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NAGESHWER NATH SINGHNAGESHWER NATH SINGHFollow8 Jan 2025, 09:12 am
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16वीं करणी माता पदयात्रा सुलताना से देशनोक धाम पहुंची, भक्तों में उत्साह

Jhunjhunu, Rajasthan:सुलताना, झुंझुनूं सुलताना से देशनोक धाम के लिए रवाना हुई 16वीं पदयात्रा मालुपुरा रोड स्थित करणी माता मंदिर से रवाना हुई पदयात्रा शारदीय नवरात्र पर निकली मां करणी के भक्तों की 16वीं पदयात्रा झुंझुनूं, मंडावा, फतेहपुर और डूंगरगढ़ होते हुए सप्तमी को पहुंचेगी देशनोक देशनोक धाम में मां करणी के दरबार में चढ़ाया जाएगा निशान शारदीय नवरात्र के अवसर पर झुंझुनूं जिले के सुलताना कस्बे के मालुपुरा रोड स्थित करणी माता मंदिर परिसर से मां करणी के भक्तों की 16वीं पदयात्रा देशनोक धाम के लिए रवाना हुई। पदयात्रा के रवाना होने से पहले मंदिर परिसर में विधि-विधान के साथ निशान की पूजा-अर्चना की गई। पंडित मधुसूदन जोशी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न करवाई। इसके बाद मां करणी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शोभायात्रा कस्बे के मुख्य मार्गों से होते हुए देशनोक धाम के लिए रवाना हुई। पदयात्रा में श्रद्धालु हाथों में निशान लेकर नाचते-गाते और मां करणी के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। भजन-कीर्तन के बीच पूरे कस्बे में धार्मिक उत्साह और भक्तिमय माहौल नजर आया। पदयात्रा के रवाना होने के दौरान कस्बेवासियों ने जगह-जगह श्रद्धालुओं का स्वागत किया ।पदयात्रा संयोजक जितेंद्र ने बताया कि मां करणी के प्रति आस्था और श्रद्धा के साथ यह 16वीं पदयात्रा निकाली गई है। पदयात्रा सुलताना से रवाना होकर झुंझुनूं, मंडावा, फतेहपुर और डूंगरगढ़ होते हुए शारदीय नवरात्र की सप्तमी को देशनोक धाम पहुंचेगी। वहां श्रद्धालु माँ करणी के दरबार में निशान चढ़ाकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।पदयात्रा के रवाना होने के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। मां करणी के जयकारों और भजनों के साथ आगे बढ़ते पदयात्रियों के कारण कस्बे का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
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ह हिमाचल के शिंकुला दर्रे पर 3 इंच से अधिक बर्फबारी, बाइकर्स फंसे, रेस्क्यू

Yoche, Himachal Pradesh:हिमाचल में मौसम का यू-टर्न, शिंकुला दर्रे पर 3 इंच से ज्यादा बर्फबारी… फंसे बाइकर्स का रेस्क्यू हिमाचल प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की दस्तक के साथ ही मौसम ने करवट बदली है। प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश का दौर जारी है, तो वहीं ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी ने ठंड बढ़ा दी है। लाहौल-स्पीति के शिंकुला दर्रे पर तीन इंच से ज्यादा बर्फबारी दर्ज की गई है। ताजा बर्फबारी के चलते यहां यातायात प्रभावित हुआ है। इसी दौरान दर्रा पार कर रहे कुछ बाइकर्स के फंसने की सूचना मिली, जिसके बाद लाहौल-स्पीति पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी सैलानियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर वापस भेजा। पुलिस ने पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए अपील की है कि बर्फबारी और सड़क से बर्फ हटाने का काम पूरा होने तक ऊंचाई वाले इलाकों की ओर यात्रा करने से बचें। फिलहाल शिंकुला दर्रे पर मौसम की स्थिति क्या है और ताजा बर्फबारी के बाद वहां कैसे हालात बने हुए हैं, देखिए ये तस्वीरें। स्नोफ्लेक्स/ हिमाचल की बर्फबारी के दृश्य और रेस्क्यू किए बाइकर की तस्वीरें
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निगोही में किसानों ने सिस्टम को 'मृत' घोषित कर फ्रीजर में पुतला रखा

Piprola Ahmedpur, Uttar Pradesh:अक्सर आपने सुना होगा कि सरकारी सिस्टम ‘कोमा’ में चला गया है, लेकिन शाहजहांपुर के निगोही में तो किसानों ने सीधे सिस्टम का 'डेथ सर्टिफिकेट' ही जारी कर दिया। चार दिन से धरने पर बैठे किसान जब कागजी कार्रवाई और आश्वासनों से थक गए, तो उन्होंने एक अनोखा इलाज ढूंढा। उन्होंने नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी (EO) को जिंदा रहते ही 'मृत' घोषित कर दिया। यही नहीं, बकायदा शव रखने वाला फ्रीजर मंगाया गया, पुतला अंदर लिटाया गया और कफन के लिए राहगीरों से चंदे की झोली फैला दी गई। तस्वीरें उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले की नगर पंचायत निगोही की हैं। पहली नजर में लगे कि किसी बड़े रसूखदार की अंतिम यात्रा की तैयारी चल रही है। सड़क पर मातम का माहौल, सामने रखा शव सुरक्षित करने वाला डीप फ्रीजर, और अंदर लेटा हुआ एक पुतला। लेकिन ठहरिए, यह कोई सचमुच का जनाजा नहीं, बल्कि 'मरी हुई व्यवस्था' का जीता-जागता पोस्टमार्टम है। ​भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं का कहना है कि निगोही में विकास कार्य इतने ठंडे बस्ते में चले गए हैं कि अब अधिकारी को भी ठंडे फ्रीजर की ही जरूरत महसूस हो रही थी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पिछले चार दिनों से वे अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे। सड़कें टूटी हैं, नालियां बजबजा रही हैं, विकास फाइलों में दम तोड़ चुका है। लेकिन साहब के कान पर जूं तक रेंगी नहीं। जब जिंदा अधिकारी तक आवाज नहीं पहुंची, तो किसानों ने मान लिया कि शरीर भले कुर्सी पर हो, लेकिन अफसर की ‘संवेदनशील आत्मा’ का देहांत हो चुका है। ​और जब आत्मा ही नहीं बची, तो फिर जिंदा होने का ढोंग कैसा? फौरन बाजार से फ्रीजर मंगवाया गया, पुतला तैयार हुआ और दफ्तर के बाहर ससम्मान 'पार्थिव शरीर' को स्थापित कर दिया गया। कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। जनाजा उठता तो कफन भी चाहिए था। किसानों ने हाथ में झोली उठाई और बाजार में निकल पड़े कफन के लिए भीख मांगने। राहगीरों से एक-एक, दो-दो रुपये जुटाए गए ताकि सिस्टम के इस प्रतीकात्मक शव को कफन नसीब हो सके। किसानों का सीधा तंज था—"जब विकास के लिए बजट नहीं है, तो कफन के लिए भी जनता ही चंदा दे दे।" फिलहाल किसान यूनियन का यह धरना प्रदर्शन पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना रहा।
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पिलानी में गेट तोड़ विवाद, बुजुर्ग की मौत; अस्पताल में पोस्टमार्टम की तैयारी

Jhunjhunu, Rajasthan:पिलानी, झुंझुनूं पिलानी में मारपीट की शिकायत देने पहुंचे बुजुर्ग की मौत बिशनपुरा गांव में घर के बाहर अस्थायी गेट तोड़ने पर हुआ विवाद मृतक की पत्नी राजवंती से मारपीट, बीच-बचाव करने पहुंचे सुमेर सिंह से भी मारपीट का आरोप 70 वर्षीय सुमेर सिंह शिकायत लेकर पहुंचे थे पिलानी थाने प्रार्थना पत्र देते समय अचानक चक्कर खाकर गिरे, अस्पताल में मृत घोषित मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम, पुलिस कर रही मामले की जांच झुंझुनूं जिले के पिलानी क्षेत्र के बिशनपुरा गांव में घर के बाहर लगे अस्थायी गेट को तोड़ने को लेकर विवाद हो गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि इस दौरान सुमेर सिंह की पत्नी राजवंती देवी के साथ मारपीट की गई। पत्नी को बचाने पहुंचे झगड़े में सुमेर सिंह also?— Correction: ادامه परिजनों के अनुसार, राजवंती देवी के साथ मारपीट होते देख सुमेर सिंह बीच-बचाव करने पहुंचे। आरोप है कि उनके साथ भी मारपीट और बदसलूकी की गई। इसके बाद सुमेर सिंह परिजनों के साथ शिकायत दर्ज करवाने पिलानी थाने पहुंचे। पुलिस को प्रार्थना पत्र देने के दौरान सुमेर सिंह को अचानक चक्कर आया और वह गिर पड़े। पुलिसकर्मियों और परिजनों ने उन्हें CPR दिया तथा तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद शव को मोर्चरी में रखवाया गया। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा। वहीं, मारपीट के आरोपों की भी जांच की जा रही है।
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छोटी काशी में शारदीय नवरात्र का उत्साह: अभिजित मुहूर्त में घटस्थापना

Jaipur, Rajasthan:Anchor-आज से शक्ति की भक्ति का महापर्व शुरू हो गया है... छोटी काशी के देवी मंदिर माता के जयकारों से गूंज उठे हैं... कहीं मां के दर्शनों की आस में घंटों इंतजार करते श्रद्धालु, तो कहीं हाथों में चुनरी और पूजा की थाली लेकर सुख-समृद्धि की कामना करते भक्त नजर आए... तीन साल बाद विशेष संयोग में सुबह के बजाय अभिजित मुहूर्त में घटस्थापना हुई... आमेर के प्रसिद्ध शिला माता मंदिर में सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर घटस्थापना के बाद भक्तों के लिए पट खोले गए... मां शैलपुत्री की आराधना के साथ इस बार दस दिवसीय शारदीय नवरात्र का आगाज हुआ है... देखिए छोटी काशी में आस्था, भक्ति और शक्ति के अद्भुत संगम की ये रिपोर्ट... VO-1-जय माता दी... जय अम्बे गौरी... के जयकारों से रविवार को छोटी काशी के देवी मंदिर गूंज उठे। कहीं मां के चरणों में शीश नवाकर सुख-समृद्धि की कामना करते श्रद्धालु, तो कहीं हाथों में पूजा की थाली और चुनरी लेकर दर्शनों के लिए अपनी बारी का इंतजार करते भक्त। शारदीय नवरात्र के पहले दिन राजधानी में आस्था, भक्ति और शक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। मां शैलपुत्री की आराधना के साथ शक्ति साधना के महापर्व का शुभारंभ हुआ। घरों से लेकर देवी मंदिरों तक अभिजित मुहूर्त में घटस्थापना कर मां भगवती का आह्वान किया गया। मंदिरों में शंख, घंटा-घड़ियाल और माता के जयकारों के बीच विशेष पूजा-अर्चना हुई। श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर परिवार की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की। आamer स्थित प्रसिद्ध शिला माता मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं। भक्तों को मां के दर्शनों के लिए घटस्थापना का इंतजार करना पड़ा। सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर विधि-विधान से घटस्थापना हुई। इसके बाद मंदिर के पट दर्शनार्थियों के लिए खोल दिए गए। पट खुलते ही माता के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा। लंबे इंतजार के बाद मां की एक झलक पाकर श्रद्धालु भावविभोर नजर आए। नवरात्र के पहले दिन देवी मंदिरों में श्रद्धा के अलग-अलग रंग नजर आए। कोई परिवार की खुशहाली की मन्नत लेकर पहुंचा तो कोई जीवन के संकट दूर होने की प्रার্থना करता दिखाई दिया। बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक में माता के दर्शनों को लेकर उत्साह रहा। श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में नारियल, चुनरी और पुष्प अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। भक्तों की आस्था के आगे दर्शनों का इंतजार भी छोटा नजर आया। VO-2-आमेर के शिला माता मंदिर के साथ ही मनसा माता, दुर्गापुरा के दुर्गा माता मंदिर, सूरजपोल स्थित रुद्र घंटेश्वरी माता मंदिर, घाटगेट स्थित काली माता मंदिर, झालाना पहाड़ी स्थित कालक्या माता मंदिर और राजापार्क के वैष्णो देवी मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों में नवरात्र की विशेष आराधना का दौर शुरू हुआ। मंदिरों में मां भगवती के विशेष शृंगार, आरती, दुर्गा सप्तशती पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। नवरात्र के दौरान नौ स्वरूपों की आराधना के साथ मंदिरों में भक्ति का उल्लास बना रहेगा। इस बार शारदीय नवरात्र की शुरुआत ज्योतिषीय दृष्टि से भी खास रही। तीन साल बाद घटस्थापना का मुहूर्त सुबह के बजाय अभिजित काल में रहा। ज्योतिषाचार्य पं. दामोदर प्रसाद शर्मा के मुताबिक सुबह चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग के कारण घटस्थापना के लिए अभिजित मुहूर्त को श्रेष्ठ माना गया। सुबह 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 37 मिनट तक शुभ मुहूर्त रहा। इस दौरान श्रद्धालुओं ने घरों और मंदिरों में कलश स्थापित कर अखंड ज्योत प्रज्वलित की और मां भगवती का आह्वान किया। इस बार शारदीय नवरात्र में सप्तमी तिथि की वृद्धि होने के कारण पर्व दस दिन तक चलेगा। ज्योतिषाचार्य शर्मा के अनुसार पिछले दो वर्षों में तृतीया तिथि की वृद्धि हुई थी, जबकि इस बार सप्तमी तिथि की वृद्धि का संयोग बना है। ऐसे में श्रद्धालुओं को मां भगवती की आराधना के लिए एक अतिरिक्त दिन मिलेगा। नवरात्र के दौरान दुर्गा सप्तशती पाठ, हवन, कन्या पूजन और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम चलेगा। देवी मंदिरों के साथ घरों में भी नवरात्र का उल्लास दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने पूजा स्थलों को फूलों से सजाकर मिट्टी के पात्रों में ज्वारे बोए और कलश स्थापना की। मां शैलपुत्री को पुष्प, फल और नैवेद्य अर्पित कर परिवार की सुख-शांति की कामना की गई। Bhoe-नवरात्र के बीच श्रद्धालु अपने-अपने आशीर्वाद और शुभकामनाओं के साथ निकल पड़े।
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जेपी की जन्मस्थली सिताब दियारा: पांच संकल्पों की स्थिति क्या है?

Chapra, Bihar:ANCHOR: जेपी की जन्मस्थली में पांच संकल्पों का सपना, राष्ट्रीय संग्रहालय की बदहाली से छलका सेवक का दर्द, 2022 तक योजनाओं को पूरा करने की थी कवायद, मेमोरियल म्यूजियम से लेकर खादी संवर्धन केंद्र तक की थी परिकल्पना; 1978 से जेपी परिवार की सेवा करने वाले भगवान केवट आज भी पुराने दिनों को याद कर होते हैं भावुक, संपूर्ण क्रांति का नारा देकर देश की राजनीति को नई दिशा देने वाले लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जन्मस्थली सिताब दियारा को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर बड़े-बड़े संकल्प लिए गए थे। जेपी के विचारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने, उनके जीवन और संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से पांच प्रमुख योजनाओं को धरातल पर उतारने की कवायद शुरू हुई थी। वर्ष 2022 तक इन योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन इन महत्वाकांक्षी योजनाओं की मौजूदा स्थिति और उनके वास्तविक लाभ को लेकर सवाल उठ रहे हैं। योजनाओं में मेमोरियल म्यूजियम, वर्चुअल स्टूडियो, पंचायत रिसर्च सेंटर, गांधी विचार रिसर्च सेंटर, खादी संवर्धन केंद्र और पशु चिकित्सा शिक्षा से जुड़ी पहल शामिल थीं। इनका उद्देश्य केवल जेपी की स्मृतियों को संरक्षित करना नहीं, बल्कि सिताब दियारा को विचार, शोध, रोजगार और ग्रामीण विकास के केंद्र के रूप में विकसित करना था। अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की थी योजना JP के जीवन, संघर्ष और विचारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए मेमोरियल म्यूजियम और वर्चुअल स्टूडियो बनाने की परिकल्पना की गई थी। इसके माध्यम से ऑडियो-विजुअल तकनीक से लोकनायक के जीवन, स्वतंत्रता आंदोलन, संपूर्ण क्रांति और लोकतंत्र की रक्षा के लिए उनके संघर्ष को प्रदर्शित किया जाना था। उद्देश्य था कि देश-विदेश से आने वाले लोग जेपी के विचारों को समझ सकें और युवा पीढ़ी उनके योगदान से परिचित हो सके। पंचायत व्यवस्था पर शोध के लिए बनना था रिसर्च सेंटर राष्ट्र निर्माण में पंचायती राज व्यवस्था की भूमिका को समझने और उसे मजबूत बनाने के उद्देश्य से पंचायत रिसर्च सेंटर की स्थापना की योजना बनाई गई थी। इसके माध्यम से ग्रामीण शासन व्यवस्था, पंचायतों की भूमिका और लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण पर शोध को बढ़ावा दिया जाना था। इसी तरह गांधी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए गांधी विचार रिसर्च सेंटर स्थापित करने की परिकल्पना थी। इसका उद्देश्य गांधी और जेपी के विचारों, सामाजिक परिवर्तन तथा लोकतांत्रिक मूल्यों पर अध्ययन और शोध को प्रोत्साहित करना था। 42 गांवों की हजारों महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का था लक्ष्य खादी संवर्धन केंद्र की योजना को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला s …
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बिसाऊ की मूक रामलीला: बालू के मैदान में बिना संवाद रामकथा जीवंत

Jhunjhunu, Rajasthan:बिसाऊ, झुंझुनूं बिसाऊ की सैकड़ों साल पुरानी मूक रामलीला की अनूठी परंपरा रामलीला में बिना संवाद अभिनय से जीवंत होती है रामकथा खुले मैदान में बालू रेत बिछाकर तैयार होता है दंगल, ढोल-नगाड़ों की थाप पर होता है युद्ध राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न व सीता को छोड़कर अधिकांश पात्र पहनते हैं मुखौटे नवरात्र से पूर्णिमा तक चलता है मंचन, चतुर्दशी को होता है रावण दहन भरत मिलाप और श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ होता है रामलीला का समापन रामलीला का नाम आते ही रात का मंच, कलाकारों के संवाद और रंग-बिरंगी सजावट की तस्वीर सामने आती है, लेकिन झुंझुनूं जिले के बिसाऊ कस्बे की रामलीला इन सबसे अलग है। यहां न कलाकार संवाद बोलते हैं और न ही रामलीला के लिए पारंपरिक मंच सजाया जाता है। खुले मैदान में सड़क के बीच बालू रेत बिछाकर दंगल तैयार किया जाता है, जहां कलाकार अपनी भाव-भंगिमाओं और अभिनय से रामायण के प्रसंगों को जीवंत करते हैं। सैकड़ों पुरानी यह परंपरा आज भी बिसाऊ की सांस्कृतिक पहचान बनी हुई है।बिसाऊ की मूक रामलीला की शुरुआत साध्वी जमना ने रामाणा जोहड़ा से की थी। बताया जाता है कि साध्वी जमना ने गांव के कुछ बच्चों को एकत्रित कर रामलीला का मंचन शुरू करवाया। पात्रों के अनुरूप हाथ से मुखौटे तैयार किए गए। मुखौटे पहनने के बाद बच्चों को संवाद बोलने में परेशानी हुई तो उन्हें बिना बोले अभिनय करने के लिए कहा गया। धीरे-धीरे यही प्रयोग परंपरा बन गया और रामलीला के पात्रों का मूक अभिनय आज तक जारी है। इस रामलीला में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और सीता के पात्रों को छोड़कर अधिकांश पात्र मुखौटे पहनकर अभिनय करते हैं। ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच रामदल और राक्षस दल के बीच युद्ध के दृश्य प्रस्तुत किए जाते हैं। कलाकारों की भाव-भंगिमाएं और युद्ध शैली दर्शकों को आकर्षित करती है।रामाणा जोहड़ा से शुरू हुई इस रामलीला का मंचन बाद में गोगाजी के टीले पर होने लगा। इसके बाद लंबे समय तक स्टेशन रोड पर लीला आयोजित की गई। वर्ष 1949 से गढ़ के पास बाजार की मुख्य सड़क पर रामलीला का मंचन शुरू हुआ, जो आज भी जारी है। स्थान बदलने के बावजूद मूक अभिनय की मूल परंपरा को संरक्षित रखा गया है।रामलीला के लिए मैदान को अलग-अलग हिस्सों में तैयार किया जाता है। उत्तरी भाग में लकड़ी से बनी अयोध्या, दक्षिणी भाग में सुनहरे रंग की लंका और बीच में पंचवटी बनाई जाती है। मैदान में बालू मिट्टी डालकर पानी का छिड़काव किया जाता है। लीला शुरू होने से पहले भगवान श्रीराम सहित चारों भाइयों के स्वरूप रामलीला हवेली से रथ पर सवार होकर आयोजन स्थल पहुंचते हैं।यहां पात्रों की वेशभूषा भी पारंपरिक और साधारण होती है। राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न पीली धोती, मुकुट और लंबे बालों के साथ नजर आते हैं। वनवास के प्रसंगों में पीला निकर और अंगरखा धारण किया जाता है। हनुमान, बाली-सुग्रीव, नल-नील, जटायु और जामवंत के पात्र अलग-अलग रंगों की पोशाक, मुखौटों और पारंपरिक प्रतीकों के साथ मंचन करते हैं, जबकि रावण की सेना काले रंग की पोशाक पहनकर तलवारों के साथ युद्ध करती है।बिसाऊ की यह रामलीला नवरात्र से शुरू होकर पूर्णिमा तक चलती है। इसकी एक खास विशेषता यह भी है कि रावण का दहन दशहरे के दिन नहीं, बल्कि चतुर्दशी को किया जाता है। अंतिम दिनों में कुंभकरण, मेघनाद, नरांतक और रावण के पुतलों का दहन होता है। इसके अगले दिन भरत मिलाप और भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ रामलीला का समापन किया जाता है।बिना संवाद के रामकथा का मंचन बिसाऊ की इस ऐतिहासिक परंपरा को दूसरी रामलीলाओं से अलग पहचान देता है। इसे देखने के लिए प्रवासी भारतीयों के साथ बड़ी संख्या में पर्यटक भी पहुंचते हैं। आधुनिक मनोरंजन के दौर में भी करीब दो सौ साल पुरानी इस परंपरा का जारी रहना बिसाऊ की सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय लोगों की आस्था को दर्शाता है। यहां शब्द भले ही मौन रहते हैं, लेकिन कलाकारों का अभिनय रामकथा के संदेश को दर्शकों तक पहुंचाता है। बाइट 01 : राजेन्द्र मिश्रा अध्यक्ष रामलीला प्रबंध समिति बिसाऊ (चश्मा लगाए हुए) बाइट 02 : प्रीतम दाधीच कौषाध्यक्ष रामलीला प्रबंध समिति बिसाऊ (सफेद कुर्ता पहने हुए) बाइट 03 : श्यामसुन्दर शर्मा केयरटेकर रामलीला प्रबंध समिति बिसाऊ
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झुंझुनूं के चिड़ावा में बाइक चोरी के प्रयास की सीसीटीवी फुटेज सामने

Jhunjhunu, Rajasthan:चिड़ावा, झुंझुनूं चिड़ावा में बाइक चोरी के प्रयास का मामला, सीसीटीवी में कैद घटना श्रीकृष्ण गौशाला के पास बाइक के साथ छेड़छाड़ करता दिखा संदिग्ध कुछ देर बाद तीन युवक बाइक पर सवार होकर हुए फरार सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध युवकों की गतिविधियां कैद झुंझुनूं जिले के चिड़ावा कस्बे में बाइक चोरी के प्रयास का मामला सामने आया है। श्रीकृष्ण गौशाला के पास हुई इस घटना में बाइक के साथ छेड़छाड़ करते हुए एक संदिग्ध युवक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। कुछ देर बाद तीन युवक बाइक पर सवार होकर मौके से फरार होते दिखाई दिए। जानकारी के अनुसार, चिड़ावा कस्बे में श्रीकृष्ण गौशाला के पास एक बाइक खड़ी थी। इसी दौरान एक संदिग्ध युवक बाइक के पास पहुंचा और उसके साथ छेड़छाड़ करने लगा। युवक की गतिविधियां वहीं लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गईं। कुछ देर बाद तीन युवक बाइक पर सवार होकर वहां से निकल गए। सीसीटीवी फुटेज में युवक की संदिग्ध गतिविधियां दिखाई देने के बाद बाइक चोरी के प्रयास की आशंका जताई जा रही है। फुटेज में नजर आ रहे युवकों की पहचान और घटना के पीछे की वास्तविक वजह भी स्पष्ट नहीं पाई है। घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध युवकों की पहचान के प्रयास किये जा रहे हैं।
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कोडरमा के सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार नाबालिग के यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार

Koderma, Jharkhand:नाबालिग के साथ यौन शोषण के आरोप में कोडरमा के सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार को कल देर रात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पीड़ित नाबालिग इलाज के क्रम में डॉक्टर अनिल कुमार के संपर्क में आई थी। उसका आरोप है कि सिविल सर्जन डॉक्टर अनिल कुमार ने उसे झांसा देकर कई बार उसका यौन शोषण किया। इस मामले को लेकर नाबालिग ने ऑनलाइन जीरो एफआईआर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। इधर सीडब्ल्यूसी में भी पीड़ित नाबालिग का बयान दर्ज कराया गया है। पुलिस ने रात तकरीबन 11:00 बजे सिविल सर्जन डॉक्टर अनिल कुमार को उनके उरवां स्थित फार्म हाउस से गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए तिलैया डैम थाना में रखा गया है। इधर पुलिस पीड़ित नाबालिग से भी पूछताछ कर रही है। जानकारी के मुताबिक कोडरमा पुलिस की एक विशेष टीम सिविल सर्जन को गिरफ्तार करने के लिए देर रात फार्म हाउस पर पहुंची थी। वही उनके गिरफ्तारी को लेकर पुलिस फिलहाल पूछताछ का हवाला देकर कुछ भी कहने से बच रही है। आज सुबह पुलिस डॉ अनिल को कोडरमा महिला थाना लाकर पूछताछ की। इसके बाद जिस सदर अस्पताल में डॉ अनिल कुमार बतौर सिविल सर्जन पदस्थापित थे, उसी अस्पताल में उन्हें मेडिकल जांच के लिए लाया गया। यहां से उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत कर जेल भेज दिया गया।
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चिराग पासवान ने नवरात्रि के अवसर पर खगौल के शिव मंदिर में पूजा की

Danapur, Bihar:पटना के खगौल स्थित नेउरा कॉलोनी के शिव मंदिर में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान पहुंचे। नवरात्रि के अवसर पर मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री चिराग यहां हर वर्ष दुर्गा सप्तशती का पाठ और पूजा-अर्चना करते है। आज से नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इस अवसर पर मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है और भक्त पूरे विधि-विधान से मां दुर्गा की आराधना कर रहे हैं। नवरात्रि को लेकर क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। श्रद्धालु मां दुर्गा से सुख, शांति, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना कर रहे हैं। इस दौरान दिल्ली में चल रहे CEC ज्ञानेश को हराने के विरोध प्रदर्शन मामले में बोलते हुए कहा की देश में कांग्रेस आराजकता फैलाने की कोशिश कार रहीं है जिसे कामयाब नहीं होने किया जाएगा, CJP के संयोजक दीपके द्वारा PM मोदी के डर जाने के ब्यान पार कहा की जो तीन बार से देश में जनता के द्वारा जीत कर आ रहे है उन्हें डरने की अवश्यकता ही नाहीं है जो लोग आराजकता फैलाने रहे है प्रदर्शन कर रहे है उन्हें प्रदर्शन का हक़ है लेकिन बात से समाधान निकालता है यह लोग CEC के पास जाकर बात करतें TO बात बन जाती लेकिन इन्होने आराजकता फैलाने का काम किया और तीन दिन से दिल्ली के लोगों को डिस्टर्व कार रहें है बाईट केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान बाईट विजय बाबा, पुजारी
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सासाराम में नवरात्रि-दशहरा सुरक्षा बैठक: ड्रोन निगरानी और गुप्तचर तैनाती तय

Sasaram, Bihar:खबर सासाराम से है। जहां नवरात्रि एवं दशहरा को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। नगर थाना के पुराने परिसर में एसडीएम प्रिया रानी के अध्यक्षता में ये बैठक आयोजित हुई। जिसमें नगर पूजा कमेटी के अलावा मोहर्रम कमेटी के लोग शामिल हुए। साथ ही विभिन्न पूजा पंडालो के लाइसेंसधारी भी उपस्थित हुए। बैठक में मुख्य रूप से शहर की विधि व्यवस्था पर चर्चा हुई। नवरात्रि एवं दुर्गा पूजा के मेलों के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने पर चर्चा किया गया। वहीं पुलिस प्रशासन के द्वारा इस बार ड्रोन कैमरे की नजर से निगरानी की जाएगी। साथ ही असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए गुप्तचर भी लगाए गए हैं। जो सूचना संग्रह कर कंट्रोल रूम को सूचित करेंगे। नवरात्रि-दुर्गा पूजा एवं विसर्जन तक की रणनीति बनाई गई है। खासकर पूजा के दौरान स्वच्छता, प्रकाश की व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और असामाजिक तत्वों पर नजर, यातायात संधारण, मेडिकल टीम, पेयजल आदि पर भी विचार विमर्श किया गया।
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रणथम्भौर में टी 108 जय की टेरोटेरियल फाइट से वन विभाग सतर्क

Sawai Madhopur, Rajasthan:सवाई माधोपुर स्थित प्रदेश के सबसे बड़े रणथंभौर टाइगर रिजर्व में निरंतर बढ़ते बाघों के कुनबे ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है , बढ़ती बाघों की संख्या के चलते रणथंभौर के बाघों में टेरेटरी को लेकर आये दिन वर्चस्व की जंग देखने को मिल रही , ताजा मामला रणथम्भौर के जोन नम्बर 6 का है ,जहाँ टेरोटेरियल फाइट में रणथम्भौर का जय नामक मशूर बाघ टी 108 घायल हो गया है । बाघ टी -108 के चेहरे के व चहरे के आसपास चोट के निशान दिखाई दिए हैं। जिन्हें देखकर यह स्पष्ट है कि बाघ टी 108 जय की किसी अन्य नर बाघ के साथ इलाके के वर्चस्व को लेकर जमकर टेरोटेरियल फाईट हुई है । बाघ टी 108 के चेहरे पर चोट के निशान सामने आने के बाद वन विभाग अलर्ट मोड़ पर है । और बाघ के मूवमेंट पर पल पल की नजर रखी जा रही है । रणथंभौर टाइगर रिजर्व के डीएफओ मानस सिंह के मुताबिक विभाग की टीम बाघ टी 108 जय की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है और बाघ के मूवमेंट को ट्रैक किया जा रहा है। वहीं रणथम्भौर टाइगर रिजर्व के वाइल्ड लाइफ हॉस्पिटल की टीम भी बाघ की स्थिति की निगरानी कर रही है और उसके स्वास्थ्य का आकलन किया जा रहा है। फिलहाल वन विभाग की टीमें रणथम्भौर के वन क्षेत्र में बाघ पर नियमित निगरानी बनाए हुए हैं, ताकि बाघ की स्थिति में होने वाले किसी भी बदलाव का समय रहते पता लगाया जा सके। विभाग का ध्यान बाघ की गतिविधियों और स्वास्थ्य पर नजर रखने पर केंद्रित है। गौरतलब है कि रणथंभौर टाइगर रिजर्व में बाघों के बीच टेरेटरी को लेकर वर्चस्व की जंग होना कोई नई बात नही है । इलाके को लेकर बाघों के बीच आपसी संघर्ष की घटनाएं वन्यजीवों के व्यवहार का हिस्सा हैं। लेकिन बड़ी बात यह है कि रणथम्भौर में लगातार बाघों की संख्या में वृद्धि हो रही है ,जिसके चलते बाघों के बीच आपसी संघर्ष की घटनाएं भी बढ़ती जा रही है ,जिसे लेकर वन विभाग की चिंता भी बढ़ गई है । डीएफओ मानस सिंह ने कहा कि रणथम्भौर वन प्रशासन वन्यजीव संरक्षण और उनकी सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से अलर्ट है ,बाघ टी 108 की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। निगराणी के दौरान मिलने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बाघ टी 108 को रणथम्भौर में 'जय' के नाम से भी जाना जाता है। बाघ टी 108 रणथम्भौर का एक प्रसिद्ध और शक्तिशाली नर बाघ है। बाघ टी 108 बड़ी टेरेटरी का मालिक है। इसकी टेरेटरी जोन 6 से 10 तक है। बाघ जय रणथम्भौर की प्रसिद्ध बाघिन टी 8 लाडली और नर बाघ टी 34 कुंभा की संतान है। बाघ टी 108 पर लगातार नजर रखी जा रही है ओर उसके स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग की जा रही है。
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हिण्डौन में शारदीय नवरात्र स्थापना पर दुर्गा पूजा महोत्सव की भव्य कलश यात्रा

Karauli, Rajasthan:शारदीय नवरात्र स्थापना पर शुरू हुए दुर्गा पूजा महोत्सव, निकाली भव्य कलश यात्रा, जिला करौली आशीष चतुर्वेदी एंकर इंट्रो - शारदीय नवरात्रा स्थापना के अवसर पर हिण्डौन में रविवार को विभिन्न स्थानों पर दुर्गा पूजा महोत्सव कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ। इस दौरान महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली एवं मंदिरों में पूजन आदि के कार्यक्रम आयोजित किए गए। हिण्डौन के टीकाकुंड हनुमान मंदिर पर मां दुर्गा पूजा महोत्सव समिति की ओर से 25वाँ मां दुर्गा महोत्सव शीश महल से बैंडबाजे व डीजे की ध्वनि से मां दुर्गा की भव्य शोभायात्रा के साथ महिलाओं की कलश यात्रा निकाली गई। दुर्गा पूजा महोत्सव के संयोजक शिवप्रकाश पटवा एवं अध्यक्ष अशोक पाठक ने बताया कि शारदीय नवरात्रा के पर्व अवसर पर मां दुर्गा पूजा महोत्सव के तत्वावधान में मैया के भक्तों की ओर से टीकाकुंड हनुमान मंदिर पर मां दुर्गा पूजा महोत्सव समिति द्वारा 25वें मां दुर्गा महोत्सव पर मोहन नगर शीश महल से मैया की प्रतिमा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। बैंडबाजे व डीजे के साथ दुर्गा मां की शोभायात्रा के आगे सैकड़ों महिलाओं की विशाल कलश यात्रा शुरू हुई। महिलाओं ने डीजे की धुन पर नाचती-गाती हुई टीकाकुंड हनुमानजी मंदिर स्थित मां दुर्गा स्थापना स्थल पर पहुँचीं। सैकड़ों भक्तों ने टीकाकुंड हनुमानजी मंदिर परिसर में स्थापित दुर्गा मैया की विधिवत मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कर स्थापना की।
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खेत में गिरे बिजली तार से किसान धनसाय पटेल की मौत; FIR JE समेत तीन

Khairgarh, Uttar Pradesh:खैरागढ़। खेत में टूटकर गिरे बिजली के तार ने किसान की जान ले ली, लेकिन जिम्मेदारों पर कार्रवाई के लिए करीब तीन महीने इंतजार करना पड़ा। पिपलाकछार में किसान धनसाय पटेल की करंट से मौत के मामले में आखिरकार पुलिस ने कनिष्ठ अभियंता (JE) समेत तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। अब बिजली विभाग की जिम्मेदारी और लापरवाही की जांच पर सवाल उठ रहे हैं। 10 जुलाई को खेत में काम करने के दौरान बिजली का तार टूटकर गिर गया था। इसकी चपेट में आने से किसान धनसाय पटेल की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए थे। बताया गया कि हादसे से पहले ही टूटे तार को लेकर विभाग में शिकायत की गई थी। इसके बावजूद हादसा कैसे हुआ, यह जांच का अहम पहलू है。 मामले पर खैरागढ़ थाने में JE अतुल सिंह गहरवार, लाइनमैन परिचारक तिलेंद्र कुमार ठाकुर और बाह्य कर्मचारी धर्मेंद्र यादव के खिलाफ BNS की धारा 106(1), 125(ए) और 3(5) के तहत FIR दर्ज की गई है。 अब बड़ा सवाल यह है कि क्या समय रहते शिकायत पर कार्रवाई होती, तो किसान की जान बच सकती थी? फिलहाल जांच के बाद ही लापरवाही की वास्तविक जिम्मेदारी स्पष्ट होगी।
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