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बलरामपुर: फिरोज पप्पू हत्याकांड के दो दोषियों को उम्रकैद, एक लाख के जुर्माने के साथ सजा

Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर के फिरोज पप्पू हत्याकांड में दो दोषियों को उम्रकैद, 1-1 लाख रुपए का जुर्माना, रिजवान जहीर समेत तीन दोस्त मुक्त बलरामपुर जिले के चर्चित फिरोज पप्पू हत्याकांड में मंगलवार को न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोनों दोषियों पर न्यायालय ने 1-1 लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। मामला तुलसीपुर के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष फिरोज अहमद उर्फ पप्पू की हत्या से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, 4 जनवरी 2022 को फिरोज अहमद उर्फ पप्पू की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई थी। घटना के संबंध में उनके भाई अफरोज अहमद उर्फ रिंकू ने तुलसीपुर थाने में तहरीर दी थी। इसके आधार पर थाना तुलसीपुर में मुकदमा अपराध संख्या 02/2022, धारा 302 और 120बी आईपीसी के तहत मेराजुल हक समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना निरीक्षक अवधेश राज सिंह ने की। पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान जुटाए गए परिस्थितिजन्य, भौतिक और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी की गई। पुलिस के अनुसार, मॉनीटरिंग सेल के नोडल प्रभारी अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय के नेतृत्व में जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) कुलदीप सिंह, मॉनीटरिंग सेल प्रभारी देवेंद्र कुमार मिश्रा और तुलसीपुर पुलिस की पैरवी के बाद न्यायालय ने मेराजुल हक पुत्र एहसानुल हक और महफूज पुत्र अबुल हासिम, निवासी जरवा रोड, तुलसीपुर को धारा 302 के अपराध में दोषसिद्ध किया। तीन आरोपी पहले हो चुके हैं दोषमुक्त इसी मामले में एक दिन पहले न्यायालय ने साक्ष्य पर्याप्त न होने के आधार पर रिजवान जहीर, उनके दामाद रमीज नियत और बेटी जेवर रिजवान को दोषमुक्त कर दिया था। इसके बाद मंगलवार को दो अन्य आरोपियों को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई。
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बलरामपुर में बिना नंबर की स्कॉर्पियो से 20.594 किग्रा गांजा बरामद, हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार

Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर में बिना नंबर की नई स्कॉर्पियो से 20.594 किलो गांजा बरामद, हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार; आरोपी पर 15 मुकदमे दर्ज बलरामपुर। कोतवाली नगर पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मंगलवार को एक हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से बिना नंबर की नई महिंद्रा स्कॉर्पियो से 20 किलो 594 ग्राम अवैध गांजा बरामद करने का दावा किया है। वाहन की तलाशी में 2,250 रुपए नकद और तीन मोबाइल फोन भी मिले हैं। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ कोतवाली नगर और कोतवाली देहात थानों में अलग-अलग धाराओं में कुल 15 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार वह कोतवाली नगर थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसकी हिस्ट्रीशीट संख्या 74A है。 पुलिस के मुताबिक मंगलवार को उपनिरीक्षक रमन कुमार वर्मा पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में रात्रि गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुरलीपुर कर्बला से मेवालाल चौकी जाने वाले बाईपास मार्ग पर एक काले रंग की बिना नंबर की नई स्कॉर्पियो आती दिखाई दी। पुलिस ने वाहन को रोककर चालक से पूछताछ की और तलाशी ली。 तलाशी के दौरान वाहन में प्लास्टिक की बोरी रखी मिली। बोरी के संबंध में चालक से पूछताछ की गई तो वह पुलिस को संतोषजनक जानकारी नहीं दे सका। संदेह होने पर पुलिस अधिकारियों को सूचना दी गई। प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार मिश्रा मौके पर पहुंचे और क्षेत्राधिकारी नगर अभिषेक सिंह को भी मामले की जानकारी दी गई। इसके बाद पुलिस टीम ने वीडियोग्राफी के दौरान बोरी की तलाशी ली। इसमें गांजा जैसा पदार्थ बरामद हुआ। इलेक्ट्रॉनिक कांटे से बोरी समेत वजन करने पर कुल 20 किलो 594 ग्राम वजन पाया गया। पुलिस ने स्कॉर्पियो की दोबारा तलाशी ली तो उसमें 2,250 रुपए नकद और तीन मोबाइल फोन मिले। वाहन पर कोई पंजीयन नंबर अंकित नहीं था। पुलिस ने वाहन को भी कब्जे में ले लिया。 दूसरे जनपद में बेचने जा रहा था गांजा पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अलग-अलग स्थानों से गांजा मंगाकर एकत्र करता था। पर्याप्त मात्रा में माल इकट्ठा होने बाद उसे बेचने के लिए बढ़नी होते हुए दूसरे जनपद जा रहा था। इसी दौरान पुलिस की चेकिंग में वह पकड़ा गया। हालांकि, पुलिस जांच में गांजा कहां से आया और इसे किन लोगों को सप्लाई किया जाना था, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है。 आरोपी पर पहले से दर्ज हैं 15 मुकदमे गिरफ्तार आरोपी की पहचान तनवीर अहमद उर्फ शारिफ (29) पुत्र इद्रीस, निवासी मोहल्ला गदुरहवा, पानी टंकी के पास, थाना कोतवाली नगर, बलरामपुर के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी पर कुल 15 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें कोतवाली नगर में हत्या के प्रयास, चोरी, मारपीट, धमकी, आयुध अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में वर्ष 2018 से 2026 तक 13 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। वहीं कोतवाली देहात थाने में भी वर्ष 2020 और 2023 में मारपीट व धमकी से संबंधित दो मुकदमे दर्ज हैं。 पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोतवाली नगर थाने में मु0अ0सं0 188/2026, धारा 8/20(b)(ii)c एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है और बरामद गांजे के स्रोत तथा तस्करी नेटवर्क के संबंध में भी जांच की जा रही है。 कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी नगर अभिषेक सिंह के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार मिश्रा की टीम ने की。
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राजस्थान हाईकोर्ट: चार्जशीट चुनौती खारिज, भवन में खामियों की असल वजह स्पष्ट

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर स्थित नई इमारत के निर्माण में सामने आई गंभीर खामियों के मामले में तत्कालीन प्रोजेक्ट डायरेक्टर और प्रोजेक्ट ऑफिसर को जारी चार्जशीट के खिलाफ दायर अपील हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस संदीप तनेजा की डिवीजन बेंच ने कहा कि चार्जशीट के स्तर पर न्यायिक हस्तक्षेप का दायरा बेहद सीमित है। अधिकारियों को चार्जशीट का जवाब देने और विभागीय जांच में अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर है। मामले में सुरेश शर्मा उस अवधि में आरएसआरडीसीएल यूनिट-द्वितीय जोधपुर में प्रोजेक्ट डायरेक्टर और जितेंद्र शर्मा प्रोजेक्ट ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे। हाईकोर्ट की नई इमारत के निर्माण में गंभीर कमियां सामने आने के बाद राज्य सरकार ने 30 मई 2025 को राजस्थान सिविल सर्विसेज नियमों के तहत दोनों को चार्जशीट जारी की थी। अधिकारियों ने चार्जशीट का जवाब देने के बजाय इसे चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे सिंगल बेंच ने जनवरी 2026 में खारिज कर दिया। इसके बाद उन्होंने डिवीजन बेंच में अपील की। अपीलकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि चार्जशीट समय से पहले जारी की गई है। उनका कहना था कि उनकी भूमिका निर्माण कार्य की निगरानी तक सीमित थी और भवन में हुई क्षति की वास्तविक वजह स्ट्रक्चरल डिफेक्ट है या डिजाइन की कमी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। انہوں نے یہ بھی दावा کیا کہ कार्रवाई चयनात्मक है और चार्जशीट में उनके खिलाफ विशिष्ट आरोप नहीं हैं। सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने दलील दी कि दोनों अधिकारी निर्माण कार्य की गुणवत्ता, निर्धारित मानकों और ठेकेदारों द्वारा सही तरीके से काम कराने के लिए जिम्मेदार थे। राज्य ने बताया कि निर्माण में गंभीर खामियों की रिपोर्ट सामने आई है और मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई है। चार्जशीट में निगरानी अधिकारियों की लापरवाही के विशिष्ट उदाहरणों का उल्लेख किया गया है। कोर्ट ने कहा कि सामान्य तौर पर चार्जशीट या शो-कॉज नोटिस के स्तर पर हस्तक्षेप नहीं किया जाता। केवल असाधारण स्थिति में, जैसे चार्जशीट अधिकार क्षेत्र से बाहर या दुर्भावना से जारी होने पर ही कोर्ट दखल दे सकता है। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि चार्जशीट अंतिम प्रतिकूल आदेश नहीं होती। कोर्ट ने भवन में हुई घटनाओं को भी गंभीर माना। 20 फरवरी 2023 को चैंबर नंबर 14 की छत की सीलिंग गिरी। 29 अप्रैल को डोम क्षेत्र की छत का हिस्सा गिरा। जून 2023 में अलग-अलग स्थानों पर प्लास्टर और फॉल्स सीलिंग गिरी। सितंबर 2024 में बारिश के दौरान कोर्ट रूम में पानी आने से न्यायिक कार्य प्रभावित हुआ। इसी महीने कोर्ट नंबर 19 की फॉल्स सीलिंग और मेडिएशन सेंटर के पास छत का हिस्सा भी गिरा। बेंच ने कहा कि निरीक्षण रिपोर्टों में प्रोजेक्ट डायरेक्टर को पूरे निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई थी। ऐसे में गंभीर खामियों के आधार पर चार्जशीट जारी करने को गलत नहीं माना जा सकता। अधिकारियों के चयनात्मक कार्रवाई के तर्क को भी कोर्ट ने खारिज किया, क्योंकि रिकॉर्ड के अनुसार दोनों सहित कुल नौ लोगों को चार्जशीट जारी की गई थी। चार्जशीट में निर्माण संबंधी घटनाओं और लापरवाही के आरोपों का पर्याप्त उल्लेख होने से इसे अस्पष्ट भी नहीं माना गया। डिवीजन बेंच ने कहा कि मामला ऐसा नहीं है जिसमें चार्जशीट के स्तर पर हस्तक्षेप किया जाए। दोनों विशेष अपीलें मेरिट से रहित मानते हुए खारिज कर दी गईं।
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जोधपुर के बनाड़-धापा क्षेत्र में रात उत्पात, दुकानों के मीटर वाहनों को नुकसान

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर, बनाड़ रोड एवं धापी मार्बल रोड क्षेत्र में मंगलवार तड़के करीब 3 बजे 5–6 असामाजिक तत्वों ने जमकर उत्पात मचाते हुए दुकानों के कांच, वाहनों एवं घरों के बाहर लगे विद्युत मीटरों को डंडों व पत्थरों से क्षतिग्रस्त कर दिया। इतना ही नहीं, राहगीरों को रोककर मारपीट एवं लूट की नीयत से हमला करने का प्रयास भी किया गया। घटना की पूरी वारदात क्षेत्र में लगे CCTV कैमरों में कैद हुई है। गहलोत एजेंसी के मालिक वीरेंद्र सिंह गहलोत ने बताया कि देर रात असामाजिक तत्वों द्वारा क्षेत्र में दुकानों एवं संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया, जिससे व्यापारियों एवं स्थानीय निवासियों में भारी भय का माहौल है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपियों की तत्काल पहचान कर कठोर कार्रवाई तथा रात्रिकालीन पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की। जमना मार्केट के मालिक अशोक कुमार प्रजापत ने बताया कि क्षेत्र में शराब एवं नशीले पदार्थों के सेवन के कारण आए दिन असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है और उत्पात की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से नशे के अवैध कारोबार एवं सेवन पर सख्ती से रोक लगाने तथा क्षेत्र में स्थायी पुलिस निगरानी व्यवस्था करने की मांग की। क्षेत्रवासियों एवं व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि ऐसी घटनाओं पर तत्काल प्रभावी अंकुश नहीं लगाया गया तो भविष्य में कोई गंभीर वारदात हो सकती है। व्यापारिक एवं स्थानीय नागरिकों ने थाना बनाड़ में सामूहिक शिकायत देकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई एवं क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है।
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छात्रावास अधीक्षक पर नाबालिग छात्रों के साथ अश्लील हरकत का आरोप, पुलिस जांच शुरू

Chhatarpur, Madhya Pradesh:एकंर -छतरपुर में एक छात्रावास से शर्मनाक मामला सामने आया है। आरोप है कि छात्रावास अधीक्षक ने नाबालिग छात्रों के साथ अश्लील हरकतें कीं। मामला तब खुला जब शिकायत पेटी में पत्र मिला। पीड़ित छात्रों ने डर की वजह से पहले खुलकर कुछ नहीं कहा। लेकिन शिकायत पेटी में गुमनाम पत्र डालकर पूरे मामले का खुलासा किया। पत्र में अधीक्षक पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और अधीक्षक को हिरासत में लिया। पुलिस ने छात्रावास में जांच शुरू कर दी है। पीड़ित छात्रों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। प्रशासन ने भी पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
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गर्भवती महिला मौत पर सीमलवाड़ा अस्पताल के बाहर परिजनों का हंगामा

Dungarpur, Rajasthan:डूंगरपुर जिला सीमलवाड़ा क्षेत्र में गर्भवती महिला की मौत के मामले सामने आए हैं। चेकअप करवाने आने के दौरान गर्भवती महिला की इलाज के समय मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही और मौत के बाद भी रेफर करने के आरोप लगाते हुए हंगामा किया। नागरिया पंचेला निवासी निरमली डिलीवरी का समय नजदीक होने के कारण अपनी जेठानी नर्मदा के साथ सीमलवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थीं। अस्पताल में चिकित्सक ने डिलीवरी का समय नजदीक बताते हुए महिला को भर्ती कर लिया। परिजनों ने डिलीवरी में उपयोग होने वाली आवश्यक सामग्री और दवाइयां भी मंगवा ली थीं। परिजनों के अनुसार कुछ समय बाद महिला को डिलीवरी के लिए लेबर टेबल पर ले जाया गया, इसी दौरान हालत बिगड़ गई और अत्यधिक रक्तस्राव होने की बात सामने आई। हालत गंभीर होने पर महिला को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि महिला की हालत सीमलवाड़ा अस्पताल में ही गंभीर हो गई थी और लेबर टेबल पर ही उसकी मौत हो गई थी, इसके बावजूद उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। शव को सीमलवाड़ा अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया और कल मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाने का निर्देश दिया गया।
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बार कौंसिल राजस्थान चुनाव निर्णायक दौर, 14 प्रत्याशी कोटा पार

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। बार कौंसिल ऑफ राजस्थान के सदस्यों के निर्वाचन के लिए पिछले तीन माह से जारी मतगणना अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है। अब तक 14 प्रत्याशी निर्वाचन के लिए निर्धारित मतों का कोटा हासिल कर चुके हैं। मंगलवार की मतगणना में देवीलाल रावला ने निर्धारित मतों की संख्या प्राप्त कर ली। प्रथम वरीयता मतों की गणना के बाद प्रत्येक प्रत्याशी के निर्वाचन के लिए 2614.21 मत का कोटा निर्धारित किया गया है। मतों के स्थानांतरण और गणना की प्रक्रिया लगातार जारी है। इससे पहले नीरज गुर्जर, हरेंद्र सिंह सिनसिनवार, रतन सिंह राव, भुवनेश शर्मा, सुरेश चंद्र श्रीमाली, प्रशांत शर्मा, योगेन्द्र सिंह शक्तावत, रणजीत जोशी, रामप्रसाद सिंगारिया और कुलदीप कुमार शर्मा, देवेन्द्र सिंह राठौड़, सैयद शाहिद हसन और रतनाराम ठोलिया निर्धारित मतों का कोटा पूरा कर चुके हैं। अब शेष प्रत्याशियों के मतों का स्थानांतरण किया जा रहा है। मतगणना पूरी होने के बाद निर्वाचन प्रक्रिया का अंतिम परिणाम सामने आएगा। इसके उपरांत निर्वाचित सदस्यों की आधिकारिक गजट अधिसूचना जारी की जाएगी।
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हाई कोर्ट ने उम्मेद उद्यान के पुनरुद्धार के लिए आयुक्त को तलब किया

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। शहर के प्रमुख और ऐतिहासिक उम्मेद उद्यान की खराब हालत को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए जनहित याचिका पर कल नगर निगम आयुक्त को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। पार्क में स्लज, सिल्ट और कचरा डाले जाने से बिगड़ी स्थिति पर कोर्ट ने आयुक्त से park के पुनरुद्धार के लिए समयबद्ध कार्ययोजना वाला शपथपत्र भी मांगा है। कोर्ट ने खास तौर पर तत्काल किए जा सकने वाले कार्यों और उनमें लगने वाले समय का ब्योरा देने को कहा है। न्यायाधीश डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और न्यायाधीश प्रवीर भटनागर की खंडपीठ के समक्ष याचिकाकर्ता पूनमचंद कटारिया की ओर से अधिवक्ता राजेश परिहार ने अधिवक्ता कुलदीप प्रजापत और तुषार बोरा के साथ पक्ष रखा। याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि उम्मेद उद्यान जोधपुर के सबसे पुराने विरासत पार्कों में शामिल है। यह शहर के महत्वपूर्ण सार्वजनिक पार्कों में से एक है, लेकिन वर्तमान में इसकी हालत बेहद खराब हो चुकी है। पार्क का इस्तेमाल स्लज, सिल्ट और अन्य अपशिष्ट सामग्री डालने के लिए किया जा रहा है। इसके चलते पार्क का बड़ा हिस्सा गंदगी और मलबे से भर गया है तथा आम नागरिकों के लिए यहाँ प्रवेश करना और घूमना तक मुश्किल हो गया है। याचिका में यह भी बताया गया कि वर्ष 2021 में उम्मेद उद्यान के सौंदर्यीकरण पर सरकार की ओर से 3.21 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे।इसके बावजूद उचित रखरखाव नहीं होने से पार्क की स्थिति लगातार बिगड़ती गई। कोर्ट के समक्ष पार्क की वर्तमान दुर्दशा को गंभीरता से रखा गया। मामले में हाईकोर्ट ने नगर निगम प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की अपेक्षा जताई। खंडपीठ ने निगम आयुक्त को निर्देश दिया कि वे कल सुबह 10.30 बजे कोर्ट में उपस्थित होकर शपथपत्र पेश करें। इसमें पार्क को दोबारा व्यवस्थित और उपयोग योग्य बनाने के लिए पूरी कार्ययोजना बतानी होगी। कोर्ट ने विशेष रूप से कहा कि कार्ययोजना में यह स्पष्ट किया जाए कि कौन से काम तत्काल, कुछ घंटों के भीतर किए जा सकते हैं और किन कार्यों में अधिक समय लगेगा। प्रत्येक कार्य को पूरा करने में लगने वाली समयावधि भी बतानी होगी। राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एवं अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवर, अधिवक्ता आयुष गहलोत के साथ कोर्ट में उपस्थित हुए.
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जोधपुर-पाली-बालोतरा में पर्यावरण विशेष अदालतें, नदी प्रदूषण मामलों की सुनवाई तेज

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। जोजरी, बांडी और लूणी नदी प्रदूषण मामले में सुप्रीम कोर्ट की गंभीरता के बाद राज्य सरकार ने न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करते हुए जोधपुर, पाली और बालोतरा में तत्काल प्रभाव से नए विशेष न्यायालय सृजित किए हैं। इन अदालतों में पर्यावरण से जुड़े प्रकरणों की सुनवाई और त्वरित निस्तारण किया जाएगा। विधि एवं विधिक कार्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव की ओर से इसको लेकर आदेश जारी किया गया। आदेश में सुप्रीम कोर्ट में स्व प्रेरणा से दायर जनहित याचिका सहित पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मामलों का उल्लेख किया गया है। राज्य सरकार के निर्णय के तहत विशेष न्यायालय पर्यावरण प्रकरणों के लिए वरिष्ठ न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट स्तर की अदालतों की स्थापना की गई है। इन अदालतों में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनुपालना में दर्ज मुकदमों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाएगा। सरकार के इस कदम को जोधपुर संभाग में लंबे समय से चल रहे नदी प्रदूषण के मामलों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जोजरी और बांडी नदी में औद्योगिक प्रदूषण से जुड़े मामलों में न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। नए न्यायालयों के गठन से पर्यावरण संबंधी मामलों की सुनवाई के लिए अलग न्यायिक व्यवस्था उपलब्ध होगी और लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण का रास्ता साफ होगा.
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बस्सी-कानोता बांध के पास जलभराव से लोग नाराज, सुरक्षा मांग तेज

Jaipur, Rajasthan:बस्सी-कानोता बांध के पास सड़क पर जलभराव से लोग परेशान। बारिश के मौसम में रामरतनपुरा और गिलागागल गांवों का रास्ता पूरी तरह बंद। बीते 3 सालों से इस गंभीर समस्या, सड़क पर तेज पानी बहने से कई बार हो चुकी जनहानि। बस्सी तहसील के स्थानीय निवासियों ने सरकार से पक्की पुलिया की मांग। हर बार बारिश के मौसम में रोड पर आ जाता पानी। जयपुर ग्रामीण इलाके के मुख्य मार्ग पर सुरक्षा इंतजाम की आवश्यकता। बस्सी क्षेत्र में सोमवार रात और मंगलवार शाम हुई बारिश के बाद कानोता बांध में पानी की आवक तेज हो गई। पानी की आवक बढ़ने से बांध पर चल रही चादर की गति तेज हो गई और करीब दो इंच की चादर चलने लगी। बांध से पानी की निकासी बढ़ने के कारण नीचे ढूंढ़ नदी में भी तेज बहाव हो गया। तेज बहाव के चलते रामरतनपुरा (नायला) रोड को सुमेल से जोड़ने वाली सड़क क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे मार्ग का संपर्क टूट गया। वहीं स्थिति से अनजान जयपुर और नायला की ओर से आने-जाने वाले कई लोग कानोता बांध तक पहुंच गए, लेकिन पानी का बहाव तेज होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। बांध पर पानी का तेज बहाव और सड़क पर बहता पानी देखकर लोगों ने बारिश और बांध के नजारे का आनंद भी लिया। वही प्रशासन की गैर मौजूदगी में लोग जान जोखिम में डालकर क्षतिग्रस्त सड़क पर घूमते हुए नजर आए; अचानक बहाव तेज होने से अनहोनी घटना घट सकती थी। रात के समय यहां से गुजरने वाले राहगीरों के लिए खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षतिग्रस्त मार्ग के पास चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और बैरिकेडिंग कर रास्ते को अवरुद्ध किया जाए ताकि लोगों को स्थिति की जानकारी मिल सके और किसी तरह की अनहोनी से बचा सके। साथ ही जल संसाधन विभाग तथा कानोता और जामडोली थाना पुलिस से बांध तथा आसपास के मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की गई है。
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हरदोई के स्कूल में शराब-मीट विवाद: प्रधानाचार्य-शिक्षक के बीच गहरे आरोप

Hardoi, Uttar Pradesh:हरदोई में शिक्षा के मंदिर में ‘दारू-मुर्गा’ की चर्चा! प्रधानाचार्य बोले- BEO के लिए बोतल लाए थे, दोनों शिक्षक आमने-सामने जिस विद्यालय में बच्चों को शिक्षा, संस्कार और नैतिकता का पाठ पढ़ाया जाना चाहिए,उसी हरदोई जिले के विकासखंड टड़ियावां स्थित प्राथमिक विद्यालय कोटरा का वीडियो अब ‘दारू-मुर्गा’ की चर्चा को लेकर सुर्खियों में है।वायरल वीडियो में सहायक अध्यापक विनोद शिरोमणि और प्रधानाचार्य राजेश कुमार के बीच शराब की बोतल और मीट को लेकर बातचीत सुनाई दे रही है, जबकि ग्राम प्रधान भी मौके पर मौजूद दिखाई देते हैं।वीडियो में विनोद शिरोमणि 5-6 शराब वाले वीडियो होने की बात कहते हुए उन्हें मीडिया में डालने की बात करते सुनाई देते हैं। बातचीत के दौरान बोतल को लेकर सवाल-जवाब होता है और प्रधानाचार्य राजेश कुमार की ओर से यह बात सुनाई देती है कि बोतल “डिप्टी साहब के लिए” लाई गई थी। यानी जिस जगह बच्चों को अनुशासन और नैतिकता का पाठ मिलना चाहिए, वहां वायरल बातचीत में शराब और मीट की चर्चा ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला सामने आने के बाद दोनों शिक्षक एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। विनोद शिरोमणि का आरोप है कि विद्यालय में शराब से जुड़े कई वीडियो हैं और उन्हें सामने आने से रोकने की कोशिश की जा रही थी।वहीं प्रधानाचार्य राजेश कुमार ने शराब पीने या लाने के आरोपों को खारिज करते हुए खुद को सात पीढ़ियों से शाकाहारी बताया। उनका दावा है कि वीडियो में उनकी आवाज के साथ छेड़छाड़ या बदलाव किया गया हो सकता है।मीट को लेकर राजेश कुमार ने पलटवार करते हुए विनोद कुमार पर ही कई बार विद्यालय में मांस बनवाने और बच्चों से अंडे मंगवाने के आरोप लगाए। दोनों पक्षों के दावों ने मामले को और पेचीदा बना दिया है। वायरल वीडियो और आरोपों का मामला जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रभात मिश्रा तक पहुंचा तो उन्होंने जांच के निर्देश दिए। बीएसए ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए वीडियो संज्ञान में आया है और खंड शिक्षा अधिकारी टड़ियावां से भी इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है। संबंधित लोगों से आरोपों के साक्ष्य और विस्तृत आख्या मांगी गई है। बीएसए के मुताबिक जांच में जो तथ्य सामने आएंगे,उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी。
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