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शामली में पेट्रोल पंप डकैती गैंग का पर्दाफाश,यूपी हरियाणा में 5 पेट्रोल पंप लूटने वाले 5 बदमाश गिरफ्

Shamli KhabarShamli KhabarFollowJust now
Shamli, Uttar Pradesh:शामली में पेट्रोल पंप डकैती गैंग का पर्दाफाश,यूपी हरियाणा में 5 पेट्रोल पंप लूटने वाले 5 बदमाश गिरफ्तार शामली: पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित जियो पेट्रोल पंप पर हुई डकैती का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने अंतरराज्यीय डकैत गिरोह के पांच शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार, घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो कार और लूटी गई नकदी भी बरामद की गई है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह गिरोह उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई जिलों में पेट्रोल पंपों को निशाना बनाता था। दरसल आपकों दे 3/4 जुलाई की रात थाना थानाभवन क्षेत्र के दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित जियो पेट्रोल पंप पर स्कॉर्पियो सवार बदमाशों ने सेल्समैन को हथियारों के बल पर बंधक बनाकर कैश लॉकर खोलने का प्रयास किया था। लॉकर नहीं खुलने पर बदमाश पूरा लॉकर उठाकर फरार हो गए थे। मामले में पेट्रोल पंप मैनेजर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी। पुलिस अधीक्षक एन. पी सिह शामली के निर्देशन में थाना थानाभवन पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में पांच अंतरराज्यीय बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साबिर उर्फ बाबा, अमन, मोहसिन, जसवीर और काला उर्फ शाहनवाज के रूप में हुई है, जो हरियाणा के सोनीपत और पानीपत के रहने वाले हैं। पुलिस अधीक्षक ने बतायआ कि आरोपियों के कब्जे से तीन अवैध 32 बोर पिस्टल, दो .315 बोर तमंचे, जिंदा और खोखा कारतूस, घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो कार तथा डकैती की 67 हजार रुपये की नकदी बरामद की है। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे हरियाणा से किराये पर वाहन लेकर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर उत्तर प्रदेश और हरियाणा के हाईवे पर स्थित पेट्रोल पंपों की रेकी करते थे। रात के समय हथियारों के बल पर कर्मचारियों को बंधक बनाकर डकैती की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस गिरोह ने शामली के अलावा मुजफ्फरनगर, मेरठ, सोनीपत और पानीपत में पेट्रोल पंपों पर डकैती की कुल पांच घटनाओं को अंजाम दिया था, जिनका अब सफल खुलासा कर दिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी अन्य जनपदों और राज्यों से भी जुटाई जा रही है.
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डोडा-किश्तवाड़ रेंज में तीसरी बार बादल फटा, भारी तबाही

Jammu, दो दिनों में किश्तवाड़ डोडा रेंज में तीसरी बार बादल फटना की घटना पेश आयी है। जिसकी वजह से भारी तबाही का मंज़र देखने को मिल रहा है। कल यानी 6 जुलाई को डोडा के प्रेम नगर और किश्तवाड़ के केरू पावर प्रोजेक्ट के नज़दीक बादल फटने से दर्जनों गाड़ियों को नुकसान हुआ था। वहीं आज डोडा के ही ठाठरी इलाके में बादल फटा。 ज़ी मीडिया की टीम डोडा के ठाठरी इलाके में पहुंची जहां पर दर्जनों मकान और दुकान है इस पहाड़ की चपेट में आई है। वहीं बादल फटने की वजह से डोडा किश्तवाड़ national highway पूरी तरह से बंद हो चुका हैं। बड़े-बड़े बोल्डर और मलबे ने पूरी तरह से मकान, गाड़ियों और दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया है।
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काशीपुर में तेज डंपर की लापरवाही: 22 वर्षीय अभिषेक यादव की मौत

Jaspur, Uttarakhand:फिर एक तेज रफ्तार डंपर की लापरवाही के चलते एक हंसते-खेलते घर का चिराग बुझ गया, जिसने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सड़कों पर मौत बनकर दौड़ते इन भारी वाहनों के आगे मासूम जिंदगियां कितनी बेबस हैं. काशीपुर में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ अब आम जनता के लिए काल साबित हो रहा है, जहां आए दिन कोई न कोई परिवार अपनी जिंदगी की सबसे अनमोल पूंजी को खो रहा है. ताजा दिल दहला देने वाला वाकया गंगे बाबा रोड पर देर रात घटित हुआ, जिसने महेशपुर मदर कॉलोनी के एक ऐसे अभागे परिवार को कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया, जो पहले ही किस्मत की मार झेल रहा था. हादसे में अपनी जान गंवाने वाले 22 वर्षीय मासूम युवक अभिषेक यादव के सिर से माता-पिता का साया पहले ही उठ चुका था, और वह अपने भाई-बहनों का पेट पालने के लिए एक ब्लैंकेट फैक्ट्री में रात के सन्नाटे में खून-पसीना बहाकर नाइट ड्यूटी कर रहा था. किसे पता था कि रोज की तरह काम पर निकला यह कर्मठ बेटा सुबह कभी घर लौटकर ही नहीं आएगा और गंगे बाबा रोड से गुजरते वक्त एक अनियंत्रित, काल बने डंपर की चपेट में आकर उसकी सांसों की डोर हमेशा के लिए टूट जाएगी. टक्कर इतनी खौफनाक थी कि अभिषेक ने मौके पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया, और इस खूनी हादसे ने न सिर्फ एक जवान जिंदगी को बेरहमी से कुचल डाला, बल्कि पीछे रोते-बिलखते भाई-बहनों के सिर से उनके भाई और रक्षक का आखिरी सहारा भी हमेशा के लिए छीन लिया. घटना की सूचना मिलते ही जब पुलिस ने लहूलुहान शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा, तो परिजनों के करुण क्रंदन और चीखों से पूरा इलाका दहल उठा, क्योंकि जिस बहन की शादी हो चुकी थी और जो भाई-बहन अभिषेक के सहारे अपनी जिंदगी की उम्मीदें बुन रहे थे, उन पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा है जिसकी भरपाई शायद कायनात भी न कर पाए. पुलिस भले ही अब हादसे के कारणों की जांच और फरार डंपर चालक की तलाश का दावा कर रही हो, लेकिन इन सूनी सड़कों पर उड़ती धूल के बीच बिखरा अभिषेक का लहू चीख-चीख कर प्रशासन से सवाल पूछ रहा है कि आखिर कब तक लापरवाही की इस अंधी रफ्तार में ऐसे बेगुनाह चिराग बुझते रहेंगे.
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जौनपुर: जलालपुर- केराकत मुठभेड़ में पांच आरोपी गिरफ्तार, हथियार व कारतूस बरामद

Jaunpur, Uttar Pradesh:जिले के जलालपुर और केराकत थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने देर रात हुई मुठभेड़ में पांच शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। पुलिस के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपराधियों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान केराकत थाना पुलिस टेकुरीडीह के पास संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। चेकिंग के दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार पांच युवक पुलिस को देखकर भागने लगे। सूचना मिलने पर जलालपुर थाना पुलिस ने आगे से घेराबंदी कर दी। दोनों ओर से पुलिस टीम को देखकर बदमाशों ने खुद को घिरा पाकर पुलिस पर जानलेवा फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें सोनल वर्मा नामक आरोपी के पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से आठ तमंचे, एक देशी रिवॉल्वर, तीन जिंदा कारतूस, एक मिस कारतूस, एक खोखा कारतूस तथा दो मोटरसाइकिलें बरामद हुईं। घायल आरोपी की पहचान सोनल वर्मा निवासी बीरमपुर, थाना केराकत के रूप में हुई है, जिसके खिलाफ पहले से लूट, साजिश और गैंगस्टर एक्ट समेत कई मुकदमे दर्ज हैं। अन्य गिरफ्तार आरोपियों में राजेश्वर पाण्डेय, अवनीश गुप्ता, बाबी कुमार और रंजीत कुमार शामिल हैं। पुलिस अन्य आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है। इस संबंध में जलालपुर थाने में संबंधित धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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लखीमपुर खीरी के दुधवा में दुर्लभ फॉरेस्ट कैट स्नेक का सुरक्षित रेस्क्यू

Baibahamunnusingh, Uttar Pradesh:लखीमपुर खीरी जिले के दुधवा टाइगर रिजर्व की पलिया वन रेंज के अतरनगर गाँव में एक दुर्लभ साँप निकलने से हड़कंप मच गया। यहाँ के निवासी राजेंद्र प्रसाद के घर में एक दिन पहले रात से ही एक दुर्लभ 'फॉरेस्ट कैट स्नेक' छप्पर में घात लगाए बैठा था। घर के भीतर इस अजीबोगरीब साँप के दिखने के बाद से पूरे परिवार और आस-पास के इलाके में डर का माहौल बना हुआ था। जिसकी जानकारी ग्रामीणों के द्वारा राम गोविंद रेस्क्यू टीम को दी गई। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम के सदस्य अरुण, हरिकेश और अजय मौर्य तुरंत मौके पर पहुंचे। टीम ने सूझबूझ का परिचय देते हुए छप्पर में छिपे उस दुर्लभ साँप का कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित और सफल रेस्क्यू किया, जिसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने बताया कि पकड़े गए इस दुर्लभ साँप का नाम 'फॉरेस्ट कैट स्नेक' है, जो कि हल्का जहरीला होता है। इसके शरीर पर बनी धारियां और बनावट काफी हद तक धामन और वाटर स्नेक से मेल खाती हैं। यही वजह है कि लोग अक्सर पहचान न होने के कारण धोखे से इसे धामन या पानी वाला सीधा साँप समझ बैठते हैं। सुरक्षित रेस्क्यू करने के बाद टीम के सदस्यों ने इस दुर्लभ वन्यजीव को पास ही के अतरनगर जंगल में ले जाकर सुरक्षित छोड़ दिया है।
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चुटिया थाना परिसर में दबंग स्टाइल रील पर पुलिस ने परेड कर दी

Ranchi, Jharkhand:सोशल मीडिया पर दबंग बनने का शौक और थाना परिसर को फिल्मी सेट समझकर रील बनाना युवक को महंगा पड़ गया। चुटिया थाना में दबंग स्टाइल में एंट्री कर बनाई गई रील जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुई, पुलिस ने रीलबाज युवक को ढूंढ निकाला। फिर वही थाना, जहां उसने स्टाइल मारी थी, वहीं पुलिस ने उसकी परेड कराकर सारी हेकड़ी निकाल दी। आखिर में युवक को माफी मांगनी पड़ी और पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया गया। सोशल मीडिया पर लाइक्स और फॉलोअर्स की चाह में लोग किस हद तक जा रहे हैं, इसकी ताजा मिसाल रांची के चुटिया थाना से सामने आई है। साहिल महतो नाम का युवक थाना परिसर में फिल्मी अंदाज में एंट्री करता है, कैमरे के सामने दबंग स्टाइल दिखाता है और पूरी घटना की रील बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर देता है। कुछ ही घंटों में वीडियो वायरल हो गया, लेकिन यह वायरल होना उसके लिए मुसीबत बन गया। वायरल वीडियो रील वायरल होते ही चुटिया थाना पुलिस हरकत में आई। थाना प्रभारी पूनम कुजूर के निर्देश पर युवक को हिरासत में लिया गया। जिस थाना परिसर में वह हीरो बनकर घूम रहा था, उसी परिसर में पुलिस ने उसकी परेड कराई। पुलिस की कार्रवाई के दौरान युवक की सारी हेकड़ी निकल गई। बाद में उसने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी चेतावनी के बाद पुलिस ने युवक को पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया। लेकिन जाते-जाते उसे यह सीख जरूर मिल गई कि सोशल मीडिया की लोकप्रियता के लिए कानून और सरकारी संस्थानों की गरिमा से खिलवाड़ करना भारी पड़ सकता है।
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झालावाड़ में नवजात को संरक्षण, 60 दिन बाद गोद दिलाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू

Jhalawar, Rajasthan:झालावाड़ झालावाड़ जिले के मनोहरथाना कस्बे के टनटोकरी बालाजी मार्ग पर पांच दिन पहले लावारिस अवस्था में मिले नवजात बालक को आखिरकार सुरक्षित आश्रय मिल गया। आज जिला अस्पताल पहुंची बाल कल्याण समिति ने नवजात को अपने संरक्षण में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी। ऐसे में अब बालक को विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी के माध्यम से नियमानुसार 60 दिनों बाद गोद दिलाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष शिवराज सिंह हाड़ा, सदस्य गजेंद्र सेन तथा समिति की टीम जनाना अस्पताल पहुंची। यहां उप अधीक्षक डॉ. राधेश्याम बैरवा की मौजूदगी में अस्पताल प्रशासन ने नवजात को समिति के सुपुर्द किया। इसके बाद बालक को राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण एजेंसी में प्रवेश दिलाया गया। मामले में जानकारी देते हुए समिति अध्यक्ष शिवराज सिंह हाड़ा ने बताया कि मनोहरथाना टनटोकरी बालाजी मार्ग पर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा नवजात को छोड़ दिया गया था। पुलिस को सूचना मिलने पर उसे तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार और देखभाल की जा रही थी। उन्होंने बताया कि 60 दिनों बाद निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तथा बालक को “लीगली फ्री फॉर अडॉप्शन” घोषित किए जाने के बाद केंद्रीय दत्तक ग्रहण प्राधिकरण के नियमों के अनुसार उसे योग्य दंपती को गोद दिया जाएगा। बाल कल्याण समिति के सदस्य गजेंद्र सेन ने बताया कि नवजात पूरी तरह स्वस्थ है। उसकी नियमित स्वास्थ्य जांच कराई जाएगी तथा एजेंसी में उसके पोषण, देखभाल और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। इस दौरान शिशु गृह के कोऑर्डिनेटर दीपक गौतम, मेल नर्स शारिक बेग, एनआईसीयू प्रभारी परमेश्वर गुप्ता, ड्यूटी डॉक्टर सहित अस्पताल का समस्त स्टाफ मौजूद रहा। अस्पताल प्रशासन और बाल कल्याण समिति ने नवजात के सुरक्षित भविष्य के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया। गौरतलब है कि पांच दिन पहले मनोहरथाना टनटोकरी बालाजी मार्ग पर नवजात के मिलने की घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। समय रहते उसे सुरक्षित अस्पताल पहुंचा दिया गया, जिससे उसकी जान बच सकी। अब कानूनी संरक्षण मिलने के बाद उसके बेहतर भविष्य की राह भी प्रशस्त हो गई है। बाल कल्याण समिति का सदस्य गजेंद्र सेन बताया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत अज्ञात बालक का जल्द ही नामकरण किया जाएगा。
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दो साल पहले मरम्मत के बाद स्कूल भवन खतरे में, छत से मलबा गिर रहा

Bemetara, Chhattisgarh:बेमेतरा नगरपालिका के इंदिरा गांधी वार्ड क्रमांक 07 स्थित नवीन प्राथमिक शाला से एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। महज़ दो साल पहले 'स्कूल जतन योजना' के तहत जिस भवन की मरम्मत कराई गई थी, उसकी छत अब जगह-जगह से टूटकर गिरने लगी है। लगातार गिरते प्लास्टर और कंक्रीट से बच्चों की जान पर खतरा मंडराने लगा, जिसके चलते स्कूल प्रबंधन ने एहतियातन सभी बच्चों की छुट्टी कर दी। शिक्षिका के अनुसार पहले कक्षाओं की छत से प्लास्टर गिरा, तो बच्चों को हॉल में बैठाया गया, लेकिन कुछ ही देर बाद हॉल की छत से भी मलबा गिरने लगा। इससे किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। स्कूल प्रबंधन ने इस गंभीर स्थिति की लिखित जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी और नगरपालिका को भेज दी है। अधिकारियों ने जल्द आवश्यक व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस भवन की मरम्मत पर सरकारी राशि खर्च हुई, वह सिर्फ दो साल में ही जर्जर कैसे हो गया ...विकास के दावों के बीच यह मामला निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। बाइट 1 सजनी यादव वार्ड क्रमांक 7 पार्षद।
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राजस्थान स्कॉलरशिप घोटाला: 30 संस्थानों ने फर्जी दस्तावेज़ से करोड़ों चुरा लिए

Jaipur, Rajasthan:जयपुर-राजस्थान में স্কॉलरशिप के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ. गलत दस्तावेज़ों के जरिए करोड़ों की छात्रवृत्ति ली. उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति के नाम से सालों तक छात्रवृत्ति लेने का खेल चला. आखिरकार कैसे पात्र छात्रों के नाम से खुली लूट मची, देखें संवाददाता आशीष चौहान की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में। स्कॉलरशिप के नाम से करोड़ों की लूट - पात्र छात्रों का हक़ पर छात्रवृत्ति की डाका.... फर्जी दस्तावेजों के जरिए खुला खेल... राजस्थान में फर्जी स्कॉलरशिप के नाम से शिक्षण संस्थानों ने सरकार को करोड़ों का चूना लगाया. फर्जी दस्तावेजों के जरिए कुटरचित तरीके से छात्रवृत्ति का खुलासा हुआ. यानी बिना छात्रों के ही शिक्षण संस्थान करोड़ों की छात्रवृत्ति लेते रहे. चौकाने वाली बात ये है कि यह फर्जीवाड़ा एक नहीं दो नहीं बल्कि 30 शिक्षण संस्थानों ने खुला खेल किया. सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग की उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के जरिए स्कॉलरशिप का लाभ मिलता है. लेकिन शिक्षण संस्थान ने झूठे दस्तावेजों के जरिए छात्रवृत्ति योजना के नाम से करोड़ों की लूट मचाई. अब राज्य सरकार ने इन 30 शिक्षण संस्थानों को 3 से 5 साल तक के लिए ब्लैक लिस्टेड किया है. उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना क्या है? उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग द्वारा चलाई जाने वाली एक ऐसी योजना है जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के स्टूडेंट्स को 10वीं कक्षा के बाद की उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करती है. मुख्य पात्रता - आवेदक को संबंधित राज्य का मूल निवासी होना चाहिए. छात्र अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), या आर्थिक पिछड़ा वर्ग (EBC,General) से संबंधित होना चाहिए. विद्यार्थी किसी मान्यता प्राप्त राजकीय या निजी शिक्षण संस्थान में नियमित रूप से अध्ययनरत होना चाहिए. परिवार की वार्षिक आय सीमा संबंधित वर्ग और राज्य के नियमों के अनुसार निर्धारित होती है. ये शिक्षण संस्थान, जिन्होंने मचाई लूट- रावत कॉलेज ऑफ वेटरनरी एंड एनिमल साइनस अलवर, एन प्राइवेट इंड्रस्टियल इंस्टिट्यूट , आयुष्मान इंडस्टियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, बालाजी, बीआर डिग्री कॉलेज, चंदेल इंस्टिट्यूट, गुरुकृपा महाविघायाल, गुरुकुल पोलोटेक्टिनक कॉलेज चौमूं, गुरुकुल आईटीआई, IGMS BSTC स्कूल, ज्योतिबा ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, किसान प्राइवेट इंस्टिट्यूट, मेरीगोल्ड बीएड कॉलेज, नारायण मेडिकल कॉलेज, नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जयपुर, आरएस प्राइवेट ट्रेनिंग इंस्टट्यूट, राज टीगोर इंडस्ट्रीअल इंस्टिट्यूट, रविंद्रनाथ टैगोर लॉ कॉलेज, सरस्वती प्राइवेट इंडस्ट्रीयल ट्रेनिंग इंस्ट्सटूट, श्रीश्याम प्राइवेट इंडस्ट्रीयल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, SLBS, स्वाभीमान, विवेकानंद प्राइवेट आईटीआई मोलासर नागौर. डिबार हुए, अब एफआईआर दर्ज होगी- लूट मचाने वाले शिक्षण संस्थाओं के खिलाफ 3 साल तक के लिए या संस्थान को होल्ड किए जाने की तारीख से 5 साल की अवधि के लिए जो भी बाद में हो उसे डिबार किया गया है. इसके साथ ही शिक्षण संस्थानों के लंबित सभी आवेदन पत्रों को निरस्त किया गया है. अब सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग धाराएं 420,177,197,198,199,200 के तहत एफआईआर दर्ज करवाएगा. नोट-इस खबर की फीड OFC से स्लग से भेजी गई है।
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राजस्थान में 30 संस्थानों के तहत फर्जी स्कॉलरशिप घोटाला; करोड़ों की लूट

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में स्कॉलरशिप के नाम से करोड़ों की लूट, गलत दस्तावेजों के जरिए 30 शिक्षण संस्थानों ने उठा ली छात्रवृत्ति जयपुर-राजस्थान में स्कॉलरशिप के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ. गलत दस्तावेजो के जरिए करोड़ों की छात्रवृत्ति ली. उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति के नाम से सालो तक छात्रवृत्ति लेने का खेल चला. स्कॉलरशिप के नाम से करोडो की लूट- स्कॉलरशिप के नाम पर करोडो की लूट....पात्र छात्रों का हकों पर छात्रवृत्ति की डाका....फर्जी दस्तावेजों के जरिए हुआ खुला खेल...! राजस्थान में फर्जी स्कॉलरशिप के नाम से शिक्षण संस्थानों ने सरकार को करोडों का चूना लगाया.फर्जी दस्तावेजों के जरिए कूटरचित तरीके से छात्रवृत्ति का खुलासा हुआ.यानि बिना छात्रों के ही शिक्षण संस्थान करोड़ों की छात्रवृत्ति लेते रहे.चौकाने वाली बात ये है कि ये फर्जीवाड़ा एक नहीं दो नहीं बल्कि 30 शिक्षण संस्थानों ने खुला खेल किया. सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग की उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में जरिए स्कॉलरशिप का लाभ मिलता है.लेकिन शिक्षण संस्थाओं ने झूठे दस्तावेजों के जरिए छात्रवृत्ति योजना के नाम से करोड़ों की लूट मचाई.अब राज्य सरकार ने इन 30 शिक्षण संस्थानों को 3 से 5 साल तक के लिए ब्लैक लिस्टेड किया है. उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना क्या है? उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग द्वारा चलाई जाने वाली एक ऐसी योजना है. जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के स्टूडेंट्स को 10वीं कक्षा के बाद की उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करती है. मुख्य पात्रता - आवेदक को संबंधित राज्य का मूल निवासी होना चाहिए. छात्र अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), या आर्थिक पिछड़ा वर्ग (EBC,General) से संबंधित होना चाहिए. विद्यार्थी किसी मान्यता प्राप्त राजकीय या निजी शिक्षण संस्थान में नियमित रूप से अध्ययनरत होना चाहिए.परिवार की वार्षिक आय सीमा संबंधित वर्ग और राज्य के नियमों के अनुसार निर्धारित होती है. ये शिक्षण संस्थान,जिन्होंने मचाई लूट- रावत कॉलेज आॅफ वेटरनरी एंड एनीमल सांइस अलवर,एन प्राइवेट इंड्रस्ट्रीयल इंस्टट्यूट,आयुष्मान इंड्रस्ट्रीयल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट,बालाजी,बीआर डिग्री कॉलेज,चंदेल इंस्टट्यूट,गुरूकृपा महाविघायल,गुरूकुल पोलोटेक्टिनक कॉलेज चौमूं,गुरूकुल आईटीआई,आईजीएम बीएसटीसी स्कूल,ज्योतिबा ट्रेनिंग इंस्ट्यूट,किसान प्राइवेट इंस्ट्यूट,मेरीगोल्ड बीएड कॉलेज,नारायण मेडिकल कॉलेज,नेताजी सुभाष चंद बोस मेडिकल कॉलेज जयपुर,आरेस प्राइवेट ट्रेनिंग इंस्टट्यूट,राज टीगोर इंडस्क्ट्रीयल इंस्टट्यूट,रविंद्र नाथ टेगोर लॉ कॉलेज,सरस्वती प्राइवेट इंडस्ट्रीयल ट्रेनिंग इंस्स्टूट,श्रीश्याम प्राइवेट इंडस्ट्रीअल ट्रेनिंग इंस्टूट,एसएलबीएस,स्वाभीमन,विवेकानंद प्राइवेट आईटीआई मोलासर नागौर. डिबार हुए,अब एफआईआर दर्ज होगी- लूट मचाने वाले शिक्षण संस्थाओं के खिलाफ 3 साल तक के लिए या संस्थान को होल्ड किए जाने की तारीख से 5 साल की अवधि के लिए जो भी बाद में हो उसे डिबार किया गया है.इसके साथ ही शिक्षण संस्थानों के लंबित सभी आवेदन पत्रों को निरस्त किया गया है.अब सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग धाराएं 420,177,197,198,199,200 के तहत एफआईआर दर्ज करवाएगा.
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