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Basti: देवरी में अजगर के दिखने से ग्रामीणों में दहशत
Uttar Pradesh:ह्ररैया क्षेत्र के गांव देवरी के सिवान में 27 जनवरी को एक अजगर दिखने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल फैल गया। स्थानीय लोग अजगर को देखकर भयभीत हो गए और इसकी सूचना अन्य ग्रामीणों को मिली जिसके बाद वे भी अजगर को देखने पहुंच गए।
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उत्तराखंड: 452 मदरसों में केवल 7 को मान्यता मिली
Dehradun, Uttarakhand:एंकर उत्तराखंड में अल्पसंख्यक बच्चों की शिक्षा को मुख्य धारा से जोड़ने को लेकर सरकार की योजना पर झटका लगा है। नए प्राधिकरण के गठन के बाद एक महीना बीतने के बाद भी एक फ़ीसदी मदरसों ने ही अब तक मान्यता ली है। वीओ उत्तराखंड में 1 जुलाई से अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन हो चुका है। जिसके तहत प्रदेश के सभी 452 मदरसों को अब नए सिरे से मान्यता लेनी होगी। लेकिन एक महीना बीतने के बाद भी अब तक केवल 452 मदरसों में से 7 मदरसों को ही शिक्षा और प्राधिकरण की मान्यता मिल पाई है। अल्पसंख्यक कल्याण से संबंधित अधिकारियों ने इस मामले में प्राधिकरण को जांच रिपोर्ट सौंपी है। जिसमें कुछ मदरसों ने मान्यता लेने से इनकार किया है और कुछ मदरसों ने जांच टीम को कोई भी सूचना नहीं दी है। उत्तराखंड के विशेष सचिव अल्पसंख्यक कल्याण डॉक्टर पराग मधुकर धकाते का कहना है की सरकार का उद्देश्य मदरसों में पढ़ रहे बच्चों को विज्ञान और गणित जैसी आधुनिक शिक्षा देना है। सरकार शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाकर सभी अल्पसंख्यक समुदाय के संस्थानों को एक समान प्रशासनिक दायरे में लाना चाहती है। इसीलिए प्राधिकरण का गठन हुआ है बाइट डॉ पराग मधुकर धकाते विशेष सचिव अल्पसंख्यक कल्याण वहीं इस मामले पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि हम बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर करने की ओर कार्य कर रहे हैं। पहले एक से दो कमरों में मदरसे खोलकर बच्चों को शिक्षा दी जाती थी। जिससे बच्चे स्कूली शिक्षा लेने वाले बच्चों की तरह बेहतर शिक्षा नहीं प्राप्त कर पाते थे । लेकिन अब जो भी व्यक्ति मदरसा शिक्षण संस्थान चलाना चाहेगा उसे प्राधिकरण और शिक्षा विभाग से मान्यता लेनी ही होगी बाइट पुष्कर धामी मुख्यमंत्री उत्तराखंड उत्तराखंड में 452 मदरसों में से अब तक केवल सात मदरसों के द्वारा मान्यता लिए जाने से यह साफ है कि शिक्षा विभाग के मानकों के अनुरूप मदरसे नहीं है । क्योंकि शिक्षा विभाग के तहत पुस्तकालय, प्रशिक्षित अध्यापक, कंप्यूटर लैब , खेलने के लिए मैदान जैसी व्यवस्थाएं होनी चाहिए। अब ऐसे में यह साफ है कि जो मदरसा इन नियमों का पालन करेगा या इन सुविधाओं से युक्त होगा उन्हें ही मान्यता मिल सकेगी।0
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वासिम के सराफा लाइन में मोकाट कुत्ते का हमला, दुकानदार घायल
Washim, Maharashtra:वाशिम के सराफा लाइन परिसर में मोकाट कुत्र्यांनी धुमाकूळ घातला है. दुपारी एक फळ विक्रेत्यावर मोकाट कुत्र्याने अचानक हल्ला करत चावा घेतला. विक्रेत्याने स्वतःचा बचाव करण्याचा प्रयत्न केला, मात्र कुत्र्याने वारंवार त्याच्यावर झडप घेतली. अखेर कुत्रा दूर गेल्यानंतर जखमी फळ विक्रेत्याला तातडीने रुग्णालयात दाखल करण्यात आले असून त्याच्यावर उपचार सुरू आहेत. ही संपूर्ण घटना सीसीटीव्हीत कैद झाली आहे. मोकाट कुत्र्यांच्या वाढत्या संख्येमुळे व्यापारी आणि नागरिकांमध्ये भीतीचे वातावरण असून, नगरपालिकाेने तातडीने बंदोबस्त करावा, अशी मागणी होत आहे.0
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मुजफ्फरनगर कोर्ट ने 5 आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई
Muzaffarnagar, Uttar Pradesh:मुजफ्फरनगर ब्रेकिंग मुजफ्फरनगर FTC-3 ने सुनाई 5 आरोपियों को फांसी की सजा, 12 साल पुराने पवन हत्याकांड में सुनाई फांसी की सजा, कांधला क्षेत्र के भभीसा गांव में पवन की घर में घुसकर की थी हत्या, कोर्ट ने चारों आरोपियों पर 127000 का लगाया जुर्माना, 9 गवाहों व सबूतो के आधार पर सुनाई चारो आरोपियों को फांसी की सजा, कोर्ट ने रामवीर,राजीव,राहुल,हरेंद्र को सुनाई फांसी की सजा, पुलिस मुठभेड में विपुल खूनी की हो चुकी है पहले मौत, मुजफ्फरनगर की फास्ट ट्रेक कोर्ट-3 के न्यायधीश रवि दिवाकर ने सुनाई सजा ।0
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खैरथल-तिजारा में निकाय आरक्षण के बाद चुनावी तैयारियाँ तेज, वार्ड संख्या स्पष्ट
Bagheri Kalan, Rajasthan:खबर - खैरथल तिजारा जिला विधानसभा किशनगढ़बास चुनाव: राजस्थान के 309 शहरी निकायों में निकाय प्रमुखों के आरक्षण की लॉटरी के साथ ही खैरथल तिजारा जिले में नगर निकाय चुनाव की तैयारी कर रहे अध्यक्ष पद के दावेदारों का इंतजार खत्म हो गया है। खैरथल तिजारा जिले की बात करें तो खैरथल नगर परिषद सभापति का पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित हुआ है, वहीं किशनगढ़बास में भी सामान्य वर्ग की सीट रहेगी, मुंडावर में ओबीसी ओपन, टपूकड़ा में सामान्य और भिवाड़ी नगर परिषद में ओबीसी ओपन सीट आरक्षित की गई है। जबकि कोटकासिम में अध्यक्ष पद महिला सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। अब नजर डालते हैं जिले के निकायों में कुल वार्डों की संख्या पर जिसमें किशनगढ़बास में 25 वार्ड हैं, खैरथल में 45, मुंडावर में 25, टपूकड़ा में 20, तिजारा में 35, कोटकासिम में 20 और भिवाड़ी नगर परिषद में कुल 60 वार्ड हैं। वही आरक्षण की तस्वीर साफ होते ही अब इन निकायों में चुनावी गतिविधियां तेज होने के आसार हैं।0
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सीकर नगर परिषद सभापति सीट सामान्य महिला के लिए आरक्षित, राजनीति तेज
Sikar, Rajasthan:सीकर नगर परिषद सभापति पद की लॉटरी: सामान्य महिला के लिए आरक्षित जयपुर में निकली आरक्षण लॉटरी, सीकर नगर परिषद के सभापति पद का आरक्षण सामान्य महिला वर्ग के लिए तय हुआ है। इसके साथ ही सीकर नगर परिषद में सभापति पद के लिए महिला दावेदारों के बीच राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सीकर नगर परिषद के सभापति पद की स्थिति भी स्पष्ट हुई। सामान्य महिला सीट होने के बाद अब राजनीतिक दलों में महिला दावेदारों को लेकर चर्चाएं तेज होंगी। भाजपा और कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों में संभावित महिला प्रत्याशियों के नामों पर मंथन शुरू होने की संभावना है। आरक्षण तय होने से सीकर शहर की स्थानीय राजनीति में नए समीकरण बनेंगे। अब सभापति पद की दावेदारी कर रहे नेताओं को महिला प्रत्याशी के विकल्प पर रणनीति तैयार करनी होगी। वहीं कई महिला नेताओं और संभावित दावेदारों की राजनीतिक सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है। आगामी दिनों में 65 वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी तथा राजनीतिक दलों के सामने सभापति पद के लिए संभावित प्रत्याशियों का चयन अहम चुनौती रहेगा0
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पालमपुर: आवारा पशुओं को गो-सदन से वापस सड़क पर नहीं लाने पर कड़ी कार्रवाई
Palampur, Himachal Pradesh:अनूप धीमान पालमपुर पालमपुर नगर निगम में अनूठी घटना ,सड़क से गो-सदन भेजे गए आवारा पशुओं को वापस सड़कों पर ला रहे लोग , नगर निगम की कमिश्नर ने लोगों से ऐसा न करने की अपील की नगर निगम द्वारा शहर में आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत आवारा पशुओं को पकड़कर गो-सदन भेजा जा रहा है, ताकि सड़कों पर पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं और आमजन की परेशानियों को कम किया जा सके। नगर निगम कमिश्नर नेत्रा मेती ने बताया कि उनके संज्ञान में आया है कि कुछ लोग गो-सदन भेजे गए आवारा पशुओं को दोबारा वहां से निकालकर सड़कों पर छोड़ रहे हैं। इससे नगर निगम के प्रयास प्रभावित होने के साथ-साथ शहर में आवारा पशुओं की समस्या भी बढ़ रही है। उन्होंने ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति किसी पशु को पालना चाहता है तो उसे अपने घर या परिसर में रखकर उसकी उचित देखभाल करे। गो-सदन भेजे गए पशुओं को दोबारा सड़कों पर लाना या छोड़ना उचित नहीं है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि गो-सदन भेजे गए पशुओं को दोबारा सड़कों पर लाने अथवा नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम ने आमजन से इस अभियान में सहयोग करने की अपील की है, ताकि शहर को आवारा पशुओं की समस्या से निजात दिलाई जा सके।वहीं उन्होंने कहा की आवारा कुत्तों के मामले में भी ऐसा ही सामने आ रहा है की लोग ऐसे हो कुत्तों को छोड़ देते हैं और जब निगम उन्होंने पकड़ रहा है तो लोग अपना मालिकाना हक जताने की कोशिश करते हैं ऐसे मामलों में भी लोगों को पालतू कुत्तों को अपने घर में रखने की सलाह दी है वहीं नगर निगम की कमिश्नर नेत्रा मेती ने कहा कीड़े को लेकर भी बाज़ार के लोगों से ख़ास अपील की है की दो समय गाड़ी कूड़ा उठा रही है वक़्जूद उसके लोग सड़क पर कूड़ा डम्प कर रहे हैं जो की शहर के शोन्दर्य के लिए अच्छा नहीं है उन्होंने लोगों से ऐसा नहीं करने की अपील की है वहीं चेतावनी बायो दी है कि अगर यह सिलसिला यूँ ही जारी रहा तो अब निगम को सख़्त क़दम भी उठाने पड़ सकते है।0
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पूगल-682RD के पास स्कूल कैंपर गाड़ी पलटी, 16 बच्चे घायल
Bikaner, Rajasthan:बीकानेर के पूगल से बड़ी खबर बाल वाहिनी गाड़ी अनियंत्रित होकर पलटी, करीब 16 स्कूल के बच्चे चोटिल, पूगल हॉस्पिटल से 8 बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद बीकानेर PBM अस्पताल रैफर, दो बच्चों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, स्कूली बच्चों से भरी कैंपर गाड़ी का टायर फटने के कारण हुआ हादसा, पूगल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, पूगल-682RD के बीच पेट्रोल पंप के पास हुआ0
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हनुमानगढ़ में स्वतंत्रता दिवस की तैयारी तेज, एनएमपीजी कॉलेज में अंतिम रिहर्सल पूरी
Hanumangarh, Rajasthan:हनुमानगढ़ में स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर पुलिस और प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले मुख्य समारोह को लेकर पुलिस ने गुरुवार को एनएमपीजी कॉलेज परिसर में अंतिम रिहर्सल पूरा किया। इस दौरान पुलिस जवानों ने परेड, मार्चपास्ट और अन्य व्यवस्थाओं का अभ्यास किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद बिश्नोई ने बताया की रिहर्सल के दौरान समारोह स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और विभिन्न तैयारियों को भी परखा गया। अधिकारियों ने जवानों को ड्यूटी से जुड़ी आवश्यक जानकारी देते हुए सभी व्यवस्थाएं निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कमी नहीं रहे, इसके लिए सभी स्तरों पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। एनएमपीजी कॉलेज में हुए अंतिम रिहर्सल के बाद अब पुलिस और प्रशासन स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहा है।0
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सोनभद्र की चार सीटों पर बदलते समीकरण: नया मतदाता क्या बदलेगा परिणाम?
Noida, Uttar Pradesh:सोनभद्र की सियासत में चार विधानसभा सीटों का समीकरण, पुराने किले बचाने की चुनौती और नए मतदाताओं पर निगाहें। सोनभद्र सिर्फ अपनी खनिज संपदा और ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ही नहीं, बल्कि अपने अलग राजनीतिक मिजाज के लिए भी जाना जाता है। चार मार्च 1989 को मिर्जापुर से अलग होकर अस्तित्व में आया सोनभद्र अब 37 साल से ज्यादा का सफर तय कर चुका है। इन वर्षों में जिले की तस्वीर बदली, विकास के नए रास्ते खुले और सियासत के समीकरण भी कई बार बदले। कभी जिले में सिर्फ दो विधानसभा सीटें थीं, लेकिन आज सोनभद्र की राजनीति चार विधानसभा क्षेत्रों में बंटी हुई है। ऐसे में चुनावी चौसर पर जातीय समीकरण, पुराने राजनीतिक प्रभाव, नए मतदाता और स्थानीय मुद्दे किस तरह असर डालते हैं, आइए समझते हैं सोनभद्र की पूरी चुनावी तस्वीर।0
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UNSC के अनुसार AGIS ने लाल किले पर कार बम हमले की जिम्मेदारी ली
Aram Pora, Ganderbal, जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी (DGP) एसपी वैद ने कहा कि अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AGIS) ने पिछले साल नई दिल्ली के लाल किले में कार बम हमले को अंजाम दिया, यूएनएससी के अनुसार.0
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बूंदी में हिस्ट्रीशीटर के फार्म हाउस पर बुलडोजर, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू
Noida, Uttar Pradesh:बूंदी में हिस्ट्रीशीटर के फार्म हाउस पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। दो जेसीबी मशीनों की मदद से अतिक्रमण हटाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि राजस्व विभाग और रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व की भूमि पर अतिक्रमण कर फार्म हाउस बनाया गया था। कार्रवाई के दौरान पुलिस और टाइगर रिजर्व की टीम मौके पर मौजूद रही। तहसीलदार अर्जुन मीणा, रेंजर सुमित कनौजिया और सदर थाना अधिकारी भंवर सिंह सहित पुलिस जाप्ता मौके पर तैनात रहा। थाना अधिकारी रमेश आर्य की कार्रवाई में विशेष भूमिका रही। कार्रवाई के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।0
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भंडारा अस्पताल की पुरानी इमारत में जल्द मरम्मत, प्रशासन ने की त्वरित कार्रवाई
Bhandara, Maharashtra:मागच्या काही दिवसापासून भंडारा हॉस्पिटलची इमारत जुनी असल्यामुळे काही दुरुस्तीचे काम त्या ठिकाणी चालू आहे. त्या संदर्भात देखील आपण बैठक घेतली प्रशासनाला सूचना दिल्या, काही कालावधीच कार्यक्रम तयार करून हे सर्व तातडीने पूर्ण करावी आणि चांगल्या पद्धतीची इमारत ही नागरिकांकरता उपलब्ध करून द्यावी अशा सूचना दिल्या.... गणवेशाचे पैसे प्रत्येक शाळा व्यवस्थापन समितीच्या खात्यामध्ये जमा करण्यात आलेली आहे, त्या त्या ठिकाणच्या शाळा व्यवस्थापन समितीला अधिकार देण्यात आले की ते त्यांच्या शाळेच्या विद्यार्थ्यांकरीता गणवеш घ्यावा अशा संबंधित काही ज्या काही शाळा असतील की ज्यांना एकाच गणवेशाचे पैसे आले किंवा बुटाचे आले नाही अशी याची माहिती घेतली जेल व त्यांना देखील पैसे दिले जातील....0
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देहरादून-अम्बाला हाइवे पर सरसावा में दो कारो की आमने सामने की टक्कर।
Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर देहरादून-अम्बाला हाइवे पर सरसावा में दो कारो की आमने सामने की टक्कर। दोनों कारे हाइवे पर उल्टी पलटी। कार सवार व्यक्तियों को आई सामान्य चोटे ,पुलिस ने मौके पर पहुंच घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा ,थाना सरसावा क्षेत्र के हाइवे की घटना0
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बूंदी में कृषि योजनाओं की प्रगति पर समीक्षा, लक्ष्य समय पर पूरे कराने के निर्देश
Noida, Uttar Pradesh:13 अगस्त. जिले में कृषि विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति को लेकर अतिरिक्त जिला कलक्टर (सीलिंग) रमेश देव की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित हुई। एड्म ने अधिकारियों को कृषि योजनाओं के निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा होने तथा लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए। तारबंदी, फार्म पॉन्ड, मिनी बीज किट और सब्सिडी के प्रकरणों की समीक्षा की गई। मृदा स्वास्थ्य कार्ड एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया। आधुनिक कृषि तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने के भी निर्देश दिए।0
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झज्जर के टाउन हॉल के घंटाघर की घंटियाँ फिर से बजेगीं, आजादी की याद
Jhajjar, Haryana:जिस घंटाघर की घंटी कभी झज्जर को समय बताती थी, उसी टाउन हॉल ने देखी आजादी की लड़ाई सालों साल का हो चला इंतजार : आखिर झज्जर में घंटाघर की सुइयां कब करेगी टिक टिक : ब्रिटिश काल में बने घंटाघर में घड़ी की सुइयां देखकर मिलाते थे लोग अपने हाथ की घड़ी की सुइयां : नगर परिषद ने कई बार निकाला घंटाघर की धड़ियों का बजट, लेकिन टस से मस नहीं चल पाई घड़ी की सुइयां : हरियाणा व्यापार मंडल के अध्यक्ष ने भी कई बार उठाई मांग : नई जिला उपायुक्त वर्षा खंनगवाल से जागी उम्मीद, जल्द टाउन हॉल के घंटाघर में लगी सूईयां करेंगी टिक टिक : झज्जर शहर के लोगों ने बताया जिसके पास नहीं थी घड़ी घंटाघर की घंटी से ही पता लग जाता था समय झज्जर शहर के अंबेडकर चौक के पास खड़ा ऐतिहासिक टाउन हॉल… दूर से देखने पर भले ही आज एक पुरानी इमारत नजर आता हो, लेकिन इसकी दीवारों में झज्जर के इतिहास के कई ऐसे पन्ने छिपे हैं, जिन्हें शहर की नई पीढ़ी शायद नहीं जानती。 इसी टाउन हॉल की पहचान घंटाघर के रूप में भी रही है। यहाँ लगी घड़ियाँ कभी पूरे शहर को समय का एहसास करवाती थीं। हर घंटे जितना समय होता था, उतनी बार घंटी बजती थी। घंटी की आवाज दूर-दूर तक सुनाई देती थी और लोग अपनी कलाई घड़ियों का समय भी घंटाघर की आवाज से मिलाया करते थे। पुराने समय में जब घड़ियाँ हर घर में नहीं होती थीं, तब लोग धूप की परछाई और घंटाघर की घंटी से समय का अंदाजा लगाते थे。 लेकिन यह सिर्फ घंटाघर नहीं, आजादी की लड़ाई का गवाह भी है झज्जर کا یہی ٹاؤن ہال स्वतंत्रता आंदोलन के ایک बेहद महत्वपूर्ण घटनाक्रम का गवाह रहा है。 15 जनवरी 1922 को महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन से प्रभावित होकर स्वतंत्रता सेनानी पंडित श्रीराम शर्मा और अन्य सेनानियों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए इसी टाउन हॉल पर ब्रिटिश यूनियन जैक उतारकर तिरंगा फहराया था。 इस घटना के बाद पंडित श्रीराम शर्मा को गिरफ्तार भी किया गया था। जिला प्रशासन ने 2022 में इस ऐतिहासिक घटना के 100 वर्ष पूरे होने पर टाउन हॉल में शताब्दी समारोह आयोजित किया था。 यानी जिस जगह से कभी घंटाघर की घंटी पूरे शहर को समय बताती थी, उसी जगह से करीब एक सदी पहले तिरंगे ने झज्जर के लोगों में आजादी का संदेश भी पहुंचाया था。 घंटी बनी शहर की पहचान घंटाघर की घंटी सिर्फ समय बताने वाली आवाज नहीं थी। यह शहर की दिनचर्या का हिस्सा बन चुकी थी। हर घंटे की आवाज सुनकर दुकानदार, मजदूर, विद्यार्थी और आम लोग समय का अंदाजा लगाते थे。 स्थानीय बुजुर्गों की यादों में आज भी घंटाघर की वह आवाज जिंदा है। अंबेडकर चौक निवासी सेवानिवृत्त नगरपालिका कर्मचारी प्यारे लाल जाटव ने बताया था कि पुराने समय में लोग धूप की परछाई और घंटाघर की आवाज से समय का अंदाजा लगाया करते थे。 पुरानी घड़ियां बंद हुईं तो प्रशासन ने लगाईं नई घड़ियां टाउन हॉल पर लगी पुरानी घड़ियां समय के साथ बंद हो गईं। इसके बाद करीब दो वर्ष पहले प्रशासन ने यहां बड़ी आकार की नई घड़ियां लगवाईं। इनमें हर घंटे समय के हिसाब से घंटी बजने की व्यवस्था भी की गई। लेकिन कुछ समय बाद इनकी घंटियाँ फिर बंद हो गईं। 2024 की रिपोर्ट में स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ऐतिहासिक घंटाघर की घड़ियों और घंटी को ठीक कराने की मांग की थी。 मोबाइल के दौर में भी घंटाघर की आवाज की जरूरत क्यों? आज हर व्यक्ति की जेब में मोबाइल है। समय देखने के लिए किसी सार्वजनिक घड़ी या घंटी की जरूरत नहीं है। लेकिन झज्जर के इस घंटाघर की अहमियत सिर्फ समय बताने तक सीमित नहीं है。 यह शहर की ऐतिहासिक पहचान, बुजुर्गों की यादों और स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत से जुड़ा हुआ है。 एक तरफ यहां से कभी आजादी का तिरंगा फहराया गया, दूसरी तरफ इसी जगह की घंटी ने दशकों तक झज्जर के लोगों को समय बताया。 इसलिए सवाल सिर्फ इतना नहीं कि घंटाघर की घंटी कब बजेगी… सवाल यह है कि झज्जर अपने इतिहास की इस आवाज को कब तक खामोश रहने देगा? अगर ऐतिहासिक घंटाघर की घंटी फिर उसी तरह हर घंटे गूंजे, तो यह सिर्फ एक घड़ी का दोबारा चलना नहीं होगा, बल्कि झज्जर के इतिहास की एक पुरानी आवाज का फिर से लौटना होगा。 बाइट व्यापार मंडल के पूर्व प्रधान राकेश अरोड़ा बाइट दुकानदार झज्जर सुमित कुमार0
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