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ATAlok TripathiFollow30 Nov 2024, 11:30 am
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देश में मेडिकल उपकरण के दाम बढ़े: कंपनियाँ मरीज पर मार्जिन बढ़ाकर के रहे हैं

VRVIJAY RANAJust now
Chandigarh, Chandigarh:देश में कई जरूरी मेडिकल उपकरण और सामान कई गुना महंगे दामों पर बेचे जा रहे हैं जबकि इन उपकरणों को बनाने का खर्च काफी कम आता है। AIMED के सदस्य मनीष सभरवाल ने कहा कि देश में कई ऐसी अच्छी कंपनियां है जो इन सवालों को चार से पांच गुना दामों पर भेजते हैं ताकि इस सप्लाई चेन में जितने भी व्यापारी हो उनको भी लाभ हो और मरीजों को भी वह सामान महंगा ना मिले। लेकिन बहुत सी कंपनियां ऐसी भी आ गई है जो इन सामानों को मैन्युफैक्चरिंग खर्च के मुकाबले 15 से 20 गुना ज्यादा महंगे दामों पर बेचती हैं। मरीज को वह सामान मजबूरी में खरीदना पड़ता है क्योंकि इसमें अस्पताल भी शामिल हैं। खास तौर पर जो बड़े अस्पताल हैं वह खुद मेडिकल कंपनियों से यह मांग करते हैं कि वह अपनी दवाइयां पर एमआरपी ज्यादा लिखे। अस्पताल उन दवाइयां को बहुत सस्ते दामों पर खरीदने हैं लेकिन उसे महंगी दामों पर बेचा जाता है। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी बैंडेज मैन्युफैक्चरिंग करती है उदाहरण के लिए जो बैंडेज उन्हें 50 रुपए की पड़ती है वह उसे 300 रुपए की बेचते हैं लेकिन कई कंपनियां इस बैंडेज का रेट बढ़ाकर इसे 500 से 1000 रुपए तक भेजती है। इसके अलावा जो महंगी उपकरण है जैसे पेसमेकर हार्ट बाल विद्या आदि जिनकी मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट 20 से 25 हजार रुपए आता है और जो मार्केट में एक से डेढ़ लाख रुपए तक बिकने चाहिए उन्हें कई लाख रुपए में बेचा जाता है इसका सीधा बोझ मरीजों पर पड़ता है। हम यह कोशिश कर रहे हैं कि यह सिस्टम बंद होना चाहिए ताकि इन सभी जरूरी सामानों का मार्जिन तय हो और मरीजों को ज्यादा खर्च न करना पड़े।
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रायपुर में ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के मास्टरमाइंड बाबू खेमानी पर छापा, बड़े खुलासे आशंका

Begun, Rajasthan:रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है.. “3 Stumps” एप से जुड़े कथित मास्टरमाइंड बाबू खेमानी के ठिकाने पर पुलिस ने छापेमारी की है.. क्राइम ब्रांच और गंज थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया.. रेड के दौरान क्राइम डीएसपी, टीआई समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं, साथ ही बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, जिससे इलाके में हलचल मच गई.. विदेशी कनेक्शन की इनपुट के बाद दबिश जानकारी के मुताबिक, बाबू खेमानी के विदेशी कनेक्शन और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े होने के इनपुट मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई.. पुलिस पिछले कई घंटो से घर के भीतर मौजूद दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य अहम सबूतों की बारीकी से जांच कर रही है.. सूत्रों की मानें तो इस छापेमारी में ऑनलाइन सट्टा कारोबार से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे शहर ही नहीं बल्कि प्रदेश स्तर पर सक्रिय नेटवर्क का पर्दाफाश होने की संभावना है.. कौन है बाबू खेमानी बाबू खेमानी रायपुर का रहने वाला है.. बाबू खेमानी ‘3 STUMPS’ नामक अवैध सट्टा वेबसाइट/एप का मास्टरमाइंड माना जाता है.. वह सोशल मीडिया पर इन्फ्लुएंसर की तरह सक्रिय था और इसी प्रभाव का इस्तेमाल करके हाई-प्रोफाइल लोगों से संपर्क बनाता था.. उसके नेटवर्क के जरिए सट्टा के लेन-देन और वसूली का काम किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं.. पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी मुम्बई और गोवा में रहकर सट्टा नेटवर्क का संचालन करता था.. वर्तमान में आरोपी न्यायिक रिमांड में है.. माना जा रहा कि दबिश की कार्रवाई खत्म होने पर बड़ा खुलासा हो सकता है..।
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दरगाह कमेटी- प्रशासन के बीच गिरफ्तारी से शुरू विवाद боя; 2 कर्मचारियों के खिलाफ वारंट आगे बढ़ा

Ajmer, Rajasthan:दरगाह कमेटी और प्रशासन के बीच कमेटी के कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद विवाद बढ़ता नजर आ रहा है.. एक ओर जहां पुलिस इसे आदेश पर कार्रवाई बता रही हे तो वही दरगाह कमेटी ने इसे उसके कर्मचारियों को बेवजह परेशान कर थाने पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है..जानकारी के मुताबिक विवाद की वजह रही की दरगाह के गेट संख्या 3 पर जूते रखने के स्टैंड को लेकर खादिम नूर आलम और दरगाह कमेटी के सदस्यों के बीच विवाद हुआ जिसके चलते नूर आलम की शिकायत पर दरगाह थाना पुलिस ने कमेटी के तीन कर्मचारियों के खिलाफ शांति भंग का मामला दर्ज किया.. इसी मामले के चलते पहली तारीख के बाद एडीएम सिटी कोर्ट ने वापस उपस्थित होने के लिए 2 जून की तारीख दी.. लेकिन अज्ञात कारणों के चलते यह तारीख बदल गई... नतीजा कमेटी के कर्मचारी हाजिर नहीं हो पाए तो एडीएम सिटी कोर्ट से गिरफ्तार वारंट कमेटी के कर्मचारी सलीम मुहम्मद और रफी इस्लाम व एक अन्य कर्मचारी को गिरफ्तारी वारंट के जरिए पेश करने के निर्देश दिए.. 22 अप्रैल की रात 9 बजे ड्यूटी के दौरान थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया जबकि तीसरा अन्य कर्मचारी नहीं मिल पाया.. साथी कर्मचारी की गिरफ्तारी से खफा दरगाह कमेटी के अन्य कर्मचारी कार्य बहिष्कार पर उतर गए.. जिससे दरगाह कमेटी में हड़कंप मच गया..लगभग 18 घंटे थाने में बंद रख पुलिस ए एडीएम सिटी कोर्ट में पेश किया जहां से जमानत पर दोनों रिहा हुए... इस मामले को लेकर दरगाह कमेटी ने जिला प्रशासन पुलिस अधीक्षक सहित केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय को अपनी शिकायत दर्ज करवाई है..वही दुसरी ओर पुलिस का तर्क है कि गिरफ्तारी की कार्रवाई वारंट होने के चलते की गई है
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Jamui crackdown on electricity theft and defaulters: widespread raids across district

Jamui, Bihar:जमुई से बड़ी खबर:जिले में बिजली चोरी और बकाया वसूली को लेकर विद्युत विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक अभियान छेड़ दिया है। लगातार चल रही छापेमारी कार्रवाई के दौरान महज 23 दिनों के भीतर 120 उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली चोरी के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। विभाग की इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा कार्रवाई विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जमुई जिले के विभिन्न इलाकों में बड़े पैमाने पर केस दर्ज किए गए हैं। जमुई शहरी क्षेत्र में 13, जमुई ग्रामीण में 14, खैरा में 9, गिद्धौर में 9, लक्ष्मीपुर में 13, बरहट में 17, झाझा में 6, सोनो में 8, माधोपुर फीडर में 8, चकाई में 11, अलीगंज में 9 और सिकंदरा में 3 मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है। छापेमारी में सामने आए चौंकाने वाले तरीके जांच के दौरान कई उपभोक्ता बिजली चोरी के लिए अलग-अलग हथकंडे अपनाते पाए गए। कहीं मीटर बायपास कर सीधे लाइन जोड़ी गई थी, तो कहीं अवैध कनेक्शन लेकर बिजली का उपयोग किया जा रहा था। विभाग ने ऐसे सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। बकायेदारों पर भी सख्ती बिजली विभाग सिर्फ चोरी ही नहीं, बल्कि बकाया वसूली को लेकर भी एक्शन मोड में है। जिन उपभोक्ताओं पर 20 हजार रुपये से अधिक बकाया है, उनका कनेक्शन बिना किसी पूर्व सूचना के काटा जा रहा है। इससे बकायेदारों में भी खलबली मची हुई है। बढ़ती खपत भी बनी वजह सूत्रों की मानें तो रसोई गैस के दाम बढ़ने के बाद इंडक्शन चूल्हों का उपयोग तेजी से बढ़ा है, जिससे बिजली की खपत में इजाफा हुआ है। इसी बीच कुछ उपभोक्ता लोड छिपाने या मीटर से छेड़छाड़ करते हुए भी पकड़े गए हैं। आगे भी जारी रहेगा अभियान विधुत विभाग के अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और बिजली चोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपभोक्ताओं से अपील विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे समय पर बिजली बिल का भुगतान करें और वैध कनेक्शन से ही बिजली का उपयोग करें। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
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मंडला में अवैध रेत परिवहन: खनिज विभाग ने चार डम्पर जब्त किए

Mandla, Madhya Pradesh:एंकर - मण्डला जिले में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है, जहां खनिज विभाग की टीम ने चार डम्पर जब्त किए हैं。 वीओ - जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग मंडला की टीम ने 23 अप्रैल को ग्राम टिकरिया, तहसील मंडला में निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अवैध रूप से रेत परिवहन करते हुए चार डम्पर वाहनों को जब्त किया गया। कार्रवाई के बाद सभी जब्त वाहनों को थाना बिछिया की सुपुर्दगी में सौंप दिया गया है। खनिज विभाग द्वारा संबंधित वाहन मालिकों के खिलाफ मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम 2022 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
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384 करोड़ की हेरोइन पकड़: छह पाकिस्तानी नागरिकों को 20-20 साल की सजा

Delhi, Delhi:384 करोड़ की हेरोइन के साथ पकड़े गए 6 पाकिस्तानी नागरिकों को 20 साल की सजा। गुजरात के कच्छ जिले की विशेष NDPS कोर्ट ने समुद्र के रास्ते भारत में हेरोइन तस्करी करने की कोशिश करने वाले 6 पाकिस्तानी नागरिकों को 20-20 साल की सख्त कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी दोषियों पर 2-2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला दिसंबर 2021 का है, जब गुजरात एटीएस को पक्की सूचना मिली थी कि पाकिस्तान के कराची बंदरगाह से “अल हुसेनी” नाम की बोट में भारी मात्रा में हेरोइन लेकर कुछ लोग गुजरात के जखौ तट के पास आने वाले हैं। सूचना के आधार पर एटीएस और भारतीय कोस्ट गार्ड ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया। 18 से 20 दिसंबर 2021 के बीच समुद्र में निगरानी के दौरान जखौ से करीब 35 नॉटिकल मील दूर एक संदिग्ध बोट दिखाई दी। टीम ने बोट को रोककर तलाशी ली, जिसमें 6 लोग सवार मिले। जांच में सभी पाकिस्तानी नागरिक निकले। बोट की तलाशी के दौरान पांच बड़े बैग मिले, जिनमें 76 किलो 936 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 384 करोड़ 68 लाख रुपये बताई गई। इसके बाद गुजरात एटीएस ने सभी आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान अदालत में 203 दस्तावेजी सबूत और 13 गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि नशे का कारोबार केवल अपराध नहीं, बल्कि देश के युवाओं को बर्बाद करने और राष्ट्र की सुरक्षा को कमजोर करने की साजिश है। अदालत ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए सभी आरोपियों को दोषी ठहराया। यह फैसला कच्छ के भुज स्थित छठी अतिरिक्त सत्र एवं विशेष NDPS अदालत ने सुनाया। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला सरकारी वकील एच.बी. जाडेजा ने पैरवी की。
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बिहार में गैस संकट के बीच रसोई कोयला: हर परिवार को एक क्विंटल मिलेगा

Munger, Bihar:मुंगेर : पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध को देखते हुए बिहार सरकार ने रसोई गैस सिलेंडर की डगमगाई आपूर्ति व्यवस्था को देख कोयले पर कंधा टिकाने को मजबूर कर दिया है। अब खाना पकाने के लिए गैस सिलेंडर के बजाए कोयला खरीदना होगा। वह भी राशन कार्ड पर। प्रत्येक लाभुक परिवारों को प्रति माह एक क्विंटल कोयला उपलब्ध कराया जाएगा। वही सरकार के इस फरमान होने के बाद भी अभी तक जिले में जन वितरण प्रणाली के दुकानों में कोयला नहीं पहुंचा है। वही इस मामले को लेकर जिले के विभिन्न इलाकों में जन वितरण के डीलरों से बातचीत हुई तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अभी तक हमें सरकार द्वारा सिर्फ पत्र प्राप्त हुआ है ना ही इसकी अभी तक कोई बैठक जिला प्रशासन के लोगों से हुई ना ही कोई टास्क फोर्स का गठन हुआ। डीलरों ने बताया कि शहरी क्षेत्र में उपभोक्ता कोयले पर खाना कैसे बनायेगी क्योंकि कोयले पर खाना बनाने के लिए चूल्हे होने चाहिए जो अब लोगों के घर में नहीं हैं। दूसरी ओर अब धुएं में कोई भी महिला खाना बनाना नहीं चाहती है क्योंकि सभी के घर में गैस सिलेंडर के साथ गैस कनेक्शन है। उन्होंने कहा कि कोयले पर खाना बनाने के लिए घरों में जगह चाहिए, वही शहरी क्षेत्र के डीलरों ने कहा यह योजना ग्रामीण क्षेत्र में ठीक है जहाँ लोगो के पास जगह है। ग्रामीण क्षेत्र के जनवितरण प्रणाली के उपभोक्ता ने कहा ग्रामीण क्षेत्रों में गैस का दिक्कत है अगर कोयला मिलता है इससे फायदा होगा की घरो की महिलाएं कोयले पर खाना बना सकेगी। ग्रामीणों ने बताया की गैस की किल्लत ग्रामीण क्षेत्रो में बहुत ज्यादा है क्योकि सही समय पर एजेंसी द्वारा गैस उपलब्ध नहीं होता है जिसके कारण परेशानी दिनों दिन बढ़ रही है।
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लखीसराय में दिनदहाड़े फायरिंग, भीड़ में हड़कंप—आरोपी फरार

Lakhisarai, Bihar:लखीसराय से यह बड़ी खबर है कि दिनदहाड़े हुई ताबड़तोड़ फायरिंग से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना बड़हिया थाना क्षेत्र के पहाड़पुर स्थित NH-80 के समीप बजरंग बली मंदिर के पास हुई, जहां अपराधियों ने आधा दर्जन से अधिक राउंड फायरिंग कर दहशत फैला दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मामूली कहासुनी के बाद अपराधियों ने कई लोगों के साथ मारपीट की और फिर अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दीं। सूचना मिलते ही बड़हिया थाना अध्यक्ष ब्रजमोहन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। सभी आरोपी स्कॉर्पियो पर सवार होकर खुटहा दियारा की ओर फरार हो गए। घटनास्थल से खोखे बरामद हुए हैं, indicating. मंदिर के समीप एक गुमटी में संदिग्ध गतिविधियां थीं, जहां इस विवाद की शुरुआत हुई। एसडीपीओ शिवम कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है और इलाके की नाकेबंदी की गई है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने घटनास्थल से एक स्कॉर्पियो भी जब्त किया है। दिनदहाड़े घटना से स्थानीय लोगों में दहशत है और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल पुलिस सील कर तलाशी अभियान चला रही है।
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पंचायत चुनाव को लेकर राजस्थान में तीखी राजनीतिक तकरार

Jaipur, Rajasthan:पंचायत चुनाव पर फिर सियासी तकरार... गहलोत के बयान पर पटेल का पलटवार, बोले जिनके घर शीशे के....दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते जयपुर राजस्थान में पंचायतीराज दिवस के मौके पर पंचायत चुनावों को लेकर फिर सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान के बाद अब संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। पटेल ने कहा कि जिनके घर शीशे के होते हैं, वो दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते। साथ ही उन्होंने दावा किया कि भजनलाल सरकार कानून व्यवस्था से लेकर पंचायत चुनावों की तैयारियों तक हर मोर्चे पर पूरी तरह तैयार है। पंचायत चुनावों को लेकर बयानबाजी के बीच अब सवाल यही है कि आखिर चुनाव कब होंगे और किस आधार पर होंगे। राजस्थान में पंचायत चुनावों को लेकर sियासी बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ कांग्रेस सरकार पर देरी का आरोप लगा रही है, तो दूसरी तरफ बीजेपी कांग्रेस के पुराने रिकॉर्ड पर सवाल उठा रही है। संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने कांग्रेस पर जमकर निशाना सा पटेल ने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में पंचायतीराज व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय कमजोर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासित राज्यों में समय पर पंचायत चुनाव तक नहीं कराए गए। ऐसे में कांग्रेस को मौजूदा सरकार पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है。 पटेल ने तंज कसते हुए कहा, जिनके घर शीशे के होते हैं, वो दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते… कांग्रेस पहले अपना रिकॉर्ड देखे…” बाइट – जोगाराम पटेल, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने साफ कहा कि पंचायत चुनावों को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए ओबीसी आरक्षण से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करना चाहती है। इसके लिए ओबीसी आयोग का गठन किया जा चुका है और आयोग की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पटेल ने कहा कि जैसे ही आयोग अपनी रिपोर्ट देगा, उसके बाद आगे की चुनावी प्रक्रिया तेजी से बढ़ाई जाएगी। सरकार चाहती है कि चुनाव पूरी पारदर्शिता और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत कराए जाएं। पटेल ने जोर दिया बीसी आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही चुनाव होंगे… सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ये जरूरी प्रक्रिया है…” बाइट – जोगाराम पटेल, संसदीय कार्य मंत्री सरकार का दावा है कि पंचायत चुनावों की बाकी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। परिसीमन की प्रक्रिया, मतदाता सूचियों का काम और प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। अब सिर्फ निर्वाचन विभाग की घोषणा का इंतजार है। पटेल ने कहा कि जैसे ही चुनाव आयोग तारीखों का ऐलान करेगा, सरकार चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। यानी सरकार अब किसी भी समय पंचायत चुनावी रण का बिगुल बजने की बात कह रही है। बाइट – जोगाराम पटेल इस दौरान जोगाराम पटेल ने “वन स्टेट, वन इलेक्शन” के विचार पर भी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि एक साथ चुनाव कराने से प्रशासनिक खर्च कम होगा, संसाधनों की बचत होगी और बार-बार आचार संहिता लगने की स्थिति भी कम होगी। हालांकि विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहा है और पंचायत चुनावों में देरी को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़कर सवाल उठा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार जानबूझकर चुनाव टाल रही है, जबकि बीजेपी इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बता रही है। राजस्थान में पंचायत चुनाव सिर्फ स्थानीय निकाय का मामला नहीं हैं, बल्कि ये गांव की राजनीति से लेकर बड़े सियासी समीकरणों तक असर डालते हैं। पंचायत चुनावों के नतीजे अक्सर आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों का मूड भी बताते हैं। यही वजह है कि बीजेपी और कांग्रेस दोनों इस मुद्दे पर आक्रामक नजर आ रही हैं। अब सबकी नजर ओबीसी आयोग की रिपोर्ट पर टिकी है। रिपोर्ट आते ही पंचायत चुनावों की तारीखों का रास्ता साफ हो सकता है।
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