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ATAlok TripathiFollow15 Apr 2025, 06:52 pm
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UPI MDR 0.4%: पेट्रोल पंपों पर भार कौन उठाएगा, सरकार स्पष्ट करे

Alwar, Rajasthan:यूपीआई पर 0.4% एमडीआर को लेकर संशय बरकरार, पेट्रोल पंप संचालकों ने सरकार से मांगी स्थिति स्पष्ट करने की मांग नई दिल्ली। यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू किए जाने की चर्चाओं के बीच सरकार की ओर से प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर काफी हद तक स्थिति स्पष्ट की गई है, लेकिन पेट्रोल पंप संचालकों और कारोबारियों के बीच अब भी यह संशय बना हुआ है कि ₹2,000 से अधिक के यूपीआई भुगतान पर एमडीआर का भार किस पर पड़ेगा। खास तौर पर पेट्रोल पंप संचालकों को आशंका है कि यदि यह शुल्क उनके भुगतान से काटा गया तो इसका सीधा असर उनके कारोबार और कमीशन पर पड़ेगा। अलवर के मालवीय नगर स्थित पेट्रोल पंप संचालक श्रीनिवास मीणा ने कहा कि पेट्रोल पंप संचालक कमीशन पर काम करते हैं और ऐसे में एमडीआर का भार मर्चेंट पर पड़ने से उन्हें आर्थिक नुकसान हो सकता है। उन्होंने बताया कि उनके पेट्रोल पंप की रोजाना करीब दो लाख रुपये की बिक्री है। ऐसे में यदि यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगाया जाता है तो इसका असर काफी बड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट करनी चाहिए। एसोसिएशन की ओर से जो निर्णय लिया जाएगा, उसी के अनुरूप आगे की रणनीति तय की जाएगी और जरूरत पड़ने पर सरकार को ज्ञापन भी दिया जाएगा। वित्त मंत्रालय के अनुसार, ₹2,000 तक के व्यक्ति-से-व्यक्ति (पी2पी) भुगतान और जीरो एमडीआर व्यवस्था में शामिल लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। मंत्रालय का कहना है कि इससे करीब 96 प्रतिशत पी2पी यूपीआई ट्रांजैक्शन प्रभावित नहीं होंगे। देश में पी2पी यूपीआई लेनदेन की औसत राशि करीब ₹577 है, जो प्रस्तावित ₹2,000 की सीमा से काफी कम है। इसका मतलब यह है कि किसी परिवार के सदस्य, दोस्त या अन्य व्यक्ति के बैंक खाते में यूपीआई के जरिए ₹5,000 या उससे अधिक राशि भेजने पर केवल भुगतान की राशि अधिक होने के आधार परएमडीआर नहीं लगेगा। प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था मुख्य रूप से निर्धारित श्रेणियों में आने वाले मर्चेंट यानी कारोबारी भुगतान पर लागू होगी। रोजमर्रा की खरीदारी करने वाले ग्राहकों पर भी इसका असर सीमित रहने की संभावना है। किराना दुकानों, स्थानीय बाजारों और छोटे कारोबारियों को किए जाने वाले ज्यादातर भुगतान कम राशि के होते हैं और इनमें से कई लेनदेन प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था के दायरे से बाहर रहेंगे। कुछ पात्र मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लागू किए जाने का प्रस्ताव है। हालांकि, ₹75,000 से अधिक के भुगतान पर शुल्क की अधिकतम सीमा ₹300 तय किए जाने का प्रावधान है। उदाहरण के तौर पर ₹1 लाख के पात्र भुगतान पर 0.4 प्रतिशत के हिसाब से एमडीआर ₹400 बनता है, लेकिन अधिकतम सीमा तय होने के कारण शुल्क ₹300 तक ही सीमित रहेगा। सभी कारोबारियों के लिए एमडीआर की दर एक समान नहीं होगी। रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, ईंधन और कृषि इनपुट जैसी निर्धारित श्रेणियों में ₹2,000 से अधिक के पात्र भुगतान पर 0.4 प्रतिशत के बजाय प्रति लेनदेन ₹5 का फ्लैट एमडीआर लागू करने का प्रावधान है। वहीं, म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज, स्टॉक ब्रोकर और डीलर्स से जुड़े कुछ निर्धारित भुगतानों के लिए 0.02 प्रतिशत एमडीआर प्रस्तावित है। इस श्रेणी में भी अधिकतम शुल्क ₹300 तक सीमित रहेगा। ग्राहक से अलग से नहीं लिया जाएगा एमडीआर एमडीआर को यूपीआई इस्तेमाल करने वाले ग्राहक पर लगाए जाने वाले टैक्स के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। यह भुगतान प्रणाली में शामिल पक्षों के बीच तय शुल्क की व्यवस्था है। पात्र लेनदेन में ग्राहक से अलग से एमडीआर वसूलने का प्रावधान नहीं है, बल्कि शुल्क मर्चेंट को मिलने वाली रकम से समायोजित किया जाएगा। हालांकि, सरकार की ओर से नियम और शुल्क व्यवस्था को लेकर स्पष्टीकरण दिए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर कारोबारियों, खासकर पेट्रोल पंप संचालकों के बीच अभी भी कई सवाल बने हुए हैं। उनका मुख्य सवाल यही है कि ₹2,000 से अधिक के भुगतान पर प्रस्तावित एमडीआर का वास्तविक आर्थिक भार किस तरह पड़ेगा और इससे उनके दैनिक कारोबार पर कितना असर होगा। ऐसे में कारोबारी संगठन सरकार से इस व्यवस्था को लेकर और अधिक स्पष्टता की मांग कर रहे हैं।
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रोहतक के निजी स्कूल में 4.5 साल की बच्ची के साथ बैड टच, CCTV फुटेज पर सवाल

Rohtak, Haryana:रोहतक:-निजी स्कूल में साढ़े चार साल की बच्ची के साथ बैड टच मामले में नया मोड़,सीसीटीवी में दिखे बच्चे को परिजनों ने बताया संदिग्ध। पीड़ित बच्ची के पिता ने राहुल गांधी से की अपील,कहा न्याय के लिए आए हमारे साथ,पुलिस नही दे रही न्याय। पीड़ित बच्ची के पिता ने निजी स्कूल प्रसाशन पर लगाए गम्भीर आरोप,कहा पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के रिश्तेदारों का स्कूल इसलिए पुलिस नही कर रही कार्यवाही। बच्ची के पिता ने कहा,घटना को चार दिन से ज्यादा हुआ समय,पुलिस कर रही टालमटोली, आरोपी को बचाने की कर रही कोशिश। वही मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा की इंट्री, कहा पीड़ित परिवार के साथ हो न्याय,हम परिवार के साथ। भूपेदर हुड्डा ने हरियाणा सरकार पर साधा निशाना,कहा प्रदेश में आए दिन रेप,हत्या जैसी घटना आम,क्राइम में देश मे पहले स्थान पर पहुँचा हरियाणा।
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खेत में नुकसान से परेशान किसान ने ट्रेन के सामने दी जान

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन में फसल में नुकसान से परेशान किसान ने ट्रेन के सामने आकर दी जान जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र के रामनगर निवासी 50 वर्षीय किसान भारतेन्दु पटेल ने खेती में लगातार हो रहे नुकसान से परेशान होकर ट्रेन के सामने आकर जान दे दी। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया。 परिजनों के मुताबिक, भारतेन्दु पटेल खेती-किसानी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। पिछले कुछ समय से फसल में लगातार नुकसान होने के कारण वह आर्थिक परेशानी से जूझ रहे थे। परिजनों का कहना है कि खेती में हुए नुकसान को लेकर वह काफी चिंतित रहते थे। इसी बीच उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। बताया गया कि भारतेन्दु पटेल के परिवार में एक बेटा है, जो दिव्यांग है। किसान की मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट भी गहरा गया है। घटना की जानकारी मिलते ही रामनगर और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। घटना ने खेती में लगातार हो रहे नुकसान और उससे प्रभावित किसानों की आर्थिक परेशानियों को एक बार फिर सामने ला दिया है।
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इटावा में 11kV तार की चपेट में तीन घायल, दो की हालत गंभीर

Etawah, Uttar Pradesh:इटावा जनपद में छत पर होर्डिंग उतारते समय 11 हजार केवी की चपेट में आने से 3 लोग घायल हो गए जिसमें 2 की हालत गंभीर होने से सैफई पीजीआई रेफर कर दिया गया है घायल का इलाज जारी है। इटावा जनपद के थाना सिविल लाइन इलाके के अंतर्गत सराय दयानंत गांव में ई रिक्शा एजेंसी के ऊपर छत पर रखी होर्डिंग को उतारते समय पास से निकली 11 हजार बिजली की लाइन की चपेट में कार्य करते समय 3 लोग चपेट में आ गए जिसमें दो लोग मिथलेश और शकील गंभीर रूप से जलकर घायल हो गए जिसके बाद जिला अस्पताल से सैफई पीजीआई के लिए रेफर के दिया गया है जहां पर डॉक्टर की देखरेख में इलाज जारी है वहीं मामले की जानकारी संबंधित थाने को दे दी गई है। बाइट: डॉक्टर राघवेंद्र - ई.एम.ओ जिला अस्पताल इटावा
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रोहित सिंह का तेजस्वी यादव पर बड़ा हमला, बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत कोष

Patna, Bihar:युवा चेतना सुप्रीमो रोहित सिंह का तेजस्वी यादव पर बड़ा हमला रोहित ने कहा है की श्रीमान तेजस्वी प्रसाद यादव आप बाढ़ की विपदा के बीच राजनीति करने से बचिए। रोहित ने कहा की भारतीय जनता पार्टी के यशस्वी राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय नितिन नवीन ने अपने तीन महीने का सैलरी वेतन बिहार के बाढ़ पीड़ितों के लिए राज्य की सरकार को भेज दिया है। भारतीय जनता पार्टी गठबंधन की सरकार लगातार बिहार में बाढ़ पीड़ितों की समस्या के समाधान के लिए अपने मुख्यमंत्री, लोकप्रिय नेता सम्राट चौधरी जी के नेतृत्व में काम कर रही है। रोहित ने कहा कि हम सेकुलर के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन का बयान आया है ki उनकी पार्टी के सभी विधायकों ने, विधान परिषद के सदस्यों ने, सांसदों ने अपना एक महीने का सैलरी बिहार के बाढ़ पीड़ितों के समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में दे दिया। रोहित ने कहा कि उसी प्रकार से लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय चिराग पासवान जी का भी बयान आ गया है। उनके दल के सांसदों, विधायकों और विधान परिषद के सदस्यों के द्वारा यह पुण्यकार्य किया जा रहा है। रोहित ने कहा की बाबू तेजस्वी यादव जी, आपके पुज्य पिताजी बिहार के मुख्यमंत्री रहे, आपकी पुज्य माँ जी बिहार के मुख्यमंत्री रहीं। मेरा अपील है आपसे, आपका परिवार, आपके दल के विधायक, सांसद और विधान परिषद के सदस्य बाढ़ पीड़ितों के लिए अपनी सैलरी कब मुख्यमंत्री राहत कोष में देंगे。
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जळगाव के किसानों ने केळी बीमा मामले में मंत्री के सामने न्याय की मांग

Jalgaon, Maharashtra:जळगाव Anchor: जळगाव जिल्ह्यातील केळी उत्पादक शेतकऱ्यांच्या केळी पीक विम्याचा प्रश्न पुन्हा ऐरणीवर आला आहे. हवामानावर आधारित केळी फळ पीक विमा योजनेतील कथित अनियमिततेमुळे शेतकऱ्यांमध्ये नाराजीचे वातावरण आहे. याच पार्श्वभूमवर केळी पीक विमाधारक शेतकऱ्यांनी जिल्ह्याचे पालकमंत्री गुलाबराव पाटील यांना निवेदन देत आपल्या व्यथा मांडल्या. सन २०२५-२६ मधील विमा प्रस्तावांमध्ये शेतात प्रत्यक्ष केळीचे पीक असतानाही काही शेतकऱ्यांना नोटिसा देण्यात आल्याचा दावा निवेदनात करण्यात आला आहे. तसेच कोणतीही पूर्वसूचना न देता काही शेतकऱ्यांचे विमा क्षेत्र कमी करण्यात आल्याचेही त्यांनी सांगितले. आवश्यक कागदपत्रे आणि पुरावे सादर करूनही प्रत्यक्ष शेत पाहणी करण्यात आली नसल्याचा आरोप शेतकऱ्यांनी केला आहे. पालकमंत्र्यांना निवेदन दिल्यानंतर माध्यमांशी बोलताना शेतकऱ्यांनी विमा कंपनीच्या कारभाराबाबत तीव्र संताप व्यक्त केला. संपूर्ण प्रकरणाची चौकशी करून नियमाप्रमाणे विमा भरलेल्या पात्र शेतकऱ्यांना न्याय मिळवून द्यावा, अशी मागणी त्यांनी केली आहे या शेतकऱ्यांचे संवाद साधला आमचे प्रतिनिधी वाल्मीक जोशी यांनी。
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दलित उत्पीड़न के मामले में कार्रवाई की मांग, तहसील पर भाकपा कार्यकर्ताओं ने दिया धरना

VKVasim KhanFollow18m ago
Muhammadabad, Uttar Pradesh:मुहम्मदाबाद गोहना, मऊ। संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर शनिवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के कार्यकर्ताओं ने दलित उत्पीड़न और प्रशासनिक लापरवाही के विरोध में उपजिलाधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने एसडीएम अर्चना अग्निहोत्री को मांग पत्र सौंपकर पीड़ित को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। धरने का नेतृत्व भाकपा के राज्य कौंसिल सदस्य का. रामकुमार भारती और पूर्व जिला सचिव का. रामसोच यादव ने किया। इस दौरान पार्टी नेताओं ने महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए कहा कि समाज के गरीब, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दलित उत्पीड़न के मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से पीड़ितों को न्याय मिलने में कठिनाई हो रही है। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने रानीपुर थाना क्षेत्र के बड़ागांव में हुई घटना का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ागांव निवासी बेदू राम के साथ कुछ मनबढ़ युवकों ने सार्वजनिक रूप से अमानवीय व्यवहार किया, मारपीट की और उन्हें अपमानित करते हुए गांव में घुमाया। भाकपा नेताओं का कहना था कि घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। उन्होंने खुरहट पुलिस चौकी और थाना रानीपुर के संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कर उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की मांग की।
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गोरखपुर में पिता ने किए बेटे पर धारदार हथियार से हमला, हालत गंभीर

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर में दहिया टोला, नौसढ़ में घरेलू विवाद के दौरान एक पिता ने अपने 13 वर्षीय बेटे अमित निषाद पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया. पत्नी के साथ विवाद के बाद आरोपी ने पहले उसकी ओर हमला किया, लेकिन वह सुरक्षित बच निकली. इसके बाद सामने आया बेटा अमित भी धारदार हथियार के तीन वार का शिकार बना. सिर के पिछले हिस्से, गर्दन और कमर के पास गंभीर चोटें आईं। जिला अस्पताल से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है. गीडा पुलिस ने आरोपी पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. शुरुआती जांच में मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा बताया गया है. घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी मच गई है और परिवार के अन्य सदस्य व पड़ोसी मदद के लिए अस्पताल पहुंचे. पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है, ताकि हमला कैसे हुआ और हथियार कहाँ से आया, इसका सही कारण सामने आ सके.
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गोंडा: कैसरगंज सांसद करण भूषण सिंह आचार संहिता उल्लंघन से दोषमुक्त

Gonda, Uttar Pradesh:एंकर- खबर गोंडा से है। जहां गोंडा में लोकसभा चुनाव-2024 के दौरान आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन मामले में कैसरगंज से भारतीय जनता पार्टी के सांसद करण भूषण सिंह को अदालत ने बड़ी राहत देते हुए सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया है। यह फैसला गोंडा की अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी/एमपी/एमएलए विशेष मजिस्ट्रेट अंशुमान धुन्ना की अदालत ने सुनाया है। मामले की सुनवाई कल शुक्रवार को पूरी हुई थी जिसके बाद आदेश की आधिकारिक प्रति आज शनिवार दोपहर करीब 2:00 बजे सामने आई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना 4 मई 2024 की है, जब लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा प्रत्याशी के रूप में करण भूषण सिंह अपने काफिले के साथ तरबगंज थाना क्षेत्र के बेलसर चौराहे पर पहुंचे थे। व्यस्त चौराहे पर उनके काफिले के इर्द-गिर्द वाहनों और समर्थकों की भारी भीड़ जुट गई थी। इस घटना के वीडियो और तस्वीरें इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुए थे। ​मामले को संज्ञान में लेते हुए फ्लाइंग स्क्वाड टीम (FST) के प्रभारी डॉ. सुमित कुमार ने अगले दिन यानी 5 मई को तरबगंज थाने में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। एमपी-एमएलए विशेष अदालत में मामले की नियमित सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। अदालत के समक्ष पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर करण भूषण सिंह के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का कोई भी अपराध सिद्ध नहीं हो सका। साक्ष्यों के अभाव को देखते हुए विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें निर्दोष करार देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
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सागर-दमोह स्टेट हाइवे पर बस-कार भिड़ंत; 3 की मौत, 2 घायल

Sagar, Madhya Pradesh:यात्री बस और कार की टक्कर, तीन की मौत 2 गंभीर.. दुर्घटना सागर दमोह स्टेट हाइवे पर bahariya थाना क्षेत्र में सीएनजी पंप के सामने की है. प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हरियाणा से आ रही मारुति अर्टिगा कार गैस भरवाने के बाद चौराहे की तरफ आ रही थी. इसी दौरान दमोह की तरफ से सागर आ रही सूत्र सेवा कंपनी की यात्री बस से कार की जोरदार भिड़ंत हो गई. टक्कर इतनी भीषण थी कि अर्टिगा कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि बस सड़क किनारे खंती में जाकर पलट गई. हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया. हादसे में कार सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं दो घायलों सहित बस में घायल हुए यात्रियों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया. पुलिस ने मर्ग कायम कर मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं. पुलिस ने मृतकों की पहचान शिवम मखीजा, गोलू उर्फ शुभम और विकास उर्फ विक्की मखीजा, निवासी जिला भिवानी, हरियाणा के रूप में की है. हादसे की सूचना मिलते ही Sagar SP अनुराग सुजानिया और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया. पुलिस दुर्घटनाग्रस्त वाहनों की स्थिति का निरीक्षण कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है. फिलहाल पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर रही है. हादसा किस वजह से हुआ और दोनों वाहनों की गति कितनी थी, इसकी जांच की जा रही है.
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