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बुलंदशहर में मंत्री ने फीता काटकर किया रक्तदान शिविर का शुभारंभ
Bulandshahr, Uttar Pradesh:बुलंदशहर में काकोरी ट्रेन एक्शन की शताब्दी वर्ष महोत्सव के अवसर पर अमर क्रांतिकारियों की पुण्य स्मृति में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर का उद्घाटन भाजपा मंत्री नरेंद्र कश्यप ने फीता काटकर किया।
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जम्मू-कश्मीर के लिए 10 अप्रैल तक यात्रा अलर्ट, IMD ने बारिश-बर्फबारी की चेतावनी जारी
Srinagar, जम्मू-कश्मीर में 10 अप्रैल, 2026 तक यात्रा अलर्ट जारी; IMD ने बारिश और बर्फबारी का अनुमान लगाया। श्रीनगर समेत घाटी के हिस्सों में हो रही हैं तेज बारिश। एक ताज़ा अपडेट में, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अप्रैल की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर के मैदानी इलाकों में बारिश और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का नया मौसम अलर्ट जारी किया है। केंद्र शासित प्रदेश की यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों को चेतावनी दी गई है कि एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण 10 अप्रैल तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। IMD के पूर्वानुमानों के अनुसार, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में रुक-रुक कर बारिश और बर्फबारी होगी। आसमान बादलों से घिरा रहेगा और ऊपरी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होगी। इस बीच आज दोपहर के बार श्रीनगर के साथ साथ दूसरे इलाकों में भी तेज बारिश हो रही हैं जिसकी वजह से ऐक वार फिर ठंड का एहसास लोगों को हुआ है। एक मज़बूत पश्चिमी विक्षोभ अगले 36 घंटों में जम्मू-कश्मीर को प्रभावित करने वाला है, जिससे पूरे केंद्र शासित प्रदेश में मध्यम से भारी बारिश होगी। ज़ोजिला, सिंथन टॉप, मुगल रोड, साधना टॉप और राजदान टॉप सहित ऊंचे इलाकों और पहाड़ी दर्रों पर ताज़ा बर्फबारी होने की संभावना है।0
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आगरा के जूता उद्योग पर तनाव: मध्यपूर्व संकट से कारोबार और नौकरियां खतरे में
Agra, Uttar Pradesh:अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान के बीच बढ़ते युद्ध जैसे हालात का असर अब उत्तर प्रदेश के आगरा तक पहुंच गया है। ताजमहल के शहर में बने करीब 24 मिलियन डॉलर (लगभग 200 करोड़ रुपये) के जूते इस समय समंदर में अटके हुए हैं। अनिश्चितता ऐसी है कि कारोबारियों के सामने हालात “आगे कुआं, पीछे खाई” जैसे बन गए हैं। दरअसल आगरा से मिडिल ईस्ट के देशों में हर साल करीब 121 मिलियन डॉलर यानी लगभग 1,125 करोड़ रुपये के जूतों का निर्यात होता है। लेकिन पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने इस पूरे कारोबार पर संकट के बादल खड़े कर दिए हैं। आगरा भारत का सबसे बड़ा फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग हब माना जाता है। यहां हजारों छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां जूते बनाती हैं और लाखों कारीगर इस उद्योग से जुड़े हुए हैं। यूरोप, अमेरिका और खासकर मिडिल ईस्ट के देशों में आगरा के लेदर शू और सेफ्टी शू की अच्छी मांग रहती है। लेकिन युद्ध की आशंका और समुद्री मार्गों में अस्थिरता के कारण अब इस कारोबार की “कमर टूटती” नजर आ रही है। फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैंबर (FMAC) के सदस्य राजेश सहगल का कहना है कि हालात बेहद गंभीर हो चुके हैं। उनके मुताबिक, “सरकारी आंकड़ों के मुताबिक आगरा से यूएई के लिए करीब 121 मिलियन डॉलर का एक्सपोर्ट होता है, जो हमारे कुल एक्सपोर्ट का लगभग 3 प्रतिशत है। लेकिन इस समय यह कारोबार लगभग जीरो पर आ गया है। करीब 24 मिलियन डॉलर का प्रोडक्ट समंदर में खड़ा हुआ है। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि क्या स्थिति है। सबसे बड़ी दिक्कत अनिश्चितता की है। यहां किसी को नहीं पता कि कल क्या होगा। ऐसे में न कोई फैसला ले पा रहा है और न ही कोई रणनीति बन पा रही है। फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैंबर (FMAC) के प्रेसिडेंट गोपाल गुप्ता के मुताबिक उद्योग पहले से ही मुश्किल दौर से गुजर रहा है। गोपाल गुप्ता कहते हैं, “सबसे बड़ी समस्या यह है कि हमारी सेलिंग प्राइस पहले से तय है, लेकिन रॉ मटेरियल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। चाहे सोल हो, हिल हो, पैकिंग मटेरियल हो, केमिकल्स हों या लेदर की प्रोसेसिंग में इस्तेमाल होने वाली चीजें—सबकी कीमत बढ़ चुकी है। यह बढ़ोतरी भी स्थिर नहीं है, कल कीमत और बढ़ सकती है। ऐसे में मार्जिन लगातार सिकुड़ते जा रहे हैं। जूता उद्योग बहुत कठिन समय से गुजर रहा है। करीब 5 लाख मजदूर सीधे और परोक्ष रूप से इस उद्योग से जुड़े हैं। ऐसे में सरकार से राहत पैकेज की बेहद जरूरत है। एफमैक सदस्य माला खेड़ा का कहना है कि उद्योग के सामने लागत का संकट खड़ा हो गया है। माला खेड़ा के मुताबिक, “हर चीज की कीमत बढ़ रही है। ऐसे में प्रोडक्ट की लागत कितनी अपनी जेब से देंगे? क्लाइंट पहले ही एक कीमत तय कर चुका है। रॉ मटेरियल सप्लायर हर तीसरे दिन दाम बढ़ाने का मेल भेज देते हैं। ऐसे में सवाल यह है कि उद्योग कितने दिन तक सर्वाइव करेगा? हमें सभी का सहयोग चाहिए। हम अपने प्रॉफिट मार्जिन भी कम करेंगे, लेकिन सरकार से अनुरोध है कि पेट्रोकेमिकल की बढ़ती कीमतों में राहत दी जाए। आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्ट चैंबर के वरिष्ठ व्यापारी कैप्टन राणा का कहना है कि जूता उद्योग सीधे तौर पर पेट्रोकेमिकल्स पर निर्भर है। कैप्टन राणा बताते हैं, “जूता बनाने में करीब 70 प्रतिशत सामग्री पेट्रोलियम से जुड़ी होती है। जितने भी देशों से पेट्रोकेमिकल आता है, वे सभी इस संकट से प्रभावित हैं। इसका असर अब दिखने लगा है। गैस आधारित करीब 30 प्रतिशत से ज्यादा इंडस्ट्री बंद हो चुकी हैं। पेट्रोकेमिकल से जुड़े सामान की कीमतों में 40 से 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो चुकी है। हमने जनवरी में जो रेट दिए थे, अब उन्हीं कीमतों पर सप्लाई करना भारी पड़ रहा है। इस समय 2027 के ऑर्डर का माल बन रहा है और यूरोप व यूएई के खरीदार भी कंफ्यूज हैं कि आगे हालात क्या होंगे। फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग एंड एक्सपोर्ट चैंबर (FMAC) के उपाध्यक्ष राजीव वासन का कहना है कि उद्योग लगातार संकटों से जूझ रहा है। राजीव वासन कहते हैं, आगरा से करीब 121 मिलियन डॉलर का एक्सपोर्ट होता है और इसका बड़ा हिस्सा इस समय हाई सी या पोर्ट्स पर फंसा हुआ है। पहले कोविड आया, फिर अमेरिका के टैरिफ का असर पड़ा, उसके बाद यूक्रेन युद्ध हुआ और अब यह नया संकट सामने है। हम हर तरफ से घिर गए हैं। लॉजिस्टिक्स कॉस्ट बढ़ रही है, रॉ मटेरियल महंगा हो गया है और ऑर्डर को लेकर भी अनिश्चितता है। आगरा की जूता इंडस्ट्री में करीब 5 लाख लोग सीधे या परोक्ष रूप से रोजगार पाते हैं। अगर पश्चिम एशिया का संकट लंबा खिंचता है तो इसका असर सिर्फ कारोबार पर ही नहीं बल्कि हजारों मजदूरों की रोजी-रोटी पर भी पड़ सकता है। कुल मिलाकर हालात ऐसे बन गए हैं कि आगरा का जूता उद्योग इस समय “सांप-छछूंदर की स्थिति” में फंसा हुआ है—न आगे बढ़ पा रहा है, न पीछे हट पा रहा है। दूर बैठे युद्ध की आंच अब ताज के शहर के कारोबार को भी झुलसाने लगी है।0
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US पेटेंट दवाओं पर 100% टैरिफ से भारतीय फार्मा पर असर नहीं, संरक्षणवाद चिंता
Noida, Uttar Pradesh:Trump's 100% tariff on patented pharmaceutical imports to US is unlikely to cause immediate disruption to Indian drugmakers, as the move largely targets branded medicines while exempting generics and biosimilars, said Siddharth Mittal, CEO and Managing Director of Biocon Limited. Mittal said the tariff action is aimed at boosting domestic manufacturing in the United States but does not significantly impact Indian players in the near term. The recent tariff action by President Trump is clearly aimed at incentivising domestic manufacturing in the US. However, the current framework is targeted at branded and patented drugs, with generics and biosimilars largely exempt, which limits any immediate disruption for Indian players like Biocon, he said. Mittal added that the exclusion of generics provides a cushion for India's pharmaceutical exports, particularly to the US, where Indian companies have a strong presence. In the near term, the exclusion of generics offers a buffer, ensuring continuity in exports of low-cost medicines that form the backbone of India's pharmaceutical trade with the US, he said, noting that Indian drugmakers command a significant share in the US generics market. However, he cautioned that the move signals rising protectionism in global trade, which could impact the industry in the longer term. That said, the move does introduce a layer of policy uncertainty. While the direct impact is contained for now, the broader signal is one of increasing protectionism, which industry will be closely watching, Mittal said. The United States has recently announced sweeping trade measures targeting patented pharmaceutical imports and metals, with a 100 per cent tariff applicable to patented drug imports from countries, including India. Mittal also highlighted that the pharmaceutical sector continues to face challenges from rising logistics and supply chain costs amid ongoing geopolitical tensions. We have seen a rise in logistics and supply chain costs due to disruptions in key shipping routes. Insurance costs have also risen, and longer transit times are becoming the norm, he said. He further pointed out that the ongoing conflict in West Asia remains a key concern for the industry, even though pharmaceuticals are considered an essential sector. While pharmaceuticals are relatively resilient, any prolonged instability in the region impacts energy prices, shipping routes, and overall trade flows, which in turn affects input costs and delivery timelines, he added. Sharing the outlook for the upcoming financial year, Mittal said, Looking ahead to FY27, we remain cautiously optimistic. Demand fundamentals for pharmaceuticals—especially generics, biosimilars, and speciality therapies—remain strong globally, he said. He added that India will continue to play a critical role in supplying cost-effective medicines worldwide, though future growth will depend on evolving global trade policies and the industry's ability to manage cost pressures and diversify supply chains.0
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श्रीगंगानगर-राजियासर में 10 मिनट ओलावृष्टि, फसलें बर्बाद
श्रीगंगानगर- राजियासर इलाके में भारी ओलावृष्टि जमीन पर बिछी ओलो की सफेद चादर पूरे इलाके में फसले हुई तबाह राजियासर इलाके के मोकलसर ,बछरारा अर्जुनसर सहित इलाके करीब 10 मिनिट तक हुई ओलावृष्टि0
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राजियासर में करीब 10 मिनट भारी ओलावृष्टि, फसलें तहस-नहस
श्री गंगानगर -राजियासर इलाके में भारी ओलावृष्टि जमीन पर बिछी ओलो की सफेद चादर पूरे इलाके में फसले हुई तबाह राजियासर इलाके के मोकलसर ,बछरारा अर्जुनसर सहित पूरे इलाके करीब 10 मिनिट तक हुई ओलावृष्टि0
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यमुनानगर के वार्ड 8 और 10 में करोड़ों के विकास कार्यों का शिलान्यास
Yamuna Nagar, Haryana:नगर निगम की मेयर सुमन बहमनी और विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने नगर निगम के वार्ड आठ व 10 में एक करोड़ 50 लाख चार हजार रुपये की लागत से होने वाले तीन विकास कार्यों का शिलान्यास किया। मेयर सुमन बहमनी ने गुणवत्ता के साथ तय समय में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। सबसे पहले मेयर और विधायक ने वार्ड 8 स्थित मॉडल टाउन सोसायटी ग्राउंड पार्क के नवीनीकरण और सौंदर्यीकरण कार्य का शिलान्यास किया। इस कार्य पर 31 लाख 4 हजार रुपये की लागत आएगी। पार्क के सौंदर्यीकरण के तहत नई टाइल, बैठने की बेहतर व्यवस्था, हरियाली बढ़ाने और आधुनिक लाइटिंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएगी, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर सार्वजनिक स्थल मिल सकेगा। इसके बाद वार्ड 8 में ही गोविंदपुरी रोड से हुडा मोड़ तक सड़क और नाली निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इस परियोजना पर 72 लाख 35 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। सड़क और नाली बनने से क्षेत्र में जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी तथा यातायात व्यवस्था भी सुगम होगी। स्थानीय निवासियों ने बताया कि बरसात के दिनों में यहां अक्सर परेशानी का सामना करना पड़ता था, जिसे यह निर्माण कार्य काफी हद तक दूर करेगा। इसके बाद वार्ड 10 में गुप्ता ट्रेडिंग से सिटी सेंटर तक नाले के निर्माण और गांधी मार्केट में टाइल लगाने के कार्य का शिलान्यास किया गया। इस पर 46 लाख 65 हजार रुपये खर्च होंगे। बाजार क्षेत्र में इन कार्यों से जल निकासी व्यवस्था मजबूत होगी और व्यापारियों व ग्राहकों को साफ-सुथरा तथा व्यवस्थित माहौल मिलेगा। मेयर सुमन बहमनी ने कहा कि नगर निगम शहर के प्रत्येक वार्ड में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य शहर के हर वार्ड में समान रूप से विकास कार्य कराना है, ताकि नागरिकों को बेहतर सड़कें, पार्क, नालियां और स्वच्छ वातावरण मिल सके। निगम क्षेत्र में विकास की गति लगातार तेज की जा रही है और आने वाले समय में भी करोड़ों रुपये के अन्य जनहित कार्य शुरू किए जाएंगे, उन्होंने कहा कि जिससे यमुनानगर को और अधिक सुंदर, सुव्यवस्थित और आधुनिक शहर बनाया जा सके। यमुनानगर-जगाधरी को आधुनिक, स्वच्छ और सुव्यवस्थित शहर बनाने का काम जारी रहेगा।0
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने INS Taragiri का सफल कमीशनिंग किया, नौसेना की ताकत बढ़ी
Noida, Uttar Pradesh:Defence Minister Rajnath Singh commissioned the advanced stealth frigate INS Taragiri in Visakhapatnam. The warship is an advanced stealth frigate under Project 17A of the Indian Navy. Indian Navy chief Admiral Dinesh Kumar Tripathi and Chief of Defence Staff Anil Chauhan were among the attendees, along with other senior Indian Navy officials. The induction of Taragiri comes at a time when the strategic and maritime importance of India's eastern seaboard continues to grow, driven by evolving regional security dynamics and India's deepening engagement in the Indo-Pacific. The commissioning of Taragiri highlights the Navy's sustained focus on strengthening its combat readiness and operational might through its ambitious fleet augmentation programme. As the fourth potent platform of the Project 17A class, Taragiri is not merely a ship; it is a 6,670-tonne embodiment of the 'Make in India' spirit and the sophisticated engineering capabilities of our indigenous shipyards. Built by Mazagon Dock Shipbuilders Limited (MDL), Mumbai, this Frigate represents a generational leap over earlier designs, offering a sleeker form and a significantly reduced Radar Cross-Section that allows it to operate with lethal stealth. With indigenous content exceeding 75 per cent, the ship highlights the maturity of a domestic industrial ecosystem that now spans over 200 MSMEs, contributing to the GoI's Aatmanirbharta initiatives supports thousands of Indian jobs. Driven by a Combined Diesel or Gas propulsion plant, Taragiri is designed for 'High-Speed - High Endurance' versatility and multi-dimensional maritime operations. The ship's weapon suite is world-class, featuring supersonic Surface-to-Surface Missiles, Medium Range Surface-to-Air Missiles, and a specialised Anti-Submarine Warfare suite. These systems are seamlessly integrated through a state-of-the-art Combat Management System, ensuring that the crew can respond to threats with split-second precision. Beyond its role as a premier hunter of the seas, Taragiri is built for the complexities of modern diplomacy and humanitarian crises. Its flexible mission profile makes it ideal for everything from high-intensity combat to Humanitarian Assistance and Disaster Relief. The Indian Navy continues to grow as a combat-ready, cohesive, credible, Aatmanirbhar force, safeguarding the seas for a Viksit, Samriddha Bharat guarded by ships designed by Indians, built by Indians and operated by Indians. Taragiri stands ready for a promising future as a beacon of rising maritime power and an ironclad guardian of the country's blue frontiers.0
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बिमलता गाँव आजादी के 79 साल बाद भी बिजली और सड़क से महरूम
Korba, Chhattisgarh:कोरबा जिला छग का पावर हब है, बावजूद जिले के ग्राम पंचायत नकिया के आश्रित ग्राम बिमलता के ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। आजादी के 79 साल होने को आ गए लेकिन इस गाँव में आज भी सड़क और बिजली का अभाव है. घरों में सोलर लाइट तो लगा दिए गए हैँ पर वह नाकाफी है. तेज हवा चलते ही सोलर प्लेट या तो उड़ जाते है या टूट जाते हैँ. ऐसे में आदिवासी परिवार ढिबरी और कंडील के सहारे जीवन यापन करने को मजबूर हैं। गांव की पहुँच के लिए सुगम सड़क भी आज तक नहीं बनाई गयी है. आज भी गांव वाले गड्डे युक्त सड़क से आना जाना करते हैं।0
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जालौन में दबंगों ने CRPF जवान के बेटे के साथ मारपीट की; शिकायत दर्ज
Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन में दबंगों ने CRPF जवान के बेटे के साथ एक सप्ताह पूर्व मारपीट की. बेल्टों से बेरहमी से हमला किया गया, जिससे घायल युवक जिला अस्पताल उरई में भर्ती कराया गया. घायल युवक के परिवार ने दबंगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए SP जालौन से शिकायत की. जम्मू-कश्मीर में तैनात CRPF जवान ड्यूटी छोड़कर शिकायत दर्ज कराने SP कार्यालय पहुंचे. जवान ने चौकी इंचार्ज पर आरोप लगाया कि उसने आरोपियों के साथ मामूली कार्रवाई कर छोड़ने के लिए पैसे लिए. यह मामला जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र के सुशील नगर इलाके का है.0
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बिहार में जहरीली शराब से मौतें, शराबबंदी कानून पर फिर उठे सवाल
Noida, Uttar Pradesh:मोतिहारी में जहरीली शराब के कारण 4 लोगों की मौत, 6 लोगों की आंखों की रोशनी चले जाना और कई लोगों की हालत गंभीर होना अत्यंत दुखद है। यह घटना एक बार फिर एनडीए सरकार के शराबबंदी कानून की विफलता और उसकी गंभीर खामियों को उजागर करती है。 हालांकि यह बिल्कुल भी पहली बार नहीं है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार शराबबंदी लागू होने के बाद से अब तक बिहार में जहरीली शराब से 1300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। यह तो केवल सरकारी आंकड़ा है, हकीकत में यह संख्या इससे कहीं अधिक है। इतना ही नहीं, कई दर्जन लोग अपनी आंखों की रोशनी भी खो चुके हैं। शराबबंदी कानून का मूल उद्देश्य अब पूरी तरह भटक चुका है। यह कानून सत्ताधारी भाजपा-जदयू के कुछ नेताओं, भ्रष्ट अधिकारियों और उनके संरक्षण में पल रहे शराब माफियाओं व भ्रष्ट तंत्र के लिए कमाई का कमाऊ पूत बन गया है। बिहार में खुलेआम जहरीली शराब बन रही है, धड़ल्ले से पुलिस की मिलीभगत से बेची जा रही है, घर-घर होम डिलीवरी हो रही है। सरकार की नाक के नीचे यह सब चल रहा है और इसकी कीमत बिहार के गरीब और आम लोग अपनी जान देकर चुका रहे हैं。 #शराबबंदी #Bihar0
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BJP विधायक पूर्णा सेठी ने केंद्र सरकार से गंजम योजना बोर्ड के अध्यक्ष पद संबंधी प्रतिक्रिया दी
East coast railway ra office Odisha ru uthijiba nei pratikriya rakhile BJP MLA Purna Sethi, kahile Kendra sarakar nku enei pacharibu o Ganjam Jojana board ra adhakhyata bisayare dele bibruti0
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सिकंदराराऊ के लाल ने UPPCS-2024 में हासिल की 51वीं रैंक, जिले में खुशी की लहर
Sikandra Rao, Uttar Pradesh:सिकंदराराऊ (हाथरस): 'लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।' इस उक्ति को चरितार्थ कर दिखाया है नगर के शिव कॉलोनी निवासी अमित कुमार ने। अमित ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPCS-2024) में 51वीं रैंक प्राप्त कर कमर्शियल टैक्स ऑफिसर के पद पर चयनित होकर पूरे जिले का मान बढ़ाया है।शुक्रवार को जैसे ही अमित की सफलता की खबर नगर में पहुंची, उत्सव का माहौल बन गया। मित्रों और परिजनों ने अमित को फूल-मालाओं से लाद दिया। मिठाई बांटकर और ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते हुए युवाओं ने उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाया। अमित की मेधा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय, अगसौली से विद्यालय के एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आए SDM के रुतबे और सम्मान को देखकर बाल मन में अधिकारी बनने का सपना अंकुरित हुआ।डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से स्नातक करने के बाद उन्होंने लक्ष्य की ओर कदम बढ़ा दिए। अमित की यह राह इतनी आसान नहीं थी। पिता के निधन के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।मेहनत के दम पर उनका चयन लेखपाल के पद पर हुआ और वर्तमान में वह सहारनपुर में तैनात हैं। दो बार मेंस (Mains) परीक्षा तक पहुंचने के बावजूद अंतिम चयन न होने पर भी अमित विचलित नहीं हुए। अपनी कमियों को सुधारा, लखनऊ में समाज कल्याण विभाग की सरकारी कोचिंग से मार्गदर्शन लिया और तीसरे प्रयास में सफलता का शिखर छू लिया। "सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। लेखपाल की ड्यूटी के साथ तैयारी करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन मन में वह एसडीएम का रुतबा और मां का सपना हमेशा जिंदा रहा।" — अमित कुमार0
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प्रेमनगर साइबर सेल ने पीड़ितों की रकम वापस कराई, वीडियो वायरल
Jhansi, Uttar Pradesh:एंकर-झांसी प्रेमनगर थाना साइबर सेल ने साइबर ठगी के शिकार हुए दो पीड़ितों के खाते में 4,75,146 रुपये की रकम वापस कराई। प्रेमनगर के गढ़ियागांव निवासी बलवान के खाते से 23 मार्च को 4.50 लाख रुपये निकाल लिए गए थे। मोबाइल पर मेसेज आने के बाद उन्हें इसका पता चला था। रकम निकाल लिए जाने से बदहवास पीड़ित ने तुरंत थाने पहुंचकर घटना की जानकारी पुलिस को दी। साइबर सेल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों की रकम वापिस करवा दी और इस कार्रवाई में थाना प्रभारी तुलसीराम पांडेय ने पीड़ितों से बातचीत का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। वी/ओ.1- दरअसल साइबर सेल ने कार्रवाई करते हुए जिस खाते में रकम भेजी गई, उसे फ्रीज करा दिया। इस वजह से जालसाज रकम निकाला नहीं सका। कुछ दिनों की कोशिश के बाद पुलिस ने पूरा पैसा बलवान के खाते में वापस करा दिया। दूसरा मामला नौशाद अली का है, उनके खाते से भी साइबर जालसाजों ने 31 मार्च को 25,146 रुपये उड़ा दिए थे। साइबर सेल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उस खाते को सीज करा दिया और खाते में पूरी रकम वापस कर दी है। साइबर अपराधों की रोकथाम और बचाव के लिए लोगों, बच्चों और महिलाओं को जागरूक करने के मकसद से पुलिस ने पीड़ितों का वीडियो बनाकर वायरल किया। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे साइबर अपराधों से सावधान रहें और किसी भी अनजान लिंक या नंबर पर क्लिक न करें。0
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क्रॉस वोटिंग के आरोप पर कांग्रेस अनुशासन कमेटी की बैठक: दो विधायक शामिल
Chandigarh, Chandigarh:शुक्रवार को कांग्रेस अनुशासन कमेटी की एक बैठक बुलाई गई । जिसमें उन विधायकों को लेकर चर्चा की गई जिन पर राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोट करने का आरोप है। कांग्रेस अनुशासन कमेटी की बैठक में विधायक शैली चौधरी और रेनू बाला भी पहुंची। इन दोनों विधायकों पर भी क्रॉस वोट करने का आरोप है। शैली चौधरी ने कहा कि उन्होंने अनुशासन कमेटी को लिखा था कि उन्हें भी अपनी बात रखने का मौका दिया जाए। इसलिए वह आज कमेटी की बैठक में पहुंची है और अपनी बात रखेंगी। भूपेंद्र हुड्डा की आरोपी को लेकर उन्होंने कहा कि मतदान केंद्र का वीडियो निकाल कर देख सकते हैं कि भाजपा नेताओं ने मेरे वोट को रद्द करने के लिए बहस की थी या नहीं की थी।0
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सीतापुर में विवाहिता की संदिग्ध मौत: मायके वालों ने ससुराल पर हत्या का आरोप
Sitapur, Uttar Pradesh:सीतापुर ब्रेक विवाहिता की संदिग्ध मौत मौत। मायके वालों ने ससुराली जनों पर लगाया हत्या आरोप। CHC में शव रख ससुराल वाले हुए फरार। पुलिस ने विवाहिता के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जांच शुरु। मछरेहटा थाना क्षेत्र का मामला।0
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