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KAILASH NATH VERMAKAILASH NATH VERMAFollow11 Mar 2025, 07:44 am
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नवादा न्यू एरिया में 23 वर्षीय विवाहिता काजल कुमारी की मौत: हत्या या आत्महत्या?

Nawada, Bihar:नवादा न्यू एरिया मोहल्ले में सोमवार को 23 वर्षीय विवाहित युवती का शव किराए के मकान में पंखे से लटका मिला। मृतका की पहचान काजल कुमारी के रूप में हुई है। वह मूल रूप से राजा बीघा की रहने वाली थी। 4 साल पहले लव मैरिज की थी काजल ने रूपौ निवासी छोटू सिंह से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद से दोनों अलग रह रहे थे। करीब 15 दिन पहले ही दोनों रूपौ गांव से नवादा के न्यू एरिया में किराए के मकान में शिफ्ट हुए थे। काजल एक कपड़े की दुकान पर काम करती थी, जबकि छोटू डीजे और टेंट का काम करता है। घटना वाले दिन छोटू सिंह डीजे बजाने के लिए बाहर गया हुआ था। रात में जब वह घर लौटा तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। आवाज देने पर कोई जवाब नहीं मिला। अनहोनी की आशंका पर दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर काजल का शव पंखे से लटका मिला। छोटू ने तुरंत नगर थाना पुलिस को सूचना दी। नगर थाना प्रभारी उमाशंकर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। कमरे की तलाशी ली गई, लेकिन कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया है। मृतका का मोबाइल भी जब्त कर लिया गया है। तीन एंगल से जांच: 1. आत्महत्या: क्या काजल ने खुद जान दी? 2. हत्या की आशंका: क्या किसी ने हत्या कर शव लटकाया? 3. पारिवारिक विवाद: प्रेम विवाह के बाद तनाव तो नहीं था मायके वालों ने तोड़ा था रिश्ता। काजल के परिवार ने प्रेम विवाह के कारण उससे संबंध तोड़ लिए थे। सूचना देने के बाद भी मायके का कोई सदस्य मौके पर नहीं पहुंचा। वहीं, छोटू के पिता पारस सिंह ने बताया कि वह दोनों की शादी से खुश थे और बगल में ही रहते थे। "दोनों में कभी झगड़ा नहीं देखा। पता नहीं काजल ने ऐसा कदम क्यों उठाया"। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार: शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा।
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सुंदरखाल में दशकों बाद बिजली पहुंचाने की योजना पर अमल की उम्मीद

Noida, Uttar Pradesh:रामनगर के सुंदरखाल वन ग्राम में दशकों से बिजली का इंतज़ार कर रहे ग्रामीणों के लिए एक बार फिर उम्मीद की किरण दिखाई दी है, बिजली विभाग की टीम ने सोमवार को गांव पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया और साफ किया कि विभाग की मंशा शुरू से ही गांव तक बिजली पहुंचाने की रही है, लेकिन वन भूमि से जुड़े कानूनी प्रावधानों के कारण काम बीच में रुक गया था, अब विभाग उच्चाधिकारियों के निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई करेगा। रामनगर से महज 13 किलोमीटर दूर स्थित सुंदरखाल एक ऐसा वन ग्राम जहां आज भी करीब ढाई हजार मतदाता रहते हैं, लेकिन बिजली, सड़क, शुद्ध पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं आज भी लोगों के लिए सपना बनी हुई हैं, वर्ष 1975 से यहां रह रहे ग्रामीण लगातार सरकार से या तो विस्थापन की मांग कर रहे हैं या फिर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की गुहार लगा रहे हैं. इसी बीच सोमवार को बिजली विभाग की टीम सुंदरखाल पहुंची, अधिशासी अभियंता गोविंद सिंह कार्की के नेतृत्व में अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया और पुराने विद्युतीकरण कार्य की समीक्षा की, विभागीय अधिकारियों के इस दौरे से ग्रामीणों में एक बार फिर उम्मीद जगी है कि शायद वर्षों पुराना बिजली का इंतजार अब खत्म हो सके. निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता गोविंद सिंह कार्की ने बताया कि सुंदरखाल का क्षेत्र वन विभाग के अधीन आता है, इसके बावजूद यहां रह रहे परिवारों को बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभाग ने केंद्र सरकार की योजना के तहत विद्युतीकरण का प्रस्ताव तैयार किया था, वर्ष 2017 में विभाग ने कई स्थानों पर बिजली के पोल भी स्थापित कर दिए थे और कार्य आगे बढ़ रहा था, लेकिन इसी दौरान वन विभाग की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई, वन भूमि से जुड़े कानूनी प्रावधानों और आवश्यक स्वीकृतियों के अभाव में बिजली विभाग को काम रोकना पड़ा, इसके बाद परियोजना वर्षों तक अधर में लटकी रही और लगाए गए बिजली के पोल आज भी बिना तारों के खड़े हैं. अधिशासी अभियंता ने कहा कि बिजली विभाग हमेशा कानून के दायरे में रहकर काम करता है, विभाग किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं करना चाहता, इसलिए जब तक आवश्यक स्वीकृतियां और उच्चाधिकारियों के निर्देश नहीं मिलते, तब तक आगे का कार्य संभव नहीं है. उन्होंने बताया कि सोमवार का निरीक्षण जमीनी स्थिति का आकलन करने और आगे की रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से किया गया, विभाग अब पूरे मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजेगा, जैसे ही आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, उसी के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी. गोविंद सिंह कार्की ने यह भी जानकारी दी कि सुंदरखाल के विस्थापन को लेकर भी वन विभाग स्तर पर प्रक्रिया चल रही है, यदि विस्थापन के संबंध में कोई अंतिम निर्णय लिया जाता है तो बिजली विभाग भी उसी के अनुसार अपनी कार्ययोजना तैयार करेगा, विभाग का उद्देश्य सभी कानूनी औपचारिकताओं का पालन करते हुए ग्रामीणों तक बिजली जैसी मूलभूत सुविधा पहुंचाना है. दूसरी ओर स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बिजली उनके जीवन की सबसे बड़ी जरूरत है, बच्चों की पढ़ाई बेहतर होगी, घरेलू काम आसान होंगे और गांव में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी, उनका कहना है कि वर्षों बाद अधिकारियों का दोबारा गांव पहुंचना एक सकारात्मक संकेत है. गौरतलब है कि सुंदरखाल के ग्रामीणों की समस्याएं केवल बिजली तक सीमित नहीं हैं, गांव में आज भी सड़क, स्वास्थ्य केंद्र, शुद्ध पेयजल और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, वर्ष 2014 में राज्य सरकार ने ग्रामीणों के विस्थापन के लिए एक समिति का गठन किया था, लेकिन 11 साल बाद भी विस्थापन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी. इसी मुद्दे को लेकर मामला उत्तराखंड हाईकोर्ट में भी लंबित है। जनहित याचिका में मांग की गई है कि या तो सुंदरखाल के ग्रामीणों का शीघ्र विस्थापन किया जाए या फिर उन्हें बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. आज के निरीक्षण के बाद एक बार फिर उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन अंतिम फैसला अब उच्चाधिकारियों और संबंधित विभागों के समन्वय पर निर्भर करेगा, यदि आवश्यक अनुमति मिल जाती है तो वर्ष 2017 से अधूरी पड़ी विद्युतीकरण योजना दोबारा शुरू हो सकती है और सुंदरखाल के लोगों का दशकों पुराना इंतजार आखिरकार समाप्त हो सकता है। सुंदरखाल के लोग पिछले कई दशकों से विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का इंतजार कर रहे हैं, बिजली विभाग का ताजा निरीक्षण उनके लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आया है। अब देखना होगा कि विभागीय और कानूनी प्रक्रियाएं कितनी तेजी से पूरी होती हैं और सुंदरखाल के घरों में आखिर कब रोशनी पहुंचती है।
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गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा: सभी होटल-रेस्टोरेंट पर QR कोड और लाइसेंस अनिवार्य

Noida, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में इस बार कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ मार्ग पर स्थित सभी होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट और खाने-पीने की दुकानों पर संचालक का नाम प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा विभाग का वैध लाइसेंस और क्यूआर (QR) जिसमें रेट की और मेनू की पूरी जानकारी हो का कोड भी लगाना जरूरी रहेगा। जिला प्रशासन द्वारा यह फैसला श्रद्धालुओं को पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के दौरान संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सभी दुकानों पर तय नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए। क्यूआर कोड स्कैन करने पर श्रद्धालु दुकान संचालक का नाम, लाइसेंस से जुड़ी जानकारी और खाद्य पदार्थों की निर्धारित कीमत देख सकेंगे। इससे अधिक कीमत वसूलने और गलत जानकारी देने जैसी शिकायतों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। प्रशासन ने यात्रा के दौरान डीजे को लेकर भी सख्त नियम तय किए हैं।
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नूंह विधायक आफताब अहमद ने जलभराव और केंद्रीय विद्यालय बस सेवा की मांग की

Nuh, Haryana:नूंह विधायक आफताब अहमद ने डीसी से की मुलाकat, जलभराव, स्कूल बस सेवा सहित कई मुद्दे उठाए। नूंह से विधायक आफताब अहमद ने सोमवार को जिला उपायुक्त अखिल पिलानी से मुलाकात कर जिले से जुड़े विभिन्न जनहित के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से बरसात के बाद शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की समस्या, चल रहे एसआईआर अभियान तथा चिलावली गांव स्थित केंद्रीय विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए बस सेवा शुरू करने की मांग प्रमुखता से उठाई। विधायक आफताब अहमद ने कहा कि बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था करने और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने का आग्रह किया। इसके अलावा उन्होंने चिलावली गांव में संचालित केंद्रीय विद्यालय तक विद्यार्थियों के आवागमन की सुविधा के लिए स्कूल बस सेवा शुरू करने की मांग भी रखी। उनका कहना था कि बस सेवा शुरू होने से दूर-दराज के गांवों से आने वाले विद्यार्थियों को काफी राहत मिलेगी। मुलाकात के दौरान विधायक ने जिले से जुड़े अन्य विकास एवं जनसुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर भी उपायुक्त का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि उपायुक्त अखिल पिलानी ने सभी मांगों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। विधायक आफताब अहमद ने उम्मीद जताई कि प्रशासन जल्द ही इन समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएगा, जिससे जिले के लोगों को राहत मिलेगी。
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जयपुर-सीकर राजमार्ग पर होटल आर चन्द्रा चौमूं की शानदार आतिथ्य सर्विस

Jaipur, Rajasthan:जयपुर–सीकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित होटल आर चन्द्रा, चौमूं अपनी उत्कृष्ट आतिथ्य परंपरा, आधुनिक सुविधाओं और बेहतरीन सेवाओं के लिए विशेष पहचान रखता है। यहाँ आरामदायक कमरे, स्वादिष्ट शुद्ध शाकाहारी एवं बहु-व्यंजन भोजन, विशाल बैंक्वेट हॉल और पारिवारिक समारोहों के लिए आकर्षक व्यवस्थाएँ उपलब्ध हैं। विवाह, सगाई, जन्मदिन, कॉर्पोरेट मीटिंग और सामाजिक आयोजनों के लिए होटल एक भरोसेमंद विकल्प बन चुका है। स्वच्छता, गुणवत्तापूर्ण सेवा और अतिथियों के प्रति आत्मीय व्यवहार इसकी सबसे बड़ी पहचान है। होटल का शांत वातावरण, पर्याप्त पार्किंग और अनुभवी स्टाफ हर मेहमान के अनुभव को यादगार बनाते हैं। होटल आर चन्द्रा केवल ठहरने का स्थान नहीं, बल्कि आराम, स्वाद और श्रेष्ठ आतिथ्य का ऐसा केंद्र है, जहाँ हर मेहमान का स्वागत पूरे सम्मान और अपनत्व के साथ किया जाता है। पैलेस का संचालन मुकेश सैनी खुद करते हैं।
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धनपुरी पुलिस ने शराब तस्करों के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार, 179.28 लीटर शराब बरामद

Shahdol, Madhya Pradesh:शहडोल जिले में जंगल के रास्तों को शराब तस्करी का सुरक्षित कॉरिडोर समझने वाले तस्करों के खिलाफ धनपुरी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। लग्जरी आर्टिका कार में अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप लेकर जा रहे तस्कर पुलिस की घेराबंदी की भनक लगते ही वाहन को जंगल में छोड़कर फरार हो गए। हालांकि उनकी जल्दबाजी में छोड़ी गई कार से 179.28 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद हुई। पुलिस ने शराब और तस्करी में प्रयुक्त लग्जरी कार सहित करीब 15 लाख रुपये से अधिक का मशरूका जब्त कर शराब तस्करी के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है।
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भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, नाज़िया इलाही पर कार्रवाई की मांग।

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Puranpur, Uttar Pradesh:भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, नाज़िया इलाही पर कार्रवाई की मांग। पूरनपुर,,भीम आर्मी भारत एकता मिशन के पदाधिकारियों ने सोमवार को उपजिलाधिकारी पूरनपुर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मिशन के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि नाज़िया इलाही द्वारा इस्लाम धर्म की सम्मानित धार्मिक हस्तियों के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं। इससे मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।ज्ञापन सौंपते समय बड़ी संख्या में भीम आर्मी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के विरुद्ध विधिसम्मत एवं कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।साथ ही संगठन ने सभी धर्मों एवं उनके महापुरुषों के सम्मान की रक्षा के लिए प्रभावी और सख्त कानूनी प्रावधान बनाए जाने की भी मांग उठाई।
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राजस्थान में मानसून सक्रिय, अगले चार-पाँच दिन भारी बारिश की संभावना

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है और मौसम विभाग ने अगले चार से पांच दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। पूर्वी भारत में बना डिप्रेशन अब दक्षिण-पूर्वी झारखंड और उत्तरी उड़ीसा के आसपास पहुंच गया है, जिसका असर राजस्थान में भी देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार 6 से 9 जुलाई के बीच उदयपुर और कोटा संभाग सहित दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कई इलाकों में कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। वहीं जयपुर, अजमेर, भरतपुर, बीकानेर और जोधपुर संभाग में भी मेघगर्जन के साथ मध्यम से तेज बारिश की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में भी 7 और 8 जुलाई को बारिश की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि 10 जुलाई के बाद भारी बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आने की संभावना है。
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त्रिलोकी नाथ तिवारी ने विनय कटिहार के बयान पर धीरेंद्र शास्त्री को निशाने

Gonda, Uttar Pradesh:एंकर- खबर गोंडा से है। जहां गोंडा जिले के कर्नलगंज विधानसभा से पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी व कांग्रेस प्रदेश सचिव त्रिलोकी नाथ तिवारी ने अयोध्या के वरिष्ठ भाजपा नेता पूर्व सांसद श्री राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे विनय कटिहार पर धीरेंद्र शास्त्री को लेकर के दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए निशाना साधा है। त्रिलोकी नाथ तिवारी ने कहा कि उनकी भी बुद्धि भ्रष्ट हो गई है उन्होंने भी चढ़ावा खाया है चढ़ने का हिस्सा लिया है। उनकी भी बुद्धि भ्रष्ट हो गई है बिना कटिहार जी की भी अगर बुद्धि भ्रष्ट न होती तो बागेश्वर बाबा के धीरेंद्र शास्त्री जो कर्म से जन्म से ब्राह्मण है। किसी ब्राह्मण का अपमान समझ लीजिए कि वह कितना बड़ा पाप किया है। वह झूठ जो है बजरंग दल और पता नहीं क्या-क्या उन्होंने भी लूट में हिस्सा लिया है इसलिए उनकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई है और इसीलिए उनके मुंह से निकल रही है। क्योंकि भगवान राम के चढ़ने का पैसा जो खाएगा और निश्चित रूप से और नष्ट हो जाएगा और वही हो रहा है। विनय कटिहार भी बहुत गंदी सोच वाला आदमी है पहले भी गंदी सोचता था वह आदमी वह निश्चित रूप से नफरत फैलाने वाला आदमी था। लेकिन अब वह बुद्धि भ्रष्ट हो गई है तो मुझे भी निंदा करता हूं इस तरीके की बातों का。
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1962 के बाद वीरान जादुंग गांव अब होमस्टे से फिर खिल उठेगा पर्यटन

Dehradun, Uttarakhand:एंकर 1962 कि भारत चीन लड़ाई के बाद से बर्बाद हुआ गांव अब होगा आबाद , भारत चीन बॉर्डर का जादुंग गांव जल्द ही पर्यटकों से गुलजार होने जा रहा है। देखिए जी मीडिया की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद का सीमांत गांव है जादुंग, 1962 में भारत चीन लड़ाई के दौरान इस गांव को पूरी तरह से खाली कर दिया गया था। लड़ाई खत्म हुई लेकिन गांव का वीराना खत्म नहीं हो पाया। लेकिन अब 64 साल बाद उत्तरकाशी के इस सीमांत जादुंग गांव में चहल-पहल नजर आने वाली है। सालों से वीरान रहे गांव में अब पर्यटकों की रौनक देखने को मिलेगी। साल में सिर्फ अपनी देव पूजा के लिए जादुंग गांव पहुंचने वाले स्थानीय लोग अब पर्यटकों के स्वागत के लिए गांव में हर समय मौजूद नजर आएंगे। दरअसल उत्तराखंड सरकार ने भारत चीन सीमा के गांव को विकसित करने के लिए केंद्र सरकार की वाइब्रेट विलेज योजना पर युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया है। केंद्र सरकार की वाइब्रेट विलेज योजना के तहत उत्तरकाशी के सीमांत भारत चीन सीमा पर स्थित गांव जादुंग में पर्यटन विभाग एक नई योजना पर काम कर रहा है। पर्यटन और रोमांच के शौकीनों को जल्द उत्तराखंड में भारत चीन सीमा पर अद्भुत सौगात मिलने वाली है. 1962 के भारत-चीन युद्ध के समय खाली कराए गए बॉर्डर के जादुंग गांव में होमस्टे बनने शुरू हो गए हैं. पहले चरण में 6 होमस्टे बन रहे हैं. दूसरे चरण में 17 होमस्टे बनाए जाएंगे. ऐसी उम्मीद है कि साल भर के अंदर जादुंग गांव रोमांचक प्राकृतिक पर्यटन का हब बन जाएगा. उत्तराखंड के पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने बताया है कि जादुंग गांव में पहले चरण के होमस्टे का निर्माण जल्द ही पूरा हो जाएगा । उत्तराखंड के पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने बताया है कि केंद्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत पर्यटन विभाग सहित जीएमवीएन और राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बगोरी गांव के ग्रामीणों के साथ इस गांव का सर्वे किया था. उन्होंने इनरलाइन की बाध्यताओं के चलते वन विभाग और जिला प्रशासन से अनुमति मांगी थी. सभी संबंधति विभागों से अनुमति मिलने के बाद वहां पर प्रथम चरण में 6 होमस्टे के निर्माण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. जिसका कार्य जल्द ही पूरा होने वाला है। इस योजना के तहत वहां पर मुख्य पैदल रास्तों का टाइल्स के साथ और तीन स्थानों पर व्यू प्वाइंट का निर्माण किया जाना है. जादुंग गांव में होमस्टे बनने के बाद बड़े पैमाने पर पर्यटक नजर आएंगे। 1962 से सुनसान पड़े इस गांव में एक बार फिर से रौनक नजर आएगी भारत चीन सीमा के नजदीक के गांव में लोग अगर दोबारा रहने लगे तो यह सुरक्षा के लिहाज से भी बेहतर कदम है। क्योंकि बॉर्डर के यह गांव वासी ही हमारी सीमा के निशुल्क बाहरी हैं
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