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Pradeep Kumar PandeyPradeep Kumar PandeyFollow5 Feb 2025, 11:56 am
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वारिसलीगंज में साइबर ठगों का साम्राज्य ध्वस्त, 7 जालसाज गिरफ्तार

Nawada, Bihar:वारिसलीगंज में साइबर ठगों का साम्राज्य ध्वस्त, लोन के नाम पर लूटने वाले 7 जालसाज चढ़े पुलिस के हत्थे नवादा पुलिस ने साइबर अपराधियों पर सबसे बड़ा प्रहार किया है। वारिसलीगंज थाना पुलिस ने तीन अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर ऑनलाइन लोन के नाम पर लोगों को ठगने वाले 7 शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से 15 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद साइबर ठगों में हड़कंप मच गया है。 यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के सख्त निर्देश पर गठित स्पेशल टीम ने की。 पहला ठिकाना - चकवाय से गौसपुर रोड के पास बगीचा में छिपकर ठगी कर रहे 3 अपराधी 6 मोबाइल के साथ धराए दूसरा ठिकाना - चैनपुरा बजरंगबली मंदिर के पास बगीचा में पुलिस ने घेराबंदी कर 2 ठगों को 7 मोबाइल के साथ गिरफ्तार किया। तीसरा ठिकाना - चकवाय के मीर बिगहा ईंट भट्ठा के पास से 2 अपराधी 2 मोबाइल के साथ पकड़े गए。 इस संबंध में SDPO सुजय विद्यार्थी और थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर खुलासा किया。 पूछताछ में आरोपितों ने सनसनीखेज खुलासा किया। ये बजाज फाइनेंस, रिलायंस फाइनेंस और अन्य बड़ी कंपनियों के नाम पर ऑनलाइन लोन दिलाने का झांसा देते थे। भोले-भाले लोगों से आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक और फोटो लेकर प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसा वसूल लेते थे और फिर गायब हो जाते थे। गिरफ्तार आरोपितों में गौरव कुमार, शुभम कुमार, कन्हैया कुमार, सन्तु कुमार, सौरभ कुमार, साहिल कुमार और सचिन कुमार शामिल हैं। पुलिस ने वारिसलीगंज थाना कांड संख्या 613/26 दर्ज कर सभी को जेल भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।
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गोविंददेवजी मंदिर मॉकड्रिल में सुरक्षा खामियाँ उजागर, 4 सितम्बर से पहले सुधार जरूरी

Jaipur, Rajasthan:एंकर-जन्माष्टमी पर गोविंददेवजी मंदिर में उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ से पहले आज मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था का रियलिटी चेक हुआ...राजभोग झांकी के दौरान टेंट गिरने और श्रद्धालुओं के घायल होने की स्थिति बनाकर मॉकड्रिल की गई... लेकिन इस मॉकड्रिल ने हादसे से निपटने की तैयारियों पर ही सवाल खड़े कर दिए... कहीं हाइड्रेंट में प्रेशर नहीं था, तो कहीं पंपिंग स्टेशन काम नहीं कर रहा था...अनाउंसमेंट सिस्टम फेल नजर आया, सायरन-अलार्म की व्यवस्था भी नहीं मिली... और सबसे बड़ा सवाल मंदिर के पास फायर एनओसी तक नहीं थी...अब 4 सितंबर को जब लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचेंगे, उससे पहले इन खामियों को दूर करना बड़ी चुनौती है। जन्माष्टमी पर गोविंददेवजी मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने वाली है। ऐसे में मंगलवार को मंदिर में हुई संयुक्त मॉकड्रिल ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया......अगर राजभोग झांकी के दौरान सच में कोई हादसा हो जाए तो क्या मंदिर का सिस्टम भीड़ को संभाल पाएगा। मॉकड्रिल में टेंट गिरने की घटना को वास्तविक हादसे की तरह दिखाया गया। टेंट गिरने से कुछ लोग घायल हुए, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाने का अभ्यास किया गया। साथ ही पुलिस, जिला प्रशासन, फायर, चिकित्सा और नागरिक सुरक्षा टीमों का रिस्पांस टाइम भी परखा गया। लेकिन हादसे के सीन से ज्यादा चौंकाने वाली तस्वीर हादसे से निपटने वाली व्यवस्थाओं की सामने आई। मॉकड्रिल के दौरान कॉर्डिनेशन में कमी दिखी। अनाउंसमेंट सिस्टम से घटना की प्रॉपर सूचना नहीं दी सकी। सायरन और अलार्म जैसी व्यवस्थाएं भी नहीं मिलीं। यानी जिस समय भीड़ को सबसे पहले सूचना देकर नियंत्रित करना जरूरी था, उसी व्यवस्था में खामी सामने आई। मॉकड्रिल में फायर फाइटिंग सिस्टम भी सवालों के घेरे में रहा। पंपिंग स्टेशन काम नहीं कर रहा था। हाइड्रेंट में प्रेशर नहीं मिला, जबकि एक हाइड्रेंट काम ही नहीं कर रहा था। पाइप में लीकेज भी मिला। सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि मंदिर प्रबंधन के पास फायर एनओसी नहीं थी। ऐसे में जन्माष्टमी पर लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच आग जैसी आपात स्थिति होने पर फायर टीम के पहुंचने तक शुरुआती बचाव व्यवस्था कितनी कारगर होगी, यह बड़ा सवाल है। आराध्य गोविंददेवजी मंदिर में जन्माष्टमी के दिन श्रद्धालुओं की भीड़ सामान्य दिनों से कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में एक ही जगह पर भीड़ का दबाव बढ़ने से भगदड़ का खतरा भी रहता है। मॉकड्रिल में एंट्री-एग्जिट, बैरिकेडिंग, कतार प्रबंधन और इमरजेंसी निकासी की व्यवस्था को भी परखा गया। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने मंदिर प्रबंधन को अलग-अलग प्रवेश और निकास मार्गों का नक्शा, बैरिकेडिंग व कतार प्रबंधन की व्यवस्था, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, मेडिकल-फायर इंतजाम और इमरजेंसी इवैक्यूएशन प्लान तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। मॉकड्रिल का सबसे अहम सबक यही रहा कि हादसा होने के बाद एंबुलेंस और फायर टीम का पहुंचना ही पर्याप्त नहीं है। भीड़ को समय पर सूचना देना, रास्ता खाली कराना, लोगों को सही दिशा में निकालना और अफवाह फैलने से रोकना भी उतना ही जरूरी है। इसीलिए CCTV कंट्रोल रूम, स्वयंसेवकों की तैनाती और आपदा प्रबंधन के लिए नोडल अधिकारी की जानकारी भी प्रशासन ने मांगी है। बहरहाल, आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 में भीड़-भगदड़ को मानव जनित आपदा की श्रेणी में रखा गया है। जन्माष्टमी 4 सितंबर को है और मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। ऐसे में मंगलवार की मॉकड्रिल को सिर्फ एक अभ्यास नहीं, बल्कि जन्माष्टमी से पहले सिस्टम की परीक्षा माना जा रहा है। मॉकड्रिल ने बता दिया कि भीड़ आने वाली है, लेकिन उससे पहले पंपिंग स्टेशन, हाइड्रेंट, पाइप लीकेज, अलार्म-सायरन, अनाउंसमेंट सिस्टम और फायर एनओसी जैसी कमियां दूर करनी होंगी। क्योंकि जन्माष्टमी के दिन गलती सुधारने का मौका नहीं होगा उस दिन मंदिर में मॉकड्रिल नहीं, लाखों श्रद्धालुओं की असली भीड़ होगी।
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नशा मुक्त टोंक अभियान: टोंक पुलिस ने पांच स्थानों पर दबिश देकर 7 गिरफ्तार

Tonk, Rajasthan:टोंक नशा मुक्त टोंक अभियान: नशे के कारोबार पर पुलिस का अब तक का सबसे बड़ा प्रहार टोंक पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक साथ पांच स्थानों पर दबिश दी। पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा के निर्देशन में DST टीम, कोतवाली थाना, पुरानी टोंक थाना, सदर थाना एवं महिला शक्ति टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया。 कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने करीब 2 लाख रुपए की बाजार कीमत की 10.50 ग्राम स्मैक, ट्रोमाडोल के 150 इंजेक्शन व 144 टैबलेट, एल्प्राजोलम की 2040 टैबलेट, एविल के 22 इंजेक्शन तथा 800 सिरिंज जब्त की हैं。 पुलिस के अनुसार ट्रोमाडोल, एल्प्राजोलम और एविल जैसी दवाओं एवं इंजेक्शन का नशे के रूप में अवैध इस्तेमाल किया जा रहा था। बिना चिकित्सकीय सलाह के नशीले इंजेक्शन एवं दवाओं की बिक्री को लेकर भी पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है。 टोंक शहर में नशे के रूप में इस्तेमाल की जा रही प्रतिबंधित एवं दुरुपयोग वाली दवाओं की अवैध बिक्री के खिलाफ DST टीम की इस कार्रवाई को बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। मामले में NDPS एक्ट के तहत 4 प्रकरण दर्ज किए गए हैं。 पुलिस ने स्पष्ट किया है कि टोंक शहर में फैल रहे नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस की इस कार्रवाई से नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है。
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NH-48 दूदू में तीन वाहनों की भिड़ंत, ट्रक पलटा, रास्ते में लगा लंबा जाम

Dudu, Rajasthan:दूदू में तीन वाहनों की भिड़ंत, हाईवे पर पलटा ट्रक, लगा लंबा जाम。 जयपुर-अजमेर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) पर रामनगर के पास मंगलवार को एक के बाद एक तीन वाहनों की हुई भिड़ंत。 हादसे के बाद एक ट्रक हाईवे पर पलट गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई, हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई。 पहले एक ट्रक की टैंकर से टक्कर हुई, इसी दौरान पीछे से आ रहा एक अन्य ट्रक भी दुर्घटनाग्रस्त वाहनों से जा भिड़ा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि हादसे के बाद ट्रक हाईवे पर पलट गया。 सूचना पर दूदू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात व्यवस्था संभाली。
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कोटा के मिड-डे मील मामले में विधायक अस्पताल में बच्चों की देखभाल पर जोर

Kota, Rajasthan:कोटा के रानपुर थाना क्षेत्र के पुनिया देवरी गांव में सरकारी स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने के मामले में आज लाडपुरा विधायक कल्पना देवी न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचीं। विधायक ने अस्पताल में भर्ती बीमार बच्चों से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम पूछी और चिकित्सकों से बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को बेहतर और समुचित इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बताया जा रहा है कि खाना खाने के बाद करीब 15 से 20 बच्चों की तबीयत बिगड़ी थी और उन्हें उल्टी की शिकायत हुई। इनमें 10 से 15 बच्चों का अस्पताल में उपचार जारी है। मामले में पुलिस और प्रशासन जांच कर रहे हैं कि आखिर मिड-डे मील खाने के बाद बच्चों की तबीयत क्यों बिगड़ी。
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राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा कोटा: एक नेत्रदान से दो लोगों की दृष्टि नई रोशनी पाएगी

Kota, Rajasthan:कोटा में 25 अगस्त से 8 सितंबर तक राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा मनाया जाएगा। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्रिंसिपल डॉ. नीलेश जैन ने नेत्रदान जागरूकता पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो जरूरतमंद लोगों की आंखों की रोशनी लौटाई जा सकती है। नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक मीणा ने बताया कि 15 दिवसीय अभियान के दौरान आमजन को मरणोपरांत नेत्रदान के लिए प्रेरित किया जाएगा और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज सहित विभिन्न संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे। नेत्रदान से कॉर्निया खराब होने के कारण दृष्टि खो चुके लोगों को नई रोशनी मिल सकती है।
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विदिशा में ट्रैक्टर स्टार्टर चोरी: 10 चोरी गए स्टार्टर बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार

Vidisha, Madhya Pradesh:विदिशा में ट्रैक्टर के स्टार्टर चोरी की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसपी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कोतवाली थाना प्रभारी आनंद राज के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने कार्रवाई करते हुए मल्लू उर्फ मजहर और सागर कुशवाहा को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए 10 ट्रैक्टर स्टार्टर बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। दरअसल, पिछले कई दिनों से क्षेत्र में ट्रैक्टरों के स्टार्टर चोरी होने की शिकायतें सामने आ रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच शुरू की। टीम ने सुराग जुटाकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 10 चोरी के स्टार्टर बरामद किए। पुलिस अब आरोपियों से अन्य वारदातों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है。
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हिजाब फैसले पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया: संविधान के अनुसार पहनना अधिकार है

Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ हिजाब पर कोर्ट के फैसले पर सियासत तेज हिजाब को लेकर आए फैसले पर अब कांग्रेस ने भी प्रतिक्रिया दी है कांग्रेस प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने कहा कि इस तरह के कई फैसले हैं जब हाईकोर्ट के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट ने बदला है उन्होंने कहा कि भारत का संविधान सभी को अपने हिसाब से धर्म मानने और कपड़े पहनने का अधिकार देता है संविधान के तहत अगर कोई हिजाब पहन रहा है तो इसमें कोई बुराई नहीं है अंशु अवस्थी ने कहा कि इस तरह के निर्णय में समाज की सच्चाई को समझना चाहिए भाजपा सरकार लगातार दूसरे धर्म का अपमान कर रही है उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायालय से उम्मीद है कि वो भावनाओं का सम्मान करेगी और भारत के संविधान के अनुसार फैसला देगी
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राजस्थान में जल जीवन मिशन: 1 करोड़ ग्रामीणों को रोज 55 लीटर पानी

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान के 1 करोड ग्रामीणों के लिए खबर-जेजेएम ओएंडएम पॉलिसी लागू,हर व्यक्ति को 55 लीटर पानी देना होगा जयपुर-राजस्थान में जल जीवन मिशन में आखिरकार ओएंडएम पॉलिसी लागू हो गई। गांवों में जेजेएम के तहत पेयजल सप्लाई के लिए पॉलिसी को सरकार ने लागू कर दिया। पेयजल योजनाओं के लिए संचालन संधारण के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए। जिसके तहत अब गांवों में पेयजल सप्लाई होगी. 1 करोड पेयजल उपभोक्ताओं के लिए खबर- राजस्थान के 1 करोड 7 लाख ग्रामीणों के लिए पेयजल ओएंडएम पॉलिसी लागू हो गई। राज्य सरकार ने गजट नोटिफिकेशन जारी किया,जिसके बाद पीएचईडी प्रमुख सचिव हेमंत गेरा ने अधिसूचना जारी की। अधिसूचना जारी होते ही गांव ढाणियों में पेयजल की नीति लागू हो गई। नीति का दायरा राजस्थान की सभी ग्रामीण पेयजल योजनाओं पर रहेगा। इसमें एकल ग्राम योजना (SVS), बहुग्राम योजना (MVS), बल्क वाटर सप्लाई योजना (BWS), आरओ प्लांट, सौर ऊर्जा आधारित नलकूप और सौर ऊर्जा आधारित डी-फ्लोराइडेशन यूनिट शामिल हैं। ग्राम पंचायत और ग्राम जल स्वच्छता समिति (VWSC) को गांव की पेयजल व्यवस्था के संचालन रखरखाव के लिए विकेंद्रीकृत इकाई के रूप में काम करना होगा। जल जीवन मिशन के तहत बनी योजनाओं के साथ पहले से मौजूद नलकूप, पंप हाउस, फिल्टर प्लांट, आरओ प्लांट और अन्य संसाधन भी व्यवस्था के तहत लिए जाएंगे। ये समितियां बनाई गई- बहुग्राम योजनाओं में गांवों की सीमा तक बल्क पानी की आपूर्ति और ट्रांसमिशन व्यवस्था की जिम्मेदारी PHED तथा राजस्थान जल आपूर्ति एवं सीवरेज निगम (RWSSC) की रहेगी। वहीं गांव के भीतर की आधारभूत व्यवस्था ग्राम पंचायत और VWSC संभालेंगी। इससे गांव के स्तर पर पानी की रोजाना आपूर्ति, पंप संचालन, पाइपलाइन, वाल्व और स्टैंड पोस्ट का रखरखाव तथा पानी की गुणवत्ता की निगरानी की जिम्मेदारी स्थानीय स्तर पर तय होगी। नीति में पांच से छह ग्राम पंचायतों को मिलाकर क्लस्टर समितियां बनाने का प्रावधान है। इन समितियों में PHED के कनिष्ठ अभियंता, VWSC प्रतिनिधि, पंचायती राज विभाग के तकनीकी अधिकारी, नल जल मित्र, स्वयं सहायता समूह के प्रतिनिधि और PHED/RWSSC द्वारा नियुक्त कनिष्ठ तकनीकी पर्यवेक्षक शामिल होंगे। क्लस्टर स्तर पर योजनाओं के संचालन, रखरखाव, मरम्मत, राजस्व वसूली, तकनीकी सहायता, वित्तीय निगरानी, जल गुणवत्ता और शिकायत निवारण की निगरानी होगी। गुणवत्ता के लिए मानकों का पालन जरूरी- ब्लॉक स्तर पर PHED की O&M,सपोर्ट टीम क्लस्टर और VWSC की तकनीकी निगरानी करेगी। जिला स्तर पर जिला जल एवं स्वच्छता मिशन (DWSM) समग्र क्रियान्वयन की निगरानी करेगा, जबकि जिला तकनीकी इकाई (DTU) को ग्रामीण पेयजल योजनाओं की तकनीकी और परिचालन व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। DTU, PHED की विस्तारित तकनीकी शाखा के रूप में काम करेगी और तकनीकी, संचालन संबंधी मामलों में DWSM को रिपोर्ट करेगी।पानी की गुणवत्ता के लिए मानकों का पालन जरूरी होगा। नियमित क्लोरीनेशन, फील्ड टेस्ट किट से जांच और प्रदूषित पानी की स्थिति में निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार तत्काल कार्रवाई का प्रावधान है। नीति में हर ग्रामीण परिवार के प्रत्येक सदस्य को प्रतिदिन कम से कम 55 लीटर शुद्ध पानी उपलब्ध कराने का सेवा मानक तय किया गया है।वित्तीय स्थिरता के लिए उपभोक्ताओं से मासिक जल प्रभार वसूला जाएगा। VWSC को बिल वितरण और राशि संग्रह की जिम्मेदारी दी गई है। प्राप्त राशि का उपयोग पंप, वाल्व ऑपरेटर, नल जल मित्र का मानदेय, पाइपलाइन रखरखाव और पेयजल योजना से जुड़े अन्य खर्चों में किया जाएगा। राशि के लेनदेन के लिए अलग Escrow बैंक खाता रखने तथा रिकॉर्ड और वित्तीय लेखे संधारित करने का प्रावधान है। लगातार 11 माह मासिक जल प्रभार जमा करने वाले उपभोक्ता को एक माह के प्रभार की छूट प्रोत्साहन के रूप में दी जा सकेगी। एक वर्ष तक ‘हैंड होल्डिंग’ सहायता देगा- जल दुरुपयोग, पानी की चोरी, अवैध कनेक्शन, पेयजल व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने पर पहले समझाइश और चेतावनी दी जाएगी। दोबारा उल्लंघन होने पर निर्धारित जुर्माना, जल संबंध विच्छेद और जरूरत पड़ने पर आपराधिक रिपोर्ट दर्ज कराने की कार्रवाई की जा सकेगी।योजना के हस्तांतरण के बाद PHED ग्राम पंचायत और VWSC को एक वर्ष तक ‘हैंड होल्डिंग’ सहायता देगा। इसके बाद भी आवश्यकता के अनुसार तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। नीति को PHED के अधीन सभी ग्रामीण पेयजल योजनाओं के साथ RWSSC पर भी लागू किया जाएगा और कार्य निष्पादन, समीक्षा के आधार पर इसमें हर पांच वर्ष में या आवश्यकता के अनुसार संशोधन किया जा सकेगा।
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पंजाब किसानों- मजदूरों का उग्र आंदोलन: चब्बा गाँव से 40 गाँव तक लामबंदी

Amritsar, Punjab:ਚੱਬਾ ਪਿੰਡ ਤੋਂ ਕਿਸਾਨ ਮਜ਼ਦੂਰ ਸੰਘਰਸ਼ ਕਮੇਟੀ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਫਲੈਕਸੀਆਂ ਲਗਾ ਕੇ ਅੰਦੋਲਨ ਦਾ ਕੀਤਾ ਆਗਾਜ਼ 40 ਪਿੰਡਾਂ ਵਿੱਚ ਫਲੈਕਸੀਆਂ ਲਗਾ ਕੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ ਲਾਮਬੰਦ, ਸਤੰਬਰ ਵਿੱਚ ਮੰਤਰੀਆਂ ਦੇ ਘਰਾਂ ਅੱਗੇ ਲੱਗੇਗਾ ਵੱਡਾ ਮੋਰਚਾ: ਪੰਧੇਰ ਐੱਮਐੱਸਪੀ, ਕਿਸਾਨ-ਮਜ਼ਦੂਰ ਕਰਜ਼ਾ ਮੁਆਫ਼ੀ, ਪਾਣੀਆਂ ਅਤੇ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੇ ਮੁੱਦੇ ’ਤੇ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਘੇਰਿਆ ਪੰਜਾਬੀ ਨੂੰ ਸੂਬੇ ਵਿੱਚ ਲਾਗੂ ਕਰਨ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਰੁਜ਼ਗਾਰ ਵਿੱਚ 80 ਤੋਂ 85 ਫ਼ੀਸਦੀ ਰਾਖਵੇਂਕਰਨ ਦੀ ਮਾਂਗ, ਮਾਂਗਾਂ ਨਾ ਮੰਨੀਆਂ ਤਾਂ ਆਰ-ਪਾਰ ਦੇ ਸੰਘਰਸ਼ ਦੀ ਚਿਤਾਵਨੀ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ। ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੀਆਂ ਨੀਤੀਆਂ ਅਤੇ ਕਿਸਾਨਾਂ, ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਤੇ ਪੰਜਾਬ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਮੁੱਦਿਆਂ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਕਿਸਾਨ ਮਜ਼ਦੂਰ ਸੰਘਰਸ਼ ਕਮੇਟੀ ਵੱਲੋਂ ਅੱਜ ਚੱਬਾ ਪਿੰਡ ਤੋਂ ਸੰਘਰਸ਼ ਦਾ ਨਵਾਂ ਪੜਾਅ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਜਥੇਬੰਦੀ ਵੱਲੋਂ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਫਲੈਕਸੀਆਂ ਲਗਾਈਆਂ ਗਈਆਂ ਅਤੇ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਅੰਦੋਲਨ ਕਰਨ ਦਾ ਐਲਾਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਕਿਸਾਨ ਆਗੂ ਸਰਵਣ ਸਿੰਘ ਪੰਧੇਰ ਨੇ ਮੀਡੀਆ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਚੱਬਾ ਪਿੰਡ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਇਹ ਮੁਹਿੰਮ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਦੇ ਆਸ-ਪਾਸ ਦੇ ਲਗਭਗ 40 ਪਿੰਡਾਂ ਤੱਕ ਲਿਜਾਈ ਜਾਵੇਗੀ। ਸਰਵਣ ਸਿੰਘ ਪੰਧੇਰ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਿਆਂ ਦੇ ਡੀਸੀ ਦਫਤਰਾਂ ਅੱਗੇ ਇੱਕ ਰੋਜ਼ਾ ਮੋਰਚਾ ਲਗਾਇਆ ਜਾਵੇਗਾ। ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 14 ਤੋਂ 18 ਸਤੰਬਰ ਤੱਕ ਪੰਜ ਦਿਨਾਂ ਲਈ ਮੰਤਰੀਆਂ ਦੇ ਘਰਾਂ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਮੋਰਚਾ ਲਗਾਉਣ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਅਤੇ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਦੀਆਂ ਮੰਗਾਂ ਦਾ ਹੱਲ ਨਾ ਕੀਤਾ ਤਾਂ ਸੰघਰਸ਼ ਨੂੰ ਹੋਰ ਤਿੱਖਾ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ ਅਤੇ ਲੋੜ ਪੈਣ ’ਤੇ ਰੇਲਵੇ ਟਰੈਕ ਜਾਮ ਕਰਨ ਵਰਗੇ ਕਦਮ ਵੀ ਚੁੱਕੇ ਜਾ ਸਕਦੇ ਹਨ। ਪੰਧੇਰ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਨੇ 23 ਫ਼ਸਲਾਂ ’ਤੇ ਐੱਮਐੱਸਪੀ ਦੇਣ ਦੀ ਗੱਲ ਕੀਤੀ ਸੀ। ਜਥੇਬੰਦੀ ਦੀ ਮੰਗ ਹੈ ਕਿ ਬਾਸਮਤੀ, ਆਲੂ, ਮੱਕੀ, ਸਰ੍ਹੋਂ ਅਤੇ ਕਪਾਹ ਸਮੇਤ ਹੋਰ ਫ਼ਸਲਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਐੱਮਐੱਸਪੀ ਦੇ ਘੇਰੇ ਵਿੱਚ ਲਿਆਂਦਾ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਇਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਸਰਕਾਰੀ ਖਰੀਦ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਈ ਜਾਵੇ। ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਕਿਸਾਨਾਂ ਅਤੇ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਦਾ ਕਰਜ਼ਾ ਖ਼ਤਮ ਕਰਨ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਪਾਣੀਆਂ ਦੇ ਮੁੱਦੇ ’ਤੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਾਣੀਆਂ ਦੀ ਵੰਡ ਰਿਪੇਰੀਅਨ ਸਿਧਾਂਤ ਅਨੁਸਾਰ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ। ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਧਰਤੀ ਹੇਠਲੇ ਪਾਣੀ ਦੇ ਲਗਾਤਾਰ ਡਿੱਗ ਰਹੇ ਪੱਧਰ ਨੂੰ ਰੋਕਣ ਲਈ ਰੀਚਾਰਜਿੰਗ ਦੀ ਢੁੱਕਵੀਂ ਵਿਵਸਥਾ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਕਾਰਪੋਰੇਟ ਘਰਾਣਿਆਂ ਵੱਲੋਂ ਪਾਣੀ ਦੇ ਦੋਹਣ ’ਤੇ ਰੋਕ ਲਗਾਈ ਜਾਵੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਤੋਂ ਲੈਂਡ ਪੂਲਿੰਗ ਨੀਤੀ ਵਾਪਸ ਲੈਣ ਦੀ ਮੰਗ ਵੀ ਕੀਤੀ। ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੇ ਮੁੱਦੇ ’ਤੇ ਪੰਧੇਰ ਨੇ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਵਾਅਦੇ ਪੂਰੇ ਕਰਨ ਦੀ ਅਪੀਲ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਰੁਜ਼ਗਾਰ ਮੁਹੱਈਆ ਕਰਵਾਇਆ ਜਾਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਮੁੱਦਿਆਂ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬੀ ਭਾਸ਼ਾ ਨੂੰ ਵੀ ਤਰਜੀਹ ਮਿਲਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਸਰਕਾਰੀ ਸਕੂਲਾਂ ਵਿੱਚ ਪੜ੍ਹੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਸਰਕਾਰੀ ਦਫਤਰਾਂ ਤੋਂ ਅੰਗਰੇਜ਼ੀ ਵਿੱਚ ਪੱਤਰ ਮਿਲਣਗੇ ਤਾਂ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬੀ ਭਾਸ਼ਾ ਨੂੰ ਲਾਗੂ ਕਰਨ ਦੀ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਬਣਦੀ ਹੈ। ਕਿਸਾਨ ਆਗੂ ਨੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਰੁਜ਼ਗਾਰ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬੀਆਂ ਲਈ 80 ਤੋਂ 85 ਫ਼ੀਸਦੀ ਰਾਖਵਾਂ ਹਿੱਸਾ ਦੇਣ ਦੀ ਮਾਂਗ ਵੀ ਰੱਖੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਿਸਾਨ ਮਜ਼ਦੂਰ ਮੋਰਚਾ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਇਨ੍ਹਾਂ ਸਾਰੇ ਮੁੱਦਿਆਂ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਵੱਡਾ ਅੰਦੋਲਨ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਜਥੇਬੰਦੀ ਵੱਲੋਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਮੰਗ ਪੱਤਰ ਵੀ ਭੇਜਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਅਤੇ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਕਿ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਖੁਦ ਕਿਸਾਨ ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ ਨਾਲ ਬੈਠ ਕੇ ਇਨ੍ਹਾਂ ਮੁਸਲਿਆਂ ਦਾ ਹੱਲ ਕੱਢਣ। ਪੰਧੇਰ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਗੱਲਬਾਤ ਰਾਹੀਂ ਮਸਲਿਆਂ ਦਾ ਹੱਲ ਨਾ ਕੀਤਾ ਤਾਂ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਸੰਘਰਸ਼ ਨੂੰ ਆਰ-ਪਾਰ ਦੀ ਲੜਾਈ ਵਿੱਚ ਤਬਦੀਲ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਪੰਜਾਬ ਵਾਸੀਆਂ ਨੂੰ ਕਿਸਾਨਾਂ ਅਤੇ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਦੇ ਇਸ ਸੰਘਰਸ਼ ਵਿੱਚ ਵੱਧ ਤੋਂ ਵੱਧ ਸ਼ਮੂਲੀਅਤ ਕਰਨ ਦੀ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ।
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