icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
271002
KAILASH NATH VERMAKAILASH NATH VERMAFollow27 Jan 2025, 06:40 pm

Gonda - महिला अस्पताल से महिला मरीज व उसके परिजनों के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया

Gonda, Uttar Pradesh:

महिला अस्पताल में मरीज के साथ बदसलूकी की गई ,पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. बताया जा रहा है कि वीडियो गोंडा जिले के महिला चिकित्सालय का है.जहां मरीज के परिजनों द्वारा मरीज का विगो बदलवाने के लिए स्टाफ नर्स को चार बार बुलाना महंगा पड़ गया. बुलाने के बाद जब स्टाफ नर्स आयुष्मान वार्ड में पहुंची तो आग बबूला हो गई. उसके बाद में महिला मरीज के परिजनों के हाथ से मोबाइल छीनकर जमीन पर पटक दिया.स्टाफ नर्स ने वीडियो बनाने का आरोप लगाते हुए मोबाइल को जमीन पर पटक दिया और जमकर हंगामा किया।

0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

झारखंड की कृषि को उन्नत बनाने के लिए लचीलापन और किसान ID पर जोर

Ranchi, Jharkhand:केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के आह्वान पर नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर (NASC), पूसा में आयोजित दो दिवसीय ‘राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन–रबी अभियान 2026’ में झारखंड की कृषि, किसान हित और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने अपने विचार एवं राज्य की प्राथमिकताएं साझा कीं। सम्मेलन का आयोजन 28–29 सितंबर को किया जा रहा है। इस अवसर पर झारखंड में दलहन का एरिया विस्तार किए जाने पर राज्य सरकार की सराहना की गई अपने संबोधन में मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि झारखंड की भौगोलिक, सामाजिक एवं कृषि संबंधी परिस्थितियां देश के अन्य राज्यों से अलग हैं। इसलिए केंद्र की कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन में राज्य की स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक लचीलापन और विशेष सहयोग दिया जाना चाहिए। किसान आईडी निर्माण में झारखंड के लिए विशेष लचीलापन जरूरी मंत्री ने AgriStack के तहत Farmer ID निर्माण का मुद्दा प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि झारखंड में पुराने भूमि अभिलेखों और वर्तमान जमीनी स्थिति के बीच काफी अंतर है। राज्य का अंतिम व्यापक भूमि सर्वेक्षण वर्ष 1932 में हुआ था। ऐसे में भूमि अभिलेखों से जुड़ी व्यावहारिक कठिनाइयों के कारण किसान आईडी निर्माण की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि झारखंड की विशिष्ट भूमि-अभिलेख स्थिति को देखते हुए Farmer ID निर्माण के लिए उपयुक्त लचीलापन प्रदान किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि जब तक बड़े पैमाने पर Farmer ID का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक इसे आवश्यक कृषि योजनाओं एवं PM-KISAN सहित किसान हितकारी लाभों के लिए अनिवार्य पूर्व-शर्त नहीं बनाया जाए। राइस फॉलो क्षेत्र के विकास के लिए विशेष पैकेज की मांग मंत्री ने बताया कि झारखंड में रबी मौसम के दौरान लगभग 12 लाख हेक्टेयर राइस फॉलो क्षेत्र उपलब्ध है, जिसमें अनुमानित 5–6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को दलहन, तिलहन एवं बागवानी फसलों के अंतर्गत लाने की क्षमता है। उन्होंने केंद्र सरकार से झारखंड के राइस फॉलो क्षेत्रों के बड़े पैमाने पर विकास के लिए विशेष वित्तीय एवं तकनीकी पैकेज उपलब्ध कराने का आग्रह किया। दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर जोर झारखंड में दलहन उत्पादन की संभावनाओं को रेखांकित करते हुए मंत्री ने बताया कि राज्य देश के प्रमुख दलहन उत्पादक राज्यों में शामिल है। खरीफ 2025-26 में जहां दलहन का क्षेत्र लगभग 2.80 लाख हेक्टेयर था, वहीं खरीफ 2026-27 में यह बढ़कर लगभग 3.73 लाख हेक्टेयर हो गया है। उन्होंने देवघर और दुमका में विकसित लगभग 1,000-1,000 हेक्टेयर के अरहर क्लस्टरों का उल्लेख करते हुए कहा कि क्लस्टर आधारित खेती को और विस्तार देने की आवश्यकता है। तिलहन के क्षेत्र में भी राज्य द्वारा किए जा रहे प्रयासों को रखते हुए उन्होंने बताया कि झारखंड में तिलहन का कुल क्षेत्र लगभग 5.17 लाख हेक्टेयर है, जिसमें सरसों का प्रमुख योगदान है। उन्होंने राइस फॉलो क्षेत्रों में दलहन, तिलहन एवं बागवानी फसलों को बढ़ावा देने के लिए आगामी रबी सीजन में 50 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र विकसित करने का प्रस्ताव रखा। KCC कवरेज बढ़ाने के लिए बैंकों को लक्ष्यबद्ध अभियान चलाने की मांग मंत्री ने झारखंड में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की कम कवरेज का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में निर्धारित लक्ष्य की तुलना में KCC कवरेज अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाया है। उन्होंने बैंकों के माध्यम से सभी पात्र किसानों की पहचान कर उन्हें KCC से जोड़ने के लिए समयबद्ध saturation drive चलाने तथा किसानों की संस्थागत कृषि ऋण तक पहुंच बढ़ाने का आग्रह किया। कृषि यंत्रीकरण में झारखंड के लिए 90 प्रतिशत तक सहायता की मांग मंत्री ने कहा कि झारखंड में बड़ी संख्या में छोटे, सीमांत एवं आदिवासी किसान हैं। कृषि यंत्रीकरण के लिए किसानों की आर्थिक क्षमता सीमित होने के कारण मशीनरी की लागत एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि SMAM के तहत झारखंड जैसे राज्यों में कृषि यंत्रों पर सब्सिडी को पात्र इकाई लागत के 90 प्रतिशत तक बढ़ाने पर विचार किया जाए, ताकि छोटे एवं सीमांत किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीक की पहुंच सुनिश्चित हो सके। पलांडू फार्म रिसर्च सेंटर को राष्ट्रीय संस्थान का दर्जा देने का प्रस्ताव मंत्री ने रांची के पलांडू स्थित फार्म रिसर्च सेंटर को बागवानी एवं आदिवासी कृषि प्रणालियों पर राष्ट्रीय स्तर के शोध केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने केंद्र सरकार से आवश्यक आधारभूत संरचना, शोध सुविधाओं एवं मानव संसाधन के लिए सहयोग उपलब्ध कराने तथा इसे ‘National Institute for Horticulture and Tribal Farming Research’ के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल करने का आग्रह किया। मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि झारखंड की कृषि को केवल उत्पादन तक सीमित न रखते हुए उसे किसान आय, फसल विविधीकरण, तकनीक, प्रसंस्करण, बाजार और स्थानीय संसाधनों से जोड़कर एक समग्र कृषि अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करना होगा। उन्होंने कहा कि झारखंड की विशिष्ट कृषि परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को अधिक टिकाऊ बनाने और राज्य को कृषि क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में ठोस परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने केंद्रीय कृषि मंत्री को झारखंड आने का निमंत्रण दिया जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा झारखंड के कृषि को अग्रणी पंक्ति में खड़ा करने के केंद्र और राज्य की सरकार मिलकर काम करना होगा। राष्ट्रीय सम्मेलन में राज्यों के कृषि मंत्री, केंद्र एवं राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, ICAR के प्रतिनिधि तथा कृषि क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारक शामिल हुए.
0
0
Report

रामगढ़ में सूने मकान में दिनदहाड़े चोरी, करोड़ों के नकदी-जेवरात पार

Alwar, Rajasthan:सूना मकान देख चोरों ने दिनदहाड़े बोला धावा, ताले तोड़कर नकदी-जेवर समेत लाखों का माल पार रामगढ़ (अलवर)। रामगढ़ कस्बे में चोरों ने दिनदहाड़े एक सूने मकान को निशाना बनाकर लाखों रुपए के नकदी-जेवरात पर हाथ साफ कर दिया। वारदात सीनियर सेकेंडरी स्कूल के पीछे स्थित राजेंद्र जैन के मकान में हुई। चोर पीछे की तरफ खाली पड़े खंडहरनुमा प्लॉट से मकान में दाखिल हुए और पहली मंजिल पर पहुंचकर पूजा वाले कमरे का ताला तोड़ दिया। इसके बाद गोदरेज अलमारी का लॉक और लॉकर तोड़कर नकदी व जेवरात चोरी कर फरार हो गए। परिजनों के अनुसार मकान मालिक राजेंद्र जैन 19 सितंबर को चंडीगढ़ में रहने वाले अपने छोटे बेटे के पास गए हुए थे। सोमवार सुबह उनकी पत्नी रीना भी हिंडौन स्थित अपने पीहर चली गईं। राजेंद्र जैन का बेटा सोनू दुकान पर चला गया, जबकि पड़ोस में रहने वाले अजीत जैन और नानक जैन भी रिश्तेदारी में गए हुए थे। इसी दौरान चोरों ने दोपहर करीब 1 से 3 बजे के बीच वारदात को अंजाम दिया। चोर पीछे के रास्ते से मकान में घुसे और सीढ़ियों के जरिए पहली मंजिल पर पहुंचे। यहां मुख्य रिहायश से अलग पूजा वाले कमरे का ताला तोड़कर अंदर रखी अलमारी को निशाना बनाया। अलमारी का लॉक और लॉकर तोड़कर चोर नकदी और जेवरात समेट ले गए। मंगलवार को थाने में दी गई रिपोर्ट के अनुसार चोर करीब 1 लाख 20 हजार रुपए नकद, 17 ग्राम सोने की चेन, दो सोने की अंगूठियां, 40 चांदी के सिक्के, चांदी की पाजेब, चांदी का कलश-नारियल सहित अन्य सामान चोरी कर ले गए। परिजनों के मुताबिक चोरी गए सामान की कुल कीमत लाखों रुपए है। रॉड और खाली बैग मौके पर छोड़े वारदात को अंजाम देने के बाद चोर जल्दबाजी में लोहे की रॉड, जेवरात के खाली बैग और पैकिंग मटेरियल मौके पर ही छोड़ गए। चोरी का पता सोमवार देर शाम चला, जब सोनू की पत्नी रीना हिंडौन से वापस घर लौटीं। मकान के ताले टूटे देखकर उन्होंने परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। फिलहाल चोरों का कोई सुराग नहीं लग सका है। दिनदहाड़े हुई चोरी की इस वारदात से रामगढ़ कस्बे में लोगों में चिंता का माहौल है।
0
0
Report
Advertisement

बीडीके अस्पताल में निजी एंबुलेंस प्रवेश नियम पर तनाव, आंदोलन की चेतावनी

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं एंबुलेंस की बीडीके अस्पताल में नो एंट्री! सवाल— गंभीर मरीज कैसे पहुंचेंगे दूसरे स्थान पर पीएमओ डॉ. जितेंद्र भांबू के खिलाफ खोला मोर्चा एंबुलेंस संचालकों ने परेशान करने का आरोप विधायक राजेंद्र भांशी से भी​ मिले एंबुलेंस संचालक सौंपी अपनी गाड़ियों की चाबी, लेकिन नहीं निकला समाधान एंबुलेंस सेवा बंद कर आंदोलन की चेतावनी दी झुंझुनूं जिले के सबसे बड़े राजकीय अस्पताल बीडीके परिसर में निजी एंबुलेंसों के प्रवेश और पार्किंग को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। निजी एंबुलेंस संचालकों ने अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी पर परेशान करने और कार्रवाई की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। संचालकों का कहना है कि गंभीर मरीजों को लेने आने वाली निजी एंबुलेंसों को अस्पताल परिसर में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। साथ ही ट्रैफिक पुलिस को बुलाकर नो-पार्किंग के नाम पर 500-500 रुपए के चालान करवाए जा रहे हैं। एंबुलेंस संचालक विनोद कुमार ने आरोप लगाया कि गंभीर मरीज को लेने अस्पताल पहुंचने पर निजी एंबुलेंस चालकों को अंदर जाने से रोक दिया जाता है। उनका कहना है कि सुरक्षा गार्डों को निजी एंबुलेंस चालकों के फोटो और वीडियो बनाने तथा कार्रवाई की धमकी देने के निर्देश दिए गए हैं। संचालकों का यह भी आरोप है कि अस्पताल में भर्ती मरीज या रिश्तेदार को देखने पैदल आने वाले चालकों को भी परिसर में प्रवेश करने से रोका जाता है। संचालकों के अनुसार अस्पताल के आसपास करीब 17 से 18 निजी एंबुलेंस संचालित हैं। उनका कहना है कि सरकारी 108 एंबुलेंस की संख्या सीमित होने के कारण कई बार गंभीर मरीजों को समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो पाती। संचालकों का दावा है कि कुछ मामलों में 108 एंबुलेंस के लिए 4 से 5 घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में निजी एंबुलेंस मरीजों को जयपुर सहित अन्य बड़े चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाने में मदद करती हैं। निजी एंबुलेंस संचालकों का कहना है कि उन्होंने समस्या के समाधान के लिए क्षेत्रीय विधायक से भी संपर्क किया और उन्हें अपनी गाड़ियों की चाबी तक सौंप दी। लेकिन उन्हें कोई ठोस समाधान नहीं मिला। संचालकों ने सीएमएचओ और प्रशासन पर भी उनकी समस्या की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।एंबुलेंस संचालक विनोद कुमार और अन्य संचालकों ने कहा कि वे मरीजों की सेवा के लिए एंबुलेंस चलाते हैं। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से निजी एंबुलेंसों के प्रवेश और पार्किंग को लेकर स्पष्ट व्यवस्था बनाने तथा चालान की कार्रवाई का दबाव बंद करने की मांग की है। संचालकों ने चेतावनी दी कि मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो वे एंबुलेंस सेवा बंद कर आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में इसकी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन की होगी।
0
0
Report

अल्मोड़ा के जीना विश्वविद्यालय में छात्रसंघ मतदान शुरू, सुरक्षा कड़ी

Almora, Uttarakhand:सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के अल्मोड़ा परिसर में छात्रसंघ चुनाव के लिए मंगलवार को कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान हो रहा है। सुबह 10 बजे से शुरू हुआ मतदान दोपहर दो बजे तक चलेगा। परिसर में 4700 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन इस बार 2997 विद्यार्थियों को ही परिचय पत्र जारी किए गए हैं। ऐसे में 2997 छात्र-छात्राएं ही मतदान कर सकेंगे。 छात्रसंघ चुनाव में कुल 13 पद हैं। इनमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, छात्रा उपाध्यक्ष, सचिव, संयुक्त सचिव, कोषाध्यक्ष, सांस्कृतिक सचिव, विश्वविद्यालय प्रतिनिधि और पांच संकाय प्रतिनिधि शामिल हैं। कुल 20 नामांकन हुए थे। इनमें सचिव पद पर भास्कर गिरी गोस्वामी, कोषाध्यक्ष पद पर निकिता मेहरा और पांचों संकाय प्रतिनिधि पदों पर एक-एक नामांकन होने के कारण इन सात पदों पर निर्विरोध निर्वाचन तय हो चुका है। बाकी छह पदों पर 13 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है。 अध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के अमित बिष्ट और एबीवीपी के रोहित सिंह कुमल्टा के बीच सीधा मुकाबला है। उपाध्यक्ष पद पर भाष्कर जोशी, सुमित जोशी पुत्र हेमंत कुमार जोशी और सुमित जोशी पुत्र चंद्रशेखर जोशी मैदान में हैं। छात्रा उपाध्यक्ष पद पर दीपिका बिष्ट और रश्मि पांडे के बीच मुकाबला है। संयुक्त सचिव पद पर नेहा आर्या और सीता चम्याल, सांस्कृतिक सचिव पद पर विकास सिंह और हिमाली जोशी तथा विश्वविद्यालय प्रतिनिधि पद पर दर्शन जोशी और मुकेश लटवाल चुनाव लड़ रहे हैं。 मतदान को देखते हुए परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। मतदान समाप्त होने के बाद दोपहर दो बजे से 2:30 बजे तक मतपत्रों की जांच की जाएगी। इसके बाद दोपहर 2:30 बजे से मतगणना शुरू होगी। मतगणना पूरी होने के बाद शाम को चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे。
0
0
Report
Advertisement

सिद्धार्थनगर में बाढ़ की आशंका को देखते हुए डीएम ने डुमरियागंज के गांवों का निरीक्षण किया

VIKRANT SRIVASTAVVIKRANT SRIVASTAVFollow8m ago
Domariyaganj, Uttar Pradesh:सिद्धार्थनगर जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने डुमरियागंज तहसील के तेनुहार, कठौतीया और बड़हरा गांवों का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बाढ़ से बचाव के लिए आवश्यक निर्देश दिए। मीडिया से बातचीत करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि पिछले दिनों हुई बारिश के कारण राप्ती नदी में पानी का बहाव तेज हो गया है। फिलहाल नदी अपने सामान्य स्तर पर बह रही है। एक-दो मजरों के मेरुदंड होने की संभावना है।इसलिए लोगों को अलर्ट कर दिया गया है। जरूरत पड़ने पर राहत की व्यवस्था कराई जाएगी। नावों की व्यवस्था भी पहले से कर ली गई है।
0
0
Report

डैम में मिले तीन दोस्तों के शव, नहाने के दौरान हादसे की आशंका

Praveen BhargavPraveen BhargavFollow8m ago
Pali Pahari, Jhansi, Uttar Pradesh:झांसी। बबीना थाना क्षेत्र के सुकमा-डुकमा डैम में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब डैम के पानी में तीन शव दिखाई देने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही थाना बबीना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शवों को पानी से बाहर निकलवाया। इसके बाद पुलिस ने मृतकों की पहचान कराने का प्रयास शुरू किया। पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान सीपरी बाजार क्षेत्र निवासी राज, प्रेमनगर थाना क्षेत्र निवासी राहुल उर्फ रितेश परिहार और नीरज निवासी प्रेमनगर के रूप में हुई है। तीनों की पहचान उनके परिजनों द्वारा की गई है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि तीनों युवक आपस में दोस्त थे। पुलिस के मुताबिक, राज के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना सीपरी बाजार में दर्ज कराई थी। वहीं राहुल उर्फ रितेश परिहार के लापता होने की सूचना उसके परिजनों ने थाना प्रेमनगर में दी थी। इसके बाद डैम में तीन युवकों के शव मिलने की सूचना ने मामले को गंभीर बना दिया। मौके का निरीक्षण करने के दौरान पुलिस को राज की मोटरसाइकिल खड़ी हुई मिली। इसके अलावा मोटरसाइकिल के पास कपड़े और दो मोबाइल फोन भी रखे हुए मिले। घटनास्थल पर मिले सामान और प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस को प्रथमदृष्टया आशंका है कि तीनों दोस्त सुकमा-डुकमा डैम में नहाने के लिए पहुंचे होंगे। नहाने के दौरान किसी वजह से तीनों गहरे पानी में चले गए और हादसे का शिकार हो गए। हालांकि पुलिस ने अभी इस घटना को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस मृतकों के परिजनों से भी जानकारी जुटा रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि तीनों युवक डैम पर कब पहुंचे थे और उनके साथ घटनास्थल पर क्या परिस्थितियां बनीं। घटना के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। एक साथ तीन दोस्तों की मौत की खबर से उनके परिचितों और क्षेत्र में भी शोक का माहौल है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल प्रथमदृष्टया मामला नहाने के दौरान हुए हादसे का प्रतीत हो रहा है, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी अन्य संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले सामान और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि डैम, नदी और जलाशयों में नहाते समय विशेष सावधानी बरतें और गहरे पानी में जाने से बचें।
0
0
Report
Advertisement

झुंझुनूं के IPS डॉ. अनिल कुमार ने आजमगढ़ पीड़ित बच्चियों के भविष्य मदद दी

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं झुंझुनूं के लाल IPS डॉ. अनिल कुमार ने फिर बढ़ाया जिले का मान यूपी आजमगढ़ हत्याकांड में अनाथ हुई दो मासूम बच्चियों का थामा हाथ एनकाउंटर स्पेशलिस्ट ने अब बच्चियों के भविष्य की जिम्मेदारी उठाई डॉ. अनिल कुमार अपनी एक माह की सैलरी एफडी कराएंगे उनकी पहल से आजमगढ़ पुलिस के जवान भी मदद को आए पुलिस जवान बच्चियों के लिए एक दिन का वेतन देंगे अपराधियों के लिए सख्त, पीड़ितों के लिए संवेदनशील IPS का चेहरा झुंझुनूं का नाम डॉ. अनिल कुमार ने किया देश में रोशन वर्दी पहनकर अपराध के खिलाफ मोर्चा संभालने वाले पुलिस अधिकारी की पहचान अक्सर उसके एक्शन और सख्त फैसलों से होती है। लेकिन कभी-कभी उसी वर्दी के पीछे छिपा इंसान सामने आता है और फिर कहानी सिर्फ पुलिस अधिकारी की नहीं रहती… बल्कि इंसानियत की बन जाती है। झुंझुनूं जिले के अलसीसर की रामू की ढाणी से निकले यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी डॉ. अनिल कुमार की ऐसी ही एक पहल इन दिनों चर्चा में है। यूपी के आजमगढ़ के एक बेहद दर्दनाक हत्याकांड में माता-पिता का साया खो चुकीं दो मासूम बच्चियों के सामने जब पूरी जिंदगी का सवाल खड़ा हुआ। तो एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने केवल पुलिस अधिकारी की भूमिका तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने इन बच्चियों के भविष्य का सहारा बनने का फैसला किया। उन्होंने अपनी एक माह की तनख्वाह बच्चियों के नाम एफडी कराने की घोषणा की है। उनकी इस संवेदनशील पहल से प्रभावित होकर आजमगढ़ पुलिस के जवान भी आगे आए और बच्चियों की मदद के लिए एक दिन का वेतन देने का निर्णय लिया। डॉ. अनिल कुमार की पहचान उत्तर प्रदेश पुलिस में अपराध के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने वाले अधिकारी के रूप में बनी है। पिछले साल 2025 में सामने आए आंकड़ों के अनुसार उनके करीब आठ साल के सेवाकाल में 104 एनकाउंटर का आंकड़ा सामने आया था। लेकिन आजमगढ़ की इस घटना ने उनकी पहचान का एक दूसरा पहलू भी सामने ला दिया। जहां एक ओर वे अपराध के खिलाफ ''''एक्शन ऑन द स्पॉट'''' के लिए जाने जाते हैं। वहीं दूसरी ओर किसी पीड़ित के दर्द को समझकर उसके साथ खड़े होने का उनका यह फैसला उनके संवेदनशील व्यक्तित्व को सामने लाता है। दो बच्चियों ने एक ही घटना में अपना परिवार खो दिया। ऐसे समय में उनके भविष्य की चिंता करना और अपनी कमाई का हिस्सा उनके नाम करना केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि उन बच्चियों को यह भरोसा दिलाने जैसा है कि उनके जीवन में सब कुछ खत्म नहीं हुआ है। आठ घंटे तक कमरे में कैद थीं दो मासूम आजमगढ़ के शंभूपुर गांव में हुई इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था। अरविंद सिंह पर अपनी पत्नी समेत दो पंडितों और एक बच्चे की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है। घटना के बाद उसकी दो बेटियां कमरे में कैद थीं। पुलिस ने करीब आठ घंटे तक बातचीत के जरिए उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने दरवाजा तोड़कर दोनों बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान आरोपी की ओर से पुलिस पर फायरिंग की गई और जवाबी कार्रवाई में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद दोनों बच्चियों के सिर से माता-पिता का साया उठ चुका था। परिवार में अब बुजुर्ग दादी और दोनों मासूम बच्चियां ही रह गई थीं। यहीं से डॉ. अनिल कुमार की संवेदनशील सोच सामने आई। सिर्फ आज की मदद नहीं… पूरी जिंदगी की चिंता डॉ. अनिल कुमार ने महसूस किया कि इन बच्चियों को केवल तत्काल सुरक्षा की जरूरत नहीं है। असली चुनौती तो अब शुरू होगी—पढ़ाई, पालन-पोषण और भविष्य की। इसी सोच के साथ उन्होंने अपनी एक महीने की तनख्वाह बच्चियों के नाम एफडी कराने का फैसला लिया। प्रशासन की ओर से दोनों बच्चियों को यूपी में संचालित मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत आर्थिक सहायता दिलाने की प्रक्रिया भी की जा रही है। घटना की प्रत्यक्षदर्शी बच्ची की बाल मनोचिकित्सक से काउंसलिंग भी कराई जा रही है, ताकि इस भयावह घटना का उसके मन पर स्थायी असर कम किया जा सके। डॉक्टर से IPS तक… अलसीसर की मिट्टी से निकला एक नाम डॉ. अनिल कुमार की कहानी खुद झुंझुनूं के लिए गौरव की कहानी है। अलसीसर क्षेत्र की रामू की ढाणी से निकलकर उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की। डॉक्टर बने, चिकित्सा सेवा में काम किया और इसके बाद देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक यूपीएससी का रास्ता चुना। लगातार प्रयासों के बाद उन्होंने पुलिस सेवा में जाने का सपना पूरा किया और 2016 बैच के आईपीएस अधिकारी बने। एक चिकित्सक के रूप में लोगों की जिंदगी बचाने की पढ़ाई करने वाले डॉ. अनिल कुमार ने बाद में पुलिस की वर्दी पहनकर समाज को अपराध से सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी संभाली। आज वही डॉक्टर और पुलिस अधिकारी दो मासूम बच्चियों के भविष्य के लिए आगे आया है। उनकी बहन डॉ. मंजू भी राजस्थान कैडर में आईएएस है। जो भी सामाजिक सुधार के लिए अपनी अलग पहचान रखती है। झुंझुनूं के लिए इसलिए खास है यह कहानी झुंझुनूं की पहचान देशभर में अपनी मेहनत, संघर्ष और फौज-पुलिस में योगदान के लिए रही है। इस जिले की मिट्टी से निकले लोग अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाते रहे हैं। इसी कड़ी में अलसीसर के डॉ. अनिल कुमार का नाम भी अब एक अलग वजह से चर्चा में है। उन्होंने पुलिस अधिकारी के तौर पर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की पहचान बनाई, लेकिन आज उनकी चर्चा दो मासूम बच्चियों के लिए उठाए गए मानवीय कदम के कारण हो रही है। एक तरफ कानून की सख्ती… दूसरी तरफ इंसानियत की नरमी…। यही विरोधाभास डॉ. अनिल कुमार की इस कहानी को खास बनाता है। झुंझुनूं का नाम राजस्थान से निकलकर यूपी और देश तक अलसीसर की जिस मिट्टी ने डॉ. अनिल कुमार को जन्म दिया, उसी मिट्टी का नाम अब उनकी उपलब्धियों के साथ उत्तर प्रदेश में भी लिया जा रहा है। यह कहानी केवल एक आईपीएस अधिकारी की नहीं है। यह झुंझुनूं की उस मिट्टी की कहानी है, जो अपने बेटों को संघर्ष करना सिखाती है… जिम्मेदारी निभाना सिखाती है… और जरूरत पड़ने पर किसी अनजान के दर्द को भी अपना समझना सिखाती है। डॉ. अनिल कुमार का यह कदम उन दो बच्चियों के लिए शायद जिंदगी भर की याद बन जाए। क्योंकि कुछ मदद रुपये से बड़ी होती है… वह किसी टूटे हुए इंसान को यह एहसास दिलाती है कि—“तुम अकेले नहीं हो।” और शायद यही वजह है कि आज अलसीसर से लेकर झुंएलुन तक लोग इस पुलिस अधिकारी की चर्चा सिर्फ उसके एक्शन के लिए नहीं, बल्कि उसके दिल के लिए भी कर रहे हैं。
0
0
Report

नौतन के शिवराज पुर पासवान टोला में बाढ़ से घर डूबे, राहत नही पहुंची

Bettiah, Bihar:Anchor ______ बेतिया से खबर है जहां नौतन प्रखंड के शिवराज पुर पासवान टोला डूब गया है चंपारण तटबंध के नीचे सैंकड़ों घर डूब गए है हजारों लोग तटबंध पर शरण लिए है तीन दिन से गांव जलमग्न है हर साल निचले इलाके के लोग बाढ़ से डूबते है बर्बादी होती है बीस साल से बिहार में NDA की सरकार है लेकिन आज तक बाढ़ से बचाव का स्थाई निदान नहीं कर सकी है ये बाढ़ पीड़ितों की बर्बादी और बेबसी लाचारी का आखिर कौन जिम्मेदार है तीन दिन से इन बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री नहीं पहुंची है सूखा राशन हो या सामुदायिक किचन यहां अभी शुरू नहीं हुआ है बाढ़ पीड़ितों का कहना है बाढ़ में उनका सबकुछ बर्बाद हो गया है खाने के लिए अनाज भी नहीं बचा है तीन दिन से जैसे तैसे खाकर जीवन बसर कर रहे है ना अभी तक कोई हमलोग को देखने आया है और ना ही कोई सामग्री पहुंची है बाढ़ पीड़ितों के आँखो में आंसू है जो किसी सैलाब से कम नहीं है बाढ़ ने उनका सबकुछ छीन लिया है उनके पास अब सिर्फ उनकी बेबसी और लाचारी ही बची है
0
0
Report

CBI to investigate BSP iron scrap theft; Deputy CM Vijay Sharma forwards the case

Raipur, Chhattisgarh:CBI करेगी BSP लोहा स्क्रैप चोरी की जांच. मामले के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा- काफी दिनों से चीजें चल रही थी, BSP के संदर्भ से विषय सामने आया है, इसका स्पष्टता से और व्यापक जांच होनी चाहिए, पुलिस अच्छा काम कर रही थी जांच की लोगो को arrest किया, बड़ी जांच करानी की बात थी इसलिए CBI को forwarded किया गया है. भाजपा के झीरम को लेकर ट्वीट पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने साधा निशाना, कहा- झीरम घाटी के सबूत नहीं देने पर कसा तंज, जो ट्वीट आया है वो बिल्कुल उचित है, मुश्किल है राजनीति में भूपेश बघेल से बड़ा झूठ बोलने वाला व्यक्ति खोजना, बघेल घोटाले बाज है, झीरम के विषय पर कहूंगा. भूपेश बघेल ने कहा मेरे जेब में सबूत है पांच साल सरकार चली मुख्यमंत्री बनकर उनकी, कभी सबूत लेकर कही गए नहीं किसी को दिखाया नहीं. NIA को अभी भी बता सकते पर कर नहीं रहे है, बाईट- विजय शर्मा, डिप्टी सीएम, छत्तीसगढ़.....
0
0
Report
Advertisement

जलभराव: ट्रॉली ग्रेवल से समाधान नहीं, लोगों ने आंदोलन की चेतावनी दी

Karauli, Rajasthan:जलभराव से निजात के नाम पर एक ट्रॉली ग्रेवल, लोगों में रोष एमडीआर-111 पर नालियों के अभाव से जमा हो रहा बारिश का पानी, स्थायी समाधान की मांग, जिला करौली सपोटरा नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर 5 में उपखंड कार्यालय से दुर्गाशाह वन पौधशाला तक एमडीआर-111 पर जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग ने एक ट्रॉली ग्रेवल डलवाया, लेकिन क्षेत्रवासियों का कहना है कि इससे समस्या का समाधान नहीं हुआ। नालियों के अभाव में सड़क पर बारिश का पानी जमा होने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। लोगों ने स्थायी जल निकासी व्यवस्था की मांग करते हुए तीन दिन में समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। एमडीआर-111 सड़क मार्ग सवाई माधोपुर जिले के नारायणपुर-टटवाड़ा क्षेत्र को सवाई माधोपुर स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर से जोड़ता है। इस कारण मार्ग पर स्थानीय लोगों के अलावा श्रद्धालुओं और अन्य वाहन चालकों की भी आवाजाही रहती है। क्षेत्रवासियों के अनुसार बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित होता है। जलभराव से राहत के लिए विभाग की ओर से एक ट्रॉली ग्रेवल डलवाया गया, जिसे लोगों ने अपर्याप्त बताया। उनका कहना है कि केवल ग्रेवल डालने से पानी की निकासी नहीं होगी और समस्या दोबारा बनी रहेगी। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में कागजों में नालियों का निर्माण दर्शाया गया है, जबकि मौके पर नालियां नजर नहीं आतीं। इससे कथित निर्माण कार्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग से पूरे मामले की जांच कराने, नालियों का निर्माण कराने और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि तीन दिन में समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top