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8 साल बाद पिता के लौटने की गुहार: दीपिका ने पीएम-सीएम को लिखा, सरकार से मदद की मांग

barahat, Uttarkashi, Uttarakhand:8 साल से पिता के लौटने का इंतजार, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से गुहार उत्तरकाशी: इंद्रमणि नौटियाल, गोरसाड़ा, विकासखंड डुंडा के निवासी, 2018 में सऊदी अरब रोजगार के लिए गए थे और 8 साल बाद भी वापस नहीं लौटे हैं। पूरा परिवार और बेटी दीपिका पिता के आने का इंतजार पिछले 8 सालों से कर रहे हैं। इंद्रमणि नौटियाल सऊदी अरब में ट्रक चालक के तौर पर काम करते थे और 2019 में एक दुर्घटना हो गई जिससे उन्हें एक वर्ष की सजा मिली। बताया जा रहा है कि ट्रक का इंश्योरेंस नहीं था, जिससे सजा हुई। दीपिका ने बताया कि उनके पिता जिस कंपनी में काम करते हैं, उनके मालिक उनके साथ गलत व्यवहार कर रहे हैं और उनका पासपोर्ट जप्त है तथा उनसे बंधुआ मजदूरों की तरह काम करवाया जा रहा है। पूरा परिवार इंद्रमणि नौटियाल के सहारे पर है और घर में कमाने वाला कोई नहीं है। पिता की वतन वापसी के लिए दीपिका और उनके परिजन दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं और गुहार लगा रहे हैं कि उनके पिता सकुशल वापस लौटे। पिछले 8 साल से उनके परिवार ने इंद्रमणि नौटियाल को नहीं देखा है; अब देखना होगा कि भारत सरकार और राज्य सरकार इंद्रमणि नौटियाल की वापसी के लिए क्या कार्रवाई करती है। बाइट — दीपिका नौटियाल, बेटी
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कश्मीर की आयरन लेडी बिलकिस आरा: खून डोनेशन से अनगिनत जानें बचाईं

Srinagar, Uttarakhand:कश्मीर की ‘आयरन लेडी ऑफ़ रेड ड्रॉप्स’: बिलकिस आरा के 41 ब्लड डोनेशन ने अनगिनत जानें बचाई हैंl नॉर्थ कश्मीर के एक छोटे से गाँव में एक ऐसी महिला रहती है जिसकी हिम्मत उतनी ही गहरी है जितनी उसकी दया। उनका नाम बिलकिस आरा है, जो एक ASHA वर्कर, एक माँ और इंसानियत की सच्ची मिसाल हैं, जिन्होंने चुपचाप यह फिर से लिखा है कि जान बचाने का क्या मतलब है। अब तक, उन्होंने 45 बार खून डोनेट किया है, हर पिंट अपने साथ बिना किसी स्वार्थ, हिम्मत और देने की ताकत में भरोसे की कहानी लेकर आयी है। बिलकिस का ब्लड डोनर के तौर पर सफ़र किसी कैंपेन या अवेयरनेस ड्राइव से नहीं, बल्कि पर्सनल मुश्किल के एक पल से शुरू हुआ था। 2012 में, उनकी कज़िन को – बच्चे को जन्म देने के बाद – गंभीर दिक्कतें हुईं और उन्हें श्रीनगर के LD हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया। बिलकिस याद करती हैं, “डॉक्टरों ने हमें उनके लिए खून का इंतज़ाम करने को कहा।” “जब मैं वहाँ इंतज़ार कर रही थीं, तो मैंने दूसरे मरीज़ों को भी इसी के लिए जूझते देखा। उस पल ने मेरी सोच बदल दी। मैंने तय किया कि एक बार ठीक हो जाने के बाद, मैं खून डोनेट करूँगी और उन लोगों की मदद करूँगी जो ऐसी लाचारी का सामना करते हैं।” उन्होंने अपना वादा निभाया। उस साल उनका पहला डोनेशन हुआ, एक ऐसा काम जिसने दया और हिम्मत के उनके ज़िंदगी भर के मिशन को आकार दिया। अपनी लगातार वकालत के बावजूद, बिलकिस को दुख है कि ब्लड डोनेशन को लेकर गलतफहमियां बनी हुई हैं, खासकर महिलाओं में। वह पूरे कॉन्फिडैंस के साथ कहती हैं, “बहुत से लोग अब भी मानते हैं कि ब्लड डोनेट करने से आप कमजोर हो जाते हैं। लेकिन डॉक्टर साफ कहते हैं कि हर चार महीने में सुरक्षित रूप से ब्लड डोनेट किया जा सकता है। मैं यह सालों से कर रही हूं, और मैं खुद को ज्यादा हेल्दी और मजबूत महसूस करती हूं。” ASHA वर्कर के तौर पर काम करते हुए, बिलकिस को अक्सर डिलीवरी के समय परेशान औरतें मिलती हैं — जिनमें से कुछ को तुरंत ब्लड ट्रांसफ्यूजन की ज़रूरत होती है। वह कहती हैं, “यह देखकर बहुत दुख होता है कि कभी-कभी उनके अपने परिवार वाले भी डोनेट करने से मना कर देते हैं। वे इसे बाहर से अरेंज करना पसंद करते हैं, जिससे इलाज में देर होती है और जान जोखिम में पड़ जाती है।” “हमें यह सोच बदलने की ज़रूरत है। ब्लड डोनेशन को एक ड्यूटी के तौर पर देखा जाना चाहिए, एहसान के तौर पर नहीं।”
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वाराणसी दर्शन के बाद लौट रहे युवक पर बदमाशों ने गोली चलाई, मौत

Faridabad, Haryana:फर्रukhाबाद में नेशनल हाईवे पर उस समय सनसनी फैल गई जब देर रात वाराणसी से दर्शन कर परिवार के साथ लौट रहे एक युवक की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। युवक अपनी पत्नी और बच्चे के साथ हाईवे किनारे एक दुकान पर कोल्ड ड्रिंक और चिप्स लेने के लिए रुका था। तभी कार सवार बदमाशों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। दो गोलियां लगने से युवक की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है फर्रुखाबाद के कादरीगेट थाना क्षेत्र में रविवार रात करीब 9 बजे हुई इस वारदात ने इलाके में दहशत फैला दी। फरीदाबाद के दयालपुर निवासी 32 वर्षीय अरुण हुड्डा अपनी पत्नी राखी और बच्चे के साथ कार से वाराणसी दर्शन के लिए गए थे। रविवार को परिवार के साथ वापस लौटते समय वह पांचाल घाट के पास एक किराना दुकान पर रुके। जब म्रतक अरुण ने दुकान से कोल्ड ड्रिंक, चिप्स और पानी की बोतल खरीदी। वह कोल्ड ड्रिंक खोलकर उसमें नमक डाल रहे थे और अपनी पत्नी को देने ही वाले थे कि तभी एक सफेद रंग की कार वहाँ आकर रुकी। कार से उतरे बदमाशों ने अचानक अरुण पर फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी में अरुण को दो गोलियां लगीं और वह मौके पर ही गिर पड़े। पत्नी और बच्चे के सामने हुई इस घटना से वहां अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही इलाकाई पुलिस बल व अधिकारी मौके पर पहुचे और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को लोहिया अस्पताल भेजा, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर शव को मोर्चरी में रखवा दिया। घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है और डीवीआर को कब्जे में लेकर अहम सुराग जुटाए जा रहे हैं। वहीं इस घटना पर पुलिस अधिकारी आरती सिंह ने बताया कि 112 पर सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति की अज्ञात लोगों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई है। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि मृतक वाराणसी से अपने घर फरीदाबाद लौट रहा था। दुकान पर सामान खरीदने के दौरान दो युवकों ने उस पर फायरिंग की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों से पूछताछ की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज से कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में लगाई गई हैं और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है। अब देखना होगा कि पुलिस इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा कब तक कर पाती है।
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जालौन के उरई बस स्टैंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है,

AdityaAdityaFollow1m ago
Orai, Uttar Pradesh:जालौन के उरई बस स्टैंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने कानून-व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में कथित तौर पर गाली-गलौज, धमकी और विवाद जैसी स्थिति दिखाई दे रही है। यह सब ऐसे स्थान पर बताया जा रहा है, जहां से रोज हजारों यात्री सफर करते हैं और पास में पुलिस चौकी भी मौजूद है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम होते ही बस स्टैंड पर प्राइवेट ट्रैवल्स की बसों का जमावड़ा लग जाता है। सड़क के दोनों ओर बसें खड़ी होने से अक्सर जाम की स्थिति बनती है, जिससे आम लोगों, ई-रिक्शा चालकों, बाइक सवारों और एंबुलेंस तक को परेशानी होती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर यह भी दावा किया जा रहा है कि एक मंदिर और उसके महंत का नाम लेकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, इन दावों और वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जांच संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है।
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रेवाड़ी की शर्मिला धनखड़ ने कॉमनवेल्थ गोल्ड से इतिहास रचा

Rewari, Haryana:रेवाड़ी की शर्मिला धनखड़ ने रचा स्वर्णिम इतिहास…कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतकर पूरी दुनिया में लहराया तिरंगा….महिला पैरा शॉटपुट F57 मे 9.81 मीटर का सीजन बेस्ट प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया.....2 साल की उम्र में पोलियो,लेकिन हौसले कभी कमजोर नहीं पड़े... 26 साल की उम्र में टूटा परिवार, लेकिन नहीं टूटा आत्मविश्वास….नौकारी गई... घर तक बेचना पड़ा,फिर भी सपना नहीं छोड़ा….2018 में हरियाणा रोडवेज में राज्य की पहली महिला कंडक्टर बनने का गौरव मिला...हार से सीख,फिर जीत की उड़ान….बेटियां भी बढ़ा रही हैं मां का गौरव…
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सोम नदी में युवक डूबा: सर्च ऑपरेशन के तीसरे दिन शव मिला

Dungarpur, Rajasthan:जिला डूंगरपुर विधानसभा आसपुर अखिलेश शर्मा लोकेशन आसपुर सोम नदी में युवक के डूबने का मामला, सर्च ऑपरेशन के बाद तीसरे दिन मिला शव डूंगरपुर जिले के आसपुर थाना क्षेत्र के सड़ा खुदरड़ा गांव में सोम नदी से भैंसों को निकलते समय डूबे युवक का तीसरे दिन जाकर शव मिला। एसडीआरएफ की ओर चलाए गए सर्च ऑपरेशन के बाद मिले शव को पुलिस ने आसपुर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। वही पुलिस मामले की जांच में जुटी है। मामले के अनुसार सड़ा खुदरड़ा निवासी 40 वर्षीय राइया मीणा की भैंसे जो सोम नदी में विचरण कर रही थी जिसे रविवार दोपहर को अपनी भैंसों को सोम नदी से निकालने का प्रयास कर रहा था कि अचानक पैर फिसलने से सोम नदी में गिर गया था। ग्रामीणों ने कई प्रयास किए पर नहीं मिला। बाद पुलिस ने डुंगरपुर से सिविल डिफेंस व एसडीआरएफ टीम को सूचना दी। सोमवार को 13 सदस्य की टीम कमांडर हेड कांस्टेबल शिवराज व सिविल डिफेंस टीम के रवि परमार के नेतृत्व में मौके पर पहुंची, लेकिन देर शाम तक कोई सुराग नहीं लग पाने और अंधेरा होने से आसपुर रुकी और आज सवेरे 7 बजे टीम ने वापस सर्च ऑपरेशन शुरू किया और शव को नदी से बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस ने शव को मौके से उठवाकर आसपुर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। इधर युवक की मौत के बाद उसके दो बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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कॉर्बेट झिरना रेंज में अकेले हाथी शावक का रेस्क्यू, मां से मिलने की कोशिश

Noida, Uttar Pradesh:कॉर्बेट के झिरना रेंज में वनकर्मियों को गश्त के दौरान एक नन्हा हाथी का बच्चा अकेला मिला, हाथी के बच्चे के आसपास हाथियों का कोई झुंड नजर नहीं आया, जिसके बाद वन विभाग के अधिकारियों को तत्काल इसकी सूचना दी गई, वन विभाग की टीम ने पूरे दिन हाथी के बच्चे को उसके मूल झुंड से मिलाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिलने के बाद उसे रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है, फिलहाल हाथी के बच्चे को वन विभाग के कैंपस में क्वारंटीन में रखा गया है और उसकी लगातार निगरानी की जा रही है. कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि झिरना रेंज में वनकर्मी नियमित पेट्रोलिंग कर रहे थे, इसी दौरान झिरना रेस्टहाउस के पास करीब तीन से चार महीने की उम्र का हाथी का बच्चा अकेला दिखाई दिया, बच्चों के आसपास उसकी मां या हाथियों का कोई झुंड मौजूद नहीं था, मामले की जानकारी मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम को मौके पर भेजा गया. डॉ. साकेत बडोला के मुताबिक, वन विभाग की पहली प्राथमिकता हाथी के बच्चे को उसके मूल झुंड और मां से मिलाना थी, इसके लिए टीम ने पूरे दिन निगरानी करते हुए उसे झुंड के संपर्क में लाने का प्रयास किया, लेकिन कोई भी झुंड उसे अपने साथ लेकर नहीं गया, ऐसे में बच्चे की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर लाया गया। डायरेक्टर के अनुसार हाथी के बच्चे के शरीर पर हल्की चोटें भी दिखाई दी हैं, अब उसका विस्तृत चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाएगा और स्वास्थ्य की स्थिति का आकलन किया जाएगा। फिलहाल उसे क्वारंटीन में रखकर वन विभाग की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है. कॉर्बेट प्रशासन का कहना है कि यदि उसके प्राकृतिक झुंड से दोबारा मिलाने में सफलता नहीं मिलती है, तो नियमानुसार उसे रेस्क्यू सेंटर में शिफ्ट करने का निर्णय लिया जाएगा, वन विभाग की टीम हाथी के स्वास्थ्य के साथ-साथ आसपास के जंगल क्षेत्र में हाथियों के झुंड की गतिविधियों पर भी नजर बनाए हुए है, ताकि उसकी मां से उसे मिलाया जा सके.
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