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NAGESHWER NATH SINGHNAGESHWER NATH SINGHFollow23 Nov 2024, 09:03 am

इटियाथोक -पुलिस भर्ती लिखित परीक्षा में एक ही गांव के दस अभ्यर्थी उत्तीर्ण :खुशी की लहर

Itia Thok, Uttar Pradesh:

उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही पदों पर भर्ती के लिए हुई लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित हो गया है। इसमें इटियाथोक क्षेत्र के करुवा पारा गांव के दस अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए हैं।एक साथ गांव में नौ युवक व एक युवती के पास होने पर खुशी का माहौल है।जल्दी ही यूपी पुलिस में सिपाही बनने का उनका सपना पूरा हो जाएगा।गुरुवार को भर्ती की लिखित परीक्षा का परिणाम आया।जिसमें अमन पांडे,शिवम ओझा,आलोक मिश्रा,सुधीर पांडे,प्रवेश पांडे,नवनीत कुमार तिवारी,हरिओम मिश्र,अनामिका,विवेक पांडे व शिवपूजन,उत्तीर्ण हुए हैं।

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सहारनपुर: गंगोह पुलिस ने हत्या प्रयास के दो वांछित आरोपियों को दबोचा

NJNEENA JAINJust now
Saharanpur, Uttar Pradesh:गंगोह पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में दो वांछित आरोपी दबोचे सहारनपुर के थाना गंगोह पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में वांछित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर लखनौती गांव के टैम्पू स्टैंड से सद्दाम पुत्र नानू और फाजिल पुत्र मुस्तफा को गिरफ्तार किया। दोनों पर वादी के भाई के साथ मारपीट, गाली-गलौज और जानलेवा हमला करने का आरोप है। मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कार्रवाई की गई। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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UP ATS ने बुलंदशहर से आतंक नेटवर्क के 2 अभियुक्त गिरफ्तार; शहजाद भट्टी-आबिद जट्ट लिंक

Noida, Uttar Pradesh:पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी एवं आबिद जट्ट के आतंकी नेटवर्क के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में एटीएस उत्तर प्रदेश द्वारा दिनांक 17-06-2026 को जनपद बुलन्दशहर से इस नेटवर्क से जुड़े 02 अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्त सोशल मीडिया के माध्यम से स्लीپر सेल तैयार करने, भय एवं आतंक का माहौल उत्पन्न करने तथा संवेदनशील स्थलों की रेकी जैसी गतिविधियों में संलिप्त थे। उल्लेखनीय है कि पूर्व मे इस प्रकरण में 05 अभियोग पंजीकृत कर कुल 15 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अभियुक्तों की गिरफ्तारी एवं UPATS द्वारा की जा रही कार्यवाही के संबंध में अपर पुलिस महानिदेशक, कानून एवं व्यवस्था, उत्तर प्रदेश, श्री अमिताभ यश की बाइट।
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बिहार पुलिस ने लालू-राबड़ी की सुरक्षा स्थिति स्पष्ट की

Patna, Bihar:पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा को लेकर काफी राजनीति हो रही है। दोनों नेताओं ने पहले अपनी सुरक्षा वापस कर दी थी, जिसके बाद RJD ने सरकार पर लगातार हमले किए थे। अब बिहार पुलिस ने इस मामले पर एक्स पर पूरी जानकारी दी है। पुलिस ने बताया कि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को बिहार विशेष सुरक्षा दल अधिनियम-2010 के तहत सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है। इसमें बुलेटप्रूफ गाड़ियों भी शामिल हैं। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, दोनों नेताओं को बिहार सरकार के 2 मई 2017 के प्रस्ताव के मुताबिक अंगरक्षक, घर की सुरक्षा, एस्कॉर्ट गार्ड, पायलट और बीआर कार दी गई है। इसके अलावा सादे कपड़ों में SB कंपोनेंट के सुरक्षाकर्मी भी उपलब्ध कराए गए हैं। आरजेडी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा की सुरक्षा प्राप्त और अप्राप्त का नहीं है। दोनों पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती राबड़ी देवी जी और लालू प्रसाद जी। श्रीमती राबड़ी देवी जी नेता प्रतिपक्ष भी हैं? विधान परिषद के अंदर। जो Z प्लस (Z ) की सुरक्षा प्राप्त थी, जिसमें स्पेशल ब्रांच की जो शिफ्ट वाइज के हिसाब से 12 थी। आदरणीय लालू प्रसाद जी के सुरक्षा में भी जो स्पेशल ब्रांच की संख्या थी वो भी कमोबेश इतना ही था। उसके इंचार्ज इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी थे वहां दोनों के। उसमें कटौती की गई। बीएमपी (BMP) जो हाउस गार्ड में था उसमें कटौती की गई। और जो संख्या बल था सुरक्षाकर्मियों का उसमें कटौती की गई। तो सवाल तो यही था ना कि पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा में कटौती क्यों? क्या आपके भाव दुराग्रह के हैं? या पॉलिटिकल वेंडेटा (राजनीतिक प्रतिशोध) का हिस्सा हैं? आपकी ये कार्रवाई? हम तो यही मानते हैं। आज पुलिस विभाग ने जो जारी किया हैं? एक्स (X) पे, ट्विटर पे, ये बात तो प्रेस कॉन्फ्रेंस करके भी कह सकते थे पुलिस हेडक्वार्टर। लेकिन ये बात तो स्पष्टता के साथ हैं? ना कि कटौती की गई है। जिन सुरक्षा को लेने से उन्होंने इंकार किया कि अब जनता सुरक्षा करेगी। तो आप जो हैं? अपनी बात को जिस रूप में एक्स (X) पर लिख रही हैं? तो स्वीकार करना चाहिए कि हमने कटौती इतनी की है, इतनी थी हमने इतनी काटी। ये कहां वर्णित किया है? बाइट– शक्ति यादव मुख्य प्रवक्ता आरजेडी ब Bihar police जो बयान ट्विटर और एक्स पे अपलोड कर रही है, वो बयान आकर सार्वजनिक तौर पर दे दे और ये दिखा दे कि आखिर लालू परिवार को कितनी सुरक्षा मिली है। जब वहां उनके आवास पर कोई पुलिस अधिकारी मौजूद ही नहीं है, कोई सुरक्षा मौजूद ही नहीं है, तो इस तरीके के बयान जारी करने के पीछे मंशा स्पष्ट तौर पर दिख रही है कि सरकार के आदेश पर इस तरीके के बयान जारी हो रहे हैं। कम से कम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बाकायदे इसका खंडन कर देती कि कोई सुरक्षा वहां पर मौजूद है या नहीं है। ब Bite– डॉ. स्नेहाशीष वर्धन, प्रवक्ता, बिहार कांग्रेस ब Bihar government के मंत्री मदन साहनी ने कहा पुलिस विभाग का ही काम है ना, सुरक्षा प्रदान करना। तो ये तो वो स्पष्ट कर रहे हैं ना कि उनको जितना पर्याप्त जो है सो सुरक्षा प्रदान किया गया है। उसके बावजूद भी अगर वो चाहत रखते हैं तो वो गलत है ब Bite– नवल यादव एमएलसी बीजेपी बिहार सरकार इसके खिलाफ भी नहीं थी कभी कि उनका सुरक्षा वापस ले लिया जाए या उनको कोई तंग तबाह किया जाए। वो तो जानबूझ के अपना एक न्यूज़ में बने रहने के लिए... ये जो उनके परिवार के लोग हैं, लालू जी तो अपने कुछ बोलते भी नहीं हैं? अब तो उनकी तबियत खराब है। तो अब उन लोगों को अब ज्यादा सुरक्षा की... कहां जाते हैं? लालू जी की ज्यादा सुरक्षा की जरूरत है? लालू जी, राबड़ी जी जाते कहां हैं? तो और सरकार ने सुरक्षा दे ही दिया हैं? तो ये कोई तो कंट्रोवर्सियल बात हैं? नहीं। पैर पटकने से कुछ होने वाला नहीं हैं? अब थोड़ा यकीन करना चाहिए कि समय परिवर्तनशील है। जो समय कल का था वो आज समय नहीं है, आज जो हैं? वो कल नहीं रहेगा। ये परिवर्तनशील हैं? और मोह ममता थोड़ा त्यागें और उसी में काम चलाएं। बाइट– नवल यादव एमएलसी बीजेपी
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टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ बांदा के शिक्षकों ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा

Banda, Uttar Pradesh:बांदा: टीईटी लागू होने के पूर्व से सेवारत शिक्षकों पर अब जबरन टीईटी अनिवार्यता थोपने के विरोध में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ बांदा ने अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ एवं राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश के आवाहन पर जिला मुख्यालय जिलाधिकारी कार्यालय में एकत्र होकर प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी बांदा को सौंपा। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला अध्यक्ष पंकज सिंह ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 1 सितंबर 2025 एवं पुनर्विचार याचिका में 29 मई 2026 को दिए गए निर्णय से देश के लगभग 30 लाख शिक्षकों में गहरी चिंता, पीड़ा एवं असुरक्षा की भावना व्याप्त है। इन सभी शिक्षकों का भविष्य अंधकार में है। भारतीय विधिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था का यह स्थापित सिद्धांत है कि कोई भी नियम, अधिसूचना अथवा नीति सामान्यतः उसके प्रवर्तन की तिथि से प्रभावी होती है ना कि पूर्व की तिथि से। पूर्व में विधिवत संपन्न नियुक्तियों तथा अर्जित सेवा अधिकारों पर बाद में निर्मित पात्रता मानदंडों को लागू करना प्राकृतिक न्याय, समानता तथा विधिक निश्चितता के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ सदैव शिक्षक शिक्षा और समाज के हितों को लेकर के काम करता है। वर्तमान समय में शिक्षकों पर टीईटी थोप कर एक गंभीर समस्या उत्पन्न की गई है इसके निराकरण हेतु राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने निराकरण होने तक आंदोलन की रणनीति बनाई है। आंदोलन के प्रथम चरण में देशभर के समस्त जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करते हुए माननीय प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं संबंधित प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजा जा रहा है। तत्पश्चात यदि मांगे पूरी नहीं होती है तो राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ द्वारा सड़क से लेकर सदन तक भरने का काम किया जाएगा परंतु किसी भी शिक्षक की नौकरी पर आँच नहीं आने दी जाएगी। आंदोलन के प्रथम चरण के क्रम में आज 18 जून 2026 को दोपहर 3:30 बजे जिलाधिकारी कार्यालय पर सैकड़ो शिक्षकों की उपस्थिति में माननीय प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री जी एवं उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी के माध्यम से भेज कर यह मांग की गई है कि भारत सरकार संवेदनशीलता दूरदर्शिता एवं न्यायपूर्ण दृष्टिकोण का परिचय देते हुए संसद में उपयुक्त विधायी संशोधन अथवा विशेष प्रावधान लाकर शिक्षकों को स्थाई राहत प्रदान करे। सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को स्पष्ट दिशा निर्देश जारी कर शिक्षकों में व्याप्त असमंजस एवं सुरक्षा की स्थिति का तत्काल निराकरण करे। ज्ञापन कार्यक्रम में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के समस्त जिला एवं ब्लॉक पदाधिकारियों सहित सैकड़ो शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
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कॉलेज आळी छोरी होगी सैट कंडक्टर कै गाने पर विवाद, महिला आयोग तक पहुंचा मामला

Jhanj Kalan, Haryana:हरियाणवी गाने ‘टटीरी’ के बाद अब ‘कॉलेज आळी छोरी होगी सैट कंडक्टर कै’ गाना विवादों में घिर गया है। बीबीपुर गांव के पूर्व सरपंच और ‘सेल्फी विद डॉटर’ अभियान के संस्थापक सुनील जागलान ने इस गाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए सरकार से कार्रवाई की मांग की है। सुनील जागलान ने कहा कि ऐसे गाने समाज के ताने-बाने को नुकसान पहुंचाते हैं और युवाओं पर भी गलत प्रभाव डालते हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार इस गाने पर संज्ञान ले और फिल्मों एवं गीतों की सामग्री की समीक्षा के लिए एक प्रभावी सेंसर व्यवस्था बनाई जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार के गीतों का निर्माण रोका जा सके। उन्होंने कहा कि बेटियों और महिलाओं को लेकर इस्तेमाल किए गए शब्द और प्रस्तुति आपत्तिजनक हैं। जागलान ने गाने को शर्मनाक बताते हुए कहा कि ऐसे कलाकार हरियाणा की संस्कृति का प्रतिनिधित्व नहीं करते, बल्कि उसे नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से भी ऐसे गीतों के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। गौरतलब है कि ‘कॉलेज आळी छोरी होगी सैट कंडक्टर कै’ गाने में नवीन नारू कंडक्टर की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि हरियाणवी मॉडल सोनिका ने लड़की का किरदार निभाया है। गाने में कुछ दृश्य ऐसे हैं जिन पर आपत्ति जताई जा रही है। विरोध करने वालों का कहना है कि ‘टटीरी’ गाने की तरह इसमें भी लड़कियों को प्राइवेट बस की छत पर नाचते हुए दिखाया गया है। इस गाने के खिलाफ सोशल मीडिया पर विरोध शुरू हो चुका है और मामला महिला आयोग तक भी पहुंच गया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या सरकार ‘टटीरी’ गाने की तरह इस मामले में भी कोई कार्रवाई करती है या नहीं।
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हाथरस: कब्जे के दावे पर नगरपालिका-भीम आर्मी के बीच तकरार, दस्तावेज जरूरी

Hathras, Uttar Pradesh:हाथरस- नगर पालिका की भूमि पर कब्जे का दावा मौके पर हुआ जमकर हंगामा नगर पालिका और पुलिस कर्मियों से हुई नोकझोंक दस्तावेज न होने पर कार्रवाई रुकी हाथरस में सदर कोतवाली क्षेत्र के बाग मूला चौराहा स्थित एक विवादित भूमि को कब्जा मुक्त कराने के लिए बुधवार को नगर पालिका की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। हालांकि भूमि स्वामित्व से संबंधित आवश्यक अभिलेख तत्काल प्रस्तुत न किए जा सकने के कारण नगर पालिका की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी और टीम को बिना किसी कार्रवाई के वापस लौटना पड़ा。 मौके पर निवास कर रहे परिवार ने दावा किया कि वे पिछले लगभग 25 वर्षों से उक्त भूमि पर रह रहे हैं। परिवार के सदस्यों का कहना है कि वे भूमि का किराया नियमित रूप से न्यायालय में जमा करते आ रहे हैं तथा उनके पास इससे संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध हैं। परिवार ने नगर पालिका के भूमि स्वामित्व के दावे पर भी सवाल उठाए। नगर पालिका की कार्रवाई की सूचना मिलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए। इसी दौरान भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गए। इस दौरान नगर पालिका अधिकारियों, पुलिस प्रशासन और भीम आर्मी कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस और नोकझोंक देखने को मिली। स्थिति तनावपूर्ण होती देख पुलिस बल ने हस्तक्षेप कर माहौल को शांत कराया। भूमि के स्वामित्व और कब्जे को लेकर दोनों पक्षों के दावे सामने आने से मामला फिलहाल विवादित बना हुआ है। दस्तावेजों की अनुपलब्धता के कारण नगर पालिका की कार्रवाई अधूरी रह गई और टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा。 प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार अब भूमि से संबंधित अभिलेखों और स्वामित्व के दावों की जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई किए जाने की संभावना है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
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गंगापुर शहर शिविर: SDM ने सभी प्रकरण मौके पर निस्तारण के निर्देश दिए

Noida, Uttar Pradesh:Breaking news गंगापुर में शहरी सेवा शिविर में पहुंचे एसडीएम, लंबित प्रकरणों के निस्तारण के दिए निर्देश गंगापुर - दिनांक 18 जून को राज्य सरकार के निर्देशानुसार नगर पालिका गंगापुर द्वारा संचालित शहरी सेवा शिविर अभियान -2026 के अंतर्गत आयोजित शिविर में आमजन की समस्याओं के निराकरण एवं विभिन्न सेवाओं के त्वरित निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया। शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं एवं आवेदन प्रस्तुत किए। शिविर का निरीक्षण प्रशासक एवं उपखण्ड अधिकारी विवेक गुर्जर द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिविर में प्राप्त आवेदनों एवं लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए । उपखण्ड अधिकारी विवेक गुर्जर ने शिविर में उपस्थित कार्मिकों को नागरिकों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहते हुए त्वरित कार्यवाही करने तथा अधिकतम प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रशासन को आमजन के द्वार तक पहुंचाना है तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ सरलता से उपलब्ध कराया जाना चाहिए। शिविर के दौरान भूमि एवं पट्टा संबंधी प्रकरण, नामांतरण, भवन निर्माण स्वीकृति, जन्म-मृत्यु पंजीयन, स्ट्रीट लाइट, सफाई व्यवस्था एवं अन्य नागरिक सुविधाओं से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ की गई। अनेक प्रकरणों का मौके पर ही समाधान कर आमजन को राहत प्रदान की गई।
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आफताब अहमद ने मेवात में गुटबाजी पर तीखा वार

Nuh, Haryana:आफताब अहमद ने काश नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष को लेकर तंज। मेवात में सियासत एक बार फिर गरमा गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के उस बयान पर अब कांग्रेस का पलटवार आया है जिसमें उन्होंने कांग्रेस को गुटबाजी की शिकार और खत्म होने वाली पार्टी बताया था। नूंह से कांग्रेस विधायक चौधरी आफताब अहमद ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का फर्क है। आफताब अहमद ने कहा कि आज मेवात में विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं। भाजपा का "सबका साथ, सबका विकास" का नारा सिर्फ एक नारा बनकर रह गया है। उन्होंने आगे कहा कि आज भाजपा की अंदरूनी फूट पूरे प्रदेश के सामने है। भाजपा खुद गुटबाजी से जूझ रही है। वहीं कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं है और पार्टी पूरी तरह एकजुट होकर आगामी चुनावों की तैयारी में जुटी है। भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। देखना होगा कि आने वाले दिनों में सियासी पारा और कितना चढ़ता है。
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नोएडा में फर्जी लॉटरी गैंग का पर्दाफाश, 10 आरोपी गिरफ्तार

Noida, Uttar Pradesh:फर्जी लॉटरी गैंग का भंडाफोड़, ठगी करने वाले 10 आरोपी गिरफ्तार, साउथ इंडियन राज्यों के लोगों को बनाते थे निशाना नोएडा के थाना फेस-3 पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने सोशल मीडिया के माध्यम से लॉटरी का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले एक बड़े साइबर गैांग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 10 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से ठगी में प्रयुक्त 20 मोबाइल फोन, 4 डेबिट कार्ड और 10,200 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। एडीसीपी सेंट्रल नोएडा स्वतंत्र सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान एलन एंटनी, अंकित कुमार, राहुल, शकील, राजशेखर, गुरु प्रसाद, विनय डीपी, विनोद कुमार, संतोष और चेतन के रूप में हुई है। सभी को सेक्टर-121 स्थित एक फ्लैट से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार पिछले करीब दो महीनों से एनसीआरपी पोर्टल और समन्वय पोर्टल पर संदिग्ध मोबाइल नंबरों, आईएमईआई और बैंक खातों से संबंधित शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। जांच में पता चला कि कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में इस गिरोह के खिलाफ करीब 18 शिकायतें दर्ज हैं। साइबर सेल और स्थानीय पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि आरोपी लगातार फर्जी बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और सिम कार्डों का इस्तेमाल कर रहे थे, ताकि उनकी पहचान न हो सके। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी लॉटरी और इनाम जीतने के विज्ञापन प्रसारित करते थे। विज्ञापनों में अपना संपर्क नंबर साझा कर लोगों को आकर्षित किया जाता था। संपर्क करने वाले लोगों को मात्र 50 रुपये में फर्जी लॉटरी टिकट भेजा जाता था। इसके बाद पीड़ितों को 12 लाख रुपये की लॉटरी निकलने का झांसा दिया जाता था और टीडीएस, जीएसटी, एनओसी, इनकम टैक्स क्लीयरेंस, आरबीआई क्लीयरेंस और फाइनल ट्रांसफर चार्ज जैसे विभिन्न शुल्कों के नाम पर अलग-अलग किश्तों में रकम वसूली जाती थी। पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह मुख्य रूप से दक्षिण भारत के लोगों को निशाना बनाता था। आरोपी उनकी स्थानीय भाषा में बातचीत कर विश्वास जीतते थे। ठगी को विश्वसनीय बनाने के लिए फर्जी आयकर विभाग और भारतीय रिजर्व बैंक के प्रमाण पत्र तैयार कर व्हाट्सएप के माध्यम से भेजे जाते थे। एडीसीपी स्वतंत्र सिंह ने बताया कि गिरोह किसी व्यक्ति के झांसे में आने के बाद उससे 2 से 2.5 लाख रुपये तक की ठगी कर लेता था। पुलिस को 17 और 18 जून की रात करीब 1:30 बजे सेक्टर-121 स्थित फ्लैट नंबर-302 के संबंध में सूचना मिली थी। इसके बाद थाना फेस-3 पुलिस और साइबर सेल की टीम ने संयुक्त छापेमारी कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों को फर्जी बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाला एक अन्य व्यक्ति भी जांच के दायरे में है। पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपी लगातार मोबाइल नंबर और सिम बदलते रहते थे तथा इस्तेमाल के बाद सिम कार्ड नष्ट कर देते थे। फिलहाल पुलिस आरोपियों के नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी है。
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राजस्थान विधानसभा के द्वारों के नामकरण से संस्कृति और लोकतंत्र की नई पहचान

Jaipur, Rajasthan:जयपुर vishnu राजस्थान विधानसभा अब सिर्फ कानून बनाने का सदन नहीं, बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनसेवा के संकल्प का जीवंत प्रतीक भी बन गई है। भवन के सभी प्रमुख द्वारों के नाम क्षेत्रीय विरासत की पहचान, माननीयों से लेकर जनता-अफसरों को उनके कर्तव्यों का बोध करा रहे हैं। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का कहना है कि विधानसभा में द्वारों का नामकरण नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा को साकार करने का प्रयास है। देखिए यह खास रिपोर्ट। राजस्थान विधानसभा के मुख्य भवन में प्रवेश करते ही अब राजस्थान की संस्कृति, परंपरा और गौरवशाली विरासत का अहसास होगा। विधानसभा के मुख्य भवन के पांच और बाहरी परिसर के आठ द्वारों को अब नाम से पहचाना जा रहा है। मुख्य भवन और परिसर के दरवाजों को अब विशेष नाम दिए गए हैं। हर द्वार का नाम प्रदेश की सांस्कृतिक भौगोलिक और खुद की चेतना को जगाने की शक्ति का प्रतीक बना हुआ है। यानी अब विधानसभा में घुसते ही लोगों को प्रदेश की सांस्कृति की झलक दिखेगी। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी कहते हैं कि मुख्य दरवाजों को दिशा के नाम अर्थात पूर्वी, पश्चिमी, उत्तरी और दक्षिणी द्वारों के नाम से जाना था, वहीं पहले परिसर के दरवाजों का संख्या के आधार पर था। इन्हें अपनी माटी या सांस्कृतिक अपनत्व का भाव नहीं झलकता था। महज एक संख्या या दिशा सूचक जान पड़ता था। देवनानी कहते हैं कि फिर मन में विचार आया कि इनका नाम ऐसा हो जिससे विधानसभा में प्रवेश करने वाला हर व्यक्ति चाहे वो आम हो या खास, सभी प्रेरणा ले सके। इसके बाद विधानसभा के द्वारों का नामकरण और नए LOGO को लेकर विचार आया। करीब तीन महीने के विचार और मशक्कत के बाद इनके नाम रखे गए हैं। इसमें LOGO को लेकर प्रदेश की विरासत की जीवंत झलक के रूप में साकार करने के लिए डिजाइन तय की गई। मुख्य भवन के पांच दरवाजों के ये नाम ..... विधानसभा भवन का सबसे महत्वपूर्ण मुख्य प्रवेश द्वार, जहां से राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष प्रवेश करते हैं, उसे "कर्तव्य द्वार" नाम दिया गया है। देवनानी कहते हैं कि ताकि इन्हें यह स्मरण रहे कि लोकतंत्र में सबसे बड़ा पद कर्तव्य पालन का है। जनता के प्रति जवाबदेही ही इनका वास्तविक धर्म है। शौर्य द्वार - विशिष्ट अतिथियों के प्रवेश के लिए , इन्हें राजस्थान की वीरता और बलिदान की परंपरा, हल्दीघाटी से लेकर आधुनिक भारत तक के शौर्य की स्मृतियों का स्मरण करा रहा। सुशासन द्वार - विधायकों के प्रवेश के लिए द्वार, विधायकों को याद दिलाएगा कि पारदर्शी, संवेदनशील और जनकल्याणकारी सुशासन के लिए काम करना है संकल्प द्वार: अधिकारियों के प्रवेश के लिए द्वार, अधिकारियों को याद दिलाएगा कि जनता के कल्याण और विकसित राजस्थान व भारत के संकल्प को लेकर काम करना है शक्ति द्वार - आमजन और आगंतुकों के प्रवेश का दरवाजा , केवल सत्ता की ताकत नहीं बल्कि नारी शक्ति, जनशक्ति और आत्मशक्ति का संदेश देगा। लोकतंत्र की सामूहिक शक्ति, जनता में है, यह द्वार अभिव्यक्त करेगा। इसी तरह विधानसभा के बाहरी परिसर के आठ द्वारों का नामकरण राजस्थान के विभिन्न सांस्कृतिक अंचलों के नाम पर किया गया है। गेट संख्या 1- बृज द्वार गेट संख्या 2 - शेखावाटी द्वार गेट संख्या 3 - वागड़ द्वार गेट संख्या 4 - मेवाड़ द्वार गेट संख्या 5 - मारवाड़ द्वार गेट संख्या 6 - हाड़ौती द्वार गेट संख्या 7 -मेरवाड़ा द्वार गेट संख्या 8 - ढूंढाड़ द्वार 75 साल पूरे होने पर पहली बार विधानसभा का खुद का अपना LOGO भी बनाया गया है। विधानसभा के नए लोगो में राजस्थान की पहचान को प्रमुखता से स्थान दिया गया है। इसमें राज्य पशु ऊंट, राज्य पक्षी गोडावण, राज्य वृक्ष खेजड़ी और राज्य पुष्प रोहिड़ा को शामिल किया गया है। logo के शीर्ष पर अशोक स्तंभ स्थापित किया गया है, जो संविधान, न्याय और कर्तव्यनिष्ठ शासन का प्रतीक माना जाता है। विधानसभा के प्रतीक चिह्न का मूल वाक्य रखा गया है – "राष्ट्राय धर्म निष्ठा विधायिका"। इसका अर्थ है राष्ट्रहित में न्यायपूर्ण और कर्तव्यनिष्ठ विधायिका। देवनानी का कहना है कि विधानसभा सत्ता के अहंकार से नहीं बल्कि सेवा के संस्कारों से संचालित होनी चाहिए। देवनानी का कहना है कि ये केवल भौगोलिक पहचान नहीं हैं बल्कि राजस्थान की विविध सांस्कृतिक विरासत को लोकतंत्र से जोड़ने का प्रयास हैं। हर द्वार अपने साथ एक इतिहास, एक संस्कृति और एक मूल्य लेकर खड़ा है। विधानसभा में आने वाली नई पीढ़ियां अब केवल लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को ही नहीं समझेंगी, बल्कि इन प्रतीकों और द्वारों के माध्यम से राजस्थान की संस्कृति, इतिहास और मूल्यों को भी करीब से जान सकेंगी।
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