गाजीपुर में खुला कुआं बना जान का दुश्मन, हादसे का खतरा बढ़ा
Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर नगरपालिका परिषद के वार्ड नंबर 5 सुभाष नगर में सडप पर एक खुला कुआं लोगों की जान के लिए खतरा बना हुआ है। यह कुआं महुआबाग से दादरी घटा को जोड़ने वाली सड़क के किनारे स्थित है, जहां बीते डेढ़ महीनों से सुरक्षा के इंतज़ाम बल्ली से बैरिकेडिंग की गई है। शनिवार की शाम साढ़े 6 बजे जायजा लिया तो पाया कि इस खुले कुएं के कारण कोई भी बड़ा हादसा कभी भी हो सकता है। दरअसल, सड़क किनारे रेहड़ी-पटरी वालों के लिए दुकान लगाने की जगह निर्धारित की गई है। जिसकी वजह से यहां आमजन का आवागमन काफी बढ़ गया है। फिलहाल नगरपालिका की ओर से बल्लियों से बैरिकेडिंग की गई है। लेकिन अगर रात में लाइट चली जाए और अंधेरा हो जाए तो यह कुआं किसी की जान भी ले सकता है।हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|
ईंधन बचाओ, देश बचाओ,डीएम अनुपम शुक्ला की जनपदवासियों से बड़ी अपील, पेट्रोल-डीजल की बचत को जनआंदोलन बनाने का आह्वान
Ghazipur, Uttar Pradesh:देश में ऊर्जा संरक्षण और पेट्रोलियम पदार्थों की बचत को लेकर अब जिला प्रशासन भी पूरी तरह एक्टिव हो गया है। गाजीपुर के जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने प्रेस वार्ता कर जनपदवासियों से पेट्रोल-डीजल की बचत करने और ऊर्जा संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील की है।
डीएम ने कहा कि ईंधन की बचत सिर्फ पैसों की नहीं, बल्कि राष्ट्रहित, पर्यावरण सुरक्षा और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। दरअसल गाजीपुर कलेक्ट्रेट सभागार यानी रायफल क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने प्रधानमंत्री के ऊर्जा संरक्षण अभियान का जिक्र करते हुए लोगों से पेट्रोलियम पदार्थों के सीमित और जरूरत के मुताबिक इस्तेमाल की अपील की। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल देश की अमूल्य संपत्ति हैं और इनकी अनावश्यक खपत से राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर बोझ बढ़ता है, साथ ही पर्यावरण प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर समस्याएं भी पैदा होती हैं। कहा कि ऊर्जा संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
अगर हर नागरिक प्रतिदिन थोड़ा-सा भी ईंधन बचाने का संकल्प ले, तो यह एक बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि साबित होगी। डीएम ने लोगों से छोटी दूरी के लिए पैदल चलने और साइकिल के इस्तेमाल की अपील की। साथ ही सार्वजनिक परिवहन और कार पूलिंग को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक सिग्नल पर लंबे समय तक रुकने की स्थिति में वाहन का इंजन बंद रखें और समय-समय पर वाहन की सर्विस कराते रहें, ताकि ईंधन की खपत कम हो सके।
डीएम ने युवाओं और बच्चों को भी ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने सरकारी कार्यालयों, संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से भी ऊर्जा बचत के उपाय लागू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सरकारी अभियान नहीं, बल्कि हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है।
