icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
233001
ATAlok TripathiFollow10 May 2025, 05:36 pm

गाजीपुर में खुला कुआं बना जान का दुश्मन, हादसे का खतरा बढ़ा

Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर नगरपालिका परिषद के वार्ड नंबर 5 सुभाष नगर में सडप पर एक खुला कुआं लोगों की जान के लिए खतरा बना हुआ है। यह कुआं महुआबाग से दादरी घटा को जोड़ने वाली सड़क के किनारे स्थित है, जहां बीते डेढ़ महीनों से सुरक्षा के इंतज़ाम बल्ली से बैरिकेडिंग की गई है। शनिवार की शाम साढ़े 6 बजे जायजा लिया तो पाया कि इस खुले कुएं के कारण कोई भी बड़ा हादसा कभी भी हो सकता है। दरअसल, सड़क किनारे रेहड़ी-पटरी वालों के लिए दुकान लगाने की जगह निर्धारित की गई है। जिसकी वजह से यहां आमजन का आवागमन काफी बढ़ गया है। फिलहाल नगरपालिका की ओर से बल्लियों से बैरिकेडिंग की गई है। लेकिन अगर रात में लाइट चली जाए और अंधेरा हो जाए तो यह कुआं किसी की जान भी ले सकता है।
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

हाथरस CHC में शांति भंग के आरोप पर डॉक्टर-परिजन की बहस वायरल वीडियो

Hathras, Uttar Pradesh:हाथरस के सहपऊ CHC में उस समय हंगामा हो गया जब शांति भंग के आरोप में पकड़े गए एक युवक का मेडिकल करने से वहां तैनात डॉक्टर ने इनकार कर दिया। इस दौरान डॉक्टर और आरोपी के एक परिजन के बीच तीखी बहस हुई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि पुलिस शांति भंग की कार्रवाई में पाबंद किए गए आरोपी रिंकू सिंह को मेडिकल के लिए सीएचसी लाई थी। आरोप है कि वहां मौजूद डॉ. विनीत सक्सेना ने मेडिकल करने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर रिंकू सिंह के भाई हरेंद्र सिंह और डॉक्टर के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो जल्द ही विवाद में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बहस के दौरान डॉक्टर ने कथित तौर पर कहा, 'चाहे डीएम को बुला लो या पीएम को, मैं काम नहीं करूंगा।' इस बयान के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। वायरल वीडियो में दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक साफ देखी जा सकती है। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी स्थिति को शांत कराने के बजाय अपने मोबाइल फोन में व्यस्त नजर आए, जिससे विवाद और बढ़ गया। घटना के दौरान अस्पताल परिसर में अराजकता का माहौल बन गया और वहां मौजूद मरीज व तीमारदार भी असहज महसूस करने लगे। इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
0
0
Report

बस्तर डंप से करोड़ों रुपए और 8 किलोग्राम सोना बरामद, माओवादी वित्तीय स्रोत उजागर

Jagdalpur, Chhattisgarh:बस्तर में माओवादी संगठन एक समय करोड़ों रुपए लेवी के रूप वसूली करता था, अब जब बस्तर से माओवादी संगठन समाप्त हो चुका है तब माओवादी संगठन द्वारा डंप में छुपाए गए लेवी के करोड़ों रुपए बरामद हो रहे है, बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया बीते तीन महीने के अंदर फोर्स के जवानों ने तकरीبन 6 करोड़ 75 लाख रुपए नगद और 8 किलोग्राम सोना भी बरामद किया है, जानकारों के अनुसार नोटबंदी के बाद से माओवादी संगठन नगद के बदले सोना खरीद कर डंप कर रहा था अब पुलिस जांच कर रही है कि माओवादियों ने इतनी बड़ी मात्रा में सोना आखिर कहा से खरीदा, पुलिस द्वारा बरामद 8 किलोग्राम सोना की कीमत तकरीबन 13 करोड़ रुपए आंकी गई है, माओवादी अपने संगठन को चलाने के लिए लेवी के रूप में तेंदुपत्ता संग्राहक ,तेंदुपत्ता ठेकेदारों अंदरूनी इलाकों में सड़क और पुल पुलियों का निर्माण करने वाले ठेकेदारों से करोड़ों रुपए हर वर्ष वसूला करते थे, वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र तिवारी का कहना है कि अब तक फोर्स द्वारा बरामद किया गया पैसा और सोना सिर्फ बानगी है माओवादी संगठन के पास सिर्फ बस्तर में ही कम से कम 50 करोड़ रुपए होने चाहिए, हालांकि बस्तर से माओवादी संगठन खत्म होने के बाद भी बस्तर में फोर्स का सर्चिंग अभियान खत्म नहीं हुआ है अंदरूनी जंगलों में डंप के रूप में छुपाकर रखा गया माओवादियों का पैसा सोना और बंदूकें बरामद करने का सिलसिला अब भी जारी है। बाइट राजेंद्र तिवारी वरिष्ठ पत्रकार बाइट सुंदरराज पी आईजी बस्तर
0
0
Report
Advertisement

रामसेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने पर सुनवाई जुलाई के तीसरे हफ्ते तक टली

Noida, Uttar Pradesh:रामसेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने से जुड़ी सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जुलाई के लिए टली। आज सुब्रमण्यम स्वामी के वकील ने सुनवाई टालने की मांग की थी। वकील की ओर से कहा गया कि सुब्रमण्यम स्वामी की सेहत ठीक नहीं है। इस पर कोर्ट ने सुनवाई जुलाई के तीसरे हफ्ते के लिए टाल दी स्वामी ने कोर्ट से मांग की है कि वो सरकार को निर्देश दे कि रामसेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की उनकी मांग वाले ज्ञापन पर जल्द फैसला ले। सुब्रमण्यम स्वामी ने याचिका में कहा है कि इससे पहले जनवरी 2023 में कोर्ट ने उनकी अर्जी पर सुनवाई की थी। तब सरकार की ओर से पेश एसजी तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया था कि रामसेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने पर सरकार विचार कर रही है। तुषार मेहता ने सुझाव दिया था कि कोर्ट में सुनवाई के बजाए यह बेहतर होगा कि स्वामी सरकार को इसके लिए ज्ञापन दे। इसके मद्देनजर कोर्ट ने तब याचिका का निपटारा किया था। सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा है कि उन्होंने 27 जनवरी 2023 और 15 मई 2025 को सरकार को ज्ञापन भेजे थे लेकिन सरकार ने अभी तक अपने किसी फैसले से उन्हें अवगत नहीं कराया है। इसलिए उन्होंने फिर से सुप्रीम कोर्ट का रुख کرنا पड़ा है।
0
0
Report

यमुना में नाव डूबने से 6 लोगों की मौत; पुल निर्माण की मांग तेज

Lucknow, Uttar Pradesh:हमीरपुर जिले के कुरारा थाना क्षेत्र के कुतुबपुर पटिया गांव में बुधवार शाम यमुना नदी में नाव डूबने से 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. घटना के वक्त नाव में 9 लोग सवार थे, जिनमें से तीन लोग तैर कर अपनी जान बचाकर बाहर आ गए; वहीं एक महिला और 5 बच्चे डूब गए. यह घटना शाम 7 बजे की है जब एक ही परिवार के आठ लोग नाव से नदी पार कर रहे थे. स्थानीय लोगों के अनुसार नाव ओवरलोड हो गई थी और उसमें खरबूज व तरबूज की बोरियां भी थीं. लोग रोज नदी पार कर खेती करते हैं. इस मौक़े पर डूबे लोगों के घर में शादी का माहौल था; बच्चों और महिलाओं को खरबूज-तरबूज खिलाने के लिए ले गए थे. डूबते वक्त शोर मचा, पर गांव में डीजे बजने के कारण आवाज सुनाई नहीं दी. पुलिस, SDRF और NDRF की टीम मौके पर पहुंची और रात भर रेस्क्यू चला. सुबह तक सभी डेड बॉडी निकाली गईं. इस घटना पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे; पूर्व सांसद साध्वी निरंजन ज्योति भी मौके पर पहुंचीं; भाजपा के विधायक व अन्य नेता भी मौजूद थे. गांव वालों ने पुल नहीं होने के कारण नाव के सहारे River पार करने की विवशता पर जोर दिया; पुल बनना अति आवश्यक है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. नाव में कुल 9 लोग सवार थे: दो पुरुष, दो महिलाएं और 5 बच्चे.
0
0
Report
Advertisement

रायबरेली में स्व-जनगणना अभियान आज शुरू, 21 मई तक चलेगा

Raebareli, Uttar Pradesh:रायबरेली में स्व-जनगणना अभियान की आज से शुरुआत हुई है। इसकी शुरुआत करते हुए जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने स्वयं भी अपनी डिटेल जनगणना साइट पर साझा करते हुए अपनी जनगणना कराई। कलेक्ट्रेट स्थित बचत भवन में आयोजित कार्यक्रम में जिले के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी स्व-जनगणना प्रक्रिया में भाग लेकर अपनी जानकारी दर्ज की। इस मौके पर जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि 7 मई से शुरू हुआ यह अभियान 21 मई तक चलेगा जिसमें सभी को बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेना है। उन्होंने कहा कि स्व-जनगणना के माध्यम से लोग डिजिटल तरीके से आसानी से अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। साथ ही इस मौके पर उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को अभियान प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी भी दी। प्रशासन ने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर अभियान को सफल बनाने की अपील की है。
0
0
Report

आरटीई के तहत हजारों सीटें खाली, गरीब बच्चों को अभी भी शिक्षा नहीं मिल पा रही

Amauli Thakuran, Uttar Pradesh:जिले में 2500 सीटों के मुकाबले सिर्फ 500 के करीब दाखिले, निजी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को मिल रहा समान व्यवहार कानपुर देहात। शिक्षा के अधिकार यानी आरटीई (राइट टू एजुकेशन) योजना के तहत सरकार लगातार यह प्रयास कर रही है कि आर्थिक रूप से कमजोर और शिक्षा से वंचित बच्चों को निजी एवं अच्छे विद्यालयों में निशुल्क शिक्षा मिल सके। इसके लिए जिलेभर के निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के लिए सीटें आरक्षित की गई हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। जिले में आरटीई के तहत करीब 2400 से 2500 सीटें निर्धारित की गई हैं, लेकिन अब तक इनमें से केवल 400 से 500 सीटों पर ही प्रवेश हो पाया है। यानी हजारों सीटें अभी भी खाली पड़ी हुई हैं, जबकि बड़ी संख्या में ऐसे बच्चे हैं जो बेहतर शिक्षा पाने से वंचित हैं। जिले के कई निजी विद्यालयों में आरटीई के तहत बच्चों को शिक्षा दी जा रही है। ब्राइट एंगल एजुकेशन सेंटर समेत कई अन्य अलग अलग स्कूलों में किसी में 5,7,10 बच्चे ही इस योजना के अंतर्गत अध्ययन कर रहे हैं। अच्छी बात यह रही कि स्कूलों में इन बच्चों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव देखने को नहीं मिला। निरीक्षण के दौरान सभी बच्चे अन्य विद्यार्थियों के साथ समान रूप से बैठकर पढ़ाई करते नजर आए और उनके साथ सामान्य छात्रों जैसा ही व्यवहार किया जा रहा था। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि आरटीई के तहत प्रवेश लेने वाले बच्चों की जानकारी केवल प्रबंधन और प्रधानाचार्य तक सीमित रखी जाती है, ताकि बच्चों के मन में किसी प्रकार की हीन भावना पैदा न हो। कई शिक्षकों को भी यह जानकारी नहीं दी जाती कि कौन सा बच्चा आरटीई के तहत पढ़ रहा है। वहीं पूरे मामले पर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में निर्धारित सीटों के सापेक्ष अभी काफी कम दाखिले हुए हैं। विभाग लगातार अभिभावकों को जागरूक करने और अधिक से अधिक बच्चों का प्रवेश कराने का प्रयास कर रहा है। हालांकि बड़ा सवाल यह है कि गरीब बच्चों के लिए आरक्षित हजारों सीटें अब तक खाली क्यों हैं। क्या अभिभावकों तक योजना की जानकारी नहीं पहुंच पा रही है या फिर प्रक्रिया इतनी जटिल है कि जरूरतमंद परिवार इसका लाभ नहीं ले पा रहे। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इन खाली सीटों को भरने के लिए आगे क्या कदम उठाता है। बाइट – छात्र बाइट – प्रधानाध्यापिका
0
0
Report
Advertisement

भारत ने एक साल बाद पाकिस्तान को दिया कड़ा संदेश; आम लोगों की VOX POP बाइट्स शामिल

Bikaner, Rajasthan:कल ओप्रशन सिन्दूर के एक साल पुरे होंगे इस पर एक स्पेशल DOCUMENTARY जाएगी जिसके आम लोगो की बाइट करनी है. आम लोगो की बाइट 5 -5 लोगो की बाइट : राजस्थान बॉर्डर इलाके से राजस्थान असाइनमेंट सवाल : पाकिस्तान और आतंकवाद को भारत ने कैसे धूल चटाई। एक साल पहेली की कोनसी ऐसी याद है जो आपको अभी याद तक है चला था भारत ने हमला कर दिया और इतना बड़ा हमला किया तो केसा लगा ? पाकिस्तान को एक मेसेज क्या देना चाहोगे। नोट : जो भी रिपोर्टर बाइट लें वो आज एक साल पूरा हुआ या कल होगा ऐसे शब्दों के साथ सवाल न पूछे ( इनपुट डेटेड न हो ) , लोगो की जोशीली बाइट ले कुछ लोगो का ग्रुप बनाकर बाइट लें , हर तरह की उम्र के लोग हो।
0
0
Report

बागेश्वर में कॉफी विद डीएम: इंटरमीडिएट टॉप-टेन छात्राओं को सम्मान, बेटी बचाओ का संदेश

Bageshwar, Uttarakhand:बागेश्वर में “कॉफी विद डीएम” कार्यक्रम के तहत इंटरमीडिएट परीक्षा में ब्लॉक स्तर पर टॉप 10 में स्थान पाने वाली छात्राओं को सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने छात्राओं से संवाद कर उन्हें करियर विकल्प, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और उच्च शिक्षा के अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को लक्ष्य तय कर निरंतर मेहनत करने का संदेश दिया। कार्यक्रम “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान के तहत आयोजित हुआ, जिसमें अधिकारियों ने आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं के लिए योजनाओं की जानकारी भी साझा की। कार्यक्रम ने बेटियों के आत्मविश्वास को नई दिशा दी।
0
0
Report
Advertisement

वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गान समान कानूनी सुरक्षा: संशोधन मंजूर

Morena, Madhya Pradesh:देश के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब वंदे मातरम् का अपमान करना या इसके गायन में बाधा डालना दंडनीय अपराध होगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसके लिए Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 में संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गान जन गण मन के समान कानूनी संरक्षण मिलने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को लेकर बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय कैबिनेट ने उस संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत अब वंदे मातरम् का अपमान या इसके गायन में जानबूझकर बाधा डालना अपराध माना जाएगा। फिलहाल Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 के तहत राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रीय गान जन गण मन के अपमान पर सजा का प्रावधान है। लेकिन अब प्रस्तावित संशोधन के जरिए वंदे मातरम् को भी उसी श्रेणी में शामिल किया जाएगा। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, संसद से मंजूरी मिलने के बाद वंदे मातरम् के सम्मान को कानूनी सुरक्षा मिल जाएगी। इसके तहत राष्ट्रीय गीत के दौरान व्यवधान पैदा करने या अपमानजनक व्यवहार करने पर तीन साल तक की सजा, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। वंदे मातरम् की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी और इसे देश के राष्ट्रीय गीत का दर्जा प्राप्त है। अब सरकार इसे राष्ट्रीय गान के बराबर सम्मान और कानूनी संरक्षण देने की दिशा में आगे बढ़ रही है。
0
0
Report

जामताड़ा में बिरसा मुंडा की मूर्ति तोड़ने पर आक्रोश, जल्द गिरफ्तारी की मांग

Jamtara, Jharkhand:जामताड़ा जिले के कोर्ट मोड़ स्थित स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की मूर्ति असामाजिक तत्वों द्वारा खंडित किए जाने से आदिवासी समाज में भारी आक्रोश देखा गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करने लगे। घटना की सूचना मिलने के बाद जामताड़ा के अंचल अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया तथा मामले में कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य हुई। आदिवासी समाज के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों की शीघ्र पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा。
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top