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चांदवड में गहराई से महिला को सुरक्षित बाहर निकाली गई: सामाजिक कार्यकर्ताओं की बहादुरी ने बचाई उसे

Chandvad, Maharashtra:चांदवडमध्ये काळीज पिळवटून टाकणारी घटना समोर आली आहे. दोन दिवसांपासून बेपत्ता असलेल्या ७५ वर्षीय चंद्रभागा धुळाजी व्हरकटे या बसस्थानक परिसरातील उघड्या विहिरीत पडल्या होत्या. विहिरीतील पाण्याच्या मोटारीची पाईप आणि दोरी घट्ट पकडून त्यांनी तब्बल दोन दिवस अन्न-पाण्याविना मृत्यूशी झुंज दिली. दरम्यान, युवक व सामाजिक कार्यकर्ते गणेश पारवे यांच्या लक्षात आजी जिवंत असल्याचे आले. त्यानंतर सागर यशवंते, नारायण कोकरे आणि सतीश कवडे यांनी विहिरीत उतरून आजींना खाटेच्या मदतीने सुखरूप बाहेर काढले. त्यांना तातडीने १०८ रुग्णवाहिकेने उपजिल्हा रुग्णालयात दाखल करण्यात आले. प्राथमिक उपचारानंतर पुढील उपचारासाठी पिंपळगाव येथील खासगी रुग्णालयात हलवण्यात आले आहे. दरम्यान, आजी विहिरीत नेमक्या कशा पडल्या, याचा तपास चांदवड पोलीस करत आहेत. विशेष म्हणजे, या विहिरींमध्ये यापूर्वीही ४ ते ५ अपघात झाल्याचा दावा नागरिकांनी केला आहे. त्यामुळे भविष्यातील दुर्घटना टाळण्यासाठी विहिरींवर मजबूत सुरक्षा जाळी आणि संरक्षक कठडे बसवण्याची मागणी नागरिकांनी केली आहे.
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हिमाचल में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अधिकारों के लिए भाजपा का तीखा मोर्चा

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का लगभग हर वर्ग सरकार की कार्यशैली से परेशान है। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति उन सेवानिवृत्त कर्मचारियों की है, जिन्होंने अपने जीवन के 30 से 40 वर्ष हिमाचल प्रदेश की सेवा में लगाए और आज अपने अधिकारों व लंबित वित्तीय लाभों के लिए सड़कों पर आंदोलन करने को मजबूर हैं。 डॉ. बिंदल ने कहा कि 70, 75, 80 और यहां तक कि 90 वर्ष की उम्र के बुजुर्गों को अपने पेंशनरी लाभों के लिए धरने-प्रदर्शन करने पड़ रहे हैं। उन्होंने इसे प्रदेश सरकार के लिए शर्मनाक स्थिति बताया। उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायक सेवानिवृत्त कर्मचारियों की आवाज सुनने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में करीब 8,000 सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने विधानसभा का घेराव किया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में लगातार धरने-प्रदर्शन हुए और अब हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारी शिमला पहुंचकर विधानसभा के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा, कांगड़ा समेत दूर-दराज क्षेत्रों से बुजुर्ग कर्मचारी शिमला पहुंच रहे हैं, लेकिन सरकार पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा。 डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार समस्याओं का समाधान करने के बजाय बयानबाजी और जनता को गुमराह करने में लगी है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशनरी बेनिफिट्स, 15 प्रतिशत एरियर, डीए, ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट, कम्यूटेशन और पे एरियर समेत कई वित्तीय लाभ लंबित हैं। मेडिकल बिलों की रिइम्बर्समेंट को लेकर भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में करीब 1.85 लाख सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। सरकार को उनके अधिकारों और समस्याओं के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। सेवानिवृत्त कर्मचारी सरकार से कोई उपकार नहीं, बल्कि अपनी सेवा के बदले मिलने वाले अधिकार मांग रहे हैं。 डॉ. बिंदल ने कहा कि भाजपा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके अधिकार दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम किया जाएगा。
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कपूरथला में परिवार से मिलने के बाद ममता के जीवन में बसी खुशी

Sundar Nagar, Himachal Pradesh:वर्षों से अपने परिवार से बिछड़ी करीब 32 वर्षीय ममता उर्फ मंजू की जिंदगी में खुशी के पल लौट आए, जब कपूरथला में उनके परिवार ने खोज लिया। परिवार से दोबारा संपर्क स्थापित होते ही SDM बल्ह स्मृतिका नेगी ने वीडियो कॉल के माध्यम से ममता से उनके परिजनों से बातचीत करवाई। वर्षों बाद अपनों की आवाज सुनकर ममता की आंखों में खुशी और भावनाएं साफ झलक रहीं। जानकारी के अनुसार ममता उर्फ मंजू को 30 मई 2021 को जिला ऊना में रेस्क्यू किया गया था। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें मंडी के चलाखा, लुनापानी स्थित स्वधार गृह (महिला) में संस्थागत देखभाल और काउंसलिंग प्रदान की गई। स्वधार गृह में रहते हुए ममता ने अपने पिता का नाम गुरनैल सिंह, माता का नाम परमजीत कौर बताया था। उन्होंने खुद को अविवाहित बताते हुए परिवार में तीन भाई और एक बहन होने की जानकारी दी थी। ममता की मातृभाषा पंजाबी है और उन्होंने अपने परिवार का पता जम्मू पैलेस, नवा पिंड, कुष्ठ आश्रम, जिला कपूरथला, पंजाब बताया था। हालांकि, संचार और स्मरण शक्ति से जुड़ी कठिनाइयों के कारण उनके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर परिवार तक पहुंचना आसान नहीं था। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों, स्वधार गृह की टीम और सामाजिक संस्थाओं ने हार नहीं मानी। परिवार की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए गए और विभिन्न स्तरों पर उपलब्ध सूचनाओं का मिलान किया गया। इस दौरान डॉ. रूमा देवी और डॉ. परमिंदर सिंह ने परिवार को तलाशने तथा उनसे संपर्क स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आखिरकार कपूरथला में ममता के परिजनों का पता लगाने में सफलता मिली। इस पूरी प्रक्रिया में SDM बल्ह स्मृतिका नेगी, CDPO जितेंद्र सानी, सबिता चांदा (INDIA CARES), डॉ. रूमा देवी, डॉ. परमिंदर सिंह सहित पूरी टीम का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। अधिकारियों और सामाजिक संस्थाओं के समन्वित प्रयासों से वर्षों से अपने परिवार से दूर रह रही ममता को अपनों तक पहुंचने की नई उम्मीद मिली। परिवार से वीडियो कॉल पर बातचीत के दौरान ममता के चेहरे पर खुशी देखते ही बन रही थी। परिजनों के लिए भी वर्षों बाद अपनी बेटी/परिजन से बातचीत करना भावुक कर देने वाला क्षण रहा। इस दौरान मौजूद अधिकारियों और टीम के सदस्यों ने भी इस भावुक मिलन को एक महत्वपूर्ण मानवीय उपलब्धि के रूप में देखा। ममता को परिवार से जोड़ने की यह पहल सिर्फ एक बिछड़े परिवार के पुनर्मिलन की कहानी नहीं है, बल्कि यह संवेदनशील प्रशासन, सामाजिक संस्थाओं और लगातार किए गए मानवीय प्रयासों की मिसाल भी है।
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फरीदाबाद में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहर में कूड़े का ढेर जमा

Faridabad, Haryana:फरीदाबाद। शहर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल एक महीने से अधिक समय से चल रही है, जिसके कारण सफाई व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर नहीं लौटी है। हड़ताल के कारण शहर के अलग-अलग इलाकों में जगह-जगह कूड़े के ढेर दिखाई दे रहे हैं। गंदगी के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कूड़े के ढेर के आसपास आवारा पशुओं का जमावड़ा बना हुआ है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए हादसे का खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि कई जगहों पर लंबे समय से सफाई नहीं हो पाने के कारण स्थिति बिगड़ती जा रही है। गंदगी और कूड़े के कारण बीमारी फैलने का डर भी सताने लगा है; बदबू और मच्छरों की समस्या बढ़ी है, जिससे घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। नगर निगम की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं और स्थानीय लोगों की मांग है कि हड़ताल का समाधान जल्द निकाला जाए ताकि शहर की साफ-सफाई बहाल हो सके।
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गोहड़ारी पुल टूटने के 12 दिन: स्कूल-यात्रियों को 27 किलोमीटर अधिक दूरी तय, सांसद-व्यापार बाधित

Muju, Jeonbuk State:एमसीबी जिले में छत्तीसगढ़ को मध्य प्रदेश से जोड़ने वाला गोहड़ारी नदी का पुल क्षतिग्रस्त होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुल टूटे 10 से 12 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ है। बसों और भारी वाहनों की आवाजाही बंद है। यात्रियों और स्कूली बच्चों को बस से उतरकर करीब 500 मीटर पैदल चलना पड़ रहा है। 20 अगस्त को भारी बारिश के कारण जनकपुर-शहडोल मुख्य मार्ग पर गोहड़ारी नदी का पुल क्षतिग्रस्त हो गया। सुरक्षा के लिहाज से चार पहिया वाहन, बस, ट्रक और भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। पुल बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को हो रही है; रोजाना करीब 350 से 400 स्कूली बच्चे इस मार्ग से आवागमन करते हैं। प्रशासन ने वाहनों के लिए जनकपुर से ही वैकल्पिक मार्ग तय किया है, जिससे लगभग 27 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। पुल के प्रभावित होने से 83 ग्राम पंचायत और 181 आश्रित गांव भी प्रभावित बताए जा रहे हैं। नगर पंचायत उपाध्यक्ष ने बताया कि पुल में बैरिकोट छूट गया है और पाए को नुकसान हुआ है, सुरक्षा को देखते हुए पुल से आवागमन अभी बंद है।.changbhakhār क्षेत्र का करीब 90 प्रतिशत व्यापार मध्य प्रदेश से जुड़ा हुआ है और यह पुल मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। पुल बंद होने से व्यापारियों के साथ करीब 350 से 400 स्कूली बच्चे भी प्रभावित हो रहे हैं। कांग्रेस ने सरकार पर सवाल उठाए हैं कि पुल क्षतिग्रस्त हुए एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, पर मरम्मत शुरू नहीं हुई। प्रशासन ने तुरंत मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की है। पीडब्ल्यूडी ने कहा स्वीकृति के बाद मरम्मत कार्य किया जाएगा और उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। कलेक्टर ने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था जारी है, फोर व्हीलर वाहनों को परेशानी हो रही है, टू-व्हीलर और पैदल आने-जाने वाले लोग अब भी पुल का उपयोग कर रहे हैं; शासन को एस्टीमेट तैयार कर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। बजट स्वीकृत होने के बाद पुल का निर्माण कार्य कराया जाएगा। 27 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर वाहन now 47 किलोमीटर हो गई है; चार पहिया, बसों, ट्रकों और भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध वैधानिक दंड के साथ लागू है, धारा 223 आदि के उल्लंघन पर जुर्माने की चेतावनी दी गई है। पुल क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों के इलाज, शिक्षा और व्यापार पर असर पड़ रहा है।
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राजस्थान के 309 निकायों में नामांकन स्क्रूटनी के बाद चुनावी तस्वीर साफ होगी

Jaipur, Rajasthan:Anchor- removed content detected. राजस्थान के 309 नगरीय निकायों में चुनावी प्रक्रिया अब अगले अहम पड़ाव पर पहुंच गई है। नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी का काम शुरू हो गया है। 309 निकायों के 10,245 वार्डों के लिए कुल 66,513 नामांकन आवेदन सामने आए हैं। अब जांच के बाद तय होगा कि इनमें से कितने प्रत्याशी चुनावी मैदान में बने रहेंगे। जयपुर नगर निगम की बात करें तो 150 वार्डों में 1,254 प्रत्याशियों ने कुल 1,393 नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। स्क्रूटनी में दस्तावेजों और पात्रता की जांच के बाद कुछ प्रत्याशियों के नामांकन खारिज भी हो सकते हैं। ऐसे में फिलहाल सामने दिख रही चुनावी तस्वीर अंतिम नहीं है। स्क्रूटनी के बाद प्रत्याशियों के पास 3 सितंबर तक नाम वापस लेने का मौका रहेगा। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसी दिन प्रत्याशियों की अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके अगले दिन 4 सितंबर को चुनाव चिह्न आवंटित होंगे। सिंबल मिलते ही निकाय चुनाव का औपचारिक चुनावी युद्ध शुरू हो जाएगा। प्रत्याशियों के पास प्रचार के लिए बेहद कम समय रहेगा। 1 सितंबर से 9 सितंबर शाम 6 बजे तक प्रचार अभियान जोर पकड़ेगा। नामांकन के बाद अब राजनीतिक दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती टिकट से नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं को मनाने और बागियों को साधने की होगी। पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ मैदान में उतरे बागियों को वापस लेने के लिए मान-मनौव्वल का दौर तेज होगा। नाम वापसी के बाद तस्वीर साफ होते ही प्रत्याशी घर-घर जनसंपर्क, नुक्कड़ सभाओं और प्रचार अभियान में पूरी ताकत झोंक देंगे। 9 और 11 सितंबर को मतदान होगा, जबकि चुनाव परिणाम 14 सितंबर को सामने आएंगे। यानी अब अगले कुछ दिन बेहद अहम हैं। स्क्रूटनी से लेकर नाम वापसी, सिंबल आवंटन और मतदान तक अगले 10 दिन तय करेंगे कि निकाय चुनाव में किसके सिर जीत का ताज सजेगा और किसे हार का सामना करना पड़ेगा।
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Statue of Unity पर MOCK drill: सुरक्षा एजेंसी ने आतंकियों को निष्क्रिय किया

Karantha, Gujarat:* *સ્ટેચ્યું ઓફ યુનિટી ખાતે સુરક્ષા વ્યવસ્થાની મોકડ્રિલ યોજાઈ* *બે હથિયારધારી આતંકવાદીઓ ઘૂસ્યા હોવાની પરિસ્થિતિનું નિર્માણ કરી વિવિધ સુરક્ષા એજન્સીઓ દ્વારા સંકલિત ઓપરેશન હાથ ધરાયું* *31મી ઓક્ટોબર-2026ની રાષ્ટ્રીય એકતા પરેડને ધ્યાનમાં રાખીને સુરક્ષા વ્યવસ્થાની સજ્જતા, સંકલન અને ઝડપી પ્રતિસાદ ક્ષમતાનું પરીક્ષણ* વૈશ્વિક પ્રવાસન સ્થળ Statue of Unity ખાતે આગામી 31મી ઓક્ટોબર-2026ના રાષ્ટ્રીય એકતા પરેડને ધ્યાનમાં રાખીને સુરક્ષા વ્યવસ્થાની સજ્જતા ચકાસવા માટે ગતરોજ મોકડ્રિલ (Mock Exercise) યોજવામાં આવી હતી. સ્ટેચ્યૂ ઓફ યુનિટી પરિસરમાં બે હથિયારધારી આતંકવાદીઓ ઘૂસ્યા હોવાની પરિસ્થિતિનું નિર્માણ કરી વિવિધ સુરક્ષા એજન્સીઓ દ્વારા સંકલિત રીતે મોક ઓપરેશન હાથ ધરવામાં આવ્યું હતું. મોકડ્રોલ દરમિયાન નર્મદા જિલ્લા પોલીસ, CISF, SRPF, BDDS ઉપરાંત ફાયર વિભાગના જવાનોોએ પરસ્પર સંકલન સાથે તબક્કાવાર કામગીરી હાથ ધરી હતી. પરિસરમાં આતંકવાદીઓ ઘૂસ્યા હોવાની primairy જાણકારી મળ્યા બાદ સુરક્ષા દળો દ્વારા પરિસ્થિતિનું આકલન કરી જરૂરી કાર્યવાહી હાથ ધરી હતી અને ફૂડ કોર્ટ વિસ્તારમાં ઘૂસેલા બંને આતંકવાદીઓ ને નિષ્ક્રિય કરવામાં આવ્યા હતા. મોક ઓપરેશન દરમિયાન તેમની પાસેથી AK-47 હથિયાર, મોબાઈલ ફોન તેમજ અન્ય સામગ્રી કબજે કરવામાં આવી હતી.
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