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ArdhchandradhariTripathiArdhchandradhariTripathiFollow25 Dec 2024, 05:46 pm

गोरखपुरः सुशासन दिवस के रूप में मनाई गई अटल बिहारी वाजपेई की जयंती, संगोष्ठी और पदयात्रा का आयोजन

Khajani, Uttar Pradesh:

गोरखपुर जिले में देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती बुधवार को खजनी में मनाई गई। इस अवसर पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनकी जयंती को सुशासन दिवस के रूप में मनाया। कस्बे में रामपुर पांडेय संपर्क मार्ग पर एकत्रित होकर कार्यकर्ताओं ने खजनी क्लब तक प्रभात फेरी के रूप में पदयात्रा करते हुए हाथों में बैनर पोस्टर लेकर अटल बिहारी वाजपेयी अमर रहें, वंदे मातरम् और भारत माता की जय के गगनभेदी नारे लगाते हुए सुशासन दिवस से स्थानीय लोगों को अवगत कराया।

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Hanumangarh में पार्क सौंदर्यकरण: 120 पौधे, जनता का सहयोग

Hanumangarh, Rajasthan:जनसहयोग से बदलेगा पार्क का स्वरूप,12 साल से कचरा डाले जाने से बदहाल पार्क के सौंदर्यकरण का संकल्प, अब हरियाली से निखरेगा परिसर. डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क के सौंदर्यकरण की दिशा में डॉ. भीमराव अंबेडकर नवयुवक संघ ने सराहनीय पहल की है. संघ की ओर से जनसहयोग से पार्क में पौधारोपण अभियान चलाया गया, जिसके तहत करीब 120 विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए. पौधारोपण अभियान के दौरान पोस्टल पाम सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए. पौधों को व्यवस्थित तरीके से रोपकर पार्क को हरा-भरा और आकर्षक स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है. डॉ. भीमराव अंबेडकर नवयुवक संघ के अध्यक्ष अनिल सुथार ने बताया कि पार्क में पिछले करीब 12 वर्षों से प्लास्टिक और अन्य कचरा डाले जाने के कारण इसकी स्थिति खराब हो गई थी. पार्क की बदहाली को देखते हुए संघ ने इसके सौंदर्यकरण का संकल्प लिया. उन्होंने बताया कि अभियान के तहत सबसे पहले पार्क की बाउंड्री के लिए तारबंदी और सीमेंट के पोल लगाए गए. इसके बाद मिट्टी भराई करवाकर भूमि को व्यवस्थित किया गया और अब पौधारोपण का कार्य किया जा रहा है.
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बड़वानी के खेत के कुएं से महिला का शव मिलने से सनसनी, जांच जारी

Noida, Uttar Pradesh:बड़वानी--सजवानी और धमनई फाटे के बीच खेत के कुएं में मिली महिला की लाश, पुलिस जुटी जांच में सजवानी और धमनई फाटा के बीच खेत स्थित एक कुएं से महिला का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई मृतिका की पहचान निरमा पति लूलिया, निवासी सिंधी टांगड़ा, गंधावल के पास की बताई जा रही है घटना की सूचना मिलते ही बड़वानी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कुएं से बाहर निकलवाकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिसके बाद मौत के कारणों का खुलासा होने की संभावना है पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच में जुटी है
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बरनाला-मानसा हाईवे पर ट्रैक्टर-ट्रॉली से भिड़ंत, 22 वर्षीय युवक की मौत

Barnala, Bathinda, Punjab:बरनाला-मानसा नेशनल हाईवे पर देर रात भीषण सड़क हादसा, 22 वर्षीय युवक की मौत, हंडियाया के पास पराली से भरी ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली ने ऑल्टो कार को मारी जोरदार टक्कर, दो युवक घायल Барнала-मानса नेशनल हाईवे पर हंडियाया के पास बीती देर रात दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। हादसे में 22 वर्षीय युवक हरमल सिंह की मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त मनप्रीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। कार में सवार तीसरा युवक हरप्रीत सिंह बाल-बाल बच गया, हंडियाया पुलिस चौकी के प्रभारी एएसआई तरसेम सिंह ने बताया कि हादसे में हरमल सिंह पुत्र केवल सिंह निवासी रूड़ेके कलां की मौत हुई है, जबकि मनप्रीत सिंह पुत्र जगसीर सिंह गंभीर रूप से घायल है और उसका इलाज डीएमसी लुधियाना में चल रहा है। तीसरा युवक हरप्रीत सिंह पुत्र जगतार सिंह सुरक्षित बच गया है। पुलिस ने हरप्रीत सिंह के बयानों के आधार पर ट्रैक्टर चालक के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जानकारी के मुताबिक, तीनों दोस्त शॉपिंग करने के बाद ऑल्टो कार में सवार होकर अपने गांव रूड़ेके कलां लौट रहे थे। इसी दौरान मानसा की तरफ से बरनाला की ओर आ रही पराली से भरी एक ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलाई ने सामने से आ रही ऑल्टो कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक ट्रैक्टर-ट्रॉली समेत मौके से फरार हो गया। हादसे के बाद हाईवे से गुजर रहे राहगीरों और आसपास के लोगों ने कड़ी मशक्कत कर कार में फंसे तीनों युवकों को बाहर निकाला। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने कई बार सड़क सुरक्षा फोर्स और एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन करीब 25 मिनट तक कोई मदद मौके पर नहीं पहुंची, इसके बाद लोगों ने घायलों को निजी एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया। हादसे में गंभीर रूप से घायल कार चालक हरमल सिंह की इलाज से पहले ही मौत हो गई। वहीं मनप्रीत सिंह की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बरनाला से लुधियाना के डीएमसी अस्पताल रेफर किया गया है। तीसरा युवक हरप्रीत सिंह सुरक्षित बताया जा रहा है। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों में सड़क सुरक्षा फोर्स और एंबुलेंस के देरी से पहुंचने को लेकर काफी रोष देखने को मिला।
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कवर्धा के सरैहा बांध के फूटने से किसानों को भारी नुकसान, मुआवजे की मांग

Kawardha, Chhattisgarh:कवर्धा ब्रेकिंग पंडरिया के ग्राम सरैहा में वर्षों पुराना बांध फूटा बांध में पहले हुआ था छोटा सा होल, धीरे-धीरे बढ़ता गया लगातार बारिश के बीच बांध का मिट्टी वाला हिस्सा बहा बांध फूटने से भारी मात्रा में पानी बहकर हुआ बर्बाद सैकड़ों एकड़ फसल प्रभावित होने की आशंका बांध का पानी निकलने से किसानों को भारी नुकसान की आशंका बांध फूटने के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीण जाल लेकर बांध के पानी में मछली पकड़ते नजर आए ग्रामीण पुराने बांध की मरम्मत और रखरखाव पर उठे सवाल किसानों ने प्रशासन से नुकसान के आकलन और मुआवजे की मांग की
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जमीन विवाद में पति-पत्नी पर बेरहमी, वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने दर्ज किया मामला

Noida, Uttar Pradesh:बड़वानी-जमीन विवाद में दम्पत्तिबके साथ की बेरहमी से मारपीट घटना का विडियो सामने आया है; पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर 3 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. राजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कोइडिया में रास्ते को लेकर हुए विवाद में पीड़ित मुकेश और उसकी पत्नी व बेटे की पिटाई का मामला सामने आया है. मुकेश ने बताया रास्ते को लेकर चल रहे विवाद के बाद उसकी शिकायत की गई थी, जिसके बाद गांव के 3 लोगों ने उसके घर आकर उसकी पत्नी, बेटे और उसे बेरहमी से पीटा; विडियो में साफ दिख रहा है. आरोपी कभी पत्थर से तो कभी बैल्ट से पीड़ित परिवार को पीट रहे हैं. इतना ही नहीं महिला से बेरहमी से मारपीट कर उसे घसीटा जा रहा है; उसने थाने में शिकायत की है पर सुनवाई नहीं हो रही है. जिसके बाद पीड़ित एसपी कार्यालय पहुँचा. मामले में राजपुर थाना के अनुसार घटना का विडियो सामने आने के बाद पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर 3 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है; आरोपियों की तलाश जारी है.
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वीरा माइनर पटरी टूटी, बांदा में बाढ़ से किसानों के धान जलमग्न

Banda, Uttar Pradesh:बांदा में कमासिन क्षेत्र की वीरा माइनर की कटी पटरी ने ग्रामीणों और किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है। नहर का पानी तेज रफ्तार से खेतों और बस्ती में घुस गया है। दर्जनों कच्चे घरों में घुटनों तक पानी भर गया, जबकि सैकड़ों बीघे धान की फसल जलमग्न हो गई। घरों में रखा राशन, गृहस्थी का सामान और पशुओं का भूसा तक पानी में डूब गया। हालात ऐसे हैं कि कई परिवारों के सामने खाने और रहने का संकट खड़ा हो गया है। कमासिन-राजापुर मुख्य मार्ग पर चंदेल फिलिंग स्टेशन के समीप वीरा माइनर की पटरी कई जगह से कटी हुई है। बुधवार रात हुई बारिश के बाद माइनर का पानी ओवरफ्लो होकर तेजी से खेतों की ओर बहने लगा। देखते ही देखते पानी ने कमासिन कस्बे की आबादी का रुख कर लिया। जल संस्थान के पीछे, पुराने स्वास्थ्य केंद्र परिसर और बीपैक्स सहकारी समिति के पीछे बसे दर्जनों कच्चे मकानों में घुटनों तक पानी भर गया। ग्रामीणों के मुताबिक सुबह करीब चार बजे जब उनकी आंख खुली तो तेज रफ्तार से पानी घरों में घुस रहा था। घर में रखा अनाज, खाने-पीने का सामान, कपड़े और गृहस्थी का अन्य सामान पानी में डूब गया। पशुओं के लिए रखा भूसा भी खराब हो गया। पानी भरने से कई परिवारों के सामने खाना बनाने तक की जगह नहीं बची। छोटे-छोटे बच्चों के साथ परिवारों को रात और सुबह बेहद मुश्किल हालात में गुजारनी पड़ी। वहीं दूसरी ओर वीरा माइनर का पानी खेतों में भरने से सैकड़ों एकड़ धान की फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई। लहलहाती धान की फसल पानी में डूबने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की चिंता सताने लगी है। किसानों का आरोप है कि वीरा माइनर की तलहटी की कई वर्षों से सफाई नहीं कराई गई। नहर में झाड़-झंखाड़ जमा है और पटरी भी कमजोर हो चुकी है। पानी की निकासी का रास्ता नहीं होने से खेतों में जलभराव लगातार बढ़ रहा है। किसानों का कहना है कि एक बीघा धान की फसल तैयार करने में करीब दस हजार रुपये तक खर्च हो जाता है। ऐसे में सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद होने की स्थिति में किसानों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने, पानी की निकासी कराने, कटी पटरी की मरम्मत कराने और फसल व मकानों के नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। बाइट: पीड़ित ग्रामीण / किसान
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कूनो: तेंदुओं के शिकार से चीतों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

Sheopur, Madhya Pradesh:श्योपुर तेंदुओं के शिकार के मामले ने कूनो नेशनल पार्क और आसपास के जंगलों में सुरक्षा और कूनो प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। STSF की जांच में अब तक 10 तेंदुओं के शिकार की पुष्टि की बात सामने आने के बाद विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा ने पूरे मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विधायक ने आरोप लगाया कि कूनो नेशनल पार्क के अधिकारियों से वन्यजीवों की सुरक्षा नहीं संभल रही है। उनका कहना है कि बाहर की जांच एजेंसियां शिकारियों को पकड़ रही हैं और पूरे नेटवर्क का खुलासा कर रही हैं, जबकि स्थानीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। विधायक ने चीतों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जब कूनो में तेंदुओं का शिकार करने के लिए शिकारी जंगल के अंदर तक पहुंच रहे थे, तब ऐसे में चीतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कूनो प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों का ध्यान वन्यजीव संरक्षण के बजाय कथित भ्रष्टाचार पर अधिक है। मल्होत्रा ने कूनो में पहले हुई एक चीते की मौत का जिक्र करते हुए भी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और कहा कि चीतों को संभालने में भी प्रबंधन विफल रहा है। तेंदुओं के शिकार से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल STSF की जांच के मुताबिक कूनो वन्यजीव वनमंडल, श्योपुर सामान्य वनमंडल और मुरैना के चंबल अभयारण्य क्षेत्र में कुल 10 तेंदुओं के शिकार की पुष्टि हुई है। जांच में शिकारियों द्वारा जंगल में फंदे लगाने और तेंदुओं का शिकार करने की बात सामने आई है। इस मामले ने कूनो के मैदानी अमले की गश्त और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। सवाल यह है कि यदि शिकारी जंगल में फंदे लगाकर वन्यजीवों का शिकार कर रहे थे, तो नियमित पेट्रोलिंग और निगरानी के दौरान इसकी जानकारी सुरक्षा अमले को क्यों नहीं मिली? मामले का खुलासा स्थानीय स्तर की कार्रवाई से पहले आगरा में वन्यजीव अंगों की बरामदगी और उसके बाद हुई जांच से सामने आने की बात कही जा रही है। इसके बाद जांच की कड़ियां कूनो और चंबल क्षेत्र तक पहुंचीं。 चीतों पर भी मंडरा सकता है खतरा? जांच से जुड़े इनपुट में शिकारियों की बातचीत में 'चीता' शब्द का उल्लेख होने की बात भी सामने आई है। इससे कूनो में मौजूद चीतों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि, चीतों को निशाना बनाए जाने की बात अभी आशंका और जांच के दायरे में है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। वहीं कूनो प्रबंधन और वन विभाग के अधिकारियों की किसी आपराधिक संलिप्तता या जानबूझकर लापरवाही का आरोप जांच में सिद्ध होना अभी बाकी है। ऐसे में विधायक के आरोपों और वन्यजीव सुरक्षा से जुड़े सवालों पर जांच के निष्कर्ष का इंतजार रहेगा। अब बड़ा सवाल यह है कि जब कूनो में करोड़ों रुपये खर्च कर प्रोजेक्ट चीता और वन्यजीव संरक्षण की व्यवस्था संचालित की जा रही है, तो शिकारी जंगल के भीतर तक कैसे पहुंचे और लंबे समय तक सक्रिय कैसे रहे?
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लापता डोरंडा निवासी बुलंद अख्तर का शव धुर्वा डैम में बरामद

Ranchi, Jharkhand:बुधवार से लापता डोरंडा निवासी व विधानसभा कर्मी बुलंद अख्तर का शव शुक्रवार की सुबह धुर्वा डैम में बरामद हुआ। सुबह-सुबह आसपास के लोगों ने डैम के फाटक के पास पानी में शव को तैरते हुए देखा। इसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी और पुलिस को इसकी सूचना दी गई। गौरतलब है कि बुलंद अख्तर बुधवार से लापता थे। परिजनों ने डोरंडा थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद धुर्वा डैम के पास से उनकी बाइक, चप्पल और बरसाती बरामद हुई थी। फिलहाल पुलिस शव को पानी से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेजने की प्रक्रिया में जुटी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
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मथुरा के ओमेक्स मॉल में शटरिंग गिरने से मजदूर की मौत, कई घायल

Mathura, Uttar Pradesh:मथुरा में निर्माणाधीन ओमेक्स मॉल की शटरिंग गिरी, एक मजदूर की मौत, कई घायल, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम चला रही सर्च ऑपरेशन मथुरा। थाना कोतवाली वृंदावन क्षेत्र के रुक्मणी विहार इलाके में शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे निर्माणाधीन ओमेक्स मॉल की शटरिंग अचानक गिर गई। हादसे के समय नाइट शिफ्ट में काम चल रहा था और साइट पर कई मजदूर मौजूद थे। हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई, जिसकी पहचान शिवराम के रूप में हुई है। कई मजदूरों के घायल होने की भी सूचना है। शटरिंग गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। मलबे में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान जारी है। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजे जाने की कार्रवाई की जा रही है।
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ठाकुरद्वारा में तेंदुओं के खतरे के बीच 24 घंटे की खोज जारी

Noida, Uttar Pradesh:ठाकुरद्वारा में तेंदुओं की मौजूदगी को लेकर डर और सावधानी का माहौल है, क्योंकि वहां दो लोगों की मौत हो चुकी है और कई हमले हुए हैं। ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में अकेले काम न करें और सुरक्षा के लिए समूहों में जाएं। वन विभाग और पुलिस सक्रिय रूप से तेंदुओं को पकड़ने का काम कर रहे हैं और ठाकुरद्वारा रेंज से अब तक पांच तेंदुओं को सफलतापर्वक पकड़ा जा चुका है। तेंदुओं की गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए ट्रैप कैमरे और थर्मल ड्रोन जैसे कई साधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। विभाग ग्रामीणों से अपील करता है कि वे सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे के बीच सुरक्षा नियमों का पालन करें और सहयोग करें, ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और तेंदुओं को पकड़ने में मदद मिले। फिलहाल ठाकुरद्वारा रेंज में सत्रह पिंजरे लगाए गए हैं और मिली-जुली सूचनाओं के आधार पर और भी पिंजरे लगाए जा रहे हैं।
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दार्जिलिंग घूमने गईं फरीदाबाद की तीनों छात्राएं सुरक्षित लौट आईं

Faridabad, Haryana:इंटरनेट पर दार्जिलिंग देख कॉलेज से भागीं फरीदाबाद की 3 लड़कियां:मोबाइल बंद किए, बिरयानी खाकर ट्रेन पकड़ी; फरीदाबाद पुलिस ने 1 सुराग पर खोजा हरियाणा के फरीदाबाद में एक डिग्री कॉलेज में बीएससी अंतिम वर्ष में पढ़ने वाली तीन छात्राएं एक साथ अचानक लापता हो गई। छात्राएं कॉलेज से निकलने के बाद घर नहीं पहुंचीं तो परिवार टेंशन में आ गया। यह टेंशन उस वक्त और बढ़ गई, जब तीनों के मोबाइल फोन भी बंद आने लगे। बस फिर क्या था, तीनों के परिजन दौड़े-दौड़े थाने पहुंचे और पुलिस को पूरी कहानी बताई। मामला 3 लड़कियों से जुड़ा था तो पुलिस भी तुरंत एक्टिव हुई। तीनों छात्राओं के मोबाइल की लोकेशन देखी तो कोई खास जानकारी नहीं मिल पाई। इसके बाद पुलिस ने कॉल डिटेल खंगाली तो एक नंबर ऐसा मिला, जिससे मोबाइल बंद होने से ठीक पहले बाद की गई थी। पुलिस ने उस नंबर पर कॉल किया तो वह एक लड़के का निकला। पूछताछ करने पर मालूम चला कि तीनों लड़कियां दार्जिलिंग घूमने गई हैं。 इसका पता चलते ही पुलिस की एक टीम तुरंत दार्जिलिंग के लिए रवाना की गई। मगर, तीनों लड़कियां वहां भी नहीं मिली। इसके बाद दोबारा उनके मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की गई, जो नई जलपाईगुड़ी में मिली। पुलिस टीम तुरंत वहां पहुंची तो तीन लड़कियां रेलवे स्टेशन पर मिल गई। पूछताछ में तीनों ने दार्जिलिंग तक पहुंचने की पूरी कहानी बताई, जिसमें इंटरनेट से आइडिया आने, बिरयानी खाने और फिर दिल्ली जाकर ट्रेन पकड़ना शामिल था。 फरीदाबाद से दार्जिलिंग पहुंचने की कहानी, छात्राओं की जुबानी… इंटरनेट पर दार्जिलिंग की खूबसूरती देख प्लान बनाया : पुलिस के मुताबिक, तीनों छात्राओं की उम्र 22 से 23 साल के बीच है। तीनों मेहता दयानंद कॉलेज में बीएससी अंतिम वर्ष में पढ़ती हैं। एक छात्रा पलवल, दूसरी एसजीएम नगर और तीसरी पर्वतिया कॉलोनी की रहने वाली हैं। तीनों को ट्रैवल वाली वीडियो देखने का शौक है। इसी शौक पर वे पश्चिम बंगाल के टूरिस्ट प्लेस दार्जिलिंग की खूबसूरती को देख प्रभावित हो गई। इसके बाद तीनों ने परिवार को बिना बताए वहां घूमने का प्लान बनाया और इसके लिए कैश भी जोड़ना शुरू कर दिया。 नमस्ते चौक पर बिरयानी खाई, फिर दार्जिलिंग के लिए निकली: पूछताछ में तीनों ने बताया कि तीनों ने इसके लिए 14 अगस्त को चुना। दोपहर कॉलेज से निकलने के बाद तीनों छात्राएं एक साथ नमस्ते चौक पहुंचीं। यहां उन्होंने बिरयानी खाई और इसके बाद तीनों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए। इससे पहले तीनों ने यह पता कर लिया था कि दार्जिलिंग जाने के लिए कहां से ट्रेन और बस पकड़नी है。 नई दिल्ली में ट्रेन नहीं मिली तो पुरानी दिल्ली पहुंचीं : इसके बाद तीनों फरीदाबाद से मेट्रो के जरिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचीं। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद छात्राओं को पता चला कि दार्जिलिंग के लिए यहां से सीधी ट्रेन नहीं है। इसके बाद तीनों ऑटो से पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचीं। वहां से उन्होंने डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस पकड़ ली और दार्जिलिंग की ओर निकल पड़ीं。 दानापुर उतरकर पहुंचीं वाराणसी, गंगा स्नान किया : यात्रा के दौरान तीनों छात्राएं रात के समय दानापुर रेलवे स्टेशन पर उतर गईं। यहां से उन्होंने ऑटो से वाराणसी का रुख किया। वहां पहुंचकर तीनों ने गंगा घाट पर स्नान किया। इसके बाद 15 अगस्त की सुबह दानापुर से न्यू जलपाईगुड़ी के लिए ट्रेन पकड़ी और आगे दार्जिलिंग की ओर रवाना हुईं。 तीनों छात्राओं तक कैसे पहुंची पुलिस, तीन पॉइंट में जानिए… तीनों के घर नहीं लौटने पर परिवार में मचा हड़कंप : दूसरी तरफ 14 अगस्त की रात तक जब छात्राएं घर नहीं पहुंचीं तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू कर दी। एसजीएम नगर निवासी छात्रा के पिता ने उसके दोस्तों से फोन पर जानकारी ली और कॉलेज में भी पता किया, लेकिन छात्राओं के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को तीनों के लापता होने की सूचना दी। पुलिस ने छात्राओं के मोबाइल नंबरों की आखिरी कॉल और लोकेशन की जांच शुरू कर दी। आखिरी कॉल से पुलिस को मिला अहम सुराग : जांच के दौरान पुलिस को पूजा के मोबाइल नंबर से हुई आखिरी बातचीत में एक युवक का नंबर मिला। पुलिस ने उस नंबर पर संपर्क किया तो युवक ने बताया कि तीनों छात्राएं दार्जिलिंग घूमने की बात कहकर निकली हैं। इससे पुलिस को पहली बड़ी जानकारी मिली कि छात्राएं अपनी मर्जी से घूमने के लिए निकली हैं। न्यू जलपाईगुड़ी पहुंचकर मिली तीनों छात्राएं : 15 अगस्त को पुलिस से जानकारी मिलने के बाद तीनों छात्राओं के परिजन गाड़ियों से न्यू जलपाईगुड़ी के लिए रवाना हो गए। 16 अगस्त की सुबह परिजनों को तीनों छात्राएं न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन पर मिल गईं। पुलिस के अनुसार, तीनों छात्राएं बिना टिकट यात्रा करते हुए न्यू जलपाईगुड़ी तक पहुंची थीं। छात्राओं के सुरक्षित मिलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली और उन्हें लेकर फरीदाबाद वापस लौट आए। बाइट = जांच अधिकारी
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भिवंडी नगर पथविक्रेता समितीची 2026 निवडणूक बिनविरोध: पहिली अशी घटना

Thane, Maharashtra:भिवंडी निजामपूर शहर महानगरपालिकेच्या नगर पथविक्रेता समितीची 2026 ची निवडणूक ऐतिहासिक ठरली आहे. समितीच्या आठही जागांवर उमेदवार बिनविरोध निवडून आले आहेत. महानगरपालिकेच्या नगर पथविक्रेता समितीच्या आठही जागांसाठी प्रत्येकी एकच उमेदवारी अर्ज दाखल झाला होता. त्यामुळे मतदानाची वेळच आली नाही आणि सर्व आठ सदस्य बिनविरोध निवडून आले आहेत. 18 ऑगस्ट 2026 रोजी दुपारी 3 वाजेपर्यंत नामनिर्देशनपत्रे स्वीकारण्यात आली. 20 ऑगस्ट रोजी झालेल्या छाननीत आठही जागांसाठी एकच वैध अर्ज असल्याचे स्पष्ट झाले. सर्वसाधारण, महिला राखीव, अनुसूचित जाती, इतर मागासवर्गीय आणि अल्पसंख्याक गटांसह सर्व जागांवर बिनविरोध निवड झाली आहे. महाराष्ट्रातील कोणत्याही महानगरपालिकेत नगर पथविक्रेता समितीची संपूर्ण निवडणूक बिनविरोध होण्याची ही पहिलीच घटना असल्याचे सांगण्यात येत आहे. पथविक्रेत्यांचे प्रश्न प्रशासनापर्यंत पोहोचवण्यात या समितीची महत्त्वाची भूमिका असते. 18 तारखेला नामनिर्देशनाची शेवटची तारीख होती. छाननीअंती आठही जागांवर एकच अर्ज आल्याने सर्व सदस्य बिनविरोध निवडून आले आहेत. निवडणूक बिनविरोध झाल्याने भिवंडी महापालिकेच्या निवडणूक प्रक्रियेकडे आता राज्याचे लक्ष लागले आहे.
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वाशीम में जलसंधारण सप्ताह: एनसीसी विद्यार्थियों ने पोस्टर से पानी बचत संदेश दिया

Washim, Maharashtra:वाशीम: जलसंधारण दिनानिमित्त विद्यार्थ्यांनी पोस्टरच्या माध्यमातून जल_sंवर्धनाचा संदेश दिला आहे. श्री बाकलीवाल विद्यालयात एनसीसी विद्यार्थ्यांच्या वतीने ‘आजचे जलसंवर्धन उपाय व पाणी बचत’ या विषयावर पोस्टर स्पर्धा घेण्यात आली. या स्पर्धेत विद्यार्थ्यांनी सहभाग घेत पाणी बचत, पावसाच्या पाण्याचे संकलन, मृदसंवर्धन, शेततळे, बंधारे आणि वृक्षारोपणाचे महत्त्व अधोरेखित केले. ‘आजचे संवर्धन, उद्याचे सुरक्षित भविष्य’ और ‘Save Soil, Save Water’ अशा घोषवाक्यांतून विद्यार्थ्यांनी नागरिकांना जलसंवर्धनाचा संदेश दिला. राज्यात १५ ते २१ ऑगस्ट दरम्यान जलसंधारण सप्ताह साजरा केला जात असून, या अभियानातून पाणी बचतीबाबत जनजागृती करण्यात येत आहे.
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चंद्रपुर में आदिवासी विद्यार्थियों का आंदोलन स्थगित, मंत्री ने आश्वासन दिया

Chandrapur, Maharashtra:टायटल:--- चंद्रपुरात कोंडी फुटली , आदिवासी विद्यार्थ्यांचे आंदोलन तूर्तास स्थगित, आदिवासी विकास मंत्री आणि जिल्ह्याचे पालकमंत्री डॉ. अशोक वुईके यांच्याशी फोनवरून झालेल्या चर्चेनंतर विद्यार्थ्यांचा निर्णय अँकर:--  महाराष्ट्र शासनाच्या आदिवासी विकास विभागाने ५ आणि १४ ऑगस्ट रोजी जारी केलेल्या वसतिगृह प्रवेशाच्या नव्या शासन निर्णयाविरोधात चंद्रपुरात जोरदार असंतोष पाहायला मिळाला. शासकीय आदिवासी मुला-मुलींच्या वसतिगृह क्र. १ आणि २ च्या विद्यार्थ्यांनी 'एकात्मिक आदिवासी विकास प्रकल्प' कार्यालयासमोर सलग चार दिवस मुक्कामी ठिय्या आंदोलन पुकारले होते. या आंदोलनानंतर राज्याचे आदिवासी विकास मंत्री तथा चंद्रपूरचे पालकमंत्री डॉ. अशोक वुईके यांनी विद्यार्थ्यांशी थेट संवाद साधून मध्यस्थी केली. ग्रामीण व दुर्गम भागातील कोणताही गरीब आदिवासी विद्यार्थी शिक्षणापासून वंचित राहणार नाही, असे सांगत त्यांनी विद्यार्थ्यांच्या मागण्यांवर सकारात्मक भूमिका स्पष्ट केली. शासकीय नियमांनुसार वयाची ३० वर्षे पूर्ण झालेल्या किंवा व्यावसायिक, उच्च शिक्षण पीएच.डी., एम.फिल., पॉलिटेक्निक, अभियांत्रिकी, वैद्यकीय शिक्षण तसेच इतर विविध अभ्यासक्रमांमध्ये शिक्षण घेणाऱ्या ज्या विद्यार्थ्यांना वसतिगृहात प्रवेश मिळणार नाही, त्यांना ‘स्वयंम’ योजनेच्या धर्तीवर थेट आर्थिक मदत उपलब्ध करून दिली जाईल, असे आश्वासन पालकमंत्र्यांनी दिले आहे. पालकमंत्र्यांच्या या आश्वासनानंतर विद्यार्थ्यांनी आपले बेमुदत ठिय्या आंदोलन तूर्तास स्थगित केले आहे. बाईट १) ,२) आंदोलक आदिवासी विद्यार्थी बाईट ३) विकास राचेलवार, प्रकल्प अधिकारी, एकात्मिक आदिवासी प्रकल्प, चंद्रपूर आशीष अम्बाडे झी मीडिया चंद्रपूर
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