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हाथरस में 'संकट टालने' का झांसा देकर घर में घुसे बदमाश, महिला को बेहोश कर लाखों के जेवरात लूटे

GOVIND CHAUHANGOVIND CHAUHANFollow1m ago
Hathras, Uttar Pradesh:हाथरस शहर के कोतवाली सदर क्षेत्र अंतर्गत चक्की बाजार इलाके में सोमवार देर शाम हुई एक दुस्साहसिक वारदात ने लोगों में दहशत फैला दी है। शातिर बदमाशों ने एक महिला को अंधविश्वास का झांसा देकर बेहोश किया और फिर घर में रखे लाखों रुपये के सोने के जेवरात लेकर आसानी से फरार हो गए। मिली जानकारी के अनुसार, पंजाब नेशनल बैंक में कार्यरत संजय जैन की पत्नी सोमवार शाम करीब 5:30 बजे घर से सब्जी लेने निकली थीं। घर के पास ही कुछ अज्ञात बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और बातों में उलझा लिया। बदमाशों ने महिला को विश्वास दिलाया कि उन पर कोई बड़ा संकट आने वाला है और वे विशेष पूजा-पाठ के जरिए इस संकट को टाल सकते हैं। बदमाशों की बातों के जाल में फंसी महिला उन्हें अपने घर ले आई। घर के भीतर प्रवेश करते ही बदमाशों ने किसी संदिग्ध पदार्थ का उपयोग कर महिला को बेहोश कर दिया। इसके बाद उन्होंने इत्मीनान से घर की अलमारी खंगाली और कीमती जेवरात लेकर मौके से रफूचक्कर हो गए। घटना का पता तब चला जब करीब डेढ़ घंटे बाद परिजन घर लौटे। उन्होंने महिला को बेहोशी की हालत में देखा तो घबरा गए। होश में आने पर महिला ने परिजनों को पूरी आपबीती बताई। इसके बाद रात करीब 8 बजे मामले की सूचना कोतवाली सदर पुलिस को दी गई। बदमाशों ने घर को पूरी तरह से निशाना बनाया। रिपोर्ट के अनुसार, लूटे गए सामान में: सोने की तीन जंजीरें, 10 अंगूठियां, एक मंगलसूत्र, चार चूड़ियां, सोने के झुमके व अन्य कीमती आभूषण शामिल हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस ने आसपास के घरों व प्रतिष्ठानों में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस के अनुसार, फुटेज में कुछ संदिग्धों के चेहरे कैद हुए हैं, जिसके आधार पर बदमाशों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। कोतवाली सदर पुलिस का कहना है कि पीड़ित परिवार की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर माल बरामदगी का भरोसा दिया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप की स्थिति है।
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बद्रीनाथ मंदिर चोरी, CEO का दावा—जांच तीन एजेंसियों से, सच अभी उजागर नहीं

Noida, Uttar Pradesh:चमोली, उत्तराखंड | बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के CEO सोहन सिंह रंगड़ का कहना है, "अभी तक किसी और संदिग्ध व्यक्ति का पता नहीं चला है। तीन एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं, इसलिए सच सामने ज़रूर आएगा।"\n\n"CCTV-DVR रिकॉर्ड देने में हमारी तरफ से कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति लंबे समय से काम कर रही है और पहले कभी ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है। एक समय में 15-16 CCTV काम करते हैं। अगर कोई शिकायत हमारे ध्यान में आती है, तो तुरंत कार्रवाई की जाती है। इस मामले में भी ऐसा ही है। हम मानते हैं कि ऐसा हुआ है, लेकिन अब पुलिस जांच कर रही है।
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बरवा ड्रेन की सफाई न होने से 500 एकड़ धान की फसल जलमग्न, किसानों में आक्रोश

ASAmit SinghFollow2m ago
Deoria, Uttar Pradesh:देवरिया जिले के विकासखंड रामपुर कारखाना क्षेत्र के गौरा, बनकट बहादुरपुर और भीमपुर गांवों में बरसात के बाद करीब 400 एकड़ में लगी धान की फसल जलमग्न हो गई है। खेतों में पिछले चार दिनों से पानी भरा होने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि यदि जल्द जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो पूरी फसल सड़कर बर्बाद हो जाएगी। ग्रामीणों के अनुसार इन गांवों से होकर गुजरने वाली बरवा ड्रेन की इस वर्ष समय पर सफाई नहीं कराई गई। ड्रेन में गाद और झाड़-झंखाड़ जमा होने से बारिश का पानी निकासी नहीं हो रहा है। परिणामस्वरूप खेत तालाब में तब्दील हो गए हैं और हाल ही में रोपी गई धान की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है। किसानों का कहना है कि धान की रोपाई पर उन्होंने हजारों रुपये खर्च किए हैं। अब लगातार चार दिनों से खेतों में पानी जमा होने से फसल के खराब होने का खतरा मंडरा रहा है।प्रमोद राय, शिवानंद राय, मृत्युंजय राय, कृष्णकांत त्रिपाठी, मनोज कुमार, संजय राय, वीरेंद्र राय, कैलाश राय, कृष्णानंद विश्वकर्मा, प्रदीप गुप्ता, नंदन गुप्ता, राजेंद्र गुप्ता, नथुनी गुप्ता सहित अन्य किसानों ने बताया कि यदि शीघ्र पानी नहीं निकला तो धान की पूरी फसल नष्ट हो जाएगी, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर टीम भेजकर स्थिति का निरीक्षण कराया जाए, बरवा ड्रेन की तत्काल सफाई कराई जाए तथा प्रभावित किसानों को राहत और मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
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पुलिस हिरासत के दौरान युवक के हाथ कटे, परिवार ने पुलिस पर आरोप

Bareilly, Uttar Pradesh:बरेली के बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस हिरासत के दौरान एक युवक का दाहिना हाथ गंभीर रूप से कट जाने का मामला सामने आया है। युवक एसआरएमएस अस्पताल में भर्ती है। घटना के बाद परिजनों ने पुलिस पर बर्बरता और लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस का कहना है कि युवक ने नशे की हालत में खुद ही थाने में लगे शीशे पर हाथ मार दिया था, जिससे यह हादसा हुआ। चंदपुर बिचपुरी गांव निवासी अनिल के परिजनों के मुताबिक, वह शाम को ड्यूटी से लौट रहा था। रास्ते में गांव की एक महिला पैदल जा रही थी। अनिल ने उसे बाइक से घर छोड़ने की बात कही, लेकिन महिला ने इसे गलत समझते हुए डायल-112 पर छेड़छाड़ की शिकायत कर दी। सूचना मिलने पर पीआरवी पुलिस मौके पर पहुंची और रात में अनिल को घर से थाने ले गई। अनिल की मां लज्जावती का आरोप है कि जब परिवार के लोग रात में बेटे के बारे में जानकारी लेने थाने पहुंचे तो पुलिस ने उनके साथ अभद्रता की और वहां से भगा दिया। अगले दिन सुबह दोबारा जाने पर पुलिस ने बताया कि अनिल को हल्की चोट लगी है। इसके बाद पुलिस परिजनों को भोजीपुरा स्थित एसआरएमएस अस्पताल लेकर पहुंची। अस्पताल पहुंचकर परिजनों के होश उड़ गए। उनका आरोप है कि अनिल खून से लथपथ था और उसका दाहिना हाथ बुरी तरह कट चुका था। डॉक्टरों ने बताया कि रात करीब दो बजे से उसका ऑपरेशन किया गया है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने हाथ काटने की बात कही थी, लेकिन मां ने इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया। फिलहाल युवक का इलाज जारी है। सीओ ने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर अनिल के खिलाफ छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही हिरासत में घायल होने की घटना की भी निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, जबकि परिजन पूरे मामले में पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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पानीपत के 70 साल पुराने स्कूल की इमारत खतरे में, जल्द शिफ्टिंग तय

Panipat, Haryana:पानीपत के शहरी विधायक प्रमोद विज अक्सर शहर में करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का दावा करते हैं। उनका कहना है कि शहर के विकास पर लगातार बड़े पैमाने पर धनराशि खर्च की जा रही है। लेकिन जब शिक्षा जैसी बुनियादी और सबसे महत्वपूर्ण व्यवस्था की बात आती है, तो जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां करती है। शिक्षा ही वह आधार है, जो बच्चों और युवाओं का भविष्य संवारती है, उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाती है और देश की प्रगति में योगदान देने योग्य तैयार करती है। ऐसे में सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति कई गंभीर सवाल खड़े करती है। शुगर मिल स्थित सरकारी प्राइमरी एवं मिडिल स्कूल की जर्जर और कंडम घोषित इमारत इस बात का उदहारण है कि विकास के दावों और वास्तविकता में कितना अंतर है। जहां एक ओर विकास की बातें हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर मासूम बच्चे असुरक्षित भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। विधायक जी, शहर के विकास के साथ-साथ सरकारी स्कूलों की भी सुध लीजिए, क्योंकि मजबूत शिक्षा व्यवस्था ही किसी भी शहर और देश के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी नींव होती है। शहर के शुगर मिल परिसर स्थित करीब 70 साल पुराने सरकारी प्राइमरी एवं मिडिल स्कूल की जर्जर इमारत में आज भी बच्चों की पढ़ाई जारी है। भवन को कंडम घोषित किए जाने के बावजूद यहां रोजाना विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने पहुंच रहे हैं। इमारत की दीवारों और छतों में दरारें होने के कारण किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। हालांकि शिक्षा विभाग ने स्कूल को जल्द दूसरी जगह शिफ्ट करने की बात कही है। स्कूल की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि सुरक्षा के मद्देनजर बच्चों को अपेक्षाकृत सुरक्षित हिस्से में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। गर्मी और उमस के बीच एक ही स्थान पर कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि यदि समय रहते स्कूल को सुरक्षित भवन में स्थानांतरित नहीं किया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। सरकारी मिडिल स्कूल की इंचार्ज मनप्रीत ने बताया कि प्राइमरी स्कूल कई दशक पहले शुरू हुआ था, जबकि मिडिल स्कूल में पहली बार 1 अप्रैल 1995 को प्रवेश हुआ था। उन्होंने बताया कि भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए पिछले वर्ष ही शिक्षा विभाग को पत्र भेजा गया था। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल को शिफ्ट करने के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल को अग्रवाल मंडी स्थित सरकारी स्कूल में स्थानांतरित किया जाएगा। संबंधित विद्यालय का निरीक्षण भी किया जा चुका है तथा 15 जुलाई को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अगले दो से चार दिनों में शिफ्टिंग की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। मनप्रीत ने बताया कि वर्तमान में स्कूल में सुबह और शाम की दोनों शिफ्टों को मिलाकर करीब 160 विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। इनमें सुबह की शिफ्ट में 131 तथा शाम की शिफ्ट में 35 विद्यार्थी हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बच्चों को भवन के अपेक्षाकृत सुरक्षित हिस्से में बैठाया जाता है। प्राइमरी स्कूल के अध्यापक अनिल सांगवान ने बताया कि स्कूल डबल शिफ्ट में संचालित होता है। उनके अनुसार यह विद्यालय शुगर मिल की स्थापना के समय से संचालित हो रहा है और लगभग 70 वर्ष पुराना है। उन्होंने बताया कि शुगर मिल कॉलोनी के भवनों के साथ-साथ स्कूल भवन भी कंडम घोषित किया जा चुका है। शिक्षा विभाग द्वारा निरीक्षण के बाद स्कूल को अग्रवाल मंडी स्थित विद्यालय में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा ने भी पुष्टि की कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्कूल को जल्द ही नए भवन में शिफ्ट कर दिया जाएगा। फिलहाल अभिभावकों की नजर इस बात पर टिकी है कि शिक्षा विभाग अपने दावे के अनुसार कितनी जल्दी बच्चों को सुरक्षित भवन उपलब्ध कराता है, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से पहले इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
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