271503
Basti - विश्व आद्र दिवस के आयोजन पर प्रतिभागियों को किया गया पुरस्कृत
Bangawan, Uttar Pradesh:कटरा बाजार रविवार को बांकी झील पर वन विभाग द्वारा आयोजित विश्व आद्र दिवस व बर्ड फेस्टिवल के अवसर पर रामलाल इण्टर कालेज चौहानपुरवा के बच्चों ने चित्रकला व निबन्ध प्रतियोगिता में प्रतिभाग लिया, मुख्य अतिथि ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि भवानी भीख शुक्ल व वन क्षेत्राधिकारी इमरान खान ने पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया. इस अवसर पर वन दरोगा इबरार खां, शेष प्रकाश पांडे सहित सभी वनकर्मी व क्षेत्र के गणमान्य मौजूद रहे।
0
0
Report
हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|
गुरुग्राम में मूसलाधार बारिश से जलभराव; वर्क फ्रॉम होम से ट्रैफिक सुधरा
Gurugram, Haryana:गुरुग्राम में आज भी हो रही मूसलाधार बारिश बारिश के कारण शहर की अंदरूनी सड़कों पर जलभराव हो रहा है तेज बारिश के कारण विज़िबिलिटी भी कम हुई जलभराव ने एक बार फिर लोगों की परेशानियां बढ़ाई मौसम विभाग ने 2 दिन तक तेज बारिश का अलर्ट जारी किया था अलर्ट को देखते हुए जिला प्रशासन ने वर्क फ्रॉम होम की एडवाइजरी जारी की वर्क फ्रॉम होम का भी असर शहर पर दिखा सबसे व्यस्त साइबर हब और गोल्फ कोर्स रोड पर ट्रैफिक नॉर्मल दिल्ली गुरुग्राम बॉर्डर से हीरो होंडा चौक तक भी ट्रैफिक नॉर्मल वर्क फ्रॉम होम की वजह से ट्रैफिक में सुधार दिखा लेकिन जलभराव में कोई कमी नहीं शहर के कई इलाके जलभराव चपेट में0
0
Report
लखीमपुर-खीरी विकासखंड मितौली मिड डे मील में लापरवाही, हर महीने बड़ा बजट पार।
Datelikalan, Uttar Pradesh:लखीमपुर खीरी। विकासखंड मितौली के विद्यालय गणेशपुर ग्रांट में मिड डे मील व्यवस्था को संभालने वालों की बड़ी लापरवाही देखने को मिली, मीनू के अनुसार कुछ भी नहीं सब कुछ बच्चों को खिलाने के नाम पर निकल जा रही बड़ी रकम, बच्चों को क्या मिल रहा है वहां के लोग वह बच्चे स्वयं बयां कर रहे हैं।0
0
Report
इंदौर: 25 हजार लीटर घी के स्टॉक पर FSSAI ने रोक लगाई, जाँच जारी
Indore, Madhya Pradesh:एंकर - इंदौर में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने दूध और दूध से बने उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। इंदौर में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने एक कंपनी के डिपो से करीब 25 हजार लीटर घी का स्टॉक जांच के लिए रोक दिया है। इस घी की अनुमानित कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये बताई जा रही है। वहीं अलग-अलग प्रतिष्ठानों से घी, पनीर, दही, मसाले, बेसन, मिठाई और नमकीन सहित कई खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए गए हैं। वीओ -आयुक्त खाद्य सुरक्षा मध्यप्रदेश के निर्देश पर जुलाई 2026 से प्रदेशभर में दूध और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत बाहरी राज्यों से मध्यप्रदेश में आने वाले दूध और दुग्ध उत्पादों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। वीओ - इंदौर में 6 अगस्त को खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम एबी रोड स्थित गोल्डन पैलेस कॉलोनी के विक्टर हाउस-1 पहुंची। यहां पराग मिल्क फूड्स लिमिटेड, पुणे का कंपनी डिपो पाया गया, जहां से गोवर्धन ब्रांड घी की मध्यप्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई की जाती है। वीओ - प्रतिष्ठान की जानकारी मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई। इसके बाद एफएसएसएआई वेस्टर्न रीजन, ब्रांच ऑफिस इंदौर की केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने गोवर्धन ब्रांड घी के अलग-अलग पैकिंग साइज के कुल 20 नमूने जांच के लिए लिए। वीओ - जांच रिपोर्ट आने तक करीब 25 हजार लीटर घी के स्टॉक की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। इस स्टॉक की अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 50 लाख रुपये बताई गई है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक जांच पूरी होने और आगामी आदेश तक यह घी बिक्री के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। इसी दिन खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने साउथ हरसिद्धि स्थित भावण्या इंटरप्राइजेज का भी निरीक्षण किया। यहां से गोपीश्री ब्रांड घी के चार नमूने जांच के लिए लिए गए। साथ ही करीब 312 लीटर घी, जिसकी अनुमानित कीमत 1 लाख 34 हजार 700 रुपये है, उसे जांच रिपोर्ट आने तक जप्त किया गया। फिलहाल खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने सभी नमूनों को संबंधित प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेज दिया है। अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट में खाद्य पदार्थ अमानक पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत संबंधित प्रतिष्ठानों और कंपनियों के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।0
0
Report
Advertisement
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी ने सचिवालय में मंत्रिमंडल बैठक की अध्यक्षता की
Noida, Uttar Pradesh:Dehradun (Uttarakhand): Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami Chairs State Cabinet Meeting at State Secretariat.0
0
Report
कांवड़ यात्रा के दौरान अंसारियान मस्जिद पर्दों से ढकी, बच्चों की सुरक्षा के लिए
Muzaffarnagar, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में इस समय कावड़ यात्रा अपने पूरे चरम पर है लाखों करोड़ों शिव भक्त कावड़िए मुजफ्फरनगर जनपद से होते हुए दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के लिए प्रस्थान कर रहे है। जिसके चलते शिव भक्त कावड़ियों की भीड़ को देखते हुए मीनाक्षी चौक के पास स्थित मोहल्ला अंसारियान की मस्जिद को स्थानीय लोगो द्वारा टैंट के परदे से ढकवा दिया गया है। जानकारी के मुताबिक इस मस्जिद में बच्चों को पढ़ाया जाता है इसलिए स्थानीय लोग अक्सर कावड़ यात्रा के दौरान इस मस्जिद को परदे से ढक देते हैं ताकि कोई बच्चा भाग कर किसी कावड़ से ना टकरा जाए। जिसके चलते विवाद से बचने और सकुशल कावड़ यात्रा को सम्पन्न कराने के लिए स्थानीय लोग इस मस्जिद को कावड़ यात्रा के दौरान भीड़ को देखते हुए ढकवा देते हैं। - शहजाद ( स्थानीय निवासी ) जिसके बारे में स्थानीय निवासी शहजाद बताते हैं कि मैं इसी अंसरियांन मोहल्ले का हूं यह हम अपनी मर्जी से ढक देते हैं क्योंकि बच्चे आते हैं भाग करते हैं राजा रानी देखते हैं अब वह चलते हैं मनोरंजन से बच्चे भागते भागते आते हैं किसी का जल ना गिर जाए इसी वजह से हम पर्दे ढक देते हैं प्रशासन ने किसी ने कोई दबाव नहीं दिया प्रशासन ने कुछ नहीं कहा यह हमने अपनी मर्जी से ढके हैं तकिया अंसरियांन यह मोहल्ला है हमारा पर्दे डाल दिए हैं ताकि बच्चे भाग कर ना आए इस वजह से यहां बच्चे पढ़ते हैं नमाज पढ़ने आते हैं फिलहाल जो नमाज़ी आते हैं अंदर-अंदर पढ़ते हैं और चले जाते हैं मोहल्ले के ही पढ़ते हैं उधर का नहीं आता कोई।0
0
Report
हरियाणा बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से राजनीति पकड़ी, विज ने मांगी मांगें मानने की स्पष्टता का संकेत
Ambala, Haryana:हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की 11 से 13 अगस्त तक प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल से पहले प्रदेश की राजनीति और बिजली विभाग में हलचल तेज हो गई है। कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कर्मचारियों की तीनों प्रमुख मांगों पर सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि इनमें से दो मांगों का समाधान पहले ही हो चुका है, जबकि तीसरे मुद्दे पर भी सरकार स्तर पर चर्चा जारी है। वहीं उन्होंने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला और देश की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों की सराहना की। हरियाणा में बिजली कर्मचारियों ने 11 से 13 अगस्त तक तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया था इससे पहले बिजली मंत्री अनिल विज ने कहा कि बिजली बोर्ड की यूनियन को बुला कर उनसे बात की थी मुख्य तौर पर बिजली कमचारियों की तीन मांगे है पहली बिजली का प्राइवेटाइजेशन न किया जाए उसपर बताया गया है कि HERC में जो कैसे आया था वो बिजली विभाग के तहत काम नहीं करता उन्होंने कहा कि HERC में सरकार को प्राइवेटाइजेशन का विरोध किया है तो वो बात वही खत्म हो गई। दूसरी मांग स्मार्ट मीटर को बंद करने की बात की है जिसपर मंत्री विज ने कहा कि अभी इसके टेंडर ही नहीं हुई जब टेंडर होंगे तब देखा जाएगा जो मीटर 2022 में लगे हुए हैं सिर्फ वही लगे होंगे तो दूसरी बात भी खत्म हो गई तीसरी मांग थी कि कृषि विद्युत निगम बनाया जा रहा है वह ना बनाया जाए उसपर मंत्री विज ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस बारे में विधानसभा में बात की है लेकिन अभी उनकी मुख्यमंत्री से कोई बात नहीं हुई। एक बार ये तीनों मांगे समाप्त हो गई थी और वो मान गए थे लेकिन जब वो बाहर गए तो कुछ शरारती तत्वों से मिलकर उन्होंने यही कहा कि हम मांग करेंगे लेकिन आज भी बिजली विभाग के अधिकारी उनसे बातचीत करने में लगे हुए हैं। वहीं कांग्रेस की आपसी कलह को लेकर कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि कांग्रेस कोई पार्टी नहीं है ये सिर्फ विभिन्न धड़ों का कठ मेल है अपने अपने स्वार्थ के कारण ये अलग अलग जगह मिल जाते और विरोध करते रहते है। अग्नि फोर ब्लास्टिक का कल सफल प्रशिक्षण हुआ है जिसे लेकर कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि मोदी जी की अगुवाई में देश की सुरक्षा के लिए थल में जल में नभ में भारत की शक्ति को मजबूत किया जा रहा है हर तरफ सेना को मजबूत किया जा रहा है।0
0
Report
Advertisement
थानेसर नगर परिषद सफाई कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल, मांगें पूरी नहीं तो अनिश्चितकालीन आंदोलन
Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र: थानेसर नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर तीन दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल दिया जाएगा। थानेसर नगर परिषद के सफाई कर्मचारी बड़ी संख्या में एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने पहले उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक उन वादों को अमल में नहीं लाया गया। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा कि उनकी यह हड़ताल फिलहाल तीन दिनों तक चलेगी। यदि इसके बाद भी सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगे। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से वह अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, सफाई करते वक्त हाथों में ग्लब्स व जूते व वर्दी भी नहीं दी जाती है जिससे इन्फेक्शन होने का खतरा बना रहता है लेकिन सरकार उनकी समस्याओं की ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही। उन्होंने सरकार से जल्द बातचीत कर समाधान निकालने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने उनके साथ वादा खिलाफी की है। उनकी मांगे मान ली थी लेकिन अब तक कोई भी लेटर जारी नहीं किया गया है। इसलिए अब पूरे प्रदेश के सफाई कर्मचारियों में रोष है और जिसके चलते आज यह तीन दिव्यय हड़ताल शुरू की है।0
0
Report
त्योहारी सीजन में मिलावटी मिठाइयों से कैसे बचें—खतरे और सावधानियाँ
Morena, Madhya Pradesh:त्योहारी सीजन पर मिलावटी मिठाइयों को लेकर इनपुट0
0
Report
बहराइच में घर में सो रही महिला पर तेंदुए हमला; परिजनों ने शोर से भगाया
Bahraich, Uttar Pradesh:बहराइच. घर में सो रही महिला पर तेंदुए का हमला, एक मिनट तक संघर्ष के बाद परिजनों ने हाका लगाकर भगाया बहराइच. कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के सुजौली रेंज अन्तर्गत धनिया बेली गांव में देर रात घर के अंदर सो रही महिला लाली देवी पत्नी जय प्रकाश उम्र 26 वर्ष तेंदुए ने हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से घर में चीख-पुकार मच गई। जानकारी के अनुसार महिला अपने घर में सो रही थी तभी तेंदुआ अंदर घुस आया और उसने महिला पर हमला कर दिया। महिला ने अपनी जान बचाने के लिए कुछ देर तक संघर्ष किया। शोर सुनकर परिजन जाग गए और उन्होंने हाका लगाकर किसी तरह तेंदुए को भगाया। घटना के सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, और परिजनों की मदद से घायल महिला को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों उसे मेडिकल कालेज के लिये रेफर कर दिया, घटना के बाद परिवार में डर का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और पिंजरा लगाने की मांग की है। वहीं वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने लोगों से रात में सतर्क रहने और अकेले घर से बाहर न निकलने की अपील की है।0
0
Report
Advertisement
किरन नर्सिंग होम से घर तक गुलाबी कारवां, बेटी के जन्म पर गूंजी खुशियों की किलकारी।
Puranpur, Uttar Pradesh:पूरनपुर/पीलीभीत। "बेटी हुई है..." यह संदेश जब सड़कों पर दौड़ती गुलाबी गुब्बारों से सजी कारों पर नजर आया तो हर किसी का ध्यान इस ओर खिंच गया। पूरनपुर क्षेत्र में एक परिवार ने अपनी नवजात बेटी के जन्म की खुशी को ऐसे अंदाज में मनाया कि यह न केवल चर्चा का विषय बन गया, बल्कि समाज को बेटियों के सम्मान का भावुक संदेश भी दे गया। शेरपुर कलां निवासी मीनू बरकाती के घर चार अगस्त को खुशियों की किलकारी गूंजी। पूरनपुर स्थित किरन नर्सिंग होम में शाम करीब सात बजे परिवार को जैसे ही बेटी के जन्म की जानकारी मिली, घर में उत्साह का माहौल बन गया। परिजनों ने इस पल को यादगार बनाने के लिए दो कारों को गुलाबी गुब्बारों से सजाया और "बेटी हुई है" का संदेश लगाकर अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल पहुंचने के बाद परिवार ने नवजात का धूमधाम से स्वागत किया। चिकित्सकों और स्टाफ ने भी बच्ची के आगमन पर परिवार को शुभकामनाएं दीं। इसके बाद लाडली को विशेष साज-सज्जा के साथ कार में बैठाकर घर लाया गया। रास्ते में लोगों की नजरें इस अनोखे स्वागत पर ठहर गईं। कई लोगों ने इस पल को अपने कैमरों में कैद किया और सोशल मीडिया पर साझा किया। बेटी के आगमन की खुशी में माता-पिता के साथ दादी, नानी, फूफो-फूफा और खाला-खालू समेत पूरा परिवार उत्साहित नजर आया। घर पहुंचने पर भी नन्ही परी का स्वागत खुशियों और दुआओं के साथ किया गया। यह आयोजन केवल एक परिवार की खुशी नहीं, बल्कि बदलती सामाजिक सोच की तस्वीर भी है। जिस दौर में बेटियों को लेकर कई परिवारों में संकोच दिखाई देता था, वहीं आज लोग बेटियों के जन्म को गर्व और उत्सव के रूप में मना रहे हैं। पूरनपुर का यह परिवार भी इसी बदलाव की मजबूत कड़ी बन गया है। बेटी के जन्म पर ऐसा सार्वजनिक उत्सव मनाकर परिवार ने साफ संदेश दिया कि बेटियां किसी से कम नहीं हैं। वे घर की रौनक, माता-पिता का अभिमान और समाज की शक्ति हैं। जरूरत है कि हर परिवार बेटियों का स्वागत इसी सम्मान और प्यार के साथ करे, ताकि बेटियों के प्रति सोच और मजबूत हो सके।0
0
Report
खैरा नदी पर पुल के इंतजार के बीच बच्चों की पढ़ाई खतरे में—बदलते राजनीतिक कथनों के पीछे अड़ियल हकीकत
Jamui, Bihar:जमुई जिले के खैरा में चुनाव दर चुनाव चेहरे बदलते रहे। सरकारें आईं और चली गईं। मुख्यमंत्री बदले, विधायक बदले, जनप्रतिनिधियों के वादे भी बदलते रहे, लेकिन खैरा प्रखंड की हरनी पंचायत अंतर्गत जतहर और कैरवतरी गांव के लोगों की तकदीर नहीं बदली। आज भी बरसात आते ही करीब 150 मीटर चौड़ी नदी इन गांवों की जिंदगी थाम देती है और विकास के तमाम दावों के बीच ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। करीब 250 से 300 की आबादी वाले इन गांवों में सबसे अधिक परेशानी हरिजन समुदाय के लोगों को झेलनी पड़ती है। स्कूल जाने वाले बच्चों को हर दिन नदी पार कर अरुणमबांक (सोखो) जाना पड़ता है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह स्कूली ड्रेस पहने बच्चे सिर पर किताबें रखकर उफनती नदी पार कर रहे हैं। पढ़ाई बाधित न हो, इसलिए परिजन भी डंडे के सहारे बच्चों का हाथ पकड़कर उन्हें नदी पार करा रहे हैं। हर कदम पर हादसे का खतरा बना रहता है, लेकिन मजबूरी ऐसी है कि जान जोखिम में डालकर भी बच्चों को स्कूल जाना पड़ता है。 बच्चوں ने भी सरकार और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि नदी पर जल्द पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि उन्हें जान जोखिम में डालकर स्कूल नहीं जाना पड़े और उनकी पढ़ाई बिना किसी बाधा के जारी रह सके। सबसे भयावह स्थिति तब होती है, जब कोई बीमार पड़ जाए या किसी गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना हो। पुल नहीं होने के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती। ऐसे में मरीजों को खटोली पर लादकर नदी पार कराई जाती है और फिर खैरा रेफरल अस्पताल पहुंचाया जाता है। पंचायत सरकार भवन, स्वास्थ्य केंद्र और अन्य सरकारी सुविधाओं तक पहुंचने के लिए भी ग्रामीणों के पास नदी पार करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है。 ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से विधायक, मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधि गांव पहुंचकर पुल निर्माण का आश्वासन देते रहे। स्थानीय विधायक की ओर से कई बार यह कहा गया कि पुल निर्माण की डीपीआर तैयार हो चुकी है और जल्द काम शुरू होगा, लेकिन आज तक निर्माण कार्य धरातल पर नहीं उतर सका。 बरसात एक बार फिर दस्तक दे चुकी है, नदी उफान पर है और जतहर गांव की पीड़ा भी फिर सामने है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार भी बारिश गुजर जाएगी और पुल सिर्फ वादों तक सीमित रहेगा, या फिर पुल के इंतजार में गुजर चुकी पीढ़ियों का सपना आखिरकार पूरा होगा?0
0
Report
मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित नहीं: आदिवासी कांग्रेस का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
Dungarpur, Rajasthan:हेडलाइन- मानगढ़ धाम राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने योग्य नहीं के बयान पर आदिवासी कांग्रेस का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, केंद्र सरकार के खिलाफ की नारेबाजी, बड़े आंदोलन की दी चेतावनी\n\nइस मौके पर आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक गणेश घोगरा के नेतृत्व में केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और बड़े आन्दोलन की चेतावनी दी गई.\n\nगणेश घोगरा ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। घोगरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद मानगढ़ धाम आए थे, जहाँ उन्होंने 1913 के मानगढ़ नरसंहार में शहीद हुए 1500 से अधिक भील आदिवासियों को नमन किया था। उस दौरान मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की बात कही गई थी। लेकिन संसद में पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्रीय पर्यटन मंत्री द्वारा यह स्पष्ट कर दिया गया कि ऐसा कोई प्रस्ताव या विचार सरकार के पास नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद मंत्री द्वारा इस तरह का जवाब देना सरकार की 'कथनी और करनी' के अंतर को उजागर करता है, जिससे पूरे भील और आदिवासी समाज का अपमान हुआ है।\n\nऐतिहासिक योगदान और अनदेखी का आरोप\n\nगणेश घोगरा ने मानगढ़ धाम के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि गोविंद गुरु के नेतृत्व में आदिवासियों ने देश की आजादी से पहले ही अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया और अपनी शहादत दी। उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि महाराणा प्रताप के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ने वाले सेनापति राणा पूंजा भील थे, लेकिन इतिहास के पन्नों में आदिवासियों के योगदान को वह स्थान नहीं दिया गया जो मिलना चाहिए था। इसके अलावा, वक्ताओं ने मणिपुर हिंसा, हसदेव के जंगलों की कटाई तथा चारागाह व बिलानाम भूमि पर बसे आदिवासियों को हटाने के कैबिनेट फैसलों का जिक्र करते हुए सरकार पर आदिवासी विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया।\n\nदेशव्यापी आंदोलन की दी चेतावनी\n\nगणेश घोगरा ने चेतावनी दी है कि यदि मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा नहीं दिया गया और आदिवासियों के अधिकारों की अनदेखी बंद नहीं हुई, तो आने वाले समय में सड़कों को जाम किया जाएगा और दिल्ली तक विरोध प्रदर्शन का आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि "अब देश का आदिवासी जाग चुका है और अपने गौरव व धरोहर की रक्षा के लिए उग्र आंदोलन से पीछे नहीं हटेगा।"0
0
Report
Advertisement
वाराणसी सिगरा: गिरफ्तार सलमान खान उर्फ सनी सिंह, फर्जी पहचान और धर्मांतरण मामला
Varanasi, Uttar Pradesh:• वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र में धर्मांतरण और फर्जीवाड़े का बड़ा मामला, पुलिस ने FIR दर्ज कर किया आरोपी को गिरफ्तार। • सलमान खान ने 'सन्नी सिंह' नाम रखकर पीड़िता से शादी की और जबरन धर्मांतरण का दबाव बनाने का लगा आरोप। • आरोपी पर फर्जी आधार कार्ड, वोटर आईडी और मैरिज सर्टिफिकेट तैयार करवाने का आरोप। • पीड़िता ने पति, जेठ और ससुर पर दुष्कर्म, मानसिक प्रताड़ना, मारपीट और जान से मारने की धमकी का लगाया आरोप। • सिगरा पुलिस ने पति सलमान खान, ससुर मकबूल, जेठ शाहरुख, सासू कैसर खान और ननद सायना खान समेत 5 पर दर्ज किया केस। • पुलिस ने बीएनएस की धारा 64(1) [दुष्कर्म] व उत्तर प्रदेश धर्म संपरिवर्तन अधिनियम की धारा 3/5 के तहत दर्ज की एफआईआर। • सिगरा पुलिस ने आरोपी सलमान खान को किया गिरफ्तार। • गिरफ्तारी के बाद पुलिस के हाथ लगे कई अहम दस्तावेज। • सलमान खान सनी सिंह नाम से बना रखा था आधार कार्ड वह वोटर आईडी कार्ड मैरिज सर्टिफिकेट में भी पहचान छुपा कर सनी सिंह बना था सलमान खान। • आरोपी सलमान खान ने ज़ी मीडिया से Exclusive बातचीत करते हुए कहा दबाव में बदला नाम। • पुलिस को बता रहा गुमराह करने वाली लव स्टोरी। WKT/TT- सिगरा थाने में गिरफ्तारी के दौरान आरोपी सलमान खान उर्फ सनी सिंह से Exclusive बातचीत करते हुए।0
0
Report
बरसात ने बुराड़ी की सड़कों को तालाब बना दिया, जनता स्थायी समाधान चाहती है
New Delhi, Delhi:बरसात बनी आफत! बुराड़ी की सड़कें बनीं तालाब, जनता बेहाल। राजधानी दिल्ली में लगातार बारिश ने बुराड़ी विधानसभा की सड़कों की हालत बद से बदतर कर दी है। कई इलाकों में जलभराव से सड़कें तालाब बन गई हैं, दोपहिया वाहन पानी में डूब रहे हैं और गहरे गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं। स्थानीय लोग जनप्रतिनिधियों और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। बुराड़ी विधानसभा के कई इलाकों में बारिश के बाद सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं। जगह-जगह कई फीट तक पानी भर गया है, जिससे बाइक, स्कूटी और अन्य छोटे वाहन बीच रास्ते में बंद हो रहे हैं। कई वाहन चालक पानी में छिपे गहरे गड्ढों का शिकार होकर गिर रहे हैं। सड़क पर जमा पानी के कारण राहगीरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान यह समस्या हर साल सामने आती है। जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने और अधूरी या खराब सड़क निर्माण के कारण पूरे इलाके में जलभराव की स्थिति बन जाती है। लोगों का आरोप है कि शिकायतें करने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और नौकरीपेशा लोगों को हो रही है। जलभराव के कारण कई जगहों पर ट्रैफिक भी प्रभावित हो रहा है। वाहन चालक जान जोखिम में डालकर पानी से गुजरने को मजबूर हैं। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि सड़क पर पानी भरने से ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है, जिससे उनके कारोबार पर भी असर पड़ रहा है। लोगों को डर है कि अगर जल्द पानी नहीं निकला तो सड़कें और अधिक क्षतिग्रस्त हो जाएंगी और हादसों का खतरा बढ़ जाएगा। बुराड़ी विधानसभा में बरसात के साथ हर साल जलभराव और टूटी सड़कों की समस्या सामने आती है। सवाल यह है कि आखिर कब तक लोग इसी तरह जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर रहेंगे? स्थानीय जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी समाधान चाहती है। देखना होगा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस समस्या का समाधान कब तक कर पाते हैं।0
0
Report
डॉ. रामाशीष राय ने यूपी RLD अध्यक्ष पद और सदस्यता से इस्तीफा दे दिया
Noida, Uttar Pradesh:डॉ. रामाशीष राय ने राष्ट्रीय लोकदल के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पद एवं प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दिया.0
0
Report
Advertisement
