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मानगो फ्लाईओवर से ट्रैफिक मुक्ति की उम्मीद, 31 जुलाई तक पूरा होने का लक्ष्य

Jamshedpur, Jharkhand:जमशेदपुर के मानगो शहर में लगातार बढ़ती ट्रैफिक समस्या के बीच मानगो फ्लाईओवर लोगों के लिए बड़ी उम्मीद बनकर सामने आया है। वर्षों से जाम की परेशानी झेल रहे मानगो क्षेत्र के लोगों को अब जल्द राहत मिलने की संभावना है। बहुप्रतीक्षित फ्लाईओवर का निर्माण कार्य तेजी से जारी है और अधिकारियों के अनुसार 31 जुलाई तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है。 करीब 2.8 किलोमीटर लंबे इस 4-लेन फ्लाईओवर का निर्माण 252 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इसकी सबसे अहम प्रगति यह है कि सभी 57 पिलर तैयार हो चुके हैं। फ्लाईओवर के बन जाने से साकची से डिमना तक का सफर आसान और तेज हो जाएगा। अभी इस मार्ग पर हर दिन भारी जाम लगता है, जिसमें लोगों को घंटों फंसे रहना पड़ता है。 मानगो क्षेत्र में ट्रैफिक की स्थिति काफी गंभीर बनी रहती है। सुबह ऑफिस और स्कूल के समय, दोपहर में बाजार के समय और शाम को लौटने के वक्त—दिन में तीन बार जाम की स्थिति बनती है। इस दौरान सैकड़ों वाहन सड़कों पर फंस जाते हैं। जाम का असर साकची तक पहुंचता है, जहां मरीन ड्राइव गोलचक्कर, बस स्टैंड गोलचक्कर, ओल्ड पुरुलिया रोड, डिमना रोड और पायल सिनेमा रोड जैसे इलाके प्रभावित होते हैं। इससे छात्रों, कर्मचारियों और आम लोगों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। फ्लाईओवर तैयार होने के बाद भारी वाहनों को ऊपर से निकाला जाएगा, जिससे नीचे की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। पथ निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता दीपक सहाय ने बताया कि निर्माण कार्य तय समय के अनुसार चल रहा है और 31 जुलाई तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है। कुल मिलाकर, मानगो फ्लाईओवर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा。
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कांदिवली के स्वामी दयानन्द स्कूल में फायर सेफ्टी मानकों की कड़ाई, NOC मांगना ज़रूरी

Mumbai, Maharashtra:मुंबई के कांदिवली इलाके के चारकोप में मौजूद है स्वामी दयानन्द सरस्वती स्कूलl ye स्कूल 1996 में बना था यानि करीब 30 साल पहले और आज यहाँ करीब 2000 स्टूडेंट्स पढ़ाई करते हैl फ़िलहाल स्कूल में छुट्टियां चल रही है लेकिन इसी बीच इस रिपोर्ट का आना परेशान करने वाला है की भारत देश में 35 फीसदी स्कूल्ज में फायर नॉर्म्स को फॉलो नहीं किया जा रहा है जो सीधे तौर पर आपके बच्चे के जीवन से खिलवाड़ हैl इसी बात की जमीनी हकीक़त पता करने हम फायर ब्रिगेड की टीम के साथ इस स्कूल में पहुँच गएl जब हम पहुँचे तो स्कूल की ट्रस्टी सुमन सिंह भी स्कूल टीचर्स के साथ स्कूल में मौजूद थीl नियमो के मुताबिक स्कूल में कम से कम दो exit पॉइंट होने चाहिए जिनकी चौड़ाई 4.75 मीटर से कम ना हो जहाँ से इमरजेंसी को देखते हुए बच्चो को निकाला जा सकेl शर्तें :- बिल्डिंग में छत पर 25,000 लीटर कैपेसिटी के दो टैंक दिए जाएंगे। बनाने से पहले H.E. डिपार्टमेंट से डिज़ाइन अप्रूव करवाना होगा। टैंक को एक बूस्टर पंप के ज़रिये नॉन-रिटर्न वाल्व और गेट वाल्व के ज़रिए नीचे वाले हिस्से से जोड़ा जाएगा। बिल्डिंग के बाहरी हिस्से पर, जो आंगन के ठीक सामने है, एक फायर सर्विस इनलेट लगाया जाएगा ताकि फायर सर्विस के मोबाइल पंप को डाउन कॉर्नर और स्प्रिंकलर सिस्टम से जोड़ा जा सके। हर बिजली मीटर रूम, लाइब्रेरी, स्टोर रूम, हर ऑफिस और हर फ्लोर पर 06 Kgs कैपेसिटी के दो ABC टाइप फायर एक्सटिंग्विशर और BIS सर्टिफिकेशन मार्क वाले दो रेत की बाल्टियां रखी जाएंगी。 ग्राउंड फ्लोर पर कार पार्किंग एरिया और मल्टीपर्पस/कम्युनिटी हॉल के हर 100 sq. mtrs के लिए 06 kg कैपेसिटी का एक ABC टाइप फायर एक्सटिंग्विशर, जिस पर BIS सर्टिफिकेशन मार्क होl IS स्पेसिफिकेशन्स के अनुसार, कंप्यूटर रूम, लाइब्रेरी, लैब, हर बिजली मीटर रूम, लाइब्रेरी, मल्टीपर्पस/कम्युनिटी हॉल, स्टोर रूम, हर ऑफ़িস और हर फ्लोर पर पैसेज में ऑटोमैटिक स्मोक/हीट डिटेक्शन सिस्टम लगाया जाएगा。 पूरी बिल्डिंग में मैनुअल फायर अलार्म सिस्टम होगा, जिसमें ग्राउंड फ्लोर पर मेन कंट्रोल पैनल और ऊपर के हर फ्लोर पर पिलबॉक्स और हूटर होंगे। इसका मतलब ये हुआ की अगर ये सब शर्ते पूरी नहीं हो रही है, तो स्कूल को Fire NOC नहीं दी जाएगीl इसी बात की जांच करने हम फायर ब्रिगेड अफसर MN Salvi के साथ पूरे स्कूल का मुआयना करने लगेl स्कूल के एंटरेंस गेट पर ही फायर अलार्म सिस्टम लगाया गया है जिसमे अलार्म स्पीकर भी लगा था जिससे किसी भी इमरजेंसी में हर फ्लोर पर मौजूद लोगो के साथ संवाद स्थापित किया जा सकेl इसके बाद टीम आगे जाती है तो है फ्लोर पर फायर अलार्म लगे दिखाई दिएl हर रूम में साइज के हिसाब से और हॉल में हॉल के साइज के हिसाब से स्मोक डेटेक्टेटर लगाए गए थे यानि बड़े हॉल में कम से कम 6 स्मोक डेटेक्टेटर लगाए गए थेl स्कूल में हर जगह सीढ़ियों की साइज 2 मीटर से ज़्यादा राखी गयी है जबकि ये स्कूल 30 साल पुराना हैl जब फायर ब्रिगेड की टीम छत पर गयी तो वहां हमें 5000-5000 लीटर वाली चार पानी की टंकीयां दिखाई दी जो इमरजेंसी में स्कूल के ऊपर वाले हिस्से म पम्प के ज़रिये आग बुझाने के काम आ सकती हैl सबसे ज़्यादा खास बात स्कूल में हर जगह लगाए दरवाजों की हैl ये आम दरवाज़े नहीं है बल्कि ये ख़ास FRD ( Fire Resistant Doors) है, इनकी चौड़ाई आम दरवाज़ों से बहुत ज़्यादा है और इन पर दोनों तरफ से आग से बचाने वाला स्पेशल मटेरियल लगाया गया हैl इसका फायदा ये होता है की जब आग लगती है और धुंआ उठता है तो आगे और धुंआ इस दरवाज़े के करीब 4 घंटे तक कोई नुकसान नहीं पंहुचा सकते है इससे रूम के अंदर मौजूद किसी भी शख्स को कोई नुकसान नहीं पहुँचता है और उन्हें कम से कम 4 घंटे का बफर टाइम मिल जाता है जिससे इमरजेंसी सर्विस तब तक इनके पास पहुंच जाती हैl स्कूल के हर फ्लोर पर आपको Fire extinguishers लगे मिल जायेंगे जिनकी एक्सपायरी डेट अभी बहुत दूर हैl कुल मिलाकर हमारे साथ गयी फायर डिपार्टमेंट की टीम के भरोसे पर दयानन्द सरस्वती स्कूल फ़िलहाल तो सही ही उतरा हैl
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मुज़फ्फरनगर में तीन दिवसीय होमगार्ड भर्ती परीक्षा, केंद्रों पर सुरक्षा कड़े इंतजाम

Muzaffarnagar, Uttar Pradesh:मुज़फ्फरनगर यूपी मे तीन दिवसीय होमगार्ड भर्ती परीक्षा होने जा रही है मुज़फ्फरनगर जनपद मे भी परीक्षा केंद्र बनाये गए है. मुज़फ्फरनगर मे बने 17 परीक्षा केंद्रों मे लगभग 47 हजार अभियार्थी होमगार्ड भर्ती परीक्षा मे शामिल होंगे. होमगार्ड भर्ती परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली है जिसको लेकर आज एसएसपी संजय वर्मा ने परीक्षा केंद्र व्यस्थापको सेक्टर मजिस्ट्रेट स्टेटिक मजिस्ट्रेट के साथ मीटिंग की साथ ही परीक्षा को नकल विहीन बनाने के लिए दिशा निर्देश दिए. एसएसपी ने होटल ढाबों से लेकर शहर की कई अन्य स्थानों पर परीक्षा को लेकर चेकिंग भी कर ली है इतना ही नहीं परीक्षा केंद्रों को सीसीटीवी से लेस कर दिया है. जनपद में 25 26 और 27 तारीख में दो पालियो में यह परीक्षा संपन्न होगी इस परीक्षा को शांतिपूर्ण व नकल विहीन बनाने के लिए परीक्षा केंद्र से लेकर बस स्टैंड रेलवे स्टेशन व अन्य स्थानों पर भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है साथ ही बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन पर परीक्षा केंद्रों स्थान के बारकोड लगाए गए हैं जिससे अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कोई भी परेशानी का सामना न करना पड़े.
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दिल्ली में भीषण गर्मी से हीटवेव का खतरा, तापमान 40°C पार

Delhi, Delhi:राजधानी दिल्ली में गर्मी ने अब अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। IMD यानी भारत मौसम विभाग ने राजधानी में बढ़ते तापमान को लेकर हीट अलर्ट जारी कर दिया है। जहां एक तरफ मौसम विभाग लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली के लोग भी इस भीषण गर्मी से बचने के लिए अलग-अलग उपाय अपनाते नजर आ रहे हैं। उत्तरी दिल्ली के तिमारपुर से आई तस्वीरें इस गर्मी की गंभीरता को साफ दिखाती हैं। देश के अलग-अलग राज्यों से दिल्ली में पढ़ाई करने आए हैं। ऐसे में उनके परिवार वालों की चिंता भी बढ़ गई है। माता-पिता को डर है कि कहीं इस भीषण गर्मी के कारण उनके बच्चे बीमार ना पड़ जाएं। डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और वायरल जैसी समस्याओं का खतरा लगातार बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही ज्यादा से ज्यादा पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और सिर ढककर रखने की भी सलाह दी गई है। राजधानी दिल्ली में आज अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुच गया। जिसकी वजह से जिन सड़कों चहलपहल रहती थी उन सड़कों पर सन्नाटा हुआ पसरा हुआ दिखाई दिया। तेज धूप की वजह से लोगों को बीमारी होने का डर बना हुआ है। लेकिन गर्मी ज्यादा होने की वजह से रोजगार पर असर पड़ता हुआ साफ नजर आ रहा है। जिसके चलते सड़कों पर ठेला लगाकर फल फ्रूट बेचने वाले व्यापारी भी परेशान नजर आ रहे हैं। फिलहाल इस सप्ताह भीषण गर्मी और लू का असर देखने को मिलेगा. दिल्ली में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने का अनुमान है और फिलहाल बारिश की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है. उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में भी चिलचिलाती धूप और गर्म हवाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ाने वाली हैं. मार्च के बाद से लगातार बढ़ रहे तापमान की वजह से कई राज्यों में सनबर्न और हीटवेव का खतरा बढ़ गया है।
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नोएडा से एक दुखद खबर सामने आई है।

PParveenFollow8m ago
Noida, Uttar Pradesh:नोएडा से एक दुखद खबर सामने आई है। आज दिनांक 21 अप्रैल 2026 को थाना सेक्टर-20 पुलिस को पीआरवी के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि सेक्टर-30 स्थित पीजीआई कैंपस में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतक की पहचान अवधेश कुमार के रूप में हुई है, जिसकी उम्र करीब 19 वर्ष बताई जा रही है। वह मूल रूप से श्रावस्ती, उत्तर प्रदेश का निवासी था और पीजीआई में लैब टेक्निशियन प्रशिक्षु के रूप में कार्यरत था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है और पुलिस द्वारा आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है, पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है
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चतरा की ममता देवी ने पोस्टमार्टम के क्षेत्र में नया इतिहास कायम कर दिया

Ansar Nagar, Jharkhand:स्पेशल.. विशेष रिपोर्ट: चतरा की 'ममता' ने तोड़ी रूढ़ियाँ—जब पुरुष पीछे हटे, तो नारी शक्ति ने संभाला पोस्टमार्टम का जिम्मा* *Anchor:* आमतौर पर पोस्टमार्टम हाउस का नाम सुनते ही लोगों के मन में एक सिहरन पैदा हो जाती है। यह एक ऐसा काम माना गया रहा है जिसे पुरुष प्रधान समाज का हिस्सा समझा जाता था। लेकिन चतरा से आज एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो न केवल चौंकाने वाली है, बल्कि 'नारी शक्ति' की अदम्य साहस की कहानी भी कहती है। जहाँ अस्पताल के अनुभवी कर्मी अवैध वसूली के आरोपों के बाद काम छोड़कर फरार हो गए, वहीं एक महिला ममता देवी ने इस जिम्मेदारी को अपने कंधों पर उठाकर समाज को एक नई दिशा दिखाई है। *वी/ओ:* कहानी की शुरुआत एक कड़वे सच से होती है। बीते रविवार को सदर प्रखंड के भोज्या गांव में मां समेत दो बच्चियों की तालाब में डूबने से मौत हो गई थी। आरोप है कि सदर अस्पताल के पोस्टमार्टम कर्मियों ने शोकाकुल परिजनों से ₹5000 की अवैध वसूली की। मामला तूल पकड़ा तो कार्रवाई के डर से सभी पोस्टमार्टम कर्मी अस्पताल से फरार हो गए और काम करने से इनकार कर दिया।इसका खामियाजा भुगतना पड़ा आज उन परिजनों को, जो रोजगार सेवक राजेश शर्मा के संदिग्ध मौत के बाद उनके शव का पोस्टमार्टम कराने अस्पताल पहुँचे थे। सुबह से दोपहर के 12 बज गए, लेकिन कोई भी शव को हाथ लगाने को तैयार नहीं था। *बाइट 01:शंकर कुमार, परिजन* *वी/ओ:* हम अपने भाई राजेश शर्मा का शव लेकर सुबह से आए थे। 4-5 घंटे तक भटकते रहे। पोस्टमार्टम कर्मियों के घर तक गए, लेकिन वे नहीं मिले। पता चला कि अवैध वसूली के आरोप के बाद वे काम नहीं कर रहे हैं। हम बेबस थे, तब जाकर सिविल सर्जन ने समाधान निकाला। जब सिस्टम लाचार खड़ा था, तब चतरा के सिविल सर्जन डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह के संज्ञान में यह मामला आया। उन्होंने एक साहसिक फैसला लेते हुए 'ममता देवी' को इस कार्य के लिए नियुक्त किया। ममता देवी ने बिना किसी हिचकिचाहट के इस चुनौती को स्वीकार किया और पोस्टमार्टम का जिम्मा संभाला। यह चतरा के इतिहास में पहली बार है जब एक महिला ने इस कठिन और संवेदनशील कार्य को अपनी स्वेच्छा से अपनाया है। *बाइट 02:पोस्टमार्टम कर्ता, ममता कुमारी* *वी/ओ:* लोग कहते हैं कि महिलाएं कमजोर होती हैं, लेकिन मेरा मानना है कि अगर हम घर संभाल सकते हैं, तो पीड़ितों की सेवा क्यों नहीं कर सकते? मुझे इस काम को करने में कोई डर नहीं लगता, बल्कि खुशी है कि मैं मुश्किल वक्त में लोगों के काम आ पा रही हूँ। मैं इस जिम्मेदारी के लिए पूरी तरह उत्साहित हूँ।अस्पताल प्रबंधन ने ममता की नियुक्ति को एक बड़ी उपलब्धि बताया है। पुराने कर्मियों की मनमानी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए यह एक कड़ा संदेश भी है। ममता अब सदर अस्पताल की एक आधिकारिक कर्मचारी के रूप में सेवा देंगी। *बाइट 03:डॉ. पंकज कुमार, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल* *वी/ओ:* यह हमारे जिले के लिए एक उपलब्धि है। पुराने कर्मी अवैध वसूली के चक्कर में काम छोड़ चुके हैं, लेकिन अब ममता कुमारी को सिविल सर्जन सर के निर्देश पर रखा गया है। उन्होंने जिस साहस के साथ यह काम शुरू किया है, वह नारी शक्ति का जीवंत उदाहरण है। चतरा की ममता देवी ने आज उन लोगों के मुँह पर तमाचा जड़ा है जो भ्रष्टाचार के जरिए मजबूर लोगों को लूटते थे। उन्होंने साबित कर दिया है कि सेवा का कोई लिंग नहीं होता। आज जब ममता के हाथ पीड़ितों के आंसू पोंछने के लिए पोस्टमार्टम जैसे कठिन कार्य की ओर बढ़े हैं, तो पूरा चतरा उनके इस हौसले को सलाम कर रहा है।
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Kurukshetra LSG में सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने प्रदर्शन, पीएम को ज्ञापन और 10 सूत्रीय माँगیں

Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र:- रिटायर्ड कर्मचारी संघ के बेनर तले आज पूरे देश के सभी जिला लघु सचिवालय पर रिटायर्ड कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया है। कुरुक्षेत्र के लघु सचिवालय पर भी जिले के रिटायर्ड कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। और अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम में ज्ञापन भी सोपे है। रिटायर्ड कर्मचारी संघ के पदाधिकारीयो ने जानकारी देते हुए बताया कि अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। और आज इसी को लेकर देश भर के सभी जिला लघु सचिवालय पर रिटायर्ड कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं। और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भी सोपा गया है। और अगर जल्द उनकी मांगे नहीं मानी गई तो रिटायर्ड कर्मचारी कोई बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे। इसकी जिम्मेदार सरकार होगी。
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JKRTC कर्मियों ने परिमपोरा में शांत प्रदर्शन के साथ चक्का जाम की चेतावनी दी

Srinagar, Workers of the Jammu and Kashmir Road Transport Corporation (JKRTC) on Tuesday staged a silent protest at the RTC Bus Yard in Parimpora, Srinagar, pressing for the redressal of their long-pending demands. Dozens of employees, including drivers and conductors, participated in the protest under the leadership of Union leader Haroon Rashid. The protesters raised strong slogans highlighting their grievances and demanding immediate action from the authorities. The union announced a one-day “Chakka Jam” scheduled for Friday, stating that transport services will remain suspended across the region. However, they clarified that vehicles assigned for Haj duty and medical emergency services will remain operational. The protesting employees put forward several key demands, including the regularisation of consolidated drivers, implementation of the 7th Pay Commission, release of pending 6th Pay Commission arrears, clearance of CPF funds, payment of dearness allowance, and the immediate release of five months’ pending salaries. Speaking on the occasion, union leader Haroon Rashid said that the continuous delay in addressing these issues has pushed employees into severe financial distress. He warned that if their demands are not met soon, the agitation could be intensified in the coming days. The protest ended peacefully, but the employees urged the government to intervene at the earliest to resolve their issues and prevent further disruption in public transport services.
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