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Vineet Kumar AgarwalVineet Kumar AgarwalFollow18 Jan 2025, 10:53 am

अमरोहाः नगर पालिका की जमीन पर भू-माफियाओं की नजर, रात के अंधेरे में कब्जाने की कोशिश

Amroha, Uttar Pradesh:

नगर पालिका के मंडी समिति रोड पर करोड़ों की बेशकीमती जमीन पर भू-माफियाओं ने कब्जा करने का प्रयास किया। शुक्रवार रात के अंधेरे में इस जमीन पर कब्जे की कोशिश की गई। सूचना मिलते ही नगर पालिका और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर भू-माफिया मौके से फरार हो गए। नगर पालिका और पुलिस की टीम ने तत्परता दिखाते हुए जमीन पर कब्जे की कोशिश को नाकाम किया और बुलडोजर चलाकर भू-माफियाओं द्वारा किए गए अवैध कब्जा पर अपना कब्जा किया। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और भूमाफियाओं की तलाश जारी है।

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अलवर निकाय चुनाव: निर्दलीयों ने सत्ता की चाबी थामी, भाजपा-कांग्रेस ठोकरें खाईं

Alwar, Rajasthan:निकाय चुनाव में भाजपा-कांग्रेस को झटका, निर्दलीयों ने संभाली सत्ता की चाबी; 12 में सिर्फ 2 निकायों में मिला स्पष्ट बहुमत अलवर जिले के नगर निकाय चुनाव परिणामों ने भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही प्रमुख दलों को बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। जिले के 12 निकायों में भाजपा को केवल नौगांवा और खेड़ली में स्पष्ट बहुमत मिल सका, जबकि शेष निकायों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने दोनों दलों के समीकरण बिगाड़ते हुए सत्ता की चाबी अपने हाथ में रखी है। सबसे बड़ा उलटफेर राजगढ़ में देखने को मिला, जहां 40 वार्डों में से 31 पर निर्दलीय प्रत्याशीों ने जीत दर्ज की। भाजपा महज 6 और कांग्रेस 3 सीटों पर सिमट गई। अलवर जिले में राजगढ़, थानागाजी और कठूमर पुरानी नगर पालिकाएं हैं, जबकि मालाखेड़ा, नौगांवा, रामगढ़, बड़ौदामेव, गोविंदगढ़, लक्ष्मणगढ़ सहित अन्य निकायों में पहली बार चुनाव हुए हैं। वहीं, अलवर नगर निगम के गठन के बाद यह पहला नगर निगम चुनाव था। नतीजों ने साफ कर दिया कि स्थानीय निकाय चुनाव में मतदाताओं ने कई जगह पार्टी के बजाय प्रत्याशी और स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता दी। राजगढ़ में केंद्रीय विद्यालय का मुद्दा भाजपा-कांग्रेस पर भारी राजगढ़ में केंद्रीय विद्यालय का मुद्दा चुनाव में सबसे प्रभावी रहा। केंद्रीय विद्यालय की मांग को लेकर करीब नौ माह से आंदोलन चल रहा है। आवाज मंच से जुड़े लोगों ने घर-घर और प्रतिष्ठानों पर ‘केंद्रीय विद्यालय नहीं तो वोट नहीं’ के पोस्टर लगाए। 15 अगस्त की तिरंगा रैली में भी यही नारा प्रमुखता से दिखाई दिया। चुनाव में इसका सीधा असर भाजपा और कांग्रेस दोनों पर पड़ा। स्थिति यह रही कि भाजपा को कई वार्डों में टिकट लेने के लिए भी पर्याप्त दावेदार नहीं मिले। राजगढ़ के लिए स्वीकृत केंद्रीय विद्यालय को रैणी के दलालपुरा में खोले जाने का विरोध आंदोलन का मुख्य आधार रहा。 नौगांवा में भाजपा की रणनीति सफल नौगांवा भाजपा के लिए जिले में सबसे मजबूत प्रदर्शन वाला निकाय रहा। पार्टी ने टिकट वितरण में स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखा। वार्ड 17 और 19 को एससी के लिए आरक्षित किए जाने का विरोध भी हुआ, क्योंकि इन वार्डों में एससी मतदाताओं की संख्या नहीं थी। इसके बावजूद भाजपा ने यहां बेहतर प्रदर्शन किया। वार्ड 19 से भाजपा प्रत्याशी राजेश सिंह पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे। परिणामस्वरूप नौगांवा में भाजपा स्पष्ट बहुमत हासिल करने में सफल रही。 रामगढ़ में टिकट वितरण का असंतोष पड़ा भारी रामगढ़ में भाजपा ने 35 में से 28 वार्डों में ही प्रत्याशी उतारे। इनमें से 13 प्रत्याशी जीतने में सफल रहे। टिकट वितरण को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष रहा और कई बागी प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतर गए। इनमें से अधिकांश बागियों ने जीत दर्ज कर पार्टी के समीकरण बिगाड़ दिए। कांग्रेस ने भी संभावित विरोध से बचने के लिए केवल 20 वार्डों में प्रत्याशी उतारे। कुछ पुराने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़ने के बजाय निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान संभाला。 मालाखेड़ा में कांग्रेस का गढ़ भी नहीं बच सका पार्टी को मालाखेड़ा लंबे समय से कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है, लेकिन इस चुनाव में निर्दलीयों का दबदबा देखने को मिला। भाजपा के पास मजबूत स्थानीय नेतृत्व और प्रभावशाली चेहरों की कमी का असर टिकट वितरण में भी दिखाई दिया। कांग्रेस के लिए सबसे शर्मनाक स्थिति वार्ड 9 में रही, जहां उसके प्रत्याशी नरेश जोशी को एक भी वोट नहीं मिला। परिणामों ने कांग्रेस के परंपरागत प्रभाव वाले क्षेत्र में भी बदलते राजनीतिक समीकरणों का संकेत दिया。 बहादुरपुर में कांग्रेस की गुटबाजी ने बिगाड़ा गणित बहादुरपुर में कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी और बागियों ने पार्टी का समीकरण बिगाड़ दिया। दूसरी ओर भाजपा ने अपेक्षाकृत मजबूती से चुनाव लड़ा। इसके बावजूद भाजपा बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंच सकी। यहां भी निर्दलीय प्रत्याशियों की भूमिका निर्णायक बन गई。 लक्ष्मणगढ़ में दोनों दलों से दूर रहे मतदाता लक्ष्मणगढ़ में भाजपा ने 25 में से केवल 20 वार्डों में प्रत्याशी उतारे, जबकि कांग्रेस महज 13 वार्डों में चुनाव लड़ सकी। दोनों प्रमुख दलों के सीमित प्रत्याशी और कमजोर संगठनात्मक तैयारी का लाभ निर्दलीयों को मिला। यहां 14 निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। नतीजों से स्पष्ट है कि मतदाताओं ने कई वार्डों में पार्टी के बजाय स्थानीय चेहरों पर भरोसा जताया。 गोविंदगढ़ में सुखवंत की प्रतिष्ठा दांव पर, भाजपा सबसे बड़ी पार्टी गोविंदगढ़ को रामगढ़ विधायक सुखवंत सिंह का गृहक्षेत्र माना जाता है, इसलिए यहां उनकी राजनीतिक प्रतिष्ठा भी दांव पर थी। भाजपा ने 25 में से 23 वार्डों में प्रत्याशी उतारे और 12 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी। कांग्रेस ने केवल 12 वार्डों में चुनाव लड़ा और उसे सिर्फ 2 सीटें मिलीं। हालांकि भाजपा बहुमत से एक सीट दूर रह गई, ऐसे में निर्दलीय प्रत्याशियों की भूमिका निर्णायक होगी。 थानागाजी में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी, लेकिन बहुमत से दो कदम दूर थानागाजी में पिछले कांग्रेस बोर्ड के दौरान विकास को लेकर लोगों में नाराजगी का असर चुनाव परिणामों में दिखाई दिया। कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर भी फूट रही और पार्टी ने 25 में से 23 वार्डों में ही प्रत्याशी उतारे। भाजपा का टिकट वितरण अपेक्षाकृत बेहतर रहा और उसे 11 सीटें मिलीं। कांग्रेस 7 सीटों पर सिमट गई। हालांकि भाजपा बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े से दो सीट दूर है, इसलिए निर्दलीय प्रत्याशी यहां भी सत्ता की दिशा तय करेंगे。 बड़ौदामेव में बागियों ने दोनों दलों को दिया झटका बड़ौदामेव में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही टिकट वितरण को लेकर विवादों में रहीं। स्थानीय दावेदारों की जगह दूसरे वार्डों से जुड़े लोगों को टिकट दिए जाने का विरोध हुआ। दोनों दलों के बागी प्रत्याशी ने पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के सामने चुनौती पेश की और चुनावी समीकरणों को प्रभावित किया। परिणामस्वरूप किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल सका。 कठूमर में विकास का मुद्दा भाजपा पर भारी कठूमर में विकास के मुद्दे को लेकर भाजपा को नुकसान उठाना पड़ा। भाजपा केवल 5 सीटों पर जीत दर्ज कर सकी, जबकि कांग्रेस ने 10 सीटें जीतकर बढ़त बनाई। भरतपुर सांसद संजना जाटव की सक्रियता का लाभ कांग्रेस को मिला। कठूमर में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी。 खेड़ली में भाजपा का गढ़ बरकरार खेड़ली भाजपा का परंपरागत मजबूत क्षेत्र रहा है और इस चुनाव में भी पार्टी ने अपना दबदबा कायम रखा। पिछले चुनाव में भाजपा को 13 सीटें मिली थीं। इस बार भी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत हासिल किया। स्थानीय स्तर पर खींची परिवार के प्रभाव का असर भी दिखाई दिया। वार्ड 10 और 17 में भाजपा प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए। वहीं कांग्रेस का टिकट वितरण पार्टी के लिए नुकसानदायक साबित हुआ。 छह विधायकों की प्रतिष्ठा भी लगी थी दांव पर निकाय चुनावों में अलवर जिले के छह विधायक की राजनीतिक प्रतिष्ठा भी दांव पर थी। पार्टियों ने कई क्षेत्रों में विधायक को चुनाव संचालन की जिम्मेदारी सौंपी थी। रामगढ़ विधायक सुखवंत सिंह अपने क्षेत्र की रामगढ़, नौगांवा, गोविंदगढ़ और बड़ौदामेव में से केवल नौगांवा में भाजपा को स्पष्ट बहुमत दिला सके। कठूमर विधायक रमेश खींची भी कठूमर और खेड़ली में से केवल खेड़ली में पार्टी को स्पष्ट बहुमत दिलाने में सफल रहे थे। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली अपने प्रभाव वाले मालाखेड़ा और बहादुरपुर, दोनों निकायों में कांग्रेस को बहुमत नहीं दिला सके। राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ विधायक मांगेलाल मीणा के क्षेत्र में भी कांग्रेस की स्थिति कमजोर रही। लक्ष्मणगढ़ में कांग्रेस को सिर्फ 4 और राजगढ़ में 3 सीटें मिलीं। थानागाजी विधायक कांति मीणा के क्षेत्र में भाजपा 11 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि कांग्रेस को केवल 7 सीटें मिलीं। अलवर नगर निगम में भी भाजपा स्पष्ट बहुमत से पांच सीट दूर रह गई। ऐसे में वन राज्यमंत्री और अलवर विधायक संजय शर्मा के सामने भी बोर्ड गठन की चुनौती बनी हुई है。 कुल मिलाकर निकाय चुनाव के नतीजों ने अलवर की राजनीति में एक अहम संकेत दिया है—मतदाताओं ने कई जगह भाजपा और कांग्रेस के बजाय स्थानीय मुद्दों, प्रत्याशी और बागियों को तरजीह दी। यही वजह है कि जिले के अधिकांश निकायों में बोर्ड गठन का रास्ता निर्दलीयों के समर्थन से होकर गुजरने वाला है。
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चिरंजीव राव बोले: नए नेताओं को मौका मिलेगा; हरियाणा में बदलाव की उम्मीद

New Delhi, Delhi:चिरंजीव राव, राष्ट्रीय सचिव कांग्रेस TT राहुल जी की सोच यही है नए लोगों को नई लीडरशिप को पार्टी में काम करने का मौका मिले। पिछले दिनों जब संगठन सृजन हुआ था उसमें भी नए लोगों को मौका दिया गया। यूथ कांग्रेस NSUI में भी नए लोगों का मौका दिया गया। बैठक के लिए बुलाया गया था आज इनफॉर्मल तरीके से बातचीत की गई है। गुरुग्राम रोडवेज की जो घटना हुई है बेटी के साथ जो घटना हुई है वह दुखद है। सरकार को इस पर संज्ञान लेते हुए कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए हरियाणा संगठन में बदलाव होगा या नहीं इसको लेकर पार्टी के इंचार्ज और प्रदेश अध्यक्ष इस बारे में बेहतर बता पाएंगे।
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शालबनी भूमि घोटाला: तृणमूल के पूर्व विधायक सुजॉय হাজरा के करीबी अमित घोष, लक्षीकांत भुईया और नित्यानंद राय मेदिनापुर अदालत में पेश

Mollar Chak, West Bengal:শালবনী জমি দুর্নীতি মামলায় তৃণমূলের প্রাক্তন বিধায়ক সুজয় হাজরা ঘনিষ্ঠ অমিত ঘোষ, লক্ষীকান্ত ভূঁইয়া ও নিত্যানন্দ রায়কে মেদিনীপুর আদালতে নিয়ে আসা হলো। গতকালই এই tridজনকে গ্রেফতার করেছিল শালবনী থানার পুলিশ। পরে সিআইডি তাদের নিজেদের হেফাজতে নেয়। এদের বিরুদ্ধে অভিযোগ, জমি দুর্নীতিতে এরা সুজয়ের লিকম্যান হিসেবে কাজ করতো। ধৃত এই তিনজনকে আজ সিআইডি আদালতের কাছে নিজেদের হেফাজতে চাইবে বলে জানা গেছে। শালবনির বাসিন্দাদের অভিযোগ এই অমিত ঘোষ, জমি দেওয়ার নাম করে বহু লোকের কাছে টাকা আত্মসাৎ করেছে। টাকা চাইতে গেলে হুমকি দেওয়া হত এবং মারধর করা হতো বলেও তাদের অভিযোগ। তপন ভূঁইয়া বলে একজন শালবনিবাসী জানান, অমিত ঘোষ তার কাছ থেকে ৩৮ লক্ষ টাকা নিয়ে প্রতারণা করেছে
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बालाघाट में 32 बच्चों की मौत: अधिकारी हटाए गए, जश्न पर रोक नहीं

बालाघाट में 32 बच्चों की मौत मामले में सिर्फ पद से हटाने की फॉर्मेलिटी,जिस मलेरिया अधिकारी को बच्चो की मौत मामले में पद से हटाया उसे हाई कोर्ट से मिला स्टे कोर्ट में विभाग ने नही जताया एतराज ज़ी न्यूज के पास स्टे कॉपी बालाघाट में बच्चो की मौतों के बीच चल रहा था जश्न उधर बच्चे मर रहे थे इधर तत्कालीन CMHO परेश उपलप, BMO वर्ष चौबे मिलकर नए टीकारण अधिकारी परितोष शुक्ला को मिठाई खिला रहे है ये जश्न की तस्वीर उस समय की है जब बच्चो की मौत की समीक्षा करने उप मुख्यमंत्री करने आये थे ये जश्न की तस्वीर बाकायदा डॉक्टर्स के ग्रुप में शेयर की गई बालाघाट में 32 बच्चो की मौत मामले में कार्रवाई सवालों के घेरे में बच्चो की मौत मामले में अबतक एक भी सस्पेंशन की कार्यवाही नही बच्चों की मौत मामले जिस CMHO परेश उपलप को हटाया पर बालाघाट में पदस्थ रखा है टीकाकरण में लापरवाह अधिकारी बच्चों की मौत के बीच जश्न मना रहे है एक दूसरे मिठाई खिलाकर
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आगरा प्रशासन आवास विकास परिषद के बकायों के लिए नीलामी की तैयारी में

Agra, Uttar Pradesh:निजी संपत्तियों की नीलामी बकाये को लेकर आगरा प्रशासन करता आया है लेकिन पहली बार ऐसा होगा कि जिला प्रशासन आगरा विकास परिषद को करोड़ो के बकाए को लेकर नीलाम करने जा रहा है दरअसल आवास विकास परिषद पर लारा कोर्ट का भूमि अधिग्रहण सहित अन्य मामलों को लेकर कुल 8 करोड़ 65 लाख का बकाया है जिसके लिए कुल 29 RC जारी की गई थी लेकिन परिषद ने बकाया जमा नहीं कराया जिसके बाद कुछ दिन पहले जिला प्रशासन ने सिकंदरा बोदला रोड स्थित आवास विकास परिषद में अधिशाषी अभियंता के ऑफिस सहित 8 कमरों को कुर्क कर सील किया था लेकिन उसके बाद भी आवास विकास परिषद ने पैसा जमा नहीं किया जिसके बाद तहसील प्रशासन ने आवास विकास परिषद को 25 सितंबर तक का समय दिया है,अगर तय समय में पैसा जमा नहीं किया था तहसील प्रशासन नीलामी के लिए तारीख तय करेगा,साथ की आवास विकास परिषद के ऑफिस की मिनिमम कीमत भी करोड़ 65 लाख रूपये रखी गई है,अगर नीलामी वाले दिन कोई नीलामी नहीं होती तो अगले दिन नीलामी की प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाएगी
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केदारनाथ यात्रा का दूसरा चरण शुरू, हेलीकॉप्टर सेवाएं फिर शुरू

Noida, Uttar Pradesh:रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड: केदारनाथ धाम यात्रा का दूसरा चरण आज शुरू हो गया है, और धाम में तीर्थयात्रियों की आवाजाही बढ़ गई है। आज से केदारनाथ धाम के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएँ भी फिर से शुरू हो गई हैं, जिससे श्रद्धालुओं को धाम तक पहुँचने में आसानी होगी। रुद्रप्रयाग ज़िला प्रशासन ने कहा है कि यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन और पुलिस मौसम के हालात और यात्रा मार्ग की स्थिति पर भी कड़ी नज़र रख रहे हैं। रुद्रप्रयाग के ज़िला मजिस्ट्रेट विशाल मिश्रा कहते हैं, "पवित्र केदारनाथ धाम जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएँ शुरू हो गई हैं—खासकर बुज़ुर्गों, दिव्यांगों और इन सेवाओं का लाभ उठाने के इच्छुक अन्य लोगों के लिए—और इनका संचालन आज से शुरू हो गया है। 8 प्राइवेट सर्विस प्रोवाइडर 8 हेलीपैड से ये सेवाएँ चला रहे हैं। मैं यह भी बताना चाहूँगा कि DGCA की टीम ने निरीक्षण किया था और उस निरीक्षण के बाद ही उड़ान की मंज़ूरी दी गई थी। हम मिले निर्देशों का पालन कर रहे हैं और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सेवाओं की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी तीर्थयात्री को कोई परेशानी न हो।"
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उत्तरकाशी के तिलोथ में बंदरों के आतंक पर महिलाएं डीएम कार्यालय पहुंची मदद मांगने

barahat, Uttarkashi, Uttarakhand:उत्तरकाशी जनपद के नगर क्षेत्र तिलोथ में बंदरों के बढ़ते आतंक से महिलाएं और स्थानीय लोग परेशान हैं। बंदरों के हमलों से कई बच्चों और महिलाओं के घायल हुए है स्थानीय महिलाएं और नगरवासी डीएम कार्यालय पहुंचे और समस्या के जल्द समाधान की मांग की।स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदरों के झुंड लगातार क्षेत्र में घूम रहे हैं, जिससे बच्चों और महिलाओं में डर का माहौल बना हुआ है। लोगों ने प्रशासन से बंदरों को पकड़ने के लिए जल्द अभियान चलाने की मांग की है।महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन और धरना देने को मजबूर होंगी।
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बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत पर उइके ने सरकार पर हमला

Balaghat, Madhya Pradesh:बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत को लेकर कांग्रेस विधायक संजय उइके सरकार पर भड़के कहा कि टीकाकरण सिर्फ कागजों पर किया गया है... आंकड़े छुपाए जा रहे हैं... टीकाकरण हुआ होता तो बच्चों की मौत नहीं हो रही होती... मौत के कारणों का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग सीरियस नहीं है बच्चों का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया... अभी भी सैकड़ों की तादाद में बच्चे गांव में बीमार हैं... जहां स्वास्थ्य सिस्टम फेल है... बालाघाट में सबसे ज्यादा मलेरिया के मामले आते हैं... लेकिन पिछले 2 साल में कागजों में स्वास्थ्य सिस्टम में ऐसी कारीगरी की के 58 फीसदी मलेरिया से घटकर बालाघाट में 28 फीसदी हो गया ... बालाघाट में बच्चों की मौत के लिए MP सरकार और स्वास्थ्य सिस्टम जिम्मेदार है कांग्रेस विधायक ने कहा अब तक किसी पर भी निलंबन की कार्रवाई नहीं की गई है... लीपापोती चल रही है... बालाघाठ में कुपोषण कहर बरपा रहा है पोषण आहार तो छोड़िए लोगों को खाने के लिए लाले पड़े हुए हैं...
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झांसी पुलिस ने आबकारी टीम के साथ अवैध शराब बनते अड्डे पर दबिश, शराब बरामद

Jhansi, Uttar Pradesh:एंकर- झांसी पुलिस और आबकारी विभाग की टीमों ने सीपरी बाजार थाना और टहरौली थाना क्षेत्र के अलग अलग स्थानों पर अवैध शराब बनाने वालों के अड्डे पर छापा मारकर बड़ी कार्रवाई की है। गणेश चौराहा सब्जी मण्डी, पंचवटी रेलवे क्रॉसिंग, भड़ऊ की पुलिया, श्मशान घाट के पीछे गोविंदपुरी कॉलोनी, लक्ष्मी तालाब, ग्राम खजराहा, ग्राम बांसार व डेरा श्रीनगर, बरल, फरीदा, अशोकनगर में दबिश देकर मौके से 437 लीटर से ज्यादा कच्ची अवैध शराब को बरामद किया, साथ ही नीले रंग के ड्रमों में भरी 6100 किग्रा लहन को मौके पर ही नष्ट किया गया, इस दौरान पुलिस को देखकर शराब बनाने वाले माफिया भाग गए, वहीं अवैध शराब बनाने वालों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धाराओं में 6 केस दर्ज किए गये। कार्रवाई के दौरान 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिसमें एक आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर के उसे जेल भेजा दिया गया है।
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जमशेदपुर में अब WhatsApp चैटबोट से शिकायतें दर्ज, पारदर्शिता बढ़ी

Jamshedpur, Jharkhand:जमशेदपुर में अब जनसमस्याओं की शिकायत दर्ज कराने के लिए लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। जिला प्रशासन ने जनसमस्याओं के त्वरित और पारदर्शी समाधान की दिशा में एक नई पहल की है। इसके तहत ‘अबुआ मित्र’ WhatsApp आधारित चैटबोट सेवा की शुरुआत की गई है। जमशेदपुर के उपायुक्त राजीव रंजन ने ‘अबुआ मित्र’ सेवा का शुभारंभ किया। इसके लिए 8580090001 WhatsApp नंबर जारी किया गया है। अब नागरिक अपने मोबाइल से इस नंबर पर संपर्क कर आसानी से अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इस सुविधा को सरल और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाया गया है। नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार भाषा का चयन कर शिकायत से जुड़ी जरूरी जानकारी और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित दस्तावेज भी WhatsApp के माध्यम से उपलब्ध करा सकेंगे। WhatsApp के जरिए प्राप्त शिकायतों को जिला प्रशासन के जन सहायता JSR पोर्टल से जोड़ा जाएगा। शिकायत दर्ज होने के बाद उसकी जानकारी पोर्टल पर अपडेट की जाएगी और शिकायत की प्रकृति के अनुसार उसे संबंधित विभाग, कार्यालय या सक्षम प्राधिकरण को कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद शिकायत के अनुश्रवण, फॉलोअप और निवारण की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी। खास बात यह है कि शिकायत की स्थिति की जानकारी नागरिकों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर SMS के माध्यम से अलग-अलग चरणों में दी जाएगी।यानी अब लोगों को अपनी शिकायत की प्रगति जानने के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। इससे शिकायत निवारण प्रक्रिया में पारदर्शिता और अधिकारियों की जवाबदेही भी मजबूत होगी।
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