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Vineet Kumar AgarwalVineet Kumar AgarwalFollow15 Jan 2025, 11:29 am

Amroha - समिति की बैठक में अध्यक्ष पद का हुआ बदलाव

Amroha, Uttar Pradesh:

समिति की बैठक में अध्यक्ष पद का हुआ बदलाव ,ग्राम बिजोरा में 15 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर मै. महाराजा दक्ष माटीकला औद्योगिक उत्पादन सहकारी समिति लि. की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक प्रकाश प्रजापति के आवास पर संपन्न हुई, जिसमें समिति के सदस्यों व स्थानीय ग्रामवासियों ने भाग लिया। बैठक में अध्यक्ष प्रकाश प्रजापति ने अपने त्यागपत्र की घोषणा की और सर्वसम्मति से डॉ. उत्तम सिंह प्रजापति को नया अध्यक्ष चुना गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और उत्पादन गुणवत्ता में सुधार पर चर्चा करना था, सदस्यों ने औद्योगिक उपकरणों के आधुनिकीकरण और कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। 

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सात मंजिला से गिरा मजदूर, मौत, मुआवजे की मांग को लेकर धरना

Manoj KumarManoj KumarFollow3m ago
Bbrasi, Uttar Pradesh:निर्माणाधीन पुलिस लाइन के सातवीं मंजिल से गिरा मजदूर। मौत ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर किया धरना प्रदर्शन, विधायक सकलडीहा भी हुए शामिल सकलडीहा। स्थानीय क्षेत्र की भोजपुर गांव स्थित निर्माणाधीन पुलिस लाइन की सातवें मंजिल से गिरकर 33वर्षीय अशोक राय पिता रामजी राय मजदूर की मौत हो गई । इस घटना को लेकर पूरे परिवार में कोहरा मच गया एवं ग्रामीणों में मातम छा गया। मजदूर अशोक की मौत की घटना को लेकर उग्र ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन करने लगे वही सकलडीहा विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव ने भी धरना प्रदर्शन में शामिल होकर पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद के रूप में मुआवजे की मांग करने लगे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ ग्रामीण ने प्रदर्शन एवं धरना को देख मौके पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स म मौजूद होगयी हैं। अशोक राय की माता सुनुता देवी, पत्नी गुड़िया,तीन पुत्रीया अर्पिता-13, अंकिता- 10, अंतिमा -8 ,पुत्र आरुष-4 को रो-रोकर बुरा‌ हाल है अशोक राय के मेहनत मजदूरी से घर का जीविकोपार्जन का कार्य होता है ।परिवार का सहारा टुट गया जि सकी आर्थिक मदद के लिए ग्रामीण सहित विधायक मुआवजे की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर‌ रहे है
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भाजपा को वोट चोरी की यूनिवर्सटी खोलनी चाहिए,अखिलेश का भाजपा पर हमला

VIVEK DUBEYVIVEK DUBEYFollow6m ago
Etawah, Uttar Pradesh:इटावा के सैफई में शिक्षक-स्नातक एमएलसी चुनाव में मतदान करने पहुंचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वोट डालने के बाद भाजपा पर जमकर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने फर्जी मतदान और वोट चोरी के आरोपों को लेकर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को ‘वोट चोरी की यूनिवर्सिटी’ खोलनी चाहिए और अपने कार्यकर्ताओं को तीन साल का कोर्स कराना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों से सूचना मिल रही है कि भाजपा के लोग सपा समर्थकों को मतदान से रोक रहे हैं और मतदान केंद्रों पर दहशत का माहौल बनाया जा रहा है। अखिलेश ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उम्मीद है चुनाव आयोग नींद की गोली खाकर नहीं सो रहा होगा। उन्होंने निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान की मांग की। अखिलेश यादव के साथ सैफई मतदान केंद्र पर सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने अपनी पत्नी सरला यादव के साथ मतदान किया, जबकि करहल विधायक तेज प्रताप यादव ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कांग्रेस के साथ सीट शेयरिंग के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि कांग्रेस के साथ सीट शेयरिंग को लेकर बात हो गई है, हालांकि उन्होंने कांग्रेस की ओर से 170 सीटों की सूची दिए जाने के सवाल पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। आजम खान से मुलाकात के सवाल पर अखिलेश ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर भाजपा के लोग कोर्ट से न मिलें और झूठे मुकदमे न लगाएं तो आजम खान जेल से बाहर होंगे। उन्होंने कहा कि न्याय और सच्चाई को भ्रष्ट अधिकारी कैद नहीं कर सकते। वहीं, विपक्षी नेताओं के चेहरों पर रावण का चेहरा लगाकर लगाए गए पोस्टरों के सवाल पर अखिलेश ने बिना नाम लिए भाजपा सरकार पर तंज कसा। उन्होंने रामायण का जिक्र करते हुए कहा कि रावण भेष बदलकर आया था और आज भी एक बार भेष बदलकर पिछले दस साल से जनता को लूटने का काम किया जा रहा है। अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं से विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटने की अपील की और भाजपा को हराना अपना लक्ष्य बताया। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाते हुए उसे विफल करार दिया।
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जोधपुर नगर निगम का अतिक्रमण हटाओ अभियान, शाम को घंटाघर तक पहुँचा

Jodhpur, Rajasthan:त्योहारी सीजन में यातायात सुगम बनाने की कवायद, आखलिया से प्रताप नगर और कायलाना चौराहे तक कार्रवाई, शाम को घंटाघर क्षेत्र में भी चला अभियान जोधपुर, 23 अक्टूबर। त्योहारी सीजन को देखते हुए जोधपुर नगर निगम ने अतिक्रमण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। शुक्रवार को निगम की अतिक्रमण टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों में कार्रवाई करते हुए दुकानों के बाहर और सड़कों पर रखा सामान जब्त किया। इस दौरान करीब 10 गाड़ी सामान जब्त किया गया। वहीं, यातायात में बाधा बन रहे हाथ ठेलों को भी व्यवस्थित करवाया गया。 आखलिया से प्रताप नगर होते हुए कायलाना चौराहे तक कार्रवाई नगर निगम आयुक्त राहुल जैन के निर्देशानुसार अतिक्रमण टीम ने आखलिया से प्रताप नगर होते हुए कायलाना चौराहे तक अभियान चलाया। इस दौरान सड़क और दुकानों के बाहर रखा सामान हटाया गया तथा अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की गई。 शाम को घंटाघर क्षेत्र में चला विशेष अभियान दिन में कार्रवाई के बाद शाम को शहर के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्र घंटाघर में भी नगर निगम की टीम पहुंची। यहाँ दुकानों के बाहर और मुख्य सड़कों पर रखा सामान हटाया गया। निगम की टीम ने सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण करने वालों का सामान जब्त किया, ताकि बाजार में आमजन की आवाजाही सुगम हो सके। विरोध के बीच जारी रही कार्रवाई, पुलिस जाब्ता रहा तैनात अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस जाब्ता तैनात रहा। अभियान के दौरान कुछ स्थानीय व्यापारियों ने कार्रवाई का विरोध भी जताया, लेकिन निगम की टीम अतिक्रमण हटाने में जुटी रही। पूरे अभियान के दौरान करीब 10 गाड़ी सामान जब्त किया गया। इन अधिकारियों और कर्मचारियों की रही मौजूदगी कार्रवाई के दौरान अतिक्रमण प्रभारी रजनीश बारासा, सुरेश हंस सहित नगर निगम की अतिक्रमण टीम मौजूद रही। आयुक्त राहुल जैन ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त करना, बाजारों में यातायात व्यवस्था सुधारना और आमजन को राहत प्रदान करना है。
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पंचायत चुनाव: मदन दिलावर ने गांवों में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में जनसंपर्क किया

Jaipur, Rajasthan:पंचायत चुनाव: मंत्री मदन दिलावर ने कई गांवों में किया जनसंपर्क, भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में मांगे वोट रामगंजमंडी। कोटा जिले में दूसरे चरण के पंचायत चुनाव को लेकर शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने शुक्रवार को खैराबाद पंचायत समिति क्षेत्र के कई गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जिला परिषद के वार्ड संख्या 6 और 8 में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में जनसंपर्क कर ग्रामीणों से भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील की। मंत्री दिलावर ने फतेहपुर, बुद्धखान, राजूखेड़ा, सालेड़ा कलां, ढाकिया, सोहनपुरा, तेलियाखेड़ी, चारणखेड़ी, धुंडकली, तमौलिया, रिछड़िया, भीमपुरा, बुरनखेड़ी, गोयंदा, मंडा, रावली, बंधा, ऊंडवा, धरनावद, न्यामतखेड़ी, खैराबाद और गुंडदी सहित कई गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने नुक्कड़ सभाओं को भी संबोधित किया और गांवों के विकास के लिए भाजपा प्रत्याशियों को जिताने की अपील की। मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंच रहा है। भाजपा सरकार में पेंशन राशि में बढ़ोतरी हुई है और प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को पक्के मकान मिले हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत से लेकर जिला परिषद तक भाजपा की कड़ी से कड़ी जुड़ने पर गांवों के विकास को गति मिलेगी。
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सभी धर्म हमें सत्य की मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं पूर्व विधायक

Deepak DixitDeepak DixitFollow28m ago
Sawayajpur, Uttar Pradesh:सवायजपुर ।धर्म के नाम पर राजनेतिक पार्टियां हमे बांटना चाहती है।रामलीला हमे धर्म सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश देती है।पूर्व विधायक आसिफ खान बब्बू बाल रामलीला चौक के मंच से दर्शकों को सम्बोधित कर रहे थे।उन्होंने कहा कि हम धर्म के बारे में देखते है सुनते है पढ़ते है पर उसपर अमल नही करते है।यदि श्री राम के बताए मार्ग पर चले तो आपका जीवन सुधर जाएगा।यदि धर्म नही होता तो शायद हम इंसान नही होते।उन्होंने कहा कोई धर्म बुरा नही होता है यह इंसान को इंसान से जोड़ने का काम करता है।संस्थापक राजेश वर्मा संरक्षक शिव कुमार गुप्ता अध्यक्ष चौधरी उमेश गुप्ता महामंत्री वासु वर्मा राजीव गुप्ता आदि ने पूर्व विधायक को सम्मानित किया।इस अवसर पर अयोध्या के कलाकरों ने रावण बध लीला का बेहतरीन अभिनय के साथ मंचन किया आधीरात के बाद रावण के पुतले को श्री राम के जय घोष के साथ बिभीषण ने आग लगाई।दर्शकों ने आतिशबाजी का भरपूर आनन्द लिया।
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कश्मीर के दिव्यांग नागरिकों को मुफ्त कृत्रिम अंग, सेना की सामुदायिक सहायता पहल

Chaka, भारतीय सेना ने उत्तरी कश्मीर में दिव्यांग नागरिकों के लिए मुफ्त कृत्रिम अंग (artificial limb) लगाने के अभियान चलाए हैं, जिससे उन्हें फिर से चलने-फिरने की क्षमता और सम्मानजनक जीवन जीने کا अवसर मिला है। सुरक्षा और सामाजिक कल्याण के प्रति अपनी دوहरी प्रतिबद्धता को निभाते हुए, भारतीय सेना ने कश्मीर में दिव्यांग नागरिकों को मुफ्त कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने और पुनर्वास (rehabilitation) में मदद करने के लिए विशेष सामुदायिक सहायता कार्यक्रम आयोजित किए। लोगों से जुड़ने की अपनी व्यापक पहल के तहत, सेना ने दूर-दराज और सुविधाओं से वंचित इलाकों तक उन्नत कृत्रिम अंग (prosthetic) सेवाएं पहुंचाई हैं। इससे उन लोगों को, जिन्होंने अपने अंग खो दिए हैं, फिर से चलने-फिरने की आजादी, आत्मनिर्भरता और जीवन जीने का एक नया मकसद मिला है। कश्मीर के कुछ हिस्सों में आतंकवाद-विरोधी अभियानों के लिए जिम्मेदार भारतीय सेना ने हमेशा अपने सैन्य कार्यों के साथ-साथ स्थानीय समुदायों का भरोसा जीतने और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के प्रयासों के बीच संतुलन बनाए रखा है। इन प्रयासों में, कृत्रिम अंग लगाने वाले शिविर (camps) विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इनका लोगों के जीवन पर गहरा और सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। विशेषज्ञ चिकित्सा टीमों, प्रोस्थेटिस्ट (कृत्रिम अंग विशेषज्ञ) और सहयोगी संस्थाओं के साथ मिलकर आयोजित इन शिविरों में, लाभार्थियों को पूरी तरह से मुफ्त सेवाएं दी जाती हैं। चिकित्सा कर्मियों की टीमें लाभार्थियों की जांच करती हैं, जिसमें उनके बचे हुए अंगों की स्थिति, सामान्य स्वास्थ्य और उनकी जरूरतों का आकलन किया जाता है। दुर्घटनाओं, मधुमेह (diabetes) जैसी बीमारियों या अन्य कारणों से अंग खोने वाले पात्र व्यक्तियों के अंगों की विस्तृत माप ली जाती है और उनके लिए सांचे (casting) तैयार किए जाते हैं। घुटने के नीचे या ऊपर के कृत्रिम अंग, और कुछ मामलों में हाथों के कृत्रिम अंग भी, मौके पर या सहयोगी केंद्रों के माध्यम से तैयार या समायोजित (adjust) किए जाते हैं। इन्हें उसी शिविर में या बाद के सत्रों में लाभार्थियों को लगा दिया जाता है। केवल कृत्रिम अंग लगाने के अलावा, इन कार्यक्रमों में अन्य जरूरी सहायता भी शामिल है। लाभार्थियों को अपने नए अंगों के सही इस्तेमाल और उनकी देखभाल का प्रशिक्षण दिया जाता है। साथ ही, बचे हुए अंगों को मजबूत बनाने और चलने के तरीके में सुधार के लिए फिजियोथेपि की सलाह दी जाती है। इसके अलावा, उन्हें मानसिक और सामाजिक रूप से नई स्थिति के अनुकूल ढलने में मदद करने के लिए काउंसलिंग भी दी जाती है। इन कार्यक्रमों में फॉलो-अप की व्यवस्था भी है, ताकि समय के साथ अंगों में होने वाले बदलावों या बच्चों के बड़े होने पर, कृत्रिम अंगों में जरूरी सुधार, मरम्मत या उन्हें बदलने का काम किया जा सके। ये मुफ्त सेवा अभियान उन इलाकों में विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहे हैं, जहां भौगोलिक स्थिति, अधिक खर्च या बुनियादी ढांचे की कमी के कारण लोगों को आर्थोपेडिक (हड्डी रोग) और कृत्रिम अंग संबंधी विशेष सेवाएं आसानी से नहीं मिल पाती थीं। दूर-दराज के अस्पतालों ή निजी क्लीनिकों तक जाने के लिए लंबी और महंगी यात्रा करने के बजाय, लोगों के पास ही सेवाएँ पहुँचाकर, भारतीय सेना ने कई परिवारों के सामने आने वाली बड़ी बाधाओं को दूर किया है। इन शिविरों में किसान, मजदूर, छात्र, गृहिणियाँ और बुजुर्ग शामिल हुए हैं, जिन्हें पहले आने-जाने, रोजगार, शिक्षा और रोजमर्रा के कामों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। शिबिरों में काम करने वाले सेना के जवान अक्सर बताते हैं कि यह काम उनकी सेवा के सबसे संतोषजनक हिस्सों में से एक है। अधिकारी और सैनिक लॉजिस्टिक्स, भीड़ प्रबंधन, उपकरणों और लाभार्थियों को लाने-ले जाने, तथा शिविर के बाद फॉलो-अप में मदद करते हैं, जबकि विशेषज्ञ प्रोस्थेटिक तकनीशियन क्लिनिकल और तकनीकी काम संभालते हैं। सालों तक बैसाखियों, परिवार के सहारे या घर तक सीमित रहने के बाद, किसी व्यक्ति को बिना किसी सहारे के अपने पहले कदम उठाते देखना एक बड़ा बदलाव है। यह इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे सेना सामुदायिक विकास में एक साझेदार की भूमिका निभाती है। ये कार्यक्रम सेना की व्यापक नागरिक सहायता पहल का हिस्सा हैं, जिसमें मेडिकल कैंप, शैक्षिक सहायता, युवाओं को जोड़ना और बुनियादी ढांचे में मदद करना शामिल है। सेना के अधिकारियों ने हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि ऐसी पहल सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों के बीच के रिश्ते को मजबूत करती है, जिससे एक अधिक स्थिर और प्रगतिशील माहौल बनता है। लाभार्थी और उनके परिवार अक्सर गहरा आभार व्यक्त करते हैं। वे इन मुफ्त कृत्रिम अंगों (artificial limbs) को केवल मेडिकल उपकरण नहीं मानते, बल्कि इन्हें एक ऐसा साधन मानते हैं जो लोगों को उनका सम्मान और आत्मनिर्भरता वापस दिलाता है, जिससे वे अपने घर और समाज के जीवन में योगदान दे पाते हैं। इन विशेष सामुदायिक सहायता पहलों के जरिए, भारतीय सेना लगातार यह दिखा रही है कि इस क्षेत्र में उसकी मौजूदगी केवल ऑपरेशनल ड्यूटी तक ही सीमित नहीं है।
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अग्निवीरों को महाराष्ट्र पुलिस में भर्ती, तटीय सुरक्षा मजबूत करने का मुख्यमंत्री का दावा

Noida, Uttar Pradesh:नागपुर: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'अग्निवीरों ने गहन प्रशिक्षण लिया है और वे शॉर्ट-सर्विस कमीशन के तहत सेवा दे रहे हैं। महाराष्ट्र सरकार ने फैसला किया है कि जो भी अग्निवीर महाराष्ट्र पुलिस में शामिल होना चाहेंगे, उन्हें बल में भर्ती कर लिया जाएगा। हमें जो पहला बैच मिला, वह नौसेना (नेवी) से था, और हमने उन सभी को अपने तटीय सुरक्षा विंग में शामिल कर लिया है। इससे हमारी तटीय सुरक्षा मजबूत होगी, क्योंकि उन्हें गहन प्रशिक्षण मिला है; उन्होंने सीमाओं पर और कठिन इलाकों में सेवा दी है। उनके बेहतरीन प्रशिक्षण को देखते हुए, मुझे लगता है कि यह दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद रहा है, और हमने इन सभी अग्निवीरों को सफलतापर्व अपनी फोर्स में शामिल कर लिया है। आगे चलकर, हम सेना (आर्मी) और वायु सेना (एयर फोर्स) के अग्निवीरों को भी अपनी पुलिस फोर्स में शामिल होने के अवसर जरूर देंगे।
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मध्यप्रदेश कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर घमासान, जीतू पटवारी पर नया टकराव

Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल मध्यप्रदेश कांग्रेस में मुख्यमंत्री की दावेदारी को लेकर आपस में खींचतान मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक के बयान पर केदार सिरोही ने जताई आपत्ति कांग्रेस किसान प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष केदार सिरोही ने सोशल मीडिया पर लिखा बिना किसी संगठनात्मक प्रक्रिया या आधिकारिक फैसले के जीतू पटवारी जी को 2028 के लिए मुख्यमंत्री पद का दावेदार प्रोजेक्ट कर दिया गया बिना किसी विधायक दल की बैठक या शीर्ष नेतृत्व के निर्देश के इस तरह की बयानबाजी करना पार्टी के आंतरिक लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं जीतू पटवारी वर्तमान में हमारे प्रदेश अध्यक्ष हैं और संगठन के लिए मेहनत कर रहे हैं, इसमें कोई दो राय नहीं जीतू पटवारी से केदार सिरोही ने की मांग एक जिम्मेदार नेतृत्व का तकाजा ये भी है कि इस तरह के असंवैधानिक और समय से पहले उछाले गए बयानों का वे स्वयं आगे आकर खंडन करें अगर इस प्रकार के बयानों पर चुप्पी साधी तो कार्यकर्ता इसे केवल एक प्रायोजित प्रचार लगेगा व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को पार्टी के संविधान और रीति-नीति से ऊपर रखने का यह तरीका पूरी तरह से गलत इस तरह के बयानों का विरोध होना चाहिए मुकेश नायक ने मीडिया में कहा था सरकार ने जो प्लेन लिया है वो जीतू पटवारी के लिए है सरकार को धन्यवाद....क्योंकि एक साल सरकार प्लेन चला पाएगी उसके बाद मुख्यमंत्री जीतू पटवारी बनेंगे फिर उसमें वो बैठेंगे
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बस्ती में शिक्षकों के वोटिंग से पुरानी पेंशन बहाली और अधिकारों पर सियासत तेज

Basti, Uttar Pradesh:बस्ती में स्नातक एमएलसी चुनाव को लेकर शिक्षक मतदाताओं में उत्साह देखने को मिल रहा है। लोकतंत्र के इस पर्व में शिक्षक अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं, लेकिन इस चुनाव में सिर्फ प्रत्याशी का चयन ही नहीं, बल्कि शिक्षकों के भविष्य और उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दे भी अहम बने हुए हैं। पुरानी पेंशन योजना, शिक्षकों की समस्याएं और उनके हितों की रक्षा जैसे मुद्दों को लेकर शिक्षक मतदाता अपनी प्राथमिकताएं तय कर रहे हैं। बस्ती नगर पालिका परिषद स्थित मतदान केंद्र पर सुबह से ही मतदान के लिए शिक्षकों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। 14 ब्लॉकों में एमएलसी का चुनाव जारी।12 बजे तक 57.2 प्रतिशत मतदान हुआ, जनपद में कुल मतदाताओं की संख्या 2045 है जिनमें से 1643 पुरुष और 402 महिला मतदाता अपने मताधिकार का करेंगे प्रयोग। 12 बजे तक 1170 मतदाताओं ने किया अपने मताधिकार का प्रयोग। स्नातक एमएलसी चुनाव को लेकर बस्ती में शिक्षक मतदाताओं के बीच खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। शिक्षक अपने मताधिकार के प्रयोग कर अपनी पसंद के प्रत्याशी के पक्ष में मतदान कर रहे हैं। इसी क्रम में नगर पालिका परिषद स्थित मतदान केंद्र पर भी सुबह से शिक्षक मतदाताओं की आवाजाही जारी रही। मतदान के दौरान शिक्षकों में अपने प्रतिनिधि को चुनने को लेकर उत्साह नजर आया। नगर पालिका परिषद स्थित मतदान केंद्र पर कुल 328 मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करना है। सुबह 11 बजे तक यहां 106 शिक्षक मतदाता मतदान कर चुके थे। वहीं, पूरे बस्ती जिले में कुल 2,045 मतदाता हैं, जिनके लिए 14 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। मतदान के दौरान शिक्षक मतदाता अपनी पसंद के प्रत्याशी को चुनने के लिए मतदान केंद्र पहुंचते रहे। इस चुनाव में पुरानी पेंशन योजना का मुद्दा शिक्षकों के बीच प्रमुखता से चर्चा में रहा। शिक्षकों का कहना है कि प्रत्याशी का चयन करते समय केवल राजनीतिकसमीकरण नहीं, बल्कि शिक्षकों के हितों और भविष्य से जुड़े मुद्दों को भी ध्यान में रखा जा रहा है। पुरानी पेंशन की बहाली, शिक्षकों की समस्याओं का समाधान, अधिकारों की रक्षा और शिक्षा जगत से जुड़े विषय उनके लिए अहम हैं। शिक्षक मतदाताओं की उम्मीद है कि वे ऐसे प्रत्याशी का चुनाव करें, जो उनकी समस्याओं को मजबूती से उठाए और सदन में उनके अधिकारों की आवाज बने। अब देखना होगा कि शिक्षकों के मुद्दे और उनकी प्राथमिकताएं चुनाव में किस तरह प्रभाव डालती हैं।
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