icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
277208
Nityanand SinghNityanand SinghFollow14 Mar 2025, 09:34 am

Ballia: सुरेमनपुर शराब ठेके पर नियमों की अनदेखी, ओवररेटिंग पर हो रही बिक्री

Kotwa, Uttar Pradesh:

बलिया जिले के बैरिया थाना क्षेत्र के सुरेमनपुर में देशी शराब के ठेके पर प्रदेश सरकार की नई आबकारी नीति का खुला उल्लंघन हो रहा है। ठेका सुबह 7 बजे ही खुल जाता है और ओवररेटिंग पर शराब बेची जा रही है। दुकान पर किसी अधिकारी का फोन नंबर, रेट लिस्ट, अनुज्ञापी का नाम और लाइसेंस संख्या नहीं लगी है। सेल्समैन का कहना है कि दुकान खोलने का कोई नियम नहीं है और जिले में सभी दुकानें सुबह से ही खुल जाती हैं। इस मामले में जिला आबकारी विभाग का कहना है कि उन्हें इस अनियमितता की जानकारी नहीं थी, लेकिन अब जांच होगी। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

Advertisement
Advertisement
Advertisement

कर्णप्रयाग घटना: 30 मिनट में ऋषिकेश AIIMS पहुँचाकर पुलिस ने दिखाया मानवीय चेहरा

Rishikesh, Uttarakhand:सलग : घायल निहंग सिख को ऋषिकेश एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया, डॉक्टरों की टीम ने भी मुस्तैदी से उनका इलाज किया उत्तराखंड के कर्णप्रयाग प्रकरण से जुड़ी एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आ रही है। इस घटना के दौरान घायल हुए और एम्स अस्पताल में भर्ती निहंग सिख ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि संकट के समय पुलिस ने जिस तत्परता से काम किया, उसकी वजह से आज वे सुरक्षित हैं। कर्णप्रयाग में हुई घटना के बाद घायल निहंग सिख को ऋषिकेश एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के बेड से जारी एक वीडियो में उन्होंने पुलिस प्रशासन के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है। घायल निहंग सिख ने बताया कि घटना के दौरान उनकी टांग में गंभीर फ्रैक्चर हो गया था, और वे असहाय स्थिति में थे। लेकिन पुलिस ने बिना कोई वक्त गंवाए, तत्काल सक्रियता दिखाई। महज आधे घंटे के भीतर पुलिस की टीम उन्हें घटनास्थल से रेस्क्यू कर अस्पताल ले आई। निहंग सिख ने साफ तौर पर कहा कि अस्पताल में भर्ती होने से लेकर इलाज चलने तक, पुलिस के आला अधिकारी और जवान लगातार उनके संपर्क में रहे। डॉक्टरों की टीम ने भी मुस्तैदी से उनका इलाज किया। पुलिस के इस मानवीय चेहरे और त्वरित कार्रवाई की अब चारों तरफ सराहना हो रही है। अमूमन पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहते हैं, लेकिन कर्णप्रयाग मामले में पुलिस ने आधे घंटे के भीतर घायल को अस्पताल पहुँचाकर और बेहतर इलाज सुनिश्चित कराकर संवेदनशीलता की एक नई मिसाल पेश की है, जिसकी गवाही खुद पीड़ित दे रहा है।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Back to top