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बुलंदशहर में भूमि विवाद में महिला की हुई पिटाई
Hazaratpur, Uttar Pradesh:बुलंदशहर के अहमदगढ़ थाना क्षेत्र के गांव गंगाबास में भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों में हिंसक झड़प हुई। 25 जुलाई को हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में एक युवक और दो महिलाएं एक महिला को लाठियों से पीटते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में पहले ही मुकदमा दर्ज कर लिया था और कार्रवाई की जा चुकी है।
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मेगड़दा नदी में बस फँसी: ग्रामीणों की सूझबूझ से बड़ा हादसा टला
Noida, Uttar Pradesh:मेगड़दा नदी में बड़ा हादसा टला, स्कूली बच्चों से भरी बस पानी के तेज बहाव में फंसी किसान के 트ैक्टर से बस को खींचकर सुरक्षित निकाला गया, बच्चों की जान जोखिम में पड़ी स्कूल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही, चालक ने बहते पानी में उतारी बस करीब दो घंटे तक नदी में फंसे रहे मासूम बच्चे, ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा हादसे की सूचना के बावजूद स्कूल प्रबंधक, प्रिंसिपल और स्टाफ मौके पर नहीं पहुंचे, ग्रामीणों में भारी आक्रोश ग्रामीणों की सूझबूझ और साहस से टला बड़ा हादसा, प्रशासन से कार्रवाई की मांग0
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बारिश में फूटी नहर: ढेकी की घटिया नहर से किसानों की फसल बर्बाद
Seoni, Madhya Pradesh:बारिश में फूटी नहर,गुणवत्ता की खुली पोल सिवनी के ढेकी गांव के पास फूटी नहर,किसानों की फसलें हुई बर्बाद किसानों की सिंचाई के लिए शहर से लगे ढेकी गांव में बनाई गई पक्की नहर घटिया सामग्री और निर्माण में बरती गई लापरवाही की वजह से टूट फूट गई। 20 से 20 फीट तक नहर का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है जिससे नहर का पानी किसानों के खेतों में जाने से दर्जनों किसानों की फसल भी खराब हो गई है..किसानों में इस नुकसान को लेकर आक्रोश नजर आ रहा है..इस मामले को लेकर किसानों द्वारा पेंच व्यापवर्तन योजना के कार्यपालन यंत्री और एसडीओ को फोन करके जानकारी भी दी जा चुकी है लेकिन अधिकारी अभी तक मौके पर नहीं पहुंचे हैं।0
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इंस्टाग्राम हनीट्रैप में अपहरण-फिरौती: नानाखेड़ा पुलिस ने 10 आरोपियों को किया गिरफ्तार
Ujjain, Madhya Pradesh:इंस्टाग्राम के जरिए हनीट्रैप, अपहरण और फिरौती के चर्चित मामले में नानाखेड़ा पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरी साजिश में फरियादी हैदर पटेल का अपना भांजा इदरीश पटेल भी शामिल था। पुलिस के अनुसार, उसी ने अपने मामा की आर्थिक स्थिति, इंस्टाग्राम आईडी और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी गिरोह तक पहुंचाई, जिसके बाद युवक को हनीट्रैप में फंसाकर अपहरण और फिरौती की वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस के मुताबिक, ग्राम नरवर निवासी हैदर पटेल से इंस्टाग्राम पर अंजली ठाकुर नाम की युवती ने नौकरी के बहाने संपर्क किया और उसे मिलने के लिए बुलाया। तय जगह पर पहुंचते ही पहले से मौजूद मुख्य आरोपी और उसके साथियों ने उसका अपहरण कर लिया। आरोपियों ने खुद को हिन्दू संघठन से होना बताया, उसके साथ मारपीट की, आपत्तिजनक वीडियो बनाया और उसे वायरल करने तथा झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर उसके परिवार से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी। बाद में सौदा 26 लाख रुपये में तय हुआ। आरोपियों ने 10 लाख रुपये लेने के बाद हैदर को छोड़ दिया, जबकि बाकी 16 लाख रुपये की मांग जारी रखी। घटना के बाद फरियादी ने आरोप लगाया था कि अपहरण करने वाले लोगों ने खुद को हिन्दूवादी संगठन का सदस्य बताकर उसे धमकाया था। वहीं बाद में स्वयं फरियादी हैदर पटेल ने भी स्पष्ट किया कि इस वारदात में किसी हिन्दूवादी संगठन का कोई कार्यकर्ता शामिल नहीं था। उसने यह भी बताया कि हिन्दूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं की मदद से ही वह नानाखेड़ा थाने पहुंचा और शिकायत दर्ज करा सका। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने साइबर तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी लोकेश शर्मा सहित 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। महिला आरोपी अंजली ठाकुर और एक अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि गिरोह पहले ऐसे लोगों की पहचान करता था, जिनके पास हाल ही में पैसे आए हों या जिन्हें आसानी से हनीट्रैप में फंसाया जा सके। इसी साजिश के तहत इदरीश पटेल ने अपने ही मामा की जानकारी गिरोह को उपलब्ध कराई थी। एडिशनल एसपी गुरुप्रसाद पाराशर ने बताया कि फरियादी के पिता की शिकायत पर तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि मामले में हनीट्रैप के पहलू सहित अन्य तथ्यों की जांच अभी जारी है और तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इस बीच, घटना से जुड़ा एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि इस फुटेज में फिरौती की रकम देने के बाद परिजन फरियादी हैदर को लेने के लिए पहुंचते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस इस फुटेज को भी जांच का अहम हिस्सा मानते हुए इसकी पड़ताल कर रही है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने इसी तरह की वारदात अन्य लोगों के साथ भी की है या नहीं। साथ ही फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है.0
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AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी: छात्रों के आंदोलन और संसद में गतिरोध पर Exclusive
New Delhi, Delhi:AIMIM Chief Asaduddin Owaisi Exclusive IV on Students Protest and deadlock in Parliament0
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सिकंद्राराऊ में ई-रिक्शा चालक पर नकदी व आभूषण चोरी का आरोप, मुकदमा दर्ज
Sikandra Rao, Uttar Pradesh:सिकंदराराऊ- हसायन थाना क्षेत्र के गांव खेरिया कला निवासी पूजा देवी पत्नी सत्यप्रकाश ने एक ई-रिक्शा चालक पर नकदी और आभूषण चोरी करने का आरोप लगाया है। पीड़िता के अनुसार 19 जुलाई की सुबह करीब 11:30 बजे वह ई-रिक्शा से सिकंदराराऊ के जलैसर बस अड्डे पहुंची थीं। यात्रा के दौरान चालक ने उनके बैग से 10 हजार रुपये नकद और कुछ आभूषण चोरी कर लिए तथा बस अड्डे पर उतारने के बाद फरार हो गया। बैग की जांच करने पर नकदी और आभूषण गायब मिलने पर महिला ने आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी और चालक की तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद पीड़िता ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात ई-रिक्शा चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।0
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प्रतापगढ़ में कृषि उपज मंडी एडी कार्यालय शुरू, किसानों को स्थानीय सेवाएं मिलने लगीं
Pratapgarh, Rajasthan:राजस्थान सरकार की बजट घोषणा के تحت प्रतापगढ़ में कृषि उपज मंडी समिति (एडी) कार्यालय की शुरुआत हो गई है. गुरुवार को इस कार्यालय में पहले अधिकारी के रूप में संजीव कुमार पंड्या ने पदभार ग्रहण किया. पंड्या इससे पहले प्रतापगढ़ कृषि मंडी सचिव के रूप में सेवाएं दे चुके हैं. नए कार्यालय के शुरू होने से प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और चित्तौड़गढ़ जिले के किसानों, व्यापारियों और मंडी समितियों को अब विभिन्न प्रशासनिक और विभागीय कार्यों के लिए उदयपुर नहीं जाना पड़ेगा. अब तक इन चारों जिलों की कृषि मंडियां उदयपुर स्थित खंड कार्यालय के अधीन संचालित होती थीं. प्रशासनिक स्वीकृतियों, निरीक्षण, विकास कार्यों और अन्य विभागीय प्रक्रियाओं के लिए किसानों और व्यापारियों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी. विशेष रूप से आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के कारण यह व्यवस्था समय और आर्थिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण थी. प्रतापगढ़ में नए कार्यालय की स्थापना से अधिकांश कार्य स्थानीय स्तर पर ही पूरे किए जा सकेंगे. पदभार ग्रहण करने के बाद संजीव कुमार पंड्या ने बताया कि पहले पूरा उदयपुर संभाग एक ही खंड कार्यालय के अधीन था, जिसके कारण सभी मंडियों की प्रभावी मॉनिटरिंग और विकास कार्यों में कठिनाई आती थी. इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने जनजातीय क्षेत्र के महत्व को ध्यान में रखते हुए नए खंड कार्यालयों की घोषणा की थी, जिनमें प्रतापगढ़ भी शामिल है. उन्होंने बताया कि प्रतापगढ़ में कार्यालय शुरू होने से प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और चित्तौड़गढ़ की मंडियों का बेहतर पर्यवेक्षण किया जा सकेगा. मंडियों की समस्याओं की पहचान कर उनका त्वरित समाधान किया जाएगा और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में भी गति आएगी. संजीव कुमार पंड्या ने कहा कि यह क्षेत्र मध्यप्रदेश की सीमा से लगा हुआ है, जहां की मंडियों में कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं. ऐसे में राजस्थान के सीमावर्ती आदिवासी क्षेत्र की मंडियों को भी आधुनिक और व्यवस्थित बनाने की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी. नया खंड कार्यालय इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. उन्होंने विश्वास जताया कि नए कार्यालय के माध्यम से चारों जिलों के किसानों, व्यापारियों और मंडी समितियों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी. स्थानीय स्तर पर निर्णय प्रक्रिया तेज होगी, विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग होगी और मंडियों में पारदर्शी एवं प्रभावी नियमन सुनिश्चित किया जा सकेगा.0
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राजस्थान एनर्जी समिट 2026: एनर्जी ट्रांज़िशन के अगले चरण पर जोर
Jaipur, Rajasthan:राजस्थान एनर्जी समिट 2026 का 7वां संस्करण 'एनर्जी ट्रांज़िशन के अगले चरण को गति देना' थीम के साथ समिट। समिट के दौरान तीन टेक्निकल सत्र भी आयोजित किए गए। उद्घाटन सत्र में राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, ब्रिटिश उच्चायोग के डिप्टी हाई कमिश्नर स्टिव हिकलिंग और CII राजस्थान चेयरमैन व एमडी रजनीश भंडारी विशेष अतिथि रहे। समिट में देशभर की इंडस्ट्री के MD—CEO मुख्य वक्ता थे। समिट का उद्देश्य भारत के विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य और आर्थिक विकास को गति देना है। इस क्षेत्र को आगे बढ़ाने वाली बड़े पैमाने पर रणनीतियों, पॉलिसी फ्रेमवर्क और क्रांतिकारी इनोवेशन पर चर्चा की गई। इस क्रम में उद्घाटन सत्र के बाद तीन तकनीकी सत्र आयोजित किए गए: पहला सत्र— 'इन्श्योरिंग एनर्जी सिक्योरिटी फॉर विकसित भारत: हार्नेसिंग रिन्यूएबल एनर्जी' जो रिन्यूएबल एनर्जी के ज़रिए भारत की एनर्जी सिक्योरिटी को मज़बूत करने पर केंद्रित था; दूसरा सत्र— 'बिल्डिंग रोबस्ट एनर्जी सप्लाई सिस्टम्स— रोल ऑफ एआई एंड डिजिटल टेक्नोलॉजीज' विषय पर, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल टेक्नोलॉजी के योगदान पर प्रकाश डालता है; तीसरा सत्र— 'पॉवरिंग एफिशिएंसी: पॉलिसी, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, एंड एनर्जी कन्ज़र्वेशन फॉर राजस्थान एनर्जी ट्रांजिशन' जिसमें नीति उपायों, ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस और एनर्जी कन्ज़र्वेशन पर चर्चा की गई। उद्घाटन सत्र में वी श्रीनिवास, स्टिव हिकलिंग और राजस्थान रिन्यूएबल एनर्जी कॉर्पोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन व एमडी डॉ. रोहित गुप्ता विशिष्ट अतिथि थे; प्रमुख वक्ताओं में बीआरपीएल के CEO अभिषेक रंजन, GE Power India Limited के MD और बिजनेस लीडर-स्टीम पावर सर्विसेज भारत GE Vernova पूनीत भटला, सिक्योर मीटर्स लिमिटेड के CIII राजस्थान वाइस चेयरमैन और ग्रुप CEO सुकेत सिंघल, CIII राजस्थान के वरिष्ठ डायरेक्टर व राज.हेड नितिन गुप्ता, न्यूरोइक्विलिब्रियम डायग्नोस्टिक सिस्टम्स लिमिटेड के चेयरमैन, CIII राजस्थान और MD रजनीश भंडारी, रेसोनिया लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट निनाद भानुदास पिटाले, QUB Grid Limited के CEO अरुण शर्मा और आदित्य बिड़ला रिन्यूएब्ल्स लिमिटेड की बिजनेस डेवलपमेंट (C&I) हेड सुष्मिता आर. अजवानी आदि शामिल थे।0
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सीएम का दावा: 2007–2017 में गठबंधन से 29 चीनी मिलें बंद, बेरोजगारी बढ़ी
Noida, Uttar Pradesh:सीएम ने कहा अपने स्पीच के दौरान कहा कि वर्ष 2017 के पहले दंगे होते थे, अराजकता चरम पर थी... जो आस्था पर उस समय प्रहार करते थे, आज वे सबसे बड़े आस्थावान बनने का ठेका ले चुके हैं... वर्ष 2007 से लेकर 2017 तक 10 वर्षों में समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन ने 29 चीनी मिलों को बंद किया... नौजवानों को बेरोजगार करने का पाप किया...0
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न्याय के इंतजार में 80 साल के बुजुर्ग की सिसकियां: बस्ती पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल
Basti, Uttar Pradesh:अजीत मिश्रा (खोजी) बस्ती: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में कानून-व्यवस्था और पुलिस की संवेदनशीलता पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। मामला जिले के नगर थाना क्षेत्र का है, जहां दबंगों ने एक 80 वर्षीय बुजुर्ग पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग लंबी अवधि तक कोमा (अचेत अवस्था) में रहने के बाद मौत के मुँह से वापस लौटे, लेकिन खाकी की सुस्त कार्यशैली के चलते आज भी न्याय के लिए भटक रहे हैं। क्या है पूरा मामला? यह सनसनीखेज घटना नगर थाना क्षेत्र के कौठवा भरतपुर गांव की है। थाना क्षेत्र के रामापुर के पास दबंगों ने क्रूरता की हदें पार करते हुए 80 साल के एक बुजुर्ग को अपना निशाना बनाया और उनपर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में बुजुर्ग को इतनी गंभीर चोटें आईं कि वे अचेत हो गए और उन्हें इलाज के लिए लखनऊ रेफर करना पड़ा। वहां लंबे समय तक वे कोमा जैसी अचेत अवस्था में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते रहे। होश में आते ही सामने आया सनसनीखेज सच ईश्वर की कृपा और डॉक्टरों के प्रयासों से बुजुर्ग की याददाश्त वापस आ गई। होश में आने के बाद पीड़ित ने खुद पर जानलेवा हमला करने वाले दबंगों के नाम का खुलासा किया। बुजुर्ग के बयान ने इस पूरे मामले में कई बड़े खुलासे किए हैं, जिससे आरोपियों की मुश्किलें बढ़नी चाहिए थीं। थाने का चक्कर काट रहा पीड़ित परिवार, पुलिस मौन घटना की भीषणता और पीड़ित की हालत को देखते हुए परिजनों ने नगर थाने में नामजद आरोपियों के खिलाफ लिखित तहरीर दी। इसके बावजूद, हैरानी की बात यह है कि पुलिस ने अभी तक इस गंभीर मामले में मुकदमा दर्ज करना मुनासिब नहीं समझा। एक बुजुर्ग पर जानलेवा हमला, महीनों तक अस्पताल में कोमा में रहना और होश में आने के बाद खुद बयान देना—इन सबके बाद भी पुलिस की यह हीला-हवाली कई गंभीर सवाल खड़े करती है: आखिर नगर थाना अध्यक्ष इस गंभीर मामले में एफआईआर दर्ज करने से क्यों कतरा रहे हैं? क्या पुलिस किसी बड़े दबाव में है या उसे किसी अनहोनी का इंतजार है? क्या बुजुर्ग और उनके परिवार को न्याय दिलाने के लिए कोई ठोस कार्रवाई तभी होगी जब कोई बड़ा बवाल मचेगा? निष्कर्ष बस्ती पुलिस का यह रवैया न केवल पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़क रहा है, बल्कि जिले में बढ़ते अपराध और दबंगों के हौसलों को भी बढ़ावा दे रहा है। यदि समय रहते पुलिस ने नामजद आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई नहीं की, तो यह मान लिया जाएगा कि खाकी अब गरीबों और मज़लूमों की रक्षा के बजाय अपराधियों की ढाल बन चुकी है। अब देखना यह है कि उच्च अधिकारी इस मामले में संज्ञान लेते हैं या पीड़ित न्याय के लिए यूं ही दर-दर भटकता रहेगा।0
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प्रयागराज में गंगा-यमुना के जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा बढ़ा
Prayagraj, Uttar Pradesh:संगम नगरी में गंगा और यमुना के जलस्तर में हो रही वृद्धि, दोनों नदियों के बढ़ते जलस्तर से तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा, दारागंज इलाके में गंगा का जलस्तर बस्ती के नजदीक पहुंचा, बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए डीएम ने अलर्ट जारी किया। संगम नगरी प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बीते एक सप्ताह से दोनों नदियां उफ़ान पर हैं, जिसके चलते अब गंगा और यमुना के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। दारागंज इलाके में बस्ती के बेहद नजदीक गंगा का जलस्तर पहुंच गया है। अगर इसी रफ्तार से गंगा के जलस्तर में वृद्धि होती रही तो अगले कुछ दिनों में तटवर्ती इलाकों में बाढ़ के हालात बन जाएंगे। वहीं संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। बाढ़ राहत चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। संगम क्षेत्र में नाविकों और तीर्थ पुरोहितों को भी अलर्ट किया गया है। वहीं गंगा और यमुना के तटवर्ती इलाकों में जहां पूर्व के वर्षों में बाढ़ के हालात थे, वहां पर भी प्रशासनिक अमले ने दौरा कर स्थलीय निरीक्षण किया है और बाढ़ के حالात बनने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कह दिया गया है। डीएम मनीष वर्मा ने बताया कि गंगा की रफ़्तार में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। लेकिन यमुना की रफ़्तार थमी है, फिर भी बीते वर्षों से सबक लेते हुए बाढ़ के हालात बनने से पहले सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। हालांकि अभी बाढ़ के खतरे से गंगा और यमुना 12 मीटर दूर हैं। डीएम के अनुसार पिछले साल जो इलाके बाढ़ की जद में आए थे, उन इलाकों को चिन्हित किया गया है और वहां रहने वालों को अलर्ट भी कर दिया गया है। साथ ही प्रशासन के स्तर से जो भी जरूरी इंतजाम किए जा रहें हैं, ताकि बाढ़ जैसे हालात बनने पर प्रभावितों को जरूरी सहूलियत और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।0
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पश्चिमी दिल्ली में हल्की बरसात, मौसम खुशनुमा पर जलभराव से लोग परेशान
Delhi, Delhi:पश्चिमी दिल्ली में हल्की बरसात से मौसम सुहावना हो गया है। लोगों को गर्मी से राहत मिली है। पश्चिमी जिला में टैगोर गार्डन राजौरी गार्डन में बरसात होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन बरसात के बाद जलभराव देखने को मिलता है जो लोगों की मुसीबत बढ़ा देता है। कई दिनों से उमस भरी गर्मी से लोग परेशान थे, वहीं बरसात के बाद ठंडी हवा चलने से लोगों को राहत मिली है।0
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सीईओ शैलेन्द्र सिंह सोलंकी पर प्रशासनिक आदेशों को लेकर विवाद, हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला
Sidhi, Madhya Pradesh:ब्रेकिंग सीधी :सीधी जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) शैलेन्द्र सिंह सोलंकी एक बार फिर अपने प्रशासनिक आदेशों को लेकर विवादों में हैं। अतिरिक्त प्रभार और अनुमोदन से जुड़े आदेशों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि पंचायत राज अधिनियम और प्रशासनिक नियमों की अनदेखी कर मनमाने तरीके से निर्णय लिए गए, जिससे पंचायत कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों में नाराजगी बढ़ रही है।हाल ही में जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश के जरिए सीईओ के अनुमोदन के बाद शैलेन्द्र सिंह चौहान को मझौली बीईओ का प्रभार सौंपा गया, जिस पर वरिष्ठता और पात्रता की अनदेखी के आरोप लगे हैं। वहीं, बरहाई ग्राम पंचायत में अतिरिक्त प्रभार दिए जाने और निलंबित सचिव से जुड़े मामले में भी विवाद गहरा गया है। बताया जा रहा है कि मामला हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है।हालांकि, सीईओ शैलेन्द्र सिंह सोलंकी ने सभी आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि प्रभार देने का अधिकार संबंधित विभाग के अधिकारी का होता है। सीईओ का अनुमोदन केवल प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है BYTE- मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ)0
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हाईकोर्ट का राहत आदेश: 60 दिनों में जाति प्रमाण पत्र, 1950 दस्तावेज अनिवार्यता समाप्त
Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर। हाईकोर्ट ने एक बेहद महत्वपूर्ण और राहत भरा आदेश पारित करते हुए स्पष्ट किया है कि यदि किसी परिवार के किसी सदस्य का वैध जाति प्रमाण पत्र पहले से जारी किया जा चुका है, तो केवल वर्ष 1950 के राजस्व अथवा अन्य पुराने दस्तावेजों के अभाव में परिवार के अन्य पात्र बच्चों को जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने से वंचित नहीं किया जा सकता। यह न्यायसंगत निर्णय जस्टिस एके प्रसाद की अदालत में एक परिवार की ओर से प्रस्तुत याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आया, जिसकी पैरवी अधिवक्ता डॉ. प्राची दीवान ने करते हुए न्यायालय के समक्ष यह गंभीर तथ्य रखा था कि प्रदेश के हजारों परिवारों, विशेष रूप से भूमिहीन और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के पास पुराने अभिलेख उपलब्ध न होने के कारण बच्चों की शिक्षा, छात्रवृत्ति, प्रवेश और रोजगार संबंधी अवसर बुरी तरह प्रभावित होते हैं। मामले की गंभीरता को समझते हुए अदालत ने निर्देश दिया है कि यदि माता-पिता, भाई-बहन या परिवार के अन्य सदस्य का वैध जाति प्रमाण पत्र पहले से उपलब्ध है और ग्राम सभा या ग्राम स्तरीय समिति यह प्रमाणित कर देती है कि संबंधित बच्चा उसी परिवार और जाति से ताल्लुक रखता है, तो सक्षम अधिकारियों को आवेदक से अनावश्यक रूप से वर्ष 1950 के दस्तावेज प्रस्तुत करने की मांग नहीं करनी चाहिए। कोर्ट ने यह भी कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित अधिकारी आवेदन प्राप्त होने के पश्चात आवश्यक दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से पूरा करें और मात्र 60 दिनों के भीतर नया जाति प्रमाण पत्र जारी करना सुनिश्चित करें, ताकि पात्र बच्चों और उनके अभिभावकों को सरकारी दफ्तरों के अनगिनत चक्कर काटने से मुक्ति मिल सके और उन्हें अपने अधिकारों के लिए किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े。0
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भजनपुरा में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की सप्लाई रोक, 34 रोल बरामद, तीन गिरफ्तार
New Delhi, Delhi:दिल्ली: भजनपुरा थाना पुलिस ने प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की अवैध बिक्री और सप्लाई के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 34 रोल प्रतिबंधित चाइनीज मांझा बरामद किया है। मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, 22 जुलाई 2026 को थाना भजनपुरा को सूचना मिली थी कि यमुना विहार मेट्रो स्टेशन के पास प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की डिलीवरी की जानी है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। वहां पहले से मौजूद पीसीआर स्टाफ ने तीन संदिग्धों को पकड़ लिया था और शिकायतकर्ता के साथ उन्हें थाने ले आया। जांच के दौरान शिकायतकर्ता गौरव गुप्ता, जो पीपुल फॉर एनिमल्स (PFA) में एनिमल वेलफेयर ऑफिसर हैं, ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग प्रतिबंधित चाइनीज मांझा बेच रहे हैं। उन्होंने ग्राहक बनकर आरोपियों से संपर्क किया और मांझे का ऑर्डर दिया। तय समय पर आरोपियों ने उन्हें यमुना विहार मेट्रो स्टेशन के पास माल लेने के लिए बुलाया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने 112 हेल्पलाइन पर पुलिस को सूचना दे दी। जैसे ही तीनों आरोपी प्लास्टिक के एक कट्टे में 34 रोल प्रतिबंधित चाइनीज मांझा लेकर मौके पर पहुंचे, पीसीआर स्टाफ ने उन्हें दबोच लिया। इस संबंध में थाना भजनपुरा में एफआईआर संख्या 333/2026 के तहत बीएनएस की धारा 223(B), 351, 3(5) तथा पर्यावरण संरक्षण अधिनयम, 1986 की धारा 5/15 के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी: - विनीत (21), निवासी करतार नगर, दिल्ली - हिमांशु (26), निवासी करतार नगर, दिल्ली - दीपांशु (18), निवासी करतार नगर, दिल्ली पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है। भजनपुरा पुलिस का कहना है कि समय रहते की गई इस कार्रवाई से प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की अवैध सप्लाई को रोका गया। चाइनीज मांझा लोगों, विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों और पक्षियों के लिए बेहद खतरनाक साबित होता है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों को यह मांझा कहां से मिला और इस अवैध कारोबार में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं0
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नोएडा साइबर ठगी: 51 लाख की धोखाधड़ी, दो केस में करोड़ों का चूना
Noida, Uttar Pradesh:नोएडा मुनाफे का सपना दिखाकर साइबर ठगों ने लगाया करोड़ों का चूना। दो अलग-अलग मामलों में 51 लाख रुपये की ठगी। कारोबारी से 35 लाख, महिला डॉक्टर से 16 लाख ऐंठे। फर्जी निवेश और हाई रिटर्न के झांसे में फंसे पीड़ित। पैसे मिलते ही ठगों ने फोन, व्हाट्सएप और वेबसाइट बंद कर दी। साइबर पुलिस ने केस दर्ज कर ठगों की तलाश शुरू की။0
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