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बुलंदशहर में गैंगस्टर राखी गोयल की 4 करोड़ से अधिक की संपत्ति हुई कुर्क
Bulandshahr, Uttar Pradesh:बुलंदशहर के डीएम सीपी सिंह के आदेश पर कोतवाली नगर पुलिस ने गैंगस्टर राखी गोयल की 4 करोड़ से अधिक की संपत्ति कुर्क की। वहीं राखी, गैंगस्टर सुधीर गोयल की पत्नी है। साथ ही दोनों पर जमीन संबंधी धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं। सूचना के अनुसार वर्तमान में दंपति अपने साथियों सहित बुलंदशहर जिला कारागार में बंद है। आपको बता दें कि पुलिस ने गैंगस्टर अधिनियम की धारा 14(1) के तहत यह कार्रवाई की।
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केंद्रीय कृषि मंत्री ने CM से शिष्टाचार भेंट की
Jaipur, Rajasthan:शिवराज सिंह चौहान की सीएम भजनलाल शर्मा से मुलाकात केंद्रीय कृषि मंत्री ने सीएम से की शिष्टाचार भेंट कृषि एंव किसान कल्याण मंत्रालय आयोजित कर रहा सम्मेलन पश्चिम क्षेत्रीय सम्मेलन में सीएम के साथ शिरकत करेंगे चौहान पश्चिम क्षेत्रीय सम्मेलन में राजस्थान ,गुजरात ,मध्य प्रदेश ,महाराष्ट्र, गोवा राज्य के कृषि मंत्री,प्रतिनिधि रहेंगे मौजूद0
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लोनी गैस गोदाम चोरी के मामले में पुलिस पर सवाल, 90 हजार का नुकसान
Ghaziabad, Uttar Pradesh:गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में गैस सिलेंडर चोरी की लगातार बढ़ती घटनाओं ने पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चिरोड़ी-बंछला रोड स्थित “प्रधान एचपी गैस सर्विस” के गोदाम को चोरों ने निशाना बनाया। चोरों ने गोदाम की दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश किया और 14 गैस सिलेंडर चोरी कर फरार हो गए। इससे पहले भी 12 सिलेंडर चोरी हो चुके हैं। इस तरह अब तक 26 सिलेंडर चोरी हो चुके हैं, जिससे करीब 90 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। गोदाम के मैनेजर अनुराग प्रधान ने बताया कि यह गोदाम पिछले 8-10 वर्षों से संचालित हो रहा है और पहली बार इस तरह की वारदात सामने आई है। उन्होंने कहा कि पूर्व में हुई चोरी की शिकायत पुलिस को दी गई थी, लेकिन अब तक न कोई ठोस कार्रवाई हुई और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी हो सकी है। लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद पुलिस की निष्क्रियता के चलते उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि एजेंसी द्वारा उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की आपूर्ति जारी रखी जा रही है, लेकिन गोदाम की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।0
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11 साल के बच्चे ने मामूली बात पर आत्महत्या की, गांव में सन्नाटा
Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। पचपेड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुकुर्दीकला में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी है, जहाँ महज 11 साल के एक बच्चे ने मामूली बात पर अपनी जान दे दी। मूल रूप से बलौदाबाजार निवासी गौकरण केंवट अपने परिवार के साथ ईंट भट्ठे पर मजदूरी का काम करते थे। सुबह जब उनकी बड़ी बहन पड़ोस की महिला के साथ नदी नहाने जा रही थी, तब छोटा भाई शुभम भी साथ जाने की जिद करने लगा। सुरक्षा के लिहाज़ से बहन ने उसे डांटकर घर वापस भेज दिया, लेकिन यह डांट मासूम के मन को इस कदर चुभ गई कि उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। जब बहन करीब एक घंटे बाद वापस लौटी, तो उसने अपने छोटे भाई को झोपड़ी की लकड़ी से फंदे पर लटका पाया। आनन-फानन में उसे नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इस घटना ने एक हंसते-खेलते मजदूर परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।0
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गर्मी में उज्जैन के मटके बन रहे देशी फ्रिज, कीमत 30 से 700 तक
Ujjain, Madhya Pradesh:गर्मी में ‘देशी फ्रिज’ का सहारा..... गर्मी बढ़ते ही मटकों का सजा बाजार , ₹30 से ₹700 तक मिल रहे डिजाइनर घड़े फ्रिज के बजाय मटके के पानी को तरजीह, काले और गुजरात के मटकों की ज्यादा मांग उज्जैन गर्मी बढ़ते ही उज्जैन में देशी फ्रिज यानी मटकों की डिमांड बढ़ने लगी है। हर साल की तरह इस बार भी बाजार में अलग-अलग डिजाइन के मटके लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। जैसे-जैसे गर्मी का असर तेज होता जा रहा है, वैसे-वैसे शहर में पारंपरिक मिट्टी के मटकों की मांग भी बढ़ने लगी है। उज्जैन के अलग-अलग चौराहों और बाजारों में इन दिनों मटकों की दुकानें सज गई हैं और ग्राहकों की आवाजाही भी देखने को मिल रही है। बाजार में इस बार गुजरात और राजस्थान से आए अलग-अलग वैरायटी के मटके उपलब्ध हैं। इनमें रेत वाली मिट्टी के मटके, पीली मिट्टी के मटके और डिजाइनर टंकी आकार के मटके खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। कीमत की बात करें तो ₹30 से लेकर ₹700 तक के मटके बाजार में मिल रहे हैं, जिससे हर वर्ग के लोग अपनी जरूरत के अनुसार खरीदारी कर रहे हैं। हालांकि अभी बाजार में बिक्री सामान्य है, लेकिन दुकानदारों का कहना है कि जैसे-जैसे गर्मी तेज होगी, वैसे-वैसे मटकों की डिमांड भी बढ़ेगी। दुकानदार ने बताया की हर तरह के मटके हमारे पास हैं—गुजरात के, रेत वाले, पीली मिट्टी के। ₹100 से लेकर ₹700 तक के मटके हैं। अभी ग्राहक आ तो रहे हैं, लेकिन गर्मी बढ़ेगी तो बिक्री और बढ़ेगी। लोगों को जैसा पसंद आता है, वैसा मटका ले जाते हैं। दुकानदारों के मुताबिक ठंडा पानी रखने के लिए रेत वाले मटके ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं, हालांकि ग्राहक अपनी पसंद और जरूरत के हिसाब से अलग-अलग मटके खरीद रहे हैं। एक ग्राहक ने बताया की फ्रिज का पानी नुकसान करता है, मटके का पानी अच्छा और सेहत के लिए फायदेमंद रहता है। गांव में आज भी हम मटके का पानी ही पीते हैं, इसलिए मैंने काला मटका लिया है, जो ज्यादा ठंडा रहता है। कुल मिलाकर, हर साल की तरह इस बार भी गर्मी बढ़ने के साथ मटकों की मांग धीरे-धीरे बढ़ रही है और आने वाले दिनों में बाजार में और ज्यादा रौनक देखने को मिल सकती है। बाइट – दुकानदार कौशल्या प्रजापत बाइट – दुकानदार शारदा प्रजापत बाइट - ग्राहक दीपक पंवार0
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ग्रामीण युवक ने भ्रूण लिंग परीक्षण कर रहे गिरोह को पकड़ा, आरोपी फरार
Morena, Madhya Pradesh:मुरैना - मुरैना में भ्रूण परीक्षण करते हुए गिरोह को ग्रामीण युवक ने पकड़ा जान पर खेल कर पुलिस के हवाले किया गया। बागचीनी क्षेत्र के हंडवासी में एक झोपड़ी में भ्रूण लिंग परीक्षण कर रहे गिरोह का भंडाफोड़ एक राहगीर युवक ने किया। युवक ने पहल झोपड़ी में परीक्षण का वीडियो बनाया, फिर बाइक से पीछा कर उस वैन को पकड़ा, जिसमें महिलाएं सवार होकर जांच के लिए आती थीं। हालांकि परीक्षण करने वाला आरोपी संजय पचौरी और दलाल विक्रम भागने में कामयाब रहे। संजय पचौरी को 6 महीने पहले प्रेम नगर में परीक्षण करते पकड़ा गया था। वह स्कूल बिलगांव में चपरासी था, जिसे 2024 में सस्पेंड कर दिया गया था। संजय तीसरी बार इस तरह के मामले में आरोपी बना है। इससे पहले वह अक्टूबर 2024 में भी भ्रूण लिंग परीक्षण करते पकड़ा गया था। सांटा निवासी विकास शर्मा दोपहर 12 बजकर 48 मिनट पर हंडवासी व नहर के बीच के रास्ते से गुजर रहा था। इस बीच हंडवासी में उन्होंने एक झोपड़ी से बाहर आती महिलाओं को देखा। शक होने पर अंदर जाकर वीडियो बनाया। झोपड़ी के अंदर आरोपी संजय पचौरी भ्रूण लिंग परीक्षण कर रहा था, जबकि छोटू उर्फ विक्रम ने अपना चेहरा छिपा लिया। विकास ने झोपड़ी की कुंडी लगाई और अपने दोस्त को कॉल किया। इस दौरान आरोपी संजय व विक्रम छप्पर फाड़कर भाग निकले। वहीं ड्राइवर राकेश प्रजापति ने सारी महिलाओं को वैन में बैठाया और मुरैना की तरफ भागा। मुंगावली पेट्रोल पंप पर राकेश ने महिलाओं को नीचे उतारा। यहाँ पर विकास व उसके दोस्त ने ड्राइवर को पकड़ा और गाड़ी को शाम 4.30 पर थाने ले गए। शाम साढ़े 6 बजे यह मामला पीसीपीएनडीटी कमेटी को पता लगा। इसके बाद टीम मौके पर पहुंची।0
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सीकर के आवारा कुत्तों के आतंक से मासूम घायल, नगरपालिका कार्रवाई पर सवाल
Sikar, Rajasthan:सीकर आवारा कुत्तों का बड़ा आतंक सीकर जिले के फतेहपुर में फिर आवारा कुत्तों का बड़ा आतंक देखने को मिला है। शहर के वार्ड नंबर 4 आवारा कुत्ते ने एक मासूम को बुरी तरह से जख्मी कर दिया। कुत्ते के हमले की वजह से मासूम के चेहरे पर गहरे घाव बन गए उसे गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पिछले महीने भी यहां 20 से ज्यादा लोगों को एक साथ कुत्तों ने काट दिया था उसके बाद नगर परिषद ने कार्रवाई के नाम पर खाना पूर्ति की और कुछ दिन आवारा कुत्तों को पकड़ा लेकिन उसके बाद उन्हें वापस छोड़ दिया गया। जानकारी के मुताबिक रघुनाथपुरा इलाके के वार्ड नंबर चार का रहने वाला 5 साल की शिव अपने घर के बाहर खेल रहा था इसी दौरान उसे पर आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया मासूम के होठ गर्दन और गाल पर बुरी तरह से काट दिया। बच्चों को राजकीय उप जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मामले में परिजनों ने कार्यवाही की मांग की है।0
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अलवर के अकबरपुर में वन चौकी पर अखिलेश डूडी की संदिग्ध मौत; जांच शुरू
Alwar, Rajasthan:अलवर में वनपाल का संदिग्ध हालात में शव मिला, चौकी के कमरे में फंदे पर लटके पाए गए राजस्थान के अलवर जिले के अकबरपुर थाना क्षेत्र में स्थित सिलीसेढ़ तिराहे के पास उमरैण रेंज की वन चौकी (सरिस्का बफर बाघ परियोजना) में मंगलवार सुबह एक वनपाल का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे पर लटका मिला। मृतक की पहचान अखिलेश डूडी के रूप में हुई है, जो खैरथल के निवासी थे और पिछले करीब 8 वर्षों से इसी चौकी पर तैनात थे。 जानकारी के अनुसार, सुबह एक ठेका कर्मचारी जब वन चौकी पहुंचा तो कमरे का मुख्य गेट अंदर से बंद मिला। संदेह होने पर वह पीछे के रास्ते से अंदर गया, जहां उसने कमरे में अखिलेश डूडी को फंदे पर लटका हुआ पाया। घटना की सूचना तुरंत वन अधिकारियों और पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची अकबरपुर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। कमरे से शराब की बोतलें भी बरामद हुई हैं, जिससे मामले की जांच को लेकर कई पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। अकबरपुर थाने के हेड कांस्टेबल योगेंद्र सिंह के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन वास्तविक कारणों का पता जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। अखिलेश डूडी अपने पीछे परिवार में तीन बच्चों को छोड़ गए हैं। एक बेटा निजी नौकरी करता है, जबकि दो अन्य नौकरी की तैयारी कर रहे हैं। इस अचानक हुई घटना से परिवार और विभाग में शोक का माहौल है।0
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सीमा पर फिर कार्रवाई: कल बॉर्डर क्षेत्र से सवा दो किलो हेरोइन बरामद
Sri Ganganagar, Rajasthan:श्रीकरणपुर (श्रीगंगानगर) CID, पुलिस और BSF द्वारा कल भी बॉर्डर क्षेत्र से बरामद हेरोइन का मामला, कल भी बॉर्डर क्षेत्र के पास पकड़ी गई करीब सवा 2 किलो हेरोइन, अज्ञात आरोपी पहले ही एक बैग छोड़कर हो गए फरार, काले बैग से पुलिस और एजेंसियो ने 3 पैकट हेरोइन, 1 शॉल, लॉवर और 2 जोड़ी जूते किये बरामद, बैग से राजस्थान रोडवेज बस के अनूपगढ़, स्मेजा और एक गांव के मिले टिकट भी, पुलिस ने अज्ञात लोंगो पर NDPS एक्ट मे पर्चा दर्ज कर समेजा थाना SHO को सौंपी प्रकरण की जांच0
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बालोतरा में MD ड्रग्स फैक्ट्री बनाने की कोशिश, 4 किलोग्राम डोडा पोस्ट बरामद
Balotra, Rajasthan:एमडी ड्रग्स की फैक्ट्री शुरु होने से पहले पुलिस की कार्रवाई बालोतरा : एमडी बनाने का जखीरा पकड़ा, दो आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने एमडी फैक्ट्री शुरू करने के फिराक में पिता-पुत्र को पकड़ा, आरोपी ओमप्रकाश व सुभाष विश्नोई को किया गिरफ्तार, आरोपियों के कब्जे से 4 किलो अवैध डोडा पोस्त भी हुआ बरामद, साथ ही एमडी बनाने के लिए लाए गए केमिकल, तीन बड़े ड्रम, जार, गैस टंकी व अन्य जखीरा पकड़ा, कल्याणपुर पुलिस कांस्टेबल नेमीचंद के इनपुट पर पचपदरा पुलिस की कार्रवाई, एसपी रमेश ने मामले को लेकर देर रात को जानकारी साझा कर किया खुलासा0
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किशनगंज के निजी स्कूलों पर DM का फैसला: पांच दुकानों से ही किताब-स्टेशनरी, खुली खरीदारी
Kishanganj, Bihar:किशनगंज में निजी विद्यालयों के द्वारा छात्र छात्राओं के अभिभावकों से किताब के नाम पर अवैध वसूली किए जाने को लेकर ZEE MEDIA के द्वारा खबर को प्रमुखता से प्रशारण के बाद जिला पदाधिकारी विशाल राज ने मामले को गंभीरता से लेते हुए, एक सख्त आदेश जारी करते हुए निजी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे अभिभावकों को किसी एक खास दुकान से यूनिफॉर्म, जूते, किताबें या स्टेशनरी खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकते। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूल प्रबंधकों और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। डीएम के आदेश के अनुसार, अब प्रत्येक निजी स्कूल को अपने सूचना पट्ट और आधिकारिक वेबसाइट पर न्यूनतम पांच दुकानों की सूची प्रदर्शित करनी होगी। इन पांचों दुकानों पर स्कूल से संबंधित सभी सामग्री उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि अभिभावक अपनी सुविधानुसार कहीं से भी खरीददारी कर सकें। ताकि अभिभावकों को खुले बाजार से सस्ती चीजें खरीदने की पूरी स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। यदि कोई भी स्कूल संचालक किसी विशेष दुकान से सामान खरीदने की बाध्यता रखता है, तो उस पर बिहार निजी विद्यालय अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी स्कूलों को 15 अप्रैल, 2026 तक प्रत्येक कक्षा के लिए अनिवार्य पुस्तकों की सूची और यूनिफॉर्म का पूरा विवरण वेबसाइट पर अपलोड करने और स्कूल परिसर के सार्वजनिक स्थान पर चस्पा करने का समय दिया है। साथ ही, अब स्कूल प्रबंधन कम से कम तीन वर्षों तक यूनिफॉर्म के डिजाइन या रंग में कोई बदलाव नहीं कर पाएंगे। जिलाधिकारी ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि अखबार और विभिन्न माध्यमों से लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि निजी स्कूल संचालक और चुनिंदा दुकानदार साठगांठ कर महंगी कीमतों पर सामान बेच रहे हैं। इससे विशेष रूप से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा था। यह कदम बिहार निजी विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम-2019 की धारा-4 (6) के तहत उठाया गया है।0
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उत्तर प्रदेश मदरसा नियमावली 2016 में बदलाव की तैयारी; मानदेय बढ़ाने पर चर्चा
Noida, Uttar Pradesh:संदीप सिंह शिक्षा मित्र और अनुदेशकों के मानदेय बढ़ाने जाने पर जयवीर सिंह की बाइट लखनऊ में पोस्टर लगाए जाने पर ओम प्रकाश राजभर की बाइट योगी सरकार सपा सरकार में बने उत्तर प्रदेश मदरसा नियमावली 2016 में बदलाव करने जा रही है0
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Muzaffarpur में गैस कालाबाजारी: रात के अंधेरे में टैंकर से गैस भरे जाने खुलासा
Muzaffarpur, Bihar:Muzaffarpur जिले में गैस रिफिलिंग का एक बड़ा कारोबार रात के अंधेरे में सड़क किनारे एक गैस टैंकर से अवैध रूप से सिलेंडर भरे जाने की सूचना मिलते ही मोतीपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस ने छापेमारी की। पुलिस ने मौके से एक गैस टैंकर, एक बोलेरो और एक ई-रिक्शा सहित कुछ सिलेंडर जब्त कर लिए, जबकि आरोपी मौके से फरार हो गए। सुचित्रा कुमारी, SDPO वेस्ट-1 के नेतृत्व में टीमें छापेमारी कर विरुद्ध कार्रवाई की। बताया गया है कि यह गैस कालाबाजारी का एक अनोखा और खतरनाक मामला था और संभवत: बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश होने की आशंका है। फरार आरोपियों की तलाश पूरी ताकत से जारी है।0
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Muzaffarpur में रात के अंधेरे गैस रिफिलिंग का बड़ा मामला; पुलिस ने कंटेनर और सिलेंडर जब्त किया
Muzaffarpur, Bihar:Muzaffarpur: रात के अंधेरे में सड़क किनारे गैस टैंकर से अवैध सिलेंडर भरे जाने की सूचना पर मोतीपुर थाना क्षेत्र के पास छापेमारी की गई. रात के अंधेरे में एलपीजी कंटेनर से गैस भर जाने की सूचना वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा को मिली थी, जिसके आलोक में मोतीपुर पुलिस की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए छापेमारी की. छापेमारी के दौरान एक गैस टैंकर, एक बोलेरो और एक टोटो को पुलिस ने मौके से जप्त कर लिया. हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले सभी आरोपी वहां से फरार हो गए. पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में जुट गई है. माना जा रहा है कि इस बड़ी कार्रवाई से गैस की अवैध कटिंग और कालाबाजारी में सक्रिय एक बड़े सिंडिकेट का खुलासा हो सकता है. पूरे मामले को लेकर SDPO -WEST -1 सुचित्रा कुमारी ने बताया कि एक सूचना मिली थी कि बड़े गैस कंटेनर से गैस भरे जा रहे हैं इसके बाद छापेमारी की गई मौका से एलपीजी गैस कन्टेनर, बोलेरो, ई रिक्शा और कुछ सिलेंडर को जप्त किया गया है. हालांकि इस कारोबार में जुड़े सभी लोग मौके से फरार हो गए. फिलहाल पुलिस फरार होने वाले लोगों की तलाश करते हुए इस पूरे सिंडिकेट का खुलासा करने की दिशा में काम किया जा रहा है. बाइट - सुचित्रा कुमारी, SDPO -WEST -10
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नेशनल हाईवे पर वन टीम ने सागौन लदा पिकअप पकड़ा
Sagar, Madhya Pradesh:नाईट गश्त के दौरान फारेस्ट टीम ने नेशनल हाइवे पर पकड़ा सागौन से भरा पिकअप वाहन। नेशनल हाइवे 44 पर वन अमले ने एक पिकअप वाहन से कीमती सागौन की लकड़ी जब्त की है और इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है जबकि दो अन्य भागने में कामयाब हुए हैं। जिले के गौरझामर क्षेत्र में वन विभाग की टीम नाइट गश्त कर रही थी और टीम को खबर लगी कि एक पिकअप गाड़ी में सागौन भर ली जा रही है तो टीम एलर्ट मोड पर थी। एक पिकअप गाड़ी का पीछा किया गया, और गाड़ी को रोका गया तो उसमें सवार दो लोग भाग निकले जबकि गाड़ी का ड्राइवर गिरफ्तार हो गया। जब वाहन की जाँच की गई तो उसमें सागौन की लकड़ी भरी पड़ी थी। गिरफ्तार ड्राइवर ने बताया कि यह लकड़ी सिलवानी के जंगल से काट कर लाई गई थी और इसकी डिलीवरी रहली में होना थी। फिलहाल भागे हुए आरोपियों की तलाश की जा रही है। गिरफ्त में आए आरोपी से पूछताछ की जा रही है।0
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महासमुंद में काबिल काश्त जमीन की अवैध खरीद-फरोख्त, किसान दबाव में
Mahasamund, Chhattisgarh:महासमुंद जिले में शासन से मिले काबिल काश्त जमीन की खरीद-फरोख्त का खेल जमकर चल रहा है। पटवारी, राजस्व निरीक्षक जमीन बेचने के लिए किसानों पर दबाव बनाने में भी नहीं झिझक रहे हैं। पटवारी और राजस्व निरीक्षक के मिलीभगत से काबिल काश्त की शासकीय जमीन फर्जी तरीके से कौड़ी के भाव खरीदकर महंगे दामो में बेचा जा रहा है। और किसानों को पता तक नहीं चल पा रहा है कि आखिर उनकी जमीन कब बिकी। सम्बंधित क्षेत्र के पटवारी और राजस्व निरीक्षक इस अवैध खरीदी-बिक्री में अहम भूमिका निभा रहे हैं। जिन किसानों को काबिल काश्त के तहत खेती करने के लिए जमीन सरकार से मिली है, उनके सामने अब जमीन बेचने के लिए औने-पौने दाम लगाए जा रहे हैं। जो किसान अपनी जमीन नहीं बेचना चाहते हैं, उनकी जमीन को फर्जी तरीके से दूसरे के नाम पर वन व्यवस्था पर चढ़ाकर त्रुटि सुधार के नाम पर बदली जा रही है और फिर उसे दूसरे کو बेच दिया गया है। सरिफाबाद के क्षेत्र का मामला है—1978 में काबिल काश्त के तहत लोगों को खेती के लिए जमीन मिली थी, जो आज भी खेती हो रही है। हल्का नंबर 44 के पटवारी राजेंद्र डोंगरे द्वारा किसानों को दबाव देकर जमीन बेचने के लिए बुलावा दिया गया। कहा गया कि त्रुटि सुधार के नाम पर जमीन दूसरे के नाम पर चढ़ा दी जाएगी और फिर बेची जाएगी। गांव के बुजुर्ग धनसाथ ने बताया कि उन्हें 40 साल पहले 2 एकड़ 15 डिसमिल जमीन मिली थी, जिसका खसरा नंबर 327 है, जिसे वह खेती कर रहे थे। लेकिन हाल में ही उसे रायपुर के किसी निखिल अग्रवाल को बेच दिया गया है। उसी गाव के किसान फिरत ने बताया कि उनके पिता के नाम से काबिल काश्त जमीन मिली थी और उनके गुजर जाने के बाद उनके नाम पर जमीन आई। जमीन 2 एकर 15 डिसमिल थी, जिसका खसरा नंबर 337 है। कुछ माह पूर्व पटवारी राजेंद्र डोगरे ने जमीन बेचने के लिए संपर्क किया तो किसान ने कहा कि जमीन सरकार से मिली है और उसे नहीं बेचना। इस पर दबाव बनाकर कहा गया कि दूसरे के नाम पर चढ़ाकर बेचा जाएगा, जो सच साबित हुआ। 2 एकर 15 डिसमिल में अब सिर्फ 80 डिसमिल जमीन बची है, बाकी बटांकन कर रायपुर के किसी अग्रवाल के नाम बेच दी गई है। इस पूरे मामले में पटवारी राजेंद्र डोंगरे का कहना है कि मैं हल्का नंबर 44 और 45 में पदस्थ हूँ। किसी किसान से जमीन बेचने के लिए नहीं कहा गया। काबिल काश्त में कैफियत जो लिखा रहता है, वही बिकती है; अगर बिक्री अयोग्य लिखा है तो उसे नहीं बेचा जा सकता।0
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