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मौलाना मदनी ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग पर नया बयान

Delhi, Delhi:जमीयत उलेमाए हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद का गाय को लेकर बड़ा बयान गाय को ‘‘राष्ट्रीय पशु’’ का दर्जा देने में सरकार को हिचकिचाहट क्यों? गाय के नाम पर हो रही मॉब लिंचिंग, इंसानों की हत्या और उस पर की जा रही राजनीति बंद होनी चाहिए : मौलाना अरशद मदनी जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने एक बार फिर कहा है कि गाय को ‘‘राष्ट्रीय पशु’’ का दर्जा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को इस पर कोई आपत्ति नहीं होगी, बल्कि उन्हें खुशी होगी कि गाय के नाम पर होने वाली मॉब लिंचिंग और हिंसा की घटनाएं बंद हो जाएंगी। उन्होंने सवाल किया कि जब देश की बहुसंख्यक आबादी गाय को केवल पवित्र ही नहीं मानती, बल्कि उसे मां का दर्जा देती है, तो फिर ऐसी क्या राजनीतिक मजबूरी है कि सरकार उसे ‘‘राष्ट्रीय पशु’’ घोषित करने से बच रही है? उन्होंने कहा कि यह मांग केवल हम नहीं कर रहे हैं, बल्कि अनेक साधु-संत भी लंबे समय से यह मांग उठा रहे हैं। इसके बावजूद यदि सरकार इस विषय को गंभीरता से नहीं ले रही है, तो इसका क्या अर्थ निकाला जाए? मौलाना मदनी ने कहा कि गाय के मुद्दे को एक राजनीतिक और भावनात्मक विषय बना दिया गया है। कुछ लोग योजनाबद्ध तरीके से गौकशी की अफवाह फैलाकर या पशु तस्करी के नाम पर निर्दोष लोगों को हिंसा का शिकार बना देते हैं। दुखद पहलू यह है कि लगातार झूठ और अफवाहों के जरिए पूरे देश में मुसलमानों की छवि इस तरह खराब कर दी गई है कि समाज का एक बड़ा वर्ग मुसलमानों को गाय का विरोधी समझने लगा है। मॉब लिंचिंग की एक बड़ी वजह यही मानसिकता है। उन्होंने कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। पहले बड़ी संख्या में मुसलमान गाय पालते थे और उससे दूध का व्यवसाय करते थे, लेकिन वर्ष 2014 के बाद देश में जो नफरत का माहौल पैदा हुआ, उसके बाद मुसलमानों ने एहतियात बरतनी शुरू कर दी और अब अधिकांश लोग गाय की जगह भैंस पालना अधिक सुरक्षित समझते हैं। मौलाना मदनी ने कहा कि वर्ष 2014 में मुंबई में आयोजित एक सम्मेलन में साधु-संतों और विभिन्न धर्मों के लोगों के साथ मिलकर देश में शांति और एकता कायम करने के उद्देश्य से गाय को ‘‘राष्ट्रीय पशु’’ घोषित करने की मांग उठाई गई थी। उन्होंने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद आजादी से पहले और आजादी के बाद भी लगातार मुसलमानों को यह सलाह देती रही है कि ऐसा कोई काम न किया जाए, जिससे दूसरे धर्मों के लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हों। इस्लाम इसकी अनुमति नहीं देता, बल्कि बहुधार्मिक समाज में आपसी सम्मान के साथ रहने की शिक्षा देता है। उन्होंने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद अपने मंच से लगातार मुसलमानों को यह संदेश देती रही है कि प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी से बचा जाए। हर साल ईद-उल-अजहा के अवसर पर अखबारों में जो विज्ञापन प्रकाशित कराया जाता है, उसमें इस बात पर विशेष जोर दिया जाता है। मौलाना मदनी ने गाय के मुद्दे पर दोहरे कानून को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के पक्ष में यह तर्क दिया जाता है कि जब देश एक है, तो कानून भी एक होना चाहिए, लेकिन देश में पशु वध से संबंधित कानून सभी राज्यों में समान रूप से लागू नहीं हैं। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में खुलेआम गोमांस खाया जाता है और वहां इस पर कोई रोक नहीं है। यहां तक कि एक केंद्रीय मंत्री भी सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार कर चुके हैं कि वे बीफ खाते हैं। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात यह है कि उन राज्यों में भी भारतीय जनता पार्टी की सरकारें हैं, लेकिन गाय के नाम पर हिंसा करने वाले लोग वहां पूरी तरह खामोश रहते हैं। इस दोहरे रवैये पर कभी कोई गंभीर बहस नहीं होती और न ही कोई विरोध दर्ज कराया जाता है। मौलाना मदनी ने कहा कि कुछ समय पहले, जब यह मुद्दा उठा था, तब भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने यह बयान दिया था कि उन राज्यों में गाय नहीं, बल्कि मिथुन का मांस खाया जाता है, जिसे आम बोलचाल में जर्सी गाय कहा जाता है। यानी राजनीति के लिए गाय में भी भेदभाव पैदा कर दिया गया। उन्होंने सवाल किया कि इसका क्या प्रमाण है कि वहां केवल जर्सी गाय का ही मांस खाया जाता है? उन्होंने कहा कि दुखद सच्चाई यह है कि जिन राज्यों में मुसलमानों की अच्छी-खासी आबादी है, वहां गाय को अत्यधिक पवित्र बताकर राजनीति की जाती है, जबकि जिन राज्यों में दूसरी जातियां या समुदाय अधिक हैं, या जहां भाजपा की सरकार है, वहां गाय “मिथुन” बन जाती है। मौलाना मदनी ने कहा कि इन लोगों को गाय से वास्तविक श्रद्धा नहीं, बल्कि राजनीति से प्रेम है। ऐसी राजनीति के जरिए लोगों को भड़काकर मुसलमानों के खिलाफ एकजुट किया जाता है और वोट हासिल किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय कई भावनात्मक और राजनीतिक मुद्दे जानबूझकर उछाले जाते हैं, जिनमें गाय की राजनीति भी शामिल है। अंत में मौलाना मदनी ने कहा कि हमें इससे कोई मतलब नहीं कि कौन-सी गाय पवित्र मानी जाती है और कौन-सी नहीं। हमारी केवल यह मांग है कि गाय को ‘‘राष्ट्रीय पशु’’ घोषित करके इस विवाद को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया जाए और इसके लिए जो भी कानून बनाया जाए, उसे country के सभी राज्यों में बिना किसी भेदभाव के समान रूप से लागू किया जाए। यही न्याय और निष्पक्षता की मांग है。
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छत्रपती संभाजीनगर में दिव्यांग चिमुकले की हत्या, माता-पिता फरार

Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra:माणुसकीला काळिमा फासणारी आणि मन सुन्न करणारी एक अत्यंत धक्कादायक घटना छत्रपती संभाजीनगरमध्ये उघडकीस आली आहे. एका ५ वर्षीय दिव्यांग चिमुकल्याची त्याच्याच जन्मदात्यांनी गळा आवळून आणि बेदम मारहाण करून हत्या केली असे पुढं आलाय, धक्कादायक बाब म्हणजे, मृत्यूच्या भयंकर वेदना सहन करताना या निष्पाप जीवाच्या हातात 'खाऊचे पाकीट' होते, जे तो रडू नये म्हणून क्रूर आई-वडिलांनीच त्याच्या हाती दिले होते. पाहूयात या आणि संतापजनक घटनेचा सविस्तर रिपोर्ट... काळजाचा थरकाप उडवणारी ही घटना छत्रपती संभाजीनगरमधील हर्सूल-सावंगी बायपास परिसरातील. मंगळवारी सकाळी केंब्रिज चौक ते सावंगी बायपास रस्त्यावरील एका शेतात एका लहान मुलाचा मृतदेह कपड्याने झाकलेल्या अवस्थेत आढळून आला. स्थानिकांनी तात्काळ याची माहिती पोलिसांना दिली. पोलिसांनी घटनास्थळी धाव घेत मृतदेह उत्तरीय तपासणीसाठी घाटी रुग्णालयात पाठवला. सुरुवातीला या बालकाची ओळख पटत नव्हती, मात्र पोलिसांनी मृतदेहाचे वर्णन आणि फोटोंच्या आधारे चिकलठाणा भागातील सावित्रीनगर गाठले आणि या गुन्ह्याचा उलगडा झाला. अवघ्या आठ दिवसांपूर्वीच आरोपी असलेला संतोष ढाळे याचे कुटुु…
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दुताल गांव में लाखों के सोना-चांदी और नकदी की चोरी, चोर फरार

Patran, Punjab:पातड़ां के साथ लगते गांव दुताल में चोरों ने एक घर को निशाना बनाते हुए लाखों रुपए के सोना-चांदी के गहने और नकदी चोरी कर ली। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। सूचना मिलने पर थाना पातड़ां पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने फिंगर प्रिंट माहिर टीमों को भी जांच में लगाया है। जानकारी के अनुसार गांव दुताल के बाहर खेतों में बने डेरे में रहने वाले सतनाम सिंह के घर में देर रात अज्ञात चोर घुस आए। चोर घर से करीब 30 से 35 तोले सोना-चांदी के गहने और करीब एक लाख रुपए की नकदी चोरी कर फरार हो गए। पीड़ित सतनाम सिंह ने बताया कि वह लंबे समय से गांव के बाहर बने डेरे में अपने परिवार सहित रह रहे हैं। सुबह जब परिवार के सदस्यों को चोरी का पता चला तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। उन्होंने बताया कि रात करीब एक बजे के बाद चोरी की घटना को अंजाम दिया गया। चोर घर के पीछे की तरफ से रोशनदान का शीशा निकालकर अंदर दाखिल हुए और स्टोर में रखे सोना-चांदी के गहने व नकदी चोरी कर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही थाना पातड़ां पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। पुलिस ने मौके से सबूत जुटाने के लिए फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट टीम की भी मदद ली। गांव के सरपंच और गुरुघर के सेवादारों ने बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर चिंता जताते हुए पुलिस प्रशासन से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। थाना पातड़ां प्रभारी हरप्रीत सिंह ने बताया कि सतनाम सिंह निवासी दुताल की शिकायत पर तकनीकी आधार पर जांच कर रही है तथा फिंगर प्रिंट टीम की मदद से अहम सुराग जुटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा।
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पश्चिम शरीरा में झोपड़ी में भीषण आग, गरीब परिवार का गृहस्थी जलकर राख

Gohara Marufpur, Uttar Pradesh:झोपड़ी में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। कौशांबी जिले के पश्चिम शरीरा थाने के पास एक झोपड़ी में आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते पूरी झोपड़ी जलकर राख हो गई। हादसे में गरीब परिवार का गृहस्थी का सामान भी जल गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घटना पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र की है, जहां थाना परिसर से करीब 100 मीटर दूरी पर बनी एक झोपड़ी में अचानक आग लग गई। आग की लपटें उठती देख आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया और ग्रामीण मौके की ओर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने अपने स्तर से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन आग तेजी से फैलती चली गयी और पूरी झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। पीड़ित परिवार के मुताबिक घर में रखा पूरा गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया, जिससे परिवार के सामने रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है। घटना की सूचना पर स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ मिलकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
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वीएचपी ने बकरीद पर 11-11 गौरक्षक दस्ते गोरक्षा के लिए तैनात किए

Prayagraj, Uttar Pradesh:बक़रीद पर गौवंश की सुरक्षा और हत्या रोकने के लिए वीएचपी का बड़ा ऐलान, वीएचपी काशी प्रांत के सभी प्रखंड में तैनात होगी 11-11 गौरक्षकों की टीम, मुस्लिम बाहुल्य और संवेदनशील इलाकों में गोरक्षक की टीम रखेगी ख़ास नज़र। बक़रीद के मौके पर गोवंश की तस्करी और गौहत्या रोकने के लिए विश्व हिंदू परिषद ने बड़ा ऐलान किया है। वीएचपी गोरक्षा इकाई ने बक़रीद के मौके पर गौवंश और गौहत्या रोकने के लिए काशी प्रांत के प्रत्येक प्रखंड में गोरक्षक सचल दस्ते का गठन किया है, सचल दस्ते में 11- 11 गौरक्षकों को तैनात किया गया है। ये टीम बकरीद के अवसर पर गौवंश की न सिर्फ सुरक्षा करेगी, बल्कि कसाइयों पर भी नजर रखेगी। पहले से संवेदनशील और मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में जहां पर गौ हत्या और गौतस्करी के मामले निरंतर आते रहें हैं, वहां ये टीम ख़ास तरीके से निगरानी करेगी। वीएचपी गौरक्षा इकाई के प्रांत मंत्री लाल मणि तिवारी ने कहा कि गाय हमारी माता है और बक़रीद के अवसर पर गौवंश की बड़े पैमाने पर हत्या की घटनाएं सामने आती रहती है, इस लिए गौवंश की सुरक्षा और कसाइयों से बचाने के लिए गोरक्षक सचल दस्ते का गठन किया गया है। ताकि गौवंश की सुरक्षा की जा सके। वीएचपी काशी प्रांत के मंत्री लालमणि तिवारी ने बताया कि सभी प्रखंड में गोरक्षक तैनात होंगे, ख़ास कर जो इलाके पहले से सेंसिटिव रहें हैं वहां गोरक्षक विशेष रूप से सक्रिय रहेंगे। गोरक्षक सचल दस्ता कहीं पर भी अगर गौतस्करी या फिर गौवंश की हत्या की घटना सामने आती है तो तुरंत जिले की यूनिट को सूचना देगा। जिले की यूनिट समय रहते लोकल स्तर पर उन्हें पुलिस और प्रशासन के जरिए सुरक्षा उपलब्ध कराने के साथ गौवंश की तस्करी और हत्या रोकने में मदद करेगा。
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देवरिया सदर तहसील का महिला पिंक शौचालय बना शोपीस, लाखों की लागत पर लापरवाही भारी

ASAmit SinghFollow6m ago
Deoria, Uttar Pradesh:स्वच्छता और महिलाओं की सुविधा के उद्देश्य से लाखों रुपये की लागत से निर्मित सदर तहसील परिसर स्थित महिला पिंक शौचालय अब अपनी बदहाली और लापरवाही की कहानी बयां कर रहा है। महिलाओं की सुविधा के लिए बनाया गया यह शौचालय लंबे समय से ताला बंद पड़ा है, जिससे इसका उद्देश्य ही अधूरा नजर आ रहा है। शौचालय काफी दिनों से बंद है जिसकी गवाही उसके आसपास उगी झाड़ियां दे रही है। सरकार जहां स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण और स्वच्छता व्यवस्था पर पानी की तरह पैसा खर्च कर रही है, वहीं जिम्मेदार कर्मचारियों की उदासीनता के चलते लाखों की लागत से बने ऐसे सार्वजनिक संसाधन उपयोग से पहले ही बेकार साबित हो रहे हैं। महिलाओं के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया पिंक शौचालय यदि ताला बंद ही रहे तो इसका सीधा असर आमजन, खासकर महिलाओं को होने वाली सुविधाओं पर पड़ता है। सवाल यह उठता है कि जब करोड़ों रुपये योजनाओं पर खर्च किए जा रहे हैं तो उनके रखरखाव और संचालन की जिम्मेदारी कौन निभाएगा?
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बीकानेर में राबड़ी उत्सव: लोक संस्कृति और पारंपरिक खानपान का संगम

Bikaner, Rajasthan:परंपरा और लोक संस्कृति का अद्भुत उत्सव, बीकानेर में धूमधाम से मनाया गया राबड़ी उत्सव, मरुधरा की मिठास और लोक आस्था का दिखा अनोखा संगम, हवन और पूजा-अर्चना के साथ हुई कार्यक्रम की शुरुआत, श्रद्धालुओं ने राबड़ी प्रसादी का लिया आनंद, 'अपनी जड़ों की ओर – राबड़ी के संग' थीम बनी आकर्षण का केंद्र, लोक संस्कृति, पारंपरिक खानपान और सतत्व जीवन शैली की झलक ने मोहा मन, कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल। बीकानेर की धरती एक बार फिर अपनी समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं के रंग में रंगी नजर आई शहर में आयोजित राबड़ी उत्सव में मरुधरा की मिठास, लोक आस्था और पारंपरिक संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान के साथ हवन और पूजा-अर्चना से हुई इसके बाद श्रद्धालुओं और आमजन के लिए राबड़ी प्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और पारंपरिक स्वाद का आनंद उठाया अपनी जड़ों की ओर – राबड़ी के संग थीम पर आधारित इस आयोजन का उद्देश्य लोगों को अपनी संस्कृति, पारंपरिक खानपान और लोक जीवन से जोड़ना रहा कार्यक्रम में राजस्थान की लोक परंपराओं, सादगीपूर्ण जीवनशैली और सामाजिक एकता का रंग भी साफ नजर आया। उत्सव में पहुंचे लोगों ने इसे केवल भोजन या प्रसादी का कार्यक्रम नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति और विरासत से जुड़ने का माध्यम बताया बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर वर्ग में उत्साह दिखाई दिया बीकानेर की लोक संस्कृति को जीवंत रखने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने की इस पहल की लोगों ने जमकर सराहना की।
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10 जून तक VLTD लगवाएं, ई-रवन्ना नहीं कटेगा—प्रदेश में शिविर शुरू

Jaipur, Rajasthan:10 जून तक VLTD नहीं लगवाया, तो नहीं कटेगा ई-रवन्ना - खनिज परिवहन में आएगी पारदर्शिता!, खनिज परिवहन के सभी वाहनों में VLTD अनिवार्य - 6 मई को ACS अपर्णा अरोरा ने दिए थे निर्देश, कल से जयपुर सहित प्रदेशभर में लगेंगे शिविर जयपुर। खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में अब खनिज की मात्रा को लेकर पारदर्शिता आएगी। खान विभाग ने सभी खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में जीपीएस सुविधा युक्त वीएलटीडी डिवाइसेज लगानी होंगी। इसे लेकर अब प्रदेशभर में कल से शिविर लगेंगे। दरअसल खान एवं पेट्रोलियम विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोरा ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेशभर में खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में जीपीएस सुविधा युक्त वीएलटीडी डिवाइसेज लगानी होंगी। वीएलटीडी यानी व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस। जिससे कि किसी भी वाहन की लोकेशन को खान विभाग के निदेशालय से मॉनिटर किया जा सकेगा। लोकेशन का लिंक परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग को भी मुहैया कराया जाएगा। अवैध खनन को रोकने, वाहनाें में खनिज की मात्रा का सही अनुमान लगाने और खनिज परिवहन के सही गंतव्य की स्थिति माॅनिटर करने के लिए यह व्यवस्था लागू की जा रही है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सभी अधीषण खनि अभियंताओं, खनि अभियंताओं और सहायक खनि अभियंताओं को निर्देश दिए थे कि अपने अधीन सभी लीजधारकों, वे-ब्रिज धारकों और वाहन मालिकों को इस बारे में जागरूक करें। वीएलटीडी डिवाइस लगवाने के लिए विभिन्न जगहों पर शिविर लगाए जाएं। इसकी पालना में खान एवं भूविज्ञान निदेशक एमपी मीना ने भी आदेश जारी कर दिए हैं। जयपुर खनि अभियंता श्याम कापड़ी ने जयपुर में शिविर लगाने के कार्यक्रम तय कर लीजधारकों और ट्रांसपोर्टर्स से अनिवार्य रूप से वीएलटीडी लगाने की अपील की है। जयपुर में यहां लगेंगे VLTD इंस्टॉलेशन शिविर - जयपुर ME कार्यालय के अधीन 21 से 25 मई तक 11 शिविर लगाए जाएंगे - 21 मई को 4 जगहों पर लगाए जाएंगे शिविर - मैसर्स राधा गोविंद स्टोन क्रशर, दूदू, माइनिंग लीज रवि शंकर शर्मा घटियाली - मैसर्स हितकारी माइंस बस्सी और माइनिंग लीज संजीव कट्टा बैनाडा - 22 मई को 4 स्थानों पर लगाए जाएंगे शिविर - मैसर्स आनंद स्टोन क्रशर कालवाड़, मैसर्स केएस इन्फ्रा चौमू - मैसर्स डूडी एंड कम्पनी जमवारामगढ़, उमेश बिरमानी टोडीडीपुरिया - 25 मई को 3 स्थानों पर लगाए जाएंगे शिविर - माइनिंग पार्क जोबनेर, मैसर्स त्रिवेणी इंडस्ट्रीज गुणावता और - मैसर्स बालाजी स्टोन क्रशर, आमेर में लगाए जाएंगे शिविर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चम्बल सेंचुरी में सर्तकता अधिक इससे पहले खान विभाग की संयुक्त सचिव नम्रता वृष्णि ने सख्त आदेशों में कहा था कि 10 जून तक सभी खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में जीपीएस सुविधा लगाना अनिवार्य है। यदि 10 जून के बाद भी वाहनों में जीपीएस सुविधा युक्त वीएलटीडी डिवाइस नहीं लगाई जाती है। तो ऐसे वाहनों के लिए 10 जून के बाद ई-रवन्ना नहीं कटेगा। वहीं वाहनों की चैकिंग के दौरान 10 जून के बाद बिना जीपीएस मिलने वाले वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए खान विभाग ने परिवहन विभाग के साथ मिलकर कार्रवाई करने की योजना तैयार की है। यहां तक कि राष्ट्रीय चम्बल उद्यान के क्षेत्राधिकार में चलने वाले वाहनों काे तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ही छोड़ा जा सकेगा। धौलपुर, करौली, बूंदी, सवाईमाधोपुर आदि क्षेत्रों में इस दौरान अधिक सतर्कता बरती जाएगी। चम्बल सेंचुरी क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सुओमोटो प्रसंज्ञान लिया है, जिसके बाद यहां अधिक सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। आपको बता दें कि इससे पहले खान विभाग ने खदानों पर वे-ब्रिज सिस्टम को भी लागू किया है। जिसकी फील्ड में शुरुआत खुद अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोरा ने की थी। कुलमिलाकर खान विभाग का प्रयास है कि राज्य में खनन से जुड़े कार्य पारदर्शी तरीके से हों, जिससे राजस्व में लीकेज की संभावनाओं को खत्म करने हुए अवैध खनन को रोका जा सके।
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बाड़मेर में कानून व्यवस्था को खुला चैलेंज: व्यापारी पर दिनदहाड़े हमला

Barmer, Rajasthan:बाड़मेर शहर में अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद होते नजर आ रहे हैं। शहर के बीचों-बीच स्थित कोतवाली थाने से महज 200 मीटर दूरी पर दिनदहाड़े एक व्यापारी पर जानलेवा हमला कर दिया गया। घटना के बाद व्यापारी वर्ग में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है.. घायल व्यापारी प्रवीण अग्रवाल पर बाइक सवार दो युवकों ने लोहे के सरिए और पाइप से हमला कर दिया। हमले में व्यापारी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके हाथ-पांव तक टूटने की सूचना है। आसपास मौजूद लोगों ने लहूलुहान हालत में घायल को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी है..बताया जा रहा है कि घायल व्यापारी ने पूर्व में भी आरोपियों के खिलाफ पुलिस को रिपोर्ट दी थी, लेकिन बावजूद इसके आरोपियों के हौसले कम नहीं हुए। अब इस घटना के बाद शहर की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं, खासकर तब जब वारदात कोतवाली थाने के इतने करीब अंजाम दी गई। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास के CCTV फुटेज खंगाल रही है तथा आरोपियों की तलाश जारी है... इधर व्यापारी वर्ग ने घटना पर नाराजगी जताते हुए अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि यदि शहर के मुख्य इलाके में भी व्यापारी सुरक्षित नहीं हैं तो आमजन की सुरक्षा भगवान भरोसे है...
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हरिद्वार ganga nadi में चिकन बिरयानी फेंकने पर संतों में आक्रोश, पुलिस जांच शुरू

Noida, Uttar Pradesh:हरिद्वार से जिहादी की कट्टरपंथी आई सामने आई जहां हरिद्वार की उपनगरी ज्वालापुर की गंगा नहर में अंदर चिकन बिरयानी डाली जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है वीडियो में साफ देखा जा सकता है नीले ड्रम में भरी चिकन बिरयानी गंगा में डाली जिसका स्थानीय युवक द्वारा वीडियो बना कर सोशल मीडिया वायरल कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद संत समाज में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। ज्वालापुर क्षेत्र से जुड़े इस वीडियो में एक नीले ड्रम से बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री गंगा में डाली जा रही थी। इस घटना को लेकर संतों ने कहा कि मां गंगा करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र हैं और इस तरह की हरकतें धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली हैं। महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश महाराज ने आरोप लगाया कि कुछ कट्टरपंथी तत्व जानबूझकर इस तरह की घटनाओं को अंजाम देकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करते हैं। तीर्थ पुरोहित उज्ज्वल पंडित ने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि सनातन आस्था की जीवनरेखा है और इसमें इस प्रकार की सामग्री फेंकना अस्वीकार्य है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। संतों ने मांग की है कि वीडियो की सत्यता की जांच कर दोषियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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रतलाम में हड़ताल से दवा दुकानों के बंद, जनता परेशान

Ratlam, Madhya Pradesh:रतलाम में देशव्यापी हड़ताल का असर साफ देखने को मिला, जहां मेडिकल व्यवसायियों ने अपनी दुकानों को बंद रखकर विरोध प्रदर्शन किया। शहर के दवा व्यापारियों ने एकजुट होकर रैली निकाली और विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। बड़ी संख्या में मेडिकल व्यवसायी कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। व्यवसायियों का कहना है कि नई नीतियों और नियमों से दवा कारोबार प्रभावित हो रहा है, जिससे छोटे व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने सरकार से मांग की कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए। हड़ताल के चलते शहर में कई मेडिकल स्टोर बंद रहे, जिससे लोगों को दवाइयों के लिए भी परेशान होना पड़ा।
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