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Kuldeep ChauhanKuldeep ChauhanFollow20 Jul 2024, 05:21 pm
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हवा में लटका सारना पुल: भारी बारिश से संरचना खतरे में

Dehradun, Uttarakhand:स्लग :--- हवा मे लटका पुल...क्या बच पाएगा...? एंकर :--- विकासनगर सहित पूरे पछवादून को जोड़ने वाला सारना नदी पर बना पुल खतरे की जद में है... लगातार हो रही भारी बारिश के बाद सारना नदी में आए पानी के सैलाब की ताकत के सामने इस पुल की नींव नहीं टिक पाई... पानी का जलस्तर कुछ कम हुआ तो पता चला की पुल के आधे पिलर हवा में लटके हैं...सेलाकुई मे मौजूद इस पुल की नींव पूरी तरह से खोखली हो चुकी है... सारना नदी के विकराल रूप ने जहां एक और शिव बस्ती को नुकसान पहुंचा तो वहीं दूसरी ओर चोई बस्ती को जाने वाली पक्की सड़क को तबाह कर दिया... सड़क के बाद सरकारी स्कूल की बाउंड्री वॉल को भी नदी का ये विकराल रूप निगल गया... पुल पर मंडराते खतरे की खबर को ज़ब जी मीडिया ने प्रमुखता से दिखाया तो जिम्मेदार महकमें हरकत में आए... पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही को रोक दिया गया... लोक निर्माण विभाग की टीम ने बारिश रुकते ही पानी को डायवर्ट करते हुए पुल के ट्रीटमेंट का काम शुरू कर दिया है... लेकिन फिलहाल मौसम खराब बना हुआ है... और अगर मौसम ने साथ नहीं दिया तो इस पुल को बचाना मुश्किल हो सकता है... लोक निर्माण विभाग की टीम के साथ स्थानीय विधायक सहदेव सिंह पुंडीर भी पुल के निरीक्षण के लिए मौके पर पहुंचे और संबंधित अधिकारियों को जल्द पुल के ट्रीटमेंट का काम पूरा करने के निर्देश दिए...
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दतिया में डॉ. नरोत्तम मिश्रा का दूसरा दौरा, कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह

Datia, Madhya Pradesh:उपचुनाव के बाद दतिया पहुंचे डॉ. नरोत्तम मिश्रा, कार्यकर्ताओं में दिखा जबरदस्त उत्साह दतिया। उपचुनाव के बाद पूर्व गृहमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा का दतिया में दूसरा दौरा है। उनके दतिया पहुंचने की सूचना मात्र से ही कार्यकर्ताओं और शहरवासियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। सुबह से ही उनके माई कृपा बंगले पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ जुटी रही। कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ और उत्साह को देखकर डॉ. नरोत्तम मिश्रा भी उत्साहित नजर आए। कृष्ण जन्माष्टमी के पर्व पर उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” का जयघोष किया। बंगले पर लंबे समय तक कार्यकर्ताओं से मुलाकात और संवाद का दौर चलता रहा।
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अंबाला में तेज बारिश से जलभराव, यातायात प्रभावित और जलनिकासी के दावे

Ambala, Haryana:अंबाला शहर में आज हुई तेज बारिश ने एक तरफ लोगों को गर्मी से राहत दी, तो दूसरी तरफ शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल भी खोल दी। बारिश के बाद शहर के कई निचले इलाकों और सड़कों पर पानी जमा हो गया। देखते ही देखते सड़कें जलमग्न नजर आने लगीं। जलभराव के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश के दौरान जलभराव अंबाला में कोई नई समस्या नहीं है। हर बार तेज बारिश के बाद निचले इलाकों में इसी तरह पानी जमा हो जाता है, जिससे लोगों का सामान्य आवागमन प्रभावित होता है। वहीं, कुछ जगहों पर सड़क पर जमा पानी के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान करेगा, ताकि बारिश के दौरान उन्हें बार-बार इन परेशानियों का सामना न करना पड़े।
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खेजरोली से वार्ड 4 नामांकन रद्द: समर्थकों में आक्रोश, निष्पक्ष जांच की मांग

Jaipur, Rajasthan:चौमूं जयपुर जयपुर के खेजरोली से बड़ी खबर वार्ड नम्बर 4 के निर्दलीय प्रत्याशी का नामांकन पत्र हुआ रद्द प्रत्याशी रिछपाल जाट ने दाखिल किए थे दो नामांकन पत्र नामांकन पत्र रद्द होने के बाद लोगों में आक्रोश प्रत्याशी के समर्थक बैठे हैं धरने पर जयपुर के खेजरोली से नगर निकाय चुनाव को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। वार्ड नंबर 4 से निर्दलीय प्रत्याशी रिछपाल जाट का नामांकन पत्र रद्द कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि रिछपाल जाट ने वार्ड नंबर 4 से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर दो नामांकन पत्र दाखिल किए थे। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान निर्वाचन अधिकारी ने एक्शन लेते हुए उनका नामांकन निरस्त कर दिया। नामांकन रद्द होने की सूचना के बाद प्रत्याशी और उनके समर्थकों में आक्रोश देखने को मिला। प्रत्याशी रिछपाल जाट के समर्थक धरने पर बैठ गए। समर्थकों ने नामांकन रद्द किए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उचित कार्रवाई की मांग की। धरने की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। समर्थकों का कहना है कि नामांकन रद्द किए जाने के मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं, मामले को लेकर चुनावी माहौल भी गरमा गया है। इधर गोविंदगढ़ डिप्टी शिवा शर्मा, SHO विनोद सांखला, कालाडेरा SHO पूजा पुनिया सहित पुलिस का जाब्ता मौके पर मौजूद है।
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रायसिंहनगर नगरपालिका चुनाव: चिन्ह आवंटन के बाद प्रचार तेज, मतदान 9 सितंबर

Sri Ganganagar, Rajasthan:रायसिंहनगर नगर पालिका चुनाव को लेकर आज प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह का आवंटन कर दिया गया। रिटर्निंग अधिकारी पूनम चंद की मौजूदगी में प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह दिए गए। किसी प्रत्याशी को अलमारी, तो किसी को टेलीफोन, वहीं कुछ प्रत्याशियों को बांसुरी और सिलाई मशीन सहित अलग-अलग चुनाव चिन्ह आवंटित किए गए। नगर पालिका क्षेत्र के 35 वार्डों में कुल 130 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। इनमें भाजपा के 32, कांग्रेस के 24, निर्दलीय 72, माकपा का 1 और आम आदमी पार्टी का 1 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहा है। चुनाव चिन्ह मिलने के साथ ही अब प्रत्याशियों के प्रचार अभियान ने भी जोर पकड़ लिया है। सभी प्रत्याशी अपने-अपने चुनाव चिन्ह के साथ मतदाताओं के बीच पहुंचकर समर्थन जुटाने में जुट गए हैं। रायसिंहनगर नगर पालिका के लिए 9 सितंबर को मतदान होगा।
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जेडीयू की फरक्का जल संधि पर बिहार हितों को प्राथमिकता देने की जन-जागरण यात्रा शुरू

Patna, Bihar:जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कल यानी 5 सितंबर 2026 से हमारी पार्टी फरक्का जल संधि को लेकर नीतीश संवाद कार्यक्रम की शुरुआत बक्सर से करने जा रही है, जिसका समापन कटिहार में होगा। बक्सर से कटिहार तक गंगा किनारे के तमाम जिलों—भोजपुर, पटना, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार—में जाकर हम लोगों के बीच फरक्का जल संधि के वास्तविक प्रभाव को लेकर जनजागरूकता पैदा करेंगे। बिहार में गंगा बक्सर से प्रवेश करती है और लगभग 450 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद कटिहार के रास्ते पश्चिम बंगाल की ओर जाती है। इसलिए हमने बक्सर से कटिहार तक इस अभियान को चलाने का निर्णय लिया है। हम लोगों को बताएंगे कि आखिर फरक्का बैराज क्या है, फरक्का जल संधि क्या है और पिछले दशकों में इसका बिहार पर क्या प्रभाव पड़ा है। फरक्का बैराज का निर्माण पश्चिम बंगाल में हुआ और भारत-बांग्लादेश के बीच गंगा जल के बंटवारे को लेकर समझौता हुआ। अब जब इस समझौते के नवीनीकरण की बात हो रही है, तो बिहार के हितों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हमारी पार्टी का स्पष्ट स्टैंड है कि फरक्का जल संधि के नवीनीकरण से पहले बिहार के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। बिहार के किसानों, कृषि, बाढ़ और जल प्रबंधन पर इसके जो प्रभाव पड़े हैं, उनका गंभीरता से आकलन होना चाहिए। बिहार वर्षों से बाढ़ और कटाव की मार झेल रहा है। किसानों की फसल प्रभावित होती है, बड़े पैमाने पर जमीन का कटाव होता है और हर साल करोड़ों रुपये का नुकसान होता है। इसलिए हमारा सवाल सीधा है—अगर किसी अंतरराष्ट्रीय समझौते का सबसे ज्यादा खामियाजा बिहार को भुगतना पड़ रहा है, तो उस समझौते के नवीनीकरण में बिहार की आवाज क्यों नहीं सुनी जाए? हमारा अभियान इसी सवाल को बिहार की जनता के बीच ले जाने का अभियान है। बिहार के हितों से समझौता किए बिना ही फरक्का जल संधि पर आगे कोई फैसला होना चाहिए। बिहार के साथ हुए अन्याय का हिसाब अब जनता के सामने रखना जरूरी है। उस समय बिहार में लालू प्रसाद यादव की सरकार थी और केंद्र में देवगौड़ा जी की सरकार थी। दोनों सरकारों के स्तर पर बिहार के हितों को लेकर कोई ठोस पहल नहीं हुई। इसका खामियाजा बिहार को दशकों तक भुगतना पड़ा। आज भी इसका असर साफ दिखाई देता है। हल्की बारिश या बाढ़ के दौरान कई इलाकों में जलजमाव और गाद जमा होने से नदियों की जलधारण क्षमता लगातार कम हुई है। जब बाढ़ का जलस्तर बढ़ता है और पानी निकालने के लिए रास्ते खोले जाते हैं, तो खेतों में पानी भर जाता है। इससे किसानों की फसल बर्बाद होती है और बिहार को हर साल भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। हमारा स्पष्ट मानना है कि अब इस पूरे मामले का गंभीरता से आकलन होना चाहिए कि पिछले कई दशकों में बिहार ने कितना नुकसान झेला है और इसके लिए कौन-कौन जिम्मेदार रहा है। हमारे नेता लगातार इस मुद्दे को विभिन्न मंचों से उठाते रहे हैं। अब पार्टी ने इसे जन-अभियान का रूप देने का फैसला किया है। हम बिहार के सभी जिलों में जाएंगे, पार्टी के कार्यकर्ताओं, स्थानीय लोगों और प्रभावित साथियों से संवाद करेंगे, उनकी समस्याओं को सुनेंगे और उन समस्याओं को एक मंच पर लाकर मजबूती से उठाएंगे। हमारा उद्देश्य सिर्फ राजनीति करना नहीं है, बल्कि बिहार के हितों की आवाज को मजबूती से सामने रखना है। पिछले तीस वर्षों में बिहार ने बाढ़ और जल प्रबंधन की समस्याओं के कारण जो नुकसान झेला है, उसका आकलन होना चाहिए और भविष्य के लिए स्थायी समाधान की दिशा में ठोस नीति बननी चाहिए। इसी उद्देश्य से हम यह जन-जागरण अभियान चला रहे हैं। लोगों को जागरूक करेंगे, उनकी बात सुनेंगे और बिहार के हितों से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे को हर स्तर पर मजबूती से उठाएंगे। इस अभियान की शुरुआत हम बक्सर से कर रहे हैं और इसके माध्यम से बिहार की जनता की आवाज को व्यापक स्तर तक पहुंचाने का काम करेंगे।
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सीवान के लकड़ी नबीगंज में डिग्री कॉलेज स्थल चयन पर ग्रामीणों का विरोध तेज

Siwan, Bihar:एंकर सीवान के लकड़ी नबीगंज में प्रस्तावित डिग्री कॉलेज के स्थल चयन को लेकर विवाद अब सड़क से अदालत तक पहुंचने वाला है। ग्रामीण और जनप्रतिनिधि कॉलेज के लिए चुनी गई जमीन का विरोध कर रहे हैं। आक्रोशित लोगों ने लकड़ी नवीगंज प्रखंड कार्यालय पर पहुंच कर विरोध जताते हुए अंचलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।वहीं लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन हमारी बात नहीं मानता है तो हम हाईकोर्ट जाएंगे और कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।इसके लिए हम लोगों ने चंदा जुटाना शुरू कर दिया है। जरूरत पड़ी तो अपनी जेब से खर्च करेंगे। मुसेपुर में कॉलेज के लिए जमीन चयनित किए जाने का ग्रामीण और जनप्रतिनिधि लगातार विरोध कर रहे हैं।लोगों ने प्रशासन के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि कॉलेज ऐसी जगह होना चाहिए, जहां पूरे प्रखंड के छात्र-छात्राओं की पहुंच आसान हो। कॉलेज प्रखंड मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर ऐसे स्थान पर बनाया जा रहा है, जहां पहुंचना छात्र-छात्राओं के लिए मुश्किल है। वहीं प्रखंड के अंतिम छोर की पंचायतों से यह दूरी करीब 25 से 27 किलोमीटर तक बताई जा रही है। ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता छात्राओं की सुरक्षा को लेकर है। लोगों का कहना है कि चयनित जमीन चवड़ इलाके में है और वहां जाने का रास्ता सुनसान नहर से होकर गुजरता है। ऐसे में दूर-दराज से आने वाली छात्राओं के लिए यह जगह सुरक्षित नहीं मानी जा सकती। ग्रामीणों ने हाईकोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए चंदा जुटाना शुरू कर दिया है। गांव-गांव और लोगों के बीच से पैसे इकट्ठे किए जा रहे हैं। चंदा जुटाकर हाईकोर्ट जाने की तैयारी ने इस पूरे मामले को और गरमा दिया है। अब देखना होगा कि ग्रामीणों के इस विरोध के बाद प्रशासन स्थल चयन को लेकर क्या फैसला करता है। बाइट टू बाइट ग्रामीण जनप्रतिनिधि
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औरंगाबाद में भारी बारिश से मिट्टी का मकान ढहा, पांच लोग दबे; बालिका की मौत

Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra:औरंगाबाद में भारी बारिश की वजह से एक मिट्टी का मकान भरभराकर गिर गया जिसमे एक ही परिवार के पांच लोग दब गए। सबों को इलाज के लिए तत्काल ओबरा सीएचसी लाया गया जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने 12 वर्षीय किशोरी बबली को मृत घोषित कर दिया। घटना ओबरा थाना क्षेत्र के सिहुड़ी गांव की है। परिजनों ने बताया कि आधी रात हुए इस हादसे के वक्त कन्हाई विश्वकर्मा का पूरा परिवार सो रहा था। अचानक घर के गिर जाने से मलबे में दबकर सभी गंभीर रूप से घायल हो गए। फिलहाल सभी घायलों का इलाज औरंगाबाद सदर अस्पताल में चल रहा है।
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जोधपुर में जन्माष्टमी पर सास-बहू का हैंडमेड कृष्ण फोटोशूट बना ट्रेंड

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। मटकी, माखन, बांसुरी और नन्हे कदम... जोधपुर में इन दिनों घर-घर के कान्हा कैमरे के सामने कृष्ण की बाल लीलाओं को जीवंत कर रहे हैं। जन्माष्टमी के रंग में रंगे शहर में बच्चों का कृष्णा फोटोशूट नया ट्रेंड बनकर उभरा है। खास बात यह है कि इस खूबसूरत कल्पना को हकीकत में उतारने के लिए सास-बहू की जोड़ी ने अपने हाथों से पूरा कृष्ण फोटोशूट थीम तैयार किया है, जहां नन्हे कान्हा के साथ मां भी यशोदा मैया के रूप में नजर आ रही । सास-बहू की जोड़ी हिमाक्षी परिहार और संगीता परिहार ने खास अंदाज में तैयार किया है। दोनों ने बच्चों और माताओं के लिए आकर्षक और पूरी तरह हैंडमेड फोटोशूट सेटअप तैयार किया है, जो शहरवासियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इस विशेष सेटअप में भारतीय संस्कृति और भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की झलक देखने को मिलती है। सेटअप में हैंडमेड मटकियां, आर्टिफिशियल गायें, मोर, पुराने जमाने का बेड, बांसुरी और हिरण सहित कई आकर्षक चीजों को शामिल किया गया है। फोटोशूट के दौरान बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में सजाया जाता है। कान्हा की पोशाक, मोर मुकुट, बांसुरी और पारंपरिक सजावट के साथ बच्चों की तस्वीरें खींची जाती हैं, जिससे तस्वीरों में कृष्ण की बाल लीलाओं का जीवंत एहसास दिखाई देता है। मां-बेटे के रिश्ते को खास अंदाज में किया जा रहा कैमरे में कैद इस फोटोशूट की सबसे खास बात यशोदा मैया और बाल कृष्ण का कॉन्सेप्ट है। इसमें बच्चों की माताओं को यशोदा मैया का पारंपरिक लुक दिया जाता है और मां-बच्चे के बीच के भावनात्मक रिश्ते को अलग-अलग पोज और सीन के माध्यम से कैमरे में कैद किया जाता है। कहीं मां और बच्चा मटकी से माखन निकालते नजर आते हैं तो कहीं बांसुरी के साथ कृष्ण की बाल लीलाओं को दर्शाया जाता है। मां और बच्चे के बीच प्रेम और अपनत्व से भरे ये पल फोटोशूट को और भी खास बना रहे हैं।
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जयपुर के गोपीनाथ मंदिर में ठाकुर जी की धड़कन से चलती घड़ी का चमत्कार

Jaipur, Rajasthan:जयपुर का एक ऐसा श्री कृष्ण मंदिर जहाँ भगवान की कलाई पर बँधी हुई घड़ी उनकी धड़कन से चला करती थी. आज भी श्री कृष्ण ने अपनी कलाई पर घड़ी बाँध रखी है. पुरानी बस्ती के गोपीनाथ मंदिर में अनोखी घड़ी और ठाकुर जी का चमत्कार की एक अनूठी परंपरा है आज भी कायम है. पौराणिक मान्यता के अनुसार यह घड़ी ठाकुर जी की धड़कनों से चलती थी. अंग्रेज शासन के दौरान एक अंग्रेज अधिकारी ने इसे चुनौती मानकर परखा और पाया कि घड़ी सच में ठाकुर जी की धड़कन से ही चल रही थी. आखिरकार और क्या मान्यताए है गोपीनाथ मंदिर से जाना संवाददाता आशीष चौहान ने
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सरपंच प्रतिनिधि के साथ सरेआम मारपीट मामला तूल पकड़ रहा, प्रदर्शन बढ़े

Sagar, Madhya Pradesh:सरपंच प्रतिनिधि के साथ सरेआम मारपीट के मामले ने पकड़ा तूल.. यहां एक सरपंच प्रतिनिधि के साथ सरेआम हुई पिटाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है और प्रदर्शनों का दौर जारी है। दरअसल बीते 30 अगस्त को बरा पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि लक्ष्मण सिंह लोधी के साथ सड़क पर बिजली विभाग के कदम कर्मचारियों ने जमकर मारपीट की थी और इस मारपीट में लक्ष्मण सिंह गंभीर घायल हुए थे और अभी भी इलाजरत है, इस मारपीट की जो वजह सामने आई उसके मुताबिक लक्ष्मण अपने इलाके में बिजली की समस्या को लेकर लगातार शिकायतें करते आ रहे हैं और इस बात से कर्मचारी नाराज थे और उन्होंने वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित के पक्ष में बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदर्शन किया और 48 घंटे बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। मामला दर्ज होने के बाद भी पुलिस की सक्रियता नहीं दिखी तो अब लोगों ने सागर एसपी का दरवाजा खटखटाया और मामले की गंभीरता से जांच करने के आग जांच में हीलाहवाली करने वाले पुलिस अफसरों पर कार्यवाही की मांग की गई है。
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दानापुर दियारा में बाढ़, स्कूल बंद—बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रशासन का बड़ा फैसला

Danapur, Bihar:बिहार के दानापुर दियारा में गंगा का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। बढ़ते जलस्तर के साथ कई इलाकों में बाढ़ का पानी घरों, सड़कों और स्कूलों तक पहुंच गया है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों के स्कूलों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का फैसला लिया है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए ये कदम उठाया गया है। जहां कभी बच्चों की चहल-पहल से स्कूल गुलजार रहते थे, आज उन्हीं स्कूलों में बाढ़ का पानी भरा है। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर ने दियारा इलाके में मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। हालात को देखते हुए प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रभावित इलाकों के विद्यालयों में पठन-पाठन बंद करने का निर्णय लिया है। दानापुर SDM विरुपाक्ष विक्रम सिंह ने बताया की बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रभावित विद्यालयों को बंद किया गया है। पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर भी काम किया जा रहा है।
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