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Ayodhya224123

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पर 1800 करोड़ खर्च, 850 करोड़ और होगा खर्च

Aug 24, 2024 04:20:12
Ayodhya, Uttar Pradesh

अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में वित्तीय वर्ष 2023-2024 का लेखा-जोखा पेश किया गया। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि मंदिर निर्माण और अन्य कार्यों पर अब तक 1800 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं और आगे 850 करोड़ रुपये और खर्च होने का अनुमान है। इस वित्तीय वर्ष में लोगों ने 53 करोड़ रुपये नकद और चेक के माध्यम से दान दिए हैं जबकि 71 करोड़ रुपये ऑनलाइन दान के रूप में जमा हुए हैं। 

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HNHARENDRA NEGI
Jan 08, 2026 13:47:36
:विश्व विक्ष्यात सिद्ध पीठ मां काली काली मठ की देवी आज देवरा यात्रा के दौरान भिन्न भिन्न स्थानों से चलकर रुद्रप्रयाग पहुंच रही है , मां के जनपद मुख्यालय में आने पर भव्य स्वागत किया जा रहा है मां की प्रतीक्षा में श्रद्धालु सुबह से पंख पांवड़े बिछाए हुए हैं । मां आज रुद्रप्रयाग मुख्यालय बाजार में भक्तों को अपना आशीर्वाद देगी ,और रात्रि प्रवास रुद्रप्रयाग महादेव मंदिर में करेगी ,और कल स्नान के लिए धारी देवी श्रीनगर देवप्रयाग के लिए अपना प्रस्थान की तैयारी करेगी ,आपको बता दें की मां काली मठ की काली 7 दिसंबर से देवरा यात्रा पर है पहले मां ने अपने क्षेत्र नौगांव की यात्रा की उसके बाद मां काली गुप्तकाशी ,ओंकारेश्वर होते हुए अगस्त मुनि ,तिलवाड़ा और आज रूद्रप्रयाग पहुंची, मा दो दिन का प्रवास रुद्रप्रयाग में करेगी, जहां मां की अगवाई में श्रद्धालु खड़े हैं। मां के जयकारे से गूंज रही है। बाइट।। लखपत सिंह राणा, अध्यक्ष कालीमठ समिति बाइट।। सुरेशा नंद मुख्य पूजारी कालीमठ गौड़ जी
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AAASHISH AMBADE
Jan 08, 2026 13:45:16
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ASArvind Singh
Jan 08, 2026 13:44:54
Noida, Uttar Pradesh:दिल्ली में फीस बढ़ाने में प्राइवेट स्कूलों की मनमरज़ी नहीं चलेगी. स्कूलों को दिल्ली सरकार के नोटिफिकेशन के मुताबिक फीस तय करने के लिए कमेटी का गठन करना होगा. इस कमेटी में स्कूल प्रबंधन, सरकार के प्रतिनिधि के साथ अभिभावक भी शामिल होंगे. दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार के उस आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसमें राजधानी के निजी स्कूलों को अपनी फीस तय करने और उसे कंट्रोल करने के लिए स्कूल स्तर की कमेटी बनाने का निर्देश दिया गया था. हालांकि, हाईकोर्ट ने स्कूलों को कमेटी के गठन के लिए कुछ अतिरिक्त समय जरूर दिया है. अब स्कूल यह कमेटी 10 जनवरी की जगह 20 जनवरी तक बनाई जा सकती हैं. इसके अलावा कोर्ट ने स्कूल प्रबंधन की ओर से प्रस्तावित फीस की जानकारी कमेटी को भेजने की अंतिम तारीख भी बढ़ाकर 25 जनवरी की जगह 5 फरवरी कर दी गई है. निजी स्कूलों की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई में दिल्ली स्कूल शिक्षा (फीस निर्धारण और नियमन में पारदर्शिता) अधिनियम, 2025 की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई थी. इस नए कानून के तहत निजी स्कूलों में फीस बढ़ाने के लिए एक तीन-स्तरीय कमेटी बनानी होंगी. इस कमेटी में स्कूल प्रबंधन, सरकार के प्रतिनिधि के साथ अभिभावक भी शामिल होंगे. कोर्ट ने दिल्ली सरकार की नोटिफिकेशन पर रोक लगाने से इंकार कर दिया. हालांकि कोर्ट ने निजी स्कूलों की याचिका पर दिल्ली सरकार और LG को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को भी कहा है.
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DKDeepesh Kumar
Jan 08, 2026 13:44:13
Noida, Uttar Pradesh:सरकार की प्रभावी नीतियों से उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट में 53% की वृद्धि यूपी में बढ़ा निवेशकों का भरोसा, एक साल में 309 परियोजनाएं पंजीकृत बेहतर हुई टाउनशिप नीति तो पूंजी निवेश 44 हजार करोड़ से बढ़कर 68 हजार करोड़ तक पहुंचा धार्मिक पर्यटन के विकास से रियल एस्टेट को मिली गति, छोटे शहरों की ओर भी रुख कर रहे हैं निवेशक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उप्र सरकार द्वारा प्रदेश की टाउनशिप नीति को बेहतर करने का नतीजा यहां रियल एस्टेट के क्षेत्र में अद्वितीय वृद्धि के रूप में देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) द्वारा जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2025 में प्रदेश के रियल एस्टेट में 68 हजार 328 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश हुआ है जो 2024 में 44 हजार 526 करोड़ रुपये था। यानी निवेश में 53.5% की प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज हुई है। प्रदेश में बीते एक वर्ष में रिकॉर्ड 309 परियोजनाएं पंजीकृत हुई हैं जो उप्र सरकार की नीतियों के प्रति निवेशकों के भरोसे को दर्शाती हैं। सरकार ने बीते वर्ष टाउनशिप नीति में परिवर्तन करके बिल्डरों के लिए न्यूनतम 25 एकड़ में टाउनशिप बनाने की बाध्यता समाप्त की थी और ये छूट दी गई थी कि वे न्यूनतम 12.5 एकड़ पर टाउनशिप बना सकेंगे। इसके अलावा नई टाउनशिप नीति में आवंटियों के हितों का ध्यान भी रखा गया। 25 एकड़ की टाउनशिप को तीन साल में और इससे ज्यादा की टाउनशिप को अधिकतम 5 साल में पूरा करने के नियम बनाए गए। जबकि पहले की नीतियों के चलते कई परियोजनाएं 8 से 12 साल की अवधि में भी पूरी नहीं हो पाईं और आवंटियों का पैसा फंस गया। टाउनशिप नीति में बदलाव निवेशकों के साथ-साथ आवंटियों के लिए राहत देने वाला सिद्ध हो रहा है। एनसीआर ही नहीं, छोटे शहर भी कर रहे आकर्षित कुछ समय पहले तक एनसीआर यानी नेशनल कैपिटल रीजन उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था, लेकिन वर्ष 2025 के आंकड़े ये बताते हैं अब निवेशकों का रुझान गैर-एनसीआर जिलों और उप्र के छोटे जनपदों की ओर भी बढ़ रहा है। वर्ष 2025 में पंजीकृत हुई कुल 308 परियोजनाओं में से 122 एनसीआर में और 186 परियोजनाएं गैर-एनसीआर क्षेत्रों में स्वीकृत हुईं हैं। इससे स्पष्ट होता है कि उप्र सरकार द्वारा किए गए बुनियादी ढांचे के विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और टियर-2 शहरों के विस्तार का रियल एस्टेट के क्षेत्र में सकारात्मक असर पड़ा है। राजधानी लखनऊ बनी केन्द्र उप्र की राजधानी लखनऊ बीते वर्ष में 67 परियोजनाओं के साथ एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरी है। वहीं अन्य शहरों की बात करें तो बरेली में 15 और आगरा में 14 परियोजनाएं रजिस्टर्ड हुई हैं। इसके अलावा बुलंदशहर, रामपुर, चंदौली, उन्नाव, गोण्डा, मऊ, मिर्जापुर जैसे शहरों तक बिल्डर नए प्रोजेक्ट्स में निवेश कर रहे हैं। धार्मिक पर्यटन से मिल रहा है विस्तार उत्तर प्रदेश में बढ़ते धार्मिक पर्यटन के चलते भी इन शहरों में रियल एस्टेट निवेश बढ़ा है। श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में साल 2025 में 23 परियोजनाएं पंजीकृत हुई हैं। वहीं श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या में 5, बाबा काशी विश्वनाथ के धाम वाराणसी में 9, संगमनगरी प्रयागराज में 7 परियोजनाओं का पंजीकरण हुआ है। उप्र सरकार के प्रयासों से ये शहर बेहतर कनेक्टिविटी, शहरी पुनर्विकास योजनाओं और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों की संख्या में निरंतर वृद्धि के साथ रियल एस्टेट विकास के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरकर सामने आए हैं।
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SKShivam Kumar1
Jan 08, 2026 13:43:31
Noida, Uttar Pradesh:
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PSPramod Sharma
Jan 08, 2026 13:43:21
New Delhi, Delhi:अवैध सिम कार्ड बिक्री से जुड़े साइबर अपराध मामले में CBI की बड़ी कार्रवाई... CBI ने टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर (TSP) के एरिया सेल्स मैनेजर को गिरफ्तार किया है। CBI ने संगठित साइबर अपराध के तकनीकी नेटवर्क को तोड़ने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन चक्र-V के तहत एक टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर (TSP) के एरिया सेल्स मैनेजर को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी अवैध तरीके से सिम कार्ड जारी कर उन्हें साइबर अपराधों में इस्तेमाल कराने के आरोपों में हुई है। CBI के अनुसार, दिसंबर 2025 में एनसीआर/चंडीगढ़ से संचालित एक संगठित फिशिंग नेटवर्क का खुलासा किया गया था। यह नेटवर्क साइबर अपराधियों जिसमें विदेशी तत्व भी शामिल थे को बल्क SMS सेवाएं मुहैया कराता था, जिनका इस्तेमाल भारतीय नागरिकों को निशाना बनाने में किया जा रहा था। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने दूरसंचार विभाग (DoT) के नियमों का उल्लंघन करते हुए करीब 21,000 सिम कार्ड हासिल किए थे, जिनसे फिशिंग मैसेज भेजे जाते थे。 इस मामले में दिसंबर 2025 में TSP के एक चैनल पार्टनर समेत ثلاثة आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। जांच आगे बढ़ने पर एक TSP अधिकारी की भूमिका सामने आई, जो एरिया सेल्स मैनेजर के पद पर रहते हुए बड़े पैमाने पर फर्जी सिम जारी कराने में सक्रिय रूप से शामिल था。 CBI का कहना है कि आरोपी अधिकारी ने डमी लोगों की व्यवस्था की और उन्हें M/s Lord Mahavira Services India Pvt. Ltd. के कर्मचारी बताकर उनके दस्तावेज जमा कराए, ताकि केवाईसी औपचारिकताएं पूरी की जा सकें। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि Bengaluru में रहने वाले एक परिवार के सदस्य भी इन डमी कर्मचारियों में शामिल थे। आरोपी के पास से इन लोगों के आधार कार्ड की प्रतियां बरामद की गई हैं। फर्जी तरीके से हासिल किए गए सिम कार्ड बाद में उसी फिशिंग इकोसिस्टम में इस्तेमाल हुए, जिसका पर्दाफाश CBI ने किया था。 CBI ने बताया कि फिशिंग अधिकांश साइबर धोखाधड़ी की पहली कड़ी होती है। इसमें बड़े पैमाने पर SMS, कॉल या मैसेज भेजकर लोगों को फर्जी लोन, निवेश ऑफर या धमकियों के जरिए फंसाया जाता है। जैसे ही पीड़ित लिंक पर क्लिक करते हैं या अपनी जानकारी साझा करते हैं, वे बड़े घोटालों में उलझ जाते हैं, जिससे अंततः आर्थिक नुकसान होता है。
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PPPoonam Purohit
Jan 08, 2026 13:43:07
Shivpuri, Madhya Pradesh:जमीन विवाद से परेशान बुजुर्ग ट्रांसफार्मर पर चढ़ा समझाइस के बाद उतरा ​शिवपुरी। कलेक्ट्रेट के पास गुरुवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब सतनवाड़ा के अर्जुनगवा निवासी एक बुजुर्ग जमीन विवाद और सुनवाई न होने से आहत होकर बिजली के ट्रांसफार्मर पर चढ़ गए। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और करीब आधे घंटे की मशक्कत व समझाइश के बाद उन्हें सुरक्षित नीचे उतारा। ​ बुजुर्ग के पास साढ़े 22 बीघा जमीन है। उनके पांच बेटों के बीच बंटवारे को लेकर आए दिन झगड़ा होता है। बुजुर्ग का आरोप है कि बेटे उन पर दबाव बनाते हैं और उन्हें धमकाते हैं। पीड़ित बुजुर्ग ने बताया कि पूर्व में शिकायत करने पर बेटों ने उन्हें 'पागल' घोषित करवाकर शिकायत बंद करवा दी थी। एसपी और कलेक्टर से गुहार लगाने के बाद भी सुनवाई न होने से वे दुखी थे। ​ कोतवाली पुलिस ने बुजुर्ग को उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया और समझाइश के बाद उन्हें घर रवाना किया।
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