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Sanjeev Kumar Sanjeev Kumar Follow21 Jun 2024, 11:32 am
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भारत-अमेरिका कृषि समझौते के विरोध में किसान प्रदर्शन, मोदी-ट्रंप के पुतलों को फूंके

Kapurthala, Punjab:ਕਪੂਰਥਲਾ: ਭਾਰਤ-ਅਮਰੀਕਾ ਖੇਤੀ ਸਮਝੌਤੇ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦਾ ਫੁੱਟਿਆ ਗੁੱਸਾ, ਸੁਲਤਾਨਪੁਰ ਲੋਧੀ ਦੇ ਤਲਵੰਡੀ ਪੁੱਲ ਚੌਂਕ 'ਚ ਮੋਦੀ ਤੇ ਟਰੰਪ ਦੇ ਪੁਤਲੇ ਫੂਕੇ ਕਪੂਰਥਲਾ: ਭਾਰਤ-ਅਮਰੀਕਾ ਵਿਚਾਲੇ ਪ੍ਰਸਤਾਵਿਤ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਅਤੇ ਵਪਾਰਕ ਸਮਝੌਤੇ ਦੇ ਵਿਰੋਧ ਵਿੱਚ ਅੱਜ ਤਲਵੰਡੀ ਪੁੱਲ ਚੌਂਕ, ਸੁਲਤਾਨਪੁਰ ਲੋਧੀ ਵਿਖੇ ਕਿਸਾਨ ਮਜ਼ਦੂਰ ਸੰਘਰਸ਼ ਕਮੇਟੀ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਝੰਡੇ ਹੇਠ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਇਕੱਠੇ ਹੋਏ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੇ ਜ਼ਬਰਦਸਤ ਰੋਸ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕੀਤਾ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਮੰਤਰੀ ਨਰਿੰਦਰ ਮੋਦੀ ਅਤੇ ਅਮਰੀਕੀ ਰਾਸ਼ਟਰਪਤੀ ਡੋਨਾਲਡ ਟਰੰਪ ਦੇ ਪੁਤਲੇ ਫੂਕ ਕੇ ਆਪਣਾ ਗੁੱਸਾ ਜ਼ਾਹਰ ਕੀਤਾ ਅਤੇ ਸਰਕਾਰ ਵਿਰੁੱਧ ਨਾਅਰੇਬਾਜ਼ੀ ਕੀਤੀ। ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਸਾਨ ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਭਾਰਤ ਸਰਕਾਰ ਅਤੇ ਅਮਰੀਕਾ ਵਿਚਾਲੇ ਪੋਲਟਰੀ ਫਾਰਮਿੰਗ, ਡੇਅਰੀ ਕਾਰੋਬਾਰ ਅਤੇ ਖੇਤੀ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਹੋਰ ਖੇਤਰਾਂ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਜਿਹੜੇ ਸਮਝੌਤੇ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ, ਉਹ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੇ ਹਿੱਤਾਂ ਦੇ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅਜਿਹੇ ਸਮਝੌਤੇ ਬਹੁ-ਰਾਸ਼ਟਰਰੀ ਕੰਪਨੀਆਂ ਅਤੇ ਵੱਡੇ ਕਾਰੋਬਾਰੀ ਘਰਾਣਿਆਂ ਨੂੰ ਫਾਇਦਾ ਪਹੁੰਚਾਉਣਗੇ, ਜਦਕਿ ਛੋਟੇ ਅਤੇ ਦਰਮਿਆਨੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਭਾਰੀ ਨੁਕਸਾਨ ਝੱਲਣਾ ਪਵੇਗਾ。 ਕਿਸਾਨ ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਦੋਸ਼ ਲਗਾਇਆ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਕਿਸਾਨ ਜਥੇਬੰਦੀਆਂ ਨਾਲ ਕੋਈ ਸਲਾਅ-ਮਸ਼ਵਰਾ ਕੀਤੇ ਬਿਨਾਂ ਖੇਤੀ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਅਹਿਮ ਫੈਸلے ਲੈ ਰਹੀ ਹੈ, ਜਿਸ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਵੀ ਹਾਲਤ ਵਿੱਚ ਬਰਦਾਸ਼ਤ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ मੰਗ ਕੀਤੀ ਕਿ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਕਿਸੇ ਵੀ ਵੱਡੇ ਫੈਸਲੇ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਕਿਸਾਨ ਸੰਗਠਨਾਂ ਦੀ ਰਾਇ ਲਈ ਜਾਵੇ。 ਆਗੂਆਂ ਨੇ ਚੇਤਾਵਨੀ ਦਿੰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਅਤੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨਾਲ ਜੁੜੀਆਂ ਨੀਤੀਆਂ ਕਿਸੇ ਵਿਦੇਸ਼ੀ ਦਬਾਅ ਜਾਂ ਹਿਤਾਂ ਨੂੰ ਧਿਆਨ ਵਿੱਚ ਰੱਖ ਕੇ ਨਹੀਂ ਬਣਾਈਆਂ ਜਾਣੀਆਂ ਚਾਹੀਦੀਆਂ। ਜੇਕਰ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਕਿਸਾਨ ਵਿਰੋਧੀ ਸਮਝੌਤਿਆਂ ਨੂੰ ਅੱਗੇ ਵਧਾਉਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਤਾਂ ਸੰਘਰਸ਼ ਨੂੰ ਹੋਰ ਤੇਜ਼ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ。 ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਦੌਰਾਨ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੇ ਐਲਾਨ ਕੀਤਾ ਕਿ ਆਪਣੇ ਹੱਕਾਂ ਅਤੇ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਦੇ ਭਵਿੱਖ ਦੀ ਰੱਖਿਆ ਲਈ ਉਹ ਲਗਾਤਾਰ ਲੋਕਤੰਤਰਿਕ ਢੰਗ ਨਾਲ ਸੰਘਰਸ਼ ਜਾਰੀ ਰੱਖਣਗੇ ਅਤੇ ਕਿਸੇ ਵੀ ਕਿਸਾਨ ਵਿਰੋਧੀ ਨੀਤੀ ਦਾ ਡਟ ਕੇ ਵਿਰੋਧ ਕਰਨਗੇ।
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बिजनौर में मोहर्रम मॉक ड्रिल से टियर गैस धुआं फैलने से नागरिक परेशान

Moradabad, Uttar Pradesh:मोहर्रम पर्व को लेकर बिजनौर पुलिस द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित दंगा नियंत्रण मॉक ड्रिल अब चर्चा और सवालों के केंद्र में आ गई है। पुलिस का उद्देश्य जहां दंगा जैसी परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखना था, वहीं ड्रिल के दौरान इस्तेमाल किए गए अश्रु गैस (टियर गैस) के गोलों का धुआं आसपास के इलाकों तक पहुंचने से आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वीओ --प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस लाइन परिसर में चल रहे अभ्यास के दौरान अचानक टियर गैस का धुआं हवा के साथ आसपास के बाजार और सड़कों की ओर फैलने लगा। सड़क से गुजर रहे राहगीरों ने आंखों में तेज जलन और बेचैनी महसूस की। कई लोग अपनी आंखें मलते दिखाई दिए, जबकि कुछ छोटे बच्चे जलन के कारण रोने लगे। दुकानदारों का कहना है कि उन्हें समझ ही नहीं आया कि अचानक यह धुआं कहां से आ गया। मोहर्रम की तैयारियों के लिए हो रही थी मॉक ड्रिल - बिजनौर पुलिस विभाग द्वारा आयोजित इस अभ्यास में विभिन्न थानों से आए उपनिरीक्षकों, मुख्य आरक्षियों, आरक्षियों और महिला आरक्षियों ने हिस्सा लिया। मॉक ड्रिल के दौरान भीड़ नियंत्रण, दंगा निरोधक उपकरणों के प्रयोग, रणनीतिक घेराबंदी, त्वरित प्रतिक्रिया, वाटर कैनन, लाठीचार्ज और अश्रु गैस के इस्तेमाल का अभ्यास कराया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मोहर्रम जैसे संवेदनशील पर्व के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल को प्रशिक्षित करना आवश्यक है। लेकिन सवाल यह है कि यदि यह अभ्यास नियंत्रित वातावरण में किया जा रहा था, तो इसका प्रभाव आम जनता तक क्यों पहुंचा? टियर गैस आखिर होती क्या है? अश्रु गैस कोई सामान्य धुआं नहीं होती। यह दंगा नियंत्रण के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक रासायनिक पदार्थ है। इसमें मुख्य रूप से— - CS गैस (2-Chlorobenzalmalononitrile) - CN गैस (Chloroacetophenone) - CR गैस (Dibenzoxazepine) जैसे रासायनिक तत्व शामिल होते हैं। इनका उद्देश्य भीड़ को तितर-बितर करना होता है, लेकिन इनके संपर्क में आने वाला कोई भी व्यक्ति प्रभावित हो सकता है। क्या-क्या स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं? - विशेषज्ञों के अनुसार टियर गैस के संपर्क में आने पर— - आंखों में तेज जलन और पानी आना - आंखों का लाल होना - लगातार खांसी - सांस लेने में परेशानी - गले में जलन - त्वचा में खुजली या जलन - घबराहट और बेचैनी - अस्थमा मरीजों की स्थिति बिगड़ना जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। ड्रिल के दौरान क्या बरती जानी चाहिए सावधानियां? - सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, अश्रु गैस का प्रयोग करते समय पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए— - ड्रिल से पहले आसपास के लोगों को सूचना देना। - आबादी वाले क्षेत्रों से पर्याप्त दूरी बनाए रखना। - हवा की दिशा का वैज्ञानिक आकलन करना। - मेडिकल टीम और एम्बुलेंस की व्यवस्था रखना। - सुरक्षा घेरा बनाकर आम नागरिकों की आवाजाही सीमित रखना। - यह सुनिश्चित करना कि धुआं बाजार, स्कूल या रिहायशी इलाकों तक न पहुंचे। मोहर्रम जैसे संवेदनशील अवसर पर पुलिस की तैयारियां निस्संदेह आवश्यक हैं। लेकिन किसी भी सुरक्षा अभ्यास की सफलता तभी मानी जाएगी जब वह आम जनता के लिए परेशानी का कारण न बने। बिजनौर में हुई इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सुरक्षा तैयारियों के दौरान नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा को पर्याप्त महत्व दिया जा रहा है।
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लखीमपुर खीरी में 40 मादक पदार्थों की निस्तारण से ड्रग डीस्पोजल का संदेश मजबूत

Baibahamunnusingh, Uttar Pradesh:लखीमपुर खीरी पुलिस ने मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत 40 मामलों में रिकवर हुए नशीले पदार्थ को विधिक कार्रवाई करते हुए नष्ट कर दिया है। पुलिस अधीक्षक लखीमपुर खीरी डॉ० ख्याति गर्ग के निर्देशन में चलाये जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन दहन के तहत माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं पुलिस मुख्यालय द्वारा दिशा-निर्देशों के अनुपालन में गठित जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी (DDC) द्वारा जनपद के विभिन्न थानों में पंजीकृत अवैध मादक पदार्थों से सम्बन्धित 40 अभियोगों से संबंधित लगभग ₹2,27,63000.00 (रुपये) कीमत के कुल माल 24.913 किग्रा0 का दिनांक 23.06.2026 को नियमानुसार विधिक निस्तारण/विनष्टीकरण की कार्यवाही स्टार पोलोटेक क़ॉमन बायो-मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फैसिलिटी, माहोली, जनपद सीतापुर में स्थित इंसीनेरेटर मशीन के माध्यम से नष्ट कराए गए। नष्ट कराये गये मादक पदार्थ में _ 1. गांजा 9.84 किग्रा 2. डोडा चूर्ण 10.060 किग्रा० 3. चरस 3.0 किग्रा 4. अफीम 0.110 किग्रा० 5. स्मैक / हेरोइन/ब्राउन शुगर 0.101 किग्रा0 6. नशीला पाउडर/नशीली गोलियाँ 1.802 किग्रा0 यह कार्यवाही शासन की मंशा के अनुरुप मादक पदार्थे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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वैशाली में पेड़ से लटका युवक: हत्या या आत्महत्या पर पुलिस जांच शुरू

Hajipur, Bihar:वैशाली में एक युवक का शव आम के पेड़ से लटका हुआ मिला जिससे इलाके में सनसनी मच गई। घटना बेलसर थाना क्षेत्र के मिश्रौलिया गांव की है और मृत युवक की पहचान मिश्रौलिया गांव निवासी बिनोद मिश्रा के पुत्र कुंदन मिश्रा के रूप में हुई है।परिजनों ने बताया कि कुंदन कल देर शाम घर से निकला था और फिर वापस घर नहीं लौटा लेकिन जब सुबह पिता बिनोद मिश्रा बगीचे में गए तो उसका शव पेड़ से लटका हुआ देखा जिसकी सूचना उन्होंने घर वालो को दी। वहीं मृतक़ के पिता ने आरोप लगाया है कि गांव के ही विजय मिश्रा से उनका विवाद चल रहा है जिस कारण वह अपना घर छोड़ कर दूसरे जगह रह रहे है और इससे पहले भी उनके पुराने घर में चोरी हो चुकी है जिसमें जमीन के दस्तावेज भी चोरी हो गया है। उन्होंने शक जाहिर करते हुए बताया कि उसी विवाद में उनके बेटे की हत्या की गई है। हालाँकि मौके पर पहुंचे लालगंज एसडीपीओ गोपाल मंडल ने बताया कि मृतक़ का उसकी पत्नी से विवाद चल रहा था जिस कारण लंबे समय से उसकी पत्नी मायके में रह रही है और इसी वजह से कुंदन ने आत्महत्या की है। एसडीपीओ ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला खुदकुशी का लग रहा है लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। उन्होंने कहा कि परिजनों का आवेदन मिलने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी फ़िलहाल एफएसएल की टीम भी मामले की वैज्ञानिक तरीके से जांच कर रही है।
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ओंकारेश्वर झूला पुल लोडिंग तार टूटने से बंद, मरम्मत जारी

Khandwa, Madhya Pradesh:खंडवा: तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर के झुला पुल पर लोडिंग तार की एक कड़ी टूटने की जानकारी के बाद एहतियातन इसे श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया। यह पुल ममलेश्वर और ओंकारेश्वर मंदिर को जोड़ता है, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिकतर इस मार्ग से होती है। मरम्मत कार्य पूरा होने तक इसे आवागमन के लिए बंद किया गया है। मंगलावर देर रात मंदिर प्रशासन को लोडिंग तार में लगी एक महत्वपूर्ण कड़ी टूटने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद एहतियातन इसे बंद कर दिया गया। सुबह करीब 5 बजे पुल से आवागमन बंद कर सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए। ओंकारेश्वर बांध बनाने वाली एजेंसी एनएचडीसी इसका मेंटेनेंस करती है। बांध के जनरल मैनेजर सिविल संजय कुमार ने बताया कि झूला पुल के तार का एक क्लैंप में मामूली дефект आया है, जिसका मरम्मत कार्य जारी है। मरम्मत होने तक पुल से एहतियातन आवागमन बंद किया गया है। उम्मीद है शाम तक पुल से आवागमन शुरू हो जाएगा। फरवरी 2023 में भी महाशिवरात्रि से पहले झूला पुल का एक सस्पेंडिंग तार टूट गया था; मरम्मत और तकनीकी जांच के बाद ही पुल को दोबारा शुरू किया गया था। वर्ष 2004 में बांध का संचालन करने वाली एजेंसी एनएचडीसी द्वारा 7.20 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित किया गया था; इस पुल में दूसरी बार तकनीकी खराबी आई है.
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बुलंदशहर में जिम विवाद: दबंगों ने युवक की पिटाई, CCTV वायरल, पुलिस जांच शुरू

Bulandshahr, Uttar Pradesh:बुलंदशहर शिवम लॉज के निकट स्थित एक जिम में लगभग आधा दर्जन दबंगो ने युवक के साथ की मारपीट, पीड़ित पहुंचा थाने बुलंदशहर नगर क्षेत्र में शिवम लॉज के निकट स्थित एक जिम में लगभग आधा दर्जन दबंगों द्वारा एक युवक के साथ जमकर मारपीट की गई है, जानकारी के अनुसार युवक सूरज सिंह पुत्र विजेंद्र कुमार सिंह निवासी देवीपुरा प्रथम आज शिवम लॉज स्थित एक जिम में गया था, बताया गया कि वहां एक युवक से मामूली विवाद हुआ जिसके बाद युवक द्वारा अपने साथियों को मौके पर बुला लिया गया और लगभग आधा दर्जन दबंगों द्वारा युवक के साथ मारपीट की गई, जिसकी सीसीटीवी फुटेज हो रही है वायरल घटना के बाद पीड़ित थाने पहुंचा और पुलिस को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की गुहार लगाई गई है, पुलिस ने युवक को मेडिकल के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुटी आपको बता दे कि अभी लगभग २ महीने पहले भी बुलंदशहर के खुर्जा में जिम ही मामूली विवाद के बाद 3 युवकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी ... जिसके बाद बुलंदशहर पुलिस ने लगभग 10 आरोपीयों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था वही मुख्य आरोपी का एनकाउंटर में मारा गया था... उस समय भी बुलंदशहर पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए थे .. जिसके बाद डीआईजी की संस्तुति पर खुर्जा कोतवाल, संबंधित चौकी इंचार्ज समेत 2 कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया था
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हाई कोर्ट ने फायर डिपार्टमेंट के टेंडर व स्टेशनों की प्रगति बताने को कहा

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में बढ़ती अग्नि दुर्घटनाओं और आपदा प्रबंधन की कमजोर व्यवस्था को लेकर दायर जनहित याचिका पर हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को कड़े निर्देश दिए हैं। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने सरकार से उन सभी टेंडरों की अद्यतन स्थिति मांगी है. जो फायर ब्रिगेड के आधुनिक वाहनों और उपकरणों की खरीद के लिए जारी किए गए हैं। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बजट आवंटन और टेंडर जारी करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि धरातल पर काम का दिखना और वर्क आर्डर जारी होना भी आवश्यक है। हाई कोर्ट में राज्य के अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के निदेशक ने हलफनामा पेश किया, जिसमें बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जेम पोर्टल के माध्यम से 72.70 करोड़ की लागत से फायर टेंडर, वाटर टेंडर, फोम टेंडर और मिनी मिस्ट फायर वाहनों की खरीद प्रक्रिया जारी है। ये तकनीकी मूल्यांकन के चरण में हैं। 60 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचने वाली 51.58 करोड़ की हाइड्रोलिक लिफ्ट की खरीद के लिए ग्लोबल टेंडर जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। 44.32 करोड़ की लागत से प्रदेश में 16 नए फायर स्टेशन बनाने के लिए बजट आवंटित किया गया है। गरियाबंद, बेमेतरा, बालोद, सक्ती और सूरजपुर में जमीन मिल चुकी है और निर्माण के लिए फंड भी जारी कर दिया गया है। वहीं मुंगेली, जीपीएम, बीजापुर, सारंगढ़, सुकमा, नारायणपुर समेत 11 जिलों में अभी भी जमीन का आवंटन होना शेष है।सरकार ने कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि अग्निशमन उपकरणों और आपदा प्रबंधन के लिए फंड की कोई कमी नहीं है। अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी, जिसमें सरकार को उपकरणों की खरीद और फायर स्टेशन निर्माण की भौतिक प्रगति का ब्योरा देना होगा。
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मथुरा में प्रशासन की सर्जिकल स्ट्राइक: छह कोचिंग-लाइब्रेरी सील

Mathura, Uttar Pradesh:लखनऊ हादसे के बाद एक्शन में मथुरा प्रशासन, कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों पर सर्जिकल स्ट्राइक, आधा दर्जन सील मथुरा।राजधानी लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड से सबक लेते हुए मथुरा जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड़ पर आगया है।छात्रों और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्र के नेतृत्व में प्रसाशन की टीम ने बीएसए कॉलेज क्षेत्र के आस पास संचालित कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरीयो पर सघन जांच अभियान चलाया गया।प्रशासन की इस कार्यवाही से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और कई कोचिंग संचालक अपने सेंटरों पर ताला लगाकर मौके से भाग निकले। प्रशासनिक टीम की छापेमारी मंगलवार को हुई इस बड़ी कार्रवाई में सिटी मजिस्ट्रेट के साथ मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण फायर ब्रिगेड विभाग, आवास विकास परिषद और भारी मात्रा में पुलिस बल मौजूद रहा।टीम ने जब कोचिंग हब कहे जाने वाले बीएसए कॉलेज रोड पर अचानक कार्यवाही की तो नियमो को ताक पर रखकर संस्थान चलाने वाले संचालको के होश उड़ गए। मानकों की अनदेखी ,मौके पर सीलिंग निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम ने कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों में फायर सेफ्टी मानकों, आपातकालीन निकासी व्यवस्था और आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र की बारीकी से पड़ताल की।जांच में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बेहद डरावनी तस्वीरें सामने आईं।कई नामचीन कोचिंग सेंटरों के पास फायर डिपार्टमेंट की एनओसी तक नहीं थी। ऐसे बी कोचिंग सेंटर थे जिनके पास आपातकाल स्थिति में निकास के रास्ते या तो बंद थे या बेहद सकरे थे,जो किसी भी हादसे के वक्त जानलेवा साबित हो सकते है।सुरक्षा मानकों की इस गंभीर अंधेकी पर करारों को अपनाते हुए सिटी मजिस्ट्रेट मौके पर ही आधा दर्जन कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी को सील करने के आदेश दिए। होटलों को भी जारी किया गया नोटिस प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ कोचिंग सेंटरों तक ही सीमित नहीं रही। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि इसी मार्ग पर व्यावसायिक रूप से संचालित हो रहे सभी तरह के होटलो की भी जांच की गई है, सुरक्षा और एनओसी से जुड़े मानकों में कमियां पाई जाने पर इन सभी होटलों को भी कारण बताओं नोटिस जारी किए गए हैं। सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्र ने कहा की छात्रों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है।इसके साथ किसी भी प्रकार کا समझौता नहीं किया जाएगा।जिन संस्थानों में नियमो का उल्लंघन पाया जाएगा उनके खिलाफ इसी तरह कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। संचालको में दशहत का माहौल प्रशासन की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद जिले भर के कोचिंग माफिया और अवैध रूप से संचालित लाइब्रेरियों में दहशत का माहौल है। कार्रवाई से डरे कई संचालक आनंद भवन में अपने फायर सेफ्टी उपकरणों, कागजात दुरुस्त कराने की कावयद में जुट गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यह चेकिंग अभियान रुकने वाला नहीं है बल्कि आने वाले दिनों में भी लगातार जारी रहेगा सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्र
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शंकराचार्य ने योगी सरकार पर हमला, धमकी दावा—गौ माता राष्ट्र माता बनाने की demanding तेज

Amroha, Uttar Pradesh:एंकर अमरोहा जनपद के हसनपुर में पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का योगी सरकार पर बड़ा हमला, कहा धमकी देने वाला सरकार का ही आदमी था? इसीलिए वह नाम नहीं बता रहे अमरौहा जनपद के हसनपुर में गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा निकाल रहे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने हसनपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि उन्हें फोन पर जान से मारने की धमकी मिली थी, जिसकी ऑडियो क्लिप भी संबंधित अधिकारियों को सौंप दी गई थी, लेकिन अब तक धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान नहीं की गई है। शंकराचार्य ने कहा कि जब ऑडियो क्लिप उपलब्ध करा दी गई थी तो प्रशासन को यह पता लगाना चाहिए था कि धमकी देने वाला कौन था, कहां से फोन किया गया और उसके पीछे कौन लोग हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि अब तक कार्रवाई नहीं हुई है तो इससे यह संदेह पैदा होता है कि धमकी देने वाला व्यक्ति सरकार से जुड़ा हो सकता है, इसलिए उसका नाम सामने नहीं लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा का उद्देश्य गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के लिए जनजागरण करना है। शंकराचार्य ने स्पष्ट किया कि जो भी राजनीतिक दल या नेता गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग का समर्थन करेगा, वह उसका समर्थन करेंगे। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में यह यात्रा निकाली जा रही है ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ा जा सके और गौ संरक्षण के प्रति जनमानस को जागरूक किया जा सके। शंकराचार्य के बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है।
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NIA ने अमता बम ब्लास्ट में असफर मिद्द्या और एंताजुल मिद्द्या को गिरफ्तार किया

पश्चिम बंगाल के अमता बम ब्लास्ट मामले में NIA की बड़ी कार्रवाई, दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार.. NIA ने पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के अमता इलाके में हुए 2022 के बम विस्फोट मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी की पहचान असफर मिद्द्या और एंताजुल मिद्द्या के रूप में हुई है। दोनों को मंगलवार रात अमता क्षेत्र में तीन अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी के बाद पकड़ा गया। NIA के मुताबिक, दोनों आरोपी उस अवैध बम निर्माण नेटवर्क के मुख्य संचालक थे, जिसके तहत 23 फरवरी 2022 को अमता थाना क्षेत्र के चंद्रपुर बाजार के पास देसी बम बनाए जा रहे تھے। इसी दौरान कुछ बम अचानक फट गए, जिससे चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल मोल्ला आदि में जहाधार मोल्ला, मोहब्बत मोल्ला, मोइनुर रहमान और एसके महाराम शामिल थे। इनमें से एसके महाराम की बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। जांच में सामने आया है कि असफर और एंताजुल के निर्देश पर बम बनाने का काम चल रहा था। NIA का दावा है कि इन बमों का इस्तेमाल इलाके में लोगों को डराने-धमकाने और आतंक फैलाने के लिए किया जाना था। इस मामले की जांच NIA ने अप्रैल 2024 में स्थानीय पुलिस से अपने हाथ में ली थी। एजेंसी इससे पहले इस केस में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और NIA यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।
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जयपुर में शराब विवाद में युवक की हत्या, सिर फोड़ कर डंडों से हमला

Jaipur, Rajasthan:जयपुर में सिर फोड़कर एक युवक की हत्या का मामला सामने आया है। दुकान के बाहर शराब पी रहे लड़कों को टोंकने पर उसका विवाद हुआ था। गुस्साएं लड़कों ने अकेला पाकर पत्थर फेंकने के साथ डंडों से हमला कर उसको घायल कर दिया था। सांगानेर सदर थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव को SMS हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया है।गोविन्दपुरा के शिक्षा सागर कॉलोनी निवासी 28'वर्षीय संजू शर्मा की हत्या हुई है।जो पानी का टैंकर सप्लाई का काम करता था। घर के बाहर ही उसके भाई की एक दुकान है। मंगलवार रात को पड़ोस के खेत में शादी का प्रोग्राम चल रहा था। रात करीब 11 बजे दुकान के बाहर आधा दर्जन लड़के बैठकर शराब पी रहे थे। शराब पीने की बात को लेकर संजू के परिजनों ने उन्हें जाने को कहा। शराब पीने को टोंकने के चलते गुस्साएं लड़कों ने घर पर पत्थर फेंके। घर से बाहर निकलकर संजू उनको समझाने के लिए गया। इसी दौरान अकेला पाकर लड़कों ने झगड़ा कर हमला कर दिया। पत्थर से सिर फोड़ने के साथ डंडे से ताबड़तोड़ वार किए। लहूलुहान होकर रोड पर गिरने पर हमलावर वहां से फरार हो गए। परिजनों ने गंभीर हालत में उसे SMS हॉस्पिटल में एडमिट करवाया। इलाज के दौरान बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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मेडिकल कॉलेज दाखिले में फर्जी जाति-आवास प्रमाण पत्र पर CID से कड़ी जांच

Ranchi, Jharkhand:मेडिकल कॉलेज में दाखिले से जुड़े दस्तावेजों में कथित गड़बड़ी की जांच अब तेज हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की हरी झंडी मिलने के बाद सीआईडी ने जांच शुरू कर दी है। इसी कड़ी में जांच टीम रिम्स पहुंची, मामले पर स्वास्थ्य मंत्री ने साफ कहा है कि अगर किसी ने फर्जी जाति या आवासीय प्रमाण पत्र के आधार पर मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया है तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा。 रिम्स में पहुंची जांच टीम मेडिकल एडमिशन प्रक्रिया और उससे जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वयं इस मामले की जांच के लिए मुख्यमंत्री से आग्रह किया था, जिसके बाद जांच को मंजूरी दी गई। मंत्री इरफान अंसारी के अनुसार राज्य के निजी और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में हुई काउंसलिंग के दौरान कुछ मामलों में फर्जी जाति और स्थानीयता प्रमाण पत्र दिए जाने की आशंका सामने आई है। स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट कहा कि यदि किसी का जाति प्रमाण पत्र या आवासीय प्रमाण पत्र गलत पाया जाता है तो इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह मामला छात्रों के भविष्य से जुड़ा है और सरकार की नीति जीरो टॉलरेंस की है। इसलिए केवल रिम्स ही नहीं, बल्कि राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में जांच की जाएगी।
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