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रीवा हादसे पर जैन समाज का आक्रोश: दमोह में प्रदर्शन तेज

Damoh, Madhya Pradesh:रीवा में जैन साध्वियों के साथ हुए हादसे पर जनाक्रोश, दमोह जिले में कई जगहों पर जैन समाज के प्रदर्शन.... रीवा की घटना को लेकर दमोह जिले में भी भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। जिले के अलग अलग हिस्सों जैन धर्मावलम्बियों ने आज प्रदर्शन किया। जिला मुख्यालय पर बड़ी संख्या में महिलाओं बच्चों और पुरुषों ने सड़क पर मौन जुलूस निकाला और घटना का विरोध किया तो जिले के जबेरा में जैन समाज के साथ सर्व समाज सड़को पर रैली निकालकर विरोध जाहिर किया इसके साथ ही जिले के नोहटा में भी साध्वियों के साथ ही घटना को लेकर गुस्सा जाहिर किया गया है。
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हरियाणा के लाखू बुआना के पहलवानों के ओलंपिक 꿈 ने बना डाला नया इतिहास

Panipat, Haryana:मिट्टी में तपता जुनून, आंखों में ओलंपिक का सपना लाखू बुआना के नन्हे पहलवान लिख रहे हरियाणा की नई पहचान पानीपत, राकेश भयाना। हरियाणा कभी पूरे देश में “दूध-दही की धरती” के नाम से जाना जाता था, लेकिन समय के साथ इस मिट्टी ने ऐसे-ऐसे पहलवान पैदा किए जिन्होंने दुनिया भर में भारत और हरियाणा का परचम लहराया। आज हरियाणा को रेसलरों की धरती कहा जाता है। यहां की मिट्टी में बचपन से ही दांव-पेंच सीखने की परंपरा रही है और इसी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है पानीपत जिले का गांव लाखू बुआना। भीषण गर्मी, तपती मिट्टी और सीमित संसाधनों के बावजूद गांव के तीन दर्जन से ज्यादा बच्चे रोज सुबह-शाम अखाड़े में पसीना बहा रहे हैं। इन बच्चों की उम्र महज 6 से 17 वर्ष के बीच है, लेकिन आंखों में सपना ओलंपिक में तिरंगा लहराने का है। कोई किसान का बेटा है तो कोई मजदूर की संतान, लेकिन संघर्ष और मेहनत ने इन बच्चों को उम्र से पहले ही मजबूत बना दिया है। इन खिलाड़ियों को पिछले 15 वर्षों से राष्ट्रीय कोच नरेंद्र मलिक मुफ्त में प्रशिक्षण दे रहे हैं। “फैला उजियारा फाउंडेशन” के माध्यम से चल रही इस पहल ने गांव के बच्चों को नई दिशा देने का काम किया है। संस्था से जुड़े खिलाड़ियों ने खंड स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक 450 से ज्यादा पदक जीतकर गांव और जिले का नाम रोशन किया है। सबसे खास बात यह है कि ओलंपिक मेडल विजेता नवदीप श्योराण भी कभी इसी अखाड़े में कुश्ती के गुर सीखते थे। इसके अलावा यहां से निकले कई खिलाड़ी सेना, पैरामिलिट्री फोर्स, चंडीगढ़ पुलिस और इनकम टैक्स विभाग तक पहुंचे हैं। कई खिलाड़ी खेलो इंडिया और इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिताओं में भी शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं। राष्ट्रीय कोच नरेंद्र मलिक बताते हैं कि वह पिछले 15 वर्षों से बिना किसी शुल्क के बच्चों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य सिर्फ खिलाड़ी तैयार करना नहीं, बल्कि अनुशासन और संस्कारों से भरे अच्छे इंसान बनाना भी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में करीब 25 बच्चे नियमित अभ्यास कर रहे हैं, जबकि अब तक 40 से ज्यादा खिलाड़ी यहां से आगे निकल चुके हैं। हाल ही में तीन बच्चों का चयन खेलो इंडिया में हुआ है। सुबह दो घंटे और शाम को साढ़े तीन घंटे तक बच्चों को अभ्यास कराया जाता है। नरेंद्र मलिक ने कहा कि सरकार ने मैट, जिम और कई खेल उपकरण उपलब्ध करवाए हैं, लेकिन गांव में आधुनिक रेसलिंग हाल और खेल नर्सरी की जरूरत है ताकि बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2036 ओलंपिक को लेकर रखे गए लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए वे बच्चों को तैयार कर रहे हैं। आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले हर्ष का कहना है कि उसे बचपन से ही रेसलिंग पसंद थी। वह सुबह और शाम कई घंटों तक अभ्यास करता है। दिल्ली में हुई प्रतियोगिता में पांचवां स्थान हासिल करने के बाद उसका चयन खेलो इंडिया में हुआ है। अब तक वह पांच-छह मेडल जीत चुका है और उसका सपना देश के लिए खेलना है। तेरह वर्षीय जितेन ने बताया कि उसका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है, लेकिन उसने हार नहीं मानी। वह रोजाना घंटों अभ्यास करता है और भारत के लिए खेलना चाहता है। खेलो इंडिया में चयन होने के बाद उसका आत्मविश्वास और बढ़ गया है। वहीं प्रिंस ने कहा कि नेशनल प्रतियोगिता में पांचवां स्थान मिलने के बाद उसका चयन खेलो इंडिया में हुआ। अब उसका लक्ष्य अपने माता-पिता, कोच और देश का नाम रोशन करना है। ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स खेल चुके सिकंदर ने कहा कि वह सुबह-शाम कड़ी मेहनत करता है। अब तक वह 20 से ज्यादा मेडल जीत चुका है। उसका सपना लॉस एंजिल्स ओलंपिक में भारत के लिए पदक जीतना है। जूनियर कोच आकाश मलिक ने कहा कि उन्होंने भी नरेंद्र मलिक से ही कुश्ती सीखी है। अब वह बच्चों को सिर्फ खेल ही नहीं, बल्कि अनुशासन, पढ़ाई और अच्छे संस्कार भी सिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य बच्चों को उन कठिनाइयों से बचाना है जिनकी वजह से कई खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ पाते। ग्रामीण भी बढ़ा रहे खिलाड़ियों का हौसला गांव के लोग भी इन नन्हे पहलवानों का पूरा साथ दे रहे हैं। अभ्यास के दौरान कई अभिभावक बच्चों के लिए दूध, बादाम और खाने-पीने की चीजें लेकर अखाड़े तक पहुंच जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद बच्चों का समर्पण काबिले तारीफ है। अब गांव और खिलाड़ियों की मांग है कि यहां आधुनिक रेसलिंग हाल और स्थायी खेल नर्सरी बनाई जाए ताकि गांव की प्रतिभाओं को और बेहतर मंच मिल सके और हरियाणा की कुश्ती परंपरा और मजबूत हो सके।
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हाथरस में डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से ट्रांसपोर्ट व्यापारी परेशान, कारोबार ठप होने की कगार पर, किया प्रदर्शन

GOVIND CHAUHANGOVIND CHAUHANFollow1m ago
Hathras, Uttar Pradesh:हाथरस में सोमवार को आगरा रोड स्थित भारत गुड्स कैरियर ट्रांसपोर्ट पर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें लगातार बढ़ रही डीजल और पेट्रोल की कीमतों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। व्यापारियों ने बताया कि ईंधन के बढ़ते दामों के कारण ट्रांसपोर्ट व्यवसाय चलाना दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है। पदाधिकारियों ने कहा कि डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, जबकि ट्रांसपोर्ट भाड़े और किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। इस स्थिति में ट्रांसपोर्ट व्यापारियों को भाड़ा बढ़ाने पर विचार करना पड़ रहा है। उन्होंने दूसरे जनपदों और प्रदेशों से सामान लाने-ले जाने में ट्रांसपोर्ट व्यापारियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया और सभी से सहयोग की अपील की। बैठक में लोकल और बाहरी रूटों के भाड़े को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। इसके उपरांत, ट्रांसपोर्ट व्यापारियों और वाहन चालकों ने डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार से इस संबंध में राहत प्रदान करने की मांग की। इस प्रदर्शन में राहुल गुप्ता, नवजोत शर्मा, रामकुमार गौड़ उर्फ बंटी भैया, बंसी पंडित, रोहित कुमार, अभिषेक शर्मा और देवांशु चौधरी सहित बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्ट व्यापारी और वाहन चालक उपस्थित थे।
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धार भोजशाला फैसले के बाद सीएम यादव का रोडमैप और प्रतिमा लाने की तैयारी

Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल सीएम डॉ मोहन यादव पहुंचे धार भोजशाला भ भोजशाला में सीएम डॉ मोहन यादव ने की पूजा अर्चना सीएम डॉ मोहन यादव ने जी मीडिया से बातचीत में कहा लंबी लड़ाई के बाद जब न्यायालय का फैसला आता है तब देश में उत्सव का माहौल रहता 750 साल का संघर्ष था भ भोजशाला को लेकर न्यायालय का जो फैसला था दूध का दूध पानी का पानी होकर फैसला आया है उसका परिणाम है कि मैं यहां आया हूं कई प्रकार के विकास का कार्य भी हम कर रहे है धार में विकास का एक नया रोड मेप बनेगा मां वाग्देवी की प्रतिमा को लंदन से जल्द से जल्द लाने का प्रयास रहेगा ट्विशा मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा न्यायालय का हम आभार मानते हैं हमने पहले भी कहा घटना पर तत्काल एक्शन लेते पीड़ित पक्ष की भावना के आधार पर चलती है न्यायालय ने हमारी कार्रवाई पर सकारात्मक टिप्पणी की उसके लिए आभार मानता हूं。 One 2 one सीएम डॉ मोहन यादव
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उदयपुर में वंदे जल संरक्षण अभियान की शुरुआत, मंत्री खराड़ी का रोत पर पलटवार

Udaipur, Rajasthan:उदयपुर में आज वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान की शुरुआत टीएडी मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने की। इस अवसर पर आयोजित हुई पत्रकारों से वार्ता में मंत्री खराड़ी ने अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए जल संरक्षण पर सरकार के विजन को रखा। इस दौरान हाल ही में आदिवासी बहुल्य इलाके डूंगरपुर-बांसवाड़ा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दौरे पर बीएपी सांसद राजकुमार रोत के भजन मंडली वाले बयान पर मंत्री खराड़ी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि रोत कुछ भी बोल सकते हैं, उन्हें भला कौन रोक सकता है। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र में भाजपा की बढ़ती ताकत और मुख्यमंत्री के सफल दौरे को देखकर रोत घबरा हुए है। हकीकत यह है कि अब उनकी राजनीतिक जमीन खिसक चुकी है। आपको बता दे कि सांसद राजकुमार रोत ने मुख्यमंत्री के इस दौरे पर निशाना साधते हुए इसे विकास का दौरा मानने से इनकार कर दिया और इसे महज एक भजन मंडली करार दिया।
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बांसवाड़ा में जैन समाज ने सुरक्षा के लिए राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा

Banswara, Rajasthan:जिला - बांसवाड़ा विधानसभा- बांसवाड़ा लोकेशन - बांसवाड़ा एंकर - बांसवाड़ा शहर में जैन समाज ने पदविहारी साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जैन साधु-संतों की सुरक्षा हेतु संविधान में विशेष नियम बनाने और प्रशासन को सख्ती से पालन करवाने की मांग की गई। समाजजनों ने बताया कि हाल ही में मध्यप्रदेश के रीवा में पदविहार कर रही जैन साध्वी की कार की टक्कर से हुई मौत ने पूरे समाज को आहत किया है। मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग भी उठाई गई। ज्ञापन में कहा गया कि जैन साधु-संत अहिंसा, संयम, तप और त्याग के प्रतीक होते हैं तथा पूरी तरह पैदल विहार करते हैं। विहार के दौरान लगातार हादसों का खतरा बना रहता है। समाज ने साधु-संतों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून, सुरक्षित मार्ग और प्रशासनिक निगरानी की मांग की। इस दौरान बांसवाड़ा की विभिन्न दिगंबर जैन समितियां मौजूद रहीं। और सभी ने शहर में मोन जुलुस निकाला。
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गंगा दशमी पर सलूंबर में जल संरक्षण जन अभियान शुरू, सरणी नदी की सफाई

Udaipur, Rajasthan:— गंगा दशमी के अवसर पर सलूंबर में “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” की शुरुआत हुई। सरणी नदी तट पर जनभागीदारी के साथ जल संरक्षण और स्वच्छता का संदेश दिया गया। — अभियान के तहत शीतला माता मंदिर से कंगश माता मंदिर तक कलश यात्रा निकाली गई। महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सरणी नदी किनारे श्रमदान कर प्लास्टिक और कचरे की सफाई की गई, वहीं पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया। मुहम्मद जुनेद पी.पी., जिला कलेक्टर “सरणी नदी भी जीवित है। इसमें कचरा डालना बंद करें। नदी को स्वच्छ रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।” प्रभारी मंत्री खजान सिंह ने कहा कि जल संरक्षण बिना जनभागीदारी के संभव नहीं है। अभियान के तहत अगले 10 दिनों तक जिलेभर में जल स्रोतों की सफाई और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। प्रशासन ने सरणी नदी और कमल तलाई क्षेत्र को स्वच्छ और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का लक्ष्य तय किया है।
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बकरीद पर सार्वजनिक जगह कुर्बानी नहीं, नमाज़ के लिए सड़कों पर रोक नहीं

Noida, Uttar Pradesh:अलीगढ़ (UP): डॉ. रेहान अख्तर कासमी (मुस्लिम विद्वान-AMU) ने कहा - बकरीद पर सार्वजनिक जगहों पर कुर्बानी नहीं, नमाज़ के लिए सड़कों पर रुकावट नहीं / BJP अल्पसंख्यक मोर्चा प्रमुख ने मुसलमानों से बकरीद पर गाय की कुर्बानी न देने की अपील की / UP मदरसा बोर्ड भी 'वंदे मातरम' को अनिवार्य करेगा। वक्ता का मानना ​​है कि BJP अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ को शायद इस बात की जानकारी नहीं है कि भारत में मुसलमान, बहुसंख्यक समुदाय के लिए गाय के धार्मिक महत्व को देखते हुए उसका सम्मान करते हैं और उसे एक प्रतिष्ठित प्रतीक मानते हैं। इसलिए, भारत में कोई भी गाय की कुर्बानी नहीं देता है और न ही ऐसा किया जाना चाहिए; कुर्बानी केवल सरकार द्वारा अनुमत विकल्पों और दिशानिर्देशों के अनुसार ही की जानी चाहिए। सरकार द्वारा वित्तपोषित और मान्यता प्राप्त मदरसों में 'वंदे मातरम' को लागू करने के प्रस्ताव के संबंध में, वक्ता का सुझाव है कि यद्यपि 'वंदे मातरम' के प्रति सम्मान महत्वपूर्ण है, लेकिन इसे ज़बरदस्ती थोपा नहीं जाना चाहिए। इसके बजाय, लचीलेपन के साथ इसकी स्वीकृति और सम्मान को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। वक्ता प्रधानमंत्री के नारे "सबका विश्वास" (सभी का भरोसा) के महत्व पर ज़ोर देते हैं और सुझाव देते हैं कि सरकार के पास हिंदुओं, मुसलमानों, सिखों, ईसाइयों, जैनियों और बौद्धों सहित सभी समुदायों का भरोसा जीतकर प्रगति हासिल करने के लिए एक स्पष्ट रूपरेखा (रोडमैप) होनी चाहिए।
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रीवा में साध्वियों के विरोध में जैन समाज की अहिंसक मौन रैली

Udaipur, Rajasthan:जैन समाज के लोगों ने श्रमण भवन से मौन रैली की शुरुआत की, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए तहसील कार्यालय पहुंची। रैली में महिला-पुरुषों सहित सैकड़ों धर्मावलंबी शामिल हुए। समाजजन हाथों में बैनर और तख्तियां लिए शांतिपूर्वक आगे बढ़ते नजर आए। 20 मई को मध्यप्रदेश के रीवा जिला मुख्यालय के सामने हुई सड़क दुर्घटना में राष्ट्र संत आचार्य विद्यासागर महाराज की शिष्याएं आर्यिका श्रुतमति माताजी और आर्यिका उपशममति माताजी का निधन हो गया था। समाज का आरोप है कि सीसीटीवी फुटेज देखने पर यह हादसा सामान्य दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित घटना प्रतीत होती है।
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भीनमाल में युवक पर जानलेवा हमला, 36 समुदायों ने CM को ज्ञापन सौंपा

Jalore, Rajasthan:भीनमाल : युवक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में 36 कौम व व्यापार मंडल ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा, ज्ञापन में सभी नामजद आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, संगठित अपराध के तहत कार्रवाई व आरोपियों की संपत्तियां कुर्क करने की मांग की गई। धरने को विधायक रतन देवासी, डॉ. समरजीत सिंह और पूर्व पालिकाध्यक्ष सांवलाराम देवासी सहित व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने संबोधित किया। कहा गया कि घटना को लेकर शहर में आक्रोश व असुरक्षा का माहौल है; मामलों में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई।
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गर्मी में सत्यापन केंद्र: जमशेदपुर में महिलायें परेशान, पानी-छांव नहीं

Jamshedpur, Jharkhand:जमशेदपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय में इन दिनों मैया सम्मान योजना के सत्यापन को लेकर भारी भीड़ उमड़ रही है… लेकिन भीषण गर्मी में यह सत्यापन महिलाओं के लिए बड़ी परेशानी बनता जा रहा है। 42 से 43 डिग्री की चिलचिलाती धूप में दूर-दराज से पहुंची महिलाएं घंटों लाइन में खड़े होकर सत्यापन कराने को मजबूर हैं। हालात ऐसे हैं कि तेज धूप और गर्मी की वजह से कई महिलाएं बेहोश तक हो रही हैं। वहीं मौके पर प्रशासनिक व्यवस्थाओं की कमी भी साफ नजर आई। महिलाओं के लिए ना पर्याप्त छाँव की व्यवस्था की गई है और ना ही पीने के पानी की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई गई है। तपती धूप में लाइन में खड़ी महिलाएं प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताती दिखाई दीं। महिलाओं का कहना है कि पहले योजना की राशि मिल रही थी, लेकिन सत्यापन प्रक्रिया शुरू होने के बाद भुगतान बंद हो गया है। इसी वजह से मजबूरी में उन्हें इस भीषण गर्मी में घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। स्थिति इतनी खराब हो गई कि लाइन में खड़ी महिलाएं आपस में उलझती भी नजर आईं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि सरकार और जिला प्रशासन ने सत्यापन के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं भाजपा नेता अभय चौबे ने जिला प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पूरी तरह प्रशासनिक विफलता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सत्यापन के नाम पर भीषण गर्मी में परेशान किया जा रहा है, जबकि मौके पर ना पानी की व्यवस्था है और ना ही छांव की। उन्होंने मांग की कि महिलाओं की सुविधा को देखते हुए स्थानीय नगर निकाय, नगर निगम और प्रज्ञा केंद्रों में भी सत्यापन केंद्र बनाए जाएं, ताकि दूर-दराज से आने वाली महिलाओं को राहत मिल सके और उन्हें इस भीषण गर्मी में परेशान हो रही है。
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