271502
Gonda: समाजसेवी राहुल सिंह चौहान का शक्ति प्रदर्शन, पूर्व सांसद का किया स्वागत
Colonelganj, Uttar Pradesh:करनैलगंज क्षेत्र के चर्चित समाजसेवी राहुल सिंह चौहान ने लोगों की सेवा और सहायता के साथ अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया। यह नजारा पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के जन्मदिन पर देखने को मिला, जब राहुल सिंह चौहान सैकड़ों गाड़ियों के साथ करनैलगंज क्षेत्र में निकले। उन्होंने पूर्व सांसद के आवास पर पहुंचकर उनका स्वागत किया। राहुल सिंह का यह शक्ति प्रदर्शन राजनीतिक हलकों में खलबली मचाने लगा है जिससे आगामी राजनीति में संभावित बदलाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
0
0
Report
हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|
डिंडोरी की बारिश ने 7 करोड़ सड़क की पोल खोल दी, पुल खतरे में
Dindori, Madhya Pradesh:डिंडोरी में बारिश ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता की पोल खोल दिया है, तीन साल पहले मुख्य मार्ग से कुसेरा गांव तक करीब 7 करोड़ रूपये की लागत से 12 किमी लम्बाई की सड़क बनाई गई थी लेकिन धमनी गांव के पास पुल का एक हिस्सा पूरी तरह धाराशाई हो गया है, वही सड़क का मलवा किसानों के खड़ी फसल को बर्बाद कर दिया है, नाकामी छुपाने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के जिम्मेदार लीपापोती करने में जुट गए हैं, इसके अलावा इसी मार्ग के भुरका गांव के पास बना पुल भी ज़रٓजर होने के कगार पर है,0
0
Report
JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते की गिरफ्तारी दिखावा, CBI जांच की मांग
Noida, Uttar Pradesh:झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते की CID द्वारा गिरफ्तारी महज दिखावे की है। हेमंत सरकार विनय चौबे की तरह इन्हें भी बिना चार्जशीट दाखिल किए डिफॉल्ट बेल दिलाकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देगी। छात्रों की मांग सिर्फ JPSC तक सीमित नहीं है। JSSC की सहायक आचार्य, CGL, उत्पाद सिपाही और PGT जैसी परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली कर नौकरियां बेची गई है। सरकार यदि वास्तव में कार्रवाई करना चाहती है, तो JPSC के तीनों सदस्यों के साथ-साथ JSSC-CGL परीक्षा के दौरान आयोग में जिम्मेदार तत्कालीन अधिकारियों नीरज सिन्हा और सुधीर गुप्ता तथा अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड अपने पास रखने वाले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी विनोद की भी गिरफ्तारी करे। साथ ही JSSC के प्रभारी चेयरमैन IAS प्रशांत कुमार को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाए व पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच का आदेश दिया जाए।0
0
Report
किसानों के राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन: MSP कानूनी गारंटी, कर्जमाफी और दिल्ली कूच का ऐलान
Jaipur, Rajasthan:किसानों ने जताया आक्रोश, राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन, MSP से लेकर कर्जमाफी तक... मांगों का पिटारा, 26 नवंबर को दिल्ली कूच का ऐलान नोट - विजुअल और बाइट अटैच पीटीसी जयपुर राजस्थान सहित देशभर में आज किसान केंद्र सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए सड़कों पर उतरे... संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया और कलेक्टरों के जरिए राष्ट्रपति के नाम मांगपत्र सौंपा। किसानों ने MSP की कानूनी गारंटी... किसानों की कर्जमाफी... किसान आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों की वापसी... बिजली और श्रम कानूनों से जुड़े मुद्दे सहित कई मांगों का पिटारा रखा। आज आक्रोश प्रदर्शन कर किसानों ने साफ कर दिया है कि यह महज शुरुआत है। किसानों ने 26 नवम्बर को दिल्ली कूच का भी ऐलान किया है। अखिल भारतीय किसान सभा और संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से सोमवार को देशभर में आक्रोश प्रदर्शन किया गया। किसानों ने प्रदर्शन के दौरान जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर जिला कलेक्टरों को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों का आरोप है कि साल 2021 में किसान आंदोलन खत्म कराने के दौरान केंद्र सरकार की ओर से जो लिखित आश्वासन दिए गए थे... उनमें से कई मांगें अब तक पूरी नहीं हुई हैं। किसानों ने समझौते की मांगों को पूरा करने की मांग के साथ ही भारत-अमेरिका मुक्त Trade समझौते का भी विरोध किया है। कई जगह किसानों की विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तारी देने की भी जानकारी सामने आई है। जयपुर में भी बड़ी संख्या में किसान खासाकोठी पर एकत्र हुए। खासाकोठी से कलेक्ट्रेट तक किसानों ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया। किसानों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम मांगपत्र सौंपा। संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक डॉ संजय माधव का कहना है कि 10 अगस्त का यहprogramme केवल राजस्थान तक सीमित नहीं है... बल्कि देशभर के गांवों, कस्बों, ब्लॉक, जिला मुख्यालय और शहरों में किसानों और मजदूरों की ओर से प्रदर्शन किया गया है। अगली कड़ी में 17 अगस्त के बाद स्थानीय सांसदों और विधायकों को ज्ञापन दिया जाएगा... मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष को भी मांगपत्र सौंपा जाएगा... और इसके बाद 26 नवंबर को दिल्ली कूच का ऐलान किया गया है। राजस्थान में जयपुर समेत कई जिलों में प्रदर्शन हुआ... वहीं सीकर, हनुमानगढ़, बीकानेर और चूरू में किसानों की ओर से गिरफ्तारी देने की भी बात सामने आई है। बाइट - डॉ संजय माधव, संयोजक संयुक्त किसान मोर्चा। किसानों के इस आंदोलन के केंद्र में सबसे बड़ा मुद्दा है... 2021 के किसान आंदोलन के बाद सरकार की ओर से किए गए कथित लिखित आश्वासनों को लागू करने की मांग। संयुक्त किसान मोर्चा का आरोप है कि किसान आंदोलन के दौरान सरकार ने किसानों से कई मुद्दों पर आश्वासन दिए थे। किसानों का कहना है कि कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद आंदोलन समाप्त हुआ... लेकिन MSP की कानूनी गारंटी समेत कई प्रमुख मांगें अभी भी लंबित हैं। यही वजह है कि एक बार फिर किसान संगठन सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरने की रणनीति बना रहे हैं। ग्राफिक्स इन किसानों की 8 बड़ी मांगें 1. सभी फसलों पर MSP की कानूनी गारंटी 2. किसानों की व्यापक कर्जमाफी 3. किसान आत्महत्या पीड़ित परिवारों को मुआवजा 4. चारों श्रम संहिताओं वापस लेने की मांग 5. मनरेगा को मजबूत करने की मांग 6. बिजली निजीकरण विधेयक वापस लेने की मांग 7. भूमि अधिकारों की रक्षा 8. भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते का विरोध ग्राफिक्स आउट इस आंदोलन को सिर्फ किसानों तक सीमित नहीं बताया गया है। मांगपत्र में कृषि मजदूरों और औद्योगिक श्रमिकों से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं। चारों श्रम संहिताओं को वापस लेने... सभी श्रमिकों के लिए न्यूनतम 42 हजार रुपये प्रतिमाह वैधानिक मजदूरी तय करने... और मनरेगा को मजबूत करने की मांग की गई है। मनरेगा में सालाना 200 दिनों के रोजगार और कम से कम 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी की मांग भी रखी गई है। यानी किसान संगठन इस आंदोलन के जरिए किसान, मजदूर, ग्रामीण गरीब और बेरोजगारी-महंगाई जैसे मुद्दों को एक साथ जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। बाइट - डॉ. संजय "माधव" संयुक्त किसान मोर्चा राजस्थान संयोजक जयपुर के अलावा राजस्थान के दूसरे जिलों में भी किसानों के प्रदर्शन किए हैं। सीकर... हनुमानगढ़... बीकानेर... चूरू समेत कई जगहों पर किसानों ने प्रदर्शन किया। कुछ जगह किसानों की ओर से गिरफ्तारी देने की बात भी सामने आई है। यानी संयुक्त किसान मोर्चा इस आंदोलन को केवल प्रतीकात्मक प्रदर्शन के तौर पर नहीं देख रहा... बल्कि इसे आगे बड़े आंदोलन की शुरुआत बता रहा है। किसानों के इस प्रदर्शन का राजनीतिक असर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनावों से पहले किसान संगठनों का यह आंदोलन राजनीतिक दलों के लिए भी चुनौती बन सकता है। किसानों के मुद्दे ग्रामीण राजस्थान में हमेशा चुनावी राजनीति का बड़ा आधार रहे हैं। ऐसे में MSP, कर्जमाफी, महंगाई, बेरोजगारी और ग्रामीण रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर अगर आंदोलन आगे बढ़ता है... तो इसका असर आने वाले स्थानीय चुनावों में राजनीतिक रूप से पड़ सकता है।0
0
Report
Advertisement
धर्मशाला में भाजपा की तिरंगा यात्रा, FIR वापस लेने की मांग तेज
mathura, Dharamshala, Himachal Pradesh:धर्मशाला में भाजपा धर्मशाला ग्रामीण और शहरी मंडल के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने तिरंगा यात्रा निकाली। यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने देश की एकता, अखंडता और संविधान की गरिमा बनाए रखने का संदेश दिया। यात्रा से पहले कार्यकर्ताओं ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रदेश सरकार पर भाजपा नेताओं के खिलाफ झूठी FIR दर्ज करने का आरोप लगाया। भाजपा ग्रामीण मंडल के कार्यकारी महामंत्री शुभम सूद ने कहा कि प्रदेश सरकार चुने हुए विधायकों के खिलाफ झूठी FIR दर्ज कर रही है और उनके खिलाफ अनाप-शनाप बयानबाजी की जा रही है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर से प्रदेश सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की है। शुभम सूद ने बताया कि भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से जिलाध्यक्ष के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा जा रहा है, जिसमें धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा के खिलाफ दर्ज FIR को तुरंत वापस लेने की मांग की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार धर्मशाला के विकास कार्यों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के मुद्दे को भी उठाया। उनका आरोप था कि केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए आवश्यक 30 करोड़ रूपये की राशि जमा नहीं करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कई बार धर्मशाला आए, लेकिन इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा के माध्यम से भाजपा यह संदेश देना चाहती है कि देश के लोकतंत्र और संविधान की गरिमा का सम्मान किया जाए तथा चुने हुए जनप्रतिनिधियों के खिलाफ दर्ज कथित झूठी FIR वापस ली जाए। वहीं, नगर निगम धर्मशाला के मेयर शमशेर नेहरिया ने कहा कि तिरंगा यात्रा एकता, अखंडता और राष्ट्रीयता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भाजपा पूरे देश में विधानसभा स्तर पर तिरंगा यात्राएं निकाल रही है। शमशेर नेहरिया ने प्रदेश सरकार पर भाजपा विधायकों को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सुधीर शर्मा सहित अन्य भाजपा विधायकों के खिलाफ FIR दर्ज की जा रही हैं और जमीनों की पैमाइश करवाई जा रही है। उन्होंने इसे लेकर भाजपा की ओर से कड़ा विरोध जताया। मेयर ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार के कार्यकाल में धर्मशाला में विकास कार्य प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों में जाने पर बजट की कमी की बात कही जाती है। नगर निगम में भी स्टाफ की कमी है और कर्मचारियों के तबादलों के बाद उनकी जगह नए कर्मचारी नहीं भेजे जा रहे हैं। भाजपा नेताओं ने कहा कि तिरंगा यात्रा और विरोध प्रदर्शन के माध्यम से उन्होंने प्रदेश सरकार से लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करने, धर्मशाला के विकास कार्यों को गति देने और भाजपा नेताओं के खिलाफ दर्ज कथित झूठी FIR वापस लेने की मांग उठाई है।0
0
Report
निमतौड़ि में CPM विरोध के दौरान जिला कार्यालय के बाहर भिड़ंत
Dihierench, West Bengal:জেলাশাসকের দফতরে সিপিএমের বিক্ষোভ, ব্যারিকেড ভেঙে ঢোকার চেষ্টা ঘিরে ধুন্ধুমার। নিমতৌড়ি: একাধিক দাবিতে পূর্ব মেদিনীপুরের নিমতৌড়িতে জেলাশাসকের দফতরে সিপিএমের বিক্ষোভ ও ডেপুটেশন কর্মসূচিকে ঘিরে উত্তেজনা ছড়াল। bক্তোভকারীরা ব্যারিকেড ভেঙে দফতরের ভিতরে প্রবেশের চেষ্টা করলে পরিস্থিতি উত্তপ্ত হয়ে ওঠে। অন্নপূর্ণা যোজনায় এখনও বহু মহিলা টাকা পাননি—অবিলম্বে তাঁদের টাকা দেওয়া, কৃষক বন্ধু যোজনায় কৃষকদের বকেয়া টাকা দ্রুত ছাড়ানো এবং ১০০ দিনের কাজের পরিধি বাড়িয়ে বছরে ২০০ দিনের কাজ চালুর দাবিিতে এই কর্মসূচি বলে সিপিএমের পক্ষ থেকে জানানো হয়। ব্যারিকেড ভাঙা ও আইনশৃঙ্খলা লঙ্ঘনের অভিযোগে পুলিশ ১৩ জনকে আটক করে গ্রেফতার করলেও পরে তাঁদের ছেড়ে দেওয়া হয়। ঘটনাকে ঘিরে জেলাশাসকের দফতর চত্বরে ব্যাপক উত্তেজনা তৈরি হয়। পরিশেষে কয়েকজনের প্রতিনিধি মূলক সিপিএমের নেতারা জেলা শাসকের কাছে ডেপুটেশন জমা দেন।0
0
Report
शिलिगुड़ी में नया सरकारी पार्किंग लॉट उद्घाटन, शहर में जाम घटने की उम्मीद
Siliguri, West Bengal:অবশেষে কিছুটা স্বস্তিরনিশ্বাস, সরকারি ভাবে চালু হলো শহর শিলিগুড়িতে গাড়ি পার্কিং, উদ্বোধনে মন্ত্রী শঙ্কর ঘোষ শহরে ক্রমবর্ধমান যানজট ও পার্কিং সমস্যা যেনো নাভিশ্বাস হয়েছে ছিল শহর বাসীর। পালাবদলের পর নতুন শিলিগুড়ির বিধায়ক তথা মন্ত্রী শংকর ঘোষের নেতৃত্বে সরকার দ্রুততার সাথে এই সমস্যার সমাধানে বড় উদ্যোগ নিল শিলিগুড়ি পুরনিগম প্রশাসক। দিন কয়েক আগেই পুলিশ প্রশাসন ও সরকারি কর্তা ব্যক্তিদের সাথে নিয়ে বিধায়ক তথা মন্ত্রী শংকর ঘোষ খবরের বেশ কিছু জায়গায় সঠিক পদ্ধতিতে সরকারি পার্কিংয়ের জায়গা খুঁজে বেড়াচ্ছিল, অবশেষে তারা ঠিক করেন শিলিগুড়ি কাঞ্চনজঙ্ঘা স্টেডিয়াম মেলা প্রাঙ্গণ। যানজট এড়াতে সেখানেই তৈরি হল শহরের নতুন গাড়ি পার্কিংয়ের ঠিকানা। আজ (সোমবার) থেকে চালু করা হলো নতুন গাড়ি পার্কিং লট। মন্ত্রী শঙ্কর ঘোষের উপস্থিতিতে এই পার্কিং ব্যবস্থার আনুষ্ঠানিক সূচনা হয়। দিনপ্রতিদিন শহর শিলিগুড়িতে বাড়ছে যানজটের সমস্যা। প্রতিদিন বিভিন্ন কাজে বহু মানুষের যাতায়াত হয় শহরে। পাশাপাশি রাস্তার দু’ধারে যত্রতত্র গাড়ি দাঁড় করিয়ে রাখার ফলে তৈরি হয় যানজট। এই সমস্যা মোকাবিলায় কাঞ্চনজঙ্ঘা স্টেডিয়ামের মেলা মাঠের একটি অংশকে গাড়ি পার্কিংয়ের জন্য ব্যবহার করার সিদ্ধান্তsched ছিল? আজ এদিন আনুষ্ঠানিকভাবে পার্কিং লট চালু করা হয়। এদিন অনুষ্ঠানে উপস্থিত ছিলেন পর্যটন মন্ত্রী শঙ্কর শিলিগুড়ি পুরনিগমের কমিশনার বীর বিক্রম রাই, শিলিগুড়ি ট্রাফিকের ডিসিপি কাজী শামসুদ্দিন আহমেদ সহ প্রশাসন ও সংশ্লিষ্ট দফতরের আধিকারিকরা। নতুন এই পার্কিং ব্যবস্থা চালু হওয়ায় শহরের গুরুত্বপূর্ণ এলাকায় রাস্তার উপর গাড়ি রাখার প্রবণতা কমবে এবং যান চলাচল আরও স্বাভাবিক হবে বলে আশা করা হচ্ছে। শহরের যানজট নিয়ন্ত্রণের পাশাপাশি সাধারণ মানুষ যাতে নির্দিষ্ট ও নিরাপদ জায়গায় গাড়ি রাখতে পারেন, সেই লক্ষ্যেই এই উদ্যোগ বলে জানানো হয়েছে। আগামী দিনে শহরের অন্যান্য গুরুত্বপূর্ণ এলাকাতেও পার্কিং ব্যবস্থার উন্নয়নের মাধ্যমে যানজট কমানোর উদ্যোগ নেওয়া হবে বলে প্রশাসনের তরফে ইঙ্গিত মিলেছে। উল্লেখ্য, রাজ্যে পালা বদলের পর এই প্রথম শহর শিলিগুড়িতে সরকারিভাবে সঠিক পদ্ধতিতে জায়গা চিহ্নিত করে একসাথে প্রায় হাজাররের ওপর গাড়ি পার্কিংয়ে রাখার বন্দোবস্ত করলো শিলিগুড়ি পৌর কর্পোরেশন。0
0
Report
Advertisement
चुचूरा में वामदलों की सभा पर हमला; भाजपा विधायक ने गुंडागर्दी का आरोप
Chinsurah, West Bengal:চুঁচুড়ায় বামেদের পথসভায় হামলা ও মারধর ভাঙচুরের ঘটনা প্রসঙ্গে বিজেপি বিধায়ক সুবীর নাগ বললেন, স্বঘোষিত পুষ্পা বিজেপিকে বদনাম করতে বিজেপির কিছু লোক নিয়ে গুন্ডামি করেছে। পুলিশ প্রশাসনকে বলবো উপযুক্ত ব্যবস্থা নিতে। চুঁচুড়া শান্তির শহর।এখানে অশান্তি করার চেষ্টা যে করবে তার বিরুদ্ধে প্রশাসন ব্যবস্থা নেবে। স্বরচিত পুষ্পা বিজেপি ছেড়ে তৃণমূলে যোগ দিয়েছেন 많이দিন আগে এখনো তার কিছু লোকজন রয়ে গেছে।তাদেরকে ভুল বুঝিয়ে আজকে ঝামেলা করেছে。 স্বঘোষিত পুষ্পা বলতে তিনি নাম না করে সুরেশ সাউকে বুঝিয়েছেন।যে শুভেচ্ছা ও বিধানসভা নির্বাচনের ঠিক আগে অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায়ের হাত ধরে তৃণমূলে যোগ দিয়েছিলেন বিজেপি ছেড়ে।ডানলপে যোগদান সভায় সুরেশ বলেছিলেন,দক্ষিনী সিনেমা পুষ্পার বিখ্যাত ডায়লগ পুষ্পা ঝুকেগা নেহি বলেছিলেন। বিধানসভা ভোটে তৃনমূলের ভরাডুবির পর সেই পুষ্পা কয়েক মাস অন্তরালে ছিলেন।বিজেপি একাংশ কর্মিদের সঙ্গে তাকে আবার দেখা যাচ্ছে। আজ সেই দলবল নিয়ে বামেদের শান্তিপূর্ণ পথসভায় হামলা চালানোর কথাই বলেছেন বিধায়ক। যারা তার সঙ্গে যে বিজেপি কর্মিরা ছিলো তারা তার মত মানসিকতার তাই তারা গুন্ডামি করে দলকে বদনাম করতে চাইছে。0
0
Report
हुगली जिले के मुख्य सरकारी वकील बदले, शिबाजी दास PP बने
Chinsurah, West Bengal:হুগলি জেলার মুখ্য সরকারী আইনজীবী পরিবর্তন হল। শংকর গঙ্গোপাধ্যায়ের বদলে পিপি হলেন শিবাজী দাস। চুঁচুড়া জেলা আদালতে প্রায় ২৭ বছর ধরে আইনজীবী হিসাবে প্র্যাকটিস করছেন শিবাজী। এবার রাজ্য সরকার তাকে বড় দায়িত্ব দিলো। সেই দায়িত্ব পালনে কোনো কার্পণ্য হবে না।সাধারন মানুষ যাতে সঠিক বিচার পান তার জন্য কাজ করবেন বলে জানান নব নিযুক্ত পিপি। জেলা আদালতে মোট ৩৬ জন প্যানেল পিপির নামের তালিকা প্রকাশ করা হয়ছে। মহকুমা আদালত গুলোর পিপিদেও নামের তালিকা প্রাকশিত হয়েছে।0
0
Report
पश्चिम बंगाल में तिरंगा यात्रा: स्वतंत्रता दिवस से पहले घर-घर तिरंगा उठाने का आह्वान
Durgapur, West Bengal:'হর ঘর তেরঙ্গা’ কর্মসূচি, তেরঙ্গা হাতে বর্ণাঢ্য শোভাযাত্রা পুলিশ প্রশাসনের ডাকে। স্বাধীনতা দিবস উপলক্ষে পশ্চিমবঙ্গ সরকারের পক্ষ থেকে ৯ থেকে ১৭ আগস্ট পর্যন্ত প্রতিটি বাড়িতে জাতীয় পতাকা ‘তেরঙ্গা’ উত্তোলনের আবেদন জানানো হয়েছে। সেই কর্মসূচিকে সামনে রেখে সোমবার পশ্চিম বর্ধমান জেলার দুর্গাপুরের ভগৎ সিং ক্রীড়াঙ্গন থেকে এডিডিএ দফতর পর্যন্ত একটি বর্ণাঢ্য শোভাযাত্রার আয়োজন করা হয়। এদিন হাতে জাতীয় পতাকা নিয়ে শোভাযাত্রায় পা মেলান দুর্গাপুরের মহকুমা ShASক, দুর্গাপুর পুরসভার কমিশনার, দুর্গাপুর পূর্বের বিধায়ক, পুলিশ আধিকারিক, বিভিন্ন সরকারি দফতরের কর্মী এবং কলেজের ছাত্রছাত্রীরা।দেশাত্মবোধের আবহে তেরঙ্গা হাতে এই পদযাত্রায় অংশ নেন বহু মানুষ। শোভাযাত্রার মাধ্যমে স্বাধীনতা দিবসের আগে সাধারণ মানুষের মধ্যে জাতীয় পতাকার প্রতি শ্রদ্ধা এবং দেশাত্মবোধের বার্তা পৌঁছে দেওয়ার পাশাপাশি প্রতিটি বাড়িতে তেরঙ্গা উত্তোলনের আবেদন জানানো হয়。0
0
Report
Advertisement
राजस्थान में निकाय-पंचायत चुनाव के लिए रोडमैप तैयार, दो चरणों में मतदान
Jaipur, Rajasthan:एंकर- राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है... राज्य निर्वाचन आयोग ने शहरों से लेकर गांवों में वोटिंग का पूरा रोडमैप तैयार करना शुरू कर दिया है... प्रदेश की 309 नगरीय निकायों में दो चरणों में मतदान होगा... खास बात ये कि फलोदी और सलूंबर में एक ही चरण में पूरा निकाय चुनाव निपट जाएगा, जबकि बाकी 39 जिलों में निकाय दो चरणों में वोटिंग करेंगे... वहीं पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव चार चरणों में कराने की तैयारी है। 36 जिलों में चार चरण प्रस्तावित हैं। चार जिलों में दो चरण और एक जिले में एक चरण में चुनाव कराने का प्रस्ताव है। राजधानी जयपुर नगर निगम भी पहले चरण में चुनावी रंग में रंगेगा... राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनाव को लेकर तस्वीर अब साफ होने लगी है। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश की 309 नगरीय निकायों (10 नगर निगम, 47 नगर परिषद और 252 नगरपालिका ) में दो चरणों में मतदान कराने की तैयारी है। खास बात यह है कि फलोदी और सलूंबर ऐसे जिले होंगे, जहां सभी नगरीय निकायों का चुनाव एक ही चरण में पूरा होगा, जबकि प्रदेश के बाकी 39 जिलों में निकायों को दो चरणों में बांटकर मतदान कराया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने सोमवार को निकाय एवं पंचायती राज चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में मतदान केंद्रों से लेकर कार्मिक और पुलिस बल की तैनाती तक चुनावी व्यवस्थाओं का खाका खींचा गया। पहले चरण में 140 नगरीय निकायों के चुनाव होंगे। इनमें 5,050 वार्डों के लिए 10,185 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। दूसरे चरण में 169 निकायों के 5,195 वार्डों में मतदान होगा। इसके लिए 6,280 मतदान केंद्र प्रस्तावित हैं। यानी चुनाव को चरणों में बांटने के पीछे सिर्फ जिलों का बंटवारा नहीं, बल्कि मतदान केंद्रों और चुनावी मशीनरी के प्रबंधन का बड़ा गणित भी है। राजधानी जयपुर का चुनाव भी दो चरणों में होगा। पहले चरण में जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में मतदान कराया जाएगा। इसके लिए 2,204 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। चुनाव कराने में 15,428 कार्मिक लगाए जाएंगे, जबकि सुरक्षा व्यवस्था के लिए 13,224 पुलिसकर्मियों की तैनाती प्रस्तावित है। इसके बाद दूसरे चरण में जयपुर जिले की 18 नगरीय निकायों में मतदान होगा। इनमें 16 नगर पालिका और 2 नगर परिषद शामिल हैं। इन निकायों के 540 वार्डों के लिए 564 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। दूसरे चरण में 3,948 चुनाव कार्मिक और 3,384 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे निकाय चुनाव में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका के सदस्यों के लिए ईवीएम से मतदान कराया जाएगा। वहीं पंचायती राज चुनाव में जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य के चुनाव भी ईवीएम से होंगे। ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच के लिए बैलेट पेपर से मतदान कराया जाएगा। पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव चार चरणों में कराने की तैयारी है। 36 जिलों में चार चरण प्रस्तावित हैं। चार जिले बूंदी, जोधपुर, नागौर और फलौदी में दो चरण और एक जिले जैसलमेर में एक चरण में चुनाव कराने का प्रस्ताव है। पंचायत चुनाव के लिए करीब 48 हजार मतदान केंद्र बनाए जाने हैं। यानी आने वाले दिनों में राजस्थान में शहर से गांव तक चुनावी मशीनरी पूरी तरह मैदान में होगी....पहले निकाय, फिर पंचायतों के मतदान से प्रदेश का चुनावी माहौल गरमाएगा। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा कि एक राज्य-एक चुनाव के तहत स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव कराने का उद्देश्य राजनीतिक स्थिरता, प्रशासनिक निरंतरता और संसाधनों का बेहतर उपयोग करना है। एक साथ चुनाव कराने से आर्थिक बचत के साथ चुनावी मशीनरी का प्रभावी उपयोग संभव होगा। आयोग ने चुनाव से सीधे जुड़े अधिकारियों और कार्मिकों की पदस्थापना को लेकर भी सख्ती दिखाई है। 21 जुलाई को जारी निर्देशों के अनुसार चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अधिकारियों के स्थानांतरण एवं पदस्थापन की प्रक्रिया 15 अगस्त 2026 तक पूरी करनी होगी। राज्य निर्वाचन आयोग सचिव राजेश वर्मा ने बताया की ऐसे कार्मिकों को चुनावी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी, जिनके खिलाफ पिछले चुनावों में भारत निर्वाचन आयोग या राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी लापरवाही के मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए थे। बैठक में नगरीय निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं में पदों के आरक्षण से संबंधित कार्रवाई जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए। आयोग ने संबंधित विभागों से इसकी प्रगति की नियमित जानकारी देने को कहा है। नामांकन, संवीक्षा और नाम वापसी के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया बहरहाल, यानी राजस्थान में अब शहर से गांव तक सियासी बिसात बिछने लगी है... पहले निकाय चुनाव की रणभेरी बजेगी और उसके बाद पंचायतों में लोकतंत्र का उत्सव होगा...अब नजर चुनाव की तारीख पर है, क्योंकि तारीख आते ही दावेदारों की दौड़ और सियासी समीकरण दोनों तेज हो जाएंगे। रोडमैप तैयार है... तारीख घोषित होते ही राजस्थान के शहरों से लेकर गांवों तक सियासत का पारा चढ़ना तय है।0
0
Report
बीकानेर नोखा में एटीएम कैश वैन लूट: कस्टोडियन समेत 2 गिरफ्तार
Bikaner, Rajasthan:बीकानेर के नोखा से बड़ी खबर एटीएम कैश वैन लूट का पुलिस ने किया पर्दाफाश, कैश वैन कस्टोडियन सहित 2 आरोपी गिरफ्तार, SP मृदुल कच्छावा के निर्देशन में पांचु पुलिस ने ₹51 लाख की लूट की वारदात का किया खुलासा, कस्टोडियन ने साथियों के साथ मिलकर रची थी लूट की साजिश, 05 अगस्त को सारुण्डा रोड पर हथियार दिखाकर हुई थी लूट, कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी देकर लूटा था कैश बॉक्स, पांचू पुलिस ने श्यामसुंदर और विक्रमसिंह को किया गिरफ्तार, विक्रमसिंह CMS इंफोसिस्टम लिमिटेड में था कस्टोडियन, नोखा ATM में कैश लोड करने के बजाय जानबूझकर ले गया था वैन, पुलिस आरोपियों से गहनता से कर रही पूछताछ, अन्य साथियों की तलाश जारी सीओ जरनैल सिंह ने प्रेस वार्ता करते हुए किया खुलासा0
0
Report
राजस्थान में मानसून जारी, जयपुर अस्पताल के बाहर जलभराव से मरीज परेशान
Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में मानसून सक्रिय है और अगले दो से तीन दिन प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्सों और आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश के आसार हैं। आज जयपुर समेत भरतपुर, अजमेर, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया। कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग में भारी से अतिभार बारिश की संभावना है। 11 अगस्त को भी कई इलाकों में बारिश जारी रहेगी। लेकिन जयपुर में बारिश के बाद तस्वीरें कुछ और ही सवाल खड़े कर रही हैं। SMS अस्पताल के गेट नंबर 2 और 3 पर जलभराव है, आसपास के नाले उफान पर हैं और SMS मेडिकल कॉलेज के बाहर भी पानी जमा है। ऐसे में सवाल है जहां लोग बीमारी का इलाज कराने पहुंच रहे हैं, क्या उन्हें यहां बीमारी का समाधान मिलेगा या जलभराव और गंदगी के बीच नई बीमारियां लगाने सहित परेशानी का सामना करना पड़ेगा?0
0
Report
Advertisement
13 अगस्त को मेयर, सभापति और चेयरमैन की आरक्षण लॉटरी: प्रत्याशियों की किस्मत तय
Noida, Uttar Pradesh:जयपुर 13 अगस्त को निकलेगी मेयर-सभापति-चेयरमैन की लॉटरी।निकाय चुनाव से पहले आरक्षण की लॉटरी की तारीख तय।13 अगस्त को तीनों पदों के आरक्षण की निकलेगी लॉटरी।सुबह 10:30 बजे होगी आरक्षण लॉटरीस्वायत्त शासन विभाग के सभागार में सुबह 10.30 बजे लॉटरी।मेयर, सभापति और चेयरमैन पद के लिए आरक्षण तय होगा।लॉटरी के साथ साफ होगी निकायों की आरक्षण तस्वीर।13 अगस्त को तय होगा किस निकाय में कौन सा आरक्षण।आरक्षण लॉटरी पर टिकी दावेदारों की नजर。0
0
Report
खबर का असर,सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा तो सरकारी जमीन पर ‘दुकान’ के निर्माण पर लगी ब्रेक!
Shamli, Uttar Pradesh:श्रवण पंडित शामली एक रात में खड़ा हुआ निर्माण, तस्वीरें वायरल होते ही मचा हड़कंप—लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर रुकवाया काम, अब जांच और पैमाइश का इंतजार जनपद के थानाभवन कस्बा में सरकारी जमीन पर कथित कब्जे का निर्माण रातोंरात खड़ा हुआ तो मामला दबा नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर ऐसा उछला कि जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर ही सवालों की बौछार शुरू हो गई। लोगों ने फोटो और वीडियो के साथ जमकर विरोध जताया, प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई और देखते ही देखते मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। बढ़ते विरोध के बीच आखिरकार लेखपाल मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य रुकवा दिया। अब सवाल सिर्फ एक निर्माण का नहीं, बल्कि उस पूरी व्यवस्था का है जिसके रहते वर्षों से विवादित बताई जा रही जमीन पर इतनी तेजी से दुकाननुमा ढांचा कैसे खड़ा हो गया? एक रात में खड़ी दुकान, सुबह होते ही मचा बवाल! दिल्ली-सहारनपुर मार्ग पर अरबी मदरसे के बराबर स्थित बेशकीमती जमीन पर अचानक निर्माण शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में मिस्त्री और मजदूर लगाकर बेहद तेजी से काम कराया गया और देखते ही देखते दुकाननुमा ढांचा तैयार हो गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के बीच भी निर्माण कार्य चलता रहा। यही तेजी अब पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल बन गई है। लोगों का कहना है कि यदि जमीन को लेकर पहले से विवाद और सरकारी कार्रवाई का रिकॉर्ड था तो फिर निर्माण शुरू होते ही जिम्मेदार विभागों को इसकी जानकारी कैसे नहीं हुई? सोशल मीडिया पर तस्वीरें पहुंचीं तो ‘खामोशी’ टूटी! जैसे ही निर्माण की तस्वीरें और मामला सोशल मीडिया पर सामने आया, लोगों ने तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू कर दीं। पोस्ट और टिप्पणियों के जरिए प्रशासन से सवाल पूछे जाने लगे। लोगों ने पूछा कि जब जमीन पर पहले नगर पंचायत का बोर्ड लगा था तो उसी स्थान पर रातोंरात निर्माण कैसे खड़ा हो गया? सोशल मीडिया पर विरोध बढ़ने के साथ ही मामले ने स्थानीय स्तर पर भी जोर पकड़ लिया। लोगों ने जमीन की पैमाइश कराने, राजस्व अभिलेखों की जांच करने और निर्माण की अनुमति से जुड़े दस्तावेज सामने लाने की मांग की। लेखपाल पहुंचे और रुकवा दिया निर्माण! मामला गर्माने के बाद लेखपाल द्वारा मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवाए जाने की बात सामने आई है। निर्माण रुकने के बाद अब पूरे मामले की असली तस्वीर राजस्व अभिलेखों और जमीन की पैमाइश से सामने आने की उम्मीद है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि लेखपाल ने आखिर किस आधार पर निर्माण रुकवाया? क्या जमीन सरकारी है? क्या निर्माण बिना किसी वैध अनुमति के किया जा रहा था? या फिर जमीन की स्थिति को लेकर कोई दूसरा विवाद है? इन सवालों का जवाब अब राजस्व विभाग की जांच के बाद ही साफ होगा। पहले बोर्ड, फिर कार्रवाई… फिर भी रातोंरात निर्माण! स्थानीय लोगों का दावा है कि उक्त जमीन को लेकर पहले भी नगर पंचायत और राजस्व विभाग की ओर से कार्रवाई की गई थी। जमीन पर सरकारी भूमि का बोर्ड लगाए जाने की बात भी कही जा रही है। ऐसे में सवाल और बड़ा हो जाता है— जब जमीन पर सरकारी होने का बोर्ड लगा था तो उसकी निगरानी कौन कर रहा था? निर्माण शुरू होते समय जिम्मेदार अधिकारी कहां थे? एक दिन में दर्जनों मजदूर लगाकर निर्माण होता रहा और किसी को भनक क्यों नहीं लगी? और सबसे अहम— अगर लेखपाल के पहुंचने के बाद निर्माण रुक सकता है तो शुरुआत में ही इसे क्यों नहीं रोका गया? ‘सेटिंग-गेटिंग’ की चर्चाएं भी तेज0
0
Report
हनुमानगढ़ के सरकारी स्कूल में प्राचार्य ने बच्चों के बीच बैठकर पोषाहार चखा
Hanumangarh, Rajasthan:Location - Hanumangarh (Rajasthan) बच्चों के साथ जमीन पर बैठे प्रिंसिपल, चखा पोषाहार और दूध, गुणवत्ता परखी,महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल नंबर चार में प्राचार्य ने लिया बच्चों से फीडबैक,कमियां मिलने पर कुक कम हेल्पर को दिए सुधार के निर्देश हनुमानगढ़ में सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले पोषाहार और दूध की गुणवत्ता को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं, लेकिन जंक्शन स्थित महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय नंबर चार में प्रिंसिपल ने खुद बच्चों के बीच बैठकर भोजन का स्वाद चखते हुए उसकी गुणवत्ता जांची। सोमवार को प्रिंसिपल मनीष कुमार ने बच्चों के साथ बैठकर पोषाहार व मिड-डे मील खाया और उनसे भोजन को लेकर फीडबैक भी लिया। निरीक्षण के दौरान पोषाहार की गुणवत्ता में कुछ कमियां सामने आने पर प्रिंसिपल ने संबंधित कुक कम हेल्पर से बातचीत कर कमियां दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन मिलना प्राथमिकता है तथा भविष्य में इस प्रकार की कमी दोबारा नहीं आनी चाहिए। प्रिंसिपल मनीष कुमार ने बताया कि वे समय-समय पर स्वयं बच्चों के बीच बैठकर राज्य सरकार की पोषाहार एवं मिड-डे मील योजना की गुणवत्ता की जांच करते हैं।0
0
Report
Advertisement
