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Mohit GomatMohit GomatFollow29 Jul 2024, 07:56 am
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बारात में मारपीट से दूल्हा रूठा, बाद में मंडप में शादी पूरी कराई गई

Barh, Bihar:बाढ़ अनुमंडल के दयाचक में शादी में एक हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। बारात से मारपीट की घटना के बाद दूल्हा रूठ गया और उसने शादी करने से ही मना कर दिया। बाद में शादी के लिए रूठे दूल्हे को मनाने में घरातियों और पुलिस प्रशासन के भी पसीने छूट गए। किसी तरह दूल्हे को समझा बुझाकर शादी के मंडप पर वापस लाया गया। घटना बाढ़ रेलवे स्टेशन के पास दयाचक मोहल्ले का है, जहां झारखंड से आई बारात के साथ मारपीट की गई। स्थानीय लोगों से विवाद में सात बाराती घायल हो गए , जिनका इलाज बाढ़ अनुमंडल अस्पताल में चल रहा है। मारपीट से नाराज दूल्हे ने शादी करने से ही मना कर दिया। बारात बोकारो सेक्टर-9 से आई थी। बारात में लोग डीजे पर नाच रहे थे, तभी अचानक कुछ असामाजिक तत्व भीड़ में घुसकर बदतमीजी करने लगे। देखते-देखते बारात में लाठी-डंडे चलने लगे। इस हमले में सात बाराती गंभीर रूप से घायल हो गए। खून-खराबा देखकर दूल्हा ने शादी करने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच घंटों ड्रामा चलता रहा। लड़की पक्ष के लोग अस्पताल पहुंचे और मंडप की जगह अस्पताल परिसर में ही शादी का दबाव बनाने लगे। कभी मंदिर में शादी की चर्चा होती, तो कभी सड़क पर हंगामा होने लगा। स्थिति को बिगड़ता देख स्थानीय प्रशासन और अस्पताल के डॉक्टरों ने मोर्चा संभाला। दोनों पक्षों को काफी देर तक समझाया-बुझाया, फिर पुलिस के सहयोग से दूल्हे को वापस मंडप में लाया गया और जल्दबाजी में जयमाला और सिंदूरदान की रस्में पूरी की गईं। किसी तरह विदाई की रस्म पूरी कर बाराती को बोकारो के लिए रवाना कर दिया गया.
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साहिबगंज में हाईटेक नशा कारोबार: तीन रास्तों से सप्लाई फैल रहा है

Sahibganj, Jharkhand:दिल्ली, मुंबई और पंजाब के तर्ज पर अब साहिबगंज जिले में भी नशे का कारोबार पुख़ हाईटेक होते जा रहा हैं. जिसमे सूखा नशा का जड़ अब समाज के नौयुवक और छोटे उम्र के लड़को में जमाते जा रहा हैं. साहिबगंज में सूखा नशा जैसे गांजा, हीरोइन, ब्राउन शुगर जो बड़े शहरों के लिए आम हैं वो अब इस पिछड़े इलाकों में भी फलता फूलता जा रहा हैं. जिसके खिलाफ पुलिस प्रशासन की लगातार कार्यवाही भी होती हैं और कई बार पकडे भी गए हैं. झारखण्ड का साहिबगंज जिला का भौगोलिक बनावट कुछ इस प्रकार से हैं की एक ओर पश्चिम बंगाल के मालदा और मुर्शिदाबाद जिला से सटा हैं तो दूसरी ओर बिहार के कटिहार और भागलपुर जिला से वही पाकुड़ और गोड्डा जिला से भी यह अपनी सीमा साझा करती हैं. ऐसे में पूरी संभावना हैं की पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश से यह नशे के कारोबार का तार जुडा हो. लेकिन यह काला कारोबार साहिबगंज सहित झारखण्ड के युवा पीढ़ी को अपने चपेट में ले रही हैं. इसे रोकना प्रशासन के लिए बाड़ी चुनौती हैं. हालांकि प्रशासन इस पर बड़ी एक्शन की तैयारी में हैं. इसके साथ साथ नशा के खिलाफ जागरूकता अभियान चला कर युवा पीढ़ी को नशा के दलदल से बचाने का मुहीम भी चलाया जा रहा हैं. इसके वावजूद यह सिर्फ एक समस्या नहीं, बल्कि संगठित अपराध का रूप ले चुका है। हर दिन करीब मोटे गांजे की खपत और लगभग लाखों रुपये का अवैध कारोबार… ये आंकड़े खुद बता रहे हैं,कि हालात कितने गंभीर हैं। अब जिला प्रशासन और पुलिस इस पूरे नेटवर्क को तोड़ने की तैयारी में जुट गई है।जिले में गांजे का अवैध कारोबार तेजी से अपने पैर पसार चुका है। शहर हो या गांव… हर गली, हर चौक पर “चलता-फिरता दुकान” बन चुका यह नेटवर्क अब खुलेआम युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। साहिबगंज में गांजे की सप्लाई एक संगठित नेटवर्क के जरिए तीन रास्तों से हो रही है।ट्रेन से पश्चिम बंगाल के रास्ते,गंगा नदी के जरिए नावों से,और बसों के माध्यम से।इन तीनों रूट से लगातार सप्लाई होने के कारण यह कारोबार बिना किसी रुकावट के फल-फूल रहा है। हैरानी की बात यह है कि पान गुमटी, चाय दुकान, कुरकुरे-लेज स्टॉल से लेकर अंडा दुकानों तक में खुलेआम गांजा बेचा जा रहा है। कई जगहों पर सिगरेट में भरकर इसकी बिक्री होती है, जिससे पहचान करना और भी मुश्किल हो जाता है।रेलवे स्टेशन, गंगा घाट और मोहल्लों की गलियों तक इसका जाल फैला हुआ है। वही सूत्रों कि माने तो इसको बेचने वाला अंजुमन नगर,गुल्ली भट्ठा,रसुलपुर दहला,बिजली घाट के लोग शामिल है,वही दिन कि शुरुआत होते ही इन इलाकों से ऑर्डर पर होम डिलीवरी कि जाती है।ऑर्डर डिलीवरी के लिए खास कोड इस्तेमाल किए जाते है,जो पुराने कस्टमर है,बिना कोड के नए कस्टमर को सफेद पुरिया का जहर सप्लाई नहीं किया जाता है,क्योंकि पुलिस से पकड़े जाने का डर रहता है। इधर, जिला तंबाकू नियंत्रण समिति की बैठक में प्रशासन ने इस पूरे नेटवर्क पर सख्ती से कार्रवाई का फैसला लिया है।हेड क्वार्टर डीएसपी विजय कुमार कुशवाहा ने साफ कहा है कि नशा निवारण समिति के निर्देशों के तहत अब बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा।ब्राउन शुगर और गांजा जैसे नशे के कारोबार में शामिल सफेदपोशों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।बहुत जल्द नशा के पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए सर्च अभियान चलाया जाएगा, सफेदपोशों की भी पहचान की जाएगी।स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थलों के आसपास विशेष निगरानी रखी जाएगी। ड्रग्स इंस्पेक्टर और थाना प्रभारियों के समन्वय से लगातार सर्च ऑपरेशन चलाने की रणनीति बनाई गई है.
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बस्तर में ट्रॉमा सेंटर खोलने की मांग अधूरी, जान बचाने की उम्मीद जिंदा

Jagdalpur, Chhattisgarh:बस्तर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के तहत ट्रॉमा सेंटर शुरू करने की मांग लंबे समय से रही है, लेकिन बतर की यह मांग पूरी नहीं हो पाई, डिमरापाल स्थित मेडिकल कॉलेज में संभाग का पहला 20 बेड वाला ट्रॉमा सेंटर 2021 में तैयार कर लेने का दावा तात्कालीन सरकार ने किया था, लेकिन यह दावा सिर्फ कागजी ही साबित हुआ, ट्रॉमा सेंटर में विशेषज्ञ डाॅक्टर के तौर पर एक न्यूरो सर्जन, 2 आर्थोपेडिक और एक रेडियोलाजिस्ट की तैनाती होनी थी, आखिर बस्तर में क्यूं जरूरी है ट्रॉमा सेंटर- दरअसल बस्तर में एंटी नक्सल ऑपरेशन के दौरान बड़ी संख्या सुरक्षा बल के जवान घायल हो जाते थे , ऐसे में ट्रॉमा सेंटर एक विशेष अस्पताल या विभाग है जहां गंभीर चोंट (Major Injuries) के मरीजों को तत्काल जीवन रक्षक चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जाती है यहाँ 24/7 विशेषज्ञ सर्जन, न्यूरोसर्जन, एनेस्थेटिस्ट और आर्थोपेडिक डॉक्टर उपलब्ध होते हैं, जो गंभीर मरीजों का तुरंत ऑपरेशन और इलाज कर जान बचाते हैं, बस्तर में हाल के दिनों में देखा भी गया जब सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में लोग घायल हुए घायलों की संख्या 20 से 30 होने पर ब्लॉक स्तर के अस्पताल मरीजों को जिला स्तर के अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज में रेफर कर देते है लेकिन अगर ट्रॉमा सेंटर चालू होता है तो आपातकालीन स्थिति में गंभीर चोंट के मरीजों की जान जल्दी बचाई जा सकती है ।
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IACC राजस्थान चैप्टर का शुभारंभ; निवेश और रोजगार की गति पर जोर

Jaipur, Rajasthan:इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स के राज.चैप्टर का शुभारंभ, राजस्थान चैप्टर दोनों देशों के उद्योग जगत के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगा, कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी मुख्य अतिथि रहीं, दिया कुमारी ने कहा कि पीएम और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में देश और प्रदेश में विकास की नई गति देखने को मिल रही, केंद्र सरकार द्वारा कई जनकल्याणकारी और विकास योजनाएं चलाई जा रही हैं, वहीं राजस्थान सरकार भी ‘विकसित भारत’ के विजन को साकार करने के लिए ‘विकसित राजस्थान’ की दिशा में लगातार काम कर रही है, उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने, उद्योगों को प्रोत्साहन देने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं, सरकार का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, उद्योग और स्टार्टअप सेक्टर को मजबूत करने पर है, जिससे राजस्थान आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बन सके, इस दौरान यूएस एंबेसी के मिनिस्टर काउंसलर जोनाथन हीमर ने भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की जरूरत पर बल दिया, उन्होंने कहा कि राजस्थान में निवेश और व्यापार की अपार संभावनाएं हैं, IACC का राजस्थान चैप्टर दोनों देशों के उद्योग जगत के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगा, IACC के फार्मर नेशनल प्रेसिडेंट डॉ ललित बेसिन ने बताया कि अमेरिका चीन के साथ जिस तरह से भारत को परिभाषित करता है तो हम उन्हें मैसेज देना चाहते हैं कि भारत चीन जैसा देश नहीं है, हम अपनी संस्कृति विरासत के साथ तेजी से विकास कर रहे हैं और जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहे हैं, कार्यक्रम में उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों, व्यापारिक संगठनों और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोगों ने भाग लिया
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जामिया यूनिवर्सिटी: NSUI के विरोध से प्रशासन और RSS समर्थकों के बीच तकरार

Noida, Uttar Pradesh:एनएसयूआई प्रेजेंट फैजान का कहना है कि हम जब कभी भी इस तरह का प्रोग्राम करना चाहते हैं कोई भी प्रोग्राम तो हमको परमिशन नहीं दी जाती वहीं दूसरी तरफ आरएसएस का कोई भी प्रोग्राम होता है तो उसको बता दो ऑडिटोरियम में बिठाकर प्रोग्राम करवाया जाता है हमारा विरोध इस बात को लेकर है कि अगर आप प्रोग्राम रस का बाहर के लोगों का प्रशासन जामिया के अंदर करवाता है तो हमारे प्रोग्राम के लिए रोग क्यों है इसको लेकर आज हमने अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया एडमिनिस्ट्रेशन से कहा बाहर से गुंडे बुलाए गए थे आरएसएस के लोग थे जिन्होंने हमारे लड़कियों के साथ लड़कों के साथ मारपीट की धक्का मुक्ति की प्रशासन ने मारपीट की कुछ लड़कों की तबीयत खराब हुई है
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जयपुर में रिश्तेदारों से विवाद के बाद युवक की किडनैपिंग, कार में मारपीट

Jaipur, Rajasthan:जयपुर शहर में एक युवक की किडनैपिंग का मामला सामने आया है। रिश्तेदारों की जमानत देने आए युवक को रंजिश के चलते परिचित मारपीट कर कार में पटक ले गए। पुलिस शिकायत का पता चलने पर किडनैप युवक को रोड किनारे फेंक किडनैपर फरार हो गए। बनीपार्क थाना पुलिस ने पीड़ित युवक की शिकायत पर FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।दरअसल जयसिंहपुरा खोर के रहने वाले महेन्द्र सैनी का किडनैप हुआ था। जयसिंहपुरा इलाके में महेन्द्र के रिश्तेदारों का पड़ोसियों से झगड़ा हो गया था। पुलिस की ओर से कार्रवाई कर उसके दो रिश्तेदारों को शांतिभंग में अरेस्ट किया गया था।26 अप्रैल को दोपहर पुलिस की ओर से पकड़े गए दोनों रिश्तेदारों को कलेक्ट्री में पेश किया गया। रिश्तेदारों की जमानत देने के लिए महेन्द्र कलेक्ट्री आया हुआ था। आरोप है कि शाम करीब 5:30 बजे वह पानी की बोतल भरने के लिए बाहर आया। इसी दौरान दूसरे पक्ष के परिचित भी पीछे-पीछे आ गए।कहासुनी होने पर चार-पांच जने उसे पकड़ने के लिए पीछे भागे। कलेक्ट्री के गेट नंबर-1 की तरफ भागने पर पीछा कर उसे पकड़ लिया। फिल्मी स्टाइल में मारपीट कर जबरन कार में पटक कर ले गए। चलती कार के अंदर मारपीट की।घरवालों की ओर से पुलिस शिकायत करने का अपहरणकर्ताओं को पता चला। पुलिस कंट्रोल रूम को भी सूचना देने के बारे में सुनकर जयसिंहपुरा खोर थाने के बाहर रोड किनारे फेंककर फरार हो गए। बनीपार्क थाने में पीड़ित की ओर से सोमवार रात मामला दर्ज करवाया गया。
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पानीपत में शिकायतों पर तेज कार्रवाई का भरोसा, बेदी का विपक्ष पर हमला

Panipat, Haryana:पानीपत में शिकायतों पर तेज कार्रवाई का भरोसा, कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी का विपक्ष पर हमला 12 शिकायतें सुनी गईं, 5 का मौके पर निपटान, बाकी पर बनीं कमेटियां | हुड्डा के वॉकआउट पर बोले—“सुर्खियां बटोरने की राजनीति” पानीपत, पानीपत में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक सामाजिक न्याय और अधिकारिता कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें कुल 12 शिकायतों पर सुनवाई की गई। बैठक के दौरान 5 शिकायतों का मौके पर ही निपटान कर दिया गया, जबकि शेष मामलों के समाधान के लिए संबंधित कमेटियों का गठन किया गया है। कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने बताया कि समिति के एजेंडा में कुल 12 मामले शामिल थे, जिनमें 9 पुराने और 3 नए मामले थे। उन्होंने कहा कि लंबित 7 मामलों पर भी तेजी से कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं और अगली बैठक से पहले इन पर रिपोर्ट तैयार कर न्याय सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि पहले शिकायतों की संख्या काफी अधिक थी, लेकिन अब भाजपा सरकार और टीम के प्रयासों से इसमें कमी आई है। “हमारा प्रयास है कि लोगों की शिकायतों का जल्द से जल्द समाधान किया जाए और शासन-प्रशासन पर जनता का भरोसा कायम रखा जाए,” उन्होंने कहा। बैठक में कुछ तकनीकी रूप से जटिल मामलों को सुलझाने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। हाउसिंग और कॉलोनियों से जुड़े मामलों के निपटान के लिए विवेक चौधरी को विशेष तौर पर जिम्मेदारी दी गई है। प्रेस वार्ता में विपक्ष पर निशाना बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर भी प्रतिक्रिया दी। दुष्यंत चौटाला की महापंचायत को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि “पानीपत में ऐसा कोई माहौल नहीं है। प्रशासन अपना काम कर रहा है और सभी के साथ न्याय करेगा।” वहीं, नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा विधानसभा से वॉकआउट कर ‘समानांतर सदन’ चलाने पर उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “वोट विधानसभा में बैठकर जनता की आवाज उठाने के लिए मिले हैं, बाहर बैठने के लिए नहीं। अगर वे सकारात्मक चर्चा करते तो हरियाणा के हित में होता।” उन्होंने आगे कहा कि हुड्डा का यह कदम केवल सुर्खियां बटोरने की कोशिश है, जो सफल होती नजर नहीं आ रही। “जब स्पीकर नाम लेकर बाहर निकालते हैं तो वे जाने से इनकार करते हैं, और जब बुलाया जाता है तो अंदर नहीं आते—यह सब जनता देख रही है,” उन्होंने जोड़ा。 बाइट कृष्ण बेदी कैबिनेट मंत्री
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