उछाल शुरू होते ही इन्हें पाने के लिए श्रद्धालु उत्साहित नजर आए। बच्चों में खिलौनों को लेकर खासा उत्साह रहा。0
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गोपालगंज के श्रीपुर गाँव में जन्माष्टमी पर भक्तों का उमड़ता सैलाब
Noida, Uttar Pradesh:Superfast गोपालगज श्रीपुर गाँव में कृष्ण जन्माष्टमी पर उमड़ा आस्था का सैलाब... श्रीपुर गाँव में जन्माष्टमी पर्व पर भक्ति का जबरदस्त नजारा देखने को मिला।बच्चों में भगवान श्रीकृष्ण के प्रति ऐसी श्रद्धा दिखी कि पूरा गाँव झूम उठा। छोटे-छोटे बच्चों ने राधा-कृष्ण के रूप में विधिवत साज-सज्जा के साथ अद्भुत श्रृंगार किया。 जगह-जगह सजी मनमोहक झांकियों को देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। पूरे गाँव में "हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की" के जयकारों से माहौल गूंज उठा。0
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रामनगर के शिक्षक ने 25 लाख से सायंकालीन विद्यालय खोला; बच्चों को मुफ्त शिक्षा
Noida, Uttar Pradesh:शिक्षक दिवस पर सलाम: 25 लाख की जमा पूंजी लगाकर वंचित बच्चों के लिए खड़े किए तीन सायंकालीन स्कूल, 400 से ज्यादा बच्चों को मिल रही मुफ्त शिक्षा। रिपोर्टर-विजय कश्यप स्थान-रामनगर एंकर-शिक्षक दिवस पर जब समाज अपने शिक्षकों के योगदान को याद कर रहा है, ऐसे में रामनगर के एक शिक्षक की कहानी सिर्फ शिक्षा देने की नहीं, बल्कि अपने संसाधनों और जीवनभर की जमा पूंजी को बच्चों के भविष्य के नाम कर देने की है,राजकीय इंटर कॉलेज ढेला के अंग्रेजी प्रवक्ता नवेंदु मठपाल पिछले करीब छह वर्षों से उन बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, जिनके परिवार आर्थिक तंगी, मजदूरी और सामाजिक परिस्थितियों के कारण अपने बच्चों को नियमित स्कूल नहीं भेज पाते,रामनगर कोसी नदी के किनारे रेता खनन से जुड़े मजदूर परिवारों और कूड़ा बीनने वाले परिवारों के बच्चों से शुरू हुई यह मुहिम आज रामनगर के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित तीन सायंकालीन विद्यालयों तक पहुंच चुकी है,इन विद्यालयों में वर्तमान में 400 से अधिक बच्चे जुड़े हुए हैं और उन्हें पूरी तरह निशुल्क शिक्षा दी जा रही है। इस अभियान की सबसे बड़ी और प्रेरणादायक बात यह है कि सांवल्दे पश्चिम में बुक्सा समुदाय के बच्चों के लिए विद्यालय भवन तैयार करने में नवेंदु मठपाल ने अपनी निजी जमा पूंजी से करीब 25 लाख रुपये लगा दिए,उन्होंने जमीन लेकर विद्यालय भवन तैयार कराया, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर और जनजातीय परिवारों के बच्चों को पढ़ने के लिए बेहतर स्थान मिल सके। झोपड़ी से शुरू हुई शिक्षा की मुहिम इस पूरी कहानी की शुरुआत नवंबर 2020 में हुई,अक्टूबर 2020 में कोसी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद नवेंदु मठपाल और रचनात्मक शिक्षक मंडल से जुड़े शिक्षकों ने आपदाग्रस्त परिवारों के बीच जाकर उनकी स्थिति को समझा,इस दौरान सामने आया कि कई बच्चे मजदूरी और परिवार की आर्थिक परेशानियों के कारण शिक्षा से दूर हो गए हैं, 26 नवंबर 2020 को संविधान दिवस के अवसर पर रामनगर के पूछड़ी में ज्योतिबा फुले सायंकालीन विद्यालय की शुरुआत की गई, शुरुआत किसी पक्की इमारत से नहीं, बल्कि एक झोपड़ी से हुई थी, संसाधन सीमित थे, लेकिन बच्चों को पढ़ाने का संकल्प मजबूत था,धीरे-धीरे मजदूरी करने वाले और कूड़ा बीनने वाले परिवारों के बच्चे इस विद्यालय से जुड़ने लगे,अभियान का असर ऐसा रहा कि बड़ी संख्या में बच्चों ने शिक्षा की ओर कदम बढ़ाया और बाद में 200 से अधिक बच्चों का नजदीकी सरकारी विद्यालयों में दाखिला कराया गया। पटरानी के जंगलों में जली शिक्षा की दूसरी मशाल: जनवरी 2021 में इस अभियान को आगे बढ़ाते हुए कार्बेट पार्क से सटे और घने जंगलों के बीच बसे पटरानी गांव में सावित्रीबाई फुले सायंकालीन विद्यालय शुरू किया गया,पटरानी की बालिकाओं को कंप्यूटर शिक्षा से जोड़ने के लिए बाद में सावित्रीबाई फुले बालिका कंप्यूटर केंद्र की शुरुआत भी की गई, यहां बच्चों को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उन्हें तकनीक और रचनात्मक गतिविधियों से भी जोड़ा गया। इन दोनों विद्यालयों के माध्यम से उन बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने का प्रयास किया गया, जो सामान्य परिस्थितियों में शायद स्कूल तक नहीं पहुंच पाते। 25 लाख की जमा पूंजी से सांवल्दे में बनाया विद्यालय: अभियान की तीसरी और सबसे बड़ी पहल इस वर्ष सामने आई,जनजातीय बच्चों, विशेषकर बुक्सा समुदाय के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से नवेंदु मठपाल ने सांवल्दे पश्चिम में अपनी निजी जमा पूंजी से करीब 25 लाख रुपये खर्च कर जमीन लेकर विद्यालय भवन तैयार कराया,इस विद्यालय की नींव तत्कालीन उत्तराखंड बोर्ड सचिव और वर्तमान में शिक्षा निदेशक माध्यमिक वीपी सिमल्टी ने रखी,इसके बाद 30 जनवरी 2026 को अपर शिक्षा निदेशक एसपी सेमवाल ने विद्यालय के विधिवत शुभारंभ की घोषणा की,आज इस विद्यालय में 100 से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं,यहां कक्षा एक से आठ तक के बच्चों के लिए तीन कक्षा-कक्ष हैं और स्थानीय युवा शिक्षक-शिक्षिकाओं के रूप में बच्चों को पढ़ाने में सहयोग कर रहे हैं। सिर्फ किताबें नहीं, जिंदगी की पढ़ाई भी: इन सायंकालीन विद्यालयों की खासियत यह है कि यहां बच्चों को केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं रखा जाता,पढ़ाई के साथ थिएटर, सिनेमा, खेल, पर्यावरण, स्काउट और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों से बच्चों को जोड़ा जाता है। समय-समय पर बाहर से विशेषज्ञों और प्रशिक्षकों को बुलाकर बच्चों को नई चीजों की जानकारी दी जाती है। जनसहयोग से बच्चों को शैक्षणिक सामग्री के साथ सर्दियों में गर्म कपड़े भी उपलब्ध कराए जाते हैं। इन विद्यालयों में स्थानीय युवाओं की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है,शिक्षक मंडल से जुड़े सरकारी शिक्षक सहयोगी की भूमिका में रहते हैं, जबकि स्थानीय युवा नियमित रूप से बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा संभालते हैं। नवेंदु सर की वजह से मुझे भी बच्चों को पढ़ाने का मौका मिला: सायंकालीन विद्यालय में पिछले कई वर्षों से बच्चों को पढ़ा रहे सुमित बताते हैं कि वर्ष 2021 में कोसी नदी की बाढ़ के दौरान उनका परिचय नवेंदु मठपाल से हुआ था,उस समय वह बीएससी पार्ट-1 के छात्र थे,नवेंदु मठपाल ने उनकी मदद की और इसी अभियान से जुड़ने के बाद उन्होंने बच्चों को पढ़ाना शुरू किया, आज सुमित एमएससी फिजिक्स की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं और बच्चों को पढ़ाने को अपने लिए गर्व की बात मानते हैं, उनका कहना है कि शिक्षा हासिल करने के बाद उसे जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाने का अवसर मिलना उनके लिए बड़ी खुशी है। सुमित कहते हैं कि आज के समय में अपनी जमा पूंजी से 25 लाख रुपये लगाकर गरीब और जरूरतमंद बच्चों के लिए विद्यालय खड़ा करना आसान नहीं है, नवेंदु मठपाल ने अपनी सोच और पहल से उन बच्चों के लिए रास्ता खोला है, जो आर्थिक परिस्थितियों के कारण शिक्षा से दूर थे। बच्चों के लिए स्कूल बना खुशी का ठिकाना: विद्यालय की शिक्षिका ऋतु बेलवाल कहती हैं कि सांवल्दे के विद्यालय में 100 से अधिक बच्चे पढ़ने आते हैं,बच्चों को पढ़ाई के साथ उनकी प्रतिभा निखारने का अवसर भी दिया जाता है, विशेष कार्यक्रमों में बच्चों को नृत्य और अन्य प्रस्तुतियों के लिए तैयार किया जाता है। बच्चों की जुबान पर भी दिखता है बदलाव: सायंकालीन विद्यालय में पढ़ने वाली छात्रा आयशा का कहना है कि यहां शिक्षक कठिन विषयों को भी सरल तरीके से समझाते हैं, पहले जो बातें समझने में परेशानी होती थी, अब उन्हें आसानी से समझ लिया जाता है। वहीं छात्रा इशा नूर बताती हैं कि यहां सभी विषय पढ़ाए जाते हैं और शिक्षक बच्चों को बहुत अच्छे तरीके से समझाते हैं। पुरस्कार नहीं, बच्चों की मुस्कान ही सम्मान: नवेंदु मठपाल इस पूरे अभियान को किसी पुरस्कार या सम्मान के लिए नहीं चलाते, उनका स्पष्ट कहना है कि वह व्यक्तिगत रूप से कभी कोई पुरस्कार नहीं लेंगे,उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान उन बच्चों का स्कूल तक पहुंचना है, जो कभी शिक्षा से दूर थे। ज्योत्सिबा फुले और सावित्रीबाई फुले के विचारों से प्रेरित होकर शुरू हुई यह मुहिम आज तीन विद्यालयों और 400 से अधिक बच्चों तक पहुंच चुकी है। यह कहानी सिर्फ एक शिक्षक की नहीं, बल्कि उस सोच की कहानी है जिसमें शिक्षा नौकरी नहीं, जिम्मेदारी बन जाती है। शिक्षक दिवस पर नवेंदु मठपाल की कहानी यह सवाल भी छोड़ती है कि अगर एक सरकारी शिक्षक अपनी निजी जमा पूंजी के 25 लाख रुपये बच्चों के भविष्य के लिए लगा सकता है, तो समाज के बाकी सक्षम लोग शिक्षा से वंचित बच्चों के लिए कितना योगदान दे सकते हैं? शायद शिक्षक दिवस पर किसी शिक्षक को इससे बड़ा सम्मान नहीं मिल सकता कि उसके पढ़ाए बच्चे कल अपने पैरों पर खड़े होकर कहें—हमारी जिंदगी बदलने की शुरुआत यहीं से हुई थी।0
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नोएडा में बारिश ने शहर के कई हिस्सों को भिगोया, सेक्टर 6 और 10 की तस्वीरें सामने
Noida, Uttar Pradesh:Noida(Uttar Pradesh): Rain Lashes The Parts Of City/ Visuals From Sector 6 And 100
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जोधपुर में मुख्य सचिव का हाई कोर्ट निरीक्षण, उद्योग संघों के साथ बैठक तय
Jaipur, Rajasthan:जोधपुर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास का जोधपुर दौरा; मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास पहुंचे हाई कोर्ट; एडिजी लॉ एंड ऑर्डर वीके सिंह भी पहुंचे; जिला कलेक्टर आलोक रंजन भी है साथ; हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद अब मुख्य सचिव हाई कोर्ट का करेंगे निरीक्षण और अधिकारियों के साथ करेंगे चर्चा; दोपहर 3 बजे मारवाड़ कन्वेंशन सेंटर सभागार में लेंगे बैठक; जोधपुर, पाली एवं बालोतरा के उद्योग संघों के प्रतिनिधियों के साथ करेंगे बैठक0
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हरियाणा के मुख्यमंत्री ने शिक्षक पुरस्कार वितरण समारोह में शिरकत कर क्षेत्र की प्रगति जताई
Chandigarh, Chandigarh:मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य शिक्षक पुरस्कार वितरण समारोह में की बतौर मुख्य अतिथि शिरकत पंंचकूला में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री का संबोधन आज राज्य शिक्षक पुरस्कार वितरण समारोह में आना मेरे लिए गौरव और सम्मान का क्षण- मुख्यमंत्र सबसे पहले शिक्षक दिवस के इस पावन अवसर पर सभी शिक्षकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं आज सम्मानित होने वाले सभी शिक्षकों का भी हार्दिक अभिनंदन- शिक्षक दिवस समारोह का उद्देश्य यह समारोह शिक्षा के प्रति अपने समर्पण के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर आज भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का जन्मदिन- मुख्यमंत्री उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है- मुख्यमंत्री इस तकनीक के युग में शिक्षक की भूमिका कम नहीं हुई बल्कि और अधिक महत्वपूर्ण हो गई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई शिक्षा नीति बनाकर समझ, कौशल, नवाचार और भारतीय मूल्यों को जोड़ने का मार्ग किया प्रशस्त अब शिक्षा का लक्ष्य डिग्री के साथ योग्य, आत्मनिर्भर, संवेदनशील और राष्ट्रीय निष्ठ नागरिक तैयार करना- मुख्यमंत्री हरियाणा में भी शिक्षा व्यवस्था में निरंतर कर रहे हैं सुधार चालू वित्त वर्ष के लिए स्कूल शिक्षा का बजट बढ़ाकर 18538 करोड रुपए किया प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का दायरा बढ़ाने के लिए मॉडल संस्कृत विद्यालयों की संख्या 218 की 251 पीएम श्री विद्यालय विकसित किए गए 250 विद्यालयों को CM- EEE स्कूलों के रूप में किया जा रहा है विकसित- मुख्यमंत्री पढ़ाई के साथ खेलों में प्रोत्साहन देने के लिए 3328 विद्यालयों में खेल मैदान किया जा रहे हैं विकसित गणित में बच्चों की रुचि बढ़ाने के लिए हरियाणा गणित ओलंपियाड किया गया शुरू युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनाने के लिए कौशल बिजनेस चैलेंज किया शुरू- मुख्यमंत्री इसके अतिरिक्त एक विद्यालय को स्कूल आफ एक्सीलेंस इन स्किल एजुकेशन के रूप में किया जा रहा है विकसित सरकारी स्कूलों के प्रतिभाशाली बच्चों के लिए सुपर हंड्रेड और बुनियाद कार्यक्रमों को और मजबूत बनाया देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ 23 देशों के प्रतिनिधि भी हरियाणा के निपुण कार्यक्रम को देखने और समझने आ रहे हैं बच्चों और उनके परिवारों को संकट की घड़ी में सुरक्षा देने के लिए वीर बाल मेमोरियल इनीशिएटिव योजना का प्रावधान किया शिक्षक स्थानांतरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए नई शिक्षक स्थानांतरण नीति लागू की- मुख्यमंत्री आप शिक्षा के क्षेत्र में हरियाणा को देश का अग्रणी राज्य बनाएं, विकसित भारत के निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दें- मुख्यमंत्री0
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कटनी के बरही में बाघ दिखा, ग्रामीण दहशत में वन विभाग खोज में
Katni, Madhya Pradesh:कटनी ब्रेकिंग कटनी के बरही तहसील के बरमानी गाँव मे दिखा बाघ खेत में आराम फरमाते दिख रहा है बाघ रिहायशी इलाकों के पास बाघ की दस्तक...किसान ने बनाया वीडियो किसान ग्रामीण दहशत में वन विभाग को दी गई सूचना.. मौके ओर पहुंची फॉरेस्ट की टीम...बाघ को कर रही है सर्च जनता से की अपील अलर्ट रहे.घरों में रहे0
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