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ATAlok TripathiFollow10 May 2025, 05:36 pm

गाजीपुर में खुला कुआं बना जान का दुश्मन, हादसे का खतरा बढ़ा

Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर नगरपालिका परिषद के वार्ड नंबर 5 सुभाष नगर में सडप पर एक खुला कुआं लोगों की जान के लिए खतरा बना हुआ है। यह कुआं महुआबाग से दादरी घटा को जोड़ने वाली सड़क के किनारे स्थित है, जहां बीते डेढ़ महीनों से सुरक्षा के इंतज़ाम बल्ली से बैरिकेडिंग की गई है। शनिवार की शाम साढ़े 6 बजे जायजा लिया तो पाया कि इस खुले कुएं के कारण कोई भी बड़ा हादसा कभी भी हो सकता है। दरअसल, सड़क किनारे रेहड़ी-पटरी वालों के लिए दुकान लगाने की जगह निर्धारित की गई है। जिसकी वजह से यहां आमजन का आवागमन काफी बढ़ गया है। फिलहाल नगरपालिका की ओर से बल्लियों से बैरिकेडिंग की गई है। लेकिन अगर रात में लाइट चली जाए और अंधेरा हो जाए तो यह कुआं किसी की जान भी ले सकता है।
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झुंझुनूं की लकड़ी नीलामी घोटाले में कविया बी पर एक्शन की फाइल सीएमओ पहुँच गई

Jaipur, Rajasthan:खबर का असर-IFS काविया बी की बढ़ सकती है मुश्किले,लकड़ी नीलामी घोटाले की में एक्शन की फाइल सीएमओ पहुंची आशीष चौहान, जयपुर-एक बार फिर से जी मीडिया की खबर का दमदार असर हुआ है.लकड़ी नीलामी घोटाले में एक्शन की फाइल सीएमओ पहुंच गई है.अब माना जा रहा है कि जल्द ही झुन्झुनू डीएफओ पर एक्शन हो सकता है.अरण्य भवन में घोटाले लंबे समय से अटकी थी.जी मीडिया ने खबर प्रसारित की थी तो हलचल हुई ओर दबी फाइले बाहर आई.IFS काविया बी पर हो सकता एक्शन-झुन्झुन में लकड़ी नीलामी घोटाले में आईएफएस काविया बी की मुश्किलें बढ़ सकती है.घोटाले में एक्शन की फाइल सीएमओं पहुंच गई है.वन मंत्री संजय शर्मा ने कार्रवाई के लिए फाइल सीएमओ भेजी है.जल्द ही इस मामले में झुंझुनू डीएफओ काविया बी पर एक्शन हो सकता है.झुंझुनू सीसीएफ ने एक महीने काविया बी को दोषी मानते हुए सस्पेंड या एपीओ करने की सिफारिश की थी,जिसके बाद में एक महीने तक फाइल अरण्य भवन दबी रही.जी मीडिया ने प्रमुखता से इस मुद्दे को उठाया तो मामला एसीएस आनंद कुमार और वन मंत्री संजय शर्मा तक पहुंचा.जिसके बाद दबी हुई एक्शन की फाइलों का मूवमेंट हुआ और अब कार्रवाई की फाइल सीएमओ पहुंच गई है.वहां से फाइल मंजूर होती ही पूरे मामले में एक्शन हो सकता है.रिपोर्ट में सहायक लेखाधिकारी मदनलाल सैनी और कनिष्ट सहायक प्रहलाद सिंह को भी प्रथमद्रष्टया दोषी माना है.जिसमें से प्रह्लाद सिंह को निलंबित किया जा चुका क्या था पूरा मामला प्रकरण 1-मैसर्स शारदा इंटरप्राइजेज को लकडी निविदा प्रक्रिया के लिए 3 लाख 37 हजार की प्रतिभूति राशि नकद जमा करवाई.बदले में फर्म को जीए 55 की रसीद दी गई.नियमों के तहत सरकारी महकमें में केवल 500 रू तक लेनदेन कर सकते है.लेकिन झुंझुनूं में 3 लाख से ज्यादा के नकद लेनदेन हुआ.4 निविदाओं में ये गडबडी की. प्रकरण 2-दूसरे प्रकरण में लकड़ी नीलामी में जुबेर खान फर्म से 5,33,000 का अवैध रूप से नकद भुगतान लिया गया.इस मामले में भी सील और फर्जी हस्ताक्षर किए गए.ये रसीदे भी एसीएफ के नाम से सील लगाकर फर्जी हस्ताक्षर के जारी की.सरकारी संपत्ति की खुलेआम लूट दिखी. प्रकरण 3-बताया जा रहा है कि प्रदेश में 2020 से आरा मशीनों के नवीनीकरण पर रोक है. इसके बावजूद संचालकों से नवीनीकरण शुल्क लेकर सरकारी GA-55 रसीद जारी की.ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब सरकार ने नवीनीकरण प्रक्रिया पर रोक लगा रखी थी, तब कार्यालय ने किस कानूनी प्रावधान के तहत यह शुल्क वसूला.मैसर्स ताराचंद से 11 हजार का शुल्क फर्जी रसीद से वसूला गया.जांच के घेरे में फर्में भी आ सकती है,क्योंकि नियमों और शर्तों का ज्ञान तो इन्हे भी है.सीएमओ से मंजूरी के बाद मुश्किल बढ सकती-पूरे प्रकरण में सरकार ने जांच कमेटी बनाई,जिसमें अध्यक्षता में जांच की गई है.कमेटी ने जांच रिपोर्ट में लिखा कि डीसीएफ झुन्झुनू काविया बी ने नीलामी की शर्तों के मुताबिक वित्तीय और प्रशासनिक दायित्वों और कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरती गई.अब ऐसे में माना जा रहा है कि सीएमओ से मंजूरी के बाद जल्द ही कविया बी पर गाज गिर सकती है.
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झुंझुनूं बीजेपी में महिला आरक्षण से परिवारवाद की नई दावेदारी उभरी

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं — पंचायतराज चुनावों में झुंझुनूं बीजेपी में परिवारवाद की चर्चा - जिला प्रमुख की सीट महिला आरक्षित, नेताओं ने उतारीं बेटियां-बहुएं - पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार की दोनों पुत्रवधुएं चुनावी मैदान में - संतोष अहलावत की पुत्रवधु दीक्षा अहलावत ने भी भरा नामांकन - विश्वंभर पूनियां की बेटी नेहा पूनियां पहली बार लड़ेंगी चुनाव - डॉ. निकिता और अनामिका भी पहली बार चुनावी मैदान में - हर्षिनी कुलहरि पूर्व जिला प्रमुख, वर्तमान में बीजेपी जिलाध्यक्ष हैं - मीनू गजराज और पूजा बाबल पहले जिला परिषद सदस्य रह चुकीं - परिवार की राजनीतिक विरासत के सहारे महिला नेतृत्व की नई दावेदारी एंकर इंट्रो— झुंझुनूं में जिला परिषद चुनाव के बीच बीजेपी की राजनीति में परिवारवाद को लेकर चर्चा तेज है। जिला प्रमुख का पद महिला के लिए आरक्षित होने के बाद कई दिग्गज नेताओं के परिवार की महिलाएं चुनावी मैदान में उतर रही हैं। पूर्व सांसदों से लेकर पूर्व विधायकों और संगठन के पदाधिकारियों तक, कई राजनीतिक परिवारों की बेटियां और बहुएं बीजेपी से टिकट की दावेदारी कर रही हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या महिला आरक्षण ने राजनीतिक परिवारों की महिलाओं के लिए चुनावी रास्ता आसान किया है? देखिए, झुंझुनूं की सियासत पर ये खास रिपोर्ट— वीओ-01: झुंझुनूं जिला परिषद चुनाव में बीजेपी के भीतर राजनीतिक परिवारों की महिलाओं की दावेदारी चर्चा में है। पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार की दोनों पुत्रवधुएं हर्षिनी कुलहरि और अनामिका चुनाव लड़ रही हैं। हर्षिनी कुलहरि पूर्व में जिला प्रमुख रह चुकी हैं और वर्तमान में बीजेपी जिलाध्यक्ष हैं। वहीं, अनामिका पहली बार चुनावी मैदान में उतर रही हैं। इसी तरह पूर्व सांसद संतोष अहलावत की पुत्रवधु और पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी की बेटी दीक्षा अहलावत ने वार्ड नंबर 18 उदयपुरवाटी से नामांकन दाखिल किया है। दीक्षा ने सड़क, पानी, रोजगार और शिक्षा को अपनी प्राथमिकता बताया है। उनका कहना है कि वे अपने काम के जरिए जनता का दिल जीतना चाहती हैं। बीजेपी के पूर्व जिला महामंत्री डॉ. राजेश बाबल की पत्नी पूजा बाबल भी चुनावी मैदान में हैं। वे पहले जिला परिषद सदस्य रह चुकी हैं। पूजा बाबल का कहना है कि वे पिछले दस साल से जनता की सेवा में जुटी हैं और लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए काम करती रहेंगी। इनके अलावा पूर्व विधायक सुभाष पूनियां के भाई की पत्नी सविता पूनियां, बीजेपी के पूर्व जिला महामंत्री सरजीत चौधरी की पत्नी सुमित्रा सिंह और भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश गजराज की पत्नी मीनू गजराज भी चुनावी दावेदारी कर रही हैं। सुमित्रा सिंह पिछला चुनाव लड़ चुकी हैं, जबकि मीनू गजराज पहले जिला परिषद सदस्य रह चुकी हैं。 बाइट 01 : दीक्षा अहलावत, पूर्व सांसद संतोष अहलावत की पुत्रवधु (पिंक कलर का शूट) बाइट 02 : पूजा बाबल, पूर्व जिला महामंत्री डॉ. राजेश बाबल की पत्नी (ग्रे कलर का शूट) वीओ-02: राजनीतिक परिवारों की नई पीढ़ी भी इस बार चुनावी मैदान में दिखाई दे रही है। बीजेपी प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य और पूर्व राष्ट्रीय परिषद सदस्य विश्वंभर पूनियां की बेटी नेहा पूनियां वार्ड नंबर 39 से चुनाव लड़ रही हैं। नेहा पहली बार चुनाव मैदान में उतरी हैं। उन्होंने महिला विकास, गांवों में सड़कों के निर्माण और पानी की सुविधा को अपना प्रमुख एजेंडा बताया है। नेहा के चुनाव लड़ने पर उनके पिता विश्वंभर पूनियां ने कहा कि पार्टी के निर्देश पर बेटी को चुनाव लड़वा रहे हैं। उन्होंने राजनीतिक महत्वाकांक्षा और जिले से समर्थन मिलने पर आगे की संभावनाओं को लेकर भी अपनी बात रखी। वहीं, निवर्तमान जिला परिषद सदस्य अजय भालोठिया की बेटी डॉ. निकिता भी पहली बार चुनावी मैदान में उतर रही हैं। पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार की पुत्रवधु अनामिका भी पहली बार चुनाव लड़ रही हैं। इन नामों के बीच हर्षिनी कुलहरि का अनुभव अलग है, जो पहले जिला प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं。 बाइट 03 : नेहा पूनियां, भाजपा नेता विश्वंभर पूनियां की बेटी (ब्लेक कलर का शर्ट) बाइट 04 : विश्वंभर पूनियां, भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य (पुरूष) फाइनल वीओ झुंझुनूं जिला परिषद चुनाव में बीजेपी की इन महिला दावेदारियों ने परिवार और राजनीतिक विरासत को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। एक ओर हर्षिनी कुलहरि जैसी अनुभवी नेता हैं, तो दूसरी ओर अनामिका, दीक्षा अहलावत, नेहा पूनियां और डॉ. निकिता जैसी पहली बार चुनाव लड़ने वाली उम्मीदवार हैं। मीनू गजराज और डॉ. पूजा बाबल पहले जिला परिषद सदस्य रह चुकी हैं, जबकि सुमित्रा सिंह पिछला चुनाव लड़ चुकी हैं। जिला प्रमुख का पद महिला के लिए आरक्षित होने के बाद राजनीतिक परिवारों की महिलाओं की सक्रियता चर्चा में है। हालांकि, इन उम्मीदवारों की दावेदारी के पीछे पार्टी की रणनीति, व्यक्तिगत राजनीतिक महत्वाकांक्षा और महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने जैसे पहलू भी हैं। अब देखना होगा कि बीजेपी की इन दावेदारियों में किसे पार्टी का अधिकृत टिकट मिलता है और चुनावी मैदान में उतरने वाली ये महिलाएं अपने राजनीतिक अनुभव, पारिवारिक विरासत और विकास के मुद्दों के आधार पर मतदाताओं के सामने किस तरह अपनी बात रखती हैं。
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नवरात्रि में नॉनवेज को लेकर यूपी की राजनीति में नया विवाद; भाजप-समाजवादी भिड़ंत तेज

Agra, Uttar Pradesh:नवरात्रि में नॉनवेज खाने को लेकर वायरल हो रहे एक वीडियो ने यूपी की सियासत में नई बहस छेड़ दी है। समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन के इस वीडियो को लेकर अब उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने तंज कसा है। जयवीर सिंह ने सनातन संस्कृति और आस्था का जिक्र करते हुए ऐसा बयान दिया है, जिस पर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो सकती हैं। नवरात्रि के दौरान नॉनवेज खाने से जुड़े वायरल वीडियो को लेकर सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है। मामला समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन से जुड़ा है, जिनके वायरल वीडियो को लेकर अब बीजेपी की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आई है। उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवी सिंह ने इस मामले पर तंज कसते हुए कहा कि नवरात्रि में ज्यादातर लोग व्रत रखते हैं या नॉनवेज नहीं खाते। लेकिन जिन्हें आस्था सनातन और हमारी संस्कृति से मेल नहीं खाती, उनका पुरानी विरासतों से कोई सरोकार नहीं है। ऐसे लोगों के बारे में क्या टिप्पणी करें, वे अपना काम कर रहे हैं और हम क्या कहें। जयवीर सिंह का यह बयान अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन सकता है। एक तरफ नवरात्रि में खानपान और धार्मिक आस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी तरफ इस मुद्दे पर बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच सियासी बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।
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गिरिडीह में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया का पारसनाथ रेलवे स्टेशन पर गर्मजोशी से स्वागत

Giridih, Jharkhand:पंजाब के राज्यपाल एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के गिरिडीह जिला भ्रमण कार्यक्रम के तहत पारसनाथ रेलवे स्टेशन पहुंचने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया. स्टेशन पर डीसी रामनिवास यादव ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया. इस अवसर पर इसरी के पूर्व मुखिया ने भी महामहिम राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट की और पुष्पगुच्छ प्रदान कर उनका अभिनंदन किया. राज्यपाल के आगमन को लेकर गिरिडीह जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा स्टेशन परिसर सहित पूरे भ्रमण मार्ग पर सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था के कड़े व पुख्ता इंतजाम किए गए थे. गिरिडीह, झारखण्ड
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बेगूसराय: एक माँ की संदिग्ध मौत, पति ट्रेन हादसे में पिछले साल चले गए

Begusarai, Bihar:एंकर बेगूसराय से इस वक्त की एक सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जहां दो बच्चों की मां की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। महिला का शव घर में पंखे से लटका मिला। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका के पति की भी करीब एक साल पहले ट्रेन हादसे में मौत हो गई थी। आखिर महिला ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया,फिलहाल इसका खुलासा नहीं हो सका है। घटना तेघड़ा थाना क्षेत्र के मारसैती गांव की है। मृतका की पहचान रूबी देवी के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच में जुट गई है। आपको बताते चले कि बेगूसराय के तेघड़ा थाना क्षेत्र के मारसैती गांव में एक महिला की मौत से इलाके में हड़कंप मच गया। मृतका की पहचान रूबी देवी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि बीती रात करीब साढ़े ग्यारह बजे महिला ने घर में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के दौरान शोर-शराबा सुनकर मंदिर पर सो रहे लोग मौके पर पहुंचे। इसके बाद पंखे से लटक रही महिला को नीचे उतारा गया। हालांकि, तब तक महिला की मौत हो चुकी थी।बताया जा रहा है कि रूबी देवी के दो बच्चे हैं, जिनमें एक बेटा और एक बेटी शामिल हैं। करीब एक साल पहले ही महिला के पति की भी ट्रेन हादसे में मौत हो गई थी। जानकारी के मुताबिक, बेंगलुरु से लौटने के दौरान महिला के पति की जान चली गई थी। पति की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था।वहीं, अब महिला की संदिग्ध परिस्थिति में मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। हालांकि, महिला ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया, इसका कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। इस घटना की सूचना मिलते ही तेघड़ा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेज दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही महिला की मौत से जुड़े तथ्यों का पता चल सकेगा।फिलहाल महिला की मौत की वजह स्पष्ट नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब देखना होगा कि जांच में इस घटना से जुड़े कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं।
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झुंझुनू डीएफओ पर एक्शन की तैयारी: कविया बी के नीलामी घोटाले में फाइल सीएमओ पहुंची

Jaipur, Rajasthan:जयपुर-एक बार फिर से जी मीडिया की खबर का दमदार असर हुआ है. लकड़ी नीलामी घोटाले में एक्शन की फाइल सीएमओ पहुंच गई है. अब माना जा रहा है कि जल्द ही झुन्झुनू डीएफओ पर एक्शन हो सकता है. अरण्य भवन में घोटाले लंबे समय से अटकी थी. जी मीडिया ने खबर प्रसारित की थी तो हलचल हुई ओर दबी फाइले बाहर आई. IFS काविया बी पर हो सकता एक्शन- झुन्झुन में लकड़ी नीलामी घोटाले में आईएफएस काविया बी की मुश्किलें बढ़ सकती है. घोटाले में एक्शन की फाइल सीएमओं पहुंच गई है. वन मंत्री संजय शर्मा ने कार्रवाई के लिए फाइल सीएमओ भेजी है. जल्द ही इस मामले में झुंझुनू डीएफओ काविया बी पर एक्शन हो सकता है. झुंझुनू सीसीएफ ने एक महीने काविया बी को दोषी मानते हुए सस्पेंड या एपीओ करने की सिफारिश की थी, जिसके बाद में एक महीने तक फाइल अरण्य भवन दबी रही. जी मीडिया ने प्रमुखता से इस मुद्दे को उठाया तो मामला एसीएस आनंद कुमार और वन मंत्री संजय शर्मा तक पहुंचा. जिसके बाद दबी हुई एक्शन की फाइलों का मूवमेंट हुआ और अब कार्रवाई की फाइल सीएमओ पहुंच गई है. वहां से फाइल मंजूर होती ही पूरे मामले में एक्शन हो सकता है. रिपोर्ट में सहायक लेखाधिकारी मदनलाल सैनी और कनिष्ट सहायक प्रहलाद सिंह को भी प्रथमद्रष्टया दोषी माना है. जिसमें से प्रह्लाद सिंह को निलंबित किया जा चुका. क्या था पूरा मामला प्रकरण 1- मैसर्स शारदा इंटरप्राइजेज को लकडी निविदा प्रक्रिया के लिए 3 लाख 37 हजार की प्रतिभूति राशि नकद जमा करवाई. बदले में GA-55 रसीद दी गई. नियमों के तहत सरकारी महकमे में केवल 500 रू तक लेनदेन कर सकते है. लेकिन झुंझुनूं में 3 लाख से ज्यादा के नकद लेनदेन हुआ. 4 निविदाओं में ये गडबडी की. प्रकरण 2- दूसरे प्रकरण में लकड़ी नीलामी में जुबेर खान फर्म से 5,33,000 का अवैध रूप से नकद भुगतान लिया गया. इस मामले में भी सील और फर्जी हस्ताक्षर किए गए. ये रसीदे भी एसीएफ के नाम से सील लगाकर फर्जी हस्ताक्षर के जारी की. सरकारी संपत्ति की खुलेआम लूट दिखी. प्रकरण 3- बताया जा रहा है कि प्रदेश में 2020 से आरा मशीनों के नवीनीकरण पर रोक है. इसके बावजूद संचालकों से नवीनीकरण शुल्क लेकर सरकारी GA-55 रसीद जारी की. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब सरकार ने नवीनीकरण प्रक्रिया पर रोक लगा रखी थी, तब कार्यालय ने किस कानूनी प्रावधान के तहत यह शुल्क वसूला. मैसर्स ताराचंद से 11 हजार का शुल्क फर्जी रसीद से वसूला गया. जांच के घेरे में फर्में भी आ सकती है, क्योंकि नियमों और शर्तों का ज्ञान तो इन्हे भी है. सीएमओ से मंजूरी के बाद मुश्किल बढ सकती- पूरे प्रकरण में सरकार ने जांच कमेटी बनाई, जिसमें अध्यक्षता में जांच की गई है. कमेटी ने जांच रिपोर्ट में लिखा कि डीसीएफ झुन्झुनू काविया बी ने नीलामी की शर्तों के मुताबिक वित्तीय और प्रशासनिक दायित्वों और कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरती गई. अब ऐसे में माना जा रहा है कि सीएमओ से मंजूरी के बाद जल्द ही कविया बी पर गाज गिर सकती है.
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अमेठी खाद गोदाम पर भीड़, 300 बोरियों से किसानों की चिंता बढ़ी

Amethi, Uttar Pradesh:अमेठी ब्रेकिंग :- अमेठी में इफको खाद गोदाम पर खाद के लिए उमड़ी किसानों की भारी भीड़। खाद पाने के लिए रात 3 बजे से ही लाइन में लग गए किसान। सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष खाद के लिए कतार में खड़े। खाद गोदाम पर मची आपाधापी, धक्का-मुक्की का माहौल। इफको गोदाम पर रात में पहुंची खाद की महज 300 बोरियां। किसानों को सता रही खाद खत्म होने की चिंता, बोले—इतनी खाद से नहीं होगा गुजारा। वरिष्ठ क्षेत्रीय अधिकारी सुभाषिनी श्रीवास्तव ने भीड़ की बात स्वीकार की। सुचारू वितरण के लिए प्रशासन से मांगी गई पुलिस फोर्स की मदद। अमेठी में खाद के लिए मारामारी, सवाल—300 बोरी खाद से कैसे पूरी होगी किसानों की जरूरत? अमेठी तहसील के मुंशीगंज थाना अंतर्गत इफको खाद गोदाम का है मामला।
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धनबाद में दुर्गापूजा पंडालों का उद्घाटन, थीम ने लोगों को मोह लिया

Dhanbad, Jharkhand:दुर्गापूजा के अवसर पर धनबाद में पूजा पंडालों का उद्घाटन शुरू हो गया है। इसी क्रम में सत्यम शिवम सुंदरम पूजा कमिटी झारखंड मैदान के भव्य पूजा पंडाल का उद्घाटन विधायक राज सिन्हा ने किया। वहीं, बंगाली कल्याण समिति के जिला परिषद मैदान स्थित पूजा पंडाल का उद्घाटन युवा उद्यमी कुंभनाथ सिंह ने किया। झारखंड मैदान पूजा पंडाल के उद्घाटन के अवसर पर विधायक राज सिन्हा ने कहा कि यह पंडाल धनबाद जिले के प्रसिद्ध पूजा पंडालों में से एक है। यहां दुर्गापूजा का 27वां वर्ष है और हर साल पूजा के साथ भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। इस बार पंडाल को अंडमान-निकोबार द्वीप समूह की आदिवासी संस्कृति की थीम पर तैयार किया गया है, जो बेहद मनमोहक है और श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। उन्होंने मां भवानी से जगत कल्याण और सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। वहीं बंगाली कल्याण समिति के जिला परिषद मैदान स्थित पूजा पंडाल में इस वर्ष पूजा का आठवां साल है। समिति जिला परिषद से जमीन किराये पर लेकर पूजा का आयोजन करती है। दोनों पंडालों के उद्घाटन के साथ ही क्षेत्र में दुर्गापूजा का उत्साह और उल्लास बढ़ गया है। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है।
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ग्रेटर नोएडा सेक्टर अल्फा-2 में जलभराव से जनता परेशान, प्रशासन मौन

Greater Noida, Uttar Pradesh:ग्रेटर नोएडा के सेक्टर अल्फा 2 के हालात बाद से बदहाल। यहां सेक्टर की सड़कों का काफी लंबे समय से निर्माण नहीं हुआ है जिसकी वजह से जरा सी बारिश के बाद सड़कों पर पानी भर जाता है, वहीं जल निकासी का कोई उचित समाधान नहीं है ,नालियों में गंदा पानी भरा रहता है जिसकी वजह से मच्छर पनप रहे हैं और सेक्टर में जगह-जगह पर गंदगी फैली हुई है ,खाली प्लॉट को डंपिंग ग्राउंड बना दिया गया है ,इस पर प्राधिकरण की तरफ से कोई भी संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। सेक्टर अल्फा 2 के residents काफी परेशान है उनका कहना है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण सेक्टर की तरफ कोई ध्यान नहीं देता है, शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है। सुभाष भाटी ने बताया कि सेक्टर की हालत बहुत दयनीय है, यहां गंदगी और सड़कों की खस्ता हालत है, जिस पर जलभराव हो जाता है, उसकी वजह से लोग अपने मकान को रेंट पर देकर दूसरी जगह चले गए हैं क्योंकि यहां सुविधा कुछ नहीं है, घरों के सामने कूड़ा पड़ा रहता है, उसे उठाने कोई नहीं आता है, सड़कों की हालत बेकार है, जिन पर जरा सी बारिश के बाद पानी भर जाता है और झाड़ू लगाना मुश्किल हो जाता है। सोसाइटी के अन्य लोगों ने बताया कि नालियों में पानी भरा रहता है, जिसकी वजह से मच्छर पैदा हो रहे हैं और बीमारी का खतरा बना रहता है। सड़क का निर्माण करीब 5 साल पहले हुआ था उसके बाद कोई ध्यान नही दिया गया。 फिलहाल लोगों का कहना है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को सेक्टर की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
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बहादुरगढ़ में 3.45 करोड़ के विकास कार्यों की शुरुआत

Jhajjar, Haryana:बहादुरगढ़ में 3.45 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शुभारंभ। नगर परिषद चेयरपर्सन सरोज राठी ने विकास कार्यों की रखी नींव। सेक्टर-6 कम्युनिटी सेंटर का 41.94 लाख रुपये से होगा नवीनीकरण। वार्ड-1 में 2.19 करोड़ से बराही रोड का निर्माण। वार्ड-14 में 41.97 लाख रुपये से बनेगी शास्त्री नगर गोंडा रोड। बलजीत नगर, नेताजी नगर, अशोक विहार और विकास एनक्लेव की गलियों पर खर्च होंगे 83 लाख रुपये। चार कॉलोनियों में गलियों के निर्माण से लोगों को मिलेगी राहत। सरोज राठी बोलीं- शहर के हर वार्ड में विकास कार्य करवाना नगर परिषद की प्राथमिकता। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व और शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल के मार्गदर्शन में शहर में विकास कार्यों को गति दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और आवागमन में राहत मिलेगी। इन तीनों कार्यों पर कुल 2 करोड़ 62 लाख 91 हजार रुपये खर्च होंगे। वहीं, बलजीत नगर, नेताजी नगर, अशोक विहार और विकास एनक्लेव में करीब 83 लाख रुपये की लागत से गलियों का निर्माण कराया जाएगा। इसके तहत eight गलियों के साथ नेताजी नगर की दो अन्य गलियों का निर्माण भी प्रस्तावित है। चेयरपर्सन सरोज राठी ने कहा कि शहर के हर वार्ड में जरूरत के अनुसार विकास कार्य करवाना नगर परिषद की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व और शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल के मार्गदर्शन में शहर में विकास कार्यों को गति दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और आवागमन में राहत मिलेगी।
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SC फैसले से छत्तीसगढ़ में आदिवासी आरक्षण पर नई बहस तेज

Jagdalpur, Chhattisgarh:बस्तर में धर्मांतरण और आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है, अनुसूचित जाति यानी एससी वर्ग के धर्मांतरित लोगों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलने से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के प्रमुखों ने प्रतिक्रिया दी है, छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष राजाराम तोडेंम और बस्तर संभाग सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर ने फैसले को संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप बताया, उनका कहना है कि संविधान के अनुच्छेद 341 के तहत अनुसूचित जाति से संबंधित प्रावधान पहले से निर्धारित हैं और उनका पालन किया जाना चाहिए, हालांकि, समाज प्रमुखों ने स्पष्ट किया कि यह फैसला एससी वर्ग से संबंधित है और इसे अनुसूचित जनजाति यानी एसटी वर्ग पर सीधे लागू नहीं माना जा सकता, बस्तर में धर्मांतरण को लेकर पहले से जारी बहस के बीच इस फैसले ने आरक्षण और संवैधानिक अधिकारों पर नई चर्चा छेड़ दी है। बाइट 1 - राजाराम तोडेंम, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज। बाइट 2 - प्रकाश ठाकुर, अध्यक्ष, सर्व आदिवासी समाज बस्तर。
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नालंदा सिपाही हत्याकांड: होमगार्ड की राइफल से गोली चलने का बड़ा खुलासा

Pariaunna, Bihar:नालंदा में सिपाही की मौत मामले में बड़ा खुलासा, होमगार्ड की राइफल से चली थी गोली नालंदा में शराब तस्करों का पीछा करने के दौरान गोली लगने से सिपाही अजीत कुमार की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस अधीक्षक हृदयकांत ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया गया था। टीम ने गठन के 24 घंटे के अंदर ही मामले का लगभग उद्भेदन कर लिया है। शुरुआत में आशंका जताई जा रही थी कि शराब तस्करों की गोली से सिपाही की मौत हुई है, लेकिन जांच में सामने आया कि धावा दल में शामिल होमगार्ड के जवान की राइफल से गोली चली थी, जो अजीत कुमार के सिर में लगी। पुलिस ने संबंधित हथियार, मिस फायर राउंड की गोली और छापेमारी में इस्तेमाल वाहन को जब्त कर लिया है। होमगार्ड जवान ने पूछताछ में तीन राउंड गोली चलाने की बात स्वीकार की है。 एसपी ने बताया कि 14 अक्टूबर की रात हुई घटना की सूचना स्थानीय पुलिस और वरीय अधिकारियों को नहीं दी गई थी। घटनास्थल से साक्ष्य मिटाने के प्रयास का भी आरोप है। एक्साइज विभाग की सब इंस्पेक्टर पुष्पा कुमारी की भूमिका भी जांच के दायरे में है। मामले में सब इंस्पेक्टर पुष्पा कुमारी, दो होमगार्ड जवान, धावा दल के चालक और एक अन्य सिपाही समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है。
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