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SSSaurabh SharmaFollow26 Oct 2024, 04:23 pm
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गाजीपुर पुलिस ने चार महीनों में 1323 विवाद निपटाकर परिवार बचाए

Ghazipur, Uttar Pradesh:गाजीपुर गाजीपुर पुलिस ने साढ़े चार महीने में 1323 परिवारों को टूटने से बचाया, एसपी सिटी बोले- महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता। 01 जनवरी 2026 से 15 मई 2026 तक गाजीपुर पुलिस ने पति-पत्नी विवाद के 1323 मामलों का सुलह-समझौते से निस्तारण किया। पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में आए 274 मामलों में से 108 परिवारों का काउंसलिंग के जरिए पुनर्मिलन कराया गया। थानों पर स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों के माध्यम से 2218 शिकायतों में से 1215 शिकायतों का समाधान कर परिवारों को मिलाया गया। एसपी सिटी डॉ. राकेश कुमार मिश्र ने शहर कोतवाली स्थित महिला हेल्प डेस्क का निरीक्षण कर मातहतों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस क्रम में एसपी सिटी डॉ. राकेश कुमार मिश्र ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि 01 जनवरी 2026 से 15 मई 2026 तक की लगभग साढ़े चार महीने की अवधि में पुलिस अधीक्षक गाजीपुर के निर्देशन में जनपद पुलिस ने पति-पत्नी के बीच मतभेद से जुड़े कुल 1323 प्रकरणों का सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारण कराया। इससे 1323 परिवारों को बिखरने से बचाया जा सका। उन्होंने बताया कि जनपद मुख्यालय पर स्थापित पुलिस परिवार परामर्श केंद्र पर पति-पत्नी विवाद एवं घरेलू हिंसा से संबंधित कुल 274 प्रकरण आए, जिनमें काउंसलरों के सहयोग से 108 मामलों में सफल समझौता कराकर परिवारों का पुनर्मिलन कराया गया। इसके अतिरिक्त थानों पर स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों के कर्मचारियों ने स्थानीय काउंसलरों की मदद से प्राप्त 2218 शिकायतों में से 1215 शिकायतों का समाधान कर परिवारों को जोड़ने का कार्य किया। एसपी सिटी डॉ. राकеш कुमार मिश्र ने कहा कि गाजीपुर पुलिस का उद्देश्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि परिवारों को टूटने से बचाकर सामाजिक समरसता बनाए रखना भी है। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा और सम्मान को लेकर पुलिस पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है तथा आगे भी यह अभियान जारी रहेगा। इस दौरान एसपी सिटी ने शहर कोतवाली स्थित महिला हेल्प डेस्क का निरीक्षण किया और वहां तैनात पुलिसकर्मियों को महिलाओं की शिकायतों का त्वरित एवं संवेदनशील तरीके से निस्तारण करने के निर्देश दिए।
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अमरोहा के रहरा के बुरावली में रास्ते के विवाद से हिंसक संघर्ष, दो गिरफ्तार

Amroha, Uttar Pradesh:ऐंकर अमरोहा जनपद के रहरा थाना क्षेत्र के गांव बुरावली में रास्ते के विवाद में दो पक्षों में हुआ खूनी संघर्ष, लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला, लाइव वीडियो हुआ वायरल, पुलिस ने की दो लोगों की गिरफ्तारी की कार्यवाही की अमरोहा जनपद के रहरा थाना क्षेत्र के बुरावली गांव में रास्ते पर मकान का दरवाजा खोलने के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दो पक्षों के बीच सरेआम लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चले, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई। मारपीट के दौरान राहगीरों की जान भी खतरे में पड़ गई और लोग डर के कारण घरों में दुबक गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सूचना पर पहुंची रहरा थाना पुलिस ने हालात को काबू में लिया। पुलिस ने दोनों पक्षों के नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने دو आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि वायरल वीडियो के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।
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पन्ना के मड़ला थाने में एनडीपीएस धमकी देकर 95 हजार वसूल, थानेदार-ASI निलंबित

Panna, Madhya Pradesh:-व्यापारी को गांजा के मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का आरोप , 95 हजार फोन पे पर लिये -थाना प्रभारी सहित 2 ASI सस्पेंड एंकर-पन्ना जिले का मड़ला थाना एक बार फिर सुर्खियों में है।रीवा निवासी व्यापारी मोहनलाल सोनी ने पुलिसकर्मियों पर एनडीपीएस मामले में फंसाने की धमकी देकर 95 हजार रुपए वसूलने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले की शिकायत के बाद एसपी निवेदिता नायडू ने जांच कर थाना प्रभारी रचना पटेल , एएसआई रामशरण अहिरवार और रज़ा खान को निलंबित कर दिया है। इस घटना से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं。 विओ - पन्ना जिले के मड़ला थाना क्षेत्र से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। रीवा के तिरहती निवासी व्यापारी मोहनलाल सोनी ने शिकायत दर्ज कराई कि 14 मई को खजुराहो जाते समय पुलिसकर्मियों ने उनकी गाड़ी की जांच के दौरान गांजा होने का दावा किया और एनडीपीएस एक्ट में फंसाने की धमकी दी। आरोप है कि इसी दबाव में उनसे दो बार में फोन-पे के जरिए 95 हजार रुपए ट्रांसफर करवाए गए। शिकायत मिलने के बाद एसपी निवेदिता नायडू ने जांच कर कार्रवाई की और थाना प्रभारी रचना पटेल, एएसआई रज्जाक खान तथा आरक्षक रामशरण को निलंबित कर दिया। घटना के बाद जिले की पुलिस छवि पर भी सवाल उठ रहे हैं। बाइट-निवेदिता नायडू(पन्ना एसपी)
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हमीरपुर में ऑनलाइन दवा सप्लाई के विरोध में मेडिकल स्टोर बंद

Chanwal, Himachal Pradesh:ऑनलाइन दवा सप्लाई के विरोध में मेडिकल स्टोर संचालकों का विरोध प्रदर्शन, मेडिकल स्टोर बंद कर जताया विरोध। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में ऑनलाइन दवा सप्लाई के विरोध में मेडिकल स्टोर संचालकों ने मेडिकल स्टोर बंद कर नारेबाजी करते हुए ऑनलाइन दवाओं की सप्लाई पर रोक लगाने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा है। हमीरपुर जिले के सभी मेडिकल स्टोर के संचालकों ने ऑनलाइन दवाओं की बिक्री करने को लेकर विरोध स्वरूप मेडिकल स्टोर बंद कर आक्रोश जताया है ज्ञापन के माध्यम से मेडिकल स्टोर संचालकों ने बताया है कि ऑनलाइन कंपनियां बिना चिकित्सक के पर्चे के दवाएं घर पहुंचा रही हैं। जिससे नशे का कारोबार बढ़ रहा है और हमारे रोजगार पर संकट बढ़ रहा है ऐसे में दवा विक्रेताओं ने ऑनलाइन दवा सप्लाई तुरंत बंद किए जाने की मांग की है और मांगे न माने जाने पर अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है।
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पूर्व ग्राम प्रधान ने भाजपा जिलाध्यक्ष पर पर्चा निरस्त कराने का आरोप जसपुर में गरमाई राजनीति

Jaspur, Uttarakhand:पूर्व ग्राम प्रधान अमरजीत सिंह बाजवा ने एक निजी रेस्टोरेंट में प्रेस वार्ता कर बताया कि बीते रोज महुआडाबर क्रय विक्रय समिति में संचालक और डायरेक्टर पद के चुनाव के लिए पर्चे दाखिल किए जा रहे थे जिसमें पूर्व ग्राम प्रधान अमरजीत सिंह बाजवा ने अपनी पत्नी का संचालक पद के लिए पर्चा दाखिल कराया था उसी वार्ड से भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज पाल ने भी पर्चा दाखil किया पूर्व प्रधान का आरोप है कि पहले तो उनका पर्चा ही जमा नहीं करने दिया जा रहा था लेकिन जैसे तैसे पर्चा जमा कर दिया गया जिसके बाद अगले दिन पर्चे पर जिलाध्यक्ष द्वारा आपत्ति लगा दी गई और इनके द्वारा हमारे सामने चुनाव अधिकारी को कहा गया कि अगर नौकरी करनी है तो पर्चा निरस्त करना पड़ेगा जिसके बाद हमारे द्वारा चुनाव अधिकारी से बातचीत की गई कि पर्चा निरस्त नहीं होना चाहिए जिसके बाद चुनाव अधिकारी द्वारा कहा गया नहीं होगा और हम निश्चिंत हो गए लेकिन बाद में जब लिस्ट लगी तो पर्चा निरस्त हो गया पूर्व प्रधान का आरोप है कि ये भाजपा के जिलाध्यक्ष हैं जो भाजपा को आगे ले जाना चाहते हैं वैसे भाजपा की सोच है कि महिलाओं को आगे लाना चाहिए उस वार्ड से अपनी पत्नी का पर्चा भरवाया था जो इनके द्वारा निरस्त करा दिया गया और काफी हुंंगामा भी किया ये 10 से 15 लोग थे और लड़ाई झगड़ा करने के इरादे से थे लेकिन हम वहां से हट गए लेकिन ये जो भाजपा के जिलाध्यक्ष हैं मनोज पाल इनके काम अब जनता को बता रहे हैं जो भाजपा को आगे लेजाना चाहते हैं जो कहते हैं सर्व समाज को हम साथ लेकर चलते हैं इन्होंने हमारा पर्चा निरस्त कराया और अगले दिन इन्होंने अपना पर्चा वापस ले लिया दूसरे प्रत्याशी के साथ क्या सांठ गांठ की गई उसे निर्विरोध बना दिया गया जब भाजपा के जिलाध्यक्ष की आम जनता के प्रति ऐसी सोच है पूर्व प्रधान ने कहा ये जिलाध्यक्ष बनने लायक ही नहीं है इन्हें जिलाध्यक्ष पद से हटा देना चाहिए जो ये छोटे छोटे चुनाव में दखलंदाजी कर रहे हैं
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ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक की मांग पर लखीसराय दवा दुकानदार हड़ताल

Lakhisarai, Bihar:लखीसराय। ऑल इंडिया दवा दुकानदार संघ के आहवान पर लखीसराय दवा दुकानदार संघ ने दुकान में ताला लगाकर हड़ताल कर दिया है। दवा दुकानदार संघ ने बताया कि ऑनलाइन दवा बिक्री से गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहा है। कम कीमतों में दवा की बिक्री कर दुकानदारों की कमर तोड़ दिया है। ऑनलाइन दवा बिक्री से हजारों दुकानदारों की रोजी रोटी छीनी जा रही है। ऑल इंडिया दवा विक्रेता संघ के आहवान से लखीसराय में दवा दुकानदारो ने 24 घंटे का हड़ताल कर दिया है। संघ के सचिव शैलेन्द्र कुमार ने सरकार से तीन सूत्री मांग किया है कि ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगा देनी चाहिए। ऑनलाइन दवा की गुणवत्ता की कोई जांच भी करने वाला नहीं है। कंपनी द्वारा निर्धारित कीमत से कम कीमतों पर ऑनलाइन दवा की बिक्री पर दवा संघ ने सवाल खड़ा दिया है। जीवनवर्धक दवा की ऑनलाइन बिक्री पर सरकार को तुरन्त रोक लगा देनी चाहिए। दवा दुकानदार के हड़ताल से मरीजों को परेशानी का सामना करना न पड़े इसके लिए सदर अस्पताल और जिले के सभी नर्सिंग होम को हड़ताल से मुक्त रखा गया है।
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Noida, Uttar Pradesh:
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मुजफ्फरपुर के रोहुआ में दिनदहाड़े युवक की गोलीकांड, जमीन विवाद से हत्या की आशंका

Muzaffarpur, Uttar Pradesh:मुजफ्फरपुर मे दिनदहाड़े युवक को गोलियों से भूना, मौत बेखौफ़ बदमाशों ने युवक को मारी 5 गोली, इलाज के दौरान मौत मुशहरी थाना क्षेत्र के रोहुआ की घटना मृतक की पहचान महुआ के रहने वाले अंकित कुमार के रूप मे हुई मुशहरी के प्रहलादपुर मे मामा के घर रहता था युवक जमीन कारोबार से जुड़ा था अंकित, जमीन विवाद मे ही हत्या की जताई जा रही आशंका रोहुआ मे बाईक सवार दो बदमाशों ने की ताबड़तोड़ फायरिंग dिनदहाड़े युवक की मौत से इलाके मे मचा हड़कंप मौके पर जांच को पहुंचे डीएसपी, और सिटी एसपी FSL की टीम भी कर रही मामले की जाँच
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मौलाना मदनी ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग पर नया बयान

Delhi, Delhi:जमीयत उलेमाए हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद का गाय को लेकर बड़ा बयान गाय को ‘‘राष्ट्रीय पशु’’ का दर्जा देने में सरकार को हिचकिचाहट क्यों? गाय के नाम पर हो रही मॉब लिंचिंग, इंसानों की हत्या और उस पर की जा रही राजनीति बंद होनी चाहिए : मौलाना अरशद मदनी जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने एक बार फिर कहा है कि गाय को ‘‘राष्ट्रीय पशु’’ का दर्जा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को इस पर कोई आपत्ति नहीं होगी, बल्कि उन्हें खुशी होगी कि गाय के नाम पर होने वाली मॉब लिंचिंग और हिंसा की घटनाएं बंद हो जाएंगी। उन्होंने सवाल किया कि जब देश की बहुसंख्यक आबादी गाय को केवल पवित्र ही नहीं मानती, बल्कि उसे मां का दर्जा देती है, तो फिर ऐसी क्या राजनीतिक मजबूरी है कि सरकार उसे ‘‘राष्ट्रीय पशु’’ घोषित करने से बच रही है? उन्होंने कहा कि यह मांग केवल हम नहीं कर रहे हैं, बल्कि अनेक साधु-संत भी लंबे समय से यह मांग उठा रहे हैं। इसके बावजूद यदि सरकार इस विषय को गंभीरता से नहीं ले रही है, तो इसका क्या अर्थ निकाला जाए? मौलाना मदनी ने कहा कि गाय के मुद्दे को एक राजनीतिक और भावनात्मक विषय बना दिया गया है। कुछ लोग योजनाबद्ध तरीके से गौकशी की अफवाह फैलाकर या पशु तस्करी के नाम पर निर्दोष लोगों को हिंसा का शिकार बना देते हैं। दुखद पहलू यह है कि लगातार झूठ और अफवाहों के जरिए पूरे देश में मुसलमानों की छवि इस तरह खराब कर दी गई है कि समाज का एक बड़ा वर्ग मुसलमानों को गाय का विरोधी समझने लगा है। मॉब लिंचिंग की एक बड़ी वजह यही मानसिकता है। उन्होंने कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। पहले बड़ी संख्या में मुसलमान गाय पालते थे और उससे दूध का व्यवसाय करते थे, लेकिन वर्ष 2014 के बाद देश में जो नफरत का माहौल पैदा हुआ, उसके बाद मुसलमानों ने एहतियात बरतनी शुरू कर दी और अब अधिकांश लोग गाय की जगह भैंस पालना अधिक सुरक्षित समझते हैं। मौलाना मदनी ने कहा कि वर्ष 2014 में मुंबई में आयोजित एक सम्मेलन में साधु-संतों और विभिन्न धर्मों के लोगों के साथ मिलकर देश में शांति और एकता कायम करने के उद्देश्य से गाय को ‘‘राष्ट्रीय पशु’’ घोषित करने की मांग उठाई गई थी। उन्होंने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद आजादी से पहले और आजादी के बाद भी लगातार मुसलमानों को यह सलाह देती रही है कि ऐसा कोई काम न किया जाए, जिससे दूसरे धर्मों के लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हों। इस्लाम इसकी अनुमति नहीं देता, बल्कि बहुधार्मिक समाज में आपसी सम्मान के साथ रहने की शिक्षा देता है। उन्होंने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद अपने मंच से लगातार मुसलमानों को यह संदेश देती रही है कि प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी से बचा जाए। हर साल ईद-उल-अजहा के अवसर पर अखबारों में जो विज्ञापन प्रकाशित कराया जाता है, उसमें इस बात पर विशेष जोर दिया जाता है। मौलाना मदनी ने गाय के मुद्दे पर दोहरे कानून को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के पक्ष में यह तर्क दिया जाता है कि जब देश एक है, तो कानून भी एक होना चाहिए, लेकिन देश में पशु वध से संबंधित कानून सभी राज्यों में समान रूप से लागू नहीं हैं। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में खुलेआम गोमांस खाया जाता है और वहां इस पर कोई रोक नहीं है। यहां तक कि एक केंद्रीय मंत्री भी सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार कर चुके हैं कि वे बीफ खाते हैं। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात यह है कि उन राज्यों में भी भारतीय जनता पार्टी की सरकारें हैं, लेकिन गाय के नाम पर हिंसा करने वाले लोग वहां पूरी तरह खामोश रहते हैं। इस दोहरे रवैये पर कभी कोई गंभीर बहस नहीं होती और न ही कोई विरोध दर्ज कराया जाता है। मौलाना मदनी ने कहा कि कुछ समय पहले, जब यह मुद्दा उठा था, तब भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने यह बयान दिया था कि उन राज्यों में गाय नहीं, बल्कि मिथुन का मांस खाया जाता है, जिसे आम बोलचाल में जर्सी गाय कहा जाता है। यानी राजनीति के लिए गाय में भी भेदभाव पैदा कर दिया गया। उन्होंने सवाल किया कि इसका क्या प्रमाण है कि वहां केवल जर्सी गाय का ही मांस खाया जाता है? उन्होंने कहा कि दुखद सच्चाई यह है कि जिन राज्यों में मुसलमानों की अच्छी-खासी आबादी है, वहां गाय को अत्यधिक पवित्र बताकर राजनीति की जाती है, जबकि जिन राज्यों में दूसरी जातियां या समुदाय अधिक हैं, या जहां भाजपा की सरकार है, वहां गाय “मिथुन” बन जाती है। मौलाना मदनी ने कहा कि इन लोगों को गाय से वास्तविक श्रद्धा नहीं, बल्कि राजनीति से प्रेम है। ऐसी राजनीति के जरिए लोगों को भड़काकर मुसलमानों के खिलाफ एकजुट किया जाता है और वोट हासिल किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय कई भावनात्मक और राजनीतिक मुद्दे जानबूझकर उछाले जाते हैं, जिनमें गाय की राजनीति भी शामिल है। अंत में मौलाना मदनी ने कहा कि हमें इससे कोई मतलब नहीं कि कौन-सी गाय पवित्र मानी जाती है और कौन-सी नहीं। हमारी केवल यह मांग है कि गाय को ‘‘राष्ट्रीय पशु’’ घोषित करके इस विवाद को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया जाए और इसके लिए जो भी कानून बनाया जाए, उसे country के सभी राज्यों में बिना किसी भेदभाव के समान रूप से लागू किया जाए। यही न्याय और निष्पक्षता की मांग है。
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छत्रपती संभाजीनगर में दिव्यांग चिमुकले की हत्या, माता-पिता फरार

Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra:माणुसकीला काळिमा फासणारी आणि मन सुन्न करणारी एक अत्यंत धक्कादायक घटना छत्रपती संभाजीनगरमध्ये उघडकीस आली आहे. एका ५ वर्षीय दिव्यांग चिमुकल्याची त्याच्याच जन्मदात्यांनी गळा आवळून आणि बेदम मारहाण करून हत्या केली असे पुढं आलाय, धक्कादायक बाब म्हणजे, मृत्यूच्या भयंकर वेदना सहन करताना या निष्पाप जीवाच्या हातात 'खाऊचे पाकीट' होते, जे तो रडू नये म्हणून क्रूर आई-वडिलांनीच त्याच्या हाती दिले होते. पाहूयात या आणि संतापजनक घटनेचा सविस्तर रिपोर्ट... काळजाचा थरकाप उडवणारी ही घटना छत्रपती संभाजीनगरमधील हर्सूल-सावंगी बायपास परिसरातील. मंगळवारी सकाळी केंब्रिज चौक ते सावंगी बायपास रस्त्यावरील एका शेतात एका लहान मुलाचा मृतदेह कपड्याने झाकलेल्या अवस्थेत आढळून आला. स्थानिकांनी तात्काळ याची माहिती पोलिसांना दिली. पोलिसांनी घटनास्थळी धाव घेत मृतदेह उत्तरीय तपासणीसाठी घाटी रुग्णालयात पाठवला. सुरुवातीला या बालकाची ओळख पटत नव्हती, मात्र पोलिसांनी मृतदेहाचे वर्णन आणि फोटोंच्या आधारे चिकलठाणा भागातील सावित्रीनगर गाठले आणि या गुन्ह्याचा उलगडा झाला. अवघ्या आठ दिवसांपूर्वीच आरोपी असलेला संतोष ढाळे याचे कुटुु…
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दुताल गांव में लाखों के सोना-चांदी और नकदी की चोरी, चोर फरार

Patran, Punjab:पातड़ां के साथ लगते गांव दुताल में चोरों ने एक घर को निशाना बनाते हुए लाखों रुपए के सोना-चांदी के गहने और नकदी चोरी कर ली। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। सूचना मिलने पर थाना पातड़ां पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने फिंगर प्रिंट माहिर टीमों को भी जांच में लगाया है। जानकारी के अनुसार गांव दुताल के बाहर खेतों में बने डेरे में रहने वाले सतनाम सिंह के घर में देर रात अज्ञात चोर घुस आए। चोर घर से करीब 30 से 35 तोले सोना-चांदी के गहने और करीब एक लाख रुपए की नकदी चोरी कर फरार हो गए। पीड़ित सतनाम सिंह ने बताया कि वह लंबे समय से गांव के बाहर बने डेरे में अपने परिवार सहित रह रहे हैं। सुबह जब परिवार के सदस्यों को चोरी का पता चला तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। उन्होंने बताया कि रात करीब एक बजे के बाद चोरी की घटना को अंजाम दिया गया। चोर घर के पीछे की तरफ से रोशनदान का शीशा निकालकर अंदर दाखिल हुए और स्टोर में रखे सोना-चांदी के गहने व नकदी चोरी कर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही थाना पातड़ां पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। पुलिस ने मौके से सबूत जुटाने के लिए फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट टीम की भी मदद ली। गांव के सरपंच और गुरुघर के सेवादारों ने बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर चिंता जताते हुए पुलिस प्रशासन से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। थाना पातड़ां प्रभारी हरप्रीत सिंह ने बताया कि सतनाम सिंह निवासी दुताल की शिकायत पर तकनीकी आधार पर जांच कर रही है तथा फिंगर प्रिंट टीम की मदद से अहम सुराग जुटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा।
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