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क्यूल नदी के गड्ढों ने रिया की जान ली, खनन पर कार्रवाई की मांग उठी

Jamui, Bihar:जमुई में सावन माह की अंतिम सोमवारी पर भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना के लिए क्यूल नदी में स्नान करने पहुंचा एक परिवार उस वक्त मातम में डूब गया, जब बालू खनन के बाद बने गहरे गड्ढे ने 13 वर्षीय रिया कुमारी की जान ले ली। बेटी को डूबता देख मां और भाई उसे बचाने नदी में उतरे तो वे दोनों भी गहरे पानी में फंस गए। ग्रामीणों ने किसी तरह मां और बेटे को बचा लिया, लेकिन रिया को नहीं बचाया जा सका। करीब ढाई से तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद स्थानीय गोताखोरों की मदद से उसका शव बरामद किया गया। दरअसल, जमुई शहर से सटे क्यूल नदी के स्मारक घाट के पास बालू खनन के लिए टेंडर कराया गया था। स्थानीय ग्रामीणों کا आरोप ہے کہ खनन के दौरान निर्धारित मानकों की खुलेआम अनदेखी की गई और संवेदक द्वारा पोकलेन मशीन से नदी के अंदर मनमाने तरीके से खुदाई कराई गई। कहीं 15 फीट, कहीं 20 फीट तो कहीं करीब 30 फीट तक गहरे गड्ढे किए जाने का आरोप है। यही गड्ढे अब बरसात में पानी से लबालब होकर मौत के कुएं में तब्दील हो गए हैं। सोमवार को टाउन थाना क्षेत्र के सोनपे गांव निवासी सुधीर सिंह की पत्नी गीता देवी अपने 13 वर्षीय पुत्री रिया और 10 वर्षीय बेटे सिद्धार्थ के साथ सोमवारी व्रत को लेकर स्नान करने स्मारक घाट पहुंची थीं। स्नान के दौरान 13वर्षीय रिया अचानक गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। बेटी को बचाने के लिए गीता देवी और 10वर्षीय सिद्धार्थ भी पानी में उतर गए। दोनों भी डूबने लगे। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल नदी में छलांग लगाकर मां और बेटे को बाहर निकाल लिया, लेकिन रिया की जान नहीं बच सकी। बालू निकाला, गड्ढा छोड़ा और जिम्मेदारी भी छोड़ दी? सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर नदी से बालू निकालने के बाद गहरे गड्ढों को समतल करने की जिम्मेदारी किसकी थी? ग्रामीणों का कहना है कि खनन के बाद गड्ढों को समतल किया जाना चाहिए, लेकिन यहां कथित तौर पर बालू की आखिरी परत तक निकालकर नदी में गहरे गड्ढे छोड़ दिए गए। ग्रामीणों के आरोपों पर गौर करें तो खनन की यह मनमानी सिर्फ नदी के स्वरूप से खिलवाड़ नहीं, बल्कि बरसात के दिनों में लोगों की जान के साथ भी सीधा खिलवाड़ है। लिहाजा, रिया की मौत के बाद यह सवाल और गंभीर हो गया है कि अगर समय रहते इन गड्ढों को भर दिया जाता तो क्या आज एक परिवार अपनी 13 वर्षीय बेटी को खोने के गम में डूबा होता? स्थानीय लोगों ने खनन विभाग और संवेदक की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि मानक से अधिक खुदाई के बावजूद कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। पिता बोले- आज मेरी बेटी गई, कल किसी और की बारी न हो मृतका के पिता सुधीर सिंह ने कहा कि उनकी पत्नी दोनों बच्चों के साथ सोमवारी व्रत को लेकर नदी में स्नान करने गई थीं। बेटी गहरे पानी में चली गई तो उसे बचाने के लिए पत्नी और बेटा भी नदी में उतर गए। ग्रामीणों और गोताखोरों ने पत्नी और बेटे को बचा लिया, लेकिन बेटी रिया की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि नदी में खनन के बाद बने गड्ढों को तत्काल समतल कराया जाए और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो। आज उनके परिवार ने बेटी खोई है, लेकिन अगर यही स्थिति रही तो कल किसी दूसरे परिवार का घर उजड़ सकता है। मृतका की मां गीता देवी ने बताया कि रिया भी सोमवारी व्रत रखी थी। स्नान के दौरान वह अचानक गहरे पानी में चली गई। उसे बचाने के प्रयास में वह और उनका बेटा भी डूबने लगे। ग्रामीणों ने दोनों को बचा लिया, लेकिन बेटी की मौत हो गई। उन्होंने नदी में बने गड्ढों को भरवाने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। अधिकारी पहुंचे, कार्रवाई और मुआवजे का भरोसा हादसे के बाद मौके पर पहुंची मेडिकल टीम की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि चिकित्सक के बजाय एमटी को मौके पर भेजा गया था। आरोप है कि मौके पर बीपी जांच जैसी सामान्य चिकित्सा प्रक्रिया को लेकर भी परेशानी सामने आई। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की आपातकालीन व्यवस्था पर भी सवाल उठना लाजिमी है। फिलहाल, एक परिवार की 13 वर्षीय बेटी की मौत ने क्यूल नदी में बालू खनन की पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है। लिहाज़ा सवाल सिर्फ रिया की मौत का नहीं, बल्कि उन गहरे गड्ढों का है जिन्हें कथित तौर पर खनन के बाद यूं ही छोड़ दिया गया। अगर जिम्मेदार विभाग और संवेदक अब भी नहीं चेते तो नदी के ये गड्ढे आने वाले दिनों में किसी और परिवार के लिए मातम की वजह बन सकते हैं। बाइट: सौरभ कुमार, सदर अंचलाधिकारी बाइट: सुधीर सिंह, मृतका के पिता बाइट: गीता देवी, मृतका की मां बाइट: चंदन कुमार सिंह, स्थानीय गोताखोर
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गाजियाबाद के अस्पतालों में मरीजों की संख्या 3000 के करीब, डायरिया से बिगड़ रहा हाल

Ghaziabad, Uttar Pradesh:मौसम में बदलाव के बाद गाजियाबाद के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जहां रोजाना 2000 मरीज लगभग गाजियाबाद के एमएमजी अस्पताल में पहुंचते थे, उनकी तादाद 3000 तक पहुंच गई है। इस बढ़ती तादाद के कारण अस्पताल में बैड भी फुल चल रहे है। एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर राकेश कुमार ने बताया कि अस्पताल में डायरिया के मरीज सबसे ज्यादा आ रहा है। इनमें उल्टी, दस्त, बुखार आदि के लक्षण हैं। इनसे बचने के लिए स्ट्रीट फूड, जंक फूड, खुला हुआ खाना, रखा हुआ खाना नहीं खाना चाहिए। इन सभी चीजों का बचाव करना बहुत ज्यादा जरूरी है।
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नानूर में बमबाजी-तृणमूल पर आरोप; एक जिंदा बम बरामद

Noida, Uttar Pradesh:बीएग प्रकार: FLASH बीरभूम के नानूर में बीजेपी नेता के घर पर बमबाजी, पार्टी ऑफिस में आग और घर के सामने सफेद कफन व धमकी भरा पत्र रखने का आरोप तृणमूल पर। 1 जिंदा बम भी बरामद। बीरभूम के नानूर के तिलुटिया गांव में बीजेपी नेता के घर को निशाना बनाकर बमबाजी करने, बीजेपी के पार्टी ऑफिस में आग लगाने और घर के सामने सफेद कफन और धमकी भरा पत्र रख जाने का आरोप तृणमूल कांग्रेस पर लगा है। घटनास्थल से एक जिंदा बम भी बरामद हुआ है। आरोप है कि तिलुटी गांव में नानूर-1 मंडल के जनरल सेक्रेटरी रसमय दास के घर को निशाना बनाकर आज रात करीब 2 बजे बमबाजी की गई। इसके साथ ही बीजेपी के पार्टी ऑफिस में आग लगा दी गई और घर के सामने सफेद कफन और धमकी भरा पत्र रखा गया, ऐसा बीजेपी का आरोप है。 बीजेपी नेता का दावा है कि गांव में पीने के पानी की समस्या है। इसी कारण गांव वालों से चंदा इकट्ठा करके सबमर्सिबल के बिजली के बिल का भुगतान किया जाता था। आरोप है कि वह पैसा तृणमूल के कुछ नेताओं के पास था। बिजली का बिल चुकाने के लिए कहने पर कुछ दिन पहले बीजेपी समर्थक परिवारों के साथ तृणमूल नेताओं का झगड़ा हुआ था, ऐसा भी उनका दावा है。 इसके बाद ही देर रात यह हमला हुआ है, ऐसा बीजेपी का आरोप है। घटनास्थल पर पड़े एक बम के फटने से एक मछुआरा घायल हो गया है। बताया गया है कि तड़के गाड़ी लेकर तालाब में मछली पकड़ने आए उस व्यक्ति की चार-पहिया छोटा हाथी गाड़ी को घुमाते समय सड़क पर पड़ा एक बम गाड़ी के पहिये से टकरा गया और विस्फोट हो गया। विस्फोट से गाड़ी का टायर फट गया और वह व्यक्ति घायल हो गया। और सड़क किनारे से एक और जिंदा बम नानूर थाने की पुलिस ने बरामद किया है। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया है। खबर मिलते ही नानूर थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही है। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है。 आरोप है कि 2021 में भी इन परिवारों पर बड़े पैमाने पर अत्याचार, घर-गाड़ी में तोड़फोड़ और मारपीट की गई थी。
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निकाय चुनाव: कांग्रेस ने युवाओं को 50% टिकट देने की नीति का किया प्रचार

Didwana, Rajasthan:आगामी 9 और 11 सितंबर को होने वाले निकाय चुनाव को लेकर डीडवाना-कुचामन जिले में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कुचामन सिटी में कांग्रेस ने चुनावी तैयारियों का शंखनाद करते हुए बैठक आयोजित की, जिसमें बड़ी संख्या में टिकट के दावेदार, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। पूर्व विधायक एवं पूर्व उप मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी से टिकटार्थियों ने अपने समर्थकों के साथ मुलाकात कर दावेदारी पेश की। इस दौरान कांग्रेस के कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। मीडिया से बातचीत में महेंद्र चौधरी ने कहा कि इस बार टिकट वितरण में जनभावना को प्रमुख आधार बनाया जाएगा। कोर कमेटी, ऑब्जर्वर और को-ऑब्जर्वर की रिपोर्ट के आधार पर प्रत्याशियों का चयन होगा। उन्होंने युवाओं को प्राथमिकता देने और 50 प्रतिशत से अधिक टिकट युवाओं को देने की पार्टी की योजना भी बताई। महेंद्र चौधरी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ढाई साल के कार्यकाल में कोई उल्लेखनीय काम नहीं हुआ। कांग्रेस निकाय चुनाव में कानून व्यवस्था, महंगाई और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों को जनता के बीच लेकर जाएगी। वहीं कांग्रेस जल्द ही निकायवार घोषणा पत्र जारी करेगी, जिसमें क्षेत्र की जरूरतों, विकास की योजनाओं के साथ भाजपा सरकार की कथित नाकामियों को भी चुनावी मुद्दा बनाया जाएगा।
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गंगा का जलस्तर बढ़ा लोगो के घरों में पहुँचा बाढ़ का पानी

Kanpur, Uttar Pradesh:Unnao : शुक्लागंज में भी गंगा का जलस्तर 112.44 मीटर दर्ज किया गया है। शुक्लागंज के गोताखोर शाही नगर सैयद कंपाउंड कर्बला सहित अन्य क्षेत्रों में गंगा का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए है। काफी लोग तो अपने घरों को छोड़कर पलायन को मजबूर है। हालांकि जिला प्रशासन द्वारा लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी की जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा लोगों को राशन वितरण किया जा रहा है। लोगो का कहना है कि कुछ ऐसेवभी क्षेत्र जहां तक अभी राशन वितरण नहीं हुआ है नाव की सुविधा उपलब्ध है। हालांकि बाद लगातार जिला प्रशासन निगाह बनाए रख्खे हुए है। वहीं गंगा बैराज से डाउनस्ट्रीम की ओर 3,18,870 क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। इससे आने वाले समय में नदी के जलस्तर में और बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है। जलस्तर बढ़ने के पीछे ऊपरी क्षेत्रों से लगातार हो रही पानी की आवक को प्रमुख कारण माना जा रहा है। नरौरा बैराज से करीब 1.28 लाख क्यूसेक तथा हरिद्वार से 77,591 क्यूसेक पानी आने की जानकारी है। सरकारी सिंचाई विभाग के आंकड़ों में भी हरिद्वार और नरौरा से बड़ी मात्रा में पानी की आवक दर्ज की गई है। उन्नाव जिलाप्रशासन की नजर जलस्तर पर बनी हुई है। नदी किनारे रहने वाले लोगों से अपील है कि वे बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए गंगा के किनारे जाने से बचें और प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों का पालन करें।
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Porbandar जिले में NH-27 और NH-51 के अतिक्रमणों पर बड़ा डिमोलिशन अभियान

Porbandar, Gujarat:પોરબંદર જીલ્લામાં નેશનલ હાઇવેનું મેગા ડિમોલિશન નેશનલ હાઇવે પર ગેરકાયદેસર ખડકાયેલા દબાણો પર ફરી વળ્યા બુલડોઝર NH-27 અને NH-51 પર થયેલ ગેરકાયદેસર દબાણો દુર કરવા હાથ ધરાઇ કાર્યવાહી પોરબંદર-દ્વારકા હાઇવે પર આવેલ મિંયાણી ગામ તેમજ પોરબંદર-રાજકોટ હાઇવે પર ડાડુકા ગામે મોટી કાર્યવાહી ચુસ્ત પોલીસ બંદોબસ્ત સાથે તંત્રના સહયોગથી હાઇવે ઓથોરીટી દ્વારા હાથ ધરાઇ કાર્યવાહી હાઇવે પરના તમામ અનધિકૃત બાંધકામો,મિડિયન ગેપ અને પ્રવેશ માર્ગો તોડી પડાશે હોટેલ,પેટ્રોલ પંપ કે ઔદ્યોગિક એકમોના મંજૂરી વિનાના રસ્તાઓ પણ બંધ કરાશે સ્વેચ्छાએ દબાણો દૂર નહીં કરનાર સામે કાયદેસરની કાર્યવાહી થશે અને ડિમોલિશનનો તમામ ખર્ચ પણ દબાણકર્તા પાસેથી જ વસૂલવામાં આવશે બંને હાઇવે પરના તમામ દબાણો દૂર નહીં થાય ત્યાં સુધી કાર્યવાહી ચાલુ રહેશે
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बरसाना के विंगिस्टन होटल में मांगलिक कार्यक्रम में मारपीट, खाने में देरी से हुआ हंगामा

Mathura, Uttar Pradesh:बरसाना के विंगिस्टन होटल में जमकर हंगामा, खाना देर से देने पर विवाद के बाद होटल कर्मियों और बरतियों में मारपीट मथुरा। तीर्थनगरी बरसाना स्थित विंगिस्टन होटल में एक मांगलिक कार्यक्रम के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब होटल कर्मचारियों और शादी समारोह में शामिल होने आए लड़का पक्ष (वर पक्ष) के लोगों के बीच हिंसक झड़प हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में जमकर लात-घूंसे और लाठियां चलीं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पीड़ित लड़का पक्ष का आरोप है कि होटल प्रबंधन की ओर से सेवाओं में भारी लापरवाही बरती गई। सुबह के नाश्ते और खाने के इंतजाम में भारी देरी की गई और दोपहर तक का खाना शाम को परोसा गया। जब परिजनों और मेहमानों ने इस बदइंतजामी का विरोध जताया, तो होटल कर्मचारी कहासुनी करने लगे। आरोप है कि बात बढ़ने पर होटल के कर्मचारियों ने न केवल अभद्रता की, बल्कि बच्चों और महिलाओं के सामने ही परिवार के सदस्यों पर हमला बोल दिया। इस मारपीट में कई लोगों को चोटें आईं और बच्चों के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। वहीं, दूसरी ओर होटल प्रबंधन ने आरोपों को नकारते हुए वर पक्ष पर ही अभद्रता और माहौल खराब करने का दावा किया है। विवाद के दौरान होटल परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और मेहमान खुद को बचाते नजर आए। हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति पर काबू पाकर माहौल को शांत कराया। दोनों पक्षों से घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। पीड़ितों की तहरीर के आधार पर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। तीर्थनगरी के नामी होटल में हुई इस घटना ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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