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RBRishabh BhardwajFollow27 Jan 2025, 12:02 pm
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खैरथल में गोतस्करों ने वार्ड 35 की गायें जबरन गाड़ी में डाल दीं; लोग हंगामा

Bagheri Kalan, Rajasthan:खैरथल के वार्ड 35 में गौ-तस्करों के द्वारा गो तस्करी का मामला सामने आया है। एक पिकअप में सवार करीब 4 से 5 नकाबपोश बदमाशों ने वार्ड में बीच सड़क पर घूम रही गायों को जबरन गाड़ी में भर लिया। पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों में भारी रोष फैल गया। प्रत्यक्षदर्शी गजराज सिंह के अनुसार वो रोजाना की तरह सुबह करीब 3 बजे मंदिर मार्ग पर टहल रहे थे। इसी दौरान एक संदिग्ध पिकअप वहां आकर रुकी और उसमें से उतरे नकाबपोश बदमाश गायों को पकड़कर गाड़ी में डालने लगे। गजराज ने तुरंत 100 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी, लेकिन आरोप है कि काफी देर तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। हिम्मत दिखाते हुए गजराज ने बदमाशों का विरोध किया और पिकअप पर डंडा मारा। इस पर तस्करों ने गाड़ी उनकी ओर मोड़ दी और उन्हें कुचलने का प्रयास किया। बदमाश कई गायों को गाड़ी में भरकर मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खैरथल थाने में पर्याप्त पुलिस जाब्ता होने के बावजूद अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। रात्रि गश्त और बीट सिस्टम महज औपचारिकता बनकर रह गया है। वार्डवासियों ने इसे पुलिस व्यवस्था की बड़ी विफलता बताते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। वही खैरथल थाना प्रभारी रामकिशन यादव ने बताया कि घटना की जानकारी प्रारंभ में न तो कंट्रोल रूम से मिली और न ही गश्त दल को, वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। वहीं एसपी बृजेश ज्योति ने कहा कि फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। जिले में सक्रिय गौ-तस्कर गिरोह के नेटवर्क को ध्वस्त करने के साथ ही रात्रि गश्त को और अधिक सख्त बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
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नालंदा के केबिन रोपवे पर मॉक ड्रिल, तीन पर्यटकों का सुरक्षित रेस्क्यू

Pariaunna, Bihar:एंकर:राजगीर के रत्नागिरी पर्वत स्थित केबिन रोपवे पर आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। एनडीआरएफ की 9 वीं वाहिनी और रोपवे के तकनीकी दल ने संयुक्त रूप से अभ्यास किया। ड्रिल के दौरान तकनीकी खराबी के कारण बीच रास्ते में फंसे ‘तीन पर्यटकों’ को सुरक्षित निकालने का अभ्यास किया गया। पहले तकनीकी टीम ने एक पर्यटक को निकाला, जबकि एनडीआरएफ टीम ने शेष दो को सुरक्षित रेस्क्यू किया। अधिकारियों ने बताया कि इस अभ्यास से आपात स्थिति में त्वरित और समन्वित बचाव की तैयारी को परखा गया, जो पर्यटकों की सुरक्षा के लिए अहम है।दरअसल हर साल इस तरह के मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाता है ताकि पर्यटकों की सुरक्षा से कोई खिलवाड़ न हो। इस मॉक ड्रिल के दौरान एनडीआरएफ 9 वीं वाहिनी की ओर से उप कमांडेंट शशि देव प्रसाद, निरीक्षक जैनेन्द्र कुमार सहित 28 अन्य जवान माॅक ड्रील में शामिल हुये
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डीग के नारायणा कटता में सड़क हादसे में वृद्ध की मौत, चालक फरार

Bharatpur, Rajasthan:डीग जिले के सदर थाना क्षेत्र के गांव नारायणा कटता में मंगलवार देर रात एक सड़क हादसे में एक वृद्ध व्यक्ति की मौत हो गई। तेज गति से आ रही एक इको कार ने उन्हें टक्कर मार दी, जिसके बाद चालक मौके से फरार हो गया। मृतक की पहचान नारायणा कटता निवासी तेज सिंह (65) के रूप में हुई है। तेज सिंह रोडवेज बस चालकों और परिचालकों को किराए पर बिस्तर उपलब्ध कराते थे। मंगलवार रात उन्हें पान्हौरी गांव से एक रोडवेज चालक का फोन आया था, जिसने दो बसों के लिए बिस्तर मांगे थे। तेज सिंह सड़क किनारे रोडवेज चालक को बिस्तर देने के लिए खड़े थे। तभी डीग की तरफ से आ रही एक तेज रफ्तार स्विफ्ट कार ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तेज सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद रोडवेज बस चालक महेंद्र शर्मा ने अपनी बस रोकी और सूझबूझ दिखाते हुए घायल तेज सिंह को अपनी गाड़ी में बिठाकर डीग जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टर गुमान सिंह ने जांच के बाद तेज सिंह को मृत घोषित कर दिया। हालांकि, परिवार के सदस्य डॉक्टरों की बात से सहमत नहीं हुए और तेज सिंह को भरतपुर ले गए। वहां भी डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजन शव को वापस डीग लाए और जिला अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया गया है। वहीं बुधवार की सुबहमृतक तेज सिंह की शब का पोस्टमार्टम कराया गया इसके बाद शब परिजनों को सौंप दिया है। कदमत—से सोपान के आधार पर संबंध और जानकारी की पुष्टि की गई है।
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दिल्ली सरकार की यमुना सफाई अभियान: डी सिल्टिंग और अतिक्रमण हटाने पर जोर

Delhi, Delhi:दिल्ली में यमुना की सफाई के लिए एक्शन मोड़ में दिल्ली सरकार। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और LG का यमुना का निरीक्षण। LG और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यमुना पर बने वासुदेव घाट और यमुना बजार का किया निरीक्षण। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को दिए 3 अहम निर्देश。 यमुना के प्राकृतिक घाटों को संवारा जाएं। छठ के दौरान करोड़ों खर्च कर ना बनाने पड़े घाट। यमुना में डी सिल्टिंग की जाए ताकि बारिश का पानी और हरियाणा से मिल रहा पानी संजोया जा सके। यमुना घाट और तटों से हटाया जाए अतिक्रमण ताकि यमुना साफ दिखें और बरसात में जल भराव ना हो। बाइट: तरनजीत सिंह संधू – उपराज्यपाल यमुना स्थित वासुदेव घाट का दौरा करने पहुंचे दिल्ली के LG तरनजीत सिंह संधू ने कहा: दिल्ली की चैलेंजेस आप सबको पता है। ये एक एग्जांपल है कि पूरी दिल्ली एडमिनिस्ट्रेशन की अप्रोच है। जिस टाइम में हम खड़े हैं, हम एक्चुअली सीएम और मैंने यह डिस्कस किया है, पूरी कैबिनेट बाकी हमारी सारी एडमिनिस्ट्रेशन इन्वॉल्व होगी। आपको पता है, सबसे पहले समर आने वाली है। समर के क्या चैलेंजेस हैं? पानी का क्या चैलेंज है? उसके बाद बरसात आएगी। बरसात में क्या चैलेंजेस हैं? यहां आपने प्लानिंग इसका देखा है? यह एक हमारी अपनी बेस्ट प्रैक्टिस है। हम दुनिया भर की बेस्ट प्रैक्टिसेस देखते हैं, हमारे पास यही दिल्ली में है। तो, यही देखने के लिए और इसके बाद हम आगे भी जाएंगे। रेगुलरली सीएम और मैं विजिट करते रहेंगे क्योंकि उन चीजों में फोकस आए। और जो भी, देखिए, हमारे पास चॉइस नहीं है। यह आप सबके लिए, आपके बच्चों के लिए और हमारे लिए भी। दिल्ली कैपिटल है। आप सब जानते हैं प्रधानमंत्री जी की विजन विकसित भारत की है और उसमें दिल्ली सबसे क्रिटिकल पार्ट है। इट इज अ कैपिटल एंड होपफुली। रेवोल्यूशनरी नहीं, इंक्रीमेंटल चेंजेज।
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अनुपूर मलगा बीट में अवैध कोयला खनन जारी, पर्यावरण और राजस्व पर संकट

Anuppur, Madhya Pradesh:अनूपपुर कोतमा वन परिक्षेत्र के मलगा बीट के घने जंगलों में अवैध कोयला उत्खनन जारी है, जहां सैकड़ों टन खनन प्रतिदिन निकलने की सूचना है, जिससे प्राकृतिक संसाधनों पर संकट पैदा हो रहा है और शासन के राजस्व को भी प्रतिदिन लाखों रुपए की हानि हो रही है। पनही बूड़ा नाला क्षेत्र में बने ये अवैध खनन का मामला बेहद चिंताजनक है। ग्रामीणों के अनुसार पिछले कई वर्षों से अवैध खनन बदस्तूर जारी है और खनन माफियाओं द्वारा निकाले गए कोयले को आसपास के ईंट भट्टों में खपाया जा रहा है; वन विभाग को कई बार अवगत कराया गया पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। मलगा बीट क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है जिसमें कोयला समेत अन्य खनिजों का भंडार मौजूद है, जिन्हें खनन माफियाओं ने नुकसान पहुँचा कर आय का जरिया बना लिया है। सवाल उठता है कि इतने बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध खनन के बावजूद वन विभाग की भूमिका क्यों निष्क्रिय है; प्रशासन इस गंभीर मामले में ठोस कदम कब उठाएगा और अवैध खनन पर कब तक अंकुश लगाएगा।
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पीलीभीत के REES कार्यालय 7 दिन से अंधेरे में, बजट का इंतजार

Pilibhit, Uttar Pradesh:पीलीभीत के ग्रामीण अभियंत्रण विभाग यानी आरईएस का पूरा कार्यालय पिछले 7 दिनों से अंधेरे में डूबा हुआ है। वजह है – ऑफिस में लगा स्मार्ट मीटर और उस पर सवा लाख रुपये का बकाया बिल। 7 दिन पहले जैसे ही बिजली कटी, विभाग ने तुरंत शासन को बिल जमा करने के लिए बजट की मांग भेज दी। लेकिन अभी तक बजट नहीं मिला। नतीजा? पूरे ऑफिस में अंधेरा छाया हुआ है। गर्मी के इस मौसम में न पंखे चल रहे हैं, न कंप्यूटर, न लाइट। कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मजबूरन विभाग को जनरेटर किराए पर मंगाना पड़ा है, जिससे सिर्फ कुछ कमरों और अधिकारियों के कमरे में ही बिजली पहुंच पा रही है। बाकी कर्मचारी और अधिकारी बेहद परेशान हैं। फाइलें देखना मुश्किल हो रहा है, गर्मी में पसीना बह रहा है। बजट कब आएगा, कुछ पता नहीं। हालांकि अधिशासी अभियंता का कहना है कि डिमांड भेजी गई है।
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प्रतापगढ़ मंडी में जिंसों की बंपर आवक से व्यवस्थाएं भारी, ट्रैक्टर-ट्रॉली लाइनें

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ कृषि उपज मंडी में लगातार दूसरे दिन भी जिंसों की बंपर आवक ने व्यवस्थाओं की परीक्षा ले ली। हालात ऐसे रहे कि सुबह से ही मंडी के बाहर वाहनों की लंबी कतारें लगना शुरू हो गईं, भारी भीड़ और आवक के चलते मंडी गेट के बाहर दोनों ओर करीब 600 मीटर तक ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों की लाइनें नजर आईं, जिससे किसानों और व्यापारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मंडी खुलते ही गेहूं, चना, सोयाबीन, मेथी, अलसी, लहसुन और प्याज सहित विभिन्न जिंसों की जोरदार आवक शुरू हो गई। खासतौर पर चना और गेहूं की आवक सबसे अधिक रही। बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचे, जिससे मंडी परिसर में दबाव बढ़ गया और व्यवस्थाएं संभालना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया। मंडी सचिव संतोष मोदी ने बताया कि अवकाश के बाद दूसरे दिन भी आवक में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बंपर आवक को देखते हुए व्यापारियों को नीलामी के तुरंत बाद माल उठाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मंडी परिसर में जाम और अव्यवस्था की स्थिति न बने। साथ ही किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए विशेष ध्यान रखने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि ट्रैफिक व्यवस्था को भी बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि मंडी के बाहर और अंदर आवागमन सुचारू बना रहे। मंडी प्रशासन का मानना है कि आने वाले दिनों में भी जिंसों की आवक इसी तरह बनी रह सकती है, इसलिए व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जा रहा है। मंडी प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी उपज को व्यवस्थित तरीके से लेकर आएं और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें, ताकि सभी को सुगमता से अपनी उपज बेचने का अवसर मिल सके और अनावश्यक भीड़ से बचा जा सके।
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