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Bahraich271801

बहराइच पुलिस के हत्थे चढ़ा मोबाईल चोरों का झपटमार गैंग

Sept 19, 2024 06:17:50
Bahraich, Uttar Pradesh

बहराइच के थाना दरगाह शरीफ पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने मोबाइल छिनैती करने वाले सक्रिय गैंग के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया, जिसमें गैंग का मुख्य आरोपी भी शामिल है। दरगाह शरीफ पुलिस ने झपटमार गैंग के कब्जे से 9 छीने गए मोबाइल सेट बरामद किए हैं। ये शातिर मोबाइल चोर पिछले लगभग 2 महीनों से पुलिस को परेशान कर रहे थे और महंगे शौक को पूरा करने के लिए राहगीरों से मोबाइल फोन की झपटमारी करते थे।

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TCTanya chugh
Jan 29, 2026 07:34:35
New Delhi, Delhi:CM रेखा गुप्ता भारत मण्डपम में NCW द्वारा आयोजित दो दिवसीय शक्ति संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा: देश के अलग अलग राज्यों से सभी महिलाएं आई हैं महिला sशक्तिकरण का जिम्मा उठाएं आप सबको बधाई जब मैं प्रधानमंत्री के विजन को ध्यान करती हूं तो वह हमेशा भारत को वर्ल्ड प्लेटफॉर्म पर एक सशक्त राष्ट्र के रूप में पेश करते हैं और इसमें महिलाएं अपना योगदान दे उसका हमेशा प्रयास केंद्र सरकार का रहता है इस बार गणतंत्र दिवस की परेड में सेनाओं को नेतृत्व देते हुए हमने वो बहने देखीं जिन्होंने बाइक पर खड़े होकर CRPF की टीम का नेतृत्व किया हमारी सेना में उनके साहस को देखा ऑपरेशन सिंदूर में हमारी देश की दो बेटियां गई कल हमने संसद भवन में उस महिला को राष्ट्रपति अभिभाषण देते देखा जो आदिवासी परिवार से हैं यह सफर भारत की हर नारी ने तय किया हम सभी ने वह दौर देखा है जब भारत में बेटी बचाओ की बात होती थी वह समय ऐसा था जब लोग बेटियों को कोख में ही खत्म कर दिया जाता था उसके बाद अगले पड़ाव पर आए बेटी पढ़ाओ उसके बाद जो आज का चरण है वह है बेटी बढ़ाओ हमारी बेटी आगे बढ़नी चाहिए हर मुकाम वो करना चाहती है उसको उसका अधिकार है महिलाओं के सशक्तिकरण की बात ही नहीं बल्कि वुमन लेड गवर्नेंस और निर्णय की जहां देश की महिला वित्त मंत्री बजट पेश करे जहां राज्य में मुख्यमंत्री जैसा उच्च पद एक महिला को दिया जाता ऐसा सफर तय करने में 78 साल लगे यहां से आगे कहां देश को लेकर जाना है उस भूमिका को तय कारण के लिए हम यहां बैठे हैं केवल कानून नहीं समाज को भी ठीक करने की आवश्यकता है जब हम अपनी बेटियों को बताते हैं कि क्या करना है तो हमे बेटों को भी यह बताने की जरूरत है महिला की इज्जत कोई उधार या एहसान नहीं है वह उनका अधिकार है दिल्ली में एक हफ्ते पहले 6 साल की बच्ची के साथ गैंग रेप हुए करने वाले 3 लड़के 10, 11 और 14 वर्ष के क्या समाज में ऐसे बेटे घरों में होने चाहिए अगर आज उसका यह व्यवहार है तो उसका दोषी कौन है उसका परिवार या समाज की उसके अंदर ऐसी भावना है यह समाज का एक पक्ष है दूसरा, शादियों के बाद बेटी दूसरे घर जाती है क्या उनके साथ में दुर्व्यवहार खत्म हो गया क्या सफेदपोश लोगों के समाज में भी महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा हो रही है वह महिला जिसके पास अच्छी कमाई है वह भी अपने घर परिवार में किसी न किसी बात पर अपमानित होती रहती है 3 दिन पहले एक महिला जो पुलिस कॉन्स्टेबल थी पति ने उससे लड़ाई की और वह मर गई कारण, परिवार ने कहा उस लड़के को दहेज चाहिए था 3 दिन पहले की घटना, काजल नाम की लड़की उसका पति उसे मारता है और वह ब्रेन डेड हो जाती है ऐसे ने लड़कियां महिला आयोग की तरफ उम्मीद के साथ देखती हैं हमने अपनी पहुंच उस लड़की तक बनानी पड़ेगी उसको न्याय देना हमारा दायित्व है ऐसी घटनाएं न हो आज भी यदि कोई लडकी अपने परिवार या ससुराल में पीड़ित होती है तो उसे समझ नहीं आता कि वह जाएगी कहां बहुत बड़ी मात्रा में महिलाएं यही सोच कर अपमान सहती रहती हैं क्योंकि उसके पास साधन नहीं है इसकी चिंता हमे करनी होगी वहीं समाज में शिक्षा हर एक को देनी होगी बेटे बेटी का फर्क हमे लोगों के बीच इस बात को पहुंचना पड़ेगा अगर अपनी बेटी का ध्यान रखते हो तो अपने बेटे को भी समझाना पड़ेगा हमारी जिम्मेदारी हैं इस देश की आधी आबादी को न्याय दिलाने के लिए यदि किसी के सीने में दर्द हो तो हमारे भी आंसू निकले मोदी जी ने हम महिलाओं के लिए 33% आरक्षण दिया हमारी देश के प्रधानमंत्री ने सरकार में निर्णय प्रक्रिया में जगह दी अमित शाह जी के साथ मै एक मीटिंग में थी मैने दो, तीन विषयों पर कहा तब उन्होंने मुझे रोकते हुए कहा कि यह सब आपको बताना नहीं आपको करना है यह स्टेटस आज हम महिलाओं को मिलना जब मैं यहां खड़ी होती हूं तब मुझे लगता है मेरे साथ उन सभी बहनों का सम्मान जुड़ा हुआ है आज अगर मुझसे कोई गलती होती है तो उसको कहीं न कहीं कटघरे में लाया जाता है दिल्ली में लेडीज नाइट शिफ्ट में काम नहीं कर सकती थी मुझे जब इसका ज्ञान हुआ तब मैने हमारी सरकार ने इसके लिए सेफ्टी सिक्योरिटी के प्रावधान के साथ परमिशन दी जो गरीब मजदूर बहनें हैं उनके बच्चों के लिए दिल्ली सरकार ने 500 पालना केंद्र बनाए एक और बेहतर काम हमने किया 10 करोड़ रूपये तक का कोलेट्रल फ्री लोन दिल्ली की बहनों को देने का निर्णय लिया ताकि वह अपने पैरों पर खड़ी हो सके 10,000 नए कैमरे सुरक्षा की दृष्टि से 1 लाख स्मार्ट LED लाइट लगाए ऐसे कई काम हमने किए
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RKRavi Kant
Jan 29, 2026 07:34:14
Noida, Uttar Pradesh:UGC इक्विटी विनियमों पर नोट पायल तडवी और रोहित वेमुला की माताओं - और सुप्रीम कोर्ट के कहने पर - मोदी सरकार और UGC फरवरी 2025 में UGC इक्विटी विनियमों का मसौदा लेकर आए। दिसंबर 2025 में, शिक्षा पर संसदीय स्थायी समिति ने एक रिपोर्ट जारी की, जिसमें अन्य बातों के अलावा, UGC के मसौदा इक्विटी विनियमों की समीक्षा की गई। रिपोर्ट को समिति ने सर्वसम्मति से अपनाया और UGC के मसौदा इक्विटी विनियमों को मजबूत करने के लिए कुछ सिफारिशें कीं - a) मसौदा विनियमों में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 15(4) और 15(5) के तहत OBC को सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों (SEBCs) के रूप में संवैधानिक मान्यता के अनुरूप, जाति-आधारित उत्पीड़न की परिभाषा में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्रों और अन्य हितधारकों के उत्पीड़न को स्पष्ट रूप से शामिल किया जाना चाहिए; b) मसौदा विनियमों में विकलांगता को भेदभाव के एक आधार के रूप में स्पष्ट रूप से शामिल किया जाना चाहिए; c) मसौदा विनियमों द्वारा परिकल्पित इक्विटी समिति में 10 सदस्यों में से केवल एक अनिवार्य महिला सदस्य और SC और ST समुदायों में से प्रत्येक से एक अनिवार्य सदस्य का प्रावधान है। इसे फैकल्टी और छात्र पदों में SC, ST और OBC के लिए 50% आरक्षण के प्रावधान के अनुरूप बढ़ाया जाना चाहिए। तदनुसार, इक्विटी समिति को निष्पक्ष प्रतिनिधित्व और प्रभावी निर्णय लेने को सुनिश्चित करने के लिए अपनी संरचना का आधे से अधिक हिस्सा SC, ST और OBC समुदायों से लेना चाहिए; d) मसौदा विनियमों में, 2012 के विनियमों की तरह, भेदभाव के मामलों की सकारात्मक रूप से पहचान की जानी चाहिए। ऐसे विवरण के बिना, यह संस्थान के विवेक पर छोड़ दिया जाएगा कि कोई शिकायत वास्तविक है या झूठी। तदनुसार, विनियमों में भेदभावपूर्ण prथाओं की एक व्यापक सूची स्पष्ट रूप से शामिल होनी चाहिए; e) मसौदा विनियमों में जाति-आधारित भेदभाव के मामलों का वार्षिक सार्वजनिक प्रकटीकरण, फैकल्टी और प्रशासनिक कर्मचारियों के लिए अनिवार्य संवेदीकरण कार्यक्रम, और सभी उच्च शिक्षा संस्थानों में पर्याप्त मानसिक स्वास्थ्य सहायता और कानूनी सहायता की आवश्यकता होनी चाहिए। जनवरी 2026 में, UGC ने अपने अंतिम इक्विटी विनियम जारी किए, जिसमें समिति की A, B और E पर सिफारिशों को स्वीकार किया गया। हालांकि, इसने संसदीय समिति की C और D पर सिफारिशों को स्वीकार नहीं किया। UGC के अंतिम विनियमों में एक अलग प्रावधान को भी हटा दिया गया, जो भेदभाव के झूठे मामले दर्ज करने के लिए छात्रों को दंडित करता था। इसके पीछे पार्लियामेंटरी कमेटी की सिफारिशों से पूरी तरह आज़ादी की नीति थी। रेगुलेशंस के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स कर रहे हैं और ये ज़्यादातर दो मुद्दों पर केंद्रित हैं - a) ड्राफ्ट रेगुलेशंस में मौजूद उन प्रावधानों को हटाना जो भेदभाव के झूठे मामले दर्ज कराने वाले स्टूडेंट्स को सज़ा देते थे। जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स का मानना है कि इससे जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स और फ़ैकल्टी के खिलाफ़ जातिगत भेदभाव के झूठे मामले दर्ज हो सकते हैं। हालांकि, इस प्रावधान को हटाने का फ़ैसला UGC ने किया था और इसका पार्लियामेंट्री कमेटी की रिपोर्ट से कोई लेना-देना नहीं था। b) रेगुलेशनों में सिर्फ SC, ST और OBC को ही ऐसी कैटेगरी के तौर पर लिस्ट किया गया है जिन्हें जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ सकता है। जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स का दावा है कि जनरल कैटेगरी को बाहर करके, UGC रेगुलेशंस परोक्ष रूप से यह तर्क देते हैं कि जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स ही जातिगत भेदभाव करते हैं। जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स को शामिल न करने का फ़ैसला भी UGC ने ही किया था। कमेटी की रिपोर्ट ने उन समुदायों की लिस्ट में जनरल कैटेगरी को शामिल करने पर कोई टिप्पणी नहीं की जिन्हें जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ सकता है। असल में, यह साफ़ करना कि किन कामों और मामलों को भेदभाव माना जाएगा, इससे न सिर्फ़ स्टूडेंट्स के लिए सुरक्षा मज़बूत होगी, बल्कि रेगुलेशंस का गलत इस्तेमाल करके झूठे मामले दर्ज कराने की संभावना भी कम हो जाएगी। कमेटी ने UGC से यही करने को कहा था (सिफ़ारिश D) लेकिन UGC ने इसे नज़रअंदाज़ करना चुना। अब इस मुद्दे को सुलझाने की पूरी ज़िम्मेदारी UGC और शिक्षा मंत्रालय की है।
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RKRavi Kant
Jan 29, 2026 07:33:34
Noida, Uttar Pradesh:मुंबई: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार के निधन के बाद पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के बयान पर, शिवसेना नेता शायना एनसी ने कहा, "...विपक्ष अपनी घटिया राजनीति खेलने में व्यस्त है। ममता बनर्जी और AAP को इस मौके की गंभीरता को समझना चाहिए और यह समझना चाहिए कि जो नेता 66 साल का है और 6 बार महाराष्ट्र का डिप्टी सीएम रहा है, यह कोई छोटी बात नहीं है। हम परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं... एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर जो निचले स्तर से ऊपर उठा है, यह उनका योगदान है, न सिर्फ बारामती में एक काबिल प्रशासक के तौर पर, बल्कि एक ऐसे नए ज़माने के राजनेता के तौर पर भी जिन्हें ज़मीनी स्तर पर काम करने के लिए याद किया जाएगा। जहाँ तक विपक्ष की बात है, कृपया अपनी साज़िश की थ्योरी अपने घर पर रखें। हो सकता है कि कुछ तकनीकी दिक्कतें रही हों, और हमें इस घटना से सीखने की ज़रूरत है ताकि दूसरे नेता अपनी यात्रा को गंभीरता से लें।
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SMSHARAD MAURYA
Jan 29, 2026 07:32:18
Bhadohi Nagar Palika, Khamaria, Uttar Pradesh:भदोही के छोटे व्यापारियों ने सरकार से बड़ी उम्मीदें जताई हैं। व्यापारियों का कहना है कि बजट में आम जनता और मिडिल क्लास को सीधी राहत मिलनी चाहिए। भदोही के छोटे व्यापारियों का कहना है कि सोने-चांदी पर लगने वाले टैक्स को कम किया जाना चाहिए, ताकि कारोबार को बढ़ावा मिल सके। इसके साथ ही रोजमर्रा की जरूरत की चीजों पर टैक्स में कटौती की मांग की गई है, जिससे महंगाई का बोझ कम हो और मिडिल क्लास परिवार एक व्यवस्थित और संतुलित जीवन जी सके। व्यापारियों ने सरकार से शिक्षा क्षेत्र पर विशेष ध्यान देने की भी अपील की है उनका कहना है कि शिक्षा सस्ती और सुलभ होगी तो आने वाली पीढ़ी मजबूत होगी और देश की अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलेगा, कुल मिलाकर, भदोही के छोटे व्यापारी इस बजट से राहत, स्थिरता और भविष्य की मजबूत नींव की उम्मीद कर रहे हैं।
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HNHEMKANT NAUTIYAL
Jan 29, 2026 07:31:47
Uttarkashi, Uttarakhand:उत्तरकाशी के मोरी ब्लॉक में 22 गांव और तीन पट्टियों (पंचगाई, अडोर और बड़ासु) के ईष्ट देव सोमेश्वर देवता का देवगोती मेला शुरू हुआ। मेले के शुरू होते ही देवता की डोली मंदिर से बाहर लायी गई और जखोल गांव से शुरू होकर यह मेला 22 गांव में मनाया जाएगा। क्षेत्र के लोग बड़े उत्साह और आनंद के साथ मेले को मनाते हैं। देवगोती मेले के दौरान सोमेश्वर देवता की डोली आसन में विराजित की जाती है और क्षेत्रवासियों की कुशलता की आशीष माँगी जाती है। पहले दिन जखोल के राजपुरोहित द्वारा देवता से आज्ञा लेकर तय किया जाता है और डोली को मंदिर से बाहर निकालकर आासन में विराजित किया जाता है ताकि क्षेत्र के लोगों को आशीर्वाद मिले। 22 गांव के लोग मेले के दौरान ढोल-दमाऊ, रणसिंघा आदि वाद्य यंत्रों के साथ पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य-रसो तांदी करते हैं और क्षेत्र की महिलाएं मांगल गीत और लोकल रासो तांदी गीत गाती हैं। देवगोती मेला पूरे 22 गांव का है और क्षेत्र की खुषहाली-समृद्धि की कामना के साथ मनाया जाता है। 11 दिन तक देवता प्रत्येक गांव में एक-एक दिन ठहरेंगे, जखोल गांव के राजपूत के घर पर पहले 11 दिन रहेंगे और फिर प्रत्येक गांव में एक-एक दिन रहेंगे ताकि क्षेत्र के लोगों को देवता का आशीर्वाद मिले।
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PSPIYUSH SHUKLA
Jan 29, 2026 07:30:56
Panna, Madhya Pradesh:मवेशी चराने जंगल गए 50 वर्षीय अधेड़ पर भालू ने किया हमला, प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय रेफर मवेशी चराने जंगल गए 50 वर्षीय व्यक्ति पर भालू के द्वारा हमले करने का मामला सामने आया है। जानकारी अनुसार रामस्वरूप यादव पिता आशाराम यादव उम्र 50 वर्ष निवासी जूही सुबह अपनी भैंसों को चराने के लिए जंगल गए हुए थे, जहाँ झाड़ियों में छिपे भालू ने उन पर हमला कर दिया। जिससे उनके हाथ पैर में गंभीर चोटे आईं, उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। इस दौरान वन विभाग के बीट गार्ड्स ने मौके पर पहुंचकर तत्काल उन्हें सहायता राशि मुहैया कराई और इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
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ASArvind Singh
Jan 29, 2026 07:30:25
Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली हाई कोर्ट ने IRS अधिकारी समीर वानखेड़े की ओर से दायर मानहानि कब मुकदमे को खारिज कर दिया है। वानखेड़े की ओर दायर शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आर्यन खान की निर्देशित Netflix की वेब सीरीज The Bads of Bollywood में उनका चरित्र गलत तरीके से दिखाया गया है, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान हुआ है। उन्होंने इस सीरीज के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था और 2 करोड़ रुपये के हर्जाने की भी मांग की थी। दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि इस मामले में उसका सुनवाई का अधिकार क्षेत्र नहीं बनता, इसलिए वह इस पर सुनवाई नहीं कर सकता। कोर्ट ने कहा कि वानखेड़े अपना मुकदमा किसी उपयुक्त कोर्ट में ले जा सकते हैं। वेबसीरीज के निर्माताओं की तरफ से कहा गया कि यह सीरीज एक वाला व्यंग्य है। इसका मकसद किसी की मानहानि नहीं करना है।
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