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Amroha244221

अमरोहाः अवैध संबंधों में पति बन रहा था बाधा, पत्नी ने प्रेमियों संग मिलकर हत्या की रची साजिश

Jan 22, 2025 15:19:48
Amroha, Uttar Pradesh

हसनपुर कोतवाली में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक पत्नी ने अपने पति की हत्या करा दी है क्योंकि वह उसके अवैध संबंधों में बाधा बन रहा था। पुलिस ने हत्या का खुलासा करते हुए बताया कि 11 जनवरी को हत्या कर शव को सड़क किनारे फेंक दिया गया था। जांच में पता चला कि पत्नी ने अपने दो प्रेमियों के साथ मिलकर पति की हत्या कराई थी। पुलिस ने बताया कि पत्नी ने पति को दवाई लेने के बहाने प्रेमियों के संग भेजा था, जहां उसकी हत्या कर दी गई। मोबाइल की कॉल डिटेल से पुलिस ने इस हत्याकांड का राज खोला है। पुलिस ने पत्नी समेत दो आरोपी प्रेमियों को गिरफ्तार कर लिया है।

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Feb 08, 2026 08:24:28
Karnal, Haryana:पवन शर्मा, मुंबई : बॉलीवुड अभिनेता ब्रिजेश करनवाल ने CINTAA (Cine & TV Artistes’ Association) से जुड़े कथित उत्पीड़न और अनियमितताओं के मामले में आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। आरोप है कि उन्होंने 8 घंटे की शिफ्ट, समय पर मेहनताना, कन्वेयंस और संस्था के खातों में पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर आवाज़ उठाई, जिसके बाद वह निशाना बने।बिना प्रभावी सुनवाई CINTAA सदस्यता कार्ड रद्द किया गया। यह कार्रवाई तब हुई जब संस्था से जुड़ा एक मामला Registrar of Trade Unions के समक्ष लंबित था। उन्होंने भाषा, क्षेत्र और पैसों को लेकर मानसिक प्रताड़ना, दबाव और पेशेवर अलगाव के आरोप लगाए। वरिष्ठ अधिवक्ता अंजना शर्मा (Supreme Court) के अनुसार कानून सर्वोपरि है। अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाना पूर्ण न्यायोचित है।
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AVArun Vaishnav
Feb 08, 2026 08:18:13
Jaipur, Rajasthan:जयपुर जयपुर के चांदपोल इलाके में दरगाह की छत निर्माण को लेकर विवाद गरमाया निर्माण के विरोध में मौके पर पहुंचे थे भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य विधायक कोष से खर्च और स्वीकृति की जानकारी लेकर पहुंचे कांग्रेस विधायक अमीन कागजी दोनों विधायकों के मौके पर आने से टकराव की स्थिति बनी समर्थकों की भीड़ जुटने से क्षेत्र में बढ़ी तनाव की स्थिति मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर हालात संभाले आचार्य ने दरगाह पर अवैध निर्माण का लगाया आरोप कागजी ने कहा हमने आसपास मंदिर निर्माण भी विधायक कोष कराए हैं, उन्हें भी देखा जाए स्थानीय लोगों का दावा विभागीय अनुमति से हो रहा है निर्माण संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस तैनात
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ANAnil Nagar1
Feb 08, 2026 08:17:50
Gwalior, Bhopal, Madhya Pradesh:राजगढ़ राजगढ़ से एमडी ड्रग्स को लेकर बड़ी खबर एमडी ड्रग्स बनाने का 5 करोड़ का केमिकल को जंगल से पुलिस ने किया जप्त राजगढ़ जिले के माचलपुर थाना पुलिस की कार्रवाई एमडी ड्रग्स बनाने में उपयोग होने वाला 266.9 किलो केमिकल जब्त ग्राम आदमपुरा के जंगल क्षेत्र से 5 नीले ड्रम गाडो में छिपाकर रखे गए थे जब्त केमिकल की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 5 करोड़ रुपये मुखबिर की सूचना पर पहुंची थी पुलिस दो दिन पहले माचलपुर थाना से महज 10 किलो मीटर दूर घोघटपुर गांव में एमडी ड्रग्स बनाने वाली फैक्ट्री पर पुलिस ने दी थी दबिश दबिश में करीब 4 करोड़ रुपए का एचडी ड्रग्स बनाने की सामग्री की थी जब्त तस्करों की तलाश में पुलिस जुटी माचलपुर थाना क्षेत्र का मामल।
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DSDeepesh shah
Feb 08, 2026 08:17:40
Vidisha, Madhya Pradesh:विदिशा जिले की तहसील सिरोंज में हुई एक शादी इस समय पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी है. आमतौर पर शादियों में आधुनिकता और दिखावे का रंग हावी रहता है, वहीं सिरोंज में एक दूल्हा–दुल्हन ने परंपरा, संस्कार और संस्कृति को एक नए अंदाज़ में दुनिया के सामने रख दिया है. शादी सanchi निवासी मयूरी साघ और सिरोंज निवासी डॉ. प्रशांत साघ की थी. सanchi अपनी विश्व प्रसिद्ध बौद्ध स्तूप के कारण पूरी दुनिया में जाना जाता है, वहीं से दुल्हन मयूरी का रिश्ता सिरोंज से जुड़ा. विदिशा मुख्यालय से सिरोंज की दूरी लगभग 82 किलोमीटर है, जबकि सanchi से सिरोंज सड़क मार्ग की दूरी लगभग 75–80 किलोमीटर रहती है. शादी सिरोंज में ही आयोजित की गई. बारात बिल्कुल वैसे ही सजी, जैसे आमतौर पर होती है—दूल्हा घोड़े पर सवार, बाराती डीजे और ढोल की धुन पर झूमते हुए, उत्साह और रंग बिरंगी रोशनी के बीच पूरा माहौल उत्सव में डूबा हुआ. लेकिन... विदाई ने इस शादी को अनोखा और यादगार बना दिया. दुल्हन की विदाई किसी कार, जीप या महंगी गाड़ी में नहीं हुई—बल्कि बैलगाड़ी से हुई! इस पूरी योजना के पीछे थे दूल्हे के पिता, जिन्होंने पहले यह सोच बना ली थी कि विदाई को कुछ अलग, कुछ संस्कारी और कुछ परंपरागत रूप में किया जाए. विचार सिर्फ इतना था कि आज की पीढ़ी को बताना जरूरी है कि हमारी संस्कृति कितनी सुंदर रही है—और क्यों उसे संभालकर रखना चाहिए. योजना तय हुई और तैयारी शुरू. गांव के किसानों से बात की गई—किसी ने बैलगाड़ी दी, किसी ने अपने बैल. लगभग 8–10 बैलगाड़ियों का कारवां तैयार किया गया. सबसे खास बात यह रही कि डीजे पर बजने वाले गाने भी पुराने दौर के चुने गए, ताकि विदाई का पूरा माहौल उसी पुराने समय को फिर से महसूस करा सके. जब विदाई का वक्त आया, आगे-आगे घोड़ी पर बैठे दूल्हे राजा, और पीछे परंपरागत ढंग से सजाई गई बैलगाड़ी में बैठी दुल्हन—यह दृश्य सिरोंज की सड़कों पर बेहद मनमोहक लग रहा था. राह चलते लोग रुके, मोबाइल कैमरे उठे, और देखते ही देखते यह अनोखी विदाई वायरल हो गई. माता-पिता और परिजनों की आंखें नम हो गईं. धीरे-धीरे चलते बैलों की ताल और ढोल की मंद थाप के बीच विदाई के ये पल हर किसी को भावुक कर रहे थे. लोग कहते रहे—“ऐसी विदाई तो हमने सिर्फ कहानियों में सुनी थी, आज आंखों के सामने देख ली.” दूल्हे के जीजाजी रवि आर्य ने बताया कि बैलगाड़ियों की व्यवस्था करना आसान नहीं था, पर दूल्हे पक्ष का साथ मिला. गांव के किसानों ने सहयोग किया—किसी ने बैलगाड़ी दी, किसी ने बैल. लगभग 20 दिन पहले से तैयारी की जा रही थी ताकि विदाई कुछ अलग और स्मरणीय हो सके. दूल्हा, डॉ. प्रशांत साघ ने बताया कि हमारे पिताजी ने कहा था कि सिरोंज में ऐसा करेंगे जो पहले कभी नहीं हुआ होगा. और सच में उन्होंने कर दिखाया. परंपरा को फिर से आगे लाना ही उनका उद्देश्य था. रास्ते भर लोगों ने वीडियो बनाई—उन्हें देखकर हमें बहुत खुशी हुई. यह विदाई हमारे जीवन की सबसे यादगार याद बनेगी. दूल्हे की बहन, रिया साघ ने बताया कि हमने पहले कभी बैलगाड़ी में सफर नहीं किया था. सोचा कुछ यूनिक किया जाए, इसलिए इस विदाई का हिस्सा बनकर बहुत अच्छा लगा. यह अनुभव हमेशा याद रहेगा. जहां एक ओर दुनिया आधुनिकता की तेज़ दौड़ में अपनी परंपराओं को पीछे छोड़ती जा रही है, वहीं सिरोंज की यह अनोखी विदाई एक बड़ी सीख देती है—कि आधुनिकता के साथ चलना जरूरी है, पर अपनी जड़ों से जुड़े रहना उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण है. सिरोंज की बैलगाड़ी वाली विदाई सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि यह संदेश है कि भारतीय संस्कृति की सुंदरता किसी दिखावे की मोहताज नहीं। डॉक्टर दूल्हा और ग्रेजुएट दुल्हन का यह विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन गया है.
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FWFAROOQ WANI
Feb 08, 2026 08:16:25
Srinagar, :Congress PC Feed 2c Attached here National president Indian youth congress Uday banu chib...press conference at party headquarters Congress office Srinagar When the situation in Jammu and Kashmir improves and people can afford it, then you should definitely introduce this, but right now, when not everyone can afford it, you are bringing in prepaid meters. This means that those who cannot afford it will be left without electricity, and the government, which claims to be a government of the people, is allowing this. This is not right, we feel. Along with this, there is another fight that we waged before the elections: that Jammu and Kashmir should be granted statehood, and our special rights, our land, should remain protected, and all government jobs should be reserved for the youth of Jammu and Kashmir. We feel that the Jammu and Kashmir government is not very proactive in fighting this battle either. At the same time, I thank the Congress leadership of Jammu and Kashmir they are constantly and continuously fighting for statehood and for the special rights regarding jobs and land. So, our appeal to the Chief Minister, Mr. Abdullah, is that these smart meters, these prepaid smart meters, should be withdrawn, as we promised the people before the elections. And also, the fight for statehood and jobs for the youth should be continued. Otherwise, the basic and primary job of the Youth Congress is to fight for the voice of the youth, so we will stand against the BJP government and the Jammu and Kashmir government on these issues if necessary. Sir, regarding my question about the youth, specifically about the jobs that have been confirmed for the youth, and that too for locals, what is your reaction to that? On one hand, you are saying it''s for the youth, but you have taken it in a positive way, haven''t you? Regarding jobs, our focus will remain local, and we will work with the industries. For the youth, I think this adjustment is necessary because when our statehood was dissolved and it became a union Territory, we know that many people are now working in other states or in government jobs, knowingly or unknowingly. The government should provide the exact figures, but we have concrete knowledge that many people from other states are in government jobs, even with our domicile process. When Jammu and Kashmir was a state, there was no such provision. This is not a right of today; it''s a right from 1926, and Maharaja Hari Singh granted this right in 1929 so that the people of Jammu and Kashmir would remain protected. We cannot compare Jammu and Kashmir to other states. We face challenges due to the climate, and we have Pakistan on one side and China on the other. Therefore, the people here need special rights, just like they had before, which the BJP took away from us. What would you like to say about statehood? Statehood is a major issue, and everyone is watching it. Do you think that given what has been said in Parliament, especially on the floor of the House, why is this issue being dragged on? But expectations are very high. Look, we have to be aggressive. We know how casual the BJP is. When the farmers'' protest happened, 700 to 800 farmers were martyred, and only then did they finally pay attention. If we ask them politely and gently, I don''t think anything will happen. That''s why we need to continuously and aggressively hammer this issue. Just as the Congress party''s state leadership always talks about our state, our state is ours, similarly, I think the J&K government and the CM should be repeatedly reminded that granting statehood to Jammu and Kashmir is the right of the people of Jammu and Kashmir. Do you believe we should take to the streets? We should definitely take to the streets repeatedly. If we don''t take to the streets, how will these people listen? They would agree if the farmers also accepted that if they hadn''t held protests, if they hadn''t shed their blood and sweat for their rights, they wouldn''t have achieved their goals and won their fight. Similarly, if our ancestors had believed that they shouldn''t take to the streets for the country''s independence, that they shouldn''t undertake marches like the Dandi March, then what would the British have left behind?
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SRSHRIKANT RAUT
Feb 08, 2026 08:16:04
Yavatmal, Maharashtra:राज्याचे आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके यांच्या गृहजिल्ह्यातील आदिवासी मुलांच्या वसतिगृहात विद्यार्थ्यांना बेछव, निकृष्ट जेवण मिळत असल्याचा तसेच भोजन कंत्राटात गैरप्रकार होत असल्याचा धक्कादायक आरोप भाजप आमदार राजू तोडसाम यांनी केला आहे. विद्यार्थ्यांचा शैक्षणिक दर्जा उंचावण्यासाठी देखील प्रयत्न होत नसल्याचा आरोप तोडसाम यांनी केला. यवतमाळ येथे पांढरकवडा मध्ये त्यांनी या प्रकरणाला आत्तम चव्हाट्यावर आणला. विद्यार्थ्यांनी देखील विविध समस्यांचा पाढा त्यांच्या पुढे मांडला. आदिवासी विद्यार्थ्यांना शिक्षणाच्या मुख्य प्रवाहात आणण्यासाठी शासनाकडून कोट्यवधी रुपयांचा खर्च होत असून विविध योजना राबविल्या जात आहेत; मात्र या योजना कागदावर असतात आणि कंत्राटदारांनी पोटकंत्राट देऊन हेराफेरी केल्याचा प्रकार उघडकीस आला आहे. यवतमाळही आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके यांचा गृहजില്ലा. पांढरकवडा येथे आमदार राजू तोडसाम यांनी आदिवासी वसतिगृहात आकस्मिक भेट देऊन अनागोंदी चव्हाट्यावर आणल्या. या वेळी विद्यार्थ्यांनी विविध समस्यांचा पाडा मांडला. आदिवासी विकास विभागाकडून चालविल्या जाणाऱ्या वस्तीगृहात भोजनाचा दर्जा खराब असून, सडलेली फळे दिली जातात. कंत्राटदार पोटकंत्राटदार नेमला. विद्यार्थ्यांना स्पर्धा परीक्षांची जुनी पुस्तके दिली जातात, कुठलेही प्रशिक्षण मिळत नाही, नीट भोजन देखील मिळत नाही अशा धक्कादायक तक्रारी विद्यार्थ्यांनी केल्या. या वेळी आमदार तोडसाम यांनी वस्तीगृह कर्मचार्‍यांना खडे बोल सुनावले. भोजनासाठी तरतूद असलेल्या निधीला कंत्राटदारांनी कात्री लाऊन पोटकंत्राटदार नेमला. त्यांच्याकडून विद्यार्थ्यांना निकृष्ट व कमी भोजन दिल्या जात असल्याची बाब आमदार तोडसाम यांनी सांगितली. आदिवासी समाजाच्या सामाजिक प्रगतीसाठी आश्रमशाळा, वसतिगृह महत्वाचा दुवा आहेत. मात्र या ठिकाणी घरच्या आर्थिक दुर्बल परिस्थितीमुळे राहून शिक्षण घेणाऱ्या विद्यार्थ्यांचे स्वप्न कागदावरील सुविधांमुळे पूर्ण होणार का हा प्रश्न आहे. त्यामुळे आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके याबाबत काय पावलं उचलतात याकडे लक्ष लागले आहे.
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GLGautam Lenin
Feb 08, 2026 08:06:47
Lohardaga, Jharkhand:लोहरदगा- लोहरदगा के बीएस काॅलेज स्टेडियम में 9 फरवरी से 13 फरवरी तक टी20 क्रिकेट टूर्नामेंट के आयोजन की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। लोहरदगा की बीएस काॅलेज स्टेडियम में चौथी बार टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। इस बार पूर्व क्रिकेटर विरेन्द्र सहवाग और हरभजन सिंह पांच पाँच ओवर का क्रिकेट मैच भी बीएस काॅलेज स्टेडियम में 13 फरवरी को खेलेंगे। साथ ही फिल्म स्टार अक्षरा सिंह दस फरवरी को स्टेडियम में खिलाड़ियों और दर्शकों का हौसला अफजाई करेंगी। साथ ही रशियन बैंड, फाॅयर डांस, लेजर शो और भव्य आतिशबाज़ी दर्शको के लिए आकर्षण का मुख्य केन्द्र होगा। पांच दिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था का मौके पर जायजा लिया।
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PKPankaj Kumar
Feb 08, 2026 08:06:25
Motihari, Bihar:कथावाचक अनिरुद्धाचार्य जी महाराज रक्सौल में श्री भागवत कथा सुना रहे है इस दौरान अपनी कथा से मेला लगा देने वाले कथावाचक अनिरुद्धाचार्य जी महाराज को जब यह पता चला कि रक्सौल में रुपया का मेला लगता है तो उन्हें सहसा इस बात का यकीन नही हुआ सच जानने वो रात में ही रुपए का मेला देखने रक्सौल के बॉर्डर पर पहुँच गए। अनिरुद्धचार्य जी महाराज के श्री मदभागवत कथा सुनने के लिए लाखों की भीड़ नेपाल एवं बिहार से रक्सौल पहुँच रही है। लेकिन अनिरुद्धाचार्य जी महाराज जी को जब पता चला की रक्सौल बॉर्डर पर असली रुपए का मेला लगता है। जहाँ रुपए से रुपए खरीदने के एक दो नही करीब 42 दुकान लगती है। इन स्टॉलों से करोड़ो रूपये बेनामी प्रतिदिन भारतीय और नेपाली रुपया का लेन देन होता है ,तो खुद को अनिरुद्धाचार्य जी महाराज रोक नही सकें और रक्सौल एयरपोर्ट पर तीसरे दिन का श्री मद भागवत कथा पूरा कर सीधे रक्सौल बॉर्डर पर रुपए के बाज़ार में सजे सटही काउंटर पहुँच गए और वहाँ रुपए के लेन देन करने वाले सटही काउंटर एवं स्थानीय लोगो से रुपए के मेला के बारे में information लिया। सटही काउंटर वालो ने महाराज जी को रुपए से रुपए को बदलने का पूरा तरीका समझा दिया।
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