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Kedar Nath VermaKedar Nath VermaFollow31 Dec 2024, 07:00 pm
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फारबिसगंज में दोहरे हत्याकांड एक महीना बाद भी प्रशासनिक कार्रवाई शून्य

Forbesganj, Bihar:अररिया के फारबिसगंज में हुए दोहरे हत्याकांड के एक महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस प्रशासन की कार्रवाई अबतक नगण्य है, पिछले महीने 8 अप्रैल को फारबिसगंज के मार्केटिंग यार्ड में रवि चौहान ने नबी हुसैन की गला काटकर हत्या कर दी थी जिसके बाद आक्रोशित भीड़ ने रवि चौहान की भी पीट पीट कर हत्या कर दी थी, इस दोहरे हत्याकांड के बाद सूखे नशे के चलन और मार्केटिंग यार्ड में अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाही की मांग उठी थी लेकिन एक महीने बीत जाने के बाद भी फारबिसगंज थानाक्षेत्र में नशे के कारोबारियों पर कोई कार्रवाई दिख रही है न ही मार्केटिंग यार्ड से अवैध अतिक्रमण को हटाया गया है, मौके का जायजा लिया
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कलयुगी पिता की क्रूरता विकलांग मासूम की गला दबाकर हत्या, शव को तालाब किनारे दफनाया

Lalit KumarLalit KumarFollow1m ago
Devchara, Uttar Pradesh:आंवला, सिरौली। रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज घटना में एक पिता ने अपने ही 9 वर्षीय विकलांग बेटे की कथित तौर पर गला दबाकर हत्या कर दी।साक्ष्य छिपाने के लिए आरोपी ने शव को तालाब के किनारे गड्ढे में दबा दिया। शनिवार को पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। विकलांगता से चिढ़ता था पिता घटना बीते रविवार, 3 मई की है। मोहल्ला गढ़ी निवासी अनिल का पुत्र कन्हैया जन्म से ही पूर्णतः विकलांग था। मृतक की मां संध्या का आरोप है कि अनिल अक्सर बच्चे की विकलांगता से परेशान रहता था। इसी चिढ़ में उसने रविवार को कन्हैया का गला घोंट दिया और गांव के पास स्थित तालाब किनारे उसे दफना दिया। मासूम के भाई-बहनों की गवाही से खुला राज इस अंधे कत्ल की गुत्थी मृतक के छोटे भाई-बहनों की गवाही से सुलझी। कन्हैया के 4 वर्षीय भाई अनमोल और 6 वर्षीय बहन वंदना ने पुलिस को बताया कि उन्होंने पिता को कन्हैया का गला दबाते देखा था। बच्चों की इस चश्मदीद गवाही ने पुलिस के संदेह को यकीन में बदल दिया। नायब तहसीलदार दीपक कुमार और थाना प्रभारी विनोद सिंह की मौजूदगी में चिन्हित स्थान की खुदाई की गई, जहाँ से कन्हैया का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। थाना प्रभारी विनोद सिंह ने बताया कि मां संध्या की तहरीर पर मामला दर्ज कर आरोपी पिता अनिल को हिरासत में ले लिया गया है। हालांकि, आरोपी का दावा है कि बच्चे की मौत बीमारी से हुई, लेकिन चश्मदीद बच्चों के बयान हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, मौत का सटीक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा, जिसके आधार पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश व्याप्त है।
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जयपुर की नाइट क्लीन स्वीप: क्या असर सच में टिकेगा?

Jaipur, Rajasthan:एंकर-जयपुर में रात के अंधेरे में नगर निगम का ऑपरेशन क्लीन स्वीप अभियान....स्कूटी पर हेलमेट लगाकर निकले कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त....दो हजार से ज्यादा सफाईकर्मी रातभर झाड़ू लेकर सड़कों और गलियों में उतरे…दावा किया गया कि सुबह होते ही परकोटा चमकता नजर आएगा…लेकिन सवाल है कि क्या ये सफाई अभियान सिर्फ कुछ घंटों की तस्वीरें बदलने तक सीमित रहा.....क्योंकि रात 1 बजे जो शहर चमकता दिखाया गया....वही शहर दोपहर 1 बजे फिर कचरे के ढेरों से पट गया.....यानी रात की चमक, दिन के उजाले में फीकी पड़ गई। जयपुर की परकोटा में शनिवार रात एक अलग ही तस्वीर नजर आई। रात के 1 बजे हेलमेट लगाए स्कूटी पर निकले जिला कलेक्टर संदेश नायक और नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा....चारदीवारी इलाके को 36 बीट्स में बांटकर 2 हजार सफाईकर्मियों, अधिकारियों और संसाधनों की फौज उतारी गई....हाथों में झाड़ू, हूपर, डंपर, हाथगाड़ी, फावड़ा, टॉर्च, गमबूट और विशेष नाइट जैकेट जैसे संसाधन उपलब्ध करवाए गए। और दावा शहरवासी सुबह जब जागेंगे तो जयपुर चमकता हुआ नजर आएगा। लेकिन सवाल ये है कि क्या शहर सच में चमका…या सिर्फ कैमरों के फ्लैश तक ही सफाई सीमित रह गया....क्योंकि जिस शहर को रातभर ऑपरेशन क्लीन स्वीप किया गया, उसी शहर की तस्वीर 12 घंटे बाद यानि दोपहर होते-होते फिर बदल गई। जहां रात में झाड़ू चल रही थी, वहीं दिन में गलियों के नुक्कड़ों पर फिर कचरे के ढेर नजर आए... कहीं हूपर नहीं पहुंचे... कहीं डोर-टू-डोर कलेक्शन की गाडियां नहीं पहुंचने पर सड़क पर कचरा सडकों पर आ गया और सबसे बड़ा सवाल खड़ा कर दिया अगर रोज सफाई होती है तो फिर स्वच्छता सेवा मैराथन, रंग दे गुलाबी और ऑपरेशन क्लीन स्वीप जैसे अभियान की जरूरत क्यों पड़ रही है....नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा का तर्क हैं की दिन में ट्रैफिक और भीड़ के कारण परकोटा क्षेत्र में सफाई प्रभावी ढंग से नहीं हो पाती, इसलिए रात में अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि जयपुर पूरी तरह साफ और व्यवस्थित दिखाई दे ताकि यहां आने वाले पर्यटकों पर शहर की अच्छी छवि बने। कसेरा ने कहा की निगम प्रशासन अपना काम कर रहा है लेकिन शहर को स्वच्छ बनाने में आमजन का सहयोग भी उतना ही जरूरी है। जयपुर में सिविक सेंस है, लेकिन कुछ लोग अब भी इधर-उधर कचरा फेंक देते हैं। ऐसे में समझाइश के बाद अब जुर्माना भी लगाया जाएगा। अभियान के दौरान कलक्टर और आयुक्त को कई स्थानों पर कचरे के ढेर भी दिखाई दिए...जिस पर अधिकारियों ने मौके पर ही संबंधित कर्मचारियों को सुधार के निर्देश दिए...इस दौरान उन्होंने सेग्रीगेशन को लेकर एक एक्स्ट्रा एफर्ट की जरूरत बताई......आगामी समय में सभी ट्रांसफर स्टेशन को मैकेनाइज्ड बनाया जाएगा। जयपुर जिला कलेक्टर संदेश नायक ने सूरत मॉडल लागू करने की बात कही है। लेकिन सूरत की सफलता सिर्फ मशीनों या नाइट क्लीनिंग से नहीं आई…वहां नियमित मॉनिटरिंग, सख्त जुर्माना, नागरिक अनुशासन और जवाबदेही साथ चली। कलेक्टर ने कहा कि नाइट स्वीपिंग को एक निरंतर प्रक्रिया के रूप में विकसित किया जाएगा और पूरे जिले की निकायों में भी इसको लागू किया जाएगा.....ताकि बड़े शहरों की तर्ज पर जयपुर भी स्वच्छता के मामले में नई पहचान बना सके। अगला बड़ा फोकस 'बिहेवियर चेंज' पर रहेगा, ताकि लोग घर से ही कचरे का सेग्रीगेशन करें और सड़क पर खुले में कचरा फेंकने से बचें। नायक ने कहा की अभी कई कमियां हैं, यानी सिस्टम अभी भी वर्क इन प्रोग्रेस में है। गौरतलब हैं की सफाई अभियान इवेंट मोड में ज्यादा और सिस्टम मोड में कम दिखाई देता है। असल समस्या सिस्टम और बिहेवियर दोनों की है... एक तरफ लोग डोर टू डोर कचरा संग्रहण की गाडी नहीं पहुंचने पर खुले में कचरा फेंक रहे हैं... तो दूसरी तरफ कचरा संग्रहण और सेग्रीगेशन की व्यवस्था भी अधूरी नजर आ रही है... सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सफाई अभियान रियल है या सिर्फ रील...क्योंकि कैमरों में स्कूटी पर निरीक्षण और सफाईकर्मियों को मिठाई खिलाने और कैमरों के सामने सफाई का उत्साह सबकुछ रील के लिए परफेक्ट था.. लेकिन दोपहर की तस्वीरों ने एक अलग ही कहानी कह दी। जहां कचरे के ढेर ये पूछते नजर आए...क्या सफाई सिर्फ फोटो-ऑप तक सीमित है....नगर निगम के लिए असली चुनौती एक रात का अभियान नहीं, बल्कि शहर की आदत बदलना है। जब तक हर मोहल्ले में तय समय पर कचरा संग्रहण, कचरा फैलाने वालों पर सख्ती, सेग्रीगेशन की अनिवार्यता, और सफाई व्यवस्था की निरंतर मॉनिटरिंग नहीं होगी, तब तक ऑपरेशन क्लीन स्वीप जैसे अभियान सिर्फ कुछ घंटों की चमक बनकर रह जाएंगे। बहरहाल, स्वच्छता सिर्फ एक रात का ऑपरेशन नहीं...बल्कि 24 घंटे की जिम्मेदारी है.. और जब तक सिस्टम, मॉनिटरिंग और जनता तीनों मिलकर काम नहीं करेंगे, तब तक जयपुर में ऑपरेशन क्लीन स्वीप सिर्फ अभियान बनकर रह जाएगा.. स्थायी समाधान नहीं। अब देखना ये होगा कि नगर निगम का ये नाइट मॉडल जयपुर को सच में क्लीन सिटी बनाता है... या फिर यह भी सिर्फ एक और रील बनकर फाइलों और सोशल मीडिया पोस्ट तक सिमट कर रह जाएगी। दीपक गोयल जी मीडिया जयपुर
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11 करोड़ मिड-डे मील घोटाले में एक और गिरफ्तारी, 14 आरोपी जेल

Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर में बहुचर्चित मध्यान्ह भोजन योजना घोटाले में रविवार को कोतवाली नगर पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि सरकारी पोर्टल और एक्सेल शीट में कूटरचना कर करीब 11 करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी धनराशि का गबन किया गया। इस मामले में अब तक कुल 14 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि मुकदमे में 45 लोगों को नामजद किया गया है। रविवार को गिरफ्तार किया गया आरोपी जुनैल आबदीन पचपेड़वा थाना क्षेत्र के हरैय्या चन्द्रसी गांव का निवासी है। पुलिस ने उसे पूछताछ, दस्तावेजी साक्ष्य और कथित जुर्म स्वीकार करने के आधार पर गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया。 कोतवाली नगर में दर्ज इस मुकदमे की जांच पिछले कई महीनों से चल रही है। मामला उस समय उजागर हुआ था जब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की जांच में मध्यान्ह भोजन योजना के तहत विद्यालयों को भेजी जाने वाली कन्वर्जन कॉस्ट की धनराशि में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई थी। जांच के बाद 26 नवंबर 2025 को तत्कालीन डीसी एमडीएम फिरोज अहमद खान समेत 45 लोगों के खिलाफ कोतवाली नगर में धोखाधड़ी, कूटरचना, सरकारी धन के गबन और आपराधिक साजिश کی गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस के मुताबिक घोटाले का तरीका बेहद सुनियोजित था। बेसिक शिक्षा विभाग के आईवीआरएस पोर्टल से पहले विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों की संख्या निकाली जाती थी। इसके बाद शासन द्वारा निर्धारित कन्वर्जन कॉस्ट के हिसाब से विद्यालयवार धनराशि की एक्सेल शीट तैयार की जाती थी। इस शीट को बेसिक शिक्षा अधिकारी से अग्रसारित कराने के बाद वित्त एवं लेखाधिकारी से परीक्षण कराया जाता और फिर अनुमोदन के लिए जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाता था। जांच में सामने आया कि जिलाधिकारी से स्वीकृति मिलने के बाद मूल एक्सेल शीट को पीएफएमएस पोर्टल पर अपलोड नहीं किया जाता था। आरोपियों द्वारा उसमें बदलाव कर कुछ “सहयोगी विद्यालयों” के खातों में धनराशि बढ़ा दी जाती थी, जबकि अन्य विद्यालयों के हिस्से की राशि कम कर दी जाती थी। कुल स्वीकृत धनराशी बराबर रहने के कारण पहली नजर में कोई अंतर दिखाई नहीं देता था और गड़बड़ी पकड़ में नहीं आती थी। पुलिस पूछताछ में आरोपी जुनैल आबदीन ने स्वीकार किया कि इस पूरी प्रक्रिया में कई लोग शामिल थे। जिन विद्यालयों के खातों में अतिरिक्त धनराशि भेजी जाती थी, वहां के प्रधानाध्यापक, ग्राम प्रधान और अभिभावक समिति के अध्यक्ष मिलकर पैसा निकालते थे और आपस में बांट लेते थे। पुलिस का कहना है कि घोटाले का नेटवर्क कई ब्लॉकों तक फैला हुआ था और इसमें विभागीय स्तर से लेकर विद्यालय स्तर तक की मिलीभगत सामने आ रही है। इस मामले में पूर्व में गिरफ्तार किए जा चुके आरोपियों में तत्कालीन डीसी एमडीएम फिरोज अहमद खान, अशोक कुमार गुप्ता, नसीम अहमद, अहमदुल कादरी, मलिक मुन्नवर, साहेबराम, दानिश, नूरुल हसन खान, गुलाम गौसुल बरा, वकील अहमद नूरी, मो. मुख्तार, मो. नजीर और सुरेश कुमार तिवारी शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर इस मामले की जांच लगातार तेज की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विवेचना के दौरान जिन-जिन लोगों की भूमिका सामने आईगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं शिक्षा विभाग में हुए इस बड़े घोटाले के सामने आने के बाद जिले में हड़कंप मचा हुआ है। सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार को लेकर पहले से सवालों के घेरे में रहे शिक्षा विभाग पर अब और गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मिड-डे मील जैसी योजना, जो गरीब बच्चों को पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जाती है, उसमें करोड़ों रुपये के गबन ने व्यवस्था की पारदर्शिता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब सभी की नजर पुलिस की आगे की कार्रवाई और इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हुई है。
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वीयत तार चोरी पर CCTV में कैद चोर: श्रीगंगानगर में लोग रोष जताते हैं

Sri Ganganagar, Rajasthan:श्रीगंगानगर जिले के श्री विजयनगर कस्बे में विद्युत तार चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बीती रात अरविंदर ज्वेलर्स के पास एक अज्ञात चोर ने चलती विद्युत लाइन से तीन पोलों के करीब डेढ़ सौ मीटर तार काटकर चुरा लिया। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता सियाराम ने श्री विजयनगर थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। विभाग इससे पहले भी एक दर्जन से अधिक चोरी की घटनाएं दर्ज करा चुका है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है, जबकि स्थानीय लोग कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं विद्युत तार चोरी के समय विद्युत सप्लाई ठप्प हो जाती है जिसके चलते लोग परेशान होते हैं।
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दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेसवे पर मिट्टी डालकर रास्ता बंद: यातायात बहाल

Patran, Punjab:दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेसवे पर मिट्टी डालकर रास्ता बंद, घंटों परेशान रहे राहगीर। एनएचएआई अधिकारियों ने जेसीबी से हटवाए मिट्टी के ढेर, यातायात बहाल। दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस-वे पर शनिवार रात कुछ शरारती तत्वों द्वारा मिट्टी से भरे बड़े-बड़े ट्रॉले डालकर सड़क बंद करने का मामला सामने आया है। सड़क के दोनों तरफ मिट्टी के बड़े-बड़े ढेर लगा दिए गए, जिससे एक्सप्रेसवे पूरी तरह बाधित हो गया और यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकरी के अनुसार रात के समय राहगीरों ने सड़क बंद होने की सूचना आसपास के लोगों और किसानों को दी। इसके बाद मामले की जानकारी तुरंत एनएचएआई अधिकारियों तक पहुंचाई गई। सूचना मिलते ही एनएचएआई अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित सड़क ट्रायल के तौर पर कानूनी रूप से चालू है तथा इस तरह सड़क बाधित करना गलत और कानून के खिलाफ है। इसके बाद एनएचएआई अधिकारियों ने स्थानीय लोगों और किसानों की मदद से जेसीबी मशीन मंगवाकर सड़क पर डाली गई मिट्टी हटवाई और यातायात बहाल करवाया। सड़क खुलने के बाद वाहन चालकों ने राहत महसूस की। इस एक्सप्रेसवे से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं और सड़क बंद होने से लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा। किसान आगू जगजीत सिंह गलोली और गांव शुतराना निवासी निरंकार सिंह संधू ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि आम लोगों की सुविधा के लिए बनाए जा रहे राष्ट्रीय प्रोजेक्टों को किसी भी हालत में रुकने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने मांग की कि इस तरह की हरकत करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है और सड़क बंद करने वालों की पहचान कर जांच की जाएगी। फिलहाल एक्सप्रेसवे पर यातायात सुचारू रूप से चल रहा है और लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी。
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हापुड - महाराणा प्रताप जयंती शोभायात्रा बवाल मामला, 3 उपद्रवी गिरफ्तार, 5 हिरासत में।

UMA RAGHAVUMA RAGHAVFollow18m ago
Gulaothi, Uttar Pradesh:खबर यूपी का हापुड से है। जहां पुलिस ने कल महाराणा प्रताप जयंती शोभायात्रा पर हुए पथराव व बवाल मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं पूंछताछ के लिए 5 लोगों को हिरासत में लिया हुआ है। वहीं एहतियात के तौर पर ग्राम देहरा में पीएसी व पुलिस बल की तैनाती की गई है। कल महाराणा प्रताप जयंती शोभायात्रा के समापन के दौरान धौलाना थाना क्षेत्र के ग्राम देहरा में दुकान से गुटका खरीदने के दौरान हुई कहासुनी के बाद पथराव व बवाल शुरू हो गया जिसमें करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए वहीं पुलिस ने 8 नामजद व कुछ अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। व 5 लोगों को पूंछताछ के लिए हिरासत में लिया हुआ है। वहीं आलाअधिकारी इस घटना में शामिल लोगों पर कढ़ी कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं।
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वैशाली में वर्चस्व की लड़ाई, गोलीकांड के दो आरोपी 6 घंटे में गिरफ्तार

Hajipur, Bihar:वैशाली में वर्चस्व की लड़ाई ने एक और युवक की जान ले ली। आम के बगीचे में बुलाकर गोली मारकर हत्या कर दी गई। लेकिन वारदात के बाद वैशाली पुलिस ने बिजली जैसी तेजी दिखाते हुए महज 6 घंटे के भीतर दो अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। हत्या में इस्तेमाल देसी पिस्तौल भी बरामद कर ली गई है। घटना सदर थाना क्षेत्र के पानापुर गौराही की है। जहां चन्द्रालय निवासी ऋषि कुमार को फोन कर आम के बगीचे में बुलाया गया। जैसे ही ऋषि कुमार वहां पहुंचा, पहले से घात लगाए अपराधियों ने उसपर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगते ही ऋषि कुमार जमीन पर गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। दिनदहाड़े हुई इस हत्या के बाद वैशाली पुलिस अलर्ट मोड में आ गई। एसपी के निर्देश पर सदर-1 एसडीपीओ के नेतृत्व में सदर थाना और डीआईयू की विशेष टीम बनाई गई। पुलिस ने तकनीकी जांच और लगातार छापेमारी करते हुए महज 6 घंटे के भीतर हत्या के मुख्य आरोपी प्रियांशु राजा और राजू कुमार को दबोच लिया। पूछताछ में मुख्य आरोपी प्रियांशु राजा ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने घटनास्थल के पास छिपाकर रखा गया हत्या में इस्तेमाल अवैध देशी पिस्तौल बरामद कर लिया। साथ ही दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि करीब एक महीने पहले इलाके में वर्चस्व को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद और मारपीट हुई थी। उसी पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए इस खूनी वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस का दावा है कि इस हत्याकांड में शामिल बाकी अपराधियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
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सिवनी में डम्फर टक्कर से पिकअप पलटी, एक की मौत, चार घायल

Seoni, Madhya Pradesh:डम्फर वाहन की टक्कर से पिकअप पलटी एक की मौत, चार घायल सिवनी जिले के घंसौर थाना क्षेत्र अंतर्गत रूपदोंन ग्राम के समीप रविवार सुबह लगभग 10 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार डम्फर वाहन ने एक पिकअप वाहन को टक्कर मार दी, जिससे पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में जा पलटी। हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद टक्कर मारने वाला वाहन चालक डम्फर छोड़कर मौके से फरार हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार पिकअप वाहन में सवार लोग अतरिया ग्राम से घंसौर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रूपदोंन गांव के पास सामने से आए डम्फर वाहन ने पिकअप को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि वाहन सड़क से नीचे उतरकर गड्ढे में पलट गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के ग्रामीण तत्काल सहायता के लिए पहुंचे। स्थानीय लोगों ने तत्काल डायल 108 एम्बुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस के एमएमटी मनीष रैकवार और चालक संदीप मौके पर पहुंचे। दोनों ने घायलों को वाहन से बाहर निकालकर प्राथमिक सहायता प्रदान की तथा सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर पहुंचाया। चिकित्सकों ने जांच के बाद एक व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य चार घायलों का उपचार जारी है। घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
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प्रतापगढ़ के पाटला बावड़ी आगजनी मामले में 14 आरोपी गिरफ्तार

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले के पारसोला थाना क्षेत्र के पाटला बावड़ी गांव में घरों में आगजनी और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार सभी आरोपीयों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन में पारसोला थानाधिकारी राकेश कटारा के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई। पुलिस के अनुसार पाटला बावड़ी निवासी लालूराम मीणा ने 5 मई को पारसोला थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि 3 मई को उसके पुत्र विनोद और मुकेश का गांव के नाथूलाल मीणा के साथ विवाद हो गया था। विवाद के दौरान नाथूलाल को चाकू लग गया, जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और अन्य लोगों ने 4 मई की सुबह करीब 7 बजे लालूराम और उसके परिवार के घरों पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने घरों के केलू तोड़ दिए, घरेलू सामान में जमकर तोड़फोड़ की और मकानों में आग लगा दी। आगजनी में पशु चारा, अनाज, मक्की, गेहूं, चना, मूंग, बर्तन, कपड़े और जेवरात जलकर राख हो गए। घटना में मकानों की दीवारों को भी नुकसान पहुंचा, जिससे लाखों रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई। मामला पारसोला थाने पर प्रकरण संख्या 89/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने विभिन्न संभावित ठिकानों पर दबिश देकर 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस मामले में आगे अनुसंधान कर रही है.
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