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KAILASH NATH VERMAKAILASH NATH VERMAFollow30 Apr 2025, 10:34 am

Gonda - समाजवादी पार्टी के विरोध में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ धरना प्रदर्शन एवं पुतला दहन

Gonda, Uttar Pradesh:

आज भारतीय जनता पार्टी गोंडा द्वारा शहर के अंबेडकर चौराहे पर समाजवादी पार्टी के विरोध में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ धरना प्रदर्शन एवं पुतला दहन किया गया. धरना प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा जिला अध्यक्ष अमर किशोर कश्यप द्वारा किया गया. भाजपाइयों द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर से निकलकर अंबेडकर चौराहे पर स्थित बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं अखिलेश यादव का पुतला दहन किया गया. संयोजन भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित मोर्चा के जिला संयोजक नंदकिशोर नंदू द्वारा किया गया।

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जसपुर में मामूली विवाद के कारण दो पक्ष भिड़े; वीडियो वायरल

Jaspur, Uttarakhand:जसपुर में बीते रोज मामूली बात को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़े वीडियो वायरल. जसपुर में जनपद उधम सिंह नगर के जसपुर कोतवाली क्षेत्र के बीएसबी इंटर कालेज के पास काशीपुर रोड पर उस वक्त अफरा तफरी का माहौल हो गया जब मामूली बात को लेकर दो पक्षों में कहासुनी हो गई जो देखते देखते जंग का मैदान बन गई. दोनों पक्षों में जमकर लातघूंसे और बेल्ट चली. वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि इस घटना में महिलाएं भी पीछे नहीं रही. बताया जा रहा है कि दोनो पक्ष काशीपुर रोड पर जा रहे थे; किसी बात को लेकर दोनो पक्षों में कहासुनी हो गई और नोक-झोंक मारपीट तक पहुंच गई. एक पक्ष की तरफ से महिलाएं भी पीछे नहीं रही. दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई; हंगामा काफी देर तक चलता रहा. राहगीरों ने बीच बचाव करते हुए दोनों पक्षों को शांत कराया. मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वही वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है.
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बड़की बोआ अंडरपास में जलजमाव से ग्रामीणों का आक्रोश, रेलवे अधिकारी-प्रशासन पर दबंगई का इल्जाम

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद में हुई हल्की बारिश ने रेलवे और प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। ईस्ट बसुरिया ओपी क्षेत्र के बड़की बोआ रेलवे अंडरपास में जलजमाव की समस्या एक बार फिर विकराल रूप ले चुकी है। अंडरपास पूरी तरह पानी में डूब गया है, जिससे लोगों का आवागमन ठप हो गया है। लेकिन इस बार जलजमाव से ज्यादा चर्चा रेलवे अधिकारियों के उस रवैये की हो रही है, जिस पर ग्रामीणों और पत्रकारों ने दबंगई का आरोप लगाया है। थोड़ी सी बारिश के बाद ही बड़की बोआ रेलवे अंडरपास तालाब में तब्दील हो गया। सड़क पर कई फीट पानी जमा होने से बाइक और अन्य छोटे वाहन बीच रास्ते में ही बंद हो जा रहे हैं। स्कूली छात्र-छात्राओं को स्कूल जाने में भारी परेशानी हो रही है, जबकि बच्चे जान जोखिम में डालकर इसी पानी में तैरते नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अंडरपास में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बारिश में यही स्थिति उत्पन्न हो जाती है। समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर कुछ दिन पहले भी ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन किया था और डीआरएम का पुतला दहन कर अपना विरोध जताया था। लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। इसी से नाराज ग्रामीण एक बार फिर बड़ी संख्या में अंडरपास पर जुटे और रेलवे प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही रेलवे के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि वे जलजमाव की समस्या का समाधान मांग रहे थे और वैकल्पिक तौर पर रेल क्रॉसिंग खोलने की मांग कर रहे थे, लेकिन अधिकारियों ने उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया। ग्रामीणों के अनुसार अधिकारियों का रवैया पूरी तरह तानाशाहीपूर्ण था। हैरानी की बात यह रही कि मौके पर मौजूद पत्रकार जब ग्रामीणों की समस्याओं और प्रदर्शन की कवरेज कर रहे थे, तब रेलवे अधिकारियों ने उनसे भी कैमरा बंद करने को कहा और कवरेज के लिए लाइसेंस तक मांगने लगे। अधिकारियों के इस व्यवहार से मौके पर मौजूद लोगों में और अधिक आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या का समाधान करने के बजाय अधिकारी अपनी दबंगई दिखाने में लगे रहे। फिलहाल ग्रामीण किसी सक्षम और उच्च रेलवे अधिकारी के मौके पर पहुंचने तथा समस्या के स्थायी समाधान का लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन समाप्त करने के मूड में नहीं हैं। बड़की बोआ अंडरपास में जलजमाव और अधिकारियों के कथित दुर्व्यवहार ने रेलवे प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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उलीडीह हत्या: झाड़ियों में मिला युवक का शव, धारदार हथियार से वार की आशंका

Jamshedpur, Jharkhand:जमशेदपुर के उलीडीह ओपी क्षेत्र में रविवार सुबह एक युवक की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है. आदिवासी क्लब के समीप झाड़ियों में युवक का शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई. बाद में पुलिस पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी. मृतक की पहचान शकोंसाई रोड नंबर-2 निवासी 24 वर्षीय विकास सिंह के रूप में हुई है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है. प्रारंभिक जांच में युवक के सिर पर धारदार हथियार से कई वार किए जाने के निशान मिले हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है. परिजनों के अनुसार विकास सिंह शनिवार देर रात अपने भांजे से मिलने उलीडीह गया था. मुलाकात के बाद वह घर लौटने के लिए निकला, लेकिन देर रात तक घर नहीं पहुंचा. परिवार के लोगों ने उससे कई बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका. रविवार सुबह उलीडीह क्षेत्र में रहने वाली एक युवती ने परिजनों को फोन कर झाड़ियों में एक युवक का शव पड़े होने की सूचना दी. जानकारी मिलते ही परिवार के सदस्य घटनास्थल पहुंचे, जहां शव की पहचान विकास सिंह के रूप में की गई. बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया. मृतक के भाई ने क्षेत्र में सक्रिय नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों पर हत्या का संदेह जताया है. उनका कहना है कि इलाके में आपराधिक गतिविधियां बढ़ रही हैं और संभव है कि विकास किसी आपराधिक वारदात का शिकार हुआ हो. हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी संभावना को खारिज नहीं किया है. पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है. डीएसपी डीएन आज़ाद ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद घटना के कारणों तथा आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आएगी. उन्होंने कहा कि खोजी कुत्तों का सहारा लिया जा रहा है ताकि अपराधियों तक पहुंचा जा सके. डीएसपी ने बताया कि मृतक का कोई क्रिमिनल बैकग्राउंड सामने नहीं आया है. उसका भाई हत्या के एक मामले में जेल से छूटा है. उन्होंने आशंका जताई है कि मृतक की हत्या कहीं और करके शव यहां लाकर फेंका गया है. फिलहाल सभी एंगल से जांच चल रही है. उन्होंने दावा किया कि जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा.
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मीरपुर छोली में दबंगों के हौसले बुलंद, सरकारी पोखर को पाटकर अवैध कब्जे का प्रयास, प्रशासन मौन

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Mathura, Uttar Pradesh:मथुरा ।महावन तहसील क्षेत्र में सरकारी जमीनों और जलाशयों पर अवैध कब्जे का खेल धड़ल्ले से जारी है। ताजा मामला मीरपुर छोली से सामने आया है, जहाँ कुछ रसूखदार और दबंग व्यक्तियों द्वारा एक सरकारी पोखर (तालाब) पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी और सामने आए एक वीडियो के अनुसार, मुख्य सड़क के किनारे स्थित इस सरकारी पोखर को भारी वाहनों (डंपर और ट्रकों) के जरिए मिट्टी डालकर पाटा जा रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक बड़ा डंपर दिन-दिहाड़े पोखर के किनारे मिट्टी पलट रहा है। सड़क किनारे पहले से ही मिट्टी के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं, जो इस बात का गवाह हैं कि यह अवैध काम पिछले कई दिनों से लगातार चल रहा है। सरकारी संपत्तियों और जल स्रोतों को इस तरह नष्ट किए जाने से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि पोखर के पट जाने से न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँचेगा, बल्कि आने वाले समय में जलभराव और मवेशियों के लिए पानी की समस्या भी खड़ी हो जाएगी। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि मुख्य मार्ग पर सरेआम हो रहे इस अवैध कार्य पर स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग ने अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। दबंगों द्वारा बिना किसी डर के इस तरह सरकारी जमीन पर कब्जा करना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय जनता ने जिला प्रशासन और भू-माफिया विरोधी टास्क फोर्स से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। ग्रामीणों की माँग है कि: इस अवैध कब्जे को तुरंत रुकवाया जाए। पोखर में डाली गई मिट्टी को हटाकर उसे पुराने स्वरूप में लाया जाए। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वाले दबंगों और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई (एफआईआर) दर्ज की जाए। अब देखना यह होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारी कब जागते हैं और इन रसूखदारों पर क्या एक्शन लिया जाता है।
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झारखंड राज्यसभा सीटों के लिए मतदान 18 जून तय, भाजपा केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा

Ranchi, Jharkhand:झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, इन सीटों के लिए मतदान 18 जून को होगा। राज्यसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी की चुनाव समिति की बैठक संपन्न हो गई थी, नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi ने बताया कि चुनाव समिति ने संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा कर उन्हें केंद्रीय नेतृत्व के पास भेज दिया है। मरांडी ने कहा कि पार्टी ने झारखंड की भावनाओं और संगठन की राय से केंद्रीय नेतृत्व को अवगत करा दिया है। अब अंतिम निर्णय पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों के नामों की घोषणा केंद्रीय नेतृत्व द्वारा निर्णय लिए जाने के बाद की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के दौरे को राज्यसभा चुनाव से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। केंद्रीय नेतृत्व विभिन्न राज्यों के नियमित संगठनात्मक कार्यक्रमों में व्यस्त है और उचित समय पर राज्यसभा उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी जाएगी। बाइट: बाबूलाल मरांडी, नेता प्रतिपक्ष.
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मधेपुरा बेलारी में 10 वर्षीय छात्रा के दुष्कर्म के आरोप में कोचिंग संचालक गिरफ्तार

Madanpur, Bihar:मधेपुरा के कुमारखंड प्रखंड के बेलारी थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गांव में एक निजी कोचिंग संचालक ने 10 वर्षीय वर्ग चार की छात्रा के साथ दुष्कर्म जैसी घिनौनी घटना को अंजाम देकर गुरु और शिष्या के पवित्र रिश्ते को तार तार कर दिया। जानकारी के अनुसार अपने मौसी मौसा के घर रहकर पढ़ाई कर रही एक 10 वर्षीय छात्रा अन्य दिनों की तरह कोचिंग पढ़ने गई थी। कोचिंग में छुट्टी के बाद सभी बच्चे अपने अपने घर चले गए और कुछ छात्र छात्राएं कोचिंग में लगे फोटो स्टेट मशीन से आधार कार्ड की छायाप्रति कराने रुक गई। इसी दौरान कोचिंग संचालक उस लड़की को वर्ग कक्ष में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म जैसी घटना को अंजाम देने लगा। इस दौरान छात्रा के चिल्लाने की आवाज बाहर नहीं जा सके इसके लिए उसके मुंह में आरोपी शिक्षक ने कपडे ठूंस दिए। काफी देर बाद भी जब छात्रा घर वापस नहीं लौटी तो छात्रा के मौसा उन्हें तलाशते हुए कोचिंग पहुंचे। कोचिंग के फोटो स्टेट मशीन पर संचालक को नहीं पाकर वर्ग कक्ष में चले गए। जहां उन्होंने कोचिंग संचालक को छात्रा के साथ दुष्कर्म करते रंगे हाथ पकड़ लिया। इस दौरान छात्रा बेहोश थी और मुंह में कपडा ठुंसा हुआ था। मौसा द्वारा छात्रा के मुंह में ठुंसे कपडे को निकालने के दौरान मौके का फायदा उठाते हुए दुष्कर्मी कोचिंग संचालक वहां से फरार हो गया। परिजनों ने घटना की सुचना थानाध्यक्ष वरुण कुमार को दे दी। सुचना पाते ही थानाध्यक्ष घटना स्थल पर पहुंच कर बेहोश छात्रा को इलाज एवं मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल मधेपुरा भेज दिया। जहां समुचित इलाज के बाद मेडिकल जांच किया गया और महिला थाना मधेपुरा में कोचिंग संचालक शंकर कुमार मंडल के खिलाफ नाबालिग के साथ दुष्कर्म मामले में केस दर्ज कराई गई। केस दर्ज होने के बाद महिला थानाध्यक्ष एवं बेलारी थाना पुलिस द्वारा दुष्कर्मी के खिलाफ संयुक्त रूप से छापामारी की कार्रवाई की गई। इधर दूसरी ओर रेनबो साईंस सर्किट के नाम से संचालित कोचिंग सेंटर को प्रशासन ने सील कर दिया है। इस घटना को लेकर पुरे गांव में कोचिंग संचालक के खिलाफ आक्रोश देखा जा रहा है.
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राजस्थान में जल संरक्षण के लिए वंदे गंगा साइकिल रैली आयोजित

Kota, Rajasthan:साइकिल रैली के जरिए लिया जल संरक्षण का संकल्प राजस्थान सरकार की जल संरक्षण की मुहिम "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" ke अंतर्गत रविवार को जिला प्रशासन एवं खेल विभाग के तत्वावधान में रविवार प्रातः श्रीनाथपुरम स्टेडियम में वन्दे गंगा साइकिल रैली निकाली गई। मुख्य अतिथि आयुक्त नगर निगम, ओम प्रकाश मेहरा तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद कमल कुमार मीणा ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। राजस्थान सरकार द्वारा संचालित इस जन अभियान की महत्ता बताई व भविष्य के लिए जल आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से जल संरक्षण का आह्वान किया व शपथ दिलाई। रैली के माध्यम से खिलाडियों व अन्य सहभागियों ने आमजन को जल संरक्षण का संदेश दिया。 उल्लेखनीय है कि वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 25 मई से 5 जून तक चलाया जा रहा है। इसके तहत रविवार को खेल विभाग द्वारा गतिविधियों का आयोजन किया गया। जिला खेल अधिकारी वाई बी सिंह ने मुख्य अतिथियों का स्वागत किया कर कार्यक्रम की जानकारी प्रदान की।
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प्रधानमंत्री मोदी ने गंगा डॉल्फिन बचाव की प्रेरक कहानी से संरक्षण संदेश दिया

Noida, Uttar Pradesh:आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने आज मन्नकी बात कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश में गंगा डॉल्फिन के सफल रेस्क्यू की प्रेरक कहानी साझा की। 13 घंटे के अथक प्रयासों के बाद इस दुर्लभ जलीय जीव को सुरक्षित बचाया गया। नमामि गंगे अभियान के अंतर्गत अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त भारत की पहली Dolphin Rescue Ambulance की सहायता से डॉल्फिन का उपचार किया गया और उसे राप्ती नदी में सुरक्षित छोड़कर जैव-विविधता संरक्षण और संवेदनशीलता का प्रेरक संदेश दिया गया। पर्यावरण और जीव संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाती इस प्रेरक पहल को राष्ट्रीय मंच पर स्थान देने हेतु हार्दिक आभार प्रधानमंत्री जी।
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नौतपा की भीषण गर्मी में 3-6 वर्ष के बच्चों के आंगनबाड़ी केंद्रों पर सवाल

Nagaur, Rajasthan:नौतपा की भीषण गर्मी में नन्हे मुन्ने परेशान 3 से 6 वर्ष के बच्चों को आना पड़ रहा आंगनबाड़ी केंद्र सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों में अवकाश मगर आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित, यह कैसा फरमान ? क्या छोटे बच्चों को नहीं लगती गर्मी ? मेड़ता उपखंड क्षेत्र के सभी सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों में ग्रीष्म कालीन अवकाश के आदेश पर स्कूल बंद कर दी गई हैं, लेकिन 3 से 6 वर्ष के नन्हे मुन्ने बच्चों की प्रथम पाठशाला आंगनबाड़ी केंद्रों पर नौतपा की इस भीषण गर्मी में भी बच्चों को बुलाकर बीमार होने पर मजबूर किया जा रहा। आंगनबाड़ी केंद्र संचालिकाओं का मानना है कि इस भीषण गर्मी में बच्चों को केंद्र पर लाना और उन्हें लू से बचाना बड़ा कठिन कार्य है। नौतपा की 43 से 45 डिग्री की गर्मी बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। विभाग को आंगनबाड़ी केंद्र को संचालित रखने के आदेश के साथ-साथ बच्चों के अवकाश के आदेश जारी करने चाहिए, ताकि नन्हे मुन्ने बच्चों को राहत मिल सके। मेड़ता के गंगारडी गांव के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के घर में संचालित केंद्र संख्या 1 की कार्यकर्ता संतोष शर्मा ने बताया कि तेज गर्मी और लू में बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र तक लाने,छोड़ने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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यमुनानगर में आंधी-तूफान से पेड़ गिरा; पोंटा साहिब-जगाधरी हाईवे तीन घंटे जाम

Yamuna Nagar, Haryana:एंकर- यमुनानगर में तेज आंधी और तूफान के चलते कलेसर गांव के पास पोंटा साहिब-जगाधरी नेशनल हाईवे पर एक विशालकाय पेड़ सड़क के बीचों-बीच गिर गया। पेड़ गिरने से हाईवे पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और करीब तीन घंटे तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। सैकड़ों वाहन चालक और यात्री जाम में फंसे रहे। बाद में वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पेड़ को काटकर सड़क से हटाया, जिसके बाद यातायात बहाल हो सका। वीओ-कलेसर गांव के पास तेज आंधी और तूफान के दौरान एक विशालकाय पेड़ अचानक उखड़कर पोंटा साहिब-जगाधरी नेशनल हाईवे पर गिर गया। पेड़ इतना बड़ा था कि उसने सड़क के दोनों लेन पूरी तरह बंद कर दीं। देखते ही देखते हाईवे के दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। ट्रक, बसें, कारें और दोपहिया वाहन घंटों तक जाम में फंसे रहे।करीब तीन घंटे तक हाईवे पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा। भीषण गर्मी और उमस के बीच जाम में फंसे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई, जबकि छोटे बच्चों और बुजुर्गों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन को सूचना देकर जल्द कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पेड़ को काटने का काम शुरू किया। कर्मचारियों ने काफी मशक्कat के बाद पेड़ की शाखाओं को हटाया और मुख्य तने को काटकर सड़क के किनारे किया। इसके बाद हाईवे पर यातायात को धीरे-धीरे सामान्य किया गया। हालांकि समय रहते वन विभाग की कार्रवाई से यातायात बहाल हो गया, लेकिन तीन घंटे तक लगे लंबे जाम ने सैकड़ों वाहन चालकों को परेशान कर दिया। तेज आंधी और खराब मौसम के चलते लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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पानीपत के अंसल में बिजली शिकायतें अब त्वरित निस्तारण के लिए शिकायत केंद्र खुला

Panipat, Haryana:LOCATION 2C APP PANIPAT STORY BY RAKESH BHAYANA अंसलवासियों को बड़ी राहत: बिजली शिकायतों के समाधान के लिए खुला कंप्लेंट सेंटर कैबिनेट मंत्री महिपाल ढांडा ने किया उद्घाटन, कहा— अब भटकना नहीं पड़ेगा, शिकायतों का होगा त्वरित निस्तारण पानीपत। लंबे समय से बिजली संबंधी समस्याओं से जूझ रहे अंसल क्षेत्र के निवासियों को अब बड़ी राहत मिलने जा रही है। क्षेत्र में बिजली शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एक विशेष बिजली कंप्लेंट सेंटर की शुरुआत की गई है। इसका उद्घाटन हरियाणा के कैबिनेट मंत्री महिपाल ढांडा ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अंसल जैसे बड़े क्षेत्र में हजारों परिवार निवास करते हैं और बिजली संबंधी शिकायतों के लिए लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ता था। अब शिकायत केंद्र खुलने से लोगों की समस्याओं का व्यवस्थित तरीके से समाधान हो सकेगा। महिपाल ढांडा ने कहा कि अंसल के लोगों ने अपनी सूझबूझ और सामूहिक प्रयास से यह सराहनीय पहल की है। शिकायत केंद्र में एक रजिस्टर रखा जाएगा, जिसमें निवासी अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे। संबंधित अधिकारी मौजूद होने पर तत्काल सुनवाई होगी और अनुपस्थित होने की स्थिति में दर्ज शिकायतों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि करीब साढ़े तीन सौ एकड़ में फैली इस कॉलोनी में लगभग तीन हजार परिवार रहते हैं। ऐसे बड़े क्षेत्र में शिकायत निवारण के लिए एक स्थायी व्यवस्था की आवश्यकता थी, जिसे अब पूरा कर दिया गया है। पानी की समस्या पर भी जल्द होगी कार्रवाई कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों ने अंसल में व्याप्त पेयजल संकट का मुद्दा भी उठाया। इस पर महिपाल ढांडा ने कहा कि उन्हें मौके पर ही इस समस्या की जानकारी मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस संबंध में जिला उपायुक्त (डीसी) से बातचीत कर जल्द समाधान का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अंसल प्रबंधन से जुड़े कई लोग क्षेत्र से नदारद हैं और उनके खिलाफ मुकदमे भी दर्ज हैं। पहले बिजली समस्या के समाधान के लिए भी करीब चार महीने तक लगातार प्रयास करने पड़े थे। उन्होंने बताया कि स्थानीय पार्षद अनीता इस मामले को लगातार उठा रही हैं और जल्द ही पानी की समस्या का भी समाधान कराया जाएगा। ढांडा ने कहा कि जहां भी उनकी जरूरत होगी, वे अंसल के निवासियों के साथ खड़े रहेंगे और क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए हर संभव सहयोग करेंगे। बाइट महिपाल ढांडा शिक्षा मंत्री
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आस्था के नाम पर मौत का सफर, गोवर्धन मेले में प्रशासनिक दावों की खुली पोल, जान जोखिम में डालकर सफर कर

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Mathura, Uttar Pradesh:मथुरा । पुरुषोत्तम मास और पूर्णिमा पर्व के पावन अवसर पर गिरिराज परिक्रमा के लिए उत्तर प्रदेश के मथुरा (गोवर्धन) में श्रद्धालुओं का एक अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा है। लाखों की संख्या में पहुंचे इन भक्तों की भारी भीड़ के आगे जिला प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा किए गए सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे पूरी तरह से ध्वस्त नजर आ रहे हैं। व्यवस्थाओं का दम भरने वाला परिवहन मंत्रालय इस गंभीर लापरवाही पर फिलहाल मूकदर्शक बना हुआ है। बसों की छतों पर 'मौत का सफर' मेले के दौरान जमीनी हकीकत दावों से कोसों दूर दिखाई दे रही है। रेलवे और स्थानीय प्रशासन द्वारा अतिरिक्त संसाधन लगाने की बातें केवल कागजी साबित हुई हैं। पर्याप्त बसें और परिवहन के साधन न मिलने के कारण श्रद्धालु अपनी जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि रात के समय 'जय राधा रानी की' और 'ठाकुर' लिखी निजी व रोडवेज बसों के अंदर पैर रखने की जगह नहीं है। मजबूरी में दर्जनों युवा और श्रद्धालु बसों की छतों पर लटके और बैठे हुए हैं। यही नहीं, सड़कों पर चल रहे टेंपो और अन्य हल्के वाहन भी क्षमता से कई गुना अधिक ओवरलोड होकर दौड़ रहे हैं। प्रशासनिक मुस्तैदी गायब, हादसों को न्योता हाईवे और मेला क्षेत्र के मुख्य मार्गों पर बिजली के लटकते तारों और पेड़ की टहनियों के बीच इस तरह बसों की छतों पर सफर करना किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि सड़कों पर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद इन ओवरलोडेड वाहनों और छतों पर बैठे लोगों को रोकने टोकने वाला कोई नहीं है। श्रद्धालुओं का दर्द: "परिक्रमा पूरी करने के बाद घर लौटने के लिए कोई साधन नहीं मिल रहा है। घंटों इंतजार करने के बाद जो भी बस आ रही है, वह पहले से ही ठसाठस भरी है। ऐसे में मजबूरी में छत पर चढ़कर सफर करना पड़ रहा है।" उठ रहे हैं गंभीर सवाल लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को रामभरोसे छोड़कर परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लिया है। जब पहले से अनुमान था कि पूर्णिमा पर लाखों की भीड़ जुटेगी, तो अतिरिक्त बसों का सुचारू इंतजाम क्यों नहीं किया गया? बसों की छतों पर खुलेआम यात्रा कर रहे लोगों के चालान क्यों नहीं काटे जा रहे और उन्हें नीचे क्यों नहीं उतारा जा रहा? अगर इस लापरवाही के कारण कोई बड़ा हादसा होता है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? फिलहाल, आस्था के इस महापर्व में उमड़ा जनसैलाब प्रशासनिक कुप्रबंधन के चलते खौफनाक सफर करने को मजबूर है, और जिम्मेदार अधिकारी अब भी गहरी नींद में सोए हुए हैं।
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कॉर्बेट में छुट्टियों की धूम: कल सुबह 345+ जीपों से जंगल सफारी

Noida, Uttar Pradesh:कॉर्बेट नगरी रामनगर में पर्यटन सीजन इन दिनों पूरे उफान पर है, बच्चों की छुट्टियों और गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक उत्तराखंड का रुख कर रहे हैं, इसका असर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व और उससे जुड़े पर्यटन जोनों की बुकिंग पर साफ दिखाई दे रहा है, स्थिति यह है कि कल सुबह की पाली के लिए अधिकांश पर्यटन जोन पूरी तरह पैक हो चुके हैं और सैकड़ों पर्यटक जंगल सफारी के जरिए वन्यजीवों के दीदार का इंतजार कर रहे हैं. जानकारी के अनुसार अलग-अलग पर्यटन जोनों से कल सुबह और शाम की पालियों में बड़ी संख्या में जिप्सियां और कैंटर पर्यटकों को जंगल भ्रमण पर लेकर जाएंगी. सुबह की पाली में ही 345 से अधिक जिप्सियों के माध्यम से पर्यटक जंगल सफारी का आनंद लेंगे, जबकि ढिकाला जोन में 4 कैंटरों से करीब 64 पर्यटक जंगल की सैर करेंगे. दुर्गा देवी पर्यटन जोन में सुबह की पाली में 15 और शाम की पाली में 15 जिप्सियां पर्यटकों को जंगल सफारी पर लेकर जाएंगी, वहीं गर्जिया जोन में 30, बिजरानी जोन में 30, और ढेला पर्यटन जोन में सुबह 15 तथा शाम को 15 जिप्सियों की व्यवस्था रहेगी. झिरना पर्यटन जोन में 30 जिप्सियां सुबह की पाली में संचालित होंगी, जबकि कॉर्बेट लैंडस्केप के हाथीडंगर जोन में सुबह 25 और शाम 25 जिप्सियां पर्यटकों को भ्रमण कराएंगी। भंडारपानी जोन में भी सुबह और शाम दोनों पालियों में 30-30 जिप्सियां सफारी के लिए जाएंगी. इसके अलावा पवलगढ़ गेट सितावनी में सुबह 60 और शाम 60 जिप्सियां पर्यटकों को जंगल सफारी कराएंगी. वहीं टेड़ा गेट सितावनी में सुबह की पाली में 60 जिप्सियां संचालित होंगी. ढिकाला पर्यटन जोन में सुबह 4 कैंटर और शाम को 4 कैंटर पर्यटकों को जंगल भ्रमण पर लेकर जाएंगे. वहीं फाटों पर्यटन जोन में भी पर्यटकों की जबरदस्त मांग देखने को मिल रही है, जहां सुबह की पाली में 50 और शाम की पाली में 50 जिप्सियां संचालित होंगी. पर्यटन कारोबारियों नमित अग्रवाल, ऋषभ अग्रवाल का कहना है कि इस बार बच्चों की छुट्टियों के साथ-साथ कॉर्बेट और आसपास के हिल स्टेशनों को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. पर्यटक सिर्फ जंगल सफारी ही नहीं बल्कि पहाड़, स्थानीय संस्कृति और प्राकृतिक वातावरण का भी अनुभव लेने पहुंच रहे हैं. रामनगर में लगातार बढ़ती पर्यटक संख्या के चलते होटल, रिसॉर्ट और स्थानीय पर्यटन गतिविधियों में भी तेजी देखने को मिल रही है. वहीं वन विभाग और पर्यटन प्रबंधन से जुड़े लोग भी बढ़ती भीड़ के बीच बेहतर व्यवस्था बनाए रखने की तैयारी में जुटे हैं. कॉर्बेट के पर्यटन जोनों की फुल बुकिंग और सफारी के लिए बढ़ती मांग इस बात का संकेत है कि गर्मियों की छुट्टियों में जंगल पर्यटन लोगों की पहली पसंद बना हुआ है और कॉर्बेट नगरी एक बार फिर पर्यटकों से गुलजार होने जा रही है.
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