icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
203399
AKAnil KumarFollow26 Jul 2024, 10:46 am
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

समस्तीपुर में चचेरे भाई-बहन के प्रेम पर पंचायत ने पिटाई, सिर मुंडवाकर गांव से निकाला

Samastipur, Bihar:रिश्तों को शर्मसार करने वाली मोहब्बत पर पंचायत फरमान। चचेरे भाई-बहन बने हमसफर, साथ जीने-मरने की जिद पर अड़े तो पंचायत ने नाबालिग प्रेमी युगल की पहले की पिटाई, फिर सिर मुंडवाकर गांव से निकाला। प्यार की एक ऐसी कहानी, जिसने रिश्तों की मर्यादा को शर्मसार कर दिया। दरअसल समस्तीपुर में चचेरे भाई-बहन के प्रेम संबंध का मामला सामने आया है। दोनों नाबालिग बताए जा रहे हैं और परिवार के विरोध के बावजूद साथ रहने की जिद पर अड़े हैं। आरोप है कि पंचायत के फैसले के बाद दोनों की बेरहमी से पिटाई की गई, सिर मुंडवाया गया, चेहरे पर कालिख पोती गई और गांव से निकाल दिया गया। पूरी घटना समस्तीपुर जिले के पूसा थाना क्षेत्र का है, जहां चचेरे भाई-बहन के प्रेम संबंध ने पूरे इलाके को शर्मसार कर दिया। दोनों एक ही आंगन में रहते थे और बचपन से साथ रहने के दौरान उनके बीच नजदीकियां बढ़ीं। लड़के कमलेश और लड़की आंचल, दोनों के नाम बदले गए हैं। परिजनों के मुताबिक, करीब आठ महीने पहले दोनों को घर के एक कमरे में आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया था। बताया जा रहा है कि इसके बाद दोनों घर छोड़कर रांची चले गए और वहीं शादी कर ली। दोनों की उम्र करीब 16 से 17 साल बताई जा रही है। जब परिवार और गांव वालों को इसकी जानकारी मिली तो उन्हें फोन कर वापस गांव बुलाया गया। 22 तारीख की रात दोनों गांव पहुंचे, जहां परिजनों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन दोनों ने अलग होने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि वे साथ जिएंगे और साथ ही मरेंगे। मामले को लेकर गांव में पंचायत बुलाई गई, जिसमें दोनों परिवारों के साथ गांव के लोग भी शामिल हुए। पंचायत में दोनों से अलग-अलग उनकी राय पूछी गई। आंचल से पूछा गया कि वह माता-पिता के साथ रहना चाहती है या कमलेश के साथ। इस पर उसने कमलेश के साथ रहने की इच्छा जताई। पंचायत में भी दोनों ने एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने की बात दोहराई। आरोप है कि इससे नाराज परिजनों और गांव के लोगों ने दोनों की जमकर पिटाई की। उनके बाल काट दिए गए, सिर मुंडवा दिया गया और सिर पर कालिख व चूना लगा दिया गया। इसके बाद दोनों को धक्के मारकर गांव से बाहर निकाल दिया गया। जख्मी अवस्था में दोनों सदर अस्पताल पहुंचे, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। हालांकि, अस्पताल में भीड़ जुटने लगी तो दोनों वहां से फरार हो गया। पीड़ित लड़की ने बताया कि पंचायत के बाद मेरे माता-पिता और अन्य रिश्तेदारों ने मिलकर मेरी बेरहमी से पिटाई की। हम दोनों साथ रहना चाहते हैं और अब साथ ही जिएंगे, साथ ही मरेंगे। लड़का बताता है कि पहले हम दोनों की पिटाई की गई है बाल मुड़वा कर गांव से हम दोनों को भगा दिया गया है। घटना के संबंध में पूसा थानाध्यक्ष रमेश कुमार ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम गांव भेजी गई थी, लेकिन वहां किसी ने कुछ नहीं बताया। बाद में सदर अस्पताल में भी पुलिस ने प्रेमी युगल की तलाश की। लेकिन वहां से भी दोनों नहीं मिले। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोनों का बयान मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
0
0
Report

तमिलनाडु सरकार के दीपोत्सव पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका; मद्रास HC के आदेश के खिलाफ अपील, सुनवाई 22-07-2026 तक स्थगित

Noida, Uttar Pradesh:MADURAI (TAMIL NADU): NIRANJAN S KUMAR (ADVOCATE & PETITIONER, HINDU MUNNANI) ON TAMIL NADU GOVERNMENT SUPREME COURT APPEAL AGAINST MADRAS HIGH COURT ORDER ALLOWING KARTHIGAI LAMP LIGHTING AT DEEPATHOON THIRUPARANKUNDRAM HILLS मदुरै, तमिलनाडु - हिंदू मुन्नानी के वकील और याचिकाकर्ता निरंजन एस. कुमार कहते हैं, "...TVK के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार ने 11 जून, 2026 को सुप्रीम कोर्ट में एक स्वतंत्र SLP (विशेष अनुमति याचिका) दायर की है, जिसमें माननीय डिवीज़न बेंच के आदेश को चुनौती दी गई है... डिवीज़न बेंच ने सरकार से पूछा कि आदेश का पालन करने में क्या कठिनाई है और क्या मामला इतना गंभीर है, लेकिन जवाब नकारात्मक था... राज्य ने सख्ती से कहा कि वे आदेश का पालन नहीं करेंगे और DMK सरकार के पुराने मानक पर ही कायम रहेंगे, इसलिए मामले की सुनवाई 22-7-2026 तक के लिए टाल दी गई और पहले दिए गए अंतरिम आदेश को 22-7-2026 तक बढ़ा दिया गया है..."
0
0
Report
Advertisement

फिरोजाबाद में 2 अवैध कोचिंग सेंटर सीज, सुरक्षा मानकों की उल्लंघन उजागर

Firozabad, Uttar Pradesh:ANC - लखनऊ के कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब प्रदेश भर का प्रशासन अलर्ट मोड पर है। छात्रों की सुरक्षा को लेकर कोई भी कोताही बरतने के मूड में सरकार नहीं दिख रही है। इसी कड़ी में फ़िरोज़ाबाद जिला प्रशासन ने एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। सिटी मजिस्ट्रेट और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने शहर में चल रहे 2 अवैध कोचिंग सेंटरों को सीज कर दिया है। VO- लखनऊ की घटना से सबक लेते हुए फिरोजाबाद का जिला प्रशासन पूरी तरह एक्टिव मोड में आ गया है। सिटी मजिस्ट्रेट और मुख्य अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में आज शहर के कई कोचिंग सेंटरों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। जांच के दौरान तीन बड़े कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ती मिलीं, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल एक्शन लेते हुए तीनों सेंटरों को सीज कर दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि इन कोचिंग सेंटरों में सैकड़ों बच्चे पढ़ रहे थे, लेकिन वहां आग से बचाव (Fire Safety) का कोई उपाय नहीं था। इमरजेंसी के वक्त बाहर निकलने का रास्ता तक नहीं था। ये सेंटर पूरी तरह से नियमों को ताक पर रखकर, बिना मानक के बेसमेंट और संकरी गलियों में चलाए जा रहे थे। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिले में ऐसी 6 टीमें बनाई गई हैं, जो लगातार हर ब्लॉक और तहसील में जांच करेंगी। यह अभियान रुकने वाला नहीं है, बल्कि निरंतर जारी रहेगा।
0
0
Report
Advertisement

खनिज विभाग ने अवैध रेत परिवहन रोका, माफिया के खिलाफ थाने में मामला दर्ज

Harda, Khedi Mahmudabad, Madhya Pradesh:खनिज विभाग की टीम ने रेत से भरी अवैध परिवहन करते ट्रैक्टर ट्रॉली पकड़ी। रेत माफिया की दबंगई को रोककर ट्रॉली को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। खनिज विभाग की टीम रेत के अवैध परिवहन के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ने गई थी, जहां माफिया ने दबंगई दिखाई और ट्रैक्टर ले जाने से रोका। बड़ी मशक्कत के बाद खनिज विभाग ने पुलिस की मदद से संबंधित थाने में खड़ा कराकर माफिया पर शासकीय कार्य में बाधा और चोरी का प्रकरण दर्ज कराया। खनिज विभाग के अधिकारी चैनसिंह डमोर ने रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली भरकर ले जा रहे ट्रैक्टर को रोककर रॉयल्टी पूछी, लेकिन उनके पास रॉयल्टी नहीं मिली। मौके पर पंचनामा बनाकर अवैध परिवहन और एक चोरी का प्रकरण बनाया गया। ट्रैक्टर मालिक सुनील विश्वकर्मा ने ट्रैक्टर छुपाने की कोशिश की, बाद में खनिज विभाग की टीम ने उसे पकड़ लिया, और सुनील विश्वकर्मा ने टीम के साथ कार्य बाधा डालने और धमकी दी थी—प्रकरण का उल्लेख किया गया। टीम ने टिमरनी पुलिस की सहायता से अवैध परिवहन कर रही ट्रैक्टर-ट्रॉली को थाने में लाकर खड़ा कराया और संबंधित के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया।
0
0
Report

लखनऊ मेट्रो फेज-1बी: 384 करोड़ में पांच एलिवेटेड स्टेशन बनेंगे

Noida, Uttar Pradesh:प्रेस विज्ञप्ति * *लखनऊ मेट्रो ईस्ट वेस्ट कोरिडोर- पांच एलीवेटेड स्टेशनो के निर्माण के लिए हुआ कंपनी का चयन ₹384 करोड रुपये की लागत से रंजीत बिल्डकॉन बनाएगी पांच मेट्रो स्टेशन और वायाडक्ट वसंतकुंज से ठाकुरगंज सेक्शन का 2 वर्षों में पूरा होगा निर्माण* उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने लखनऊ मेट्रो के विस्तार में एक और महत्वपूर्ण ब है। चारबाग से वसंतकुंज के बीच प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (लखनऊ मेट्रो फेज-1बी) के तहत एलिवेटेड सेक्शन के लिए लगभग 384 करोड़ रुपये (लगभग 453 करोड़ रुपये GST सहित) का प्रमुख सिविल निर्माण टेंडर आबंटित किया गया है। यह टेंडर मेसर्स रंजीत बिल्डकॉन लिमिटेड को ठाकурगंज मेट्रो स्टेशन से वसंतकुंज मेट्रो स्टेशन के बीच एलिवेटेड मेट्रो कॉरिडोर और पांच एलिवेटेड मेट्रो स्टेशनों के डिजाइन एवं निर्माण के लिए दिया गया है। यह टेंडर यूपीएमआरसी द्वारा पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के जरिए दिया गया है। विस्तृत तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन के बाद मेसर्स रंजीत बिल्डकॉन लिमिटेड को सफल बिडर चुना गया और इस महत्वपूर्ण कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई। यह परियोजना लखनऊ में शहरी परिवहन को मजबूत करेगी, कनेक्टिविटी में सुधार करेगी, सड़क जाम कम करेगी और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देगी। इस टेंडर के तहत मेसर्स रंजीत बिल्डकॉन लिमिटेड लगभग 4.6 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड मेट्रो वायाडक्ट का डिजाइन और निर्माण करेगी, जिसमें स्टेशन के हिस्से भी शामिल हैं। इसके साथ ही मुख्य लाइन को डिपो के प्रवेश और निकास से जोड़ने के लिए 740 मीटर लंबा रैंप भी बनाया जाएगा। इसमें निम्न पांच एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन शामिल हैं: * ठाकुरगंज मेट्रो स्टेशन * बालागंज मेट्रो स्टेशन * सरफराजगंज मेट्रो स्टेशन * मूसाबाग मेट्रो स्टेशन * वसंतकुंज मेट्रो स्टेशन इस कार्य में सहायक संरचनाएँ, प्री-इंजीनियर्ड बिल्डिंग (PEB), वास्तु कार्य, जल आपूर्ति प्रणाली, स्वच्छता व्यवस्था, ड्रेनेज इन्फ्रास्ट्रक्चर, बाहरी विकास कार्य, अग्निशमन प्रणाली तथा विद्युत एवं यांत्रिक (E&M) कार्य भी शामिल हैं। संपूर्ण कार्य कार्य शुरू होने की तिथि से 24 महीनों के भीतर पूरा किया जाएगा। लखनऊ मेट्रो फेज-1बी, यूपीएमआरसी की उस योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके तहत शहर में सुरक्षित, विश्वसनीय और टिकाऊ मास रैपिड ट्रांजिट सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। यह कॉरिडोर घनी आबादी वाले क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देगा और यात्रियों को सड़क परिवहन की तुलना में तेज और सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध कराएगा। यह नया मेट्रो सेक्शन आवासीय क्षेत्रों, व्यावसायिक क्षेत्रों और परिवहन केंद्रों को जोड़ेगा, जिससे नागरिकों की दैनिक यात्रा अधिक आसान होगी और निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी। MD, यूपीएमआरसी श्री सुशील कुमार ने कहा, “इस टेंडर का दिया जाना लखनऊ मेट्रो फेज-1बी के कार्यान्वयन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह कॉरिडोर नागरिकों के लिए आधुनिक, सुरक्षित और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराएगा। यूपीएमआरसी समय पर, गुणवत्ता के साथ और विश्वस्तरीय मानकों पर परियोजना को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।” वसंतकुंज मेट्रो डिपो के निर्माण के लिए टेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के भूमिगत सेक्शन के निर्माण हेतु भी शीघ्र ही टेंडर जारी किया जाएगा। उल्लिखित है कि ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर में कुल 12 मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें 5 एलिवेटेड तथा 7 भूमिगत स्टेशन शामिल हैं。 जनसंपर्क विभाग उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लि.
0
0
Report
Advertisement

स्वामी कैलाशानंद गिरि: लखनऊ आग पर योगी की कार्रवाई, राम मंदिर चोरी मोदी की नजर

Greater Noida, Uttar Pradesh:महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ग्रेटर नोएडा के दादरी में एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने लखनऊ में हुए अग्निकांड पर दुख व्यक्त किया और अयोध्या राम मंदिर में चोरी के मामले पर भी बयान दिया। स्वामी कैलाशानंद गिरि ने बताया कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ अग्निकांड को लेकर बात की है। मुख्यमंत्री इस घटना से बहुत दुखी हैं और उन्होंने इस मामले में बड़ी कार्रवाई तथा जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि इस घटना में लगभग 15 लोगों की जान गई है, जिनमें बच्चे और छात्र भी शामिल हैं। स्वामी जी को विश्वास है कि सीएम योगी आदित्यनाथ कठोर कार्रवाई करेंगे और उसे अंजाम तक पहुंचाएंगे。 अयोध्या राम मंदिर में चोरी के मामले पर महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने कहा कि कई जांच कमेटियां लगी हुई हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य राम जन्मभूमि, काशी विश्वनाथ, उज्जैन महाकाल, केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे स्थलों का विकास रहा है, ऐसे में कोई गड़बड़ी नहीं हुई होगी。 स्वामी जी ने आगे कहा कि यदि कोई गड़बड़ी हुई है, तो प्रधानमंत्री उस पर मौन नहीं रहेंगे। उन्होंने बताया कि राम मंदिर को भव्य बनाना प्रधानमंत्री का लक्ष्य भी है। इस मामले की जांच एसआईटी टीम कर रही है और केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री की इस पर पूरी दृष्टि है。 उन्होंने राम जन्मभूमि निर्माण समिति के चेयरमैन दीपेंद्र मिश्र का भी जिक्र किया और कहा कि वे उनकी कार्यशैली से परिचित हैं। स्वामी जी ने बताया कि उनकी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी बात हुई है, जिन्होंने राम मंदिर में किसी भी तरह की लापरवाही, गड़बड़ी या कोताही न बरतने का आश्वासन दिया है। संत समाज की भी यही मांग है。 महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि दादरी में अपने शिष्य भूपेंद्र बंसल के शोरूम के शोरूम के उद्घाटन के एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे।
0
0
Report

फर्रुखाबाद: नेहा नर्सिंग होम सील, बेड-लापरवाही और एक्सपायर इंजेक्शन सामने

Farrukhabad, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई… मानकों की अनदेखी और गंभीर अनियमितताओं के चलते शहर के चर्चित नेहा नर्सिंग होम को सील कर दिया गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने अस्पताल में छापेमारी की, जहाँ कई चौंकाने वाली खामियां सामने आईं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय द्वारा गठित टीम, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी और सीओ सिटी अभय वर्मा के नेतृत्व में बाबू जी गली स्थित नेहा नर्सिंग होम पहुंची। जांच के दौरान अस्पताल में कोई भी चिकित्सक मौजूद नहीं मिला। जांच में सामने आया कि अस्पताल का पंजीकरण 100 बेड का है, लेकिन मौके पर केवल 67 बेड ही उपलब्ध मिले। इतना ही नहीं, बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण में भी गंभीर लापरवाही पाई गई। 15 जून के बाद से बायोमेडिकल वेस्ट की लॉगबुक तक नहीं भरी गई थी पूछताछ में अस्पताल संचालक ने बताया कि अस्पताल का बायोमेडिकल वेस्ट नगर पालिका की गाड़ी में डाल दिया जाता था, जो नियमों का खुला उल्लंघन है। वहीं ऑपरेशन थियेटर में तीन महीने से अधिक समय पहले एक्सपायर हो चुके इथामसिलेट इंजेक्शन भी रखे मिले। इसके अलावा अस्पताल में फायर सेफ्टी मानकों का भी सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा था। लगातार मिली इन गंभीर खामियों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल प्रभाव से नेहा नर्सिंग होम को सील कर दिया। फर्रुखाबाद में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर अब प्रशासन सख्त नजर बनाए हुए है। सवाल यह है कि आखिर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाली ऐसी लापरवाहियां कब तक चलती रहेंगी? फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
0
0
Report
Advertisement

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने अग्नि सुरक्षा के लिए 206 प्रकरणों पर एक्शन शुरू किया

Ghaziabad, Uttar Pradesh:लखनऊ में हुए हादसे के बाद गाजियाबाद में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण एक्शन मोड में आ गया है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने गौर ग्रीन एवेन्यू, इंदिरापुरम में घटित अग्निकांड की घटना को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित समूह आवासीय परिसरों, होटल, बैंक्वेट हॉल, रेस्टोरेंट, कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तथा अन्य बहुमंजिला भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन सुनिश्चित कराने हेतु विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। प्राधिकरण की प्रवर्तन टीमों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में स्थलीय निरीक्षण एवं अभिलेखीय परीक्षण के माध्यम से अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाण-पत्र (फायर एनओसी) तथा अन्य सुरक्षा प्रावधानों का परीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जिन भवनों एवं प्रतिष्ठानों में निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन नहीं पाया गया अथवा आवश्यक अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं पाया गया, उनके विरुद्ध उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 के प्रावधानों के अंतर्गत विधिक कार्यवाही प्रारम्भ की गई है। अधिकारियों के किए गए निरीक्षणों के दौरान लगभग 206 ऐसे प्रकरण चिन्हित किए गए हैं, जिनमें अग्नि सुरक्षा मानकों के संबंध में कमियां पाई गई हैं। इनमें से 56 प्रकरणों में सीलिंग एवं अन्य प्रवर्तनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित/प्रारम्भ की जा चुकी है, जबकि शेष प्रकरणों में नियमानुसार कार्यवाही किये जाने हेतु संबंधित विभाग को भी सूचित किया गया है साथ ही प्राधिकरण द्वारा अग्रिम प्रक्रिया सतत रूप से प्रस्तावित है। इसके अलावा ऐसे सभी समूह आवासीय परिसरों, जिनमें आरडब्ल्यूए का गठन हो चुका है, उनके पदाधिकारियों को पत्र निर्गत करते हुए निर्देशित किया गया है कि परिसर में स्थापित अग्निशमन प्रणाली, फायर अलार्म, हाइड्रेंट, स्प्रिंकलर सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग तथा अन्य अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही प्राधिकरण एवं संबंधित विभागों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश एवं चेतावनियां भी जारी की जा रही हैं, जिससे किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को न्यूनतम किया जा सके। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करते हुए अग्निशमन विभाग की क्षमता संवर्धन हेतु लगभग 100 करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। उक्त धनराशि से आधुनिक अग्निशमन उपकरणों, विशेषीकृत फायर फाइटिंग संयंत्रों एवं आवश्यक संसाधनों की खरीद अग्निशमन विभाग द्वारा की जा रही है, जिससे बहुमंजिला भवनों एवं समूह आवासीय परिसरों सहित जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में अग्निकांड की घटनाओं पर अधिक त्वरित एवं प्रभावी ढंग से नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
0
0
Report

महोबा में SDM के नेतृत्व में चेकिंग, कई कोचिंग सेंटर सील, नोटिस जारी

Mahoba, Uttar Pradesh:एंकर-उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुए कोचिंग अग्निकांड के बाद समूचे प्रदेश में प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। आज महोबा में भी एसडीएम के नेतृत्व में गठित पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान की भनक लगते ही ज्यादातर संचालक कोचिंग बन्द कर फरार हो गए। चेकिंग के दौरान संचालित होते पाए गए कोचिंग संस्थानों में नियमों की अनदेखी मिलने पर नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण माँगा गया है। शासन द्वारा निर्धारित मानकों को पूरा ना कर संचालित हो रहीं कोचिंग को प्रशासनिक टीम ने सील कर दिया है। प्रशासनिक टीम की सख्ती से कोचिंग संचालकों में हड़कम्प मचा हुआ है।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top