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Shashank RathoreShashank RathoreFollow23 Jan 2025, 09:52 am

Bareilly- भूमाफिया गुजराल गिरोह से आतंकित दलित परिवार ने दी आत्महत्या की धमकी

Bareilly, Uttar Pradesh:

बरेली में भूमाफिया गुजराल गिरोह से आतंकित दलित परिवार ने दी आत्महत्या की धमकी. पीड़ित दलित परिवार की जान का दुश्मन बना भूमाफिया. दलितों ने डीएम–एसएसपी से मांगा इंसाफ, गरीब की बेशकीमती पैतृक जमीन कब्जाने का माफिया षडयंत्र पुलिस–माफिया गठजोड़ का शिकार हुआ. दलित परिवार ने माफिया के खिलाफ बरेली पुलिस में दर्ज कराये कब्जेदारी के मामले मगर पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। अनुसूचित जाति आयोग के हस्तक्षेप पर दर्ज हुई थी पीड़ित की रिपोर्ट।पीड़ित का आरोप है की माफिया से मिल गई बरेली पुलिस, थाने में माफिया को मेहमान का ट्रीटमेंट मिल रहा ओर  हमें बार–बार थाने से दुत्कार कर भगाया जाता है, न्याय नहीं मिला तो हम आत्महत्या को मजबूर होंगे।

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मालाड में गरबा महोत्सव: Love Jihad- मुक्त, ड्रग्ज़- मुक्त संकल्पना पर बहस

Mumbai, Maharashtra:मुंबई | ‘लव्ह जिहाद-मुक्त, ड्रग्जमुक्त गरबा’ संकल्पनेवरून मालाडमध्ये चर्चेला उधाण मुंबईत नवरात्रीच्या उत्सवाची धामधूम सुरू झाली असून, ठिकठिकाणी गरबा महोत्सवांच्या आयोजनाची तयारी अंतिम टप्प्यात आली आहे. मात्र, यंदा मालाड पूर्वेतील रामलीला मैदानावर आयोजित करण्यात येणारा गरबा महोत्सव एका वेगळ्याच संकल्पनेमुळे चर्चेत आला आहे. भाजप आमदार अतुल भातखळकर यांच्या पुढाकाराने आयोजित या महोत्सवाची संकल्पना ‘लव्ह जिहाद-मुक्त आणि ड्रग्जमुक्त गरबा’ अशी ठेवण्यात आली आहे. या गरबा महोत्सवात धार्मिक परंपरा आणि शिस्तीच्या पालनावर विशेष भर दिला जाणार असल्याचं आयोजकांकडून सांगण्यात येत आहे. आयोजकांच्या दाव्यानुसार, गरब्यात सहभागी होणाऱ्या गैर-हिंदू तरुणांनाही कपाळावर टिळा लावणं आणि हातात देवीचा धागा बांधणं बंधनकारक असणार आहे. या अटींचं पालन न करणाऱ्यांना गरबा महोत्सवात प्रवेश दिला जाणार नसल्याचंही आयोजकांनी स्पष्ट केलं आहे. दरम्यान, गरबा महोत्सवात अमली पदार्थांना प्रतिबंध घालणं आणि धार्मिक परंपरेनुसार उत्सव साजरा करणं, हा या आयोजनामागील उद्देश असल्याचं आयोजकांचं म्हणणं आहे. भाजपचे नगरसेवक सिद्धार्थ शर्मा हे या कार्यक्रमाचे आयोजक आहेत. मात्र, गरबा महोत्सवासाठी लागू करण्यात आलेल्या अटी आणि गैर-हिंदू तरुणांसाठी जाहीर करण्यात आलेल्या नियमांमुळे या आयोजनाची चर्चा सुरू झाली आहे. धार्मिक परंपरेचं पालन, उत्सवातील शिस्त आणि प्रवेशासाठी घालण्यात आलेल्या अटी यामुळे मालाड पूर्वेतील हा गरबा महोत्सव यंदा लक्षवेधी ठरण्याची शक्यता आहे. आता या संकल्पनेला नागरिकांचा किती प्रतिसाद मिळतो आणि गरबा महोत्सवाच्या आयोजनावरून कोणत्या प्रतिक्रिया उमटतात, याकडे सर्वांचं लक्ष लागलं आहे.
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517 साल से वैकुण्ठपुर राजबड़े की दुर्गापूजा: बाघ-सिंह का अद्भुत प्रतीक

Jalpaiguri, West Bengal:৫১৭ বছরে বৈকুণ্ঠপুর রাজবাড়ির দুর্গাপুজো, প্রতিমার বাহন সিংহের পাশাপাশি বাঘ! শারদোৎসবের আবহে মেতে উঠছে বাংলা। চারদিকে পুজোর প্রস্তুতি তুঙ্গে। আর এই উৎসবের আবহেই ইতিহাস, ঐতিহ্য ও স্বতন্ত্র আচার-অনুষ্ঠানের সাক্ষী জলপাইগুড়ির বৈকুণ্ঠপুর রাজবাড়ির দুর্গাপুজो। ৫১৭ বছরে পা দিল এই প্রাচীন পুজো। তপ্ত কাঞ্চনবর্ণের দেবী দুর্গা, সঙ্গে সিংহের বদলে বাঘ তাঁর বাহন। শুধু তাই নয়, পুজোর নানা आচার-অনুষ্ঠানেও রয়েছে স্বাতন্ত্র্য। পাঁচ শতাব্দীরও বেশি সময় ধরে পরম্পরা বজায় রেখে আজও সমান মর্যাদায় অনুষ্ঠিত হয় বৈকুণ্ঠপুর রাজবাড়ির শারদোৎসব। শরতের নীল আকাশ, সোনালি রোদ আর কাশফুলের দোলায় আগমনীর সুর। হাতে গোনা কয়েকদিন পরেই বাঙালির শ্রেষ্ঠ উৎসব দুর্গাপুজো। আর সেই পুজোর আবহে নতুন করে উঠে আসছে জলপাইগুড়ির বৈকুণ্ঠপুর রাজবাড়ির প্রাচীন ঐতিহ্য। ৫১৭ বছরের ইতিহাস বুকে নিয়ে আজও স্বমহিমায় উজ্জ্বল এই রাজবাড়ির দুর্গোৎসব। প্রাচীন রীতি মেনেই শুরু হয়েছে পুজোর প্রস্তুতি। নন্দ উৎসবে কাঠামো পুজোর মধ্য দিয়ে প্রতিমা নির্মাণের কাজ শুরু হয়। উৎসবের কাদা খেলার জন্য সংরক্ষিত মাটি দিয়েই তৈরি করা হচ্ছে দেবী প্রতিমা। এখানে মাকে মাছের বিভিন্ন পথ দিয়ে আমিষ ভোগ দেওয়া হয়ে থাকে বলে এমনটাই জানিয়েছেন রাজপুরোহিত শিবু ঘোষাল। এই পুজোর অন্যতম আকর্ষণ দেবী দুর্গার অনন্য রূপ। এখানে দেবী তপ্ত কাঞ্চনবর্ণা। আর পাঁচটা দুর্গাপুজোর সঙ্গে বৈকুণ্ঠপুর রাজবাড়ির পুজোর পার্থক্য চোখে পড়ে দেবীর বাহনেও। এখানে সিংহের পাশাপাশি বাঘ দুর্গার বাহন। রূপোর অস্ত্রসজ্জায় সজ্জিত করা হয় দেবীকে। দেবী দুর্গার সঙ্গে পূজিত হন গঙ্গা, বিষ্ণু, মহেশ্বর, মহামায়া এবং দুই sakhī জয়া ও বিজয়া। চার সন্তান-সহ দেবীকে ঘিরে রাজবাড়ির প্রতিমা বিন্যাসেও রয়েছে নিজস্ব বৈশিষ্ট্য। দুর্গা-সহ অন্যান্য প্রতিমাকে একটি রথের মধ্যে সাজিয়ে রাখা হয়। এই পুজোর আরও একটি বিশেষ আকর্ষণ অষ্টমীর অর্ধরাত্রির পুজো। রাজবাড়ির অন্দরমহলে নির্দিষ্ট রীতি মেনে এই পুজো অনুষ্ঠিত হয়। অতীতে নরবলির প্রচলন থাকলেও বর্তমানে সেই প্রথা বন্ধ। তার পরিবর্তে চালের গুঁড়ো দিয়ে মানুষের অবয়ব তৈরি করে কুশ দিয়ে বিদ্ধ করার একটি বিশেষ আচার পালন করা হয়। এই পুজোর নির্দিষ্ট পর্বে অংশ নিতে পারেন শুধুমাত্র রাজবাড়ির সদস্যরাই। কালিকাপুরাণের বিধি মেনে অনুষ্ঠিত হয় বৈকুণ্ঠপুর রাজবাড়ির দুর্গাপুজো। প্রাচীন আচার, স্বতন্ত্র প্রতিমার রূপ এবং নিজস্ব পুজোর রীতির মধ্য দিয়ে আজও অটুট রয়েছে এই রাজবাড়ির ঐতিহ্য। পুজোকে কেন্দ্র করে প্রতি বছরই রাজবাড়িতে ভিড় জমান বহু মানুষ। ইতিহাসের টান, প্রাচীন পরম্পরা আর দেবীর অভিনব রূপ—সব মিলিয়ে বৈকুণ্ঠপুর রাজবাড়ির দুর্গোৎসব শুধু একটি পুজো নয়, উত্তরবঙ্গের সাংস্কৃতিক ঐতিহ্যের এক গুরুত্বপূর্ণ অধ্যায়। পাঁচ শতাব্দীরও বেশি সময় পেরিয়ে আজও সেই একই নিষ্ঠা, একই পরম্পরা। সময় বদলেছে, বদলেছে উৎসবের ধরন, কিন্তু বৈকুণ্ঠপুর রাজবাড়ির দুর্গাপুজোর স্বাতন্ত্র্য আজও অমলিন। রিপোর্ট :- প্রদ্যুত দাস ( জলপাইগুড়ি )
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ठाकुरपुकुर बाजार में दुकानों में भीषण आग, दमकल ने आग पर पाया नियंत्रण

Baruipur, West Bengal:রাতে ঠাকুরপুকুর থানার অন্তর্গত ঠাকুরপুকুর বাজারে একটি মুদিখানা দোকানে বিধ্বংসী আগুন লাগে। খবর পেয়ে ঘটনাস্থলে আসে দমকলের তিনটি ইঞ্জিন। দমকল সূত্রে জানা যায়, ঘন্টার তিনিকে সময় লাগে আগুন সম্পূর্ণভাবে নেভাতে। প্রথমে একটি মুদিখানা দোকানে আগুন লাগে, তারপর একটি স্টোর রুমে আগুন লাগে। পাশেই থাকে ঠাকুরপুকুর কলেজ। সাথে সাথে সিইএসসি তরফ থেকে বিদ্যুতের লাইন বিচ্ছিন্ন করে দেওয়া হয়। ঘটনা স্থলে থাকে ঠাকুরপুকুর থানার পুলিশ। তবে কিভাবে আগুন লেগেছে এখনো পর্যন্ত পরিষ্কার নয়। স্থানীয়রা জানায় যখন ব্যবসায়ীরা রাতে দোকান বন্ধ করে চলে যায়, সেই সময় একটি মুদিখানা দোকানে আগুনের ফুলকি তারা দেখতে পায়। সম্ভবত ধূপের আগুন থেকে আগুন লাগতে পারে বলে অনুমান। তবে মুদিখানা দোকানের মালিক জানায় শর্ট-সার্কিট থেকে আগুন লেগেছে।
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समस्तीपुर में बाइक सवार बदमाशों ने महिला से पांच लाख की सोने की चेन छीनी

Samastipur, Bihar:समस्तीपुर में बाइक सवार बदमाशों का आतंक, महिला के गले से पांच लाख के सोने की चेन और जितिया झपटी 。 सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई घटना । समस्तीपुर में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। देर शाम हाट से घर लौट रही एक महिला को बाइक सवार दो बदमाशों ने निशाना बनाया ।घटना समस्तीपुर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में संत कबीर कॉलेज के समीप टोटो से उतरते ही बदमाश महिला के गले से सोने की चेन और जितिया झपटकर फरार हो गए। छिनतई किए गए आभूषणों की कीमत करीब पांच लाख रुपये बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। वहीं, पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालकर बदमाशों की पहचान में जुटी है। पीड़ित महिला ने बताया कि हाट से खरीदारी कर टोटो से घर लौट रही थीं। संत कबीर कॉलेज के समीप टोटो से उतरने के दौरान पहले से घात लगाए बाइक सवार दो बदमाशों ने उनके गले से सोने की चेन और जितिया झपट ली। इसके बाद दोनों बदमाश तेजी से फरार हो गए। उनके गले से सोने की चेन और पांच गोलों वाली जितिया छीनकर भाग निकले। छिनतई किए गए आभूषणों की कीमत करीब पांच लाख रुपये बताई जा रही है।घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। पुलिस बदमाशों की पहचान करने और उनकी गिरफ्तारी के लिए मामले की जांच में जुटी है।
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9 अक्टूबर से मेट्रो स्टेशनों में प्रवेश-निकास बंद, नई दिल्ली स्टेशन छोड़कर इंटरचेंज चालू

Noida, Uttar Pradesh:सुरक्षा कारणों से, नीचे दिए गए मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट 9 अक्टूबर, 2026 को रात 9:00 बजे से 10 अक्टूबर, 2026 को शाम 6:00 बजे तक बंद रहेंगे। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां ​​स्थिति की समीक्षा करेंगी और उसी के अनुसार ज़रूरी जानकारी दी जाएगी। हालांकि, नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन को छोड़कर बाकी सभी संबंधित मेट्रो स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी। 1. जनपथ2. पटेल चौक 2. केन्द्रीय सचिवालय 3. लोक कल्याण मार्ग 4. राजीव चौक 5. नई दिल्ली 6. सेवा तीर्थ 7. मंडी हाउस 8. बाराखंभा रोड 9. आईटीओ 10. दिल्ली गेट 11. खान मार्केट 12. रामकृष्ण आश्रम मार्ग 13. झंडेवालान 14. सुप्रीम कोर्ट 15. इंद्रप्रस्थ 16. शिवाजी स्टेडियम 17. दिल्ली हाट-आईएनए 18. हौज़ खास 19. जोर बाग 20. लाजपत नगर 21. जंगपुरा 22. आश्रम 23. जामिया मिल्लिया इस्लामिया 24. चावड़ी बाज़ार 25. जामा मस्जिद 26. करोल बाग 27. राजेंद्र प्लेस 28. विश्व विद्यालय 29. कश्मीरी गेट 30. इन्द्रलोक 31. गुरु तेग बहादुर नगर 32. नेताजी सुभाष प्लेस 33. आज़ादपुर 34. जहांगीरपुरी 35. हैदरपुर बादली मोड़ 36. मजलिस पार्क 37. सीलमपुर 38. मौजपुर-बाबरपुर 39. जाफराबाद 40. स्वागत है 41. यमुना विहार 42. खजूरी खास 43. शाहदरा 44. रिठाला यह मेट्रो स्टेशनों को बंद करने के बारे में पहले साझा किए गए अपडेट में आंशिक संशोधन है।
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दिल्ली यातायात पुलिस ने 10 अक्टूबर 2026 को भारी ट्रैफिक डायवर्ज़न की सूचना जारी की

Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली यातायात पुलिस परामर्श मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए, ज़मीनी हालात के आधार पर 10.10.2026 को सुबह 06:00 बजे से दिल्ली में कई जगहों पर ट्रैफ़िक डायवर्ज़न और पाबंदियाँ लगाई जा सकती हैं। कानून एवं व्यवस्था की स्थिति के मद्देनज़र दिनांक 10.10.2026 को दिल्ली के निम्नलिखित मार्गों पर यातायात प्रभावित हो सकता है और यातायात परिवर्तन प्रातः 06:00 बजे से लागू होंगे: 1. शंकर रोड गोल चक्कर–वंदे मातरम् ‘टी’ पॉइंट से नई दिल्ली की ओर 2. धौला कुआँ फ्लाईओवर 3. झंडेवालान गोल चक्कर 4. पंचकुइयां गोल चक्कर 5. मंडी हाउस गोल चक्कर 6. डॉ. दिनेश नंदिनी डालमिया चौक (डब्ल्यू-पॉइंट) 7. राम चरण अग्रवाल चौक (ए-पॉइंट) 8. मिंटो रोड/दीन दयाल उपाध्याय मार्ग 9. गुरु नानक चौक 10. चेम्सफोर्ड रोड–कनॉट प्लेस बाहरी सर्किल टी-पॉइंट 11. भैरों रोड–एमजीएम (रिंग रोड) टी-पॉइंट 12. लोधी रोड फ्लाईओवर 13. नीला गुम्बद गोल चक्कर 14. मदरसा टी-पॉइंट 15. सम्राट होटल गोल चक्कर 16. सरदार पटेल मार्ग–पंचशील मार्ग क्रॉसिंग 17. भीकाजी कामा प्लेस के नीचे 18. मोती बाग फ्लाईओवर के नीचे 19. रिंग रोड–सैन मार्टिन मार्ग टी-पॉइंट 20. अशोका रोड–जंतर मंतर रोड गोल चक्कर 21. विंडसर पैलेस गोल चक्कर 22. टॉलस्टॉय–जनपथ क्रॉसिंग 23. रेल भवन गोल चक्कर 24. जय सिंह रोड–संसद मार्ग क्रॉसिंग 25. कनॉट प्लेस बाहरी सर्किल–बाराखम्बा रोड टी-पॉइंट 26. गोल डाक खाना गोल चक्कर 27. पटेल चौक गोल चक्कर 28. जय सिंह रोड–अशोका रोड टी-पॉइंट 29. आरएमएल अस्पताल गोल चक्कर 30. कनॉट प्लेस बाहरी सर्किल–संसद मार्ग टी-पॉइंट 31. यात्रियों के लिए परामर्श एवं सुझाव * पहले से योजना बनाएं: यदि आप नई दिल्ली और मध्य दिल्ली से होकर रेलवे स्टेशनों, अंतरराज्यीय बस अड्डों (आईएसबीटी) या हवाई अड्डे की ओर जा रहे हैं, तो कृपया यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें। * गैर-आवश्यक यात्रा से बचें: यात्रियों से अनुरोध है कि गैर-आवश्यक यात्रा न करें। * परिस्थितियों के अनुसार प्रतिबंध: यातायात प्रबंधन संबंधी उपाय परिस्थितियों के अनुसार बदलते रहेंगे तथा मौके की वास्तविक स्थिति के आकलन के आधार पर प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी या यातायात नियंत्रित किया जाएगा। 3. अद्यतन जानकारी प्राप्त करते रहें (वास्तविक समय की जानकारी) ताज़ा जानकारी, वैकल्पिक मार्गों और निरंतर यातायात संबंधी सूचनाओं के लिए कृपया दिल्ली यातायात पुलिस के आधिकारिक माध्यमों को नियमित रूप से देखते रहें I
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वैशाली के महनार में रात की गश्त तेज, पुलिस सीटी बजाकर सड़कों पर उतर आई

Hajipur, Bihar:वैशाली के महनार में चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने रात के अंधेरे में मोर्चा संभाल लिया है। अब सिर्फ थाने में बैठकर निगरानी नहीं, बल्कि अधिकारी खुद सड़कों पर उतरकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। एसडीपीओ प्रवीण कुमार भारी पुलिस बल के साथ देर रात गश्ती पर निकले। बाजार से लेकर गली-मोहल्लों तक पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई है। खास बात यह कि पुलिस पुराने तरीके से सीटी बजाकर गश्त कर रही है। महनार की सड़कों पर रात का सन्नाटा… और उसी सन्नाटे के बीच पुलिस की सीटी की आवाज! वैशाली के महनार में चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस ने रात्रि गश्ती तेज कर दी है। एसडीपीओ प्रवीण कुमार भारी पुलिस बल के साथ देर रात सड़क पर उतरे। पुलिस टीम ने बाजार, गलियों और मोहल्लों में गश्त की। अलग-अलग इलाकों में पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। इस गश्ती अभियान में पुलिसकर्मी और चौकीदार हाथों में डंडे लेकर सीटी बजाते हुए नजर आए। करीब तीन दशक पुराने इस तरीके की वापसी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस की इस पहल का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया है। हालांकि, असली चुनौती इस व्यवस्था को नियमित बनाए रखने और चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण की होगी। अब देखना होगा कि महनार पुलिस की यह नाइट पेट्रोलिंग अपराधियों पर कितना दबाव बनाती है और आम लोगों की सुरक्षा को कितना मजबूत करती है।
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भागलपुर के राघोपुर में गंगा का भीषण कटाव, 125 मीटर तटबंध बह गया

Naya Chak, Bihar:एंकर - भागलपुर के राघोपुर में एक बार फिर गंगा का भीषण कटाव शुरू हुआ है। कल रात 125 मीटर से ज्यादा तटबंध का हिस्सा गंगा में समाया, कई पक्के मकान और झोपड़ीनुमा घर भी कटाव की भेंट चढ़ गए। इलाके में अफरातफरी मची है, लोगों में दहशत है और एक बार फिर अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित ठिकानों पर जाने की मजबूरी सामने आ गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब इसी तटबंध को बचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए, जब मुख्यमंत्री तक मौके का निरीक्षण कर चुके हैं, जब जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग की ओर से लगातार निगरानी की बात कही जा रही थी, तो फिर इतनी बड़ी तबाही कैसे हो गई? भागलपुर के राघोपुर से सामने आई कटाव की यह तस्वीरें कई गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। जिस इलाके में लोग अपने परिवार और सामान के साथ रहते थे, वहां अब कटाव का खतरा मंडरा रहा है। हालात ऐसे बन गए कि लोगों को एक बार फिर अपने घर खाली करने पड़े। पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और लोग किसी अनहोनी की आशंका से डरे हुए हैं। कटाव की गंभीरता को देखते हुए नवगछिया के एसडीओ के. परीक्षित और नवगछिया एसपी वैभव शर्मा रात में ही मौके पर पहुंचे। प्रशासन की ओर से प्रभावित घरों को खाली कराया गया, ताकि लोगों की जान को खतरे में पड़ने से बचाया जा सके। लेकिन सवाल यह है कि आखिर लोगों को बार-बार अपना घर क्यों छोड़ना पड़ रहा है? क्या हर बार प्रशासन की कार्रवाई कटाव शुरू होने के बाद ही होगी, या फिर समय रहते ऐसी व्यवस्था भी की जाएगी जिससे लोगों के घर और उनकी जिंदगी सुरक्षित रह सकें? सबसे अहम बात यह है कि गंगा का जलस्तर घटने के बावजूद इस इलाके में कटाव की रफ्तार तेज हो गई। आम तौर पर बाढ़ के दौरान बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंता की जाती है, लेकिन गंगा का पानी उतरने के समय भी कई संवेदनशील इलाकों में तेज कटाव का खतरा बना रहता है। ऐसे में सवाल उठता है کہ क्या इस इलाके की संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर पर्याप्त तैयारी की गई थी? क्या जलस्तर में उतार-चढ़ाव के साथ कटाव की आशंका का आकलन किया गया था? और अगर खतरे की आशंका थी, तो उसे रोकने के लिए पहले से प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए? पिछले महीने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी यहां पहुंचकर निरीक्षण किया था। उन्होंने दो बार एरियल सर्वे के जरिए स्थिति का जायजा लिया था। इसके बाद भी अगर उसी इलाके में एक बार फिर 125 मीटर से अधिक तटबंध कट जाता है और कई मकान गंगा में समा जाते हैं, तो यह सवाल उठना लाजिमी है कि पहले किए गए निरीक्षण और दिए गए निर्देशों का जमीन पर कितना असर हुआ? इस इलाके से पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र का विधानसभा क्षेत्र जुड़ा है, वहीं ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल भी इसी क्षेत्र से आते हैं। इसके बावजूद स्थानीय लोगों के सामने अपने घर और जमीन को बचाने का संकट खड़ा है.
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