icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

जमुई सांसद अरुण भारती ने ननका सरोज के परिवार से मुलाकात कर भरोसा दिया

AMALI MUKTAJust now
Gohara Marufpur, Uttar Pradesh:लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के जमुई सांसद और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के प्रभारी अरुण भारती बुधवार को कौशांबी पहुंचे। उन्होंने करारी थाना क्षेत्र के बैशकांटी गांव पहुंचकर मृतक ननका सरोज के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। परिजनों ने आरोपियों کی गिरफ्तारी नहीं होने और लगातार धमकी दिए जाने की शिकायत सांसद से की। सांसद ने पुलिस अधिकारियों से बात कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी पर भी गंभीर आरोप लगाए। करारी थाना क्षेत्र के बैशकांटी गांव में कुछ दिन पहले गांव के बाहर एक बाग में ननका सरोज का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला था। परिजनों ने गांव के ही कुछ लोगों पर हत्या का आरोप लगाया था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। परिजनों का कहना है कि आरोपी लगातार उन्हें धमकी दे रहे हैं और मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। इसी मामले को लेकर बुधवार को लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के जमुई सांसद अरुण भारती बैशकांटी गांव पहुंचे। उन्होंने मृतक की मां से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। सांसद ने पुलिस अधिकारियों से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराने की बात कही। साथ ही समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ननका सरोज को कोई ऐसा अपराध करने की सजा नहीं मिलनी चाहिए थी, जिसकी कीमत उसकी जान देकर चुकानी पड़े। अरुण भारती ने यह भी कहा कि कौशांबी में बिरादरी के सांसद और विधायक होने के बावजूद मृतक के परिवार का दुख बांटने कोई मौके पर नहीं पहुंचा। उन्होंने पुलिस से मामले में निष्पक्ष जांच और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की。
0
0
Report

सीपत में 24 घंटे में चोरी: प्रेमी-प्रेमिका चोर गिरफ्तार, लाखों के जेवर बरामद

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। सीपत थाना क्षेत्र में सूने मकान में लाखों रुपये के जेवर और नकदी चोरी करने वाले युवक और उसकी गर्लफ्रेंड को पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। चौंकाने वाली बात ये है कि दोनों आरोपियों का पहले भी गंभीर अपराधों से कनेक्शन रहा है। दर्राभाठा निवासी सनत कुमार रात्रे काम के लिए एनटीपीसी सीपत चले गए थे, जबकि उनकी पत्नी खेत में काम करने गई थीं। घर लौटने पर उन्हें दरवाजे का ताला टूटा मिला। अंदर आलमारी खुली थी और लॉकर से सोने-चांदी के जेवर सहित 10 हजार रुपये नकद गायब थे। शिकायत के बाद सीपत थाना प्रभारी राजेश मिश्रा ने टीम गठित की। जांच के दौरान पुलिस को इलाके के ही दिनेश सोनवानी की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पुलिस ने उसकी पुरानी आपराधिक गतिविधियों की जांच की और पूछताछ शुरू की। पुलिस के अनुसार दिनेश ने चोरी की वारदात कबूल कर ली। उसने बताया कि चोरी के जेवर और नकदी उसने अपनी गर्लफ्रेंड सुनीता कौसले के पास छिपाकर रख दिए थे। दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने 7.66 ग्राम सोने और 361 ग्राम चांदी के जेवर बरामद कर लिए। पुलिस का दावा है कि चोरी का पूरा माल बरामद कर लिया गया है। जांच में सामने आया कि दिनेश और सुनीता की पहचान साल 2022 से थी और दोनों का प्रेम संबंध था। सुनीता के पति की 2023 में जली हुई लाश मिलने के मामले में भी दोनों आरोपी बनाए गए थे और न्यायालय के आदेश पर जेल भेजे गए थे। जेल से बाहर आने के बाद सुनीता बिलासपुर में एक निजी संस्थान में काम कर रही थी। इधर दिनेश चोरी के जेवर बेचने की फिराक में था, लेकिन पुलिस पहले से ही उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। जैसे ही जेवर बेचने की तैयारी की जानकारी मिली, पुलिस ने उसे दबोच लिया। सीपत पुलिस ने चोरी की वारदात के महज 24 घंटे के भीतर न सिर्फ आरोपी और उसकी गर्लफ्रेंड को गिरफ्तार किया, बल्कि चोरी का पूरा माल भी बरामद करने का दावा किया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है。
0
0
Report
Advertisement

बीदासर स्कूल में कक्षा 7 के छात्र के साथ मारपीट, पुलिस जांच शुरू

Churu, Rajasthan:बीदासर के निजी स्कूल में कक्षा 7 के छात्र से बेरहमी से मारपीट, स्कूली छात्रों पर छात्र अरशद को बाथरूम में ले जाकर पीटने का आरोप, चिकित्सकों ने हाई सेंटर किया रेफर, बीदासर थाने में मामला दर्ज, पुलिस जांच में जुटी. 22 अगस्त का है पूरा मामला. चूरू जिले के बीदासर में निजी स्कूल में कक्षा 7वीं के छात्र के साथ कथित रूप से स्कूली छात्रों द्वारा बेरहमी से मारपीट करने का मामला सामने आया है. मारपीट में घायल छात्र अरशद को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसकी हालत को देखते हुए हाई सेंटर रेफर कर दिया. मामले में छात्र के परिजनों की ओर से बीदासर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है. शिकायत के अनुसार, 22 अगस्त 2026 को करीब 10:30 बजे अरशद स्कूल में खेल रहा था. इसी दौरान स्कूल के चार छात्रों पर उसे स्कूल के बाथरूम में ले जाकर मारपीट करने का आरोप लगाया गया है. शिकायत में बताया गया है कि छात्रों ने अरशद के साथ मारपीट की और उसे गंभीर चोटें आईं. परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद मामले को दबाने का प्रयास भी किया गया. घायल छात्र को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया. शिकायतकर्ता के अनुसार, बीदासर से उसे आगे उपचार के लिए रेफर किया गया. परिजनों ने पुलिस को दी शिकायत में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपित छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. वहीं, शिकायत में स्कूल के प्रिंसिपल से घटना को लेकर बातचीत किए जाने और मामले में कार्रवाई की मांग का भी उल्लेख किया गया है. परिजनों का कहना है कि छात्र के साथ हुई मारपीट को लेकर वे कार्रवाई चाहते हैं तथा भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. बीदासर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस अब मारपीट के कारणों, घटना में शामिल छात्रों और स्कूल प्रबंधन की भूमिका सहित पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है. पुलिस जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी.
0
0
Report

झारखंड में MMDR संशोधन से खनन और निवेश को नया मोड़: रघुबर दास

Ranchi, Jharkhand:बीजेपी प्रदेश कार्यालय में पूर्व सीएम रघुबर दास ने प्रेस कॉन्फ्रेस कर कहा, हाल में भारत सरकार द्वारा लाया गया एमएमडीआर संशोधन विधेयक 2026 राज्य और राष्ट्र हित में है, पर झामुमो और कांग्रेस इसकी गलत व्याख्या कर लोगो के बीच भ्रम फैलाना चाहती है। सब जानते हैं झामुमो कांग्रेस के संरक्षण में सिंडिकेट के द्वारा पूरे राज्य में लूट मचाए है। चुनाव में जल जंगल जमीन का नारा देकर सत्ता में आने वाले लोगों ने जल जंगल जमीन को सिंडिकेट के हवाले किया और झारखंड को लूट खंड बना दिया। यह संशोधन झारखंड के हित के खिलाफ नहीं है। ये झारखंड के खनिज संपदा का अधिकतम लाभ दिलाने और लीगल माइनिंग के पक्ष में उठाया गया कदम है। क्या वित्तीय अनियमितता का माहौल बना कर राज्य ने आने वाले बड़े निवेश और औद्योगिक क्रांति का रास्ता रोकना चाहते हैं। राज्य सरकार जनता से छिपती है माइनिंग से आने वाले राशि का 90% राशि सीधे राज्यों को जाता है। ये व्यवस्था आगे भी बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी। आजादी के बाद पहली बार पीएम मोदी ने रायल्टी के अलावे 30% राशि डीएमएफटी के माध्यम से देने का काम किया। झारखंड में 34 कोल ब्लॉक की मंजूरी मिली हुई है पर अब तक चार कोल ब्लॉक ही चालू हो पाया है। झामुमो कांग्रेस की सरकार 1100 करोड़ रुपए के सेस का रोना रोती है पर आंकड़े बताते हैं राज्य सरकार की नीयत के खोट है। डीएमएफटी फंड का खर्च मूलभूत संरचना पर खर्च हो पर नहीं किया जाता है। सेस लगाने के कारण कोयले का उत्पादन राज्य में घटा है। अगर लीगल माइनिंग सुदृढ़ होगा तो अवैध माइनिंग खत्म होगा। सरकार बताए 6 वर्ष में किस आदिवासी मूल वासी की स्थिति सुदृढ़ हुई है। छात्र और युवाओं को एक साथ 6 साल से राज्य सरकार छल रही और मुद्दों से भटकाने के लिए इस तरह की प्रोपेगेंडा राज्य सरकार चला रही है। सेस लगाए जाने के कारण झारखंड का लोहा और कोयला पहले से मंहगा हो गया , आयरन ओर मंहगा हो गया। खान खनिज संशोधन विधेयक राज्य और राष्ट्र हित में है। कांग्रेस, जेएमएम और राजद राज्य की जनता को भरमाने का काम नहीं करे मैने भी पांच साल सरकार चलाया, अनेक लोक कल्याणकारी योजनाएं चलाया, एक रुपए में 50 लाख तक महिलाओं को रजिस्ट्री का अधिकार दिया था, देश का झारखंड पहला राज्य था, उसी तरह झारखंड एक पठारी क्षेत्र है, बिना औद्योगिक विकास के झारखंड की जनता का विकास नहीं होगा। अधिकतर 5 एकड़ तक के किसान को 25 हजार त्सक देने का काम किया, हमने तो कभी कोई सेस नहीं लगाया。
0
0
Report

अयोध्या सर्किट हाउस में महिलाओं ने राखी बांधकर भाई-बहन का संदेश दिया

Ayodhya, Uttar Pradesh:अयोध्या के सर्किट हाउस में परिवहन विभाग की ओर से रक्षाबंधन के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं ने भाजपा नेताओं को राखी बांधकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान महिलाओं ने नेताओं के माथे पर तिलक कर भाई-बहन के इस पवित्र रिश्ते की परंपरा को निभाया। कार्यक्रम में अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, रुदौली विधायक रामचंद्र यादव, महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी, भाजपा नेता रोहित सिंह, भाजपा महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव और जिला अध्यक्ष राधेश्याम त्यागी समेत कई भाजपा नेता मौजूद रहे। महिलाओं ने नेताओं की कलाई पर राखी बांधी और उनके स्वस्थ एवं सुखद जीवन की कामना की। वहीं, भाजपा नेताओं ने भी महिलाओं को रक्षाबंधन की बधाई देते हुए उनके सम्मान और सुरक्षा का भरोसा दिलाया। सर्किट हाउस में आयोजित यह कार्यक्रम भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और सामाजिक समरसता का संदेश देता नजर आया。
0
0
Report
Advertisement

आध्या शाहा: 3वीं क्लास में 100% से National Rank-1, इतिहास रचा

Mainpuri, Uttar Pradesh:8.7 लाख विद्यार्थियों को पछाड़कर मैनपुरी की आध्या शाहा बनीं National Rank-1, 100% अंक हासिल कर रचा इतिहास (web) मैनपुरी, अतुल सक्सेना- मैनपुरी की होनहार बेटी आध्या शाहा ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। सुदिति ग्लोबल स्कूल, मैनपुरी की कक्षा 3 की छात्रा आध्या शाहा ने India Genius Award Olympiad 2026 में शत-प्रतिशत अंक हासिल कर National Rank-1 प्राप्त की है। इस प्रतियोगिता में 8.7 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था। आध्या ने 100 प्रतिशत स्कोर के साथ देशभर के लाखों प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की। उनकी इस सफलता के बाद स्कूल, परिवार और मैनपुरी में खुशी का माहौल है। महज कक्षा 3 में पढ़ने वाली आध्या की उपलब्धि उनकी कम उम्र और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के लिहाज से बेहद खास मानी जा रही है। 13 साल के इतिहास में कम उम्र में बड़ी उपलब्धि India Genius Award Olympiad का आयोजन पिछले 13 वर्षों से किया जा रहा है। आध्या शाहा ने इतनी कम उम्र में National Rank-1 हासिल कर प्रतियोगिता में अपनी अलग पहचान बनाई है। शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें Gold Medal और Laptop Award से सम्मानित किया गया है。 8.7 लाख से अधिक विद्यार्थियों में बनीं टॉपर आध्या की उपलब्धि का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रतियोगिता में 8.7 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया था। इन सभी विद्यार्थियों के बीच 100 प्रतिशत अंक हासिल कर National Rank-1 प्राप्त करना मैनपुरी के लिए भी गौरव की बात है। IPS अधिकारी की बेटी हैं आध्या आध्या शाहा के पिता गणेश प्रसाद साहा भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी हैं और वर्तमान में मैनपुरी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के पद पर तैनात हैं। आध्या की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है। उनकी सफलता पर स्कूल के शिक्षकों और शुभचिंतकों ने भी बधाई दी है। मैनपुरी को गौरवान्वित करने वाली उपलब्धि कम उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस सफलता ने आध्या शाहा को मैनपुरी की होनहार प्रतिभाओं में शामिल कर दिया है। उनकी उपलब्धि न सिर्फ उनके परिवार और विद्यालय के लिए गर्व का विषय है, बल्कि जिले के दूसरे विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा है। आध्या शाहा ने India Genius Award Olympiad 2026 में National Rank-1 हासिल करने के साथ 100 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। वह 8.7 लाख से अधिक विद्यार्थियों में प्रथम रहीं। इस उपलब्धि के लिए उन्हें Gold Medal और Laptop Award भी मिला है। वह मैनपुरी के Suditi Global School की कक्षा 3 की छात्रा हैं।
0
0
Report

लखीमपुर खीरी में पति ने पत्नी की शादी छोटे भाई से करवाने टावर चढ़ा

Lakhimpur, Uttar Pradesh:लखीमपुर खीरी के धौरहरा कोतवाली इलाके में तहसील गेट के पास लगे बिजली के टावर पर हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। जैसे ही पति ने अपनी पत्नी को छोटे भाई के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखा वैसे ही अपनी पत्नी की शादी छोटे भाई से करने की मांग को लेकर पति टावर पर चढ़ गया। घंटों चले इस ड्रामा में पुलिस ने पति को समझा बुझाकर टावर से उतार लिया है। शायद इस पति के मन में नीले ड्रम का खौफ इस कदर था कि उसने सार्वजनिक तरीके से अपनी पत्नी की शादी अपने छोटे भाई से कराने के लिए टावर से गुहार लगानी पड़ी। फिलहाल पुलिस पति को थाने ले गई है ।
0
0
Report

खरीफ 2025 फसल बीमा घपलों पर कड़ा एक्शन, चार्जशीट जारी

Jaipur, Rajasthan:बीमा में गड़बड़ी, मिलेगी चार्जशीट! - प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में नहीं चलेगी गड़बड़ी, फसल कटाई प्रयोग अब नहीं कर सकेंगे ऑफलाइन - खरीफ 2025 में गड़बड़ी करने वालों पर होगी कार्रवाई, कृषि विभाग ने कहा, ऐसे कार्मिकों को जारी की जाए 17 सीसीए चार्जशीट जयपुर。 फसल बीमा क्लेम में देरी और लापरवाही पर राज्य सरकार ने सख्त रवैया अपनाया है। ऑनलाइन के बजाय ऑफलाइन माध्यम से फसल कटाई प्रयोग की प्रक्रिया पूरी करने वाले राजस्व विभाग और कृषि विभाग के कार्मिकों को अब चार्जशीट दी जाएगी। कृषि आयुक्त ने इस सम्बंध में सभी जिलों के कलक्टर को पत्र लिख दिया है। दरअसल प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2025 में हुई गड़बड़ियों को लेकर राज्य सरकार लगातार एक्शन मोड में नजर आ रही है। खरीफ 2025 के दौरान फसल कटाई प्रयोग को निर्धारित मानकों के अनुसार डिजिटल माध्यम से पूरा न करने पर कृषि विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। केंद्र और राज्य सरकार के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद ऑनलाइन एप का इस्तेमाल न कर ऑफलाइन प्रक्रिया अपनाने वाले कार्मिकों पर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे अधिकारी और कर्मचारियों पर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जा रही है। कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने इस सम्बंध में सभी जिला कलक्टरों और कृषि विभाग के सभी संयुक्त निदेशकों को पत्र लिखा है। पत्र में कहा है कि भारत सरकार की परिचालन मार्गदर्शिका 2023 और जारी दिशा-निर्देशों में साफ था कि फसल उपज के निष्पक्ष एवं पारदर्शी आकलन के लिए 100% फसल कटाई प्रयोग 'CCE Agri App' के माध्यम से ही किए जाएंगे। ऑनलाइन आंकड़े प्राप्त होने से राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर वास्तविक उपज की स्वचालित गणना होती है, जिससे किसानों के बीमा क्लेम का त्वरित और पारदर्शी निपटान सुगम तरीके से होता है। फसल कटाई प्रयोग में गड़बड़ी क्या हुई - खरीफ 2025 सत्र में कई प्राथमिक कार्यकर्ताओं ने गड़बड़ी की - राजस्व विभाग के पटवारी व गिरदावर ने गड़बड़ी की - कृषि विभाग के कृषि पर्यवेक्षक एवं सहायक कृषि अधिकारी ने भी की गड़बड़ी - नियमों का उल्लंघन करते हुए ऑफलाइन मोड में फसल कटाई प्रयोग संपन्न किए - इसे विभाग ने गंभीर लापरवाही माना, कहा, इससे क्लेम का निर्धारण प्रभावित हुआ - पात्र बीमित किसानों के क्लेम भुगतान में देरी हुई - साथ ही उपज आंकड़ों की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हुए - कृषि आयुक्त ने सभी जिला कलक्टरों को पत्र लिख निर्देश दिए - दोषी पटवारियों, गिरदावरों को 17 सीसीए में चार्जशीट देने के निर्देश दिए - सभी जिलों के संयुक्त निदेशकों, कृषि विस्तार को भी निर्देश दिए - सभी कृषि पर्यवेक्षकों और सहायक कृषि अधिकारियों को भी चार्जशीट दी जाएगी बीमा कम्पनियों पर जुर्माना लगाने के बनाए नियम प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में इस बार किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। कृषि विभाग ने 4 बीमा कम्पनों के साथ एक साल की फसलों के लिए अनुबंध किया है। अनुबंध में इस बार फसल बीमा कंपनियों के गड़बड़ी करने पर उन पर जुर्माना लगाने की प्रक्रिया तय की गई है। कृषि विभाग के आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने बताया कि बीमित किसान व परिजनों को तय समय पर क्लेम का भुगतान मिल सके, इसके लिए कई प्रावधान लागू किए गए हैं। कृषि विभाग ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर साफ संदेश दिया है कि किसानों के हित से समझौता नहीं किया जाएगा। गड़बड़ी करने वाली बीमा कम्पनियाें पर जुर्माना लगाया जाएगा। तो वहीं यदि विभागीय कार्मिक अगर लापरवाही करेंगे तो उन पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रधानमंत्री फसल बीमा में इस बार ये प्रावधान भी हैं लागू - बीमा कंपनी को 7 दिन में किसानों को बीमा पॉलिसी की कॉपी भेजनी होगी - पोस्ट हार्वेस्टिंग हानि प्रकरणों में 48 घंटे में सर्वेयर नियुक्त करना होगा - सर्वेयर नियुक्त नहीं करने और सर्वे नहीं करने पर लगेगा जुर्माना - 20 हजार रुपए प्रति प्रकरण प्रति बीमा इकाई जुर्माना लगेगा - नियत अवधि में सर्वे नहीं करने पर प्रति शिकायत 1 हजार रुपए जुर्माना - 21 दिन में बीमा क्लेम नहीं देने पर 12 प्रतिशत का जुर्माना लगेगा - बिड सिक्योरिटी के तौर पर कम्पनी को 100 करोड़ की बैंक गारंटी देनी होगी - कार्य निष्पादन प्रतिभूति के रूप में अनुबंध राशि का 5 प्रतिशत देना होगा
0
0
Report
Advertisement

कॉर्बेट टाइगर सेल: पर्दे के पीछे रहते हैं जंगल की सुरक्षा के असली नायक

Noida, Uttar Pradesh:विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा केवल जंगल में गश्त करते दिखाई देने वाले फ्रंट लाइन स्टाफ तक सीमित नहीं है, जंगल की सुरक्षा और वन्यजीवों के संरक्षण के पीछे कई ऐसे चेहरे भी लगातार काम कर रहे हैं, जो आम लोगों को नजर नहीं आते; ये कर्मचारी और शोधकर्ता टाइगर सेल के जरिए बाघों की गतिविधियों, वन्यजीवों की संख्या, पेट्रोलिंग से जुड़े आंकड़ों, शोध कार्यों और रिजर्व की सघन सीमाओं की 24 घंटे निगरानी में अहम भूमिका निभा रहे हैं। कॉर्बेट में वन्यजीवों को लेकर लगातार अलग-अलग स्तर पर शोध किए जाते हैं, बाघों की पहचान और उनके मूवमेंट से लेकर हाथियों की गणना, वन्यजीवों की आबादी का आंकलन, पॉपुलेशन डायनामिक्स और दुर्लभ एवं संकटग्रस्त प्रजातियों की स्थिति जानने तक यह प्रक्रिया लगातार चलती रहती है। इसके लिए जंगल में काम करने वाले फील्ड स्टाफ के साथ-साथ टाइगर सेल और रिसर्च यूनिट के कर्मचारी पर्दे के पीछे रहकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हैं। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला बताते हैं कि किसी भी महत्वपूर्ण वन्यजीव क्षेत्र में रिसर्च कोई एक दिन या एक सीजन का काम नहीं है, बल्कि यह निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है; कॉर्बेट जैसे प्राइम वाइल्डलाइफ एरिया में कई ऐसी जानकारियां हैं जिन्हें लगातार जुटाने की आवश्यकता होती है, उनके अनुसार वन्यजीवों की संख्या का आंकलन, यहां पाई जाने वाली प्रजातियों की स्थिति, उनकी आबादी में होने वाले बदलाव और पॉपुलेशन डायनामिक्स को समझना बेहद जरूरी है; यही वजह है कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में शोध का कार्य लगातार जारी रहता है। डॉ. बडोला के मुताबिक कॉर्बेट में दो शोधकर्ताओं को कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर नियुक्त किया गया है, इसके साथ ही रिजर्व के स्थायी कर्मचारी और लंबे समय से जुड़े स्टाफ को भी रिसर्च यूनिट का हिस्सा बनाया गया है; रिजर्व में स्थापित टाइगर सेल इसी पूरी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण केंद्र है। टाइगर सेल में बाघों की गतिविधियों, उनकी पहचान और उनसे संबंधित विभिन्न प्रकार के डेटा का विश्लेषण किया जाता है, बाघ किस क्षेत्र में घूम रहा है, उसकी गतिविधियों में क्या बदलाव आया है और कैमरा ट्रैप अथवा अन्य माध्यमों से उसकी पहचान कैसे सुनिश्चित की जा रही है—इन तमाम पहलुओं पर यहां लगातार काम होता है; कॉर्बेट में केवल विभागीय शोध ही नहीं, बल्कि बाहर से आने वाले शोध संस्थानों को भी आवश्यकता के अनुसार सहयोग दिया जाता है; किसी बाहरी शोध संस्था को कॉर्बेट में रिसर्च करनी होती है तो टाइगर सेल और विभागीय टीम उनके साथ समन्वय कर आवश्यक जानकारी और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराती है. टाइगर सेल की प्रभारी प्रेमा तिवारी बताती हैं कि यह यूनिट कॉर्बेट के रिसर्च एवं शोध विभाग के अंतर्गत काम करती है, इसका प्रमुख कार्य कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की सभी 12 रेंज से प्राप्त आंकड़ों का संग्रहण और विश्लेषण करना है; पेट्रोलिंग के दौरान बीट गार्ड द्वारा MS-Tribe ऐप में दर्ज किए जाने वाले आंकड़ों का भी टाइगर सेल में विश्लेषण किया जाता है, फील्ड से आने वाले डेटा को व्यवस्थित कर उसका मूल्यांकन किया जाता है, जिसके आधार पर जंगल में वन्यजीव गतिविधियों और पेट्रोलिंग की स्थिति को समझने में मदद मिलती है. टाइगर सेल में बाघों के विश्लेषण के साथ-साथ विभिन्न शोध परियोजनाओं और रिसर्च से जुड़े कार्य भी किए जाते हैं, इसके लिए दो JRF नियुक्त किए गए हैं, जो टाइगर एनालिसिस, रिसर्च और पब्लिकेशन से जुड़े कार्यों को देखते हैं. टाइगर सेल की टीम केवल आंकड़ों और शोध तक सीमित नहीं है, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की सघन सीमाओं पर लगाए गए इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस सिस्टम और कैमरों की निगरानी भी इसी यूनिट के जरिए की जाती है; सीमावर्ती क्षेत्रों में लगाए गए कैमरों से आने वाले थर्मल और कलर विजन फुटेज को लगातार मॉनिटर किया जाता है. यह निगरानी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि रिजर्व की सीमाएं कई स्थानों पर संवेदनशील हैं, जंगल से सटे इलाकों में वन्यजीवों की गतिविधियों के साथ-साथ किसी भी असामान्य गतिविधि पर नजर रखना सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है. प्रेमा तिवारी के अनुसार टाइगर सेल में टीम के सदस्यों के कार्य अलग-अलग बांटे गए हैं, कोई कर्मचारी डेटा एनालिसिस देखता है, कोई रिसर्च से जुड़ा काम करता है, कोई MS-Tribe की मॉनिटरिंग करता है, जबकि कुछ कर्मचारी ई-आई सर्विलांस की जिम्मेदारी संभालते हैं; सबसे खास बात यह है कि ई-आई सर्विलांस के लिए यहां 24x7 निगरानी व्यवस्था संचालित होती है, कर्मचारी आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में काम करते हैं और कैमरों से प्राप्त फुटेज तथा स्क्रीन पर आने वाली गतिविधियों पर नजर रखते हैं, इस तरह जंगल की निगरानी केवल दिन के उजाले में नहीं, बल्कि रात के समय भी लगातार जारी रहती है. टाइगर सेल में काम करने वाले ये कर्मचारी जंगल में गश्त करते हुए दिखाई नहीं देते, लेकिन उनकी स्क्रीन पर दिखाई देने वाली हर गतिविधि कॉर्बेट की सुरक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हो होती है, किसी बाघ की लोकेशन, वन्यजीवों की गतिविधि, संदिग्ध मूवमेंट या सीमावर्ती क्षेत्र में असामान्य गतिविधि—हर सूचना का अपना महत्व है. यानि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था केवल जंगल में बंदूक और डंडा लेकर गश्त करने वाले फर्स्ट लाइन स्टाफ की जिम्मेदारी नहीं है, इसके पीछे डेटा तैयार करने वाले कर्मचारी, शोधकर्ता, तकनीकी विशेषज्ञ और टाइगर सेल की टीम भी दिन-रात अपनी भूमिका निभा रही है. एक तरफ फील्ड में वनकर्मी जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए मोर्चे पर तैनात हैं, तो दूसरी तरफ टाइगर सेल के ये परदे के पीछे के जवान कंप्यूटर स्क्रीन, कैमरों, शोध और आंकड़ों के जरिए कॉर्बेट की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं. बाघों की गणना से लेकर उनके मूवमेंट की पहचान, हाथियों और अन्य वन्यजीवों के अध्ययन से लेकर सघन सीमाओं की 24 घंटे निगरानी तक—कॉर्बेट की सुरक्षा और संरक्षण की इस पूरी व्यवस्था में टाइगर सेल की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण बन चुकी है, यही वह अदृश्य तंत्र है, जो जंगल में होने वाली गतिविधियों को आंकड़ों और तकनीक के जरिए समझकर कॉर्बेट के वन्यजीवों की सुरक्षा को और मजबूत कर रहा है.
0
0
Report

नकली नोटों के मामले पर कांग्रेस पर हमला, मनुस्मृति बयानों पर भी तंज

Jodhpur, Rajasthan:जोद्धपुर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जयपुर में नकली नोटों की बरामदगी और राहुल गांधी की मनुस्मृति को लेकर की गई टिप्पणी पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। शेखावत ने कहा कि जयपुर में नकली नोटों की खेप पकड़ा जाना गंभीर चिंता का विषय है और पुलिस को इस पूरे मामले की जांच करनी चाहिए。 शेखावत ने कहा कि देश में लगातार नकली नोट पकड़े जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की आर्थिक प्रगति और उसकी गति को न पचा पाने वाली देश और विदेश में मौजूद भारत विरोधी ताकतें इस तरह की गतिविधियों में शामिल हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी गतिविधियों और अपराधों को रोकने के लिए पूरी सजगता के साथ काम कर रही है。 उन्होंने कहा कि जयपुर में पकड़ी गई नकली नोटों की खेप के मामले में पुलिस को यह पता लगाना चाहिए कि इसका स्रोत कहां है, नोट कहां छापे गए, सप्लायर कौन है और पूरी खेप किन लोगों तक पहुंचाई जानी थी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके。 शेखावत ने कहा कि यदि चुनाव के समय किसी राजनीतिक कार्यकर्ता या उसके परिवार से इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट बरामद होते हैं तो यह और भी गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कांग्रेस के राजस्थान के नेताओं से इस मामले में अपना रुख स्पष्ट करने और बरामदगी को लेकर स्पष्टीकरण देने की मांग की。 राहुल गांधी के मनुस्मृति बयान पर भी निशाना राहुल गांधी द्वारा पुणे में मनुस्मृति को लेकर दिए गए बयान पर भी शेखावत ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की भारत की संस्कृति और सभ्यता को लेकर जानकारी की गहराई उनके बयान से स्पष्ट होती है। शेखावत ने कहा कि किसी भी विषय पर उसके ऐतिहासिक संदर्भ और परिस्थितियों को समझे बिना टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की सभ्यतागत चेतना और सांस्कृतिक मानबिंदुओं को लेकर पिछले करीब 200 वर्षों में कई तरह के प्रयास किए गए, जिनमें अंग्रेजों की भूमिका भी रही。 उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को सही तरीके से प्रस्तुत करने का अवसर था, लेकिन उनके अनुसार ऐसा नहीं हुआ और भारतीय इतिहास तथा सभ्यतागत चेतना को कमजोर करने के प्रयास जारी रहे。 शेखावत ने कहा कि भारतीय परंपरा में महिलाओं को शक्ति, ज्ञान और समृद्धि के स्वरूप में सम्मान दिया गया है। दुर्गा को शक्ति, सरस्वती को ज्ञान और लक्ष्मी को समृद्धि की देवी के रूप में पूजा जाता है। उन्होंने गार्गी और मैत्रेयी जैसी विदुषी महिलाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस सभ्यता में महिलाओं को इतना सम्मान मिला हो, उसके बारे में संदर्भ से हटकर टिप्पणी करना अशोभनीय और निंदनीय है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी की मनुस्मर्ति पर टिप्पणी उनके अनुसार भारतीय संस्कृति और इतिहास के प्रति जानकारी के उथलेपन को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि भारत की सभ्यता और सांस्कृतिक चेतना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी करने से पहले उसके व्यापक ऐतिहासिक संदर्भ को समझना जरूरी है। बाइट गजेंद्र सिंह शेखावत केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री भारत सरकार
0
0
Report
Advertisement

डूंगरपुर में पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिन पर ईद मिलादुन्नबी जुलूस, सुरक्षा के बीच उत्साह

Dungarpur, Rajasthan:ईद मिलादुन्नबी पर्व पर मुस्लिम समाज ने आज पैगम्बर मोहम्मद के जन्मदिन का उत्साह के साथ मनाया. शहर में जुलूस ए मोहम्मदी निकाला गया जिसमें बैंड-बाजे के साथ बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. शहर काजी की सदारत में जुलूस निकला. जुलूस सीरत कमेटी से रवाना हुआ. जुलूस के आगे कोमी धुने बज रहे थे. बच्चे और युवा झंडे लहरा रहे थे. जुलूस घाटी, हाजीपुरा, फोज का बडला, माणक चौक, सौनिया चौक, पुराना अस्पताल होते हुए घाटी स्थित मदीना मस्जिद पहुंचा. सभी ने पैगंबर साहब के जन्मदिन की एक दूसरे को बधाई दी. इधर जिला प्रशासन की ओर से पुलिस सुरक्षा के खासा इंतजाम किया गया था. इधर रात को सीरत कमेटी परिसर में मिलाद शरीफ का कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा.
0
0
Report

खरीफ 2025 में फसल कटाई ऑफलाइन करने पर चार्जशीट; बीमा योजनाओं में कड़े प्रावधान

Jaipur, Rajasthan:फसल बीमा क्लेम में देरी और लापरवाही पर राज्य सरकार ने सख्त रवैया अपनाया है। ऑनलाइन के बजाय ऑफलाइन माध्यम से फसल कटाई प्रयोग की प्रक्रिया पूरी करने वाले राजस्व विभाग और कृषि विभाग के कार्मिकों को अब चार्जशीट दी जाएंगी। कृषि आयुक्त ने इस सम्बंध में सभी जिलों के कलक्टर को पत्र लिख दिया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2025 में हुई गड़बड़ियों को लेकर राज्य सरकार लगातार एक्शन मोड में नजर आ रही है। खरीफ 2025 के दौरान फसल कटाई प्रयोग को निर्धारित मानकों के अनुसार डिजिटल माध्यम से पूरा न करने पर कृषि विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। केंद्र और राज्य सरकार के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद ऑनलाइन एप का इस्तेमाल न कर ऑफलाइन प्रक्रिया अपनाने वाले कार्मिकों पर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे अधिकारी और कर्मचारियों पर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जा रही है। कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने इस सम्बंध में सभी जिला कलक्टरों और कृषि विभाग के सभी संयुक्त निदेशकों को पत्र लिखा है। पत्र में कहा है कि भारत सरकार की परिचालन मार्गदर्शिका 2023 और जारी दिशा-निर्देशों में साफ था कि फसल उपज के निष्पक्ष एवं पारदर्शी आकलन के लिए 100% फसल कटाई प्रयोग 'CCE Agri App' के माध्यम से ही किए जाएंगे। ऑनलाइन आंकड़े प्राप्त होने से राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर वास्तविक उपज की स्वचालित गणना होती है, जिससे किसानों के बीमा क्लेम का त्वरित और पारदर्शी निपटान सुगम तरीके से होता है। फसल कटाई प्रयोग में गड़बड़ी क्या हुई: खरीफ 2025 सत्र में कई प्राथमिक कार्यकर्ताओं ने गड़बड़ी की; राजस्व विभाग के पटवारी व गिरदावर ने गड़बड़ी की; कृषि विभाग के कृषि पर्यवेक्षक एवं सहायक कृषि अधिकारी ने भी की गड़बड़ी; नियमों का उल्लंघन करते हुए ऑफलाइन मोड में फसल कटाई प्रयोग संपन्न किए; इसे विभाग ने गंभीर लापरवाही माना, कहा, इससे क्लेम का निर्धारण प्रभावित हुआ; पात्र बीमित किसानों के क्लेम भुगतान में देरी हुई; साथ ही उपज आंकड़ों की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हुए; कृषि आयुक्त ने सभी जिला कलक्टरों को पत्र लिख निर्देश दिए; दोषी पटवारियों, गिरदावरों को 17 सीसीए में चार्जशीट देने के निर्देश दिए; सभी जिलों के संयुक्त निदेशकों, कृषि विस्तार को भी निर्देश दिए; सभी कृषि पर्यवेक्षकों और सहायक कृषि अधिकारियों को भी चार्जशीट दी जाएगी।बाइट- नरेश कुमार गोयल, आयुक्त, कृषि विभाग। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में इस बार किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। कृषि विभाग ने 4 बीमा कम्पनियों के साथ एक साल की फसलों के लिए अनुबंध किया है। अनुबंध में इस बार फसल बीमा कंपनियों के गड़बड़ी करने पर उन पर जुर्माना लगाने की प्रक्रिया तय की गई है। बीमित किसान व परिजनों को तय समय पर क्लेम का भुगतान मिल सके, इसके लिए कई प्रावधान लागू किए गए हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा में इस बार ये प्रावधान भी हैं लागू: बीमा कंपनी को 7 दिन में किसानों को बीमा पॉलिसी की कॉपी भेजनी होगी; पोस्ट हार्वेस्टिंग हानि प्रकरणों में 48 घंटे में सर्वेयर नियुक्त करना होगा; सर्वेयर नियुक्त नहीं करने और सर्वे नहीं करने पर लगेगा जुर्माना; 20 हजार रुपए प्रति प्रकरण प्रति बीमा इकाई जुर्माना लगेगा; नियत अवधि में सर्वे नहीं करने पर प्रति शिकायत 1 हजार रुपए जुर्माना; 21 दिन में बीमा क्लेम नहीं देने पर 12 प्रतिशत का जुर्माना लगेगा; बिड सिक्योरिटी के तौर पर कम्पनी को 100 करोड़ की बैंक गारंटी देनी होगी; कार्य निष्पादन प्रतिभूति के रूप में अनुबंध राशि का 5 प्रतिशत देना होगा। बाइट- नरेश कुमार गोयल, आयुक्त, कृषि विभाग। इस तरह कृषि विभाग ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर साफ संदेश दिया है कि किसानों के हित से समझौता नहीं किया जाएगा। गड़बड़ी करने वाली बीमा कम्पनियाें पर जुर्माना लगाया जाएगा। तो वहीं यदि विभागीय कार्मिक अगर लापरवाही करेंगे तो उन पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। Kashiraram Chaudhary, Jmedia, Jaipur
0
0
Report

मीरा भाईंदर में बकरा-बंदी पर विरोध, ठराव रद्द करने की मांग तेज

Mira Bhayandar, Maharashtra:मीरा भाईंदर ब्रेक मीरा भाईंदर गृहनिर्माण संस्थांमध्ये बकरा आणण्यावर बंदी आणि २५ हजार रुपयांच्या दंडाच्या ठरावाला विरोधी पक्षनेत्या आफरीन सय्यद मुजफ्फर हुसेन यांनी तीव्र विरोध दर्शवत हा ठराव रद्द करण्याची मागणी केली. महासभेत पारदर्शकता राहावी आणि विरोधी पक्षाची भूमिका जनतेसमोर यावी यासाठी पालिका महासभेचे मीडियाद्वारे लाईव्ह प्रसारण करण्याची मागणी आयुक्तांकडे पत्राद्वारे करण्यात आली. कुर्बानीसाठी मंजूर झालेला ५० कोटींचा निधी अन्य कामासाठी वापरल्याचा दावा करत अशा वादग्रस्त ठरावांवर पालिका आयुक्त गप्प का, असा सवाल त्यांनी उपस्थित केला. कुत्रे-मांजर यांना उघड्यावर अन्न देण्यावर बंदी घालण्याच्या ठरावावर टीका करत, उच्च न्यायालयाच्या नियमानुसार प्राण्यांना अन्न देण्याचा अधिकार असल्याने स्वच्छतेची खबरदारी घेण्याचे आवाहन केले.
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top