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SJSantosh JaiswalFollow18 Jun 2024, 07:42 am
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डभरा में 70 जोड़ों का सामूहिक विवाह, 36 हजार रुपये DBT सहायता

Sakti, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला सक्ती द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत डभरा विकासखंड के ग्राम जवाली में 70 जोड़ों का सामूहिक विवाह सम्पन्न कराया गया। कार्यक्रम में नवविवाहित जोड़ों को शासन की ओर से प्रति जोड़ा 36 हजार रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में प्रदान की गई। साथ ही विभाग द्वारा वर-वधु को वैवाहिक वस्त्र, श्रृंगार सामग्री का बॉक्स एवं मंगलसूत्र भी भेंट किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी सुधाकर बोदले ने बताया कि मुख्यमंत्री कन्याविवाह योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की कन्याओं के विवाह में सहयोग प्रदान करना तथा सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने नवदम्पत्तियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखमय दांपत्य जीवन की कामना की है,
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रीवा दंगे के 3 आरोपी सूरत SOG ने गिरफ्तार, रीवा पुलिस को सौंपे जाएंगे

Surat, Gujarat:सूरत SOG ने रीवा दंगे और हत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। मध्य प्रदेश के रीवा ज़िले में हुए सांप्रदायिक झगड़े और हत्या के मामले में फरार चल रहे 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अदालत द्वारा फरार घोषित किए गए इन आरोपियों को सूरत के अडाजन इलाके से पकड़ा गया। ये आरोपी सूरत मेट्रो प्रोजेक्ट में प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम कर रहे थे। जानकारी मिलने के बाद सूरत शहर SOG ने निगरानी रखी और एक ऑपरेशन शुरू किया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम आकाश सिंह, सत्यम सिंह और अजीत सिंह राजपूत हैं। ये तीनों आरोपी मूल रूप से मध्य प्रदेश के रीवा ज़िले के रहने वाले थे। 1 जनवरी, 2026 को मेले में झालरों (रोशनी की सजावट) को लेकर दो समुदायों के बीच झगड़ा हुआ था, और 27 जनवरी को, उसी झगड़े की रंजिश के चलते एक युवक पर जानलेवा हमला किया गया। लाठियों और डंडों से पीटे जाने के बाद युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। अस्पताल में इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। इस घटना के बाद रीवा ज़िले में तनाव फैल गया और एक SIT का गठन किया गया। आरोपियों की तलाश में 100 से ज़्यादा पुलिसकर्मी शामिल हुए। सूरत SOG की पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। अब इन तीनों आरोपियों को कानूनी कार्रवाई के लिए रीवा पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा.
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धौलपुर पुलिस ने ए श्रेणी नाकाबंदी में 900 वाहन चेक, 169 चालानों की कार्रवाई

Dholpur, Rajasthan:धौलपुर पुलिस ने ‘ए’ श्रेणी की नाकाबन्दी कर संदिग्ध वाहनों एवं व्यक्तियों की गहनता से की गई चैकिंग नाकाबंदी के दौरान जिले भर में करीब 900 वाहनों को किया गया चैक, नाकाबंदी के दौरान 169 वाहन चालकों के विरुद्ध की गई कार्रवाई। जिला पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन में आगामी त्यौहारों एवं जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति को और अधिक मजबूत करने एवं अपराधियों एवं आपराधिक गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए जिलें में “ए” श्रेणी की प्रभावी नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहनों एवं व्यक्तियों की गहन चैकिंग कर नियमानुसार कार्यवाही कराई गई शवैभव शर्मा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धौलपुर के निर्देशन में समस्त वृताधिकारीगण जिला धौलपुर व समस्त थानाधिकारीगणो के नेतृत्व में जिले में “ए” श्रेणी की नाकाबंदी कर प्रभावी एवं सुनियोजित कार्यवाही की गई। नाकाबंदी के दौरान सभी संदिग्ध वाहनों की गहन तलाशी ली गई, इस दौरान जिले भर में 359 दुपहिया व 522 चौपहिया वाहनों सहित कुल 881 वाहनों को चैक किया गया, वाहन चालकों के दस्तावेजों की जांच की गई एवं सवार व्यक्तियों की पहचान का सत्यापन किया गया। जिले भर में की गई नाकाबंदी के दौरान जो वाहन MV Act का उल्लंघन कर रहे थे उनके विरुद्ध प्रत्यावर्तन की कार्रवाई की गई है। नाकाबंदी के दौरान 29 बिना हेलमेट वाहन चलाने वालो के खिलाफ, 81 बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने वालो के खिलाफ, 01 वाहन चलाते समय मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वाले के खिलाफ, 14 बिना नंबर प्लेट पाये जाने वाले वाहनों के विरुद्ध, 05 काली फिल्म के शीशे पाये जाने वाले वाहनों के विरुद्ध एवं 39 अन्य MV Act की कार्रवाई सहित कुल 169 प्रत्यावर्तन की कार्रवाई की गई है अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एडीएफ मुख्यालय बाड़ी कमल कुमार जांगिड़ के सुपरविजन में जिले के वृताधिकारी गणों द्वारा अपने अपने इलाकों में पुलिस थानों द्वारा की जा रही नाकाबंदी का औचक निरीक्षण किया गया। नाकाबंदी के दौरान राजकाॅप ऐप के माध्यम से वाहनों के पंजीकरण व स्वामित्व की त्वरित पुष्टि की गई। किसी भी बीमार, महिला अथवा senior citizen को अनावश्यक असुविधा न हो, इसका पूरा ध्यान रखा गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा ने बताया है कि जिले में आमजन की सुरक्षा एवं अपराधियों एवं असामाजिक तत्वों की धरपकड़ के लिए धौलपुर पुलिस पूरी तरह मुस्तैदी से जुटी हुई है
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ग्वालियर की स्मार्ट रोड धंसी: निर्माण-रखरखाव पर सवाल, अधिकारी संभालेंगे कड़ाई

Morena, Madhya Pradesh:ग्वालियर शहर की स्मार्ट रोड में गहरा गड्ढा हो जाने का मामला सामने आया है। एक बार फिर ग्वालियर शहर की सड़क और उनके निर्माण के साथ रख रखाव पर सवाल उठे हैं। शहर की सड़कों की बदहाली को नगरीय प्रशासन विभाग के ACS संजय दुबे ने भी स्वीकार किया है। दरअसल महांदरे की माता से महल गेट की ओर जाने वाली सड़क का निर्माण स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत हुआ है, इसलिए इसे शहर की स्मार्ट रोड भी कहा जाता है, लेकिन gazra राजा मेडिकल कॉलेज के सामने यह धसक गयी। गड्ढा सड़क के फुटपाथ के पास हुआ। गड्ढे में झांकने पर वह अंदर से सुरंग की तरह नजर आया। हैरानी इस बात की भी देखने के लिए मिली कि गड्ढा होने पर कोई बेरिकेड्स नही लगाए गए और न ही इसकी किसी जिम्मेदार ने सुध ली। पास में ही हाथ ठेला लगाने वाले व्यक्ति द्वारा बताया गया कि सड़क के नीचे से गुजरी पानी की लाइन को ठीक करने बड़ा गड्ढा किया गया था, उसके बाद साधा पत्थर के टुकड़ों को इसमे भर दिया गया। सड़क अंदर से खोखली है, जिसके चलते यह धस गयी, वहीं आम लोगो ने भी शहरी सड़कों को लेकर जिम्मेदारों पर नाराजगी जाहिर की है। दरअसल शहर की बदहाल सड़को पर नगरीय प्रशासन विभाग के ACS संजय दुबे का भी बयान सामने आया है। उनका कहना है कि यह गलती साफ देखने मिल रही है कि सड़कों के निर्माण के दौरान कम्पैक्शन का ध्यान नहीं रखा जा रहा है, जिसके चलते जमीन में पानी Enter होते ही यह धस जाती है, ऐसे में आम जनता परेशान होती है। लिहाजा अधिकारियों के साथ ही निर्माण एजेंसीयो को भी सख्त हिदायत दी गयी है कि भविष्य में ऐसे निर्माण न किये जाए। इसके साथ ही ऐसी रोडों को चिन्हित भी किया जा रहा है ताकि एक्शन लिया जा सके.
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टोंक दतवास थाने के ASI गणेश नारायण चौधरी 25 हजार रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार

Tonk, Rajasthan:टोंक में दतवास थाने का ASI 25 हजार की रिश्वत लेते हुआ गिरिफ्तार । जयपुर से आई ACB टीम ने दिया कार्यवाही को अंजाम । दतवास थाने में तैनात ASI गणेश नारायण चौधरी को थाने में दर्ज एक परिवाद मामले में परिवादी से मोबाईल वापस लौटाने ओर मामले में मदद के नाम पर 25 हजार की रिश्वत मांगना उस समय भारी पड़ गया जब परिवादी की शिकायत के बाद जयपुर से आई एसीबी की टीम ने जाल बिछाकर पहले परिवादी की शिकायत का सत्यापन करवाया और सत्यापन के बाद परिवादी से जैसे ही ASI ने 25 हजार की रिश्वत राशि ली पहले से जाल बिछाए बैठी एसीबी की टीम ने रिश्वत लेने के आरोप में ASI गणेश नारायण चौधरी को गिरिफ्तार कर लिया । जयपुर की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो टीम ने शुक्रवार को एक शिकायत पर टोंक जिले के दतवास थाने में पद स्थापित एएसआई को 25 रूपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है जहां एसीबी ने एएसआई के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जहां एसीबी जयपुर नगर तृतीय के एएसपी ज्ञान प्रकाश नवल ने कहा कि टोंक जिले की दतवास थाना क्षेत्र में पदस्थापित एएसआई गणेश नारायण चौधरी द्वारा परीवादी से पुलिस थाना दतवास में दर्ज एक प्रकरण में मदद करने व पुलिस द्वारा जप्त किए गए मोबाइल लौटने की एवज में परिवादी द्वारा आरोपी एएसआई ने 25000 रिश्वत की मांग की जिस पर एसीबी टीम ने शिकायत के सत्यापन करवाने के बाद शुक्रवार को जयपुर से एसीबी टीम टोंक जिले की दतवास पहुंची वहां थाने में पदस्थापित एएसआई गणेश नारायण चौधरी को परिवादी द्वारा 25000 रूपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है वहीं एसीबी टीम आरोपी गणेश नारायण चौधरी से पूछता करने के साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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रतलाम: मानसून से पहले SDRF-होमगार्ड ने तैराकी-नावचालन प्रशिक्षण शुरू किया

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम जिले में हर वर्ष मानसून के दौरान कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनती है। कई बार तेज बारिश के चलते लोग पानी के बीच फंस जाते हैं, ऐसे समय में जिला आपदा प्रबंधन और एसडीआरएफ की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण हो जाती है। आपातकालीन परिस्थितियों में सिर्फ संसाधन ही नहीं, बल्कि प्रशिक्षित जवानों की भी बेहद जरूरत होती है。 रतलाम की आपदा प्रबंधन टीम जिला होमगार्ड कार्यालय से संचालित होती है, जहां एसडीआरएफ टीम के साथ होमगार्ड जवानों को भी समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाता है। जिले में राहत और बचाव कार्यों के लिए जरूरी उपकरण तो उपलब्ध हैं, लेकिन सबसे बड़ी कमी प्रशिक्षित गोताखोरों की सामने आती रही है। जब किसी व्यक्ति के पानी में डूबने की घटना होती है, तब गहरे पानी में ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ उतरकर त्वरित खोज अभियान चलाने के लिए विशेषज्ञ गोताखोरों की आवश्यकता होती है। प्रशिक्षित गोताखोर नहीं होने से कई बार रेस्क्यू ऑपरेशन दो-दो, तीन-तीन दिन तक चलता है, और कुछ मामलों में इससे भी ज्यादा समय लग जाता है। इतना ही नहीं, यदि बचाव अभियान के दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर खाली हो जाएं तो उन्हें रिफिल कराने के लिए अन्य जिलों पर निर्भर रहना पड़ता है, क्योंकि स्थानीय स्तर पर जरूरी नोजल उपलब्ध नहीं हैं। वहीं गोताखोरों की कमी के चलते कई बार उज्जैन या इंदौर से एसडीआरएफ टीम बुलानी पड़ती है, जिससे बहुमूल्य समय खर्च होता है। इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन भोपाल और संभागीय मुख्यालय उज्जैन के निर्देश पर आगामी मानसून सत्र को ध्यान में रखते हुए रतलाम के जामड़ तालाब में विशेष प्रशिक्षण शिविर शुरू किया गया है। इस प्रशिक्षण शिविर में होमगार्ड और एसडीआरएफ जवानों को तैराकी शुरू करने से पहले आवश्यक एक्सरसाइज कराई गई। इसके बाद जिला प्लाटून कमांडर ज्योति बघेल ने जवानों को स्विमिंग अभ्यास और बोट हैंडलिंग का सघन प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान बोट संचालन, तेज बहाव में संतुलन, बचाव कार्यों के दौरान नाव को स्थिर रखने की तकनीक और स्वयं की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष अभ्यास कराया गया। उम्मीद है कि मानसून से पहले यह प्रशिक्षण जिले की आपदा प्रबंधन क्षमता को और मजबूत करेगा।
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ग्वालियर में चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर-एजेंट के खिलाफ महिला ने FIR दर्ज कराया

Morena, Madhya Pradesh:चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर और एजेंट पर ग्वालियर के मुरार थाने में एफआइआर दर्ज हुई है। एफआइआर एक महिला की शिकायत पर हुई है। मुरार थाना क्षेत्र के अंतर्गत चिक संतर की रहने वाली रेखा पत्नी रामकिशन शर्मा की मुलाकात कुछ समय पहले मुकेश अग्रवाल से हुई थी। मुकेश अग्रवाल चिटफंड कंपनी का एजेंट था। उसने इन्हें झांसा दिया कि अगर वह एकमुश्त रकम कंपनी में जमा करेंगी। उन्हें महज चार साल में ही दोगुनी रकम वापस मिलेगी। 2020 में उनकी बांड की अवधि पूरी हो गई। तब से अब तक वह रुपये के लिए भटक रहीं हैं। छह साल बाद भी उन्हें दोगुनी रकम मिलना तो दूर मूल रकम तक डूब गई। इसकी शिकायत मुरार थाने में की। मुरार थाना पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर ली है。
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IPL घोटाले का दामन: भाटी की गिरफ्तारी के बाद जयपुर में सुरक्षा पर उठे सवाल

Jaipur, Rajasthan:Jaipur जयपुर में हो रहे IPL मैचों से जुड़ी खबर आईपीएल आयोजन में सट्टे -जुआ में गिरफ़्तार लोग निभा रहे अहम जिम्मेदारी ऐसी क्या मजबूरी राजस्थान रॉयल्स मैनेजमेंट की! जोधपुर जिला क्रिकेट संघ कोषाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भाटी हुए थे जोधपुर में गिरफ़्तार एक फार्म हाउस से जोधपुर की बोरानाडा थाना पुलिस ने किया था जुआ -सट्टेबाजी में गिरफ़्तार अब SMS स्टेडियम में IPL मैच के दौरान, टीम प्रैक्टिस के दौरान बीच ग्राउंड तक मौजूद रहते है भूपेंद्र सिंह भाटी राजस्थान रॉयल्स के वाईस प्रेसिडेंट राजीव खन्ना के साथ भी देखे जाते है अक्सर भूपेंद्र सिंह भाटी सवाल ये कि संदिग्ध और आपराधिक रिकॉर्ड वाला व्यक्ति कैसे पहुंच सकता है अंतर्राष्ट्रीय खिलाडियों के बीच में जबकि खिलाडियों और सपोर्ट स्टाफ की सुरक्षा क़ो लेकर बीसीसीआई ने बनाए है सख्त नियम लागू BCCI की एंटी करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट की रडार पर अक्सर रहते है ऐसे विषय कई मैचों के दौरान टीम के डगआउट, होटल और टीम बस में ऐसे लोग देखे गए, जिन्हें वहां रहने की नहीं थी अनुमति यह है सीधा सीधा प्रोटोकॉल उल्लंगन सवाल ये कि आखिर भूपेंद्र सिंह भाटी क़ो किसके कहने पर दी गई है इतनी अहम जिम्मेदारी? किसने एक्रीडेशन कार्ड बनाया भूपेंद्र सिंह भाटी का जिसे गले में पहनकर ग्राउंड में खिलाड़ियों के बीच पहुंच जाते है भूपेंद्र वीआईपी एरिया में भी पहुंच रहती है इनकी बीसीसीआई IPL की साख को लेकर हमेशा रहा है संवेदनशील 2013 के स्पॉट फिक्सिंग मामले के बाद एंटी करप्शन यूनिट की भूमिका हो गई बेहद महत्वपूर्ण लेकिन जयपुर में IPL आयोजन में सबकुछ दरकिनार करके भूपेंद्र सिंह भाटी क़ो किसने दी इतनी अहम जिम्मेदारी इस पर बड़े सवाल
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नावा में दिनदहाड़े चोरों ने लाखों की चोरी से शहर में दहशत फैलायी

Nagaur, Rajasthan:दिनदहाड़े लाखों की चोरी से नावा में दहशत स्कूल से लौटी पुत्री को चला घटना का पता पुलिस व FSL टीम जुटी जांच में, पुरानी चोरी की बड़ी वारदातें भी अनसुलझी शहर के वार्ड नम्बर 2 के मालियों की ढाणी में हुई चोरी की घटना शहर के वार्ड नम्बर दो के मालियों की ढाणी में दिनदहाड़े हुई लाखों रुपए की चोरी की वारदात से क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है। चोरों ने बड़ी सफाई से मुख्य गेट का ताला तोड़कर घर में प्रवेश किया और कमरों में रखी आलमारियों व संदूकों को खंगालते हुए लाखों रुपए की नकदी, सोने-चांदी के जेवरात, टीवी LED, जमीनों के कागजात व LIC बांड सहित जरूरी दस्तावेज तथा बड़ा म्यूजिक सिस्टम चोरी कर ले गए। वारदात मुख्य सड़क किनारे स्थित मकान में होने से लोगों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार मकान मालिक राजकुमार चौधरी पुत्र मूलाराम सुबह करीब 11:30 बजे अपनी पत्नी को चिकित्सकीय परामर्श के लिए कुचामन अस्पताल लेकर गए हुए थे। उस समय घर पर कोई मौजूद नहीं था। दोपहर करीब 1 बजे स्कूल से घर पहुंची उनकी पुत्री ने घर के ताले टूटे और सामान बिखरा देखा, जिसके बाद चोरी की घटना का खुलासा हुआ। सूचना मिलते ही नावा पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटना की सूचना पर नावा पुलिस के साथ डीडवाना से एफएसएल टीम भी। मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगालने के साथ पड़ोसियों से पूछताछ कर रही है। गौरतलब है कि गत वर्ष भी इसी स्थान से करीब 200 मीटर दूर दिनदहाड़े लाखों की चोरी हुई थी, जिसका खुलासा आज तक नहीं हो पाया। वहीं टंकी की ढाणी क्षेत्र में हुई बड़ी चोरी की वारदात भी अब तक अनसुलझी है, जिससे लोगों में पुलिस कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी बढ़ रही है।
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