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रंगबाजी के लिए फायरिंग का वीडियो वायरल करने वाले युवकों पर एफआईआर दर्ज, तलाश जारी
Bulandshahr, Uttar Pradesh:क्षेत्राधिकार सियाणा ने बताया कि बीवी नगर में युवकों की फायरिंग का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने अभियोग पंजीकृत कर युवकों की तलाश शुरू कर दी है।
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रायपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, मौसम विभाग अलर्ट जारी
Raipur, Chhattisgarh:रायपुर ब्रेकिंग- प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश का दौर जारी. मौसम विभाग ने बारिश को लेकर जारी किया ऑरेंज और येलो अलर्ट. बलरामपुर, कोरबा, सारंगढ़-बिलाईगढ़, रायगढ़ और सूरजपुर जिले में एक दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी. बलरामपुर, कोरबा, जशपुर, सरगुजा, बिलासपुर, बलौदाबाजार सहित कुछ अन्य जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी भारी बारिश की चेतावनी......0
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दिल्ली में राहुल गांधी से प्रताप बजवा की अहम मुलाकात
Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली संसद भवन के बाहर राहुल गांधी से मिले प्रताप बजवा0
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झुंझुनूं के चारणवास में बिहारीजी मंदिर की जमीन विवाद
Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं जिले के प्रतापपुरा पंचायत के चारणवास गांव में लगभग 400 से 600 साल पुराने बिहारीजी मंदिर की जमीन को लेकर विवाद उभरा है। ग्रामीणों ने बुधवार को झुंझुनूं कलेक्टर को ज्ञापन देकर मंदिर की जमीन की रजिस्ट्री निरस्त करने और नामांतरण वापस मंदिर के नाम करने की मांग की। उनका आरोप है कि मंदिर के महंत जगदीश दास ने अपने सगे भाई को दत्तक पुत्र बताकर sekitar सात बीघा जमीन उसके नाम कर दी, जिसके बाद निर्माण शुरू हुआ और कोठी बनाए जाने की खबर मिली। ग्रामिणों का कहना है कि पुराने दस्तावेजों में भी जमीन मंदिर की दर्ज थी और रजिस्ट्री में खरीदार का पता दिल्ली का दर्ज है। ग्रामीणों ने 2002 के पुराने विवाद का हवाला देते हुए कहा कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा; पहले गांव स्तर पर, फिर पूरे जिला के नागरिकों के साथ कलेक्ट्रेट के समक्ष धरना दिया जाएगा। उनके अनुसार मंदिर करीब 400 साल पुराना है और जमीन का रजिस्ट्रीकरण महंत के नाम होने के बाद बदले में सात बीघा जमीन उनके भाई के नाम हो चुकी है। इस मामले में ग्रामीणों ने प्रशासन से रजिस्ट्री और नामांतरण निरस्त कर जमीन वापस मंदिर के नाम दर्ज करने की मांग की है।0
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स्पीड ट्रायल से अख्तर शाह को 10 वर्ष कारावास, मुखिया रहते अपराध जारी
Motihari, Bihar:मुखिया को पैसा बनाने की लगी ऐसी लत की अब 10 वर्षों तक खानी होगी जेल की हवा, पुलिस ने स्पीड ट्रायल चलाकर दिलाई सजा समाज में कुछ लोग ऐसे भी होते है जो अपने आदतों से बाज नहीं आते है। अपनी गलत गतिविधियों के कारण पुलिस की नौकरी गंवा देने के बाद उसे किस्मत ने पंचायत मुखिया के पद पर जीता कर एक और मौका दिया कि वो एक बेहतर जिंदगी जी सके। पर वो कहते है न चोर चोरी से जाय पर हेराफेरी से ना जाए ऐसा ही कुछ मोतिहारी के एक मुखिया ने किया जिसका नतीजा यह हुआ कि अब वो ना पुलिस रहा और ना ही मुखिया बल्कि अब दस वर्षों तक मोतिहारी की जेल में सजा काटने की उसे मिली सजा। क्या है मामला ? मोतिहारी पुलिस अब अपराधियों को सिर्फ सलाखों के पीछे नही भेज रही है। अब सलाखों के पीछे भेजने के बाद स्पीडी ट्रायल चलाकर सजा भी दिला रही है। इसबार मोतिहारी पुलिस ने स्पीडी ट्रायल चलाकर आदापुर प्रखण्ड के बखरी पंचायत के मुखिया अख्तर शाह को सजा दिलाया है। अख्तर शाह मुखिया बनने से पहले मुजफ्फरपुर जिला पुलिस बल में सिपाही था । नौकरी के दौरान कई आपराधिक गतिविधाओं में शामिल होने के कारण उसे पुलिस से बर्खास्त कर दिया गया था। फिर इसने पंचायत चुनाव में मुखिया का चुनाव लड़ा और मोतिहारी के बखरी पंचायत का मुखिया बन गया। लेकिन मुखिया बनने के बाद भी इसने अपना आपराधिक कार्यशैली नही छोड़ा। अब आपराध के साथ साथ सीमा पार से नारकोटिक्स तस्करी का कारोबार शुरू कर दिया। फिर आदापुर पुलिस वर्ष 2024 में एसएसबी के साथ क्षापेमारी करके भारी मात्रा में गाँजा बरामद किया था। इस मामले में आदापुर थाना में कांड संख्या 227 / 24 दर्ज कर पुलिस ने अनुसंधान शुरू किया। पुलिस ने मामले में चार्जशीट दायर कर स्पीडी ट्रायल चलाया। सिविल कोर्ट मोतिहारी में NDPS कोर्ट 1 श्रीमती रेशमा वर्मा ने लोक अभियोजन अधिकारी डॉ शंभु शरण सिंह के तमाम दलील एवं सबूत के आधार पर मुखिया अख्तर शाह को 10 वर्ष की सजा एवं 1 लाख के अर्थ दंड की सजा सुनाई है। यानि अख्तर जो पहले सिपाही था पर अपने अपराधिक कार्यशैली के कारण बर्खास्त कर दिया गया था वह मुखिया का चुनाव जीतने के बाद नारकोटिक्स की तस्करी करने लगा था यानि मुखिया बनने के बाद रुपया का भूख उसकी खत्म नहीं हुई जिसका नतीजा आज यह हुआ कि अब वह ना तो पुलिस रहा और ना ही मुखिया रह सका ।अब अख्तर सजावऱ कैदी के रूप में समाज में पहचाना जाएगा।0
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उदयपुर MB अस्पताल में चार घंटे की जटिल सर्जरी से छात्र का जीवन बचा
Udaipur, Rajasthan:उदयपुर के महाराणा भूपाल चिकित्सालय के चिकित्सकों ने एक बेहद जटिल ऑपरेशन कर आदिवासी छात्र को नया जीवन प्रदान किया है। बीती रात चार घण्टे तक चले इस ऑपरेशन के दौरान चिकित्सको ने छात्र के सीने में लगे तीर को बाहर निकालने में सफलता हासिल की। बताया जा रहा है कि डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में बच्चे तीर अंदाजी की प्रैक्टिस कर रहे थे। इस दौरान स्कूल में पढ़ने वाला विकास नानोमा अचानक बीच मे आ गया और तीर उसके सीने में घुस गया। स्कूल प्रबंधन से जुड़े लोग गम्भीर अवस्था मे उसे हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। जहां से विकास को उदयपुर रेफर किया गया। उदयपुर के एमबी चिकित्सालय की आपातकाली इकाई में विकास की जांच की। विकास को बचाने के लिए रात में ही चिकित्सकों ने ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। सभी वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम को बुलाया गया और करीब चार घण्टे के ऑपरेशन के बाद विकास के दिल को चीर देने वाले तीर को बाहर निकाल दिया गया। विकास का ऑपरेशन करने वाले कार्डिक सर्जन डॉ विनय नैथानी ने बताया कि विकास को लगा तीर छाती की हड्डी के आर-पार हो गया था। तीर का सिरा स्टर्नम और पेरिकार्डियम को पार करके दाहिने वेंट्रिकल में फंस गया था। इस चोट के कारण दिल से लगातार खून बह रहा था और उसके चारों ओर खून जमा हो गया था। जिससे ''कार्डियक टैम्पोनैड'' की स्थिति बन गई थी। यह एक जानलेवा स्थिति है जिसमें दिल के चारों ओर दबाव बढ़ने से दिल की खून पंप करने की क्षमता बुरी तरह प्रभावित होती है। चोट की गंभीरता को देखते हुए, आधी रात को ही, सीटी स्कैन किया एवं उसे इमरजेंसी सर्जरी के लिए सीधे ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया। दाहिनी तरफ़ के थोराकोटॉमी की गई और पेरिकार्डियम को खोलकर कार्डियक टैम्पोनैड से राहत दिलाई गई। सर्जरी के दौरान जाँच से पुष्टि हुई कि तीर स्टर्नम, पेरिकार्डियम और दाहिने वेंट्रिकल के आर-पार हो गया था। तीर के सिरे को सावधानीपूर्वक निकाला गया और दाहिने वेंट्रिकल में लगी चोट से हो रहे रक्तस्राव को सफलतापूर्वक ठीक किया गया। सर्जरी में मरीज को चार यूनिट खून भी चढ़ाया गया।ऑपरेशन में डॉ. विनय नैथानी के साथ डॉ. नरेश और डॉ. जसवंत ने उनकी मदद की। एनेस्थीसिया डॉ. संदीप शर्मा और डॉ. अंजूरी गोयल ने दिया। नर्सिंग में दुर्गा मीणा ने सहायता की। इमरजेंसी डिपार्टमेंट में शुरुआत में डॉ. विष्णु प्रताप ने मरीज़ का इलाज किया और उसकी स्थिति को स्थिर किया। डॉ. कुशल गहलोत ने विशेषज्ञ रेडियोलॉजिकल जाँच की। मरीज़ की देखभाल और सुधार पर प्रिंसिपल और कंट्रोलर डॉ. राहुल जैन और मेडिकल सुपरिटेंटेंडेंट डॉ. आर. एल. सुमन लगातार नज़र रखे हुए थे। सर्जरी सफल रही और मरीज़ अभी स्थिर है, अच्छी तरह ठीक हो रहा है और सामान्य आहार ले रहा है। बाईट- विनय नैथानी, कार्डिक सर्जन, एमबी हॉस्पिटल, उदयपुर0
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झारखंड छात्र आंदोलन में सियासी टकराव तेज, मंत्री पर बर्खास्तगी की मांग उठी
Giridih, Jharkhand:एभीबी : झारखंड में जारी छात्र आंदोलन को लेकर अब सियासी टकराव तेज हो गया है। विधानसभा मार्च के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के बाद भाजपा ने सरकार पर हमला और तेज कर दिया है। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुरेश साहू ने बुधवार को प्रेसवार्ता कर नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार पर गंभीर आरोप लगाए और उन्हें तत्काल मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग की। सुरेश साव ने आरोप लगाया कि मंत्री के नेतृत्व और इशारे पर रांची पुलिस ने सीबीआई जांच की मांग कर रहे छात्रों पर बर्बर कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से विधानसभा घेराव के लिए जा रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया तथा आंदोलनकारी छात्रों के पंडाल की बिजली तक काट दी गई।भाजपा नेता ने कहा कि छात्रों और सरकार के बीच वार्ता के लिए बनी कमेटी में मंत्री सुदिव्य कुमार को शामिल किए जाने से लोगों को उम्मीद थी कि बातचीत के जरिए आंदोलन का समाधान निकलेगा। लेकिन, उनके आरोप के मुताबिक, मंत्री की भूमिका छात्रों की मांगों का समाधान निकालने के बजाय आंदोलन को कुचलने की रही। सुरेश साव ने झामुमो नेताओं के उस आरोप को भी खारिज किया, जिसमें भाजपा पर छात्र आंदोलन को हाईजैक करने का आरोप लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब छात्र अपने अधिकार और भविष्य को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे, उस समय उन पर पुलिसिया कार्रवाई की गई। इससे स्पष्ट है कि सरकार छात्रों की आवाज सुनने के बजाय आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन को लेकर सरकार और छात्रों के बीच खाई पैदा करने में मंत्री सुदिव्य कुमार की भूमिका रही है। श्री साहू ने कहा कि छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और मंत्री को तत्काल पद से हटाया जाना चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम के बाद छात्र आंदोलन अब केवल भर्ती परीक्षाओं और छात्रों की मांगों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सरकार और विपक्ष के बीच सीधी राजनीतिक लड़ाई का मुद्दा भी बनता जा रहा है। एक ओर सरकार भाजपा पर छात्र आंदोलन को राजनीतिक रूप से हाईजैक करने का आरोप लगा रही है, वहीं भाजपा सरकार पर आंदोलन को कुचलने का आरोप लगा रही है।0
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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बोकारो निजी काम से पहुंचे, सुरक्षा कड़ा
Bokaro Steel City, Jharkhand:झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बोकारो निजी काम से पहुंचे। साथ में मुख्यमंत्री की पत्नी भी। बोकारो के कॉपरेटिव कॉलोनी में दंत चिकित्सालय पहुंचे। मौके पर जिले के पदाधिकारी जहां डीसी,एसपी, एसडीएम के साथ कई पदाधिकारी भी है मौजूद। किसी को आने जाने की नहीं है इजाज़त। सुरक्षा का घेरा लगाया गया है।0
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डिग्गी-फार्म पॉण्ड सुरक्षा: जल दुर्घटनाओं से बचाव के लिए कड़ी तैयारी
Jaipur, Rajasthan:कृषि विभाग रोकेगा डिग्गी-फार्म पॉण्ड में हादसे! - जल संरचनाओं में डूबने की दुर्घटनाएं रुकेंगी, कृषि विभाग ने जारी किए सख्त दिशा-निर्देश - जन एवं पशुधन की सुरक्षा के लिए उपाय जरूरी, विभागीय अधिकारी करेंगे नियमित निरीक्षण - जियो टैग फोटो अपलोड करने होंगे जरूरी जयपुर。 राज्य में अब डिग्गी एवं फार्म पॉण्ड में सुरक्षा उपाय अनिवार्य रूप से किए जाएंगे। जल संरचनाओं में डूबने की दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए कृषि विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। किसानों, उनके परिजनों और पशुधन की सुरक्षा के लिहाज से डिग्गी और फार्म पॉण्ड पर सुरक्षा उपाय करना जरूरी होगा। जन एवं पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग ने कई सुरक्षा उपाय अनिवार्य किए हैं। विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं लाभार्थियों को इन निर्देशों की तत्काल प्रभाव से पालना के लिए कहा है। प्रत्येक डिग्गी, फार्म पॉण्ड के निर्माण के बाद उसके समीप साफ स्थान पर लाल रंग में ‘सावधान/खतरा, गड्ढा गहरा है, बच्चों को दूर रखें’ अंकित चेतावनी बोर्ड लगाना जरूरी किया गया है। जल संरचनाओं में सुरक्षित आवागमन के लिए आवश्यकता के अनुसार सीढ़ियों की व्यवस्था की जाएगी। वहीं प्लास्टिक लाइनिंग वाली डिग्गियों में कृषक की सुविधा के अनुसार मजबूत प्लास्टिक रस्सी, लकड़ी अथवा लोहे की सीढ़ी स्थापित की जाएगी। ताकि किसी आकस्मिक परिस्थिति में सुरक्षित बाहर निकलने में सहायता मिल सके। कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने निर्देश जारी किए हैं कि लाभार्थियों को सम्बंधित नियमों की अनुपालना करना जरूरी होगा। फार्म पॉण्ड में सुरक्षा के ये उपाय होंगे अनिवार्य - प्रत्येक डिग्गी, फार्म पॉण्ड के चारों कोनों पर मजबूत रस्सी बांधी जाएगी - स्थाई रूप से गाड़े गए खूंटों से सुरक्षित रूप से बांधी जाएगी रस्सी - रस्सी का एक सिरा पानी में छोड़ा जाएगा - ताकि किसी व्यक्ति के पानी में गिरने की स्थिति में रस्सी से बाहर निकल सके - प्रत्येक जल संरचना में 1 से 2 ट्यूब में हवा भरकर डालने होंगे - ‘लाइफ सेविंग फ्लोट’ के रूप में रस्सी से बांधकर पानी में रखने जरूरी होंगे - जल संरचनाओं के चारों ओर न्यूनतम 2 फीट ऊंची प्लास्टरयुक्त दीवार बनानी होगी - उसके ऊपर जाली, कांटेदार तार अथवा अन्य उपयुक्त बाड़ लगाने के निर्देश - करौंदा, खैरी, बांस, डंडा थोर, नागफणी आदि कांटेदार पौधे लगा सकेंगे - इन पौधों का उपयोग वानस्पतिक सुरक्षा बाड़ के रूप में किया जा सकेगा पुरानी संरचना के लिए 2 माह में पालना जरूरी विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी नवीन डिग्गी, फार्म पॉण्ड एवं अन्य जल संचयन संरचनाओं में निर्धारित सुरक्षा उपायों की पालना अनिवार्य होगी। सुरक्षा प्रावधानों की पूर्ण अनुपालना के बिना निर्माण कार्य को पूर्ण नहीं माना जाएगा। निर्देशों की पालना नहीं होने पर विभागीय योजना के अंतर्गत अनुदान अथवा वित्तीय सहायता भी नहीं दी जाएगी। पूर्व में निर्मित सभी डिग्गी, फार्म पॉण्ड एवं अन्य जल संचयन संरचनाओं में भी संबंधित लाभार्थियों द्वारा इस आदेश के जारी होने की तिथि से 2 माह के भीतर निर्धारित सुरक्षा उपाय अनिवार्य रूप से करने होंगे। पालना करने वालों को प्रशस्ति-पत्र, लापरवाही पर होगी कार्रवाई - निर्धारित सुरक्षा उपायों की पालना करने वालों को प्रशस्ति पत्र मिलेंगे - सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) द्वारा प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए जाएंगे - वहीं जिन लाभार्थियों द्वारा सुरक्षा उपाय स्थापित नहीं किए जाएंगे - उन्हें नोटिस देकर निर्धारित अवधि में सुरक्षा प्रावधान सुनिश्चित करवाए जाएंगे - यदि किसी नए निर्माण में निर्धारित सुरक्षा प्रावधान सुनिश्चित नहीं किए जाते हैं - अथवा विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा लापरवाही की जाती है - तो संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी राज किसान साथी पोर्टल पर अपलोड होंगे फोटोग्राफ सुरक्षा उपायों की प्रभावी पालना तय करने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाएगा। अधिकारियों द्वारा की गई कार्यवाही एवं निरीक्षण की पाक्षिक रिपोर्ट जिला स्तर से कृषि आयुक्तालय को भेजनी होगी। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा उपाय स्थापित पाए जाने वाली संरचनाओं के जियो-टैग युक्त फोटोग्राफ राज किसान साथी पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। माना जा रहा है कि कृषि विभाग का यह कदम प्रदेश में जल संचयन संरचनाओं को सुरक्षित बनाने, विशेषकर बच्चों एवं पशुधन को डूबने की दुर्घटनाओं से बचाने तथा किसानों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।0
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मैनपुरी-करहल वनखण्डेश्वर मंदिर में पेड़ गिरा,बाउंड्री वॉल और बिजली खम्भा क्षतिग्रस्त,बड़ा हादसा टला
Kirthua, Karhal, Uttar Pradesh:करहल/मैनपुरी करहल के प्रसिद्ध वनखण्डेश्वर मंदिर परिसर में आज एक बड़ा इमली का पेड़ अचानक धराशाही हो गया,गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। तेज हवा के कारण पेड़ गिरने से मंदिर की बाउंड्री वॉल और बिजली का खम्भा क्षतिग्रस्त हो गया है,पेड़ गिरने की आवाज सुनकर परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर स्थानीय लोग और मंदिर समिति के सदस्य मौके पर पहुंचे। बिजली का खम्भा टूटने से क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति भी बाधित हो गई है। राहत की बात है कि हादसे के समय परिसर में ज्यादा लोग नहीं थे,इसलिए बड़ा हादसा टल गया। प्रशासन से क्षतिग्रस्त बाउंड्री और बिजली व्यवस्था को जल्द ठीक कराने की मांग की गई है।0
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कृषि विभाग ने डिग्गी-फार्म पॉण्ड में सुरक्षा उपाय अनिवार्य कर दिए
Jaipur, Rajasthan:लोकेशन- जयपुर फीड- 2सी हैडर- - कृषि विभाग रोकेगा डिग्गी-फार्म पॉण्ड में हादसे! - जल संरचनाओं में डूबने की दुर्घटनाएं रुकेंगी - कृषि विभाग ने जारी किए सख्त दिशा-निर्देश - जन एवं पशुधन की सुरक्षा के लिए उपाय जरूरी - विभागीय अधिकारी करेंगे नियमित निरीक्षण - जियो टैग फोटो अपलोड करने होंगे जरूरी एंकर राज्य में अब डिग्गी एवं फार्म पॉण्ड में सुरक्षा उपाय अनिवार्य रूप से किए जाएंगे। जल संरचनाओं में डूबने की दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए कृषि विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। किसानों, उनके परिजनों और पशुधन की सुरक्षा के लिहाज से डिग्गी और फार्म पॉण्ड पर सुरक्षा उपाय करने जरूरी होंगे। यह रिपोर्ट देखिए - वीओ- 1 प्रदेश में डिग्गी, फार्म पॉण्ड एवं अन्य जल संचयन संरचनाओं में डूबने की दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर कृषि विभाग अब सख्ती करेगा। जन एवं पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग ने कई सुरक्षा उपाय अनिवार्य किए हैं। विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं लाभार्थियों को इन निर्देशों की तत्काल प्रभाव से पालना के लिए कहा है। प्रत्येक डिग्गी, फार्म पॉण्ड के निर्माण के बाद उसके समीप साफ स्थान पर लाल रंग में ‘सावधान/खतरा, गड्ढा गहरा है, बच्चों को दूर रखें’ अंकित चेतावनी बोर्ड लगाना जरूरी किया गया है। जल संरचनाओं में सुरक्षित आवागमन के लिए आवश्यकता के अनुसार सीढ़ियों की व्यवस्था की जाएगी। वहीं प्लास्टिक लाइनिंग वाली डिग्गियों में कृषक की सुविधा के अनुसार मजबूत प्लास्टिक रस्सी, लकड़ी अथवा लोहे की सीढ़ी स्थापित की जाएगी। ताकि किसी आकस्मिक परिस्थिति में सुरक्षित बाहर निकलने में सहायता मिल सके। कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने निर्देश जारी किए हैं कि लाभार्थियों को सम्बंधित नियमों की अनुपालना करना जरूरी होगा。 Gfx In फार्म पॉण्ड में सुरक्षा के ये उपाय होंगे अनिवार्य - प्रत्येक डिग्गी, फार्म पॉण्ड के चारों कोनों पर मजबूत रस्सी बांधी जाएगी - स्थाई रूप से गाड़े गए खूंटों से सुरक्षित रूप से बांधी जाएगी रस्सी - रस्सी का एक सिरा पानी में छोड़ा जाएगा - ताकि किसी व्यक्ति के पानी में गिरने की स्थिति में रस्सी से बाहर निकल सके - प्रत्येक जल संरचना में 1 से 2 ट्यूब में हवा भरकर डालने होंगे - ‘लाइफ सेविंग फ्लोट’ के रूप में रस्सी से बांधकर पानी में रखने जरूरी होंगे - जल संरचनाओं के चारों ओर न्यूनतम 2 फीट ऊंची प्लास्टरयुक्त दीवार बनानी होगी - उसके ऊपर जाली, कांटेदार तार अथवा अन्य उपयुक्त बाड़ लगाने के निर्देश - करौंदा, खैरी, बांस, डंडा थोर, नागफणी आदि कांटेदार पौधे लगा सकेंगे - इन पौधों का उपयोग वानस्पतिक सुरक्षा बाड़ के रूप में किया जा सकेगा Gfx Out वीओ- 2 विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी नवीन डिग्गी, फार्म पॉण्ड एवं अन्य जल संचयन संरचनाओं में निर्धारित सुरक्षा उपायों की पालना अनिवार्य होगी। सुरक्षा प्रावधानों की पूर्ण अनुपालना के बिना निर्माण कार्य को पूर्ण नहीं माना जाएगा। निर्देशों की पालना नहीं होने पर विभागीय योजना के अंतर्गत अनुदान अथवा वित्तीय सहायता भी नहीं दी जाएगी। पूर्व में निर्मित सभी डिग्गी, फार्म पॉण्ड एवं अन्य जल संचयन संरचनाओं में भी संबंधित लाभार्थियों द्वारा इस आदेश के जारी होने की तिथि से 2 माह के भीतर निर्धारित सुरक्षा उपाय अनिवार्य रूप से करने होंगे。 Gfx In पालना करने वालों को प्रशस्ति-पत्र, लापरवाही पर होगी कार्रवाई - निर्धारित सुरक्षा उपायों की पालना करने वालों को प्रशस्ति-पत्र मिलेंगे - सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) द्वारा प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए जाएंगे - वहीं जिन लाभार्थियों द्वारा सुरक्षा उपाय स्थापित नहीं किए जाएंगे - उन्हें नोटिस देकर निर्धारित अवधि में सुरक्षा प्रावधान सुनिश्चित करवाए जाएंगे - यदि किसी नए निर्माण में निर्धारित सुरक्षा प्रावधान सुनिश्चित नहीं किए जाते हैं - अथवा विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा लापरवाही की जाती है - तो संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी Gfx Out वीओ- 3 सुरक्षा उपायों की प्रभावी पालना तय करने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाएगा। अधिकारियों द्वारा की गई कार्यवाही एवं निरीक्षण की पाक्षिक रिपोर्ट जिला स्तर से कृषि आयुक्तालय को भेजनी होगी। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा उपाय स्थापित पाए जाने वाली संरचनाओं के जियो-टैग युक्त फोटोग्राफ राज किसान साथी पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। माना जा रहा है कि कृषि विभाग का यह कदम प्रदेश में जल संचयन संरचनाओं को सुरक्षित बनाने, विशेषकर बच्चों एवं पशुधन को डूबने की दुर्घटनाओं से बचाने तथा किसानों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी。 - काशीराम चौधरी जी मीडिया, जयपुर0
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चतरा: मास्टरमाइंड समेत 3 अपराधी फायरिंग-लूट के आरोप में गिरफ्तार
Ansar Nagar, Jharkhand:चतरा जिले की बशिष्ठनगर थाना पुलिस ने कस्तूरबा विद्यालय, प्रतापपुर मोड़ के पास हुई लूटपाट और फायरिंग की घटना का महज 48 घंटे में सफल उद्भेदन कर दिया है। 9 अगस्त को अपराधियों ने मोबाइल और सोने की चेन लूटने के दौरान फायरिंग की थी। एसपी के निर्देश पर डीएसपी (मुख्यालय) के नेतृत्व में बनी विशेष टीम ने छापेमारी कर घटना में शामिल तीन अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान अमित कुमार उम्र करीब 24 वर्ष पिता अजय दास ग्राम-परासिया थाना-हंटरगंज जिला चतरा दूसरा बीटु कुमार उम्र करीब 18 वर्ष पिता राजू दास ग्राम-छोटकी जोरी, थाना-ब०नगर जिला चतरा तीसरा रोहित कुमार उम्र करीब 18 वर्ष पिता रामरतन भारती ग्राम-करैलीबार थाना-ब०नगर जिला चतरा। पुलिस ने इनके पास से एक देशी कट्टा, एक जिंदा कारतूस और घटना में प्रयुक्त अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की है। दिलचस्प बात यह है कि भागने के दौरान मास्टरमाइंड अमित की चप्पल मौके पर ही छूट गई थी, जिसने उसकी पहचान पुख्ता की। मुख्य आरोपी अमित का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उस पर हंटरगंज सहित बिहार के शेरघाटी में कई गंभीर मामले दर्ज हैं।0
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दरभंगा में चिलचिलाती धूप के बीच भव्य तिरंगा यात्रा, देशभक्ति का जज्बा
Darbhanga, Bihar:दरभंगा में चिलचिलाती घुप में निकली भव्य तिरंगा यात्रा, हाथों में तिरंगा लेकर सड़कों पर दिखा देशभक्ति का जज्बा,जिला प्रभारी मंत्री के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और जिला प्रशासन के अधिकारी थे मौजूद। दरभंगा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभर में 7 अगस्त से 14 अगस्त तक आयोजित किए जा रहे तिरंगा यात्रा कार्यक्रम के तहत बुधवार को दरभंगा में भी भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। जिला प्रशासन की ओर से आयोजित इस यात्रा में जिले के प्रभारी मंत्री कुमार शैलेंद्र , बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह स्थानीय विधायक संजय सरावगी, DM कौशल कुमार और SSP जगुनाथ रेड्डी समेत कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पुलिसकर्मी और छात्र शामिल हुए। तिरंगा यात्रा कर्पूरी चौक से हाजमा चौक तक लगभग 5 किलोमीटर तक चिलचिलाती धूप में निकाली गई। यात्रा में शामिल लोगों के हाथों में तिरंगा लहराता नजर आया और पूरे रास्ते देशभक्ति का माहौल बना रहा। बड़ी संख्या में छात्रों ने भी उत्साह के साथ हिस्सा लिया। चिलचिलाती धूप के बावजूद यात्रा में शामिल लोगों का जोश कम नहीं हुआ। सड़क के दोनों ओर मौजूद लोगों ने भी तिरंगा यात्रा को देखकर उत्साह जताया। जगह-जगह लोगों में देशभक्ति का जज्बा और उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। यात्रा के दौरान भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों से वातावरण गूंजता रहा। तिरंगा यात्रा ने स्वतंत्रता दिवस से पहले दरभंगा में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। बाइट 1,संजय सरावगी,भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह स्थानीय विधायक 2, कुमार शैलेंद्र ,प्रभारी जिला मंत्री 3,कौशल कुमार,DM दरभंगा0
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जलपाइगुड़ी PF दफ्तर में घोटाला: जीवितों को मृत दिखाकर पेंशन व बीमा रकम हथियाई गई
Jalpaiguri, West Bengal:জলপাইগুড়ি পিএফ অফিসে দুর্নীতি! একই ব্যক্তির নামে দুবার ডেথ সার্টিফিকেট জমা দিয়ে পিএফের টাকা তোলার অভিযোগ। স্বীকার করে নিলেন জলপাইগুড়ির আঞ্চলিক পিএফ কমিশনার পবনকumar বনসাল। যদিও তাঁর দাবি, এটা অনেক পুরনো ঘটনা। সেসময় আমি ছিলাম না। তাছাড়া যে ওভার পেমেন্ট হয়েছিল, তা ফেরত নেওয়া হয়েছে। জলপাইগুড়ি প্রভিডেন্ট ফান্ড অফিস বর্তমানে অনিয়ম ও দালাল চক্রের আখড়ায় পরিণত হয়েছে। বিশেষ করে প্রত্যন্ত চা বাগানের নিরক্ষর শ্রমিকরা এখানে প্রতিনিয়ত চরম হয়রানির শিকার হচ্ছেন; টাকা না দিলে ইডিএলআই ও বিমার কাজ আটকে রাখা হচ্ছে বলে অভিযোগ। সবচেয়ে আশঙ্কাজনক বিষয় হল, নাগরাকাটার বন্ধ চা বাগানের বেশ কিছু জীবিত শ্রমикকে কাগজে-কলমে 'মৃত' দেখিয়ে, ভুয়ো ডেথ সার্টিফিকেট এবং ফর্ম-২০ ব্যবহার করে প্রOVIDেন্ট ফান্ড ও বিমার অর্থ আত্মসাৎ করা হয়েছে। ডাক্তার, পঞ্চায়েত, স্থানীয় জনপ্রতিনিধি কিংবা বাগান কর্তৃপক্ষের প্রত্যক্ষ পরোক্ষ মদদ ছাড়া এ ধরনের জালিয়াতি কোনোভাবেই সম্ভব নয় বলে दावा বিভিন্ন শ্রমিক সংগঠনের। প্রকৃত নিরপেক্ষ তদন্ত হলে অনিয়ম ফাঁস হয়ে যাবে। কিন্তু শাসক ও বিরোধী পক্ষের কিছু প্রভাবশালী ব্যক্তির যোগসাজশে পুরো বিষয়টি চেপে যাওয়ার চেষ্টা চলছে। অসহায় শ্রমিকদের স্বার্থরক্ষায় এই দুর্নীতির সুষ্ঠু তদন্ত এবং দোষীদের দ্রুত দৃষ্টান্তমূলক শাস্তির দাবি জানিয়েছেন সিটুর জলপাইগুড়ি জেলা সম্পাদক কৃষ্ণ সেন। ভুয়ো ডেথ সার্টিফিকেট দাখিল করে জীবিতকে মৃত দেখিয়ে তুলে নেওয়া হয়েছে তাঁর পিএফ। এই অভিযোগকে সামনে রেখে জলপাইগুড়ি পিএফ অফিসের বিরুদ্ধে এবার উচ্চ পর্যায়ের তদন্তের দাবি তুললেন বিভিন্ন শ্রমিক সংগঠনের নেতারা। তাঁদের দাবি, জলপাইগুড়ি পিএফ অফিস ঘুঘুর বাসায় পরিণত হয়েছে। চা বাগানের জীবিত শ্রমিককে মৃত দেখিয়ে টাকা তুলে নেওয়া হয়েছে বলে ঘটনা সামনে এসেছে। কারা সেই ডেথ সার্টিফিকেট ইস্যু করল, কোন জনপ্রতিনিধি সই করলেন, সবটাই তদন্তের আওতায় আনতে হবে। দীর্ঘদিন ধরেই জলপাইগুড়ি পিএফ অফিসে ঘুঘুর বাসা চলছে। গরিব মানুষের বিশেষ করে চা শ্রমিকদের পিএফ হাতিয়ে নিতে এক অসাধু চক্র সক্রিয়। এর বিরুদ্ধে সরকারকে কড়া পদক্ষেপ নিতে হবে। দাবি চা শিল্পের সঙ্গে যুক্ত বিভিন্ন মহলের।0
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बूंदी में तेज बारिश से जलभराव, सड़कें बनीं दरियाओं जैसी
Noida, Uttar Pradesh:बूंदी में बारिश से बिगड़े हालात, सड़कें दरियाओं जैसी हो गई। शहर में तेज बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। नवलसागर झील ओवरफ्लो होने से सड़कों पर पानी भर गया। नागदी बाजार और सदर बाजार में लगातार जलभराव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लंका गेट क्षेत्र में करीब एक से डेढ़ फीट तक पानी भर गया, जिससे कई वाहन बंद हो गए। भारी बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित रहा और वाहन चालकों को आवागमन में काफी परेशानी उठानी पड़ी।0
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सदर मार्केट के गलियारों में गंदगी से बीमारियाँ फैलने लगीं
Delhi, Delhi:एशिया की सबसे बड़ी होलसेल मार्केट सदर बाजार में फैली सड़कों पर गंदगी। गंदगी की वजह से फैल रही है बीमारियां। आने जाने वाले लोगों को होती है परेशानी। सबसे ज्यादा रेवन्यू जाता है इस मार्केट से। प्रशासन उस व्यक्ति की तरह जिसे ना दिखाई देता है ना सुनाई।0
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