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Vineet Kumar AgarwalVineet Kumar AgarwalFollow15 Apr 2025, 12:00 pm

Amroha - वेंकेटेश्वरा और हार्पर एडम्स यूनिवर्सिटी के बीच ऐतिहासिक करार, भारत में बनेगा संयुक्त परिसर

Amroha, Uttar Pradesh:

वेंकेटेश्वरा और हार्पर एडम्स यूनिवर्सिटी के बीच ऐतिहासिक करार, भारत में बनेगा संयुक्त परिसर वेंकेटेश्वरा समूह और यूनाइटेड किंगडम की 125 साल पुरानी हार्पर एडम्स यूनिवर्सिटी के बीच भारत में संयुक्त परिसर (ज्वाइंट कैम्पस) स्थापित करने पर सहमति बनी है। यह परिसर मेरठ व गजरौला में खुलेगा, जहां एग्रीकल्चर, फूड प्रोसेसिंग, हैल्थ केयर और इंजीनियरिंग के कोर्स चलाए जाएंगे। नई दिल्ली के होटल ताज मानसिंह में आयोजित समारोह में संस्थापक अध्यक्ष डॉ. सुधीर गिरि और हार्पर एडम्स के वीसी प्रो. केन स्लोएन ने सहमति पत्र का आदान-प्रदान किया।

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राजस्थान में 1.11 करोड़ गौवंश के लिए लंपी टीकाकरण दो महीने चलेगा

Jaipur, Rajasthan:जयपुर। वर्ष 2022 में 74 हजार गौवंश की मौत के कारण इस बार 1.11 करोड़ गौवंश को लगेंगे टीके। राजस्थान में लंपी स्किन डिजीज की रोकथाम के लिए चलेंगे टीकाकरण अभियान, गुरुवार को ब्यावर से पशुपालन मंत्री जोराराम कुमारावट करेंगे शुरुआत। पिछले वर्ष 108.95 लाख गौवंश को टीके लगे थे; 2 माह तक चलाया जाएगा टीकाकरण अभियान। 4 वर्ष पूर्व भयानक बीमारी ने गौवंश की जान ली थी। इस बार भी एहतियात के तौर पर टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। टीकाकरण के लिए gaur swasthyya विभाग ने माइक्रो लेवल प्लानिंग की है। लंपी रोग की रोकथाम के लिए पहली बार होमोलोगस रांची स्ट्रेन की वैक्सीन का उपयोग किया जाएगा, जिसे भारत सरकार ने मान्यता दे दी है।
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जयपुर में लम्पी रोग के खिलाफ 2 महीने का टीकाकरण अभियान शुरू

Jaipur, Rajasthan:जयपुर से लम्पी डिज़ीज के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। गुरुवार को पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत इसका शुभारम्भ करेंगे। ब्यावर की श्री तिजारती सर्राफान गौशाला से अभियान की शुरुआत होगी। इस अभियान में 1.11 करोड़ गौवंश को टीके लगाए जाएंगे। पिछले वर्ष 108.95 लाख गौवंश को टीके लगे थे। यह टीकाकरण दो माह तक चलेगा। पशुपालन विभाग द्वारा लम्पी स्किन डिजीज को महामारी के रूप में फैलने से रोकने के लिए एहतियातन यह कदम उठाया गया है। गाइडलाइन्स के अनुसार टीके लगाए जाएंगे। पिछले दो वर्षों में 95 प्रतिशत गौवंश को कवर किया गया। 2025-26 में 108.95 लाख गौवंश का टीकाकरण किया गया था।
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मस्जिद डिमोलिशन पर फैक्ट फाइंडिंग: धार्मिक ढांचे को नियमित करने की मांग

Delhi, Delhi:मालिक मोतसीम खान वाइस प्रेसिडेंट जमात ए ईसलामी हिंद टीटी। देश भर के अलग-अलग हिस्सों में लगातार हो रहे मस्जिद मद्रास के डिमोलिशन को लेकर संगठन का पब्लिक सिविल राइट एपीआर ने एक फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट तैयार की है यह रिपोर्ट उन मस्जिदों पर हुई बुलडोजर की कार्रवाई को लेकर की गई है जिसमें वाराणसी दाल मंडी से लेकर राजस्थान के कुछ इलाके मेरठ की मस्जिद समेत कई जगह टीम ने जाकर स्थानीय लोगों से बात करने के आधार और दस्तावेजों के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की है। जिसको लेकर जमाते इस्लामी हिंद के वाइस प्रेसिडेंट मलिक मोहसिन खान ने कहा कि पिछले कई बार यह देखा गया है कि जो डिमोलिशन का तरीका है वह पैटर्न जानबूझकर ऐसा बनाया गया 11 तारीख का नोटिस 18 तारीख को सर्वे किया गया और 19 को डिमोलिशन की कार्रवाई कर दी गई अगर कोई चीज गैरकानूनी है तो अदालत में उसके लिए जाना चाहिए बहुत सी ऐसी इमारतें मस्जिद चर्च मौजूद है जिनका पहले से ही रेवेन्यू रिकॉर्ड में दर्ज किया गया था कोई मस्जिद आजादी से पहले की है और अब आप कह रहे हैं कि यह गैरकानूनी है हमारा मानना यह है कि अगर कहीं कोई गैर कानूनी भी है तो आप उसको धार्मिक ढांचे को रेगुलराइज भी कर सकते हैं हुकूमत को गुंडागर्दी का रास्ता नहीं अपनाना चाहिए जो बलवाई हैं दंगाई हैं वह लोग ऐसी चीजों पर हमला करते हैं लेकिन सरकार तो दंगा ही नहीं है बालबाई नहीं है फिर इस तरह के काम क्यों किया जा रहे हैं अदालत जाना हमारी जिम्मेदारी है अदालत से इंसाफ मिले या ना मिले हर सूरत में हमें अदालत का दरवाजा खटखटाना चाहिए जैसे बाबरी मस्जिद का मसला था उसमें हमें इंसाफ नहीं मिला लेकिन दरवाजा खटखटाना से यह बात तय हो गया यह साबित हुआ कि हमारे साथ नाइंसाफी की गई है क्योंकि वह टाइटल सूट मुसलमान के हक में था लेकिन आस्था के नाम पर वह उनको दे दिया गया यह रिकॉर्ड में दर्ज हुआ काम से कम रिकॉर्ड पर तो है कि हमारे साथ क्या हुआ है वंदे मातरम को लेकर बोले मलिक motasim खान बेसिक सवाल यह है कि वंदे मातरम गाने के सिलसिले में हम पर कॉन्स्टिट्यूशन विंड क्यों किया جاتا है देश के तमाम शहरियों को जिसको गाना है गए जो प्रोटोकॉल में होता है वह जन गण मन जो राष्ट्रीय गीत है हमारी जिम्मेदारी है उसको गाना लेकिन वंदे मातरम को कौमी गीत कहा गया इसको गाना जरूरी नहीं रखा गया तो कोई चीज किसी चेहरे पर जबरदस्ती क्यों लागू की जाए कोई भी धर्म का आदमी अगर उसको नहीं गाना चाहता है तो उसको उसका कॉन्स्टिट्यूशन राइट मिलना चाहिए दूसरे देशों में क्या उनको गाने पर पाबंदी की जा सकती है यह ह्यूमन राइट के खिलाफ है कंस्ट्रक्शन राइट के खिलाफ है किसी को भी अपने धर्म के बारे में समझाने का हक उसको है क्या उसके मजहब के खिलाफ जा रहा है क्या उसके खिलाफ नहीं जा रहा है सवाल यह है की वंदना तो हम एक अल्लाह के अलावा किसी की वंदना नहीं कर सकते हम हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो वाले वसल्लम प्रोफेट मोहम्मद की भी वंदना नहीं कर सकते हैं वह हमारे पैगंबर हैं रसूल हैं वह अल्लाह के दिए हुए अहकम हमको पहुंचते हैं हम अपने मां-बाप की वंदना नहीं कर सकते तो वंदना करना अलग है देश से मोहब्बत करना अलग है जो लोग एपिस्टम में जाते हैं जो लोग तड़ीपार के काम करते हैं जो कत्ल करते हैं करप्शन करते हैं अगर यह वंदे मातरम कल तो क्या यह देश के बहुत अच्छे शायरी बन जाएंगे देश का अच्छा शायरी बनने के लिए उसे अच्छा इंसान बनना जरूरी है या वह कितना भी बड़ा क्रिमिनल हो अगर वह वंदे मातरम जाएगा तो देश का अच्छा शायरी हो जाएगा बिल्कुल नहीं देश के अच्छे शायरी बनने के लिए देश से मोहब्बत कीजिए उनकी सेवा कीजिए देश में अच्छी इकोनामी लाइए देश के लोगों में अच्छे कैरेक्टर पैदा कीजिए यह जो बातें हो रही है सिर्फ ढकोसला है देश में यह पहले से तय है कि आजादी के बाद जो लोग के साथ जबरदस्ती नहीं की गई तो क्या वह अच्छे चेहरे नहीं थे आज अगर वह पढ़ेंगे तभी देश के अच्छे शायरी बनेंगे क्या यह कोई देश की या संविधान की जरूरत नहीं है यह सिर्फ लोगों को सताने के लिए किया जा रहा है खास तौर पर मुसलमान को
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यूपी में मस्जिदों को अवैध बताकर गिराने का आरोप पर तूल, कानूनी लड़ाई तेज

Delhi, Delhi:मस्जिदों, मदरसों और ईदगाहों पर कार्रवाई के खिलाफ APCR की प्रेस कॉन्फ्रेंस प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में उठाया गया ध्वस्तीकरण का मुद्दा वाराणसी की दालमंडी, संभल, मेरठ और राजस्थान के मामलों का किया गया जिक्र यूपी में मस्जिदों को अवैध बताकर गिराए जाने का आरोप लगाया गया मेरठ की एक मस्जिद के वक्फ बोर्ड में पंजीकृत होने का दावा जयपुर और वाराणसी में अधिकारियों द्वारा मस्जिदों के दस्तावेज मांगने का आरोप संभल मामले में पुलिस अधिकारियों पर गोली चलवाने के आरोप दोहराए गए वक्ता रियासत अली मेरठ आए उन्होंने कहा- मस्जिदों और दरगाहों की हिफाजत के लिए समाज को एकजुट होना होगा। उत्तर प्रदेश में मस्जिदों को अवैध बताकर गिराया जा रहा है रातों रात मस्जिद गिराई जा रही हैं,कानून का संरक्षण उस अधिकारी के लिए नहीं है, संभल वाले मामले में सीओ अनुज चौधरी ने गोलियां चलवाई हैं वहां वादी ने कोर्ट में पुलिस के खिलाफ अर्जी दी वहां बताया कि सीओ और इंस्पेक्टर ने गोली मारी हैं, इसके बाद पुलिसवालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश हुआ हमारी मस्जिदे हमारी दरगाहे बचेंगी सभी को एकजुट होना पड़ेगा, अपने अधिकारों को पहचाने संभल की जामा मस्जिद कमेटी के सदस्य एडवोकेट कासिम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाए गंभीर सवाल संभल में चार मस्जिदों और एक ईदगाह को गिराए जाने का दावा किया सैकड़ों वर्षों पुराने धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई की गई केवल एक नोटिस जारी करने के बाद मस्जिदों को ध्वस्त कर दिया गया कसेरुआ गांव की मस्जिद 1984 से वक्फ बोर्ड में दर्ज होने का दावा मस्जिद के 1926 में निर्मित होने और वैध रिकॉर्ड मौजूद होने की बात कही गई डीएम और तहसील प्रशासन ने सुनवाई का पर्याप्त अवसर नहीं दिया लोगों से अपील- अपने संवैधानिक अधिकारों को जानें, डरें नहीं और न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएं। कब्रिस्तान भी वक्फ संपत्ति है और उसका कानूनी दर्जा है दावा किया गया कि संबंधित मस्जिद विधिवत रूप से वक्फ बोर्ड में पंजीकृत है कई कब्रिस्तानों को अवैध बताकर नोटिस जारी किए जा रहे हैं कहा गया कि कुछ स्थानों पर 100 से 200 कब्रों वाले कब्रिस्तानों को हटाने की चेतावनी दी गई सवाल उठाया कि पूरे संभल में कई सरकारी परिसरों में मंदिर भी बने हुए हैं, जो सार्वजनिक संपत्ति पर हैं आरोप लगाया गया कि दस्तावेजों की जांच किए बिना एकतरफा कार्रवाई की जा रही है मस्जिद में आई लव मोहम्मद लिखा पर्चा मिलने को मुद्दा बनाए जाने पर भी आपत्ति जताई गई अगर मस्जिद में आई लव मोहम्मद का पर्चा नहीं मिलेगा , तो फिर कहां मिलेगा? जिन्हें ये विवादित झंडा बता रहे हैं वो इस्लामिक झंडा है, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा- देश में जो कुछ हो रहा है, उसका दर्द सभी को है उन्होंने कहा कि कई मामलों में एकतरफा कार्रवाई किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं यह लड़ाई लंबी है और इसे कानूनी तरीके से लड़ना होगा सलमान खुर्शीद ने लोगों से अपने सभी कानूनी अधिकारों का इस्तेमाल करने की अपील की अक्सर हम जो कर सकते हैं, वह भी नहीं कर पाते, इसलिए अपनी भूमिका को मजबूत करें जयपुर के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि नोटिस देने के तुरंत बाद कार्रवाई कर दी जाती है देहरादून के एक मामले में हाईकोर्ट से राहत मिलने का उदाहरण भी दिया अगर हमारे दस्तावेज पूरे होंगे तो अदालत में मजबूती से लड़ सकेंगे, मायूस न हों, न्यायपालिका में ऐसे कई अच्छे जज हैं जो कानून के अनुसार सुनवाई करते हैं। सलमान खुर्शीद ने कहा ये लोग नई-नई तरकीबों से मामले को आगे बढ़ाते हैं उन्होंने धार्मिक स्थलों से जुड़े कानूनों और कानूनी प्रक्रियाओं का जिक्र किया कई मामलों में विस्तृत बहस के बावजूद अपेक्षित राहत नहीं मिल पाती लेकिन हमारी कानूनी लड़ाई इससे अलग और लगातार जारी है उन्होंने कहा कि केवल कानून के सहारे नहीं, मजबूत दस्तावेज भी जरूरी हैं जब तक हमारे कागजात मजबूत नहीं होंगे, अदालत से राहत मिलना मुश्किल होगा लोगों से अपने रिकॉर्ड और दस्तावेज व्यवस्थित रखने की अपील की कानूनी अधिकारों का इस्तेमाल करें और न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखें। मेरठ के सारे 300 साल पुरानी मस्जिद को थाना प्रभारी ने नोटिस जारी किया कि आपके पास इसके क्या दस्तावेज है वह दिखाएं जबकि वह मस्जिद थाना बनने से बहुत पहले का है यह मस्जिद वर्क बोर्ड में दर्ज है नगर पंचायत में दर्ज है उसे सभी कागजात हमारे पास है। टीटी मालिक मोतसिम खान वो जमात इस्लामी हिंद
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भिवंडी के पोद्दार स्कूल ने 7–10वीं तक कक्षाएं बंद, पालकों में हड़कम्प

Thane, Maharashtra:भिवंडीतल्या पोद्दार इंग्लिश मीडियम स्कूलने ७ वी ते १० वीचे वर्ग अचानक बंद करण्याचा निर्णय घेतल्याने खळबळ उडाली आहे. नव्या शैक्षणिक वर्षाच्या सुरुवातीचाच हा निर्णय घेतल्याने विद्यार्थी आणि पालकांमध्ये संभ्रमाचे वातावरण निर्माण झाले आहे. शाळेकडून थेट LC घेऊन जाण्याच्या सूचना दिल्याने पालकांनी शाळा प्रशासनाविरोधात घोषणाबाजी केली. पालकांच्या म्हणण्यानुसार, यापूर्वीच शाळेने १ ली ते ६ वीपर्यंतचे वर्ग बंद केले होते. आता ७ वी ते १० वीचे वर्गही बंद करण्यात येत आहेत. मिड-ईयरमध्ये हा निर्णय घेतल्याने मुलांच्या पुढील शिक्षणाचा मोठा प्रश्न उभा राहिला आहे. अचानक LC लेकर जाओ सांगितलं जातंय. ७ व्या वेतन आयोगानुसार शिक्षकांना पगार देणं आम्हाला आर्थिकदृष्ट्या शक्य नव्हतं. मेंटेनन्सचा खर्च वाढला आहे. त्यामुळे इमारत बंद केली आहे, शाळा अधिकृतपणे बंद केलेली नाही. शाळा प्रशासनाकडून सांगण्यातयेत आहे. एकाकडे शाळा व्यवस्थापनाचं आर्थिक अडचणीचं कारण, तर दुसरीकडे पालकांच्या मुलांच्या भविष्याचा प्रश्न. या वादावर शिक्षण विभाग काय भूमिका घेणार याकडे सर्वांचं लक्ष आहे. पुढे काय घडतंय ते आपण पाहणारच आहोत.
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पीरबहोर थाने में हिंदू थानेदार की नियुक्ति से बहस और बदलाव शुरू

Patna, Bihar:पटना के सबसे चर्चित और संवेदनशील थानों में शुमार पीरबहोर थाना एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार इस पीरबहोर थाने में हिंदू थानेदार की एंट्री हुई है। राज कुमार सिंह को पीरबहोर थाना का नया थानेदार बनाया गया। 36 साल बाद मुस्लिम थाना के रूप में चर्चित पीरबहोर थाना में हिन्दू पुलिस अधिकारी की नियुक्ति की गई है. आपको बता दें कि पटना के अति संवेदनशील थानों में शुमार पीरबहोर थाना की थानेदारी एक हिन्दू अधिकारी की तैनाती की ऐसा बदलाव है जिसने पुलिस महकमे से लेकर सियासी गलियारों तक बहस छेड़ दी है। करीब 36 साल बाद पीरबहोर थाने में एक हिंदू पुलिस पदाधिकारी को थानेदार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शास्त्रीनगर के सर्किल इंस्पेक्टर राज कुमार सिंह को नया थानाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि थाना में तैनात मुस्लिम थानेदार सज्जाद गद्दी को थाना से हटाकर सर्किल इंस्पेक्टर के पद पर भेज दिया गया है। दरअसल, पुलिस प्रशासन की नजर में यह एक सामान्य तबादला और पदस्थापन की प्रक्रिया हो सकती है, लेकिन पीरबहोर थाने के इतिहास को देखें तो यह बदलाव अपने आप में एक बड़ा घटनाğ्रम माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार साल 1990 में लालू यादव के सत्ता में आने के बाद से इस थाने में लगातार मुस्लिम समुदाय के अधिकारियों की ही थानेदार के रूप में तैनाती होती रही है। इस थाना के पहले मुस्लिम थानेदार जेड अहमद कहते हैं कि इस थाने में मुस्लिम थानेदार उन्हें उनकी काबिलियत और संवेदनशीलता को लेकर तत्कालीन पटना के आईजी ने बनाया था और 4 साल वे इस थाना में पोस्टेड रहे। उस समय जो परेशानी थी वह अब तैनात हुए थानेदार के लिए नही है इसलिए उनको दिक्कत नही होगी। जबकि पहले इस इलाके पर नियंत्रण कर पाना और रोज ब रोज दंगा फसाद की वजह से ही मुस्लिम अधिकारी को नियुक्त करने का फैसला किया गया था। पीरबहोर के पहले मुस्लिम थानेदार बने थे। पटना पुलिस के इस बदलाव کو लेकर इलाके के हिन्दू और मुसलमान खुश है। इलाके के लोंगो का कहना है की हिन्दू मुसलमान की बात नहीं है। यहाँ अपराध पर लगाम लगाना है इसलिए बदलाव की जरुरत थी। आपको बता दें की पुलिस के रिकॉर्ड बताते हैं कि 23 मार्च 1990 को जेड अहमद पीरबहोर थाना के पहले मुस्लिम थानेदार बने थे। इसके बाद से लेकर अब तक एक के बाद एक मुस्लिम अधिकारियों ने इस थाना की कमान संभाली। उनसे पहले जी कुमार इस थाने के अंतिम हिंदू थानेदार थे, जिनका कार्यकाल 30 नवंबर 1987 से 23 मार्च 1990 तक रहा था। लगभग साढ़े तीन दशक बाद राज कुमार सिंह की तैनाती ने एक पुराने सिलसिले को विराम दे दिया है। बता दें कि कांग्रेस शासनकाल में पीरबहोर थाना में विभिन्न समुदायों और जातियों के अधिकारियों की तैनाती होती रही थी। 1976 से 1990 के बीच एल.पी. तिवारी, आर.एल. सिंह, एल.एम. प्रसाद, एस.के. गुप्ता, आर.एस. सिंह और जी. कुमार जैसे कई हिंदू अधिकारी यहां थानेदार रहे। लेकिन उसके बाद जो मुस्लिम थानेदारो का दौर चला जो अब थम गया है । अब राज कुमार सिंह की नियुक्ति के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बदलाव को लेकर पुलिसिंग के स्तर पर इसका क्या असर दिखाई देता है।
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मंडला में अवैध डॉक्टरों के खिलाफ जबरदस्त छापेमार कार्रवाई, क्लीनिक सील

Mandla, Madhya Pradesh:मंडला जिले में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है… मवई क्षेत्र में एक कथित अवैध क्लीनिक पर छापामार कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने क्लीनिक को सील कर दिया है। कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे के निर्देशन में स्वास्थ्य और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने घुटास उमरिया तिराहा स्थित मिथुन कुमार लिखाके की क्लीनिक पर जांच की। शिकायत मिलने के बाद पहुंचे अधिकारियों ने दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की, जिसमें क्लीनिक का संचालन संदिग्ध पाए जाने पर उसे अग्रिम कार्रवाई तक सील कर दिया गया। प्रशासन ने साफ किया है कि जिले में अवैध चिकित्सा कार्य करने वालों पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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नीतीश कुमार ने राजगीर में फोरलेन परियोजना की प्रगति की समीक्षा

Pariaunna, Bihar:ऐंकर:पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी मंगलवार को एक दिवसीय दौरे पर राजगीर पहुंचे। उन्होंने सालेपुर-राजगीर निर्माणाधीन फोरलेन सड़क परियोजना के प्रथम खंड का निरीक्षण कर अधिकारियों को तय समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने परियोजना की প্রगति की जानकारी दी। एक सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि फोरलेन बनने से राजगीर और पटना के बीच आवागमन आसान होगा तथा पर्यटन, शिक्षा, खेल और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। इसके बाद उन्होंने सोन भंडार, वन विश्रामालय, राजगीर इंटरनेशन कन्वेंशन सेंटर और अन्य विकास परियोजनाओं का निरीक्षण कर कार्यों की समीक्षा की। दौरे के दौरान प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। सीएम करीब 1 घंटे तक राजगीर में रख कर विभिन्न योजनाओं का निरीक्षण किया।
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बरगाड़ा के खाटूश्याम मंदिर में करोड़ों के घोटाले के आरोप, जांच तेज

Sambalpur, Odisha:ବରଗଡ଼ ଜିଲ୍ଲା ଉଲ୍ଲେଖ ବଟଲି କୁସନପୁରି ଅନ୍ତର୍ଗତ ଶ୍ରୀ ଖାଟୁଶ୍ୟାମ ବିହାରୀ ମନ୍ଦିର ରେ ଲକ୍ଷ ଲକ୍ଷ ଟଙ୍କା ର ଆର୍ଥିକ ହେରଫେର ଏକଛତ୍ରବାଦ ଓ ମନମୁଖୀ କାର୍ୟ କରୁଥିବା ଅଭିଯୋଗ ନେଇ ସମ୍ବଲପୁର ସ୍ଥିତ ଅତିରିକ୍ତ ସହକାରୀ ବନ୍ଦୋବସ୍ତ କମିଶନର ଙ୍କ ଦ୍ୱାରସ୍ଥ ହେଲେ ଅଂଚଳ ବାସୀ |ଏବେ ଦୀର୍ଘ ୨୨ ବର୍ଷ ହେବ କିଛି ଲୋକ ଟ୍ରଷ୍ଟ bóର୍ଡ ର ନାଁ ନେଇ ଲକ୍ଷ ଲକ୍ଷ ଟଙ୍କା ର ଅର୍ଥ ହେରଫେର କରୁଥିବା ଅଭିଯୋଗ nେଇ ତୁରନ୍ତ କାର୍ଯ୍ୟାନୁଷ୍ଠାନ ପାଇଁ ଦାବୀ କରିଛନ୍ତି ଅଞ୍ଚଳବାସୀ |ଏନେଇ ସେମାନେ ପୂର୍ବରୁ ମଧ୍ୟ ଅତିରିକ୍ତ ଦେବୋତ୍ତର କମିଶନର ଙ୍କୁ ଚିଠି ମାଧ୍ୟମରେ ଅବଗତ କରିଥିଲେ ମଧ୍ୟ ବର୍ତମାନ ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ କୌଣସି କାର୍ଯ୍ୟାନୁଷ୍ଠାନ ହୋଇ ନ ଥିବା ଅଭିଯୋଗ ନେଇ ଆଜି ସେମାନେ ସମ୍ବଲପୁର ଆସି ପୁଣି ଅଭିଯୋଗ କରିଛନ୍ତି |ସେମାନଙ୍କର ଦାବୀ ହେଲା ଯେ ପୁରୁଣା ଟ୍ରଷ୍ଟ କୁ ଭଙ୍ଗାଯାଈ ନୁଆଁ ଟ୍ରଷ୍ଟ ଗଢ଼ାଯାଉ ଓ ସମସ୍ତ ଦାୟିତ୍ୱ ସରକାର ଗ୍ରହଣ କରନ୍ତୁ ଓ ପରିଚାଳନା କରନ୍ତୁ |ତା ସହିତ ଟଙ୍କା ହୁଣ୍ଡୀ ଗୁଡିକ ସରକାରୀ ଅଧିକାରୀ ଙ୍କ ଉପସ୍ଥିତି ରେ ଖୋଳାଯାଉ |ଆଉ ଆଜି ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ମନ୍ଦିର ରେ ହୋଇଥିବା ଆର୍ଥିକ କାରବାର ର ଅଡିଟ କରାଯାଉ | Bite - ବଜରଙ୍ଗ ଲାଲ ଅଗ୍ରୱାଲ, ଖାଟୁ ଶ୍ୟାମ ମନ୍ଦିର,ଭଟଲି ର କୁସନପୁରି,ବରଗଡ଼
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हरदोई-लखनऊ हाईवे पर ट्रक से टकराई एंबुलेंस, चालक की मौत; परिवार में शोक

Hardoi, Uttar Pradesh:हरदोई में खड़े ट्रक में समा गई एंबुलेंस, चालक की मौके पर मौत,परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ हरदोई-लखनऊ नेशनल हाईवे पर मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। मरीज को अस्पताल पहुंचाकर वापस लौट रहे एंबुलेंस चालक की खड़े ट्रक से टक्कर होने पर मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि एंबुलेंस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक को संभलने तक का मौका नहीं मिला। जानकारी के मुताबिक कछौना देहात के मजरा तकिया निवासी 40 वर्षीय वसीम पुत्र अशफाक कछौना के एक निजी अस्पताल में एंबुलेंस चालक के रूप में कार्यरत थे। मंगलवार को वह बघौली क्षेत्र में मरीज को छोड़कर वापस अस्पताल लौट रहे थे। तभी इंडियन पेट्रोल पंप के सामने सड़क किनारे खड़े ट्रक में उनकी एंबुलेंस पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वसीम की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। four भाइयों में दूसरे नंबर के वसीम अपने पीछे पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं। परिवार की रोजी-रोटी का सहारा रहे वसीम की अचानक मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी अमित सिंह ने बताया कि दुर्घटना में शामिल ट्रक को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। मामले में तहरीर मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एक पल की यह दुर्घटना पूरे परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गई।
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