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टोंक के महादेवाली मंदिर में सावन श्रद्धालुओं का रेला, भोलेनाथ की जयकारों से गूंजा परिसर

Tonk, Rajasthan:टोंक सावन की आस्था: महादेवाली शिवालय में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, भोलेनाथ के जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर एंकर..टोंक शहर के सबसे प्राचीन शिवालय महादेवाली मंदिर में सावन मास के अवसर पर गुरुवार सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सुबह से मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और विधि-विधान से पूजा-अर्चना का सिलसिला लगातार जारी है। महिलाएं और पुरुष श्रद्धालु अपनी-अपनी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार भगवान भोलेनाथ की आराधना कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना कर रहे हैं। मंदिर परिसर में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से भक्तिमय माहौल बना हुआ है। मान्यता है कि सावन मास भगवान शिव का प्रिय महीना होता है। इस दौरान की गई विशेष पूजा-अर्चना और जलाभिषेक से भगवान शिव प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। इसी आस्था के चलते पूरे सावन माह में महादेवाली मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।
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बड़ोरा के स्काई सिटी में सोफे से कोबरा बरामद, सर्पमित्र ने सुरक्षित निकाला

Betul, Madhya Pradesh:एंकर -बैतूल जिले के बडोरा स्थित स्काई सिटी में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक घर के सोफे के अंदर खतरनाक कोबरा सांप छुपा हुआ मिला। यह मकान महेश बोखारे का बताया जा रहा है, जहां परिवार ने जैसे ही सांप को देखा, दहशत फैल गई। करीब 5 फीट लंबे जहरीले कोबरा का रेस्क्यू सर्पमित्र विशाल विश्वकर्मा ने सुरक्षित तरीके से किया। सांप को पकड़कर बाहर निकाले जाने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। बताया जा रहा है कि लगातार बारिश के चलते सांपों के बिलों में पानी भर जाने से वे अब रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में सावधानी बेहद जरूरी है। घर में सांप दिखाई देने पर घबराएं नहीं,तुरंत सर्पमित्र या वन विभाग को सूचना दें।
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बरसात में ढिकवानी गांव की मुख्य सड़क तालाब बनी, बच्चों- महिलाओं को भारी परेशानियाँ

Baran, Rajasthan:ढिकवानी गांव की मुख्य सड़क बनी तालाब, जरा सी बारिश में 2 फीट तक भरा पानी , स्कूली बच्चों और महिलाओं को हो रही भारी परेशानी बारां जिले के ढिकवानी गांव की मुख्य सड़क पर हल्की सी बारिश भी ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन जाती है। गांव की मुख्य सड़क पर नालियां नहीं होने के कारण सड़क पर 2 से 3 फीट तक पानी भर जाता है, जिससे पूरी सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार मुख्य सड़क ही गांव का प्रमुख आवागमन मार्ग है। पानी भरने से यहां से गुजरने वाले स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार बच्चे स्कूल जाते समय पानी में गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जलभराव के कारण सड़क पर कीचड़ और फिसलन हो गई है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बना रहता है। बरसात के दिनों में यह समस्या और भी विकराल हो जाती है। ग्रामीणों ने कई बार ग्राम पंचायत और प्रशासन को अवगत कराया, लेकिन अब तक न तो नालियों का निर्माण हुआ है और न ही सड़क से पानी निकासी की कोई व्यवस्था की गई है।
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लोकसभा 30 जुलाई 2026: रिपोर्टें और बिलों पर तेज बहस, क्या पास होंगे?

Noida, Uttar Pradesh:लोकसभा: 30 जुलाई 2026 की कार्यसूची सुबह 11 बजे से लोकसभा की कार्यवाही शुरू होगी। प्रश्नकाल के दौरान सूचीबद्ध प्रश्नों के उत्तर दिए जाएंगे। आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से तोखन साहू सदन पटल पर पत्र रखेंगे। नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से मुरलीधर मोहोल सदन पटल पर पत्र रखेंगे। विदेश मामलों की स्थायी समिति की दो रिपोर्टें सदन में पेश की जाएंगी। पहली रिपोर्ट आर्कटिक और अंटार्कटिक क्षेत्रों में भारत की भूमिका और उपस्थिति पर है। दूसरी रिपोर्ट भारत-बांग्लादेश संबंधों पर समिति की सिफारिशों पर सरकार द्वारा की गई कार्रवाई से संबंधित है। नियम 377 के तहत सदस्यों द्वारा विशेष उल्लेख किए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन अध्यादेश, 2026 को अस्वीकार करने का सांविधिक प्रस्ताव विपक्ष की ओर से पेश किया जाएगा। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पर विचार और पारित कराने का प्रस्ताव कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल पेश करेंगे। कार्यसूची के मद संख्या 6 और 7 पर एक साथ चर्चा कराई जा सकती है।
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मुंगेर में एंटी डेंगू माह के तहत स्कूलों में जागरूकता अभियान तेज

Munger, Bihar:मुंगेर: भारत सरकार एवं बिहार सरकार के निर्देश पर जिले में डेंगू एवं चिकनगुनिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एंटी डेंगू माह के तहत व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की टीम विभिन्न सरकारी एवं निजी विद्यालयों में पहुंचकर छात्र-छात्राओं को डेंगू और चिकनगुनिया के लक्षण, बचाव तथा समय पर उपचार की जानकारी दे रही है। विभाग का उद्देश्य बच्चों के माध्यम से परिवार और समाज तक जागरूकता का संदेश पहुंचाना है। इसी कड़ी में बुधवार को कन्या मध्य विद्यालय, छोटी केलाबाड़ी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने पांचवीं से दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को डेंगू और चिकनगुनिया के संक्रमण, इसके फैलने के कारण, लक्षण तथा बचाव के उपायों की विस्तार से जानकारी दी। बच्चों को बताया गया कि डेंगू संक्रमित एडिस मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर मुख्य रूप से साफ और रुके हुए पानी में पनपता है, इसलिए घरों और आसपास के क्षेत्रों में पानी जमा नहीं होने देना सबसे प्रभावी बचाव है। जिला वेक्टर जनहित लोक सलाहकार पंकज कुमार प्रणव ने बताया कि भारत सरकार एवं राज्य सरकार के निर्देशानुसार पूरे जिले में एंटी डेंगू माह मनाया जा रहा है। इसके तहत विद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बताया जा रहा है कि तेज बुखार, शरीर में दर्द, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द या त्वचा पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए। स्वयं दवा लेने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को अपने घरों में कूलर, गमलों, फूलदान, पुराने टायर, टूटे बर्तन और अन्य स्थानों पर जमा पानी को नियमित रूप से साफ करने की सलाह दी जा रही है। इसके अलावा पूरी बांह के कपड़े पहनने, मच्छरदानी का उपयोग करने तथा मच्छरों से बचाव के अन्य उपाय अपनाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। बाइट : पंकज कुमार प्रणव जिला वेक्टर जनहित लोक सलाहकार कार्यक्रम में शामिल सातवीं कक्षा की छात्राएं मोनिका कुमारी और सरस्वती कुमारी ने बताया कि इस जागरूकता अभियान से उन्हें डेंगू एवं चिकनगुनिया के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। अब वे अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी इन बीमारियों से बचाव के उपाय बतानेंगी, ताकि अधिक से अधिक लोग जागरूक होकर संक्रमण से सुरक्षित रह सकें। बाइट : मोनिका कुमारी छात्रा बाइट : सरस्वती कुमारी छात्रा विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक संजीव कुमार ने स्वास्थ्य विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वर्षा ऋतु में डेंगू एवं चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे समय में विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना अत्यंत आवश्यक है। इससे छात्र-छात्राओं में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ती है और वे अपने परिवार तथा समाज को भी सतर्क रहने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रशासन भी समय-समय पर बच्चों को स्वच्छता एवं मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक करता है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की विशेषज्ञ टीम द्वारा दी गई जानकारी बच्चों के लिए अधिक उपयोगी और प्रभावी साबित होती है। बाइट : संजीव कुमार विद्यालय प्रभारी प्रधानाध्यापक स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि डेंगू से बचाव के लिए अपने घर और आसपास साफ-सफाई रखें, कहीं भी पानी जमा न होने दें तथा बुखार आने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें। विभाग का मानना है कि जनभागीदारी और जागरूकता ही डेंगू एवं चिकनगुनिया जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण का सबसे सशक्त माध्यम है।
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कोटा में मगरमच्छों का घुसपैठ, रातभर तीन क्रोकोडाइल आबादी में; रेस्क्यू सफल

Kota, Rajasthan:कोटा कोटा में मगरमच्छों का डेरा : रात को तीन क्रोकोडाइल आबादी में घुसे, वन विभाग ने किया रेस्क्यू कोटा जिले की कोई भी वॉटर बॉडी अब मगरमच्छों से अछूती नहीं है. खाली प्लाटों में भी पानी जमा होने पर मगरमच्छ पहुंच जाते हैं. रेस्क्यू किए तीनों मगरमच्छों को बाद चंबल में छोड़ा कोटा: शहर में बारिश के मौसम में मगरमच्छों का आबादी क्षेत्रों में प्रवेश करना अब आम बात हो गई है. बुधवार रात को एक साथ तीन मगरमच्छ अलग-अलग इलाकों में घुस गए, जिससे वहां दहशत फैल गई. वन विभाग की टीम ने मात्र दो घंटे में तीनों का सफल रेस्क्यू कर उन्हें चंबल नदी में रिलीज कर दिया. इनमें 8 फीट, 5 फीट और 4.5 फीट लंबे मगरमच्छ शामिल थे. कोटा जिले में मगरमच्छों की संख्या अब हजारों में पहुंच गई है. चंबल नदी, नहरें, तालाब और यहां तक कि खाली प्लाट भी इनके लिए आश्रय स्थल बन गए हैं. हर साल करीब 300 मगरमच्छों का रेस्क्यू किया जाता है, फिर भी इनकी संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही. लोगों में डर का माहौल है, क्योंकि यह मगरमच्छ कभी भी किसी भी वाटर बॉडी के रास्ते आबादी में पहुंच सकते हैं. वन विभाग के तकनीकी सहायक वीरेंद्र सिंह हाडा ने बताया कि बोरखेड़ा थाने से सूचना मिली कि अंजलि विहार कॉलोनी में 8 फीट लंबा मगरमच्छ घूम रहा है. सूचना मिलते ही रात दस बजे टीम मौके पर पहुंची और बड़ी मुश्किल से क्रोकोडाइल को काबू में किया. इस दौरान बोरखेड़ा थाना पुलिस ने भी मदद की. मगरमच्छ को वाहन में रखा ही था कि बूंदी रोड पर केशोरायपाटन जाने वाली नहर के पास एक فارم हाउस में मगरमच्छ होने की सूचना मिली. टीम तुरंत वहां पहुंची, जहां करीब 5 फीट लंबा व 40 किलो वजनी मगरमछ़्ा था, जिसे रेस्क्यू किया गया. इसी दौरान बालिता गांव से भी सूचना मिली, जहां 4.5 फीट लंबे क्रोकोडाइल को पकड़ा गया. तीनों को रात करीब 12:30 बजे चंबल नदी में छोड़ा गया. वीरेंद्र ने बताया कि अंजलि विहार और बालिता में घनी आबादी के बीच मगरमछ़्मध्यस्थ के कारण स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल था. उन्होंने तीनों का मुंह और हाथ-पैर बांधकर डंडे, जूट की बोरी और रस्सी की सहायता से रेस्क्यू किया. हजारों की है तादाद: कोटा के उपवन संरक्षक अपूर्व कृष्ण श्रीवास्तव ने बताया कि चंबल नदी मगरमच्छों के लिए अत्यंत अनुकूल है, जिसके चलते यहां इनकी संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है. चंबल के साथ-साथ मगरमच्छ नहरों, तालाबों और अन्य नदियों में भी पहुंच गए हैं. अनुकूल वातावरण, पर्याप्त भोजन और कम मानवीय दखल के कारण इनकी संख्या दोगुनी से अधिक हो रही है. हालांकि, सटीक संख्या गिनना मुश्किल है, लेकिन अब कोटा जिले में इनकी संख्या हजारों में हो गई है. 200 किलो तक वजनी है मगरमच्छ : कोटा जिले में हर साल करीब 300 मगरमछ्रस्य कोटा जिले में हर साल करीब 300 मगरमच्छ रेस्क्यू किए जाते हैं. जिले की लगभग कोई भी वाटर बॉडी अब मगरमच्छों से अछूती नहीं है. यहां तक कि खाली पड़े प्लाटों में भी पानी जमा होने पर मगरमच्छ पहुंच जाते हैं. इनमें 2 फीट से लेकर 15 से 18 फीट तक लंबे और 200 किलो तक वजनी मगरमछ्रस शामिल हैं. कोटा की चंद्रलोई नदी में अकेले 200 से अधिक मगरमच्छ हैं, इसके अलावा तालाबों में भी बड़ी संख्या में मगरमच्छ मौजूद हैं.
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झारखंड बीजेपी ने 103 सदस्यीय प्रदेश कार्यसमिति जारी कर 2029 मिशन की तैयारी

Ranchi, Jharkhand:झारखंड बीजेपी ने अपनी नई प्रदेश कार्यसमिति जारी कर दिया है। कुल 103 लोगों वाली कार्यसमिति जारी कर दिया है। बीजेपी नेता इस टीम के जरिए मिशन 2029 की शंखनाद बता रहे हैं तो वहीं विरोधी इसे नकारे हुए लोगों की जमात बता रहे हैं। बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शहदेव ने कहा, प्रदेश अध्यक्ष ने बहुत ही शानदार टीम का गठन किया है, सभी वर्गों, सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन का ख्याल रखा गया है। पार्टी ने एससी, एसटी और ओबीसी ग्रुप को प्राथमिकताएं दी हैं साथ ही सामान्य जाति को भी बेहतर प्रतिनिधित्व दिया है। महिलाओं को भी अच्छी खासी जगह दी गई है। 2029 के शंखनाद, जीत के शंखनाद को करने के लिए इससे बेहतर टीम का चुनाव आदित्य साहू नहीं कर सकते थे। पूरी उम्मीद है अब उनके नेतृत्व में सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे। बाइट प्रतुल शाहदेव, प्रदेश प्रवक्ता, बीजेपी कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंहा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा नकारे हुए लोगों की पूर्व में कमेटी बनी थी, अब नकारे हुए लोगों की कार्य समिति बनी है, नकारे हुए लोगों से कितना धार मिलेगा। बीजेपी को अब धार नहीं मिल सकता क्योंकि देश के युवा, किसान, छात्र बीजेपी को पूरी तरह से नकार चुके हैं। जब युवा, किसान और छात्र जिस राजनीतिक दल को नकार दे उनकी कार्यसमिति कैसी भी हो कोई फर्क नहीं पड़ता है। झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, इस तरह की बात से हंसी आती है, भारी भरकम कमेटी की बात करते हैं पर माटी का नेता हर घर का चहेता, लोकप्रिय मुख्यमंत्री, इतनी बड़ी शख्सियत ये क्या कर लेंगे। कुछ लोगों का समूह क्या करेगा। हम लोगों ने असम तक में अपनी ताकत दिखाया है, झारखंड में इस बार बीजेपी का सूपड़ा साफ होगा। नाम लेने वाला कोई नहीं बचेगा। इनके पांच पूर्व सीएम चुनाव आते आते बाउंडी लाइन से बाहर दिल्ली दिखेंगे.
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नाले की नियमित सफाई नहीं, बरसात में जलभराव से लोग परेशान

Panchkula, Haryana:राजीव कॉलोनी में नाले की सफाई को लेकर नगर निगम और जनप्रतिनिधियों के दावों पर स्थानीय लोगों ने सवाल खड़े किए हैं। हाल ही में वार्ड पार्षद ज्योति प्रसाद नाले की सफाई कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों ने उनकी कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर करते हुए आरोप लगाया कि पार्षद केवल फोटो खिंचवाने के लिए आते हैं, जबकि क्षेत्र की मूल समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कॉलोनी के साथ लगते नाले की नियमित सफाई नहीं होने के कारण गंदगी का अंबार लगा रहता है। बारिश के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब नाले का गंदा पानी लोगों के घरों में घुस जाता है। इससे घरों में रहने वाले परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है और बीमारी फैलने का खतरा भी बना रहता है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि बरसात के दिनों में नाले का पानी और सीवर का गंदा पानी सड़कों पर भर जाता है, जिससे लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। कई लोगों ने आरोप लगाया कि पीने के पानी की सप्लाई भी प्रभावित होती है और गंदे पानी के मिश्रण की शिकायतें लगातार सामने आती रहती हैं। निवासियों ने कहा कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि घर-घर जाकर बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद क्षेत्र की समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया जाता। लोगों का आरोप है कि वार्ड में सफाई, जल निकासी और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं आज भी बदहाल हैं。 इन मामले में पक्ष जानने के लिए वार्ड पार्षद ज्योति प्रसाद से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठ पाया। ऐसे में क्षेत्रवासियों की शिकायतों पर उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि नाले की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए तथा जलभराव और गंदे पानी की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि बरसात के मौसम में लोगों को राहत मिल सके।
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जौनपुर में जमीन विवाद हिंसक, लाठी-डंडे और फावड़ों से चार घायल, वीडियो वायरल

Jaunpur, Uttar Pradesh:जौनपुर में जमीनी विवाद ने लिया हिंसक रूप, लाठी-डंडे और फावड़े चले, चार घायल; मारपीट का वीडियो वायरल जौनपुर। मड़ियाहूं कोतवाली क्षेत्र के रसूलपुर गांव में जमीन के पुराने विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दो पक्षों के बीच हुई कहासुनी देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई, जिसमें लाठी-डंडों और फावड़े से हमला किए जाने का आरोप है। घटना में दोनों पक्षों के चार लोग घायल हो गए। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, खेत की जुताई और सिंचाई को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से जमकर मारपीट हुई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करते हुए घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़ियाहूं भेजा。 घायलों में एक पक्ष के भोला शंकर पटेल, भरत लाल पटेल और राजब्रिज पटेल, जबकि दूसरे पक्ष के रामधनी पटेल शामिल हैं। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया。 घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है。 मड़ियाहूं कोतवाली प्रभारी ने बताया कि मामले की सूचना प्राप्त हुई है। दोनों पक्षों से तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है。
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