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SSSaurabh SharmaFollow29 Sept 2024, 04:03 am
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पॉक्सो के विचाराधीन कैदी पेशी के दौरान कोर्ट परिसर से फरार

Samastipur, Bihar:समस्तीपुर व्यवहार न्यायालय से वारिस का फायदा उठा पॉक्सो एक्ट के एक विचाराधीन बंदी ने पेशी के दौरान पुलिस को चकमा देकर कोर्ट परिसर से फरार हो गया। घटना के बाद नगर थाना पुलिस और डीआईयू की टीम कोर्ट परिसर सहित आसपास के इलाकों में छानबीन और सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुट गई है। पूरा मामला समस्तीपुर व्यवहार न्यायालय का है। फरार विचाराधीन बंदी की पहचान उजियारपुर थाना क्षेत्र के नाजिरपुर निवासी रोशन कुमार उर्फ साजन के रूप में हुई है। वह पिछले करीब एक वर्ष से पॉक्सो एक्ट के एक मामले में मंडल कारा में बंद था। सोमवार को उसे पेशी के लिए पुलिस अभिरक्षा में व्यवहार न्यायालय लाया गया था। जानकारी के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे कोर्ट हाजत से पुलिस उसे पॉक्सो कोर्ट में पेश करने के लिए लेकर पहुंची। जैसे ही पुलिसकर्मी उसकी हथकड़ी खोलने लगे, वह अचानक पुलिस को चकमा देकर कोर्ट परिसर से फरार हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई ।घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस और डीआईयू की टीम मौके पर पहुंची। कोर्ट परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस फरार बंदी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। फरार कैदी की वकील का बताना उसका नाम रौशन कुमार उर्फ साजन था। उसका घर उजियारपुर थाना क्षेत्र के नाजीरपुर का रहनेवाला था ।फरार कैदी पर मुफस्सिल थाना में दर्ज पोस्को एक्ट का अभियुक्त है ।कैदी लगभग एक बर्ष से न्यायिक हिरासत में था ।आज उसका कस्टडी डेट था जब वारिस होने लगा तो वो मौका देखकर भाग गया ।अगला तारीख 6 सेप्टेम्बर को बेल का था ।
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आसाराम को 20 दिन की पैरोल: राजस्थान हाईकोर्ट से राहत

Jodhpur, Rajasthan:आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से राहत, 20 दिन की पैरोल मंजूर जोधपुर। यौन उत्पीड़न के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। राजस्थान हाईकोर्ट की एक्टिंग चीफ जस्टिस एस.पी. शर्मा की डिवीजन बेंच ने आसाराम को 20 दिन की पैरोल मंजूर कर दी है。 मामले की सुनवाई के दौरान आसाराम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता यशपाल सिंह राजपुरोहित ने पक्ष रखा। वहीं, ओपन एयर कैंप जेल में स्थानांतरण से जुड़े मामले पर हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई 17 अगस्त तय की है。 गौरतलब है कि आसाराम यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद उन्हें 20 दिन की पैरोल का लाभ मिलेगा, जबकि ओपन एयर कैंप जेल से संबंधित याचिका पर निर्णय आगामी सुनवाई में होगा。
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प्रतापगढ़ के सात सज्जिया नाले में मजदूर की मौत, शव बरामद

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले के सुहागपुरा थाना क्षेत्र के सात सज्जिया गांव में दर्दनाक हादसा सामने आया। मजदूरी कर घर लौट रहा 25 वर्षीय युवक नाला पार करते समय पानी के तेज बहाव में बह गया। घटना के बाद पुलिस और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन सफलता नहीं मिली। सोमवार को दोबारा चलाए गए सर्च अभियान में युवक का शव नाले की झाड़ियों में फंसा मिला। आपदा प्रबंधन टीम ने पुलिस की मौजूदगी में शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। सुहागपुरा थाना के जांच अधिकारी नारायण लाल ने बताया कि मृतक की पहचान नंदलाल मीणा (25) पुत्र हरदारा मीणा निवासी सात सज्जिया के रूप में हुई है। नंदलाल 1 अगस्त की शाम बगड़ावत से मजदूरी कर अपने गांव लौट रहा था। घर से करीब आधा किलोमीटर पहले रास्ते में पड़ने वाले नाले को पार करते समय पानी का बहाव काफी तेज था। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह तेज बहाव में बह गया। घटना की सूचना रविवार शाम करीब 5 बजे सुहागपुरा पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से युवक की तलाश शुरू की गई, लेकिन अंधेरा होने और तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिल सकी। सोमवार सुबह पुलिस ने फिर से सर्च अभियान शुरू किया। काफी देर की तलाश के बाद नाले के किनारे झाड़ियों में युवक का शव फंसा हुआ मिला। सूचना पर आपदा प्रबंधन टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने पुलिस की मौजूदगी में शव को सुरक्षित बाहर निकालकर मोर्चरी पहुंचाया। मृतक के पिता हरदारा मीणा की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। बताया जा रहा है कि नंदलाल परिवार का सहारा था और मजदूरी कर घर का पालन-पोषण करता था। उसकी असमय मौत से पूरे गांव में शोक की लहर है। ग्रामीणों ने बरसात के दौरान उफनते नालों को पार नहीं करने की अपील करते हुए ऐसे स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग भी उठाई है。
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चारागाह भूमि से अवैध कब्जा हटाया, ब्राउन शुगर केस आरोपी के मकान पर बुलडोजर

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले के अरनोद उपखंड के कोटड़ी गांव में सोमवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चारागाह भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को बुलडोजर चलाकर हटा दिया। प्रशासन की यह कार्रवाई पुलिस की मौजूदगी में की गई। अधिकारियों के अनुसार संबंधित व्यक्ति ब्राउन शुगर तस्करी के मामले में गिरफ्तार होकर वर्तमान में जेल में बंद है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे करने वालों और गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। कोटड़ी थाना अधिकारी ठकराराम ने बताया कि आमिर खान पूर्व में देवगढ़ थाना क्षेत्र में दर्ज 783 ग्राम ब्राउन शुगर बरामदगी के मामले में गिरफ्तार किया गया था और वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद है। इसी क्रम में प्रशासन ने सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जे के खिलाफ यह कार्रवाई की है। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि जिले में ऐसे आरोपियों की पहचान कर उनके द्वारा सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने का अभियान निरंतर चलाया जा रहा है। साथ ही अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर उन्हें फ्रीज करने और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने, सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के उद्देश्य से आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
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जातीय शिक्षा में रिकॉर्ड नामांकन: 11 लाख से अधिक विद्यार्थियों की उपलब्धि

Noida, Uttar Pradesh:मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयास ला रहे रंग आदिवासी बच्चों को मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सशक्त हो रहे जनजातीय क्षेत्र 11 लाख 70 हजार से अधिक बच्चों का हुआ रिकॉर्ड नामांकन 63 लाख से ज्यादा घरों का सर्वे, 6 हजार से अधिक ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। प्रभावी नीतियों एवं योजनाओं के फलस्वरूप हर प्रयास सकारात्मक परिणाम की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इसी क्रम में जनजातीय क्षेत्रों के राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के नामांकन में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2025-26 की तुलना में 2026-27 में जनजातीय क्षेत्रों में 14 हजार 780 की नामांकन वृद्धि के साथ 11 लाख 70 हजार 242 तक पहुंच गया। इसी प्रकार शिक्षा से वंचित बच्चों को पुनः मुख्यधारा से जोड़ने के लिए 63 लाख 26 हजार घरों का पेपरलेस सर्वे किया गया। जिसमें 6 हजार 229 ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान कर उन्हें ब्रिज कोर्स के माध्यम से फिर विद्यालय में प्रवेश दिलाया जा रहा है। शिक्षा में निवेश से मजबूत हो रही भविष्य की बुनियाद राजस्थान के जनजातीय अंचल में इस सकारात्मक बदलाव के पीछे राज्य सरकार की दूरदर्शी नीति और शिक्षा में निरंतर बढ़ता निवेश है। राज्य सरकार जनजाति विकास के कुल बजट का 13 प्रतिशत से अधिक हिस्सा (लगभग 164 करोड़ रुपये) शिक्षा पर खर्च कर रही है। साथ ही, 10 नए आश्रम छात्रावास, 2 आवासीय विद्यालय और 1 खेल छात्रावास की स्थापना के लिए 64 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित आवासीय सुविधाएं मिल सकें। जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा का मजबूत आधार तैयार करने के लिए वर्तमान में 9 हजार 817 विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इनमें 5 हजार 866 प्राथमिक, 1 हजार 664 उच्च प्राथमिक, 2 हजार 146 उच्च माध्यमिक तथा 141 संस्कृत विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों में 11 लाख 81 हजार 100 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विद्यार्थियों को मिल रही आधुनिक शिक्षण सुविधाएं आदिवासी क्षेत्र गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष विद्यालयों का भी व्यापक विस्तार किया गया है। जनजातीय क्षेत्रों में 69 पीएम श्री विद्यालय, 17 स्वामी विवेकानंद मॉडल विद्यालय, 210 महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय तथा 24 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें हजारों विद्यार्थी आधुनिक शिक्षण सुविधाओं के साथ अध्ययन कर रहे हैं। यह संस्थान जनजातीय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रतिस्पर्धी शिक्षा से जोड़ रहे हैं। वहीं, जनजातीय क्षेत्रों में 1 लाख 48 हजार 808 प्रवेश क्षमता वाले कुल 3 हजार 821 आश्रम छात्रावास, खेल छात्रावास, कॉलेज छात्रावास, बहुउद्देशीय छात्रावास, आवासीय विद्यालय, मॉडल पब्लिक रेजिडेंशियल स्कूल, एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल, मां बाड़ी डे केयर केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। 29 हजार से अधिक ड्रॉप आउट बालिकाएं एवं महिलाएं शिक्षा से जुड़ीं ड्रॉप आउट बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने के लिए कालीबाई भील महिला संबल शिक्षा सेतु योजना संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत दिसंबर 2023 से जून 2026 तक 29 हजार से अधिक महिलाओं एवं बालिकाओं को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा गया है। शिक्षा के सफर में विद्यार्थियों को सरकार का प्रोत्साहन मुख्यमंत्री की मंशानुसार आर्थिक रूप से अर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की शिक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है। अनुसूचित जनजाति उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 305 करोड़ रुपये व्यय कर 1 लाख 53 हजार 152 विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया। वहीं, कालीबाई भील मेधावी स्कूटी योजना के माध्यम से प्रतिभाशाली छात्राओं को स्कूटी उपलब्ध कराकर उच्च शिक्षा की राह को भी आसान बनाया जा रहा है। जनजातीय विद्यार्थियों के लिए आवासीय शिक्षा का भी मजबूत नेटवर्क तैयार किया गया है। प्रदेश में 1 लाख 48 हजार 808 प्रवेश क्षमता वाले 3 हजार 821 आश्रम छात्रावास, खेल छात्रावास, कॉलेज छात्रावास, बहुउद्देशीय छात्रावास, आवासीय विद्यालय, मॉडल पब्लिक रेजिडेंशियल स्कूल, एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल तथा मां-बाड़ी डे केयर केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इससे दूरस्थ गांवों के बच्चों को भी शिक्षा की मुहिम से जोड़ा जा रहा है।
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