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रायबरेली में अलग-अलग सड़क हादसों में तीन की मौत

Raebareli, Uttar Pradesh:रायबरेली में अलग-अलग सड़क हादसों में तीन की मौत हो गई है। पहला मामला सलोन थाना इलाके के केशवापुर का है जहाँ परशदेपुर के रहने वाले बाइक सवार खलील रमеш की बाइक को डम्पर ने टक्कर मार दी। टक्कर में दोनों बाइक सवार सामने से आ रहे ट्रैक्टर की चपेट में आ गये। ट्रैक्टर की चपेट में आये दोनों बाइक सवारों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं बछरावा थाना इलाके में चूरआ बॉर्डर के पास राहगीर को रास्ता बता रहा बुज़ुर्ग नसीरुद्दीन दो कारों की टक्कर से उसकी चपेट में आया और मौके पर ही मौत हो गई। जबकि वह राहगीर ज़ख्मी है जिसे नसीरुद्दीन रास्ता बता रहे थे।
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वाराणसी में मिशन 2027: टी.राम के पोस्टर से सियासत तेज

JPJai Pal1m ago
Varanasi, Uttar Pradesh:वाराणसी के सर्किट हाउस के बाहर विधायक टी. राम के समर्थन में लगे पोस्टर। पोस्टर पर लिखा- मिशन 2027: जय भाजपा-तय भाजपा। सुभासपा अध्यक्ष ओपी राजभर भी इसी सीट पर ठोक चुके हैं दावा। विधायक बोले पार्टी तय करेगी टिकट, लेकिन हमारी तैयारी और काम पूरा है। पीएम मोदी के काशी आगमन से पहले शक्ति प्रदर्शन की कोशिश। वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे की तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन उससे पहले ही 'मिशन 2027' के पोस्टरों ने सियासी पारा बढ़ा दिया है। वाराणसी की अजगरा विधानसभा सीट से विधायक टी. राम के समर्थन में सर्किट हाउस के बाहर बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए हैं। खास बात यह है कि इस सीट पर एनडीए के सहयोगी और सुभासपा अध्यक्ष ओपी राजभर भी अपना दावा ठोक रहे हैं। Zee Media से एक्सक्लूसिव बातचीत में विधायक टी. राम ने कहा कि पोस्टर उत्साही कार्यकर्ताओं ने लगाए हैं, लेकिन उन्होंने राजभर को चुनौती देते हुए यह भी साफ कर दिया कि क्षेत्र में उनका काम बोलता है। अब सवाल यह है कि क्या 2027 में अजगरा की ये जंग गठबंधन के भीतर कोई नई दरार पैदा करेगी।
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राजस्थान हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया से फर्जी सामग्री तुरंत हटाने के निर्देश दिए

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर प्रसारित फर्जी और आपत्तिजनक सामग्री को गंभीरता से लेते हुए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। जस्टिस फरजंद अली की एकलपीठ ने एक आपराधिक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार, राज्य पुलिस और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को तत्काल प्रभाव से ऐसी सामग्री हटाने के आदेश दिए। मामला बाड़मेर निवासी मेवाराम जैन से जुड़ा है, जिन्होंने याचिका दायर कर बताया कि उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो, मॉर्फ्ड फोटो और अभद्र सामग्री लगातार प्रसारित की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक द्वेष के चलते यह सामग्री तैयार कर वायरल की गई, जिससे उनकी छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा। याचिकाकर्ता ने बताया कि इस मामले में पहले दर्ज एफआईआर की जांच के बाद पुलिस ने आरोपों को निराधार पाया और फाइनल रिपोर्ट अदालत में पेश की, जिसे स्वीकार भी कर लिया गया। इसके बावजूद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वही सामग्री बार-बार अपलोड की जा रही है। इस संबंध में साइबर क्राइम पोर्टल सहित कई जगह शिकायत करने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि इस प्रकार की सामग्री व्यक्ति की प्रतिष्ठा, निजता और गरिमा पर सीधा आघात करती है। अदालत ने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत हर व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन जीने और अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखने का अधिकार है, जिसे इस तरह के कृत्य प्रभावित करते हैं। कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह संबंधित सोशल मीडिया कंपनियों के साथ समन्वय कर सभी आपत्तिजनक और फर्जी सामग्री को तुरंत हटाने, ब्लॉक करने और स्थायी रूप से डिलीट करने की व्यवस्था सुनिश्चित करे। साथ ही यह भी कहा कि सामग्री हटाने के दौरान उससे जुड़े डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखे जाएं, ताकि आगे की जांच में कोई बाधा न आए। अदालत ने यह भी निर्देश दिए कि भविष्य में यदि इस प्रकार की सामग्री दोबारा सामने आती है तो तुरंत कार्रवाई की जाए। कोर्ट ने याचिका को स्वीकार करते हुए संबंधित सभी पक्षों को आदेशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए।
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राजस्थान हाईकोर्ट: पंजीकृत गोदनामा वैध, दत्तक पुत्र को परिवारिक पेंशन 9% ब्याज सहित मिलेगी

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि रेलवे प्रशासन पंजीकृत गोदनामा (एडॉप्शन डीड) की वैधता पर संदेह जताकर परिवारिक पेंशन से इनकार नहीं कर सकता। मृत रेलवे कर्मचारी मायाराम के दत्तक पुत्र संजीव कुमार द्वारा दायर याचिका को स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट ने रेलवे के आदेश दिनांक 29.04.2024 तथा केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट), जोधपुर के आदेश दिनांक 22.10.2024 को निरस्त कर दिया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा एवं न्यायाधीश संजीत पुरोहित की खंडपीठ के समक्ष याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता चेतन प्रकाश सोनी एवं अधिवक्ता अजय कुमार ऑगस्टीन ने पैरवी करते हुए रेलवे एवं कैट के आदेश को चुनौती दी। हाईकोर्ट ने कहा कि हिंदू दत्तक एवं भरण-पोषण अधिनियम, 1956 की धारा 16 के तहत पंजीकृत गोदनामा वैध होने का विधिक अनुमान प्राप्त करता है, और जब तक इसे किसी सक्षम न्यायालय में चुनौती देकर असत्य सिद्ध नहीं किया जाता, तब तक प्रशासनिक प्राधिकरण या अधिकरण इसकी वैधता पर प्रश्न नहीं उठा सकते। हाईकोर्ट ने यह भी माना कि याचिकाकर्ता को दत्तक पुत्र के रूप में सभी वैधानिक अधिकार प्राप्त हैं, जिनमें परिवारिक पेंशन भी शामिल है, विशेषकर जब वह केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1972 के नियम 54(बी) के अंतर्गत परिवार की परिभाषा में आता है। याचिकाकर्ता की ओर से यह भी दलील दी गई कि एक निर्णय में सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट रूप से प्रतिपादित किया है कि पंजीकृत गोदनामा अपनी वैधता का अनुमान वहन करता है और इसे केवल ठोस एवं विशिष्ट साक्ष्य के आधार पर ही चुनौती दी जा सकती है। ऐसे में वर्तमान प्रकरण में गोदनामा को पूर्णतः वैध एवं बाध्यकारी मानते हुए याचिकाकर्ता को मृतक कर्मचारी का विधिक उत्तराधिकारी स्वीकार किया जाना आवश्यक है। हाईकोर्ट ने रेलवे को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को परिवारिक पेंशन सहित सभी सेवानिवृत्ति लाभ 9% वार्षिक ब्याज के साथ प्रदान किए जाएं।
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शंकरपुर के काली मंदिर से दान पेटी और घंटियाँ चोरी

Madanpur, Bihar:मधेपुरा जिले के शंकरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रायभीर पंचायत के अरताहा गांव में चोरों ने आतंक मचाया है। वार्ड नंबर 01 स्थित काली मंदिर को बेखौफ चोरों ने निशाना बनाते हुए दान पेटी से हजारों की नकदी और दर्जनों पीतल की घंटियाँ चुरा लीं। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। बताया जा रहा है कि देर रात चोरों ने मंदिर के मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और पहले मंदिर में लगी लगभग एक दर्जन पीतल की घंटियाँ खोल लीं। इसके बाद दान पेटी का ताला काटकर उसमें रखे करीब 80 से 90 हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गए। सुबह जब पुजारी मंदिर पहुंचे तो टूटा ताला और बिखरा सामान देख उनके होश उड़ गए। देखते ही देखते खबर गांव में फैल गई और भारी संख्या में ग्रामीण मंदिर परिसर में जुट गए। लोगों में घटना को लेकर आक्रोश और डर दोनों साफ दिखा। ग्रामीणों ने तत्काल शंकरपुर थाना प्रभारी राजीव कुमार को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ि कार्रवाई की मांग की है। थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी गई है। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। अब सबकी नजर पुलिस कार्रवाई पर टिकी है। बाइट - प्रभास चौपाल, स्थानीय मुखिया बाइट - शंभू यादव, मंदिर का पुजारी बाइट - चंदेश्वरी राम, स्थानीय
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खनन विभाग ने अवैध पत्थर लदे छह ट्रकों पर 53.1 लाख का जुर्माना

Munger, Bihar:मुंगेर. खनन विभाग की ओर से शुक्रवार की रात श्रीकृष्ण सेतु स्थित पुलिस चेक पोस्ट के समीप खनिज पदार्थों के अवैध परिवहन के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया गया. इस दौरान टीम ने कुल छह ट्रक को पकड़ा. जिस पर अवैध रूप से पत्थर लदा हुआ था. सभी छह वाहनों पर 53.1 लाख का जुर्माना किया गया है. जबकि सभी ट्रक को मुफस्सिल थाना पुलिस को सौंप दिया गया. बताया जाता है कि खान निरीक्षक अभिमन्यु कुमार और मो अरमान के नेतृत्व में शुक्रवार की रात श्रीकृष्ण सेतु पर अवैध बालू, मिट्टी व गिट्टी ढुलाई को लेकर सर्च अभियान चलाया गया. टीम ने इस दौरान कुल छह ट्रकों को रोका. सभी 14 और 16 चक्का ट्रक था और उस पर निर्धारित भार से अधिक यानी 700 से 800 सीएफटी गिट्टी लदा हुआ था. जब चालक से चालान मांगा तो वह चालान प्रस्तुत नहीं किया. जिसके कारण टीम ने ट्रकों को जब्त कर कर लिया. इस दौरान दो ट्रक का चालक फरार ट्रक छोड़ कर अंधेरे का फायदा उठा कर भाग निकला, जबकि चार ट्रक के चालक को टीम ने पकड़ लिया. जब्त पत्थर लदे सभी छह ट्रक और चार चालकों को मुफ्फसिल थाना को सौंप दिया गया. दोनों खान निरीक्षकों ने बताया कि उनके आवेदन पर एमएमडीआर एक्ट के तहत दो अलग-अलग प्राथमिकी मुफ्फसिल थाना में दर्ज की गयी. प्रति ट्रक 8.85 लाख रुपये यानी छह ट्रक पर 53.1 लाख का जुर्माना निर्धारित किया गया है. जिन चालकों को टीम ने पकड़ा, उसमें झारखंड के कोडरमा जिलांतर्गत डोमचांच थानांतर्गत सपही निवासी सूरज कुमार, डोमचांच के बगडोर निवासी सुबोध कुमार, कोडरमा जयनगर थाना क्षेत्र के सिगरडीह निवासी सोनू कुमार और बिहार के वैशाली जिलांतर्गत पातेपुर थाना क्षेत्र के बरडीहा निवासी रामप्रवेश राय शामिल है. चालकों ने टीम को बताया कि वह झारखंड के पाकुड़ से गिट्टी लेकर गंगा पार शहरों में ले जा रहा था.
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बोकारो में पुष्पा हत्याकांड और सेजल झा लापता मामले में सीबीआई जांच की मांग नहीं हटेगी – लोगों ने कैंडल मार्च निकाला

Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो में आठ महीने से गायब पुष्पा हत्याकांड और पाँच वर्षों से लापता सेजल झा मामले को लेकर CBI जांच की मांग उठी है। बोकारो में कैंडल मार्च चास चेक पोस्ट से शुरू होकर एसपी और डीसी आवासीय कार्यालय तक पहुंचा। मौके पर काफी संख्या में महिलाएं शामिल थीं और उन्होंने कहा कि दोनों घटनाओं की सीबीआई जांच होनी चाहिए। कैंडल मार्च में भाग लेने वालों ने कहा कि पुष्पा हत्याकांड में पुलिस आरोपी के साथ मिलकर केस को कमजोर कर रही है; उन्होंने आग्रह किया कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
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मदन दिलावर ने खानपुर में स्वच्छता हालत देख कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए

Jhalawar, Rajasthan:एंकर इंट्रो_ झालावाड़ जिले के खानपुर क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था की हकीकत जानने अचानक पहुंचे शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर का दौरा प्रशासनिक लापरवाही पर भारी पड़ गया। पंचायत समिति खानपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत गाडरवाड़ा और सुमर क्षेत्र में किए गए औचक निरीक्षण के दौरान मंत्री ने जमीनी स्तर की सच्चाई खुद देखी और ग्रामीणों से सीधा संवाद कर समस्याओं का फीडबैक लिया। निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत सुमर के ग्राम चिकली में स्वच्छता व्यवस्था बदहाल मिली, जिस पर मंत्री का कड़ा रुख सामने आया। लापरवाही और अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए उन्होंने तुरंत सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। मंत्री ने खंड विकास अधिकारी, अतिरिक्त खंड विकास अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी सुमर और ब्लॉक समन्वयक के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को कहा। मंत्री दिलावर ने साफ शब्दों में चेतावनी दी, कि स्वच्छता के मुद्दे पर किसी भी स्तर पर ढिलाई बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनके इस सख्त कदम से पूरे क्षेत्रीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है और जिम्मेदार अधिकारियों में जवाबदेही को लेकर हलचल तेज हो गई है।
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जोधपुर NDPS कोर्ट ने पुराने डोडापोस्त मामले में आरोपी को 2 वर्ष कारावास

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। एनडीपीएस न्यायालय जोधपुर के विशिष्ट न्यायाधीश मधुसूदन मिश्रा ने 12 साल पुराने अवैध मादक पदार्थ डोडापोस्त के मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी को 2 वर्षों का कठोर कारावास और बीस हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। विशिष्ट लोक अभियोजक गोविन्द जोशी ने बताया कि दिनांक 17/06/2014 को बेरू रोड बिश्नोईयों की ढाणियों के पास गोरधनराम कंधे पर एक प्लास्टिक का कट्टा रखे आ रहा था। जो राजीव गांधी नगर पुलिस थाना के तत्कालीन थानाधिकारी कपूराराम मय पुलिस जाब्ता को देखकर दोनों कट्टे लेकर भागने लगा। पुलिस द्वारा पीछा करने पर वह भागने लगा जिसे दस्तयाब कर कट्टे में से 5.250 किलोग्राम डोडापोस्त का चूरा बरामद हुआ। पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार किया गया तथा बाद अनुसंधान आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। अवैध मादक पदार्थों के मामलों में उतरोतर वृद्धि होने, अवैध मादक पदार्थों से युवाओं का भविष्य बर्बाद होने से यह अपराध गंभीर किस्म की प्रकृति के अपराध होने और उसका समाज में प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की वजह से आरोपी को कठोरतम सजा देने की मांग की। जबकि आरोपी ने नरमी बरतने का आग्रह किया। विशिष्ट न्यायालय एनडीपीएस जोधपुर ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत कुल 10 गवाह, 23 दस्तावेजी साक्ष्य और 3 आर्टिकल के आधार पर अभियुक्त गोरधनराम पुत्र जगरूप राम विश्नोई निवासी बिश्नोईयों की ढाणिया, बेरू पुलिस थाना राजीव गांधी नगर, जोधपुर को अवैध मादक पदार्थ डोडपोस्त रखने के आरोप में दोषी ठहराते हुए 2 वर्ष का कठोर कारावास व बीस हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।
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जयपुर ने सफाई सेवा मेराथन-2026 से इतिहास रचा: दिन में 6000 टन कचरा हटाया

Jaipur, Rajasthan:Anchor-गुलाबी नगरी जयपुर ने स्वच्छता के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करते हुए ‘सफाई सेवा मेराथन-2026’ के जरिए इतिहास रच दिया। पहली बार इतने बड़े स्तर पर चलाए गए इस अभियान में एक ही दिन में करीब 6000 टन कचरा उठाकर शहर की सूरत बदल दी गई। नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा की पहल पर चले इस महाअभियान में 9 हजार से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी जुटे, जबकि 1500 से अधिक वाहनों ने करीब 7000 ट्रिप्स लगाकर कचरे का निस्तारण किया। सुबह 7 बजे शुरू हुआ यह अभियान देर शाम तक चला। आयुक्त स्वयं करीब 200 किलोमीटर के रूट पर सक्रिय रहे, जिसमें 15 किलोमीटर पैदल निरीक्षण भी शामिल रहा। इस दौरान शहर के 60 से अधिक प्रमुख स्थानों का जायजा लिया गया और कई जगहों पर ओपन कचरा डिपो मौके पर ही हटवाए गए। अभियान की शुरुआत मालवीय नगर से हुई और रामबाग सर्किल, एमआई रोड, छोटी-बड़ी चौपड़, हवा महल, त्रिपोलिया बाजार, गोविंद देव जी मंदिर, ताल कटोरा, गलता जी, जवाहर सर्किल, एयरपोर्ट, सांगानेर और मानसरोवर सहित शहर के कई हिस्सों में व्यापक सफाई की गई। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने सफाईकर्मियों से सीधा संवाद कर उनका उत्साह बढ़ाया और उन्हें “स्वच्छता योद्धा” बताया। आमजन और व्यापारियों से भी बातचीत कर फीडबैक लिया गया, जिससे अभियान को जनभागीदारी का मजबूत आधार मिला। ताल कटोरा क्षेत्र में बिना सुरक्षा उपकरण काम करते कर्मचारियों को देखकर आयुक्त ने नाराजगी जताई और सख्त निर्देश दिए कि सभी कर्मी सुरक्षा मानकों का पालन करें। साथ ही कचरा ट्रांसफर स्टेशनों पर मशीन-टू-मशीन सिस्टम को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। इस दौरान जिला कलेक्टर संदेश नायक ने भी संयुक्त दौरा कर अभियान की सराहना की और इसे अन्य निकायों में लागू करने की बात कही। करीब 14 घंटे तक चले इस अभियान ने न केवल शहर को साफ किया, बल्कि इसे जनआंदोलन का रूप भी दे दिया। सामान्य दिनों की तुलना में तीन गुना अधिक कचरा उठाव इस बात का प्रमाण है कि जब प्रशासन और जनता साथ आते हैं, तो बदलाव संभव होता है। अभियान के समापन पर आयुक्त ओम कसेरा ने सभी सफाईकर्मियों का आभार जताते हुए कहा कि “आज हर कर्मचारी मेरे लिए विजेता है। यह प्रयास जयपुर को स्वच्छ, सुंदर और बेहतर बनाने की दिशा में नई ऊर्जा देगा।
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राजस्थान HC ने शहरी पार्किंग-अतिक्रमण के लिए नीति बनाने के निर्देश दिए

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने शहरी क्षेत्रों में बढ़ती अवैध पार्किंग और अतिक्रमण की समस्या को लेकर गंभीरता दिखाते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि इस समस्या के समाधान के लिए एक प्रभावी और व्यापक नीति तैयार की जाए, ताकि सड़कों और सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त किया जा सके। yाचिका अमृत नगर क्षेत्र के निवासियों द्वारा दायर की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि कॉलोनी में सड़कों पर अतिक्रमण और घरों के बाहर वाहनों की पार्किंग के कारण रास्ते संकरे हो गए हैं और आमजन को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस संदीप शाह की खंडपीठ में याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ता अनिता गहलोत ने कोर्ट को बताया कि कॉलोनी में अवैध कब्जों के साथ-साथ सड़कों पर बेतरतीब पार्किंग ने हालात बिगाड़ दिए हैं। इससे न केवल ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं के लिए भी रास्ता बाधित होता है। राज्य सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने बताया कि इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए 30 मार्च 2026 को एक समिति का गठन किया गया है, जो अतिक्रमण की स्थिति का अध्ययन कर रही है और उसे हटाने के उपायों पर काम कर रही है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यह समस्या केवल एक इलाके तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रही है। सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि प्रत्येक परिवार में वाहनों की संख्या बढ़ने से सार्वजनिक स्थानों पर दबाव बढ़ गया है। अधिकांश लोग अपने घरों के बाहर ही वाहन खड़े करते हैं, जिससे सड़कें संकरी हो जाती हैं और यातायात प्रभावित होता है। याचिकाकर्ताओं की ओर से सुझाव दिया गया कि सार्वजनिक स्थानों पर पार्किंग के लिए शुल्क लगाया जाना चाहिए, ताकि लोग अनावश्यक रूप से सड़कों का उपयोग पार्किंग के लिए न करें। इस पर राज्य सरकार ने भी सहमति जताते हुए कहा कि इस तरह के उपाय कई विकसित शहरों में सफल रहे हैं। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह इस विषय पर विशेषज्ञों से परामर्श कर ठोस योजना बनाए और अगली सुनवाई 19 मई से पहले विस्तृत रिपोर्ट पेश करे。
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