icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
271003
KAILASH NATH VERMAKAILASH NATH VERMAFollow23 Jan 2025, 08:56 am

Gonda-नमो ड्रोन दीदी योजना में महिलाओं को मिलेगा तकनीकी दक्षता और आत्मनिर्भरता का अवसर

Gonda, Uttar Pradesh:

कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहन देने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई नमो ड्रोन दीदी योजना जनपद गोंडा में सकारात्मक और प्रभावशाली परिणामों के साथ आगे बढ़ रही है।इस योजना के तहत जिले के सात संकुल स्तरीय संघों का चयन किया गया है। साथ ही,उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत "नमो ड्रोन दीदी के लिए ड्रोन पायलट और सहायक की चयन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।चयनित महिलाओं को प्रयागराज के फूलपुर स्थित इफको ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

पुलिसकर्मी ने अपने घर से दो बेटियों की शादी कर समाज को दी मिसाल

Alwar, Rajasthan:राजगढ/अलवर गरीब बेटियों के विवाह में पुलिसकर्मी बने सहारा, अपने घर से कराई शादी कोठीनारायणपुर (राजगढ़) क्षेत्र के पलवा गांव में मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल पेश करते हुए एक पुलिसकर्मी ने दो जरूरतमंद बेटियों के विवाह की पूरी जिम्मेदारी उठाई। पुलिस विभाग में कार्यरत भगवान सहाय मीणा और उनकी पत्नी मुस्कान मीणा ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की दो बेटियों की शादी अपने घर से विधि-विधान और उत्साह के साथ संपन्न कराई। बताया गया कि दोनों बेटियों की मां का पहले ही निधन हो चुका है, जबकि उनके पिता मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आर्थिक तंगी के चलते बेटियों के विवाह में कठिनाई आ रही थी। ऐसे में भगवान सहाय मीणा ने आगे आकर न केवल शादी का जिम्मा लिया, बल्कि अपनी पत्नी के साथ मिलकर कन्यादान भी किया और पिता का कर्तव्य निभाया। भगवान सहाय मीणा सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय रहते हैं। उनकी पत्नी मुस्कान मीणा भी सेवा भाव और आध्यात्मिक विचारों के लिए जानी जाती हैं। इस सराहनीय कार्य में उनके परिवार, विशेष रूप से उनके बड़े भाई का भी सहयोग रहा। विवाह समारोह में आसपास के गांवों के जनप्रतिनिधि और कई गणमान्य नागरिक शामिल हुए और इस पहल की सराहना की। यह आयोजन समाज में आपसी सहयोग और मानवीय संवेदनाओं का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया।
0
0
Report

दिल्ली के उपराज्यपाल ने 77 जल निकायों के त्वरित पुनर्स्थापन की योजना मंजूर की

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली के उपराज्यपाल ने गर्मी के आगमन के साथ डीडीए द्वारा प्रस्तुत प्रस्तुति की समीक्षा की। यह प्रस्तुति दिल्ली की अमूल्य लेकिन तेजी से बिगड़ती जलीय संपत्तियों के पुनरुद्धार और जीर्णोद्धार के लिए एक ठोस कार्य योजना को शीघ्रता से लागू करने के मेरे निर्देशों के बाद तैयार की गई थी। डीडीए 77 जल निकायों पर तत्काल कार्य शुरू कर रहा है - इनमें से 6 को अगले 30 दिनों के भीतर, 48 को 60 दिनों के भीतर और शेष 23 को 90 दिनों के भीतर बहाल कर दिया जाएगा। अन्य महत्वपूर्ण विकासात्मक पहलों, विशेष रूप से द्वारका, रोहिणी और नरेला उप-शहरों में परिवर्तनकारी बदलाव लाने के उद्देश्य से बनाई गई पहलों पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को सभी योजनाओं को तत्काल लागू करने और निर्धारित समय-सीमा का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की सलाह दी गई।
0
0
Report
Advertisement

मदर्स डे स्पेशल: प्रतापगढ़ के डॉ आस्था और आठ महिलाओं की मातृत्व सेवा का मिसाल

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिला अस्पताल का लेबर रूम सिर्फ एक वार्ड नहीं, बल्कि हर दिन नई जिंदगी का स्वागत करने वाला वह स्थान है, जहां दर्द, दुआ और खुशी एक साथ जन्म लेते हैं। यहां आने वाली हर महिला की आंखों में मां बनने का सपना होता है और उस सपने को पूरा करने की जिम्मेदारी निभाती हैं डॉ. आस्था घुनावत और उनकी आठ सदस्यीय महिला टीम। यह टीम सिर्फ अस्पताल का स्टाफ नहीं, बल्कि ममता और सेवा का जीवंत उदाहरण है। डॉक्टर आस्था सहित निर्मला, रेखा, कंचन, नार्थी, मधु, अंजू, लीला और सोनिया सभी शादीशुदा महिलाएं हैं और कुल मिलाकर 17 बच्चों की मां हैं। लेकिन जब अस्पताल में किसी महिला की प्रसव पीड़ा बढ़ती है, तब ये महिलाएं अपने बच्चों की चिंता दिल में दबाकर अस्पताल पहुंच जाती हैं। जिले में वर्तमान में डॉ. आस्था घुनावत ही अकेली महिला गायनिक डॉक्टर हैं। नवंबर 2025 में जॉइन करने के बाद से उन्होंने अपनी जिम्मेदारी को सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम बना लिया है। खुद एक साल की बेटी राधा की मां होने के बावजूद, हर पांचवें दिन रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक की ड्यूटी निभाते हुए वे अपनी मासूम बच्ची को परिवार के भरोसे छोड़ देती हैं, ताकि किसी दूसरी महिला की गोद सूनी न रहे। डॉ. आस्था कहती हैं कि जब किसी नवजात की पहली किलकारी सुनाई देती है, तब सारी थकान और अपने बच्चे से दूर रहने का दर्द पलभर में खत्म हो जाता है। शायद यही मातृत्व का सबसे बड़ा रूप है, जहां एक मां अपने बच्चे के साथ-साथ अनगिनत परिवारों की खुशियों की भी जिम्मेदारी उठाती है। लेबर रूम के आंकड़े भी इस सेवा की गवाही देते हैं। साल 2025 में यहां 6969 महिलाओं का सुरक्षित प्रसव कराया गया, जबकि 6808 बच्चों ने जन्म लिया। वहीं साल 2026 में अब तक 2066 महिलाओं की डिलीवरी कराई जा चुकी है और 2051 नवजात इस दुनिया में आए हैं। यानी हर महीने औसतन 250 से ज्यादा महिलाओं को मां बनने का सुख यह टीम दे रही है। इस टीम में शामिल मधु सिस्टर की कहानी हर किसी को भावुक कर देती है। पिछले चार वर्षों से लेबर रूम में तैनात मधु हर महीने 250 से अधिक प्रसव करवाती हैं। उनके पति दूसरे शहर में नौकरी करते हैं। ऐसे में उनकी 11 साल की बेटी तेजस्वी और 9 साल का बेटा रुद्राक्ष कई रातें मां के बिना घर पर रहते हैं। महीने में सात रातें मधु अस्पताल की ड्यूटी में बिताती हैं। मधु कहती हैं कि बच्चों की चिंता हर मां को होती है, लेकिन जब अस्पताल में कोई महिला सुरक्षित बच्चे को जन्म देती है और उसके चेहरे पर मुस्कान आती है, तब लगता है कि शायद भगवान ने उन्हें इसी काम के लिए चुना है। प्रतापगढ़ जिला अस्पताल का यह लेबर रूम सिर्फ इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि उन मांओं की कर्मभूमि है, जो अपने घर की ममता बांटकर हजारों परिवारों की जिंदगी में खुशियां भर रही हैं। मदर्स डे पर इन महिलाओं का समर्पण यह सिखाता है कि मां का अर्थ सिर्फ अपने बच्चे तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह हर उस जिंदगी से जुड़ जाता है, जिसे वह मुस्कुराने का कारण देती है।
0
0
Report

यमुनानगर के छछरौली में पगड़ी बेअदबी पर सिखों का भारी रोष, हाईवे पर प्रदर्शन

Yamuna Nagar, Haryana:यमुनानगर जिले के छछरौली क्षेत्र में दो सिख युवकों के साथ कथित मारपीट और पगड़ी की बेअदबी का मामला अब तूल पकड़ रहा है। सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सिख समाज में भारी रोष देखने को मिला। गुस्साए लोगों ने पहले छछरौली थाने का घेराव किया और बाद में नेशनल हाईवे पर जाम लगाकर जोरदार प्रदर्शन किया। पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद ही प्रदर्शनकारी शांत हुए। 29 अप्रैल को छछरौली के गांव गनौला में दो सिख युवाओं के साथ मारपीट और उनकी पगड़ी की बेअदबी का मामला सामने आया। घटना का वीडियो वायरल होते ही सैकड़ों की संख्या में सिख समाज के लोग छछरौली थाने पहुंचे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि कई घंटे बीत जाने के बावजूद थाना प्रभारी राजपाल मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे लोगों में और नाराजगी फैल गई। करीब तीन घंटे तक इंतजार के बाद प्रदर्शनकारियों ने थाने से नेशनल हाईवे तक मार्च निकाला और बीच बाजार पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। हालात उस समय और तनावपूर्ण हो गए जब प्रदर्शनकारियों ने हाईवे पर धरना देकर जाम लगा दिया। सिख समाज के लोगों ने कहा कि यह केवल मारपीट नहीं बल्कि उनकी धार्मिक आस्था और सम्मान पर हमला है। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की। थाना प्रभारी राजपाल और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए DSP आशीष चौधरी और DSP रजत गुलिया मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को शांत कराने का प्रयास किया और भरोसा दिलाया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
0
0
Report
Advertisement

बरगदही ग्राम पंचायत घोटाला: अमृत सरोवर और खड़ंजा मामलों की जांच तेज

Balrampur, Uttar Pradesh:दो वर्षों में 20 शिकायतें,20 शिकायतों के बाद फिर मुख्यमंत्री तक पहुंचा बरगदही पंचायत का मामला, अब जांच के घेरे में बरगदही ग्राम पंचायत के विकास कार्य, अब आरोपों की जांच तेज बरगदही ग्राम पंचायत में कथित भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में अनियमितताओं का मामला एक बार फिर मुख्यमंत्री स्तर तक पहुंच गया है। पिछले करीब दो वर्षों से ग्रामीण लगातार शिकायतें कर रहे हैं और अब तक लगभग 20 बार मुख्यमंत्री कार्यालय समेत विभिन्न उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेज चुके हैं। लगातार शिकायतों के बाद अब पूरे मामले की प्रशासनिक जांच शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत बलरामपुर मुख्यालय से लगभग 9 किलोमीटर और विकासखंड मुख्यालय तुलसीपुर से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में ग्राम प्रधान व पूर्व पंचायत सचिव ने विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया और कई योजनाओं में केवल कागजों पर काम दिखाकर भुगतान निकाल लिया गया। ग्रामीणों के अनुसार सबसे बड़ा मामला अमृत सरोवर योजना से जुड़ा है। आरोप है कि अमृत सरोवर के नाम पर 14 लाख रुपये से अधिक की धनराशि निकाली गई, जबकि मौके पर कोई बड़ा कार्य नहीं कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब पहले से मौजूद था और केवल ट्रैक्टर से हल्का कार्य कराकर भुगतान निकाल लिया गया। लोगों का कहना है कि अमृत सरोवर योजनाओं में आमतौर पर बैठने की व्यवस्था, पाथवे, प्रकाश व्यवस्था और सौंदर्यीकरण जैसे कार्य कराए जाते हैं, लेकिन यहां ऐसी कोई सुविधा दिखाई नहीं देती। लोगों का यह भी कहना है कि इस अमृत सरोवर में सिर्फ बरसात के समय में पानी रहता है और पानी भी नहीं रहता है। जिससे इसका किसी को लाभ ही नहीं है। इसके अलावा खड़ंजा निर्माण में भी गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि केवल लगभग 14 मीटर खड़ंजा लगाया गया, जबकि अभिलेखों में 6500 ईंटों के उपयोग का उल्लेख किया गया है। पहले से जो खड़ंजा बना हुआ था उसे पर ही खड़ंजा निर्माण दिखाकर पैसा निकाल लिया गया है। पूर्व प्रधान द्वारा कराए गए कार्यों पर भी वर्तमान प्रधान द्वारा कार्य दिखाकर पैसा निकाला गया है।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत में कई अन्य कार्यों में भी इसी तरह अनियमितता कर सरकारी धन निकाला गया। सामुदायिक शौचालय को लेकर भी लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत स्तर पर बने शौचालय में हमेशा ताला लगा रहता है, वहां पानी की कोई व्यवस्था नहीं है और आम लोग उसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। इसके बावजूद नियमित भुगतान किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है। लगातार बढ़ती शिकायतों और ग्रामीणों के आक्रोश के बाद दो दिन पहले जनपद स्तर के अधिकारी गांव पहुंचे और विभिन्न विकास कार्यों की जांच की। जांच के दौरान कई बिंदुओं पर अनियमितताओं की पुष्टि होने की चर्चा ग्रामीणों के बीच बनी हुई है。 मामले में सुनील कुमार आर्य ने बताया कि ग्राम पंचायत से संबंधित लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके आधार पर जांच शुरू कराई गई है। टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया है और रिपोर्ट जिला स्तर पर भेज दी गई है। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। बयान - रमेश कुमार पाठक बयान - घनश्याम सिंह बयान - रामानंद वर्मा
0
0
Report
Advertisement

गिरिडीह में हाथी के हमले से महिला की मौत, जंगल-आबादी क्षेत्र में दहशत

Giridih, Jharkhand:गिरिडीह जिले के बिरनी थाना क्षेत्र के पंदना कला जंगल में शनिवार सुबह करीब 6 बजे जंगली हाथी ने एक महिला को कुचलकर मार डाला. मृतका की पहचान पंदनाकला निवासी पेमा साव की पत्नी के रूप में हुई है. जानकारी के मुताबिक महिला सुबह जंगल की ओर गई थी, तभी अचानक हाथी ने हमला कर दिया. घटना में महिला की मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है. स्थानीय लोगों ने वन विभाग को सूचना दी. वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है. हाथी के झुंड के जंगल से निकलकर आबादी क्षेत्र की ओर आने से ग्रामीणों में डर है. वन विभाग ने लोगों से जंगल और हाथी प्रभावित क्षेत्रों में अकेले न जाने और सतर्क रहने की अपील की है.
0
0
Report

जमशेदपुर के परसुडीह में स्कूल परिसर में नाबालिग का शव, दुष्कर्म के आरोपों की जांच

Jamshedpur, Jharkhand:जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत सोपोडेरा इलाके में उस वक्त सनसनी फैल गई,जब एक सरकारी स्कूल परिसर से एक नाबालिग लड़की का शव बरामद किया गया, घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है,प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थानीय लोगों ने शनिवार सुबह स्कूल परिसर के अंदर एक किशोरी का शव पड़ा देखा,शव मिलने की सूचना तुरंत परसुडीह थाना पुलिस को दी गई,सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी,स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाबालिग के साथ पहले दुष्कर्म किया गया और उसके बाद उसकी हत्या कर शव को स्कूल परिसर में फेंक दिया गया,हालांकि पुलिस ने अभी तक दुष्कर्म की पुष्टि नहीं की है,पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मामले का खुलासा हो सकेगा,घटना के बाद मौके पर भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई,लोगों ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है,वहीं पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच करने के साथ-साथ स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है,पुलिस ने और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है,घटना को लेकर इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है
0
0
Report
Advertisement

सिवनी में बाइक भिड़ंत: पति-पत्नी गंभीर घायल, चालक फरार

Seoni, Madhya Pradesh:बाइकों की भिड़ंत में पति-पत्नी गंभीर घायल सिवनी जिले के केवलारी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मरकावाड़ा और सांईखेड़ा के बीच शुक्रवार रात्रि दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। हादसे में एक बाइक पर सवार पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए। जबकि दूसरा बाइक सवार मौके से फरार हो गया, घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहगीरों द्वारा तत्काल घटना की सूचना डायल 108 एंबुलेंस सेवा को दी गई। सूचना मिलते ही 108 वाहन के चालक नीतेश कुमार दुबे एवं ईएमटी पूजा देशमुख मौके पर पहुंचे और घायलों को प्राथमिक उपचार देते हुए तत्काल केवलारी के सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों को गंभीर चोटें आई हैं और उनकी स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार घायल दंपती की पहचान विनोद बरकड़े (65 वर्ष) एवं उनकी पत्नी आशा बाई बरकड़े (62 वर्ष) निवासी ग्राम मरकावाड़ा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों किसी वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान मरकावाड़ा और सांईखेड़ा के बीच सामने से आ रही दूसरी बाइक से उनकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि एक बाइक में सवार पति पत्नी सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। और दूसरी बाइक में सवार बाइक लेकर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर एकत्र हो गई। ग्रामीणों ने घायलों की मदद करते हुए यातायात को भी नियंत्रित किया। हादसे की सूचना पुलिस को भी दी गई, जिसके बाद केवलारी थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top