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Vineet Kumar AgarwalVineet Kumar AgarwalFollow15 Apr 2025, 12:00 pm

Amroha - वेंकेटेश्वरा और हार्पर एडम्स यूनिवर्सिटी के बीच ऐतिहासिक करार, भारत में बनेगा संयुक्त परिसर

Amroha, Uttar Pradesh:

वेंकेटेश्वरा और हार्पर एडम्स यूनिवर्सिटी के बीच ऐतिहासिक करार, भारत में बनेगा संयुक्त परिसर वेंकेटेश्वरा समूह और यूनाइटेड किंगडम की 125 साल पुरानी हार्पर एडम्स यूनिवर्सिटी के बीच भारत में संयुक्त परिसर (ज्वाइंट कैम्पस) स्थापित करने पर सहमति बनी है। यह परिसर मेरठ व गजरौला में खुलेगा, जहां एग्रीकल्चर, फूड प्रोसेसिंग, हैल्थ केयर और इंजीनियरिंग के कोर्स चलाए जाएंगे। नई दिल्ली के होटल ताज मानसिंह में आयोजित समारोह में संस्थापक अध्यक्ष डॉ. सुधीर गिरि और हार्पर एडम्स के वीसी प्रो. केन स्लोएन ने सहमति पत्र का आदान-प्रदान किया।

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जी न्यूज ने साइबर ठगी से बचने के लिए अजमेर कर्मचारियों को सचेत किया

Ajmer, Rajasthan:निष्पक्ष पत्रकारिता के साथ सामाजिक सरोकार को निभाने वाले जी न्यूज राजस्थान लोगों से लगातार साइबर अपराधों से बचने के लिए लालच नहीं करने की अपील कर रहा है.. और लोगों को सचेत भी कर रहा है कि अपने गाड़े खून पसीने की कमाई को ठगों के हाथ लगने से बचाये.. इसका उदाहरण आज अजमेर के अराई में उस वक्त देखा गया जब जी न्यूज के स्थानीय सहयोगी उमेश कुमार शर्मा ने चिकित्सा कर्मियों को साइबर ठगी का शिकार होने से बचा लिया... घटना के अनुसार विभाग के एक कर्मचारी को ठगों ने नायब तहसीलदार बन कर फोन किया और फील्ड स्टाफ के नम्बर मांगे.. नम्बर देने के बाद ठग ने 35 हजार रुपए तुरंत ऑनलाइन डालने के लिए कहा.. मौके पर मौजूद जी सहयोगी उमेश को जानकारी मिली तो उसने तुरंत उस नम्बर पर संपर्क कर वास्तविकता जानने का प्रयास किया.. जिससे ठग की कलई खुल गई और सिलसिलेवार होने वाले साइबर ठगी से चिकित्सा कर्मियों को बचा लिया.. इस पर BCMO ने सभी कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए...अरांई ब्लॉक गोठियाना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लैब टेक्निशियन कमल किशोर जांगिड़ के मुताबिक एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने स्वयं को अजमेर कलेक्ट्रेट कार्यालय से नायब तहसीलदार अशोक मीणा बताया। फोन करने वाले ने फील्ड स्टाफ और एएनएम के मोबाइल नंबर मांगे तथा कुछ कर्मचारियों से 35 हजार रुपये खाते में जमा करवाने की बात कही थी...
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बलरामपुर में बाढ़ तैयारी का रियलिटी टेस्ट: डूबते लोगों को बचाने की मॉक ड्रिल

Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपुर में बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों का हुआ रियलिटी टेस्ट, राप्ती में डूबते लोगों का रेस्क्यू, टापू में फंसे ग्रामीणों को निकाला बलरामपुर जनपद में मानसून सीजन शुरू होने से पहले बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए गुरुवार को बलरामपुर में राज्य स्तरीय मेगा मॉक ड्रिल आयोजित की गई। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन और पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के नेतृत्व में जिले की तीनों तहसीलों में एक साथ मॉक एक्सरसाइज कराई गई। मुख्य कार्यक्रम सदर तहसील क्षेत्र के सिसई घाट पर हुआ, जहां राप्ती नदी में नाव पलटने, लोगों के डूबने और बाढ़ से घिरे गांवों के निवासियों के फंसने जैसी परिस्थितियां बनाकर राहत एवं बचाव कार्यों का पूर्वाभ्यास किया गया。 मॉक ड्रिल के दौरान प्रशासन ने बाढ़ जैसी वास्तविक परिस्थितियों का सृजन किया। सबसे पहले सिसई गांव को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र मानते हुए गांव में अलर्ट जारी किया गया। पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए प्रेरित किया और उन्हें कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय सिसई में बनाए गए बाढ़ शरणालय में पहुंचाया। शरणालय में भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता का भी परीक्षण किया गया। पशुपालन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और उनके उपचार की व्यवस्था का प्रदर्शन किया। इसके बाद मॉक ड्रिल के दूसरे चरण में जिला आपातकालीन संचालन केंद्र से सूचना प्रसारित की गई कि सिसई घाट के पास राप्ती नदी में कुछ लोग डूब रहे हैं। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी ने बतौर रिस्पॉन्सिबल ऑफिसर पूरी इन्सिडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस) टीम को सक्रिय किया और सभी संबंधित विभागों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। फ्लड पीएसी के प्रशिक्षित जवानों ने नदी में उतरकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया और डूब रहे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर प्राथमिक उपचार प्रदान किया, जिसके बाद घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिसई भेजा गया। वहां मेडिकल टीम ने उपचार और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं का अभ्यास किया。 अभ्यास के अगले चरण में सूचना दी गई कि ग्राम ठकुरापुर के निकट नदी के बीच बने एक टापू पर कई लोग फंस गए हैं। सूचना मिलते ही बचाव दल मोटरबोट के साथ मौके पर पहुंचा। फ्लड पीएसी और आपदा प्रबंधन टीम ने समन्वित कार्रवाई करते हुए टापू पर फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला और उन्हें बाढ़ शरणालय में पहुंचाया। इस दौरान विभिन्न विभागों के बीच आपसी समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता और आपात स्थिति में प्रतिक्रिया की गति का भी परीक्षण किया गया। मॉक ड्रिल में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, फ्लड पीएसी, एसएसबी, सेना, एनसीसी, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग, रोडवेज, पंचायतीराज विभाग, पशुपालन विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, नागरिक सुरक्षा संगठन, आपदा मित्र, नेहरू युवा केंद्र और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित विभिन्न विभागों और संस्थाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का समन्वय आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह ने किया。 जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने कहा कि इस तरह के अभ्यास का उद्देश्य बाढ़ आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों को परखना और संभावित कमियों की पहचान करना है। उन्होंने कहा कि जिले में बाढ़ से बचाव और राहत कार्यों के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देशन जारी कर दिए गए हैं तथा आईआरएस टीम पूरी तरह सक्रिय है। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में लोगों तक त्वरित सहायता पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता होगी और इसी उद्देश्य से इस तरह की मॉक ड्रिल आयोजित की जा रहा
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गोरखपुर में पीएसी बस की चपेट में दो किशोर, सड़क पर भारी विरोध

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर के गीडा थाना क्षेत्र में गुरुवार की शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार दो किशोरों की मौत हो गई। नौসढ़ चौकी के आगे बहरामपुर दक्षिणी स्थित टीवीएस एजेंसी के सामने पीएसी की एक बस ने टक्कर मारी, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है, ताकि हादसे की सटीक वजह का पता चल सके।
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जालौन में आकाशीय बिजली गिरने से किसान की मौत, साथी घायल

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन के कोटरा क्षेत्र के मौजा हिलगना में गुरुवार की शाम को दर्दनाक घटना घटित हुई। शाम को आई तह आंधी और बारिश में आकाशीय बिजली गिरने से एक किसान की मौत हो गई, जबकि उसका एक साथी गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के दौरान बिजली गिरने से एक भैंस और पांच बकरियों की भी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, किसान गोविंद यादव (50 वर्ष), निवासी छोटी माता, अपने साथी शानू पठान (35 वर्ष), निवासी मंडी बाजार के साथ खेतों में भैंस और बकरियां चरा रहे थे। इसी दौरान शाम को अचानक मौसम बदल गया और जोरदार बारिश शुरू हो गई। बारिश के बीच ही आकाशीय बिजली गिरने से दोनों बुरी तरह झुलस गए। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार के लोग तुरंत खेत की ओर दौड़े। परिजनों ने गंभीर रूप से घायल दोनों को तुरंत जिला अस्पताल उरई पहुंचाया, लेकिन रास्ते में ही गोविंद यादव ने दम तोड़ दिया। शानू पठान का इलाज जारी है, उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी सदर ज्योति सिंह मौके पर पहुंची और राजस्व टीम को निर्देश दिए। वहीं, इस दर्दनाक घटना में शानू पठान की एक भैंस और पांच बकरियों की भी मौत हो गई। स्थानीय प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए मृतक के परिजनों को चार लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। वहीं, घायल शानू पठान के इलाज का खर्च भी सरकार वहन करेगी। एसडीएम ने बताया कि मुआवजे की प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी।
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सलूंबर में चोरी के विरोध पर आक्रोश, लोगों ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया

Udaipur, Rajasthan:सलूंबर जिले में लगातार बढ़ रही चोरी की वारदातों को लेकर लोगों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया। श्री राजपूत करणी सेना सहित कई सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों ने जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चोरी की घटनाओं के खुलासे और अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग उठाई। सलूंबर में गुरुवार को चोरी की बढ़ती घटनाओं के विरोध में जनआक्रोश देखने को मिला। श्री राजपूत करणी सेना, विभिन्न सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार चोरी की वारदातें हो रही हैं, लेकिन पुलिस अपराधियों तक पहुंचने और चोरी गए माल की बरामदगी में सफल नहीं हो पा रही है। इससे आमजन में असुरक्षा और नाराजगी का माहौल बना हुआ है। प्रदर्शन की सूचना पर पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उन्हें समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चली वार्ता के बाद प्रदर्शनकारियों ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतन चावला को ज्ञापन सौंपा। क्षेत्र में लगातार चोरियां हो रही हैं। आम जनता परेशान है। पुलिस जल्द से जल्द चोर गिरोहों को गिरफ्तारी करे और चोरी गया सामान बरामद करे, अन्यथा आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। ज्ञापन में सक्रिय चोर गिरोहों पर सख्त कार्रवाई, विशेष पुलिस टीम के गठन, रात्रि गश्त बढ़ाने और चोरी गए मवेशियों व जेवरातों की बरामदगी की मांग की गई है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। फिलहाल पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों की मांगों पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। अब देखना होगा कि बढ़ती चोरी की घटनाओं पर पुलिस कितनी जल्दी अंकुश लगा पाती है।
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हाईकोर्ट ने वेतन-ग्रेड पे रिकवरी मामले में नोटिस जारी किए

Jaipur, Rajasthan:हाईकोर्ट के शॉट और याचिकाकर्ता के वकील विजय पाठक की बाईट इंट्रो- राजस्थान हाईकोर्ट ने ग्राम विकास अधिकारी के तौर पर कार्यरत रहे कर्मचारी को दिए गए वेतनमान और ग्रेड पे परिलाम की वसूली करने पर प्रमुख पंचायती राज सचिव, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, कोटा और पेंशन निदेशक सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। जस्टिस आनंद शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश प्रेम प्रकाश नागर की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए。 बॉडी- याचिका में अधिवक्ता विजय पाठक ने बताया कि याचिकाकर्ता को कोटा जिले की सुल्तानपुरा पंचायत समिति में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर रहते हुए पुनरीक्षित वेतनमान का लाभ देते हुए 3600 रुपए ग्रेड पे दी गई थी। वहीं कुछ सालों बाद नवंबर 2020 में आदेश जारी कर इसे घटाकर 2400 रुपए कर दी गई। याचिका में कहा गया कि मार्च, 20021 में राज्य सरकार ने इस अवधि में अतिरिक्त दिए गए करीब चार लाख रुपए की रिकवरी निकाल दी। वहीं जब याचिकाकर्ता ने राशि जमा नहीं कराई तो अक्टूबर 2021 में याचिकाकर्ता के रिटायर होने पर उसकी पेंशन व अन्य परिलाभ रोक लिए गए। याचिका में कहा गया कि पंचायती राज विभाग के साल 2016 के परिपत्र के अनुसार यदि चयनित वेतनमान गलत भी दिया गया है तो अधिक राशि की वसूली कर्मचारी से नहीं की जा सकती। इसके अलावा रिकवरी आदेश जारी करने से पूर्व याचिकाकर्ता को न तो नोटिस दिया गया और न ही उसे सुनवाई का मौका मिला। इसके अलावा याचिकाकर्ता की ओर से कोई गलत तथ्य पेश कर अधिक वेतन नहीं लिया गया है। ऐसे में उससे वसूली नहीं की जा सकती। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है。
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